गुर्जर प्रतिहार राजवंश MCQ Questions with Answers

गुर्जर प्रतिहार राजवंश MCQ | Most Expected Questions for All Exams

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक गुर्जर प्रतिहार राजवंश से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें चौहान, गुहिल, गुर्जर प्रतिहार, राठौड़, महेन्द्रपाल द्वितीय आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, Fireman, Woman Superwiser, REET तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: गुर्जर प्रतिहार राजवंश
  • Last Updated:
  • Content Type: Updated MCQ Practice Set
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1. स्थापत्य की महामारू शैली का प्रचलन किस राजवंश के शासन काल में हुआ?

  • (A) चौहान
  • (B) गुहिल
  • (C) गुर्जर प्रतिहार
  • (D) राठौड़

8वीं से 12वीं शताब्दी के मध्य उत्तर भारत में विकसित मंदिर स्थापत्य की जो शैली थी, उसे महामारू या गुर्जर प्रतिहार शैली कहा जाता है। इस शैली में बने मंदिर मुख्यतः सूर्य और विष्णु को समर्पित होते थे। इसका उत्कर्ष 10वीं और 11वीं शताब्दी में देखने को मिलता है।

2. प्रतिहार वंश का अंतिम शासक था?

  • (A) महेन्द्रपाल द्वितीय
  • (B) महिपाल
  • (C) त्रिलोचनपाल
  • (D) यशपाल

यशपाल प्रतिहार वंश का अंतिम शासक था, जिसका शासन लगभग 1036 ई. के आसपास माना जाता है। इसके बाद 1093 ई. में गहड़वाल शासक चन्द्रदेव ने कन्नौज पर अधिकार कर प्रतिहारों के स्थान पर अपना शासन स्थापित कर लिया।

3. प्रतिहार शासक वत्सराज किसका पुत्र था?

  • (A) देवराज
  • (B) कक्कुक
  • (C) रामभद्र
  • (D) भिल्लादित्य

वत्सराज प्रतिहार वंश का प्रमुख शासक था और वह देवराज का पुत्र था। उसकी माता का नाम भूमिका देवी था। वत्सराज ने अपने समय में प्रतिहार शक्ति को मजबूत किया और कई महत्वपूर्ण युद्ध लड़े।

4. मण्डोर के निम्नलिखित प्रतिहार शासकों का सही कालानुक्रम चुनिए-

  • (A) कक्कुक, राजिल, नागभट्ट-1, शिलुक
  • (B) राजिल, नागभट्ट-1, शिलुक, कक्कुक
  • (C) कक्कुक, नागभट्ट-1, शिलुक, राजिल
  • (D) नागभट्ट-1, कक्कुक, राजिल, शिलुक

मण्डोर शाखा के प्रतिहार शासकों का सही क्रम राजिल, नागभट्ट प्रथम, शिलुक और कक्कुक है। यह क्रम उनके शासनकाल के ऐतिहासिक साक्ष्यों और अभिलेखों के आधार पर निर्धारित किया गया है।

5. आभानेरी तथा राजौरगढ़ के कलात्मक वैभव किस काल के माने जाते है?

  • (A) गुर्जर प्रतिहार
  • (B) गुहिल
  • (C) राठौड़
  • (D) चालुक्य

आभानेरी और राजौरगढ़ के स्थापत्य एवं कला वैभव को गुर्जर प्रतिहार काल से संबंधित माना जाता है। राजौरगढ़ से 960 ई. का शिलालेख प्राप्त हुआ है, जो प्रतिहारों के प्रभाव को प्रमाणित करता है। इस काल में उत्कृष्ट मंदिर और स्थापत्य का निर्माण हुआ।

6. पाल वंश, गुर्जर प्रतिहार व राष्ट्रकूट वंश के मध्य हुए त्रिदलीय संघर्ष का प्रारम्भ किस गुर्जर प्रतिहार शासक ने किया?

  • (A) मिहिरभोज
  • (B) महेन्द्रपाल प्रथम
  • (C) नागभट्ट द्वितीय
  • (D) वत्सराज

त्रिदलीय संघर्ष, जिसमें पाल, प्रतिहार और राष्ट्रकूट वंश शामिल थे, का प्रारम्भ वत्सराज के समय हुआ। वत्सराज ने कन्नौज के लिए संघर्ष शुरू किया, जो आगे चलकर इन तीनों शक्तियों के बीच दीर्घकालीन प्रतिस्पर्धा का कारण बना।

7. निम्न में से शासक व उनकी उपाधि / उपनाम का असंगत युग्म है?

  • (A) मिहिर भोज - भोज प्रथम
  • (B) नागभट्ट प्रथम - आदिवराह
  • (C) महिपाल प्रथम - हेरम्भपाल
  • (D) महेन्द्रपाल प्रथम - निर्भय नरेश

नागभट्ट प्रथम को आदिवराह की उपाधि नहीं मिली थी। यह उपाधि मिहिरभोज ने धारण की थी। नागभट्ट प्रथम को अन्य उपनामों जैसे जालौर के प्रतिहारों का संस्थापक आदि से जाना जाता है। इसलिए यह युग्म असंगत है।

8. किस गुर्जर प्रतिहार शासक ने कन्नौज को पहली बार अपने राज्य की राजधानी बनाया?

  • (A) नागभट्ट प्रथम
  • (B) नागभट्ट द्वितीय
  • (C) महाराजा कक्कुक
  • (D) वत्सराज

नागभट्ट द्वितीय वह प्रतिहार शासक था जिसने कन्नौज को पहली बार अपनी राजधानी बनाया। इससे कन्नौज का राजनीतिक महत्व अत्यधिक बढ़ गया और यह उत्तर भारत की प्रमुख सत्ता का केंद्र बन गया।

9. गुर्जर प्रतिहारों की निम्न में से कौन-कौन सी शाखाएँ थी? 1. मण्डौर के गुर्जर प्रतिहार 2. भड़ौच के गुर्जर प्रतिहार 3. भीनमाल के गुर्जर प्रतिहार 4. कन्नौज के गुर्जर प्रतिहार 5. राजौरगढ़ के गुर्जर प्रतिहार 6. सांभर के गुर्जर प्रतिहार, सही विकल्प का चयन कीजिए-

  • (A) 1, 2, 3, 4 एवं 6
  • (B) 1, 3, 4 एवं 5
  • (C) 1, 2, 3, 4 एवं 5
  • (D) 2, 3, 4, 5 एवं 6

गुर्जर प्रतिहारों की प्रमुख शाखाओं में मण्डौर, भड़ौच, भीनमाल, कन्नौज और राजौरगढ़ शामिल थे। सांभर को इस सूची में नहीं रखा जाता। इन शाखाओं ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिहार सत्ता का विस्तार किया।

10. गुर्जर प्रतिहार राजवंश का मूल पुरुष /आदि पुरूष था?

  • (A) कक्कुक
  • (B) हरिशचन्द्र
  • (C) बाउक
  • (D) नागभट- 1

घटियाला शिलालेखों के अनुसार हरिशचन्द्र को गुर्जर प्रतिहार वंश का मूल पुरुष माना जाता है। वह एक ब्राह्मण विद्वान था जिसे रोहिल्लद्धि भी कहा जाता था। उसकी क्षत्रिय पत्नी भद्रा से उत्पन्न संतानों को प्रतिहार कहा गया, जिससे इस वंश की शुरुआत मानी जाती है।

11. चीनी यात्री हेनसांग ने गुर्जरात्रा प्रदेश की राजधानी बताई है?

  • (A) कू-चे लो
  • (B) मण्डोर
  • (C) कन्नौज
  • (D) पीलामोलो (भीनमाल)

चीनी यात्री ह्वेनसांग (हेनसांग) ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक सी-यू-की में गुर्जर प्रदेश की राजधानी पीलामोलो अर्थात भीनमाल बताई है। उसने यहाँ की समृद्धि, शिक्षा और सांस्कृतिक विकास का वर्णन किया है, जिससे उस समय भीनमाल के महत्व का पता चलता है।

12. गुर्जर प्रतिहार शासक मथन देव कहाँ शासन करता था?

  • (A) मंडोर
  • (B) जालौर
  • (C) मेड़ता
  • (D) राजोरगढ़

अलवर के राजोरगढ़ से 960 ई. का एक शिलालेख प्राप्त हुआ है, जिसमें गुर्जर प्रतिहार शासक मथनदेव का उल्लेख मिलता है। इससे स्पष्ट होता है कि वह राजोरगढ़ क्षेत्र में शासन करता था और यह क्षेत्र प्रतिहारों के अधीन था।

13. कन्नौज में प्रतिहार वंश के शासन की नींव किसने रखी थी?

  • (A) कक्कुक
  • (B) बाउक
  • (C) वत्सराज
  • (D) नागभट्ट द्वितीय

वत्सराज ने कन्नौज पर अधिकार अवश्य किया था, लेकिन स्थायी रूप से कन्नौज को राजधानी बनाकर वहाँ प्रतिहार शासन की नींव नागभट्ट द्वितीय ने रखी। इसी कारण उसे कन्नौज में प्रतिहार सत्ता का संस्थापक माना जाता है।

14. कन्नौज के गुर्जर प्रतिहार वंश की शक्ति किस शासक के समय अपने चरमोत्कर्ष पर पहुँची ?

  • (A) नागभट
  • (B) महेन्द्रपाल प्रथम
  • (C) मिहिरभोज
  • (D) भोजदेव द्वितीय

मिहिरभोज गुर्जर प्रतिहार वंश का सबसे शक्तिशाली शासक था। उसके समय में साम्राज्य का विस्तार अत्यधिक हुआ और कन्नौज की सत्ता अपने चरम पर पहुँची। उसे उत्तरी भारत का सबसे प्रभावशाली शासक माना जाता है।

15. जोधपुर के निकट ओसियाँ में स्थित मंदिर समूह किस राजवंश की देन है?

  • (A) प्रतिहार
  • (B) राठौड़
  • (C) गुहिलोत
  • (D) चौहान

ओसियां (जोधपुर) के प्रसिद्ध मंदिर समूह का निर्माण गुर्जर प्रतिहार काल में हुआ था। यह क्षेत्र उस समय धार्मिक और स्थापत्य कला का प्रमुख केंद्र था, जहाँ जैन और हिंदू दोनों प्रकार के भव्य मंदिर बनाए गए।

16. प्रसिद्ध कवि व लेखक राजशेखर किस प्रतिहार शासक का गुरु था?

  • (A) ध्रुवपाल प्रथम
  • (B) नागभट द्वितीय
  • (C) मिहिर भोज
  • (D) महेन्द्रपाल प्रथम

राजशेखर एक प्रसिद्ध संस्कृत कवि और विद्वान था, जो प्रतिहार शासक महेन्द्रपाल प्रथम के दरबार में राजगुरु के रूप में कार्यरत था। उसने अनेक ग्रंथों की रचना की और दरबार में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया।

17. गुर्जर प्रतिहारों की किस शाखा का प्रथम शासक हरिशचन्द्र हुआ?

  • (A) कन्नौज
  • (B) जालौर
  • (C) भीनमाल
  • (D) मण्डोर

हरिशचन्द्र को गुर्जर प्रतिहार वंश की मण्डोर शाखा का प्रथम शासक माना जाता है। घटियाला अभिलेखों से इसकी पुष्टि होती है। उसके वंशजों ने आगे चलकर प्रतिहार सत्ता को मजबूत किया।

18. किस प्रतिहार शासक के शासन काल में जैन ग्रंथ 'हरिवंश पुराण' एवं 'कुवलयमाला' की रचना हुई?

  • (A) वत्सराज
  • (B) मिहिरभोज
  • (C) नागभट्ट द्वितीय
  • (D) महेन्द्रपाल प्रथम

वत्सराज के समय जैन साहित्य का विकास हुआ। इसी काल में हरिवंश पुराण और कुवलयमाला जैसे महत्वपूर्ण जैन ग्रंथों की रचना हुई, जो उस समय की धार्मिक और साहित्यिक उन्नति को दर्शाते हैं।

19. भोज (मिहिरभोज) किस वंश का शासक था?

  • (A) गुर्जर प्रतिहार
  • (B) चाहमान
  • (C) परमार
  • (D) गुहिल

मिहिरभोज, जिसे भोज भी कहा जाता है, गुर्जर प्रतिहार वंश का महान शासक था। उसके शासनकाल में प्रतिहार साम्राज्य अत्यंत शक्तिशाली बना और उत्तर भारत में उसका व्यापक प्रभाव स्थापित हुआ।

20. मंडोर के प्रतिहार माने जाते हैं?

  • (A) क्षत्रिय
  • (B) वैश्य
  • (C) विदेशी
  • (D) ब्राह्मण

इतिहासकार डॉ. गौरीशंकर हीराचन्द औझा के अनुसार मण्डोर के प्रतिहार क्षत्रिय माने जाते हैं। उन्होंने अपने शोध में प्रतिहारों की उत्पत्ति और सामाजिक स्थिति को स्पष्ट किया है, जिससे यह निष्कर्ष निकाला गया है।

21. इतिहासकार आर. सी. मजूमदार के अनुसार गुर्जर प्रतिहारों ने कितनी शताब्दी तक अरब आक्रमणकारियों के लिए बाधक का काम किया?

  • (A) दूसरी शताब्दी से चौथी शताब्दी
  • (B) तीसरी शताब्दी से पाँचवीं शताब्दी
  • (C) छठी शताब्दी से 12वीं शताब्दी
  • (D) बारहवीं शताब्दी से 15वीं शताब्दी

इतिहासकार आर. सी. मजूमदार के अनुसार गुर्जर प्रतिहारों ने लगभग छठी से 12वीं शताब्दी तक अरब आक्रमणकारियों को भारत में प्रवेश करने से रोके रखा। इस कारण उन्हें भारत का रक्षक भी कहा जाता है।

22. प्रतिहार वंश की मण्डोर शाखा के किस शासक ने अपनी राजधान मण्डोर से मेड़ता स्थानान्तरित की थी ?

  • (A) कक्कुक
  • (B) रज्जिल
  • (C) नागभट्ट प्रथम
  • (D) बॉउस

नागभट्ट प्रथम ने अपनी राजधानी मण्डोर से मेड़ता स्थानांतरित की थी। इस निर्णय से प्रशासनिक नियंत्रण और सामरिक स्थिति को मजबूत किया गया, जिससे प्रतिहार सत्ता को विस्तार मिला।

23. आठवीं से दसवीं शताब्दी तक राजस्थान में किस राजपूत वंश क वर्चस्व रहा ?

  • (A) चावड़ वंश का
  • (B) प्रतिहार वंश का
  • (C) भाटी वंश का
  • (D) परमार वंश का

आठवीं से दसवीं शताब्दी के दौरान राजस्थान में गुर्जर प्रतिहार वंश का प्रभुत्व रहा। इस काल में प्रतिहारों ने व्यापक क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित किया और राजनीतिक रूप से अत्यंत शक्तिशाली बने रहे।

24. प्रतिहार शासक मिहिरभोज को किस अभिलेख में 'प्रभास' की उपाि से अलंकृत किया गया है?

  • (A) घटियाला अभिलेख
  • (B) दौलतपुर अभिलेख
  • (C) बुचकला ताम्रपत्र
  • (D) वराह अभिलेख

मिहिरभोज को प्रभास की उपाधि दौलतपुर अभिलेख में दी गई है। यह अभिलेख उसके वैभव और उपलब्धियों का वर्णन करता है तथा उसकी महानता को दर्शाता है।

25. नागभट्ट प्रथम निम्नलिखित में से किस राजवंश से संबंधित है ?

  • (A) परमार
  • (B) गुर्जर प्रतिहार
  • (C) चौहान
  • (D) चालुक्य

नागभट्ट प्रथम गुर्जर प्रतिहार वंश का प्रमुख शासक था। उसने अरब आक्रमणकारियों को पराजित कर अपनी शक्ति स्थापित की और प्रतिहार साम्राज्य की नींव मजबूत की।

26. ओसियां (जोधपुर) में महावीर स्वामी को समर्पित जैन मंदिर का निर्माण किस राजा के काल में हुआ?

  • (A) वत्सराज
  • (B) नागभट्ट प्रथम
  • (C) देवपाल
  • (D) त्रिलोचन पाल

वत्सराज शैव मत का अनुयायी था, फिर भी उसने ओसियां में महावीर स्वामी का जैन मंदिर बनवाया। यह मंदिर पश्चिम भारत के प्राचीनतम जैन मंदिरों में से एक माना जाता है और उस समय की धार्मिक सहिष्णुता को दर्शाता है।

27. मण्डोर के प्रतिहार वंश से सम्बन्धित प्रारम्भिक शासकों में मुख्य नाम था ?

  • (A) नागभट्ट प्रथम
  • (B) वत्सराज
  • (C) रामभद्र
  • (D) महेन्द्रपाल

मण्डोर शाखा के प्रारम्भिक शासकों में नागभट्ट प्रथम का नाम प्रमुख माना जाता है। उसने प्रतिहार शक्ति को संगठित किया और आगे के विस्तार के लिए मजबूत आधार तैयार किया।

28. किस राजा के वंशज गुर्जर प्रतिहार कहे जाने लगे ?

  • (A) हरिशचन्द्र
  • (B) धर्मपाल
  • (C) नागभट्ट द्वितीय
  • (D) वासुदेव द्वितीय

हरिशचन्द्र को गुर्जर प्रतिहार वंश का मूल पुरुष माना जाता है। उसके वंशजों को ही आगे चलकर प्रतिहार कहा गया। यह जानकारी घटियाला अभिलेखों से प्राप्त होती है।

29. प्रख्यात चीनी इतिहासकार हेनसांग ने गुर्जर प्रतिहारों की राजधानी किसे बताया ?

  • (A) भीनमाल
  • (B) कन्नौज
  • (C) मण्डोर
  • (D) घटियाला

हेनसांग ने अपनी यात्रा विवरण में गुर्जर प्रदेश की राजधानी भीनमाल बताई है। यह उस समय शिक्षा और संस्कृति का प्रमुख केंद्र था, जिससे इसकी ऐतिहासिक महत्ता सिद्ध होती है।

30. राजस्थान में गुर्जर प्रतिहारों के मुख्य केन्द्र कौन-कौनसे रहे हैं?

  • (A) घटियाला व भीनमाल भीनमाल
  • (B) औसियां व मण्डौर
  • (C) मण्डौर व भीनमाल
  • (D) भीनमाल व जालौर

राजस्थान में गुर्जर प्रतिहारों के प्रमुख केंद्र मण्डौर और भीनमाल थे। इन स्थानों से प्रतिहारों ने अपनी शक्ति का विस्तार किया और प्रशासनिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का संचालन किया।

31. ग्वालियर अभिलेख का सम्बन्ध किस प्रतिहार शासक से है?

  • (A) नागभट्ट प्रथम
  • (B) नागभट्ट द्वितीय
  • (C) मिहिरभोज
  • (D) वत्सराज

मिहिरभोज के समय का सबसे प्रसिद्ध अभिलेख ग्वालियर प्रशस्ति है। यह अभिलेख संस्कृत भाषा और उत्तरी ब्राह्मी लिपि में लिखा गया है। इसमें मिहिरभोज की उपलब्धियों और उसके साम्राज्य की महिमा का वर्णन मिलता है।

32. प्रतिहार शासक कक्कुक (राजा बाउक के उत्तराधिकारी) ने निम्न में से कौनसा शिलालेख उत्कीर्ण करवाये थे?

  • (A) नाडोल अभिलेख
  • (B) हस्तिकुण्डि शिलालेख
  • (C) प्रतापगढ़ शिलालेख
  • (D) घटियाला शिलालेख

कक्कुक ने 861 ई. में घटियाला में दो महत्वपूर्ण शिलालेख खुदवाए थे। ये अभिलेख प्रतिहार इतिहास के महत्वपूर्ण स्रोत हैं और इनके माध्यम से उस समय की राजनीतिक स्थिति एवं शासकों की जानकारी मिलती है।

33. मुहणौत नैणसी ने प्रतिहारों की कितनी शाखाओं का वर्णन किया है?

  • (A) 24
  • (B) 26
  • (C) 32
  • (D) 40

मुहणौत नैणसी, जो राजस्थान के प्रसिद्ध इतिहासकार थे, उन्होंने अपनी कृतियों में गुर्जर प्रतिहारों की कुल 26 शाखाओं का उल्लेख किया है। यह जानकारी राजस्थान के मध्यकालीन इतिहास को समझने में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

34. प्रतिहार शासकों में निम्न में से कौनसा एक अच्छा वीणा वादक था?

  • (A) झोट प्रतिहार
  • (B) शीलूक
  • (C) हरिशचन्द्र
  • (D) रज्जिल

झोट प्रतिहार एक कुशल वीणा वादक शासक था। वह शीलूक का पुत्र था और संगीत में विशेष रुचि रखता था। कहा जाता है कि उसने अंत में गंगा में जाकर मोक्ष प्राप्त किया, जिससे उसकी धार्मिक प्रवृत्ति भी स्पष्ट होती है।

35. प्रतिहारों की मण्डोर शाखा के किस शासक ने नागभट्ट द्वितीय के सामंत के रूप में कार्य किया और बंगाल के धर्मपाल के विरूद्ध युद्ध में भाग लिया?

  • (A) भिलादित्य
  • (B) बाउक
  • (C) कक्क
  • (D) कक्कुक

कक्क प्रतिहार मण्डोर शाखा का शासक था, जिसने नागभट्ट द्वितीय के सामंत के रूप में कार्य किया। उसने बंगाल के पाल शासक धर्मपाल के विरुद्ध युद्ध में भाग लिया और प्रतिहार सत्ता को सुदृढ़ करने में योगदान दिया।

36. प्रतिहारों की भीनमाल शाखा का संस्थापक था?

  • (A) नागभट्ट प्रथम
  • (B) नागभट्ट द्वितीय
  • (C) कक्कुक
  • (D) वत्सराज

नागभट्ट प्रथम को भीनमाल (जालौर) शाखा का संस्थापक माना जाता है। उसने अरब आक्रमणकारियों को पराजित कर अपनी शक्ति स्थापित की और इस शाखा को मजबूत आधार प्रदान किया।

37. गुर्जर प्रतिहारों की सभी शाखाओं में सबसे प्राचीन शाखा कौनसी है?

  • (A) भीनमाल शाखा
  • (B) मण्डोर शाखा
  • (C) कन्नौज शाखा
  • (D) राजौरगढ़ शाखा

गुर्जर प्रतिहारों की सबसे प्राचीन शाखा मण्डोर शाखा मानी जाती है। इसी शाखा से आगे चलकर अन्य शाखाओं का विकास हुआ और प्रतिहार सत्ता का विस्तार विभिन्न क्षेत्रों में हुआ।

38. निम्न में से किस विद्वान ने गुर्जर प्रतिहारों को क्षत्रिय वंशीय बताया है?

  • (A) डॉ. गौरीशंकर औझा
  • (B) डॉ. भण्डारकर
  • (C) स्मिथ स्टेनफोनी
  • (D) कनिघंम

डॉ. गौरीशंकर हीराचन्द औझा ने अपने शोध में गुर्जर प्रतिहारों को क्षत्रिय वंश का माना है। उन्होंने अभिलेखीय साक्ष्यों के आधार पर यह सिद्ध किया कि प्रतिहार मूलतः क्षत्रिय थे।

39. ग्वालियर अभिलेख में किस प्रतिहार शासक को 'म्लेच्छों का नाशक' कहा गया है?

  • (A) नागभट्ट प्रथम
  • (B) वत्सराज
  • (C) हरिशचन्द्र
  • (D) मिहिरभोज

ग्वालियर अभिलेख के अनुसार नागभट्ट प्रथम ने अरब (म्लेच्छ) आक्रमणकारियों को पराजित किया था। इस विजय के कारण उसे म्लेच्छों का नाशक कहा गया और प्रतिहार साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक माना गया।

40. किस शासक के दरबार को 'नागावलोक दरबार' कहा जाता है?

  • (A) शीलूक
  • (B) कक्क
  • (C) नागभट्ट द्वितीय
  • (D) नागभट्ट प्रथम

नागभट्ट प्रथम के दरबार को नागावलोक दरबार कहा जाता था। यह नाम उसकी शक्ति और प्रभाव को दर्शाता है तथा उसके शासनकाल में प्रतिहार सत्ता की मजबूती को इंगित करता है।

41. किस अभिलेख के अनुसार नागभट्ट प्रथम को 'प्रतिहार साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक' माना जाता है?

  • (A) आमेर का अभिलेख
  • (B) घटियाला अभिलेख
  • (C) ग्वालियर अभिलेख
  • (D) मंडोर अभिलेख

ग्वालियर अभिलेख में नागभट्ट प्रथम को प्रतिहार साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक कहा गया है। इसमें उसकी विजयों और विशेष रूप से अरबों पर उसकी जीत का उल्लेख मिलता है।

42. उद्योतन सूरी ने अपने प्रसिद्ध ग्रन्थ 'कुवलय माला' की रचना किस शासक के समय की थी?

  • (A) वत्सराज
  • (B) नागभट्ट प्रथम
  • (C) मिहिरभोज
  • (D) महेन्द्र पाल प्रथम

उद्योतन सूरी ने कुवलयमाला ग्रंथ की रचना वत्सराज के समय की थी। यह ग्रंथ जैन साहित्य का महत्वपूर्ण स्रोत है और उस समय की सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थिति को दर्शाता है।

43. निम्न में से किस शासक को 'प्रतिहारों का पितृहंता' कहा जाता है?

  • (A) रामभद्र
  • (B) नागभट्ट प्रथम
  • (C) मिहिरभोज
  • (D) वत्सराज

मिहिरभोज ने अपने पिता रामभद्र की हत्या कर सत्ता प्राप्त की थी। इसी कारण उसे प्रतिहारों का पितृहंता कहा जाता है। यह घटना उसके शासनकाल की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्य है।

44. अरबी यात्री अलमसूदी किस प्रतिहार शासक के काल में भारत आया था ?

  • (A) देवपाल
  • (B) महिपाल प्रथम
  • (C) यशपाल
  • (D) महेन्द्रपाल द्वितीय

अलमसूदी एक प्रसिद्ध अरब यात्री था, जो लगभग 915-916 ई. में भारत आया। वह महिपाल प्रथम के समय आया था और उसने अपनी पुस्तक में भारत की भौगोलिक एवं राजनीतिक स्थिति का वर्णन किया है।

45. किस विदेशी यात्री ने प्रतिहारों को 'अल गुर्जर' तथा प्रतिहार राजा को 'बोरा' कहकर पुकारा है?

  • (A) कनिघंम
  • (B) स्मिथ स्टेनफोनी
  • (C) जॉर्ज कैनेडी
  • (D) अलमसूदी

अरब यात्री अलमसूदी ने अपने विवरण में गुर्जर प्रतिहारों को अल गुर्जर और उनके राजा को बोरा कहा है। इससे उस समय अरब यात्रियों की दृष्टि में प्रतिहारों की पहचान और महत्व स्पष्ट होता है।

46. गुर्जर प्रतिहारों में किस शासक को 'रोहिल्लद्धि' भी कहा जाता है?

  • (A) नागभट्ट प्रथम
  • (B) हरिशचन्द्र
  • (C) वत्सराज
  • (D) राजा बाउक

हरिशचन्द्र को रोहिल्लद्धि नाम से भी जाना जाता था। उसे गुर्जर प्रतिहार वंश का मूल पुरुष माना जाता है और उसके वंशजों ने आगे चलकर प्रतिहार साम्राज्य की स्थापना की।

47. गुर्जर प्रतिहारों की उत्पत्ति के बारे में निम्न में से कौनसा कथन सही नहीं है?

  • (A) डॉ. भण्डारकर - विदेशी
  • (B) डॉ. गौरीशंकर औझा - क्षत्रिय
  • (C) कनिघंम- कुषाणवंशी
  • (D) स्मिथ स्टेनफोनी - सक व सिथियन

स्मिथ स्टेनफोनी ने गुर्जर प्रतिहारों को शक या सिथियन नहीं बल्कि हूण वंशीय माना है। इसलिए यह कथन गलत है। अन्य इतिहासकारों ने अलग-अलग मत प्रस्तुत किए हैं, जो आंशिक रूप से सही माने जाते हैं।

48. गुर्जर प्रतिहार अपने आप को किसका वंशज मानते है?

  • (A) राम के भाई लक्ष्मण का
  • (B) कृष्ण के भाई बलराम का
  • (C) राम के पुत्र लव व कुश का
  • (D) भगवान विष्णु का

गुर्जर प्रतिहार स्वयं को भगवान राम के भाई लक्ष्मण का वंशज मानते थे। प्रतिहार शब्द का अर्थ द्वारपाल होता है, और लक्ष्मण को राम का प्रतिहार माना जाता था, इसलिए यह परंपरा विकसित हुई।

49. गुर्जर प्रतिहार की राजधानी किस स्थान पर थी, जो जालौर में भीनमाल का एक पुराना नाम भी था ?

  • (A) किरातकूप
  • (B) रोहिन्सकूप
  • (C) राजौरगढ़
  • (D) श्रीमाल

भीनमाल का प्राचीन नाम श्रीमाल था, जो गुर्जर प्रतिहारों की राजधानी रहा। यह स्थान उस समय व्यापार, शिक्षा और संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र था और प्रतिहारों की शक्ति का प्रमुख आधार था।

50. प्रतिहार शासक नागभट्ट द्वितीय ने किस शासक को पराजित कर 'परम भट्टारक महाराजाधिराज परमेश्वर' की उपाधि धारण की थी?

  • (A) धर्मपाल (बंगाल)
  • (B) परमार शासक धन्धुक (आबू)
  • (C) लालितादित्य (कश्मीर)
  • (D) राष्ट्रकूट शासक कृष्ण द्वितीय

नागभट्ट द्वितीय ने पाल वंश के शासक धर्मपाल को युद्ध में पराजित किया था। यह युद्ध मुंगेर (मुण्डोर) के पास हुआ था। इस विजय के बाद उसने परम भट्टारक महाराजाधिराज परमेश्वर की उपाधि धारण की, जो उसकी महानता को दर्शाती है।

51. किस अरबी यात्री ने (851 ई.) में मिहिरभोज के सम्बन्ध में वर्णन किया है?

  • (A) सुलेमान
  • (B) अल बरूनी
  • (C) अमीर खुसरो
  • (D) अलमसूदी

अरब यात्री सुलेमान ने 851 ई. में भारत की यात्रा की और मिहिरभोज के शासन का वर्णन किया। उसने अपनी पुस्तक किताब-उल-सिंध-वल-हिन्द में प्रतिहारों की सैन्य शक्ति, समृद्धि और सुव्यवस्थित प्रशासन की प्रशंसा की है।

52. नान्दीपुर (भड़ौच) के गुर्जर प्रतिहार राज्य का संस्थापक कौन था?

  • (A) दद्द प्रथम
  • (B) बाउक
  • (C) दद्द द्वितीय
  • (D) नागभट्ट प्रथम

नान्दीपुर (भड़ौच) शाखा का संस्थापक दद्द प्रथम माना जाता है। उसने इस क्षेत्र में प्रतिहार सत्ता की स्थापना की और स्थानीय शासन को संगठित रूप दिया, जिससे इस शाखा का विकास हुआ।

53. नागभट्ट द्वितीय ने किस शासक को परास्त कर कन्नौज पर अपना आधिपत्य स्थापित किया था?

  • (A) धर्मपाल
  • (B) इन्द्रायुध
  • (C) चक्रायुध
  • (D) देवपाल

नागभट्ट द्वितीय ने 816 ई. के आसपास कन्नौज के शासक चक्रायुध को पराजित किया। इस विजय के बाद उसने कन्नौज को अपनी राजधानी बनाया और प्रतिहार सत्ता को मजबूत किया।

54. निम्न में से कौनसा शासक अपने चेदि सामंत कोक्कलदेव प्रथम की सहायता से विजय होकर कन्नौज की गद्दी पर बैठा ?

  • (A) महेन्द्रपाल प्रथम
  • (B) भोज द्वितीय
  • (C) भोज
  • (D) मिहिरभोज

भोज द्वितीय ने अपने चेदि सामंत कोक्कलदेव प्रथम की सहायता से कन्नौज की गद्दी प्राप्त की। यह घटना उस समय की सामंती व्यवस्था और राजनीतिक गठबंधनों को दर्शाती है।

55. निम्न में से किस शासक को विनायकपाल एवं हेरम्भपाल के उपनाम से भी जाना जाता है?

  • (A) महिपाल प्रथम
  • (B) महेन्द्रपाल द्वितीय
  • (C) महिपाल
  • (D) नागभट्ट प्रथम

महिपाल प्रथम को विनायकपाल एवं हेरम्भपाल जैसे उपनामों से भी जाना जाता है। उसके शासनकाल में प्रतिहार साम्राज्य की स्थिति मजबूत रही और उसने प्रशासन को सुदृढ़ किया।

56. निम्न में से किस गुर्जर प्रतिहार शासक को 'रणहस्तिन' की उपाधि दी गई है?

  • (A) वत्सराज
  • (B) यशपाल
  • (C) नागभट्ट प्रथम
  • (D) मिहिरभोज

वत्सराज को रणहस्तिन की उपाधि दी गई थी। यह उपाधि उसकी वीरता और युद्ध कौशल को दर्शाती है, क्योंकि उसने कई महत्वपूर्ण युद्धों में विजय प्राप्त की थी।

57. निम्न में से किस इतिहासकार ने मिहिरभोज को 'अरबों का अमित्र' तथा 'इस्लाम का शत्रु' बताया है?

  • (A) अलमसूदी
  • (B) अल बरूनी
  • (C) अबुल फजल
  • (D) सुलेमान

अरब यात्री सुलेमान ने मिहिरभोज को अरबों का अमित्र और इस्लाम का शत्रु बताया। उसने लिखा कि मिहिरभोज ने अरब आक्रमणकारियों के विरुद्ध सख्त प्रतिरोध किया और अपनी सीमाओं की रक्षा की।

58. गुर्जर प्रतिहार शासकों में से किस शासक ने 'पिल्लीपणी' नामक उपाधि धारण की थी?

  • (A) रज्जिल
  • (B) बाउक
  • (C) भिल्लादित्य
  • (D) नरभट्ट

नरभट्ट को पिल्लीपणी की उपाधि दी गई थी। उसने रोहिन्सकूप (घटियाला) में विष्णु मंदिर का निर्माण करवाया और धार्मिक कार्यों में भी विशेष रुचि दिखाई।

59. भड़ौच के गुर्जर प्रतिहारों में सबसे शक्तिशाली शासक कौन था?

  • (A) दद्द प्रथम
  • (B) दह द्वितीय
  • (C) जयभट्ट
  • (D) ध्रुवसेन द्वितीय

भड़ौच शाखा में दह द्वितीय को सबसे शक्तिशाली शासक माना जाता है। उसके शासनकाल में इस शाखा की शक्ति और प्रभाव में वृद्धि हुई और उसने अपने क्षेत्र में मजबूत प्रशासन स्थापित किया।

60. किस प्रारम्भिक गुर्जर प्रतिहार शासक ने मण्डोर को अपनी राजधानी बनाकर 'राजसूय यज्ञ' किया था?

  • (A) रज्जिल
  • (B) झोट प्रतिहार
  • (C) शीलूक
  • (D) कक्क

रज्जिल ने मण्डोर को अपनी राजधानी बनाकर राजसूय यज्ञ किया था। यह यज्ञ उसकी शक्ति और स्वतंत्रता का प्रतीक था। वह हरिशचन्द्र का पुत्र था और प्रारम्भिक प्रतिहार शासकों में प्रमुख था।

61. गुर्जर जाति का सर्वप्रथम उल्लेख किस अभिलेख में मिलता है?

  • (A) बौक अभिलेख
  • (B) घटियाला अभिलेख
  • (C) ऐहोल अभिलेख
  • (D) प्रतापगढ़ अभिलेख

गुर्जर जाति का सबसे पहला उल्लेख ऐहोल अभिलेख में मिलता है, जो चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय से संबंधित है। यह अभिलेख गुर्जरों की प्राचीनता और उनके ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता है।

62. मण्डोर के गुर्जर प्रतिहार किस देवी की पूजा अपनी कुलदेवी के रूप में करते थे?

  • (A) आवड़ माता
  • (B) चामुण्डा माता
  • (C) हिंगलाज माता
  • (D) नागणेची माता

मण्डोर शाखा के गुर्जर प्रतिहार चामुण्डा माता को अपनी कुलदेवी मानते थे। वे उनकी पूजा करते थे और युद्ध व अन्य महत्वपूर्ण कार्यों से पहले उनका आशीर्वाद लेते थे।

63. निम्न में से मण्डोर शाखा के शासकों के क्रम का सही विकल्प है?

  • (A) रज्जिल, नरभट्ट, नागभट्ट प्रथम, शीलुक
  • (B) रज्जिल, शीलुक, नागभट्ट प्रथम, नरभट्ट
  • (C) नागभट्ट प्रथम, शीलुक, नरभट्ट, रज्जिल
  • (D) नागभट्ट प्रथम, रज्जिल, शीलुक, नरभट्ट

मण्डोर शाखा के शासकों का सही क्रम रज्जिल, नरभट्ट, नागभट्ट प्रथम और शीलुक है। यह क्रम ऐतिहासिक अभिलेखों और परंपराओं के आधार पर निर्धारित किया गया है।

64. निम्न में से गुर्जर प्रतिहारों के पतन होने के कारण कौनसे हैं?

  • (A) प्रतिहारों के सामंतों में तथा परिवारों के व्यक्तियों में फूट होना।
  • (B) मोहम्मद गजनवी का आक्रमण ।
  • (C) पाल, राष्ट्रकूट व अरबों से लगातार संघर्ष से उनकी सैनिक क्षमता का ह्मस होना।
  • (D) उपर्युक्त सभी शामिल है।

गुर्जर प्रतिहारों के पतन के कई कारण थे, जिनमें आंतरिक कलह, सामंतों में फूट, बाहरी आक्रमण (जैसे महमूद गजनवी) और लगातार युद्धों से सैन्य शक्ति का कमजोर होना शामिल है। इसलिए सभी विकल्प सही हैं।

65. निम्न में से किस शाखा को 'रघुवंशी' प्रतिहार शाखा भी कहा जाता है?

  • (A) मण्डोर शाखा
  • (B) भीनमाल शाखा
  • (C) कन्नौज शाखा
  • (D) उज्जैन शाखा

भीनमाल शाखा को रघुवंशी प्रतिहार शाखा कहा जाता है। यह शाखा नागभट्ट प्रथम द्वारा स्थापित की गई थी और इसका संबंध रघुकुल से जोड़ा जाता है।

66. गुर्जर प्रतिहार वंश के किस शासक ने रोहिंसकूप नगर (घटियाला) में 'महामंडलेश्वर महादेव' मन्दिर का निर्माण करवाया था?

  • (A) नरभट्ट
  • (B) देवपाल
  • (C) रामभद्र
  • (D) रज्जिल

रज्जिल ने रोहिंसकूप (घटियाला) में महामंडलेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण करवाया। यह उसके धार्मिक झुकाव और स्थापत्य कार्यों में रुचि को दर्शाता है।

67. भीनमाल शाखा के कौनसे शासक को 'नागावलोक' भी कहा जाता था?

  • (A) नागभट्ट प्रथम
  • (B) वत्सराज
  • (C) मिहिरभोज
  • (D) नागभट्ट द्वितीय

नागभट्ट प्रथम को नागावलोक भी कहा जाता था। वह भीनमाल शाखा का प्रमुख शासक था और उसने अरब आक्रमणकारियों को पराजित कर प्रतिहार शक्ति को स्थापित किया।

68. निम्न में से किस शासक को प्रतिहार राज्य की नींव डालने वाला शासक कहा जाता है?

  • (A) नागभट्ट द्वितीय
  • (B) मिहिरभोज
  • (C) वत्सराज
  • (D) हरिशचंद्र

वत्सराज को प्रतिहार राज्य की वास्तविक नींव रखने वाला शासक माना जाता है। उसने कन्नौज के लिए संघर्ष शुरू किया और प्रतिहार साम्राज्य को संगठित एवं विस्तारित किया।

69. कवि राजशेखर ने किस प्रतिहार शासक को 'आर्यावर्त का महाराजाधिराज' व 'रघुकुल मुकुटमणी' के नाम से पुकारा है?

  • (A) महिपाल प्रथम
  • (B) महेन्द्रपाल प्रथम
  • (C) महेन्द्रपाल द्वितीय
  • (D) विजयपाल

कवि राजशेखर ने महिपाल प्रथम को आर्यावर्त का महाराजाधिराज और रघुकुल मुकुटमणी कहा है। इससे उसकी शक्ति, प्रतिष्ठा और प्रभाव का पता चलता है।

70. मिहिरभोज ने निम्न में से कौनसी उपाधि धारण की थी?

  • (A) आदिवराह
  • (B) रणहस्तिन
  • (C) परमेश्वर
  • (D) परमभट्टारक

मिहिरभोज ने आदिवराह की उपाधि धारण की थी। यह उपाधि भगवान विष्णु के वराह अवतार से संबंधित है और इससे उसकी धार्मिक आस्था तथा वैष्णव परंपरा के प्रति झुकाव स्पष्ट होता है।

71. निम्न में से भीनमाल शाखा के प्रतिहारों को उनके शासनकाल के अनुसार व्यवस्थित कीजिए-

  • (A) नागभट्ट प्रथम, मिहिरभोज, वत्सराज, कक्कुक
  • (B) नागभट्ट प्रथम, नागभट्ट द्वितीय, महिपाल प्रथम, मिहिरभोज
  • (C) नागभट्ट प्रथम, मिहिरभोज, नागभट्ट द्वितीय, महेन्द्रपाल प्रथम
  • (D) नागभट्ट प्रथम, वत्सराज, नागभट्ट द्वितीय, मिहिरभोज

भीनमाल शाखा के प्रतिहार शासकों का सही क्रम नागभट्ट प्रथम, वत्सराज, नागभट्ट द्वितीय और मिहिरभोज है। यह क्रम उनके शासनकाल और ऐतिहासिक घटनाओं के आधार पर निर्धारित किया गया है।

72. निम्न में से भड़ौच के गुर्जरों की राजधानी कौनसी थी?

  • (A) नांदीपुरी
  • (B) भीनमाल
  • (C) माण्डव्यपुर
  • (D) कन्नौज

भड़ौच (नान्दीपुर) शाखा के गुर्जर प्रतिहारों की राजधानी नांदीपुरी थी। यह स्थान गुजरात क्षेत्र में स्थित था और व्यापार व प्रशासन का प्रमुख केंद्र था।

73. किस प्रतिहार शासक के दरबार में 'कपुरमंजरी' और 'काव्यमिमांसा' का लेखक राजशेखर था?

  • (A) भोज द्वितीय
  • (B) नागभट्ट द्वितीय
  • (C) महेन्द्रपाल प्रथम
  • (D) मिहिरभोज

राजशेखर प्रतिहार शासक महेन्द्रपाल प्रथम के दरबार में राजगुरु और विद्वान था। उसने काव्यमिमांसा और कर्पूरमंजरी जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथों की रचना की, जो संस्कृत साहित्य में अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

74. किसने अपने ग्रंथ विद्धशाल भंजिका में गुर्जर प्रतिहार नरेश महेन्द्रपाल प्रथम को 'रघुकुल तिलक' कहा है?

  • (A) विद्याधर
  • (B) राजशेखर
  • (C) पंडित नरहरि
  • (D) चन्द्रदेव

राजशेखर ने अपने ग्रंथ विद्धशाल भंजिका में महेन्द्रपाल प्रथम को रघुकुल तिलक कहा है। इससे महेन्द्रपाल की प्रतिष्ठा और उसके वंश की गौरवपूर्ण परंपरा का संकेत मिलता है।

75. किस प्रतिहार शासक ने 833 ई. में गंगा में जल समाधि ली थी?

  • (A) नागभट्ट द्वितीय
  • (B) नागभट्ट प्रथम
  • (C) मिहिरभोज
  • (D) रामभद्र

नागभट्ट द्वितीय ने 833 ई. में गंगा में जल समाधि ली थी। यह घटना उसके जीवन के अंत का प्रतीक है और उस समय के धार्मिक विश्वासों एवं परंपराओं को दर्शाती है।

76. वह प्रथम गुर्जर प्रतिहार शासक जिसने पाल राष्ट्रकूटों की संयुक्त सेना को हराया था?

  • (A) महेन्द्रपाल प्रथम
  • (B) वत्सराज
  • (C) नागभट्ट द्वितीय
  • (D) मिहिरभोज

महेन्द्रपाल प्रथम वह शासक था जिसने पाल और राष्ट्रकूटों की संयुक्त सेना को पराजित किया। इससे प्रतिहार साम्राज्य की शक्ति और प्रभाव में वृद्धि हुई और उसकी स्थिति मजबूत हुई।

77. निम्नलिखित में कौनसी पुस्तक गुर्जर प्रतिहार वंश के मिहिरभोज द्वारा रचित नहीं है?

  • (A) धर्म संग्रह
  • (B) श्रृंगार प्रकाश
  • (C) कृत्य कल्पतरू
  • (D) राजमृगांक

मिहिरभोज विद्वान शासक था और उसने कई ग्रंथों की रचना की, जैसे श्रृंगार प्रकाश और कृत्य कल्पतरू। धर्म संग्रह उसकी रचना नहीं है, इसलिए यह विकल्प सही उत्तर है।

78. निम्न में से किस स्थान पर गुर्जर प्रतिहारों की शाखा का शासन नहीं रहा है?

  • (A) भड़ीच
  • (B) भीनमाल
  • (C) मण्डोर
  • (D) सिरोही

गुर्जर प्रतिहारों की शाखाएँ भड़ौच, भीनमाल और मण्डोर जैसे स्थानों पर थीं, लेकिन सिरोही में उनकी कोई शाखा स्थापित नहीं थी। इसलिए यह सही उत्तर है।

79. निम्न में से भीनमाल शाखा के नागभट्ट प्रथम का उपनाम नहीं था ?

  • (A) नारायण की मूर्ति का प्रतीक
  • (B) इंद्र के दंभ का नाशक
  • (C) जालौर के गुर्जर प्रतिहारों का संस्थापक
  • (D) गुर्जर प्रतिहारों का मूल पुरुष

नागभट्ट प्रथम को कई उपनामों से जाना जाता था, लेकिन गुर्जर प्रतिहारों का मूल पुरुष हरिशचन्द्र को माना जाता है। इसलिए यह उपनाम नागभट्ट प्रथम का नहीं था।

80. बग्रमा लेख' में किस शासक को सम्पूर्ण पृथ्वी को जीतने वाला शासक बताया गया है?

  • (A) वत्सराज को
  • (B) यशपाल को
  • (C) मिहिरभोज को
  • (D) राज्यपाल को

बग्रमा लेख में मिहिरभोज को सम्पूर्ण पृथ्वी को जीतने वाला बताया गया है। यह उसकी व्यापक विजय और साम्राज्य की शक्ति को दर्शाता है।

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