मेवाड़ का गुहिल राजवंश MCQ Questions with Answers

मेवाड़ का गुहिल राजवंश MCQ | Most Expected Questions for All Exams

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक मेवाड़ का गुहिल राजवंश से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें महाराणा भूपाल सिंह, महाराणा फतेह सिंह, महाराणा सज्जन सिंह, महाराणा जवान सिंह, हल्दीघाटी का युद्ध आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, Fireman, Woman Superwiser, REET तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: मेवाड़ का गुहिल राजवंश
  • Last Updated:
  • Content Type: Updated MCQ Practice Set
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1. निम्नलिखित में से कौन महाराणा अमरसिंह प्रथम के काल में मेवाड़ राज्य का दीवान था ?

  • (A) हरिदास झाला
  • (B) शुभकरण
  • (C) जीवाशाह
  • (D) सुंदरदास

1615 ई. में हुई मेवाड़-मुगल संधि के समय जीवाशाह महत्वपूर्ण पद पर था। वह महाराणा अमरसिंह प्रथम के काल में मेवाड़ का दीवान था। इस संधि के तहत वह अजमेर में जहाँगीर के दरबार में भी उपस्थित हुआ था, जिससे उसकी प्रशासनिक भूमिका स्पष्ट होती है।

2. चितौड़ पर विजय प्राप्त करने के पश्चात् अकबर ने मेवाड़ के आस-पास क्षेत्र को कितने परगनों में विभाजित कर दिया ?

  • (A) 24
  • (B) 28
  • (C) 32
  • (D) 36

अकबर ने 1568 ई. में चित्तौड़गढ़ विजय के बाद प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने हेतु मेवाड़ के आसपास के क्षेत्रों को 24 परगनों में विभाजित किया। इसका उद्देश्य क्षेत्र पर बेहतर नियंत्रण स्थापित करना और मुगल प्रशासन को व्यवस्थित रूप से लागू करना था।

3. अकबर ने प्रारम्भ में सागर को कितने सवारों का मनसबदार बनाया?

  • (A) 200
  • (B) 300
  • (C) 2000
  • (D) 3000

उदयसिंह द्वारा जगमाल को उत्तराधिकारी बनाए जाने से नाराज होकर सागर अकबर की सेवा में चला गया। प्रारम्भ में अकबर ने उसे 200 सवारों का मनसबदार बनाया। बाद में उसकी निष्ठा के कारण उसे मुगलों द्वारा मेवाड़ का महाराणा भी घोषित किया गया।

4. मेवाड़ के राज चिह्न में एक ओर भील एवं दूसरी ओर राजपूत के अंकन की प्रथा मेवाड़ शासक के काल में प्रारंभ हुई ।

  • (A) शिलादित्य
  • (B) महाराणा कुंभा
  • (C) महाराणा राजसिंह
  • (D) महाराणा प्रताप

महाराणा प्रताप के समय मेवाड़ के राजचिह्न में एक ओर राजपूत और दूसरी ओर भील का अंकन प्रारम्भ हुआ। यह प्रतीक राजपूतों और भीलों की एकता को दर्शाता है, जिन्होंने मिलकर मुगलों के विरुद्ध संघर्ष किया और मेवाड़ की स्वतंत्रता की रक्षा की।

5. महाराणा प्रताप ने रामा महासहानी को प्रधान के पद से हटाकर उसके स्थान पर किसे नियुक्त किया गया ?

  • (A) भामाशाह कावड़िया
  • (B) ताराचंद
  • (C) रावतभाण
  • (D) नारायण दास

भामाशाह मेवाड़ राज्य के प्रमुख दीवान थे। हल्दीघाटी युद्ध के बाद उन्होंने अपनी सम्पूर्ण संपत्ति महाराणा प्रताप को समर्पित कर दी। उन्होंने मालवा पर आक्रमण कर 25 लाख रुपये एकत्र किए और राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, जिससे संघर्ष जारी रखा जा सका।

6. महाराणा प्रताप से जुड़े प्रमुख स्थानों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए- (अ) मायरा की गुफा छापामार युद्ध के समय महाराणा प्रताप का शास्त्रागार था। (ब) धूलिया/राणा गाँव संकट के समय महाराणा प्रताप व उनका परिवार यहाँ रहता था। (स) गोगुन्दा में महाराणा प्रताप का राजतिलक हुआ था। उपर्युक्त में से सत्य कथन का चयन कीजिए-

  • (A) केवल (अ) सही है।
  • (B) केवल (ब) सही है।
  • (C) (अ), (ब) व (स) सही है।
  • (D) (अ) व (ब) सही है।

दिए गए सभी कथन सही हैं। मायरा की गुफा छापामार युद्ध के दौरान शस्त्रागार के रूप में प्रयुक्त होती थी। धूलिया या राणा गाँव में संकट काल में महाराणा प्रताप का परिवार निवास करता था। गोगुन्दा में ही 1572 ई. में महाराणा प्रताप का राजतिलक हुआ था।

7. 31 अक्टूबर, 1909 ई. को लार्ड मिंटो के उदयपुर आगमन की खुशी में किस महाराणा ने 'मिंटो दरबार हॉल' का निर्माण करवाया ?

  • (A) महाराणा भूपाल सिंह
  • (B) महाराणा फतेह सिंह
  • (C) महाराणा सज्जन सिंह
  • (D) महाराणा जवान सिंह

31 अक्टूबर 1909 को लार्ड मिंटो के उदयपुर आगमन के उपलक्ष्य में महाराणा फतेह सिंह ने मिंटो दरबार हॉल का निर्माण करवाया। यह भवन मेवाड़ राज्य की औपनिवेशिक कालीन वास्तुकला और ब्रिटिश संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है।

8. अकबर ने महाराणा प्रताप को अपनी अधीनता स्वीकार करवाने के लिए टोडरमल को कब भेजा था?

  • (A) दिसम्बर 1572 ई.
  • (B) जून 1572 ई.
  • (C) सितम्बर 1573 ई.
  • (D) दिसम्बर 1573 ई.

अकबर ने प्रताप को अधीनता स्वीकार करवाने के लिए क्रमशः निम्न 4 शिष्टमंडल भेजे थे। 1. जलाल खाँ कोरची : नवम्बर 1572 ई. 2. मानसिंह कच्छवाहा : जून 1573 ई. 3. भगवन्तदास : सितम्बर 1573 ई. 4. टोडरमल : दिसम्बर 1573 ई.,

9. निम्न में से किसने खानवा के युद्ध में राणा सांगा का साथ छोड़कर बाबर का साथ दिया?

  • (A) रावत रतनसिंह
  • (B) बाघसिंह
  • (C) सलहदी तंवर
  • (D) वीरमदेव मेड़तिया

खानवा के युद्ध (1527 ई.) में सलहदी तंवर ने राणा सांगा का साथ छोड़कर बाबर का साथ दिया। हालांकि इतिहासकारों के अनुसार उसने युद्ध के अंतिम चरण में पक्ष बदला था, इसलिए इसे राणा सांगा की पराजय का मुख्य कारण नहीं माना जाता।

10. निम्नलिखित सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए- सूची-1 (महाराणा) सूची-II (राज्यारोहण) (A) महाराणा कुम्भा (i) 1572 ई. (B) महाराणा सांगा (ii) 1433 ई. (C) महाराणा उदयसिंह (iii) 1537 ई. (D) महाराणा प्रताप (iv) 1509 ई.

  • (A) A-ii, B-iv, C-iii, D-i
  • (B) A-i, B-ii, C-iii, D-iv
  • (C) A-iv, B-iii, C-ii, D-i
  • (D) A-iii, B-i, C-iv, D-ii

महाराणा कुम्भा का राज्यारोहण 1433 ई. में हुआ, महाराणा सांगा का 1509 ई. में, महाराणा उदयसिंह का 1537 ई. में तथा महाराणा प्रताप का 1572 ई. में हुआ। अतः सही मिलान A-ii, B-iv, C-iii, D-i है, जो विकल्प A में दिया गया है।

11. कर्नल टॉड ने सेठ जोरावरमल को इंदौर से बुलाकर किस राज्य का बैंकर तथा कोषाध्यक्ष नियुक्त किया ?

  • (A) उदयपुर
  • (B) जयपुर
  • (C) मारवाड़
  • (D) सिरोही

कर्नल जेम्स टॉड ने प्रशासनिक व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु सेठ जोरावरमल को इंदौर से बुलाकर उदयपुर (मेवाड़) राज्य का बैंकर एवं कोषाध्यक्ष नियुक्त किया। इससे राज्य की आर्थिक व्यवस्था को व्यवस्थित और मजबूत करने में सहायता मिली।

12. किस मेवाड़ शासक के शासनकाल में शाहजहाँ ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर जियारत करने अजमेर आया था?

  • (A) महाराणा राजसिंह प्रथम
  • (B) महाराणा जगतसिंह प्रथम
  • (C) महाराणा अमरसिंह द्वितीय
  • (D) महाराणा कर्णसिंह

1643 ई. में बादशाह शाहजहाँ ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर जियारत करने अजमेर आया उसके साथ एक बड़ी सेना थी। महाराणा जगतसिंह ने युवराज राजसिंह को बादशाह की सेवा में अजमेर भेजा ।

13. महाराणा उदयसिंह ने उदयपुर कब बसाया था?

  • (A) 1527 ई.
  • (B) 1544 ई.
  • (C) 1459 ई.
  • (D) 1559 ई.

महाराणा उदयसिंह ने योगी प्रेमगिरी की सलाह से 1559 ई. में उदयपुर नगर बसाया। इसके साथ ही उदयसागर झील का निर्माण कराया और चित्तौड़ के स्थान पर उदयपुर को नई राजधानी बनाया, जो आगे चलकर मेवाड़ का प्रमुख केंद्र बना।

14. मेवाड़ की गद्दी पर राणा सांगा के राज्याभिषेक के समय दिल्ली का शासक कौन था ?

  • (A) महमूद खिलजी द्वितीय
  • (B) इब्राहिम लोदी
  • (C) सिकंदर लोदी
  • (D) बाबर

राणा सांगा का राज्याभिषेक लगभग 1509 ई. में हुआ था। उस समय दिल्ली पर सिकंदर लोदी का शासन था (1489-1517 ई.)। इसलिए राणा सांगा के राज्यारोहण के समय दिल्ली का शासक सिकंदर लोदी था।

15. महाराणा सांगा की समाधि कहाँ पर स्थित है?

  • (A) खानवा
  • (B) मांडलगढ़
  • (C) कालपी
  • (D) बांडोली

महाराणा सांगा की मृत्यु 30 जनवरी 1528 ई. को कालपी में हुई थी, लेकिन उनकी स्मृति में छतरी (समाधि स्थल) मांडलगढ़ में बनाई गई। इसलिए उनकी समाधि मांडलगढ़ में स्थित मानी जाती है।

16. मेवाड़ के किस शासक के समय जावर में चाँदी की खान निकली थी?

  • (A) उदयसिंह
  • (B) राणा लाखा
  • (C) क्षेत्रसिंह
  • (D) राणा हम्मीर

जावर (उदयपुर के पास) में चाँदी की प्रसिद्ध खान राणा लाखा के समय खोजी गई थी। इससे मेवाड़ की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई और राज्य को समृद्धि प्राप्त हुई। राणा लाखा के शासनकाल में खनन गतिविधियों का विशेष विकास हुआ।

17. अकबर द्वारा महाराणा को अधीनता के लिए समझाने हेतु भेजे गये व्यक्तियों का सही क्रम है-

  • (A) जलाल खाँ, मानसिंह प्रथम, टोडरमल, भगवंतदास
  • (B) भगवंतदास, मानसिंह प्रथम, जलाल खाँ, टोडरमल
  • (C) जगन्नाथ कछवाहा, मानसिंह प्रथम, भगवंतदास, जलाल खाँ
  • (D) जलाल खाँ, मानसिंह प्रथम, भगवंतदास, टोडरमल

अकबर ने महाराणा प्रताप को अधीनता स्वीकार करवाने हेतु क्रमशः चार दूत भेजे—पहले जलाल खाँ (1572), फिर मानसिंह (1573), उसके बाद भगवंतदास (1573) और अंत में टोडरमल (1573)। यह क्रम इतिहास में स्पष्ट रूप से उल्लेखित है।

18. राजस्थान में स्थापत्य कला का जनक कहा जाता है?

  • (A) राणा सांगा
  • (B) राणा कुंभा
  • (C) सवाई जयसिंह
  • (D) राव जोधा

राणा कुंभा को राजस्थान में स्थापत्य कला का जनक कहा जाता है। उनके काल में कुम्भलगढ़ दुर्ग, विजय स्तंभ जैसे भव्य निर्माण हुए। उन्होंने वास्तुकला, संगीत और साहित्य के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

19. मेवाड़ के किस शासक के समय वृंदावन से लाई गई श्रीनाथ जी की प्रतिमा सिहाड़ ग्राम (नाथद्वारा) में स्थापित की गई थी?

  • (A) जगतसिंह प्रथम
  • (B) जगतसिंह द्वितीय
  • (C) कर्ण सिंह
  • (D) राजसिंह प्रथम

श्रीनाथजी की मूर्ति को औरंगजेब के अत्याचारों से बचाने हेतु वृंदावन से मेवाड़ लाया गया और राजसिंह प्रथम के समय सिहाड़ (नाथद्वारा) में स्थापित किया गया। यह स्थान आज प्रमुख वैष्णव तीर्थ के रूप में प्रसिद्ध है।

20. महाराणा प्रताप की संकटकालीन राजधानी थी?

  • (A) चावण्ड
  • (B) गोगुन्दा
  • (C) हल्दीघाटी
  • (D) बांडोली

दिवेर के युद्ध के बाद 1585 ई. से चावण्ड को महाराणा प्रताप ने अपनी संकटकालीन राजधानी बनाया। लगभग 29 वर्षों तक यह मेवाड़ की राजधानी रही और यहीं से उन्होंने मुगलों के विरुद्ध संघर्ष जारी रखा।

21. मेवाड़ के किस शासक के समय शाहजहाँ ने मेवाड़ से प्रतापगढ़ को अलग कर दिया था?

  • (A) अमरसिंह प्रथम
  • (B) जगतसिंह द्वितीय
  • (C) अमरसिंह द्वितीय
  • (D) जगतसिंह प्रथम

शाहजहाँ के काल में मेवाड़ से प्रतापगढ़ को अलग किया गया। यह घटना महाराणा जगतसिंह प्रथम के शासनकाल में हुई थी। इससे मेवाड़ के क्षेत्रीय नियंत्रण में कमी आई और प्रशासनिक पुनर्गठन हुआ।

22. मेवाड़ का कौनसा शासक अकबर के समकालीन नहीं था?

  • (A) उदयसिंह
  • (B) अमरसिंह प्रथम
  • (C) कर्ण सिंह
  • (D) राणा प्रताप

कर्ण सिंह का शासनकाल 1620-1628 ई. तक रहा, जबकि अकबर का शासनकाल 1556-1605 ई. तक था। इसलिए कर्ण सिंह अकबर के समकालीन नहीं थे, जबकि अन्य शासक उसी काल में थे।

23. हल्दीघाटी के युद्ध को अबुल फजल ने क्या कहा था?

  • (A) हल्दीघाटी का युद्ध
  • (B) राजसमंद का युद्ध
  • (C) गोगुन्दा का युद्ध
  • (D) खमनोर का युद्ध

अबुल फजल ने अपने ग्रंथ आइन-ए-अकबरी में हल्दीघाटी के युद्ध को खमनोर का युद्ध कहा है। खमनोर उस क्षेत्र का नाम है जहाँ यह युद्ध लड़ा गया था।

24. कर्नल जेम्स टॉड ने 'मेवाड़ का थर्मोपल्ली' हल्दीघाटी को कहा, तो बताएं कि हल्दीघाटी किस जिले में है?

  • (A) चित्तौड़गढ़
  • (B) उदयपुर
  • (C) राजसमंद
  • (D) पाली

हल्दीघाटी राजस्थान के राजसमंद जिले में स्थित है। कर्नल जेम्स टॉड ने इसे मेवाड़ का थर्मोपल्ली कहा क्योंकि यहाँ हुआ युद्ध वीरता और बलिदान का प्रतीक माना जाता है।

25. राणा कुम्भा को निम्न में से किस नाम से नहीं जाना जाता है?

  • (A) राय पिथोरा
  • (B) हिन्दू सुरताण
  • (C) अभिनव भरताचार्य
  • (D) राणा-रासो

राणा कुम्भा को हिन्दू सुरताण और अभिनव भरताचार्य जैसे उपाधियों से जाना जाता है। राय पिथोरा उपाधि पृथ्वीराज चौहान के लिए प्रयुक्त होती है, इसलिए यह राणा कुम्भा के लिए सही नहीं है।

26. राजसमंद झील की पाल पर लगी राजप्रशस्ति के लेखक कौन थे?

  • (A) रणछोड़ भट्ट
  • (B) पुण्डरीक रत्नाकर
  • (C) मण्डन
  • (D) विद्याधर भट्टाचार्य

राजसमंद झील की पाल पर लगी राजप्रशस्ति का लेखन रणछोड़ भट्ट ने किया था। यह संस्कृत में लिखी गई विश्व की सबसे बड़ी शिलालेख प्रशस्ति मानी जाती है, जिसमें मेवाड़ के इतिहास और महाराणा राजसिंह के कार्यों का वर्णन मिलता है।

27. हल्दीघाटी के युद्ध में कौनसा इतिहासकार उपस्थित था?

  • (A) अमीर खुसरो
  • (B) अब्दुल कादिर बदायुनी
  • (C) अबुल फजल
  • (D) अब्बास खाँ शेरवानी

अब्दलु कादिर बदायुनी ने हल्दीघाटी का आँखों देखा हाल मुन्तखब-उत-तवारिख में लिखा है। इन्होंने इसे गोगुन्दा का युद्ध कहा है।

28. कर्नल जेम्स टॉड ने किस युद्ध को 'मेवाड़ का मेराथन' कहा?

  • (A) हल्दीघाटी
  • (B) दिवेर
  • (C) चावण्ड
  • (D) बांडोली

कर्नल जेम्स टॉड ने दिवेर के युद्ध को मेवाड़ का मेराथन कहा है। यह युद्ध 1582 ई. में हुआ था और इसमें महाराणा प्रताप ने मुगलों पर निर्णायक विजय प्राप्त की थी, जिससे मेवाड़ की शक्ति पुनः स्थापित हुई।

29. मेवाड़ का भीष्म पितामह' किसे कहा जाता है?

  • (A) राणा कुम्भा
  • (B) कुँवर चुंडा
  • (C) राव जोधा
  • (D) राव सीहा

कुँवर चुंडा को मेवाड़ का भीष्म पितामह कहा जाता है। उन्होंने अपने पिता राणा लाखा के कहने पर उत्तराधिकार का त्याग कर दिया और आजीवन राज्य की सेवा की, जो महाभारत के भीष्म पितामह के त्याग की तरह माना जाता है।

30. भक्ति रस कवयित्री मीराबाई थी-

  • (A) मेवाड़ के राणा सांगा के पुत्र भोजराज की पत्नी
  • (B) भोजराज की पुत्री एवं राणा रतन सिंह की पत्नी
  • (C) जोधपुर के भोजराज की पत्नी एवं रतनसिंह की पुत्री
  • (D) मेवाड़ के शासक चन्द्रसिंह की पुत्री

मीराबाई भक्ति आंदोलन की प्रसिद्ध संत कवयित्री थीं। उनका विवाह मेवाड़ के शासक राणा सांगा के पुत्र भोजराज से हुआ था। वे कृष्ण भक्ति में लीन रहती थीं और उनकी रचनाएँ आज भी अत्यंत लोकप्रिय हैं।

31. खानवा (बयाना) का युद्ध कब हुआ?

  • (A) 1527 ई.
  • (B) 1544 ई.
  • (C) 1301 ई.
  • (D) 1557 ई.

खानवा का युद्ध 1527 ई. में राणा सांगा और बाबर के बीच हुआ था। यह युद्ध राजस्थान के बयाना के पास लड़ा गया और इसमें बाबर की विजय हुई, जिससे भारत में मुगल सत्ता और मजबूत हुई।

32. मेवाड़ के शासक अपने कुल देवता... स्वयं को उसका दीवान मानकर शासन करते थे। को वास्तविक शासक व

  • (A) श्रीनाथ जी
  • (B) एकलिंग जी
  • (C) द्वारिकाधीश
  • (D) सांवलिया जी

मेवाड़ के शासक अपने कुलदेवता एकलिंगजी को राज्य का वास्तविक शासक मानते थे और स्वयं को उनका दीवान कहते थे। एकलिंगनाथ मंदिर का निर्माण बप्पा रावल ने कराया था और यह मेवाड़ की धार्मिक एवं राजनीतिक आस्था का केंद्र था।

33. 1576 ई. में अकबर व राणा प्रताप के मध्य हुए युद्ध को निम्न में से किस नाम से नही जाना जाता है?

  • (A) मेवाड़ की धर्मोपली
  • (B) राजसमंद का युद्ध
  • (C) गोगुन्दा का युद्ध
  • (D) खमनोर का युद्ध

कर्नल टॉड ने इस युद्ध को मेवाड़ की धर्मोपली कहा, अब्दुल कादिर बदायुनी ने इसे गोगुंदा का युद्ध कहा तथा अबुल फजल ने इसे खमनोर का युद्ध कहा।

34. महाराणा सांगा के राज्यारोहण के समय मालवा का शासक कौन था?

  • (A) महमूद खिलजी द्वितीय
  • (B) इब्राहिम लोदी
  • (C) कुतुबुद्दीन
  • (D) नासिरूद्दीन

राणा सांगा के राज्यारोहण (1509 ई.) के समय मालवा पर नासिरूद्दीन का शासन था। यह काल मालवा सल्तनत के पतन का दौर था और मेवाड़ की शक्ति इस समय चरम पर थी।

35. 1303 ई. में चित्तौड़ विजित कर अलाउद्दीन खिलजी ने उसका क्या नाम रखा ?

  • (A) खैराबाद
  • (B) खिज्राबाद
  • (C) जलालाबाद
  • (D) खिलजीबाद

1303 ई. में चित्तौड़ विजय के बाद अलाउद्दीन खिलजी ने अपने पुत्र खिज्र खाँ के नाम पर इसका नाम खिज्राबाद रखा। यह नामकरण उसके विजय के प्रतीक के रूप में किया गया था।

36. सुमेलित कीजिये - रियासत - संबंधित राजवंश A. मारवाड़ - i. प्रतिहार व राठौड़ B. मेवाड़ - ii. भाटी राजवंश C. आमेर - iii. मौर्य व गुहिल वंड D. सांभर - iv. कच्छवाह वंश E. जैसलमेर - v. चौहान वंश

  • (A) A-i, B-iii, C-iv, D-v, E-ii
  • (B) A-ii, B-i, C-iii, D-iv, E-v
  • (C) A-iii, B-ii, C-i, D-v, E-iv
  • (D) A-v, B-iv, C-ii, D-i, E-iii

मारवाड़ में प्रतिहार व राठौड़, मेवाड़ में मौर्य व गुहिल वंश, आमेर में कच्छवाह वंश, सांभर में चौहान वंश तथा जैसलमेर में भाटी राजवंश का शासन रहा। इसलिए सही मिलान A-i, B-iii, C-iv, D-v, E-ii है।

37. मुन्तखब-उल-तवारिख' में किस युद्ध का वर्णन है?

  • (A) जालौर का युद्ध
  • (B) मावली का युद्ध
  • (C) हल्दीघाटी का युद्ध
  • (D) खानवा का युद्ध

मुन्तखब-उल-तवारिख' के लेखक अब्दुल कादिर बदायुनी हैं। इस ग्रंथ में हल्दीघाटी के युद्ध का विस्तृत वर्णन मिलता है। बदायुनी स्वयं इस युद्ध में उपस्थित था, इसलिए इसका विवरण प्रत्यक्षदर्शी के रूप में महत्वपूर्ण माना जाता है।

38. हिन्दूपत' नाम से कौन प्रसिद्ध हुआ?

  • (A) राणा कुंभा
  • (B) राणा साँगा
  • (C) राणा प्रताप
  • (D) राणा लाखा

राणा सांगा को हिन्दूपत की उपाधि दी गई थी, जिसका अर्थ है हिन्दुओं का प्रमुख या नेता। उन्होंने अनेक राजपूत राज्यों को संगठित कर विदेशी आक्रमणकारियों के विरुद्ध संघर्ष किया, जिससे उन्हें यह उपाधि प्राप्त हुई।

39. चित्तौड़गढ़ किले में स्थित कीर्तिस्तम्भ में 'कीर्तिस्तम्भ प्रशस्ति' के लेखक कौन थे?

  • (A) जेता, कुंपा
  • (B) जैता, नापा
  • (C) अत्रि, महेश
  • (D) ब्रह्म, विष्णु

चित्तौड़गढ़ के कीर्तिस्तंभ में अंकित प्रशस्ति के लेखक अत्रि और महेश थे। इस प्रशस्ति में मेवाड़ के शासकों की उपलब्धियों और इतिहास का वर्णन मिलता है, जो उस समय की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक जानकारी प्रदान करता है।

40. राणा कीका' व 'पातल' नाम से किसे जाना जाता है?

  • (A) राणा कुंभा
  • (B) राणा प्रताप
  • (C) राणा लाखा
  • (D) राणा मोकल

महाराणा प्रताप को कीका और पातल नामों से भी जाना जाता था। कीका नाम उनके बचपन का था, जबकि पातल नाम उनके साहस और वीरता को दर्शाने के लिए प्रयुक्त होता था।

41. राणा कुंभा की हत्या किसने की?

  • (A) चाचा व मेरा ने
  • (B) ऊदा ने
  • (C) मण्डन ने
  • (D) बनवीर ने

राणा कुंभा की हत्या उनके ही पुत्र ऊदा (उदयसिंह प्रथम) ने 1468 ई. में की थी। यह घटना मेवाड़ के इतिहास की एक दुखद घटना मानी जाती है, जिसमें सत्ता के लालच में पुत्र ने पिता की हत्या कर दी।

42. कुम्भलगढ़ प्रशस्ति में 'विषम घाटी पंचानन' की संज्ञा किसे दी गई?

  • (A) राणा कुम्भा
  • (B) राणा हमीर
  • (C) राणा प्रताप
  • (D) राणा लाखा

कुम्भलगढ़ शिलालेख (1640 ई.) की चौथी शिला के हम्मीर को विषमघाटी पंचानन अर्थात् विकट आक्रमणों में सिंह के समान बताया है।

43. जो दृढ़ राखै धर्म को तिहिं राखै करतार' ये पंक्ति किस राज्य के राजचिह्न में अंकित थी?

  • (A) जोधपुर
  • (B) उदयपुर
  • (C) जैसलमेर
  • (D) जयपुर

यह पंक्ति मेवाड़ (उदयपुर) राज्य के राजचिह्न में अंकित थी। इसका अर्थ है कि जो व्यक्ति धर्म की रक्षा करता है, भगवान उसकी रक्षा करते हैं। यह मेवाड़ के शासकों की धार्मिक निष्ठा और कर्तव्य भावना को दर्शाता है।

44. 1326 ई. में चित्तौड़ में गुहिल वंश की सिसोदिया शाखा की नींव किसने डाली ?

  • (A) राणा कुंभा
  • (B) बप्पा रावल
  • (C) राणा हम्मीर
  • (D) राणा लाखा

हम्मीर सिसोदिया ने 1326 ई. में चित्तौड़ पर अधिकार कर सिसोदिया वंश की स्थापना की। उन्होंने शत्रुओं को पराजित कर मेवाड़ की स्वतंत्रता पुनः स्थापित की और सिसोदिया शाखा की नींव रखी।

45. संगीतराज, रसिक प्रिया टीका, कामराजरतिसार, संगीत मीमांसा इत्यादि किसकी रचनाएँ है-

  • (A) राणा कुंभा
  • (B) सवाई जयसिंह
  • (C) जसवन्तसिंह राठौड़
  • (D) राजा मानसिंह

राणा कुंभा न केवल महान शासक थे, बल्कि विद्वान भी थे। उन्होंने संगीत और साहित्य के क्षेत्र में अनेक ग्रंथों की रचना की, जैसे संगीतराज, संगीत मीमांसा आदि, जिससे उनकी विद्वत्ता का पता चलता है।

46. 1535 ई. में गुजरात के सुल्तान बहादुरशाह के चित्तौड़ पर आक्रमण के समय रानी कर्णावती ने किसको सहायता हेतु राखी भेजी ?

  • (A) अकबर
  • (B) हुमायूँ
  • (C) शेरशाह सुरी
  • (D) राव मालदेव

1535 ई. में बहादुरशाह के आक्रमण के समय रानी कर्णावती ने मुगल सम्राट हुमायूँ को राखी भेजकर सहायता मांगी। यह घटना इतिहास में राखी की परंपरा और राजनीतिक संबंधों का महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जाती है।

47. रमाबाई किसकी पुत्री थी, जो वागीश्वरी उपनाम से जानी गयी-

  • (A) राणा सांगा
  • (B) राणा कुम्भा
  • (C) सवाई जयसिंह
  • (D) महाराव भीमसिंह

रमाबाई राणा कुंभा की पुत्री थी और उन्हें वागीश्वरी उपनाम से जाना जाता था। वे विदुषी और साहित्य प्रेमी थीं, जिससे मेवाड़ में सांस्कृतिक उन्नति का भी पता चलता है।

48. अलाउद्दीन खिलजी व राणा रतनसिंह के बीच चित्तौड़ का ऐतिहासिक युद्ध कब हुआ ?

  • (A) 1301 ई.
  • (B) 1303 ई.
  • (C) 1534 ई.
  • (D) 1576 ई.

1303 ई. में अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ पर आक्रमण किया और राणा रतनसिंह के साथ युद्ध हुआ। इस युद्ध में चित्तौड़ पर खिलजी का अधिकार हो गया और यह घटना इतिहास में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

49. किस राजा के काल में रणकपुर के जैन मन्दिर का निर्माण हुआ?

  • (A) राणा मोकल
  • (B) बप्पा रावल
  • (C) राणा कुम्भा
  • (D) राणा लाखा

महाराणा कुम्भा के शासनकाल में धरणकशाह ने रणकपुर में आदिनाथ भगवान को समर्पित भव्य जैन मंदिर का निर्माण करवाया। यह मंदिर अपनी स्थापत्य कला और सुंदर नक्काशी के लिए विश्व प्रसिद्ध है।

50. निम्न में से कहाँ पर महाराणा प्रताप की छतरी है?

  • (A) चावण्ड
  • (B) गोगुन्दा
  • (C) हल्दीघाटी
  • (D) बांडोली

महाराणा प्रताप की मृत्यु 19 जनवरी, 1597 को चावण्ड (सलूम्बर) में हुई तथा इनकी छतरी बांडोली (सलूम्बर) में स्थित है।

51. महाराणा प्रताप का राज्याभिषेक कहाँ हुआ था ?

  • (A) गोगुन्दा
  • (B) चावण्ड
  • (C) बाण्डोली
  • (D) पाली

महाराणा प्रताप का दो बार राज्याभिषेक हुआ। प्रथम राज्याभिषेक 28 फरवरी, 1572 ई. को गोगुन्दा में तथा बाद में कुम्भलगढ़ में भी राज्याभिषेक किया गया।

52. मारवाड़ की हंसाबाई का विवाह चित्तौड़ के किस राजा के साथ हुआ ?

  • (A) राणा मोकल
  • (B) राणा कुंभा
  • (C) राणा लाखा
  • (D) राणा चूँडा

मारवाड़ की हंसाबाई का विवाह मेवाड़ के शासक राणा लाखा के साथ हुआ था। यह विवाह राजनैतिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया था और इससे दोनों राज्यों के बीच संबंध सुदृढ़ हुए।

53. महाराणा प्रताप ने लगभग कितने वर्षों तक शासन किया था?

  • (A) 22 वर्ष
  • (B) 24 वर्ष
  • (C) 27 वर्ष
  • (D) 31 वर्ष

महाराणा प्रताप का राज्याभिषेक 28 फरवरी, 1572 ई. को हुआ व तथा उनकी मृत्यु 19 जनवरी, 1597 ई. को हुई।

54. अकबर ने राणा प्रताप को समझाने के लिए दूत के रूप में सबसे पहले किसे भेजा था?

  • (A) मानसिंह प्रथम
  • (B) भगवंतदास
  • (C) जगन्नाथ कछवाह
  • (D) जलाल खाँ

अकबर ने महाराणा प्रताप को अधीनता स्वीकार करवाने के लिए सबसे पहले जलाल खाँ को 1572 ई. में दूत के रूप में भेजा था। इसके बाद अन्य दूतों को भी भेजा गया, लेकिन प्रताप ने अधीनता स्वीकार नहीं की।

55. किस राजपूत सरदार ने खानवा के युद्ध में राणा सांगा के घायल हो जाने के बाद उनका राज्य चिह्न धारण करके युद्ध करना जारी रखा था?

  • (A) झाला अज्जा
  • (B) झाला बीदा
  • (C) जयमल राठौड़
  • (D) रामशाह तंवर

खानवा के युद्ध में जब राणा सांगा घायल हो गए, तब झाला अज्जा ने उनका राजचिह्न धारण कर युद्ध जारी रखा। इससे सेना का मनोबल बना रहा और उन्होंने अद्भुत वीरता का परिचय दिया।

56. प्रताप की सेना का पठान सेनानायक था-

  • (A) जलाल खा
  • (B) आसफ खां
  • (C) हकीम खां
  • (D) भोर खां

महाराणा प्रताप की सेना में हकीम खां सूर पठान सेनानायक थे। उन्होंने हल्दीघाटी के युद्ध में मुगलों के विरुद्ध प्रताप का साथ दिया और वीरता से युद्ध किया, जो हिन्दू-मुस्लिम एकता का उदाहरण भी है।

57. मुहणौत नैणसी री ख्यात में गुहिलों की कितनी शाखाओं का जिक्र किया गया है?

  • (A) 22
  • (B) 24
  • (C) 27
  • (D) 31

मुहणौत नैणसी की ख्यात में गुहिल वंश की 24 शाखाओं का उल्लेख मिलता है। यह ग्रंथ राजस्थान के इतिहास का महत्वपूर्ण स्रोत है, जिसमें विभिन्न राजवंशों की जानकारी दी गई है।

58. मेवाड़ के शासकों द्वारा अपनी राजधानी छोड़ने से पूर्व एकलिंग जी से स्वीकृति लेना क्या कहलाता था?

  • (A) पाती परेवन
  • (B) पाती मांगना
  • (C) परवाना लेना
  • (D) आसकां लेना

मेवाड़ के शासक अपने कुलदेवता एकलिंगजी को वास्तविक शासक मानते थे। इसलिए राजधानी छोड़ने से पहले उनसे अनुमति लेना आसकां लेना कहलाता था, जो धार्मिक आस्था और परंपरा को दर्शाता है।

59. 17 जुलाई, 1734 ई. को 'हुरड़ा सम्मेलन' (भीलवाड़ा) की अध्यक्षता मेवाड़ के किस महाराणा ने की थी?

  • (A) संग्राम सिंह द्वितीय
  • (B) जगतसिंह द्वितीय
  • (C) राजसिंह द्वितीय
  • (D) भीमसिंह

1734 ई. में हुरड़ा सम्मेलन का आयोजन मराठों के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए किया गया था। इसकी अध्यक्षता मेवाड़ के महाराणा जगतसिंह द्वितीय ने की थी, जिसमें विभिन्न राजपूत शासकों ने भाग लिया।

60. मेवाड़ के किस महाराणा के समय मेवाड़ भील कोर की स्थापना की गई थी?

  • (A) सरदार सिंह
  • (B) स्वरूप सिंह
  • (C) सज्जन सिंह
  • (D) शम्भू सिंह

मेवाड़ भील कोर की स्थापना महाराणा सरदार सिंह के समय की गई थी। इसका उद्देश्य भील समुदाय को सैन्य संगठन में शामिल करना और क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत करना था।

61. मेवाड़ के किस महाराणा को 'ग्रेन्ड कमांडर ऑफ दी स्टार ऑफ दी इंडिया' की उपाधि दी गई थी?

  • (A) सरदार सिंह
  • (B) स्वरूप सिंह
  • (C) भीमसिंह
  • (D) शम्भू सिंह

महाराणा शम्भू सिंह को ब्रिटिश सरकार द्वारा ग्रैंड कमांडर ऑफ द स्टार ऑफ इंडिया की उपाधि दी गई थी। यह उपाधि उनकी निष्ठा और प्रशासनिक सहयोग के लिए प्रदान की गई थी।

62. 1857 की क्रांति के समय अंग्रेजों का साथ देने वाला मेवाड़ महाराणा था?

  • (A) सरदार सिंह
  • (B) स्वरूप सिंह
  • (C) सज्जन सिंह
  • (D) शम्भू सिंह

1857 की क्रांति के समय मेवाड़ के महाराणा स्वरूप सिंह ने अंग्रेजों का साथ दिया था। उन्होंने विद्रोह को दबाने में अंग्रेजों की सहायता की, जिसके बदले उन्हें अंग्रेजों से समर्थन और संरक्षण मिला।

63. देबारी समझौते में मेवाड़ का कौनसा महाराणा शामिल था ?

  • (A) अमरसिंह द्वितीय
  • (B) स्वरूप सिंह
  • (C) सज्जन सिंह
  • (D) जय सिंह द्वितीय

देबारी समझौता मेवाड़ के महाराणा अमरसिंह द्वितीय के समय हुआ था। यह समझौता क्षेत्रीय शांति और राजनीतिक संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया था।

64. उदयपुर के प्रसिद्ध जगदीश मंदिर (जगन्नाथराय मंदिर) का निर्माण किस शासक ने करवाया था?

  • (A) जगतसिंह प्रथम
  • (B) जगतसिंह द्वितीय
  • (C) कर्ण सिंह
  • (D) शम्भू सिंह

उदयपुर का प्रसिद्ध जगदीश मंदिर महाराणा जगतसिंह प्रथम द्वारा बनवाया गया था। यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है और अपनी भव्य वास्तुकला तथा धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।

65. मुगलों की अधीनता स्वीकार करने वाला प्रथम मेवाड़ शासक था ?

  • (A) जगतसिंह प्रथम
  • (B) जगतसिंह द्वितीय
  • (C) अमरसिंह द्वितीय
  • (D) अमरसिंह प्रथम

मेवाड़ के महाराणा अमरसिंह प्रथम ने 1615 ई. में मुगलों के साथ संधि कर उनकी अधीनता स्वीकार की थी। यह संधि जहाँगीर के साथ हुई थी और इससे लंबे समय से चला आ रहा संघर्ष समाप्त हुआ।

66. महाराणा सांगा ने इब्राहिम लोदी को किस युद्ध में परास्त किया था?

  • (A) खानवा का युद्ध
  • (B) खातोली का युद्ध
  • (C) सारंगपुर का युद्ध
  • (D) ईडर का युद्ध

महाराणा सांगा ने इब्राहिम लोदी को खातोली के युद्ध में पराजित किया था। यह युद्ध 1518 ई. के आसपास हुआ था, जिसमें सांगा की वीरता और सैन्य क्षमता का परिचय मिलता है।

67. मेवाड़ के प्रथम पॉलिटकल एजेंट कर्नल जेम्स टॉड की नियुक्ति किस शासक के शासनकाल में की गई?

  • (A) जवान सिंह
  • (B) अरिसिंह
  • (C) भीम सिंह
  • (D) प्रताप सिंह

कर्नल जेम्स टॉड को मेवाड़ का पहला राजनीतिक एजेंट महाराणा भीम सिंह के शासनकाल में नियुक्त किया गया था। उन्होंने राजस्थान के इतिहास और संस्कृति पर महत्वपूर्ण लेखन भी किया।

68. मेवाड़ के सिसोदिया वंश के अंतिम शासक कौन थे?

  • (A) महाराणा फतेहसिंह
  • (B) महाराणा भूपालसिंह
  • (C) महाराणा सज्जनसिंह
  • (D) महाराणा शम्भूसिंह

महाराणा भूपाल सिंह का शासन 1930 ई. से 1955 ई. तक रहा। इन्हें 30 मार्च, 1949 ई. को राजस्थान का महाराज प्रमुख बनाया गया, जो आजीवन इस पद पर कार्यरत रहे।

69. केसरीसिंह बारहठ द्वारा लिखे गए 'चेतावनी रा चुगट्या' पढ़कर मेवाड़ महाराणा फतेहसिंह ने किस दरबार में भाग नहीं लिया ?

  • (A) लॉर्ड मेयो का अजमेर दरबार-1870
  • (B) लॉर्ड लिटन का दिल्ली दरबार-1877
  • (C) एडवर्ड सप्तम का दिल्ली दरबार-1903
  • (D) जार्ज पंचम का दिल्ली दरबार-1911

केसरीसिंह बारहठ द्वारा लिखे गए चेतावनी रा चुगट्या से प्रभावित होकर महाराणा फतेहसिंह ने 1903 के दिल्ली दरबार में भाग लेने से इंकार कर दिया। यह दरबार एडवर्ड सप्तम के राज्याभिषेक के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।

70. मेवाड़ के किस महाराणा ने शासन प्रबन्ध व न्याय कार्य के लिए 'महेन्द्रराज सभा' का गठन किया?

  • (A) महाराणा फतेहसिंह
  • (B) महाराणा भूपालसिंह
  • (C) महाराणा सज्जनसिंह
  • (D) महाराणा शम्भूसिंह

महाराणा सज्जनसिंह ने प्रशासन और न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए महेन्द्रराज सभा का गठन किया। इसका उद्देश्य शासन में सुधार लाना और न्यायिक कार्यों को व्यवस्थित रूप से संचालित करना था।

71. आहड़ की महासतियों में सबसे पहली छतरी किसकी है?

  • (A) अमरसिंह प्रथम
  • (B) जगतसिंह द्वितीय
  • (C) अमरसिंह द्वितीय
  • (D) जगतसिंह प्रथम

आहड़ की महासतियों में सबसे पहली छतरी महाराणा अमरसिंह प्रथम की मानी जाती है। यह स्थल मेवाड़ के शासकों की स्मृति में निर्मित छतरियों के लिए प्रसिद्ध है और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

72. 1818 ई. में ईस्ट इंडिया कम्पनी के साथ संधि के समय मेवाड़ के महाराणा कौन थे?

  • (A) अमरसिंह द्वितीय
  • (B) भीमसिंह
  • (C) कर्ण सिंह
  • (D) अमरसिंह प्रथम

1818 ई. में मेवाड़ ने ईस्ट इंडिया कम्पनी के साथ संधि की थी। उस समय महाराणा भीमसिंह शासक थे। इस संधि के बाद मेवाड़ ब्रिटिश संरक्षण में आ गया और राजनीतिक व्यवस्था में परिवर्तन आया।

73. किस राजपूत रानी ने हुमायूँ के पास राखी भेजकर बहादुरशाह के खिलाफ सहायता का संदेश भेजा था?

  • (A) रानी पद्मिनी
  • (B) रानी हाड़ा
  • (C) रानी कृष्णवती
  • (D) रानी कर्मावती

1535 ई. में गुजरात के सुल्तान बहादुरशाह के आक्रमण के समय रानी कर्मावती ने मुगल सम्राट हुमायूँ को राखी भेजकर सहायता मांगी थी। यह घटना राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है।

74. 1657 ई. मे मुगल उत्तराधिकारी संघर्ष में मेवाड़ के किस महाराणा से औरंगजेब ने सहायता प्राप्त करने का प्रयास किया था?

  • (A) महाराणा करणसिंह
  • (B) महाराणा जगतसिंह
  • (C) महाराणा जयसिंह
  • (D) महाराणा राजसिंह

मुगल उत्तराधिकारी संघर्ष में महाराणा राजसिंह को औरंगजेब ने पत्र भेजकर दक्षिण में सैनिक सहायता भेजने की प्रार्थना की तथा राजसिंह जब खारी नदी के तट पर पहुँचा, तो दाराशिकोह का भी सहायता पत्र मिला। इस संदर्भ में राजसिंह ने किसी की भी सहायता नहीं की।

75. डॉ. दशरथ शर्मा ने…….के शासनकाल को 'मध्यकालीन मेवाड़ का स्वर्णकाल' कहा है?

  • (A) समरसिंह
  • (B) क्षेम सिंह
  • (C) सामन्त सिंह
  • (D) जैत्र सिंह

इतिहासकार डॉ. दशरथ शर्मा ने जैत्रसिंह के शासनकाल को मध्यकालीन मेवाड़ का स्वर्णकाल कहा है। इस समय मेवाड़ की राजनीतिक शक्ति और सांस्कृतिक उन्नति दोनों चरम पर थीं।

76. किस राणा ने हंसाबाई से न केवल शादी से इन्कार किया बल्कि उसके पुत्र मोकल के पक्ष में मेवाड़ की गद्दी त्याग दी?

  • (A) राणा चूड़ा
  • (B) राणा सांगा
  • (C) राणा उदयसिंह
  • (D) राणा लाखा

राणा चूंडा ने हंसाबाई से विवाह से इंकार कर दिया और अपने पिता राणा लाखा के पुत्र मोकल के पक्ष में गद्दी त्याग दी। उनके इस त्याग के कारण उन्हें मेवाड़ का भीष्म पितामह भी कहा जाता है।

77. चित्तौडगढ़ के प्रथम साके के समय रतनसिंह के सेनापति के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका किसने निभाई थी?

  • (A) जयमल्ल-कल्ला राठौड़
  • (B) जैता-कुंपा
  • (C) गोरा-बादल
  • (D) जयमल-पत्ता

चित्तौड़ का पहला साका 1303 ई. में हुआ, जिसमें अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के समय गोरा-बादल ने वीरता से युद्ध किया और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

78. इतिहास प्रसिद्ध 20 माचातोड़ वीरों ने किनकी सेना से युद्ध किया?

  • (A) शाहजहाँ
  • (B) जहाँगीर
  • (C) अकबर
  • (D) औरंगजेब

मेवाड़ के महाराणा राजसिंह के समय औरंगजेब की सेना ने उदयपुर पर आक्रमण किया था। महाराणा उदयपुर खाली कर भौमट क्षेत्र में जा पहुँचा। औरंगजेब की सेना उदयपुर के जगदीश मन्दिर को तोड़ने पहुंची। इस मन्दिर की सुरक्षा के लिए नारू जी बारहठ के नेतृत्त्व में 20 सैनिक तैनात थे, जो इस मन्दिर की रक्षा करते हुए वीर गति को प्राप्त हुए। ये 20 सैनिक इतिहास में 20 माचा तोड़ के नाम से प्रसिद्ध हुए।

79. हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप की भील सेना का नेतृत्त्व किसने किया था?

  • (A) राजसिंह
  • (B) राणा पूंजा
  • (C) आसफ खाँ
  • (D) गाजी खाँ

हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप की भील सेना का नेतृत्व राणा पूंजा ने किया था। उन्होंने भील समुदाय को संगठित कर युद्ध में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

80. महाराणा प्रताप का जन्म किस वर्ष हुआ था?

  • (A) 1540
  • (B) 1524
  • (C) 1535
  • (D) 1572

महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई, 1540 (विक्रम संवत् 1597) को कुम्भलगढ़ किले में कटारगढ़ के पास जूनी कचहरी में हुआ।

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