मुगलकालीन संगीत एवं चित्रकला
Previous Year Questions
Welcome to Shiksha247! Enhance your exam prep with our big collection of Indian History Previous Year Questions on “मुगलकालीन संगीत एवं चित्रकला“ Access old exam papers from various government job exams, including UPSC, SSC, Railway, CTET, RPSC, RSMSSB, REET, Patwar, Police, LDC, Teacher and other entrance exams. Solving these papers is a great way to prepare for exams and boost your success chances.
मुगलकालीन संगीत एवं चित्रकला
1. मुगल चित्रकला के विषय में कौन-सा कथन सत्य है?
(a) युद्ध-दृश्य
(b) पशु-पक्षी और प्राकृतिक दृश्य
(c) दरबारी चित्रण
(d) उपर्युक्त सभी
U.P. P.C.S. (Pre) 1991
View उत्तर & व्याख्या
- मुगल चित्रकला में युद्ध, पशु-पक्षी, प्राकृतिक दृश्य, दरबारी चित्रण, धार्मिक प्रसंग, ऐतिहासिक घटनाएं आदि सभी विषयों का चित्रण किया जाता था।
- उस्ताद मंसूर पशु-पक्षी एवं प्राकृतिक दृश्यों के चित्रण में दक्ष था।
2. चित्रकला की मुगल शैली का प्रारंभ किया था-
(a) अकबर ने
(b) हुमायूं ने
(c) जहांगीर ने
(d) शाहजहां ने
U.P.P.C.S. (Mains) 2009, U.P.U.D.A./L.D.A. (Mains) 2010, U.P.P.C.S. (Mains) 2012
View उत्तर & व्याख्या
- मुगल चित्रकला की नींव हुमायूं के शासनकाल में पड़ी थी।
- उसने फारस में निर्वासन के दौरान मीर सैयद अली और अब्दुस्समद नामक चित्रकारों को भारत बुलाया।
- अकबर के समय में यह शैली व्यवस्थित रूप से विकसित हुई।
3. किस मुगल शासक ने चित्रकारों के लिए कारखाने बनवाए?
(a) हुमायूं
(b) अकबर
(c) जहांगीर
(d) शाहजहां
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
66th B.P.S.C. (Pre) 2020
View उत्तर & व्याख्या
- हुमायूं ने ‘तस्वीर-खाना’ (चित्रकला कार्यशाला) स्थापित किया।
- यह उसकी पुस्तकालय से जुड़ा था और इसमें फारसी चित्रकारों को नियुक्त किया गया था।
- हालांकि, बिहार लोक सेवा आयोग ने इस प्रश्न का उत्तर अकबर (b) माना था, लेकिन प्रमाणिक रूप से यह हुमायूं के समय प्रारंभ हुआ था।
4. चित्रकला की मुगल कलम भारतीय लघुचित्र कला की रीढ़ है। निम्नलिखित में से किस कलम पर मुगल चित्रकला का प्रभाव नहीं पड़ा?
(a) पहाड़ी
(b) राजस्थानी
(c) कांगड़ा
(d) कालीघाट
I.A.S. (Pre) 1995
View उत्तर & व्याख्या
- मुगल चित्रकला ने पहाड़ी, राजस्थानी एवं कांगड़ा चित्रकला को प्रभावित किया था।
- कालीघाट चित्रकला पर मुगल प्रभाव नहीं पड़ा।
- यह चित्रकला बंगाल के कालीघाट मंदिर के आसपास विकसित हुई थी और इसमें लोक जीवन, धार्मिक दृश्य, सामाजिक विषयों का चित्रण अधिक किया गया।
5. ‘दास्तान-ए-अमीर हम्जा’ का चित्रांकन किसके द्वारा किया गया?
(a) अब्दुस्समद
(b) मंसूर
(c) मीर सैयद अली
(d) अबुल हसन
46th B.P.S.C. (Pre) 2004
View उत्तर & व्याख्या
- ‘दास्तान-ए-अमीर हम्जा’ का चित्रण हुमायूं के समय प्रारंभ हुआ और अकबर के समय पूरा हुआ।
- मीर सैयद अली और बाद में अब्दुस्समद की देखरेख में इसे चित्रित किया गया।
- इस ग्रंथ में लगभग 1400 चित्र थे और इसे 50 चित्रकारों ने मिलकर बनाया था।
- यह फारसी नायक अमीर हम्जा (मुहम्मद साहब के चाचा) के वीरतापूर्ण कारनामों का उल्लेख करता है।
6. ‘दसवंत और बसावन’ प्रसिद्ध चित्रकार मुगल सम्राट के राजदरबारी थे-
(a) अकबर
(b) जहांगीर
(c) शाहजहां
(d) औरंगजेब
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/ उपर्युक्त में से एक से अधिक
60th to 62nd B.P.S.C. (Pre) 2016
View उत्तर & व्याख्या
- दसवंत और बसावन अकबर के दरबारी चित्रकार थे।
- दसवंत, जो एक कहार का बेटा था, के चित्रों से अकबर इतना प्रभावित हुआ कि उसने उसे एक अग्रणी चित्रकार बना दिया।
- बाद में मानसिक विक्षिप्तता के कारण 1584 ई. में दसवंत ने आत्महत्या कर ली।
- अकबर काल के प्रमुख चित्रकार: दसवंत, बसावन, केशव लाल, मुकुंद, मिस्किन, फार्रुख, जगन, महेश, खेमकरण, तारा, सांवल और हरिवंश।
7. यूरोपीय चित्रकारी (European paintings) का प्रवेश किसके दरबार में हुआ?
(a) हुमायूं
(b) अकबर
(c) जहांगीर
(d) शाहजहां
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/ उपर्युक्त में से एक से अधिक
63rd B.P.S.C. (Pre) 2017
View उत्तर & व्याख्या
- अकबर के दरबार में यूरोपीय चित्रकला पुर्तगालियों के माध्यम से आई।
- मुगल चित्रकारों ने यूरोपीय चित्रकला से दो विशेषताएं ग्रहण की:
- व्यक्ति विशेष का चित्रण
- दृश्य में गहराई दिखाने के लिए छोटे आकार में वस्तुओं का चित्रण।
- अकबर के समय मिस्किन यूरोपीय शैली का चित्रकार था।
- जहांगीर के समय को मुगल चित्रकला का स्वर्णयुग कहा जाता है।
8. निम्नलिखित में से कौन जहांगीरी चित्रकार थे? नीचे दिए कूट से सही उत्तर चुनिए-
- अब्दुस्समद
- अबुल हसन
- अक़ा रिज़ा
- मीर सैयद अली
कूट:
(a) 1 एवं 2
(b) 2 एवं 3
(c) 3 एवं 4
(d) 4 एवं 1
U.P.P.C.S. (Pre) 2012
View उत्तर & व्याख्या
- जहांगीर के समय के प्रमुख चित्रकार: अबुल हसन, उस्ताद मंसूर, फार्रुख बेग, बिशनदास, अक़ा रिज़ा, मोहम्मद नादिर, मोहम्मद मुराद, मनोहर, माधव और गोवर्धन।
- मीर सैयद अली और अब्दुस्समद ने हुमायूं के शासनकाल में मुगल चित्रकला की नींव रखी थी।
9. मुगल चित्रकला ने किसके शासनकाल में उन्नति की?
(a) औरंगजेब
(b) अकबर
(c) जहांगीर
(d) शाहजहां
Uttarakhand Lower Sub. (Pre) 2010
View उत्तर & व्याख्या
- जहांगीर के शासनकाल में मुगल चित्रकला अपने शिखर पर पहुंची।
- जहांगीर चित्रकला का कुशल पारखी था और कहता था कि वह किसी भी चित्र में अलग-अलग कलाकारों के योगदान को पहचान सकता है।
- जहांगीर के काल में मनुष्यों, पशु-पक्षियों और प्राकृतिक दृश्यों के चित्रों में विशेष प्रगति हुई।
- अबुल हसन ने जहांगीर के सिंहासनारोहण का चित्र बनाया, जो ‘तुजुक-ए-जहांगीरी’ के मुख्य पृष्ठ पर लगाया गया।
- जहांगीर के शासनकाल को ‘मुगल चित्रकला का स्वर्णयुग’ कहा जाता है।
10. जहांगीर ने मुख्यतया निम्नलिखित में से किस कला को संरक्षण दिया था?
(a) चित्रकला
(b) स्थापत्य कला
(c) मूर्तिकला
(d) संगीत कला
U.P.P.C.S (Pre) 2016
View उत्तर & व्याख्या
- जहांगीर ने मुख्य रूप से चित्रकला को संरक्षण दिया।
- इस समय चित्रों में प्राकृतिक दृश्यों, पशु-पक्षियों, और व्यक्तियों के यथार्थ चित्रण पर विशेष ध्यान दिया गया।
- उस्ताद मंसूर को प्रसिद्ध पक्षी विशेषज्ञ चित्रकार के रूप में जाना जाता था।
- जहांगीर के चित्रकारों ने छायांकन और यथार्थवाद को अधिक विकसित किया।
11. इनमें से किस मुगल सम्राट ने सचित्र पांडुलिपियों से ध्यान हटाकर चित्राधार (एलबम) और वैयक्तिक रूपचित्रों पर अधिक जोर दिया?
(a) हुमायूं
(b) अकबर
(c) जहांगीर
(d) शाहजहां
I.A.S. (Pre) 2019
View उत्तर & व्याख्या
- जहांगीर ने सचित्र पुस्तकों (पांडुलिपियों) से अधिक चित्राधार (एलबम) और व्यक्तिगत चित्रों पर जोर दिया।
- हुमायूं और अकबर के समय में ‘तूतीनामा’, ‘रज्मनामा’, ‘अनवार-ए-सुहेली’ जैसी पांडुलिपियों का चित्रण हुआ।
- जहांगीर ने अपने, नूरजहां, फारस के सम्राट, दरबारियों, पशु-पक्षियों के व्यक्तिगत चित्रों पर अधिक ध्यान दिया।
- इसने अपने चित्रों को वैयक्तिक चित्राधार (एलबम) में संग्रहित किया।
12. ‘पहाड़ी स्कूल’, ‘राजपूत स्कूल’, ‘मुगल स्कूल’ और ‘कांगड़ा स्कूल’ निम्नलिखित में से किस कला की विभिन्न शैलियों को दर्शाते हैं?
(a) शिल्पकला
(b) चित्रकला
(c) नृत्य
(d) संगीत
U.P. P.C.S. (Pre) 1994
View उत्तर & व्याख्या
- पहाड़ी, राजपूत, मुगल और कांगड़ा स्कूल, चित्रकला की अलग-अलग शैलियां हैं।
- पहाड़ी चित्रकला (17वीं-19वीं शताब्दी) हिमालय के विभिन्न क्षेत्रों (बसोहली, गुलेर, कांगड़ा, कुल्लू, चंबा) में विकसित हुई।
- राजपूत चित्रकला में मिथकीय, धार्मिक और युद्ध से जुड़े दृश्य अधिक थे।
- कांगड़ा चित्रकला को श्रृंगारिक दृश्यों और प्रकृति के सुंदर चित्रण के लिए जाना जाता है।
13. ‘किशनगढ़’ शैली किस कला के लिए प्रसिद्ध है?
(a) मंदिरकला
(b) चित्रकला
(c) युद्ध शैली
(d) मूर्तिकला
Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2014
View उत्तर & व्याख्या
- किशनगढ़ शैली, चित्रकला की एक विशिष्ट शैली है, जो राजस्थान में विकसित हुई।
- यह शैली विशेष रूप से ‘बनी-ठनी’ चित्रों के लिए प्रसिद्ध है।
- इसका मुख्य विषय ‘श्रृंगार रस’ पर आधारित था।
- इस शैली में राधा-कृष्ण, प्राकृतिक दृश्य, प्रेम और भक्ति पर आधारित चित्र अधिक बनाए गए।
14. निम्नलिखित में से कौन-सा एक संगीत वाद्य बजाने में औरंगजेब की दक्षता थी?
(a) सितार
(b) पखावज
(c) वीणा
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
U.P.P.C.S. (Mains) 2007, U.P.P.C.S. (Pre) 2010
View उत्तर & व्याख्या
- औरंगजेब, संगीत को इस्लाम विरोधी मानता था और उसने इसे दरबार से निष्कासित कर दिया।
- फिर भी, वह स्वयं एक कुशल वीणावादक था।
- उसके शासनकाल में फारसी भाषा में भारतीय शास्त्रीय संगीत पर सबसे अधिक पुस्तकें लिखी गईं।
15. प्रातःकाल में गाया जाने वाला राग है-
(a) तोड़ी
(b) दरबारी
(c) भोपाली
(d) भीमपलासी
I.A.S. (Pre) 2000
View उत्तर & व्याख्या
- तोड़ी राग, प्रातःकाल में गाया जाने वाला एक प्रमुख राग है।
- यह शांत, गंभीर और कोमल भाव उत्पन्न करता है।
- इसे दरबारी सभाओं और धार्मिक आयोजनों में गाने की परंपरा थी।
16. तानसेन, बैजू बावरा और गोपाल नायक जैसे संगीतज्ञों ने स्वामी हरिदास से प्रशिक्षण प्राप्त किया था। स्वामी हरिदास के अनुयायियों ने कितने संगीत अर्चना केंद्र स्थापित किए?
(a) 5
(b) 4
(c) 3
(d) 2
U.P. P.C.S. (Pre) 2009
View उत्तर & व्याख्या
- हरिदास संप्रदाय के कुल 5 संगीत अर्चना केंद्र स्थापित किए गए।
- स्वामी हरिदास ने ब्रज भाषा में अनेक ध्रुपद रचनाओं की रचना की।
- उनके प्रमुख शिष्य: तानसेन, बैजू बावरा, गोपाल नायक, मदनलाल आदि।
17. मियां तानसेन के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(a) सम्राट अकबर द्वारा इन्हें दी गई उपाधि तानसेन थी।
(b) तानसेन ने हिंदू देवी-देवताओं से संबंधित ध्रुपदों की रचना की।
(c) तानसेन ने अपने संरक्षकों से संबंधित गानों की रचना की।
(d) तानसेन ने अनेक रागों की मौलिक रचना की।
I.A.S. (Pre) 2019
View उत्तर & व्याख्या
- तानसेन का वास्तविक नाम ‘राम तनु पांडेय’ था।
- ‘तानसेन’ की उपाधि रीवा के राजा ने दी थी, न कि अकबर ने।
- अकबर ने उसे ‘मियां’ की उपाधि प्रदान की।
- तानसेन ने राग दरबारी, मियां की मल्हार, मियां की तोड़ी जैसी कई रचनाएं कीं।
18. अकबर के शासनकाल में ध्रुपद गायकों में शामिल थे-
- तानसेन
- हरिदास
- सूरदास
- विलास खां
(a) 1 और 2
(b) 2 और 3
(c) 1, 2 और 3
(d) सभी चारों
U.P. P.S.C. (GIC) 2010
View उत्तर & व्याख्या
- अकबर के दरबार में ध्रुपद गायकों में प्रमुख थे:
- तानसेन – हिंदुस्तानी संगीत का महान कलाकार
- स्वामी हरिदास – प्रसिद्ध ध्रुपद गायक
- विलास खां, जहांगीर के दरबार में थे।
19. प्रसिद्ध तानसेन का मकबरा स्थित है-
(a) आगरा
(b) ग्वालियर
(c) झांसी
(d) जयपुर
U.P. P.C.S. (Pre) 1999, M.P. P.C.S. (Pre) 1991, M.P.P.C.S. (Pre) 2010
View उत्तर & व्याख्या
- तानसेन का मकबरा ग्वालियर में स्थित है।
- अकबर ने तानसेन को ‘कंठाभरणवाणीविलास’ तथा ‘मियां’ की उपाधि प्रदान की थी।
- तानसेन, अकबर के नवरत्नों में से एक थे।
20. तानसेन का मूल नाम था-
(a) मकरचंद्र पांडेय
(b) रामतनु पांडेय
(c) लाला कलावंत
(d) बाज बहादुर
M.P.P.C.S. (Pre) 2013
View उत्तर & व्याख्या
- तानसेन का असली नाम ‘रामतनु पांडेय’ था।
- वे रीवा के राजा रामचंद्र के दरबार में थे, जहां से अकबर ने उन्हें बुलाया।
- उन्हें ‘मियां’ तानसेन के नाम से जाना जाता है।
For more History Questions | Click Here |
Note: इन Questions को तैयार करने में पूर्ण सावधानी बरती गई है। फिर भी अगर कोई गलती मिलती है, तो कमेंट बॉक्स में हमें इससे अवगत कराएं। हमारी टीम जल्द से जल्द उसे ठीक कर देगी।
PYQ’s Subjects
MCQ’s Subject
History
Topic-wise Multiple-Choice Questions
Geography
Topic-wise Multiple-Choice Questions
Political
Topic-wise Multiple-Choice Questions
Science
Topic-wise Multiple-Choice Questions
Computer
Topic-wise Multiple-Choice Questions
Hindi
Topic-wise Multiple-Choice Questions
English
Topic-wise Multiple-Choice Questions
Mathematics
Topic-wise Multiple-Choice Questions
Reasoning
Topic-wise Multiple-Choice Questions
Rajasthan GK
Topic-wise Multiple-Choice Questions
Haryana GK
Topic-wise Multiple-Choice Questions