Extremist and Moderate Groups in Congress Previous Year Questions
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कांग्रेस में उग्रवादी और उदारवादी समूह PYQ
1. महात्मा गांधी के पदार्पण से पूर्व भारत में राष्ट्रीय आंदोलन की दिशा को किन अंतरराष्ट्रीय घटनाओं ने प्रभावित किया था?
I.A.S. (Pre) 1994
(A) केवल 1, 2 और 3
(B) केवल 1, 2 और 3
(C) केवल 3 और 4
(D) 1, 2, 3 और 4
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उत्तर – (D) 1, 2, 3 और 4
इटली-अबीसीनिया युद्ध (1898) – उपनिवेशवाद पर चोट
बॉक्सर आंदोलन (चीन) – साम्राज्यवादी विरोध
आयरलैंड क्रांति – ब्रिटिश शासन के विरुद्ध साहस
रूस-जापान युद्ध (1905) – जापान की जीत ने ‘गोरों की अजेयता’ के भ्रम को तोड़ा
➡️ इन सभी घटनाओं से भारतीयों को आत्मविश्वास और प्रेरणा मिली।
2. कांग्रेस के नरम दल के नेताओं की आंदोलन की पद्धति थी –
48th to 52nd B.P.S.C. (Pre) 2008
(A) असहयोग
(B) राजवांमबध्य आंदोलन
(C) अनुकूल प्रविघटन
(D) अविधेयक
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उत्तर – (B) राजवांमबध्य आंदोलन
संवैधानिक तरीके अपनाना नरम दल की विशेषता थी।
याचिकाओं, अपीलों और भाषणों से काम लेना।
उनका उद्देश्य था – शासन को सुधारना, गिराना नहीं।
3. किस आंदोलन से कांग्रेस में नरम और गरम दल का विभाजन हुआ?
I.A.S. (Pre) 2015
(A) स्वदेशी आंदोलन
(B) भारत छोड़ो आंदोलन
(C) असहयोग आंदोलन
(D) सविनय अवज्ञा आंदोलन
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उत्तर – (A) स्वदेशी आंदोलन
1905 में बंगाल विभाजन के बाद आंदोलन शुरू हुआ।
गरम दल आंदोलन को देशव्यापी बनाना चाहता था, नरम दल सिर्फ बंगाल तक सीमित रखना।
1907 सूरत अधिवेशन में कांग्रेस दो गुटों में विभाजित हुई।
4. अधिकतर नरमपंथी नेता कहाँ से थे?
43rd B.P.S.C. (Pre) 1999
(A) ग्रामीण क्षेत्रों से
(B) शहरी क्षेत्रों से
(C) दोनों से
(D) पंजाब से
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उत्तर – (B) शहरी क्षेत्रों से
मध्यवर्गीय वकील, प्रोफेसर, पत्रकार नरम दल का आधार थे।
ये लोग बड़े नगरों से आते थे, ग्रामीण जनता से कम संपर्क।
राजनीतिक जागरूकता फैलाना ही मुख्य उद्देश्य था।
5. 1904 से भारत को ‘स्वशासन’ देने की मांग किसने की?
U.P.P.C.S. (Mains) 2016
(A) एस.एन. बनर्जी
(B) अरबिंद घोष
(C) फिरोजशाह मेहता
(D) दादाभाई नौरोजी
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उत्तर – (D) दादाभाई नौरोजी
1904 में इंटरनेशनल सोशलिस्ट कांग्रेस में ‘स्वराज’ की मांग रखी।
1905 के कांग्रेस अधिवेशन में भी यही बात दोहराई।
1906 में पहली बार कांग्रेस द्वारा स्वराज की मांग आधिकारिक रूप से की गई, अध्यक्ष थे दादाभाई नौरोजी।
6. निम्न में कौन उग्रपंथी नहीं था?
44th B.P.S.C. (Pre) 2000
(A) बाल गंगाधर तिलक
(B) मदनलाल
(C) ऊधम सिंह
(D) गोपाल कृष्ण गोखले
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उत्तर – (D) गोपाल कृष्ण गोखले
गोपाल कृष्ण गोखले नरमपंथी विचारधारा के नेता थे।
वे मूल्यों की राजनीति, संवैधानिक सुधारों और अहिंसात्मक साधनों में विश्वास रखते थे।
उन्होंने क्रांतिकारी गतिविधियों और हिंसा का विरोध किया।
7. इनमें से कौन उग्र राष्ट्रवाद के उल्लेखनीय नेताओं में से नहीं था?
U.P.R.O./A.R.O. (Pre) 2014
(A) गोपाल कृष्ण गोखले
(B) बिपिन चंद्र पाल
(C) लोकमान्य तिलक
(D) लाला लाजपत राय
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उत्तर – (A) गोपाल कृष्ण गोखले
गोखले नरमपंथी नेता थे, जबकि अन्य तीनों उग्र राष्ट्रवादी नेताओं में गिने जाते हैं।
उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में संवैधानिक मार्ग को प्राथमिकता दी।
8. निम्नलिखित में से कौन उग्र राष्ट्रवादी नेता नहीं था?
U.P.P.C.S. (Mains) 2016
(A) बिपिन चंद्र पाल
(B) बी.जी. तिलक
(C) लाला लाजपत राय
(D) जी.के. गोखले
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उत्तर – (D) जी.के. गोखले
गोखले नरमपंथी थे, जबकि तिलक, बिपिन चंद्र पाल और लाला लाजपत राय गरम दल के प्रमुख नेता थे।
गरम दल के नेता क्रांतिकारी गतिविधियों, स्वराज और आत्मनिर्भरता की खुलकर वकालत करते थे।
9. किसने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर प्रार्थना, याचना तथा विरोध की राजनीति करने का आरोप लगाया?
U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2002
(A) लाला हरदयाल
(B) बाल गंगाधर तिलक
(C) सुभाष चंद्र बोस
(D) सरदार भगत सिंह
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उत्तर – (B) बाल गंगाधर तिलक
तिलक ने कांग्रेस की नीति को “प्रार्थना, याचना और विरोध” की राजनीति कहा।
उनका मानना था कि उदारवादी नेताओं की नीतियाँ देश को स्वतंत्रता नहीं दिला सकतीं।
उन्होंने स्वराज्य को जन्मसिद्ध अधिकार कहा और उग्र उपायों की वकालत की।
10. किसने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विरुद्ध ‘अनुनय, विनय और विरोध’ की राजनीति का दोष लगाया था?
U.P.P.C.S. (Pre) 2005, Mains 2002
(A) बी.जी. तिलक
(B) एम.ए. जिन्ना
(C) एस.सी. बोस
(D) एनी बेसेंट
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उत्तर – (A) बी.जी. तिलक
तिलक ने कांग्रेस के नरमपंथी रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि यह पार्टी “अनुनय, विनय और विरोध” की राजनीति करती है।
उन्होंने भारत को “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है” कहकर उग्र राष्ट्रीयता का बिगुल फूंका।
11. कांग्रेस की प्रार्थना और याचना की नीति अंततः समाप्त हो गई—
I.A.S. (Pre) 1999
(A) अरबिंद घोष के नेतृत्व में
(B) बाल गंगाधर तिलक के नेतृत्व में
(C) लाला लाजपत राय के नेतृत्व में
(D) महात्मा गांधी के नेतृत्व में
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उत्तर – (B) बाल गंगाधर तिलक
कांग्रेस की आवेदन-निवेदन की नीति से असंतोष उत्पन्न हुआ।
ब्रिटिश सरकार की उपेक्षा से युवाओं में उग्र राष्ट्रवाद की भावना जागी।
तिलक, लाजपत राय और बिपिन चंद्र पाल जैसे नेताओं ने स्वराज्य को लक्ष्य बनाकर गरम दल की शुरुआत की।
बाल गंगाधर तिलक के नेतृत्व में यह नीति समाप्त हुई।
12. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को किसने “भीख मांगने वाली संस्था” (Begging Institute) कहा था?
U.P. Lower Sub. (Spl) (Pre) 2008
(A) बी.सी. पाल
(B) तिलक
(C) अरबिंद घोष
(D) इनमें से किसी ने नहीं
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उत्तर – (A) बी.सी. पाल
उग्रपंथी नेता नरमपंथी कांग्रेस की आलोचना करते थे।
विपिन चंद्र पाल (B.C. Pal) ने कांग्रेस को “याचना संस्था” कहा।
उनका मानना था कि भीख मांगने से स्वराज नहीं मिलेगा।
13. भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन गरमपंथियों के प्रभावाधीन आया—
43rd B.P.S.C. (Pre) 1999
(A) 1906 के बाद
(B) 1909 के बाद
(C) 1914 के बाद
(D) 1919 के बाद
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उत्तर – (A) 1906 के बाद
1906 के कांग्रेस अधिवेशन के बाद गरम दल प्रभावी हुआ।
तिलक, लाजपत राय, बिपिन चंद्र पाल और अरबिंद घोष इसके प्रमुख नेता बने।
“स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है”—तिलक का प्रसिद्ध नारा इसी काल में आया।
14. निम्नलिखित में से कौन-सा नेता कांग्रेस के गरम दल से संबंधित था?
45th B.P.S.C. (Pre) 2001
(A) अरबिंद घोष
(B) दादाभाई नौरोजी
(C) जी.के. गोखले
(D) एस.एन. बनर्जी
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उत्तर – (A) अरबिंद घोष
अरबिंद घोष गरमपंथी विचारधारा के प्रमुख नेता थे।
उन्होंने कांग्रेस को अराष्ट्रवादी व कायर संस्था कहा।
1908 के अलीपुर बम केस में वह आरोपी भी रहे।
बाद में वे सांन्यासी बनकर पांडिचेरी चले गए।
15. निम्नलिखित में से कौन एक उग्रवादी था?
U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2013
(A) फिरोजशाह मेहता
(B) गोपाल कृष्ण गोखले
(C) बिपिन चंद्र पाल
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
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उत्तर – (C) बिपिन चंद्र पाल
बिपिन चंद्र पाल गरम दल के प्रमुख स्तंभ थे।
वे तिलक, लाजपत राय और अरबिंद के साथ उग्र आंदोलन के पक्षधर थे।
उन्होंने स्वदेशी, बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा को बढ़ावा दिया।
16. राष्ट्रीय आंदोलन में निम्न में से किसको नरमदलीय के तौर पर नहीं जाना जाता था?
Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2010, 45th B.P.S.C. (Pre) 2001
(A) बाल गंगाधर तिलक
(B) दादाभाई नौरोजी
(C) एम.जी. रानाडे
(D) गोपाल कृष्ण गोखले
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उत्तर – (A) बाल गंगाधर तिलक
बाल गंगाधर तिलक गरम दल के अग्रणी नेता थे।
वे नरमदलीय नेताओं की याचना नीति के आलोचक थे।
उनका प्रसिद्ध नारा था: “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा।”
17. ‘शेर-ए-पंजाब’ के नाम से इनमें से कौन मशहूर थे?
53rd to 55th B.P.S.C. (Pre) 2011
(A) राजगुरु
(B) भगत सिंह
(C) लाला लाजपत राय
(D) उधम सिंह
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उत्तर – (C) लाला लाजपत राय
लाला लाजपत राय को ‘शेर-ए-पंजाब’ और ‘पंजाब केसरी’ कहा जाता था।
वे कांग्रेस के गरमपंथी गुट के नेता थे।
उन्होंने साइमन कमीशन का विरोध करते हुए लाठीचार्ज सहा और बाद में उसकी चोटों से मृत्यु हो गई।
18. निम्नलिखित में से कौन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में उदारवादियों से जुड़ा नहीं था?
U.P.P.C.S. (Mains) 2011
(A) फिरोजशाह मेहता
(B) दादाभाई नौरोजी
(C) गोपाल कृष्ण गोखले
(D) लाला लाजपत राय
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उत्तर – (D) लाला लाजपत राय
लाला लाजपत राय गरमपंथी गुट के नेता थे।
जबकि दादाभाई नौरोजी, गोखले और मेहता नरमपंथी और संवैधानिक तरीकों के पक्षधर थे।
लाजपत राय आंदोलन और प्रतिरोध के पक्ष में थे।
19. निम्न में से किस एक को लाला लाजपत राय ने अपना राजनीतिक गुरु माना था?
U.P.R.O./A.R.O. (Mains) 2013
(A) गैरिबॉल्डी को
(B) विवेकानंद को
(C) दादाभाई नौरोजी को
(D) मैजिनी को
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उत्तर – (D) मैजिनी को
मैजिनी इटली के क्रांतिकारी राष्ट्रपिता थे।
लाला लाजपत राय ने उनकी पुस्तक ‘The Duties of Man’ का उर्दू में अनुवाद भी किया।
उन्होंने मैजिनी को अपना राजनीतिक प्रेरणा स्रोत माना।
20. उन्होंने मैजिनी, गैरिबॉल्डी, शिवाजी तथा श्रीकृष्ण की जीवनी लिखी; वे अमेरिका में कुछ समय के लिए रहे तथा वे केंद्रीय सभा के सदस्य भी निर्वाचित हुए। वे थे—
I.A.S. (Pre) 2018
(A) अरविंद घोष
(B) बिपिन चंद्र पाल
(C) लाला लाजपत राय
(D) मोतीलाल नेहरू
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उत्तर – (C) लाला लाजपत राय
वे 1907 में छह महीने के लिए अमेरिका गए और वहां भारत के पक्ष में अभियान चलाया।
उन्होंने मैजिनी, शिवाजी, श्रीकृष्ण और स्वामी दयानंद की जीवनी लिखी।
उनकी प्रमुख कृतियाँ थीं: ‘Unhappy India’ और ‘The Story of My Deportation’।
वे केंद्रीय विधानसभा के सदस्य भी रहे।
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