मुगलकालीन प्रशासन
Previous Year Questions
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मुगलकालीन प्रशासन
1. मुगल प्रशासन के दौरान जिले को किस नाम से जाना जाता था?
(a) अहर
(b) विश्यास
(c) सूबा
(d) सरकार
Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2004
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- मुगल प्रशासन के दौरान जिले को ‘सरकार’ के नाम से जाना जाता था।
- शासन की सुविधा के लिए प्रत्येक सूबा (प्रांत) को कई सरकारों (जिलों) में विभाजित किया गया था।
- प्रत्येक सरकार को आगे परगना या महल में विभाजित किया जाता था।
2. मुगल काल में जनपद (जिला) क्या कहलाता था?
(a) इक्ता
(b) सरकार
(c) तर्फ
(d) सूबा
U.P. Lower Sub. (Pre) 2009
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- मुगल प्रशासन में ‘सरकार’ शब्द का उपयोग जनपद (जिला) के लिए किया जाता था।
- प्रत्येक सरकार में एक फौजदार और दीवान की नियुक्ति की जाती थी, जो प्रशासन एवं राजस्व कार्यों की देखरेख करते थे।
3. मुगलकाल में सेना का प्रधान निम्न में से कौन था?
(a) शहना-ए-पील
(b) मीर बख्शी
(c) वजीर
(d) सवाहेनिगार
U.P. P.C.S. (Pre) 1992
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- मीर बख्शी मुगलकाल में सैन्य विभाग का प्रधान था।
- उच्चाधिकारियों सहित सभी श्रेणियों के मनसबदारों की नियुक्ति का आदेश मीर बख्शी देता था।
- घोड़ों को दागने और सैनिकों के निरीक्षण की जिम्मेदारी भी मीर बख्शी के पास होती थी।
4. मुगल शासन में मीर बख्शी का कर्तव्य था-
(a) किसानों से टैक्स वसूल करना
(b) आय-व्यय का लेखा रखना
(c) न्याय देना
(d) भू-राजस्व अधिकारियों का पर्यवेक्षण
U.P. P.C.S. (Spl.) Pre 2004
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- मीर बख्शी का मुख्य कार्य भू-राजस्व अधिकारियों का पर्यवेक्षण करना था।
- इसके अलावा वह सैन्य विभाग के वेतन के लिए भी उत्तरदायी था।
- सर जदुनाथ सरकार ने मीर बख्शी को ‘वेतनाधिकारी’ (Pay Master) कहा है।
- हालांकि, वेतन वितरण का कार्य ‘दीवान-ए-तन’ नामक अधिकारी द्वारा किया जाता था।
5. मुगल साम्राज्य मूल रूप से एक सैनिक राज्य था।
अभिकथन (A): मुगल साम्राज्य मूल रूप से एक सैनिक राज्य था।
कारण (R): केंद्रीय शासन व्यवस्था के विकास की प्राणशक्ति उसकी सैनिक शक्ति पर निर्भर थी।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए।
(a) (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
(b) (A) और (R) दोनों सत्य हैं, किंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(c) (A) सत्य है, किंतु (R) गलत है।
(d) (A) गलत है, किंतु (R) सत्य है।
U.P.P.C.S. (Pre) 2021
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- मुगल साम्राज्य का आधार उसकी सैन्य शक्ति थी।
- लगभग सभी मनसबदारों को सैन्य दायित्व सौंपे गए थे।
- मुगल साम्राज्य की स्थिरता और विस्तार उनकी विशाल सेना की वजह से संभव हुआ था।
- इसलिए, (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
6. निम्नलिखित में से किसे मुगल सेना में चिकित्सक नियुक्त किया गया था?
(a) बर्नियर
(b) करेरी
(c) मनूची
(d) टैवर्नियर
U. P. P. C. S. (Spl.) (Mains) 2008
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- निकोलो मनूची को मुगल सेना में चिकित्सक नियुक्त किया गया था।
- वह एक इतालवी यात्री था, जिसने भारत आकर दारा शिकोह की सेना में तोपची के रूप में कार्य किया।
- 1659 ई. में दारा शिकोह की मृत्यु के बाद उसने चिकित्सक का पेशा अपना लिया।
7. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए, अहदी वे घुड़सवार सिपाही थे-
- जिन्होंने अपनी सेवाएं एकाकी प्रदान की
- जिन्होंने किसी सरदार के साथ अपने को संलग्न नहीं किया
- सम्राट ही जिनका आसन्न कर्नल था
- जिन्होंने अपने को मिर्जाओं के साथ संलग्न किया
इन कथनों में से-
(a) 1, 3 और 4 सही हैं।
(b) 1, 2 और 3 सही हैं।
(c) 2 और 3 सही हैं।
(d) 1 और 4 सही हैं।
I.A.S. (Pre) 1998
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- ‘अहदी’ सैनिक वे घुड़सवार थे, जिन्हें बादशाह द्वारा नियुक्त किया जाता था।
- ये बादशाह के अंगरक्षक के रूप में कार्य करते थे।
- इनका मनसबदारों से कोई संबंध नहीं था लेकिन आवश्यकता पड़ने पर बादशाह इन्हें मनसबदारों के अधीन नियुक्त कर सकता था।
- इन्हें वेतन, वस्त्र, और घोड़े राज्य की ओर से दिए जाते थे।
8. मुगल प्रशासन में ‘मुहतसिब’ था-
(a) सेना अधिकारी
(b) विदेश विभाग का मुख्य
(c) लोक आचरण अधिकारी
(d) पत्र-व्यवहार विभाग का अधिकारी
47th B.P.S.C. (Pre) 2005
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- ‘मुहतसिब’ मुगल प्रशासन में जन आचरण निरीक्षक था।
- इसका कार्य सार्वजनिक नैतिकता और इस्लामी सिद्धांतों का पालन सुनिश्चित करना था।
- अकबर ने मुहतसिबों को नगरों में मदिरा की बिक्री और वेश्यावृत्ति को नियंत्रित करने का कार्य सौंपा था।
9. मध्यकालीन भारत में मनसबदारी प्रथा खासतौर पर इसलिए चालू की गई थी, ताकि –
(a) सेना में भर्ती की जा सके
(b) राजस्व संग्रह में सुविधा हो
(c) धार्मिक सामंजस्य सुनिश्चित हो
(d) साफ-सुथरा प्रशासन लागू हो सके
I.A.S. (Pre) 1996
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- मनसबदारी प्रथा अकबर द्वारा लागू की गई प्रशासनिक व्यवस्था थी।
- यह प्रशासनिक और सैन्य सेवाओं के लिए एक साफ-सुथरी प्रणाली लागू करने के उद्देश्य से बनाई गई थी।
- मनसबदारों को राज्य द्वारा वेतन और जागीरें दी जाती थीं, जिससे वे सुशासन में योगदान दे सकें।
10. निम्नलिखित बातों में से कौन एक मुगल मनसबदारी व्यवस्था के विषय में सत्य नहीं है?
(a) इसमें 33 वर्ग थे।
(b) उन्हें ‘मशरुत’ अथवा सशर्त पद प्राप्त होते थे।
(c) उनका ‘सवार’ पद ‘जात’ पद से अधिक हो सकता था।
(d) समस्त कार्यकारी एवं सैन्य अधिकारियों को मनसब प्रदान किए जाते थे।
U. P. P. C. S. (Mains) 2009
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- मनसबदारी व्यवस्था में 33 वर्ग थे।
- मनसबदारों को ‘मशरुत’ (सशर्त) पद प्राप्त होता था।
- ‘जात’ मनसबदार का कुल पदनाम था, जबकि ‘सवार’ पद उसके अधीन सैनिकों की संख्या को दर्शाता था।
- सवार पद, जात पद से कभी अधिक नहीं हो सकता था।
- यह प्रणाली एक एकीकृत प्रशासनिक और सैन्य सेवा प्रणाली थी, जिससे अधिकारी पदोन्नति की आशा कर सकते थे।
11. मुगल मनसबदारी व्यवस्था के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए एवं नीचे दिए कूट से सही उत्तर चुनिए-
- ‘जात’ एवं ‘सवार’ पद प्रदान किए जाते थे।
- मनसबदार आनुवांशिक अधिकारी होते थे।
- मनसबदारों के तीन वर्ग थे।
- दीवान कार्यालय द्वारा इनको वेतन दिया जाता था।
कूट :
(a) चारों कथन सही हैं।
(b) चारों कथन गलत हैं।
(c) केवल 1, 2 एवं 3 सही हैं।
(d) केवल 1 एवं 3 सही हैं।
U.P. U.D.A./L.D.A. (Spl.) (Mains) 2010
U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2010
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- मनसबदारी प्रणाली अकबर द्वारा स्थापित की गई थी।
- मनसबदारों को ‘जात’ और ‘सवार’ की उपाधि दी जाती थी।
- मनसबदारों के तीन वर्ग होते थे, जो उनके घुड़सवार सैनिकों की संख्या पर निर्भर करते थे।
- मनसबदारी आनुवंशिक नहीं थी, बल्कि यह बादशाह की कृपा पर निर्भर करती थी।
- मनसबदारों को वेतन या तो नकद मिलता था या जागीरों के रूप में।
12. मुगल भारत के संदर्भ में, जागीरदार और जमींदार के बीच क्या अंतर है/हैं?
- जागीरदारों के पास न्यायिक और पुलिस दायित्वों के एवज में भूमि आबंटनों का अधिकार होता था, जबकि जमींदारों के पास केवल राजस्व अधिकार होते थे और उन पर राजस्व उगाही को छोड़कर अन्य कोई दायित्व नहीं होता था।
- जागीरदारों को दिए गए भूमि आवंटन वंशानुगत होते थे और जमींदारों के राजस्व अधिकार वंशानुगत नहीं होते थे।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1, न ही 2
I.A.S. (Pre) 2019
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- जागीरदार मनसबदार होते थे, जिन्हें वेतन के रूप में जागीरें दी जाती थीं। जागीर केवल सेवा काल तक रहती थी, यह वंशानुगत नहीं होती थी।
- जमींदार पहले से ही भूमि के बड़े स्वामी होते थे, जिनका कार्य राजस्व संग्रह करना था।
- जमींदारों के अधिकार वंशानुगत होते थे, जबकि जागीरदारों के अधिकार नहीं।
- इस प्रकार दोनों ही कथन गलत हैं।
13. मुगलकालीन भारत में राज्य की आय का प्रमुख स्रोत क्या था?
(a) लूट
(b) राजगत संपत्ति
(c) भू-राजस्व
(d) कर
U.P. P.C.S. (Pre) 1995
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- मुगल प्रशासन में राज्य की आय का प्रमुख स्रोत भू-राजस्व था।
- अकबर ने राजस्व प्रणाली को संगठित किया और लगान का निर्धारण उपज के 1/3 भाग के रूप में किया।
- शाहजहां के समय भू-राजस्व बढ़कर 50% तक पहुंच गया था।
14. मुगल प्रशासनिक शब्दावली में ‘माल’ प्रतिनिधित्व करता है-
(a) भू-राजस्व का
(b) वेतन का
(c) भत्तों का
(d) उपयुक्त में से कोई नहीं
U.P. Lower Sub. (Pre) 2009
View उत्तर & व्याख्या
- मुगल प्रशासनिक शब्दावली में ‘माल’ का अर्थ भू-राजस्व था।
- राजस्व विभाग को ‘दीवानी’ कहा जाता था और इसका प्रमुख ‘वजीर’ होता था।
15. मुगल सम्राट जिसने तंबाकू के प्रयोग पर निषेध लगाया था-
(a) अकबर
(b) बाबर
(c) जहांगीर
(d) औरंगजेब
U.P.P.C.S. (Mains) 2005
Jharkhand P.C.S. (Pre) 2013
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- 1605 ई. में पुर्तगालियों द्वारा भारत में तंबाकू लाया गया।
- जहांगीर ने 1617 ई. में तंबाकू के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया।
- हालांकि, तंबाकू का सेवन पूरी तरह से समाप्त नहीं हो सका।
16. मुगल प्रशासन में ‘मदद-ए-माश’ इंगित करता है-
(a) चुंगी कर (Toll Tax)
(b) विद्वानों को दी जाने वाली राजस्व मुक्त अनुदत्त भूमि
(c) सैन्य अधिकारियों को दी जाने वाली पेंशन
(d) बुवाई कर (Cultivation Tax)
46th B.P.S.C. (Pre) 2003
View उत्तर & व्याख्या
- मदद-ए-माश वह भूमि थी, जो विद्वानों, धार्मिक व्यक्तियों तथा दरवेशों को अनुदान के रूप में दी जाती थी।
- इसे ‘सयूरगल’ भी कहा जाता था।
- इन अनुदानों का निरीक्षण सद्र द्वारा किया जाता था और इन्हें स्थानांतरित नहीं किया जा सकता था।
17. मध्यकालीन भारत के ऐतिहासिक स्रोतों में ‘चकला’ शब्द का प्रयोग हुआ है। यह –
(a) परगना के समानार्थी था।
(b) सरकार के समानार्थी था।
(c) सूबा और परगना के बीच की क्षेत्रीय इकाई था, लेकिन सरकार के समानार्थी नहीं था।
(d) उपर्लिखित में से कोई भी नहीं।
U.P.P.C.S. (Pre) 2018
View उत्तर & व्याख्या
- चकला प्रशासनिक इकाई थी, जो सूबे और परगना के बीच स्थित थी।
- शाहजहां के समय में चकलों का संगठन हुआ।
- चकलों के अंतर्गत कई परगने होते थे।
18. मनसबदारी व्यवस्था के संदर्भ में, कौन-सा कथन सही है/हैं?
- मनसबदारी व्यवस्था राज्य के कुलीन वर्ग से संबंधित थी, जिसे अकबर ने प्रारंभ किया।
- मनसबदारी का पद पैतृक था।
नीचे दिए गए कूटों से सही उत्तर चुनिए –
(a) केवल 1
(b) 1 और 2 दोनों
(c) केवल 2
(d) न तो 1 और न ही 2
U.P.P.C.S. (Pre) 2019
View उत्तर & व्याख्या
- मनसबदारी प्रथा अकबर द्वारा 1575 ई. में प्रारंभ की गई थी।
- यह सैन्य एवं प्रशासनिक पद था, जिसे कुलीन वर्ग को प्रदान किया जाता था।
- मनसबदारी वंशानुगत नहीं थी, बल्कि इसे बादशाह की इच्छा पर प्रदान किया जाता था।
19. कथन (A): मुगलकाल में मनसबदारी प्रथा विद्यमान थी।
कारण (R): मनसबदारों का चयन योग्यता के आधार पर होता था।
(a) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन को स्पष्ट करता है।
(b) कथन और कारण दोनों सही हैं, परंतु कारण, कथन को स्पष्ट नहीं करता है।
(c) कथन सही है, परंतु कारण गलत है।
(d) कथन गलत है, परंतु कारण सही है।
Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2008
View उत्तर & व्याख्या
- मनसबदारी व्यवस्था मुगल प्रशासन की प्रमुख विशेषता थी।
- योग्यता मनसबदारों की नियुक्ति का प्रमुख आधार थी, लेकिन कई बार राजनैतिक संबंधों एवं पारिवारिक पृष्ठभूमि को भी महत्व दिया जाता था।
- इसलिए कथन और कारण दोनों सही हैं, परंतु कारण, कथन को स्पष्ट नहीं करता।
20. निम्न में दिए गए कथन (A) एवं (B) के व्याख्यान को पढ़े और निम्न के कूट में से सही उत्तर का चयन करें-
(A) सभी मनसबदार सेना के पदाधिकारी नहीं होते थे।
(B) मुगल शासन के अधीन उच्च पदाधिकारी भी मनसबदार होते थे और उनका वर्गीकरण होता था।
(a) (A) एवं (B) दोनों ही गलत हैं।
(b) (A) एवं (B) दोनों ही सही हैं।
(c) (A) सही है, जबकि (B) गलत है।
(d) (A) गलत है, जबकि (B) सही है।
R.A.S./R.T.S. (Pre) 2013
View उत्तर & व्याख्या
- मनसबदार केवल सैन्य अधिकारी नहीं होते थे, बल्कि प्रशासनिक अधिकारी भी होते थे।
- मनसबदारी व्यवस्था का प्रयोग प्रशासनिक एवं सैन्य दोनों उद्देश्यों के लिए किया जाता था।
- मनसबदारों का वर्गीकरण ‘जात’ और ‘सवार’ के आधार पर किया जाता था।
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