मुस्लिम पीर, मस्जिदें, दरगाह, मीनार, मकबरे MCQ Questions with Answers

मुस्लिम पीर, मस्जिदें, दरगाह, मीनार, मकबरे MCQ (Muslim Pirs, Mosques, Dargahs, Minarets, Tombs) – Part 3

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक मुस्लिम पीर, मस्जिदें, दरगाह, मीनार, मकबरे से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।

इन प्रश्नों में नालीसर मस्जिद सांभर (जयपुर), अढ़ाई दिन का झोपड़ा' अजमेर, जेठा भुट्टापीर की दरगाह गजनेर (बीकानेर), हजरत मीरा साहब की दरगाह बूंदी, अब्दुल पीर की मजार भगवानपुरा (बाँसवाड़ा), अलाउद्दीन आलमशाह का मकबरा तिजारा (खैरथल-तिजारा, अलवर), मिस्कीन शाह साहब की दरगाह जयपुर, हजरत जमालुद्दीन साहब की दरगाह दौसा आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: मुस्लिम पीर, मस्जिदें, दरगाह, मीनार, मकबरे
  • कुल प्रश्न: 20
  • Last Updated:

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41. सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती किसके शासनकाल में राजस्थान आये थे?

  • (A) विग्रह राज चतुर्थ
  • (B) सोमेश्वर
  • (C) पृथ्वीराज द्वितीय
  • (D) पृथ्वीराज चौहान तृतीय

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती पृथ्वीराज चौहान तृतीय के शासनकाल में राजस्थान आये थे। उस समय अजमेर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और सांस्कृतिक केंद्र था। ख्वाजा साहब ने यहाँ सूफी परंपरा और मानव सेवा का संदेश दिया। उनकी शिक्षाएँ लोगों को इंसानियत और भाईचारे की ओर प्रेरित करती थीं। इसी कारण अजमेर आज भी विश्वभर के श्रद्धालुओं का तीर्थस्थल है।

42. संन्यासियों के सुल्तान' के उपनाम से किसे जाना जाता है?

  • (A) हमीदुद्दीन नागौरी
  • (B) ख्वाजा फखरूद्दीन
  • (C) ख्वाजा हिसामुद्दीन
  • (D) ख्वाजा मोइनुद्दीन

संन्यासियों के सुल्तान' की उपाधि शेख हमीदुद्दीन नागौरी को दी जाती है। वे ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के शिष्य थे और नागौर क्षेत्र में सूफी मत का प्रचार-प्रसार किया। उन्होंने संन्यासियों जैसा जीवन व्यतीत किया और अपना जीवन मानव सेवा और आध्यात्मिक साधना को समर्पित किया। उनकी सादगी और तपस्या ने उन्हें विशेष सम्मान दिलाया।

43. अजमेर में ख्वाजा साहब के उर्स के दौरान बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ाने की रस्म कौन अदा करता है?

  • (A) उदयपुर का बोहरा परिवार
  • (B) प्रतापगढ़ का सोनी परिवार
  • (C) मेड़ता का पठान परिवार
  • (D) भीलवाड़ा का गौरी परिवार

अजमेर शरीफ में उर्स के दौरान बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ाने की रस्म भीलवाड़ा का गौरी परिवार अदा करता है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। उर्स का आयोजन रज्जब माह की 1 से 6 तारीख तक होता है और 9वीं तारीख को "बड़ा कुल" की रस्म अदा की जाती है। इस रस्म में श्रद्धालुओं को गुलाब जल के छींटे मारे जाते हैं।

44. चिश्ती सम्प्रदाय में तीर्थयात्रियों को कहा जाता है?

  • (A) जायरीन
  • (B) वली
  • (C) मुरीद
  • (D) मुर्शीद

चिश्ती सम्प्रदाय में तीर्थयात्रियों को जायरीन कहा जाता है। जो लोग दरगाह पर चादर चढ़ाने और आशीर्वाद लेने आते हैं, उन्हें यही नाम दिया गया है। "जायरीन" शब्द अरबी भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ है "दर्शन करने वाले"। अजमेर शरीफ की दरगाह पर देश-विदेश से लाखों जायरीन आते हैं।

45. नालीसर मस्जिद स्थित है-

  • (A) सांभर (जयपुर)
  • (B) भरतपुर
  • (C) बड़ी खाटू (नागौर)
  • (D) ओसियां (जोधपुर)

नालीसर मस्जिद सांभर (जयपुर) में स्थित है। यह मस्जिद प्राचीनकालीन इस्लामी स्थापत्य का सुंदर उदाहरण है। सांभर अपने ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। इस मस्जिद की संरचना और धार्मिक महत्व इसे खास बनाते हैं।

46. अढ़ाई दिन का झोपड़ा स्थित है-

  • (A) नागौर
  • (B) अजमेर
  • (C) मेड़ता
  • (D) पाली

अढ़ाई दिन का झोपड़ा' अजमेर में स्थित है। इसे मूल रूप से विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव चौहान) ने संस्कृत पाठशाला के रूप में बनवाया था। बाद में कुतुबुद्दीन ऐबक ने इसे तुड़वाकर मस्जिद में तब्दील कर दिया। इस भवन का नाम इसलिए पड़ा क्योंकि कहा जाता है कि इसे मात्र ढाई दिन में मस्जिद में बदल दिया गया था।

47. जेठा भुट्टापीर की दरगाह स्थित है-

  • (A) गजनेर (बीकानेर)
  • (B) तिजारा (खैरथल-तिजारा)
  • (C) भगवानपुरा (बाँसवाड़ा)
  • (D) सादड़ी (पाली)

जेठा भुट्टापीर की दरगाह गजनेर (बीकानेर) में स्थित है। यह दरगाह स्थानीय लोगों की गहरी आस्था से जुड़ी हुई है। यहाँ प्रतिवर्ष उर्स का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। गजनेर अपने धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के कारण राजस्थान में विशेष पहचान रखता है।

48. हजरत मीरा साहब की दरगाह स्थित है-

  • (A) अजमेर
  • (B) सिरोही
  • (C) बूंदी
  • (D) नागौर

हजरत मीरा साहब की दरगाह बूंदी में स्थित है। यह दरगाह धार्मिक आस्था का केंद्र है और स्थानीय स्तर पर इसका विशेष महत्व है। ध्यान देने योग्य है कि हजरत मीरान साहब की दरगाह अजमेर के तारागढ़ किले में भी स्थित है। इस प्रकार बूंदी और अजमेर दोनों स्थान इस नाम से जुड़े हुए हैं, जिससे विद्यार्थी को भ्रम हो सकता है।

49. अब्दुल पीर की मजार स्थित है-

  • (A) कपासन (चितौड़गढ़)
  • (B) मुण्डावर (खैरथल तिजारा)
  • (C) भगवानपुरा (बाँसवाड़ा)
  • (D) सादड़ी (पाली)

अब्दुल पीर की मजार भगवानपुरा (बाँसवाड़ा) में स्थित है। यह मजार स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। बाँसवाड़ा को "छोटा कश्मीर" कहा जाता है और यहाँ सूफी परंपरा से जुड़े कई धार्मिक स्थल हैं। अब्दुल पीर की मजार धार्मिक मेल-जोल और साम्प्रदायिक सद्भाव का प्रतीक है।

50. अलाउद्दीन आलमशाह का मकबरा स्थित है-

  • (A) तिजारा (खैरथल तिजारा)
  • (B) मेहरानगढ़ (जोधपुर)
  • (C) शिवगंज (सिरोही)
  • (D) चौमूं (जयपुर)

अलाउद्दीन आलमशाह का मकबरा तिजारा (खैरथल-तिजारा, अलवर) में स्थित है। यह मकबरा स्थापत्य और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। तिजारा राजस्थान का प्रमुख ऐतिहासिक स्थान है और सूफी संतों की मजारों के कारण यहाँ धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

51. काजी हमीदुद्दीन सुहरावर्दी को बनाया गया था? किस स्थान पर सर्वप्रथम काजी

  • (A) अजमेर
  • (B) बूंदी
  • (C) जयपुर
  • (D) नागौर

काजी हमीदुद्दीन सुहरावर्दी सिलसिले से जुड़े थे और उन्हें पहली बार नागौर में काजी नियुक्त किया गया था। पिता के देहांत के बाद उन्होंने यह पद संभाला। नागौर में उनकी दरगाह साम्प्रदायिक एकता का प्रमुख केंद्र है। उनकी शिक्षाएँ मानवता और भाईचारे पर आधारित थीं।

52. मिस्कीन शाह साहब की दरगाह कहाँ स्थित है?

  • (A) अजमेर
  • (B) बूंदी
  • (C) जयपुर
  • (D) नागौर

मिस्कीन शाह साहब की दरगाह जयपुर में स्थित है। यह दरगाह सूफी परंपरा और स्थानीय आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। जयपुर में स्थित यह स्थल विभिन्न धार्मिक गतिविधियों और उर्स के आयोजन के कारण श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।

53. गरीब नवाज के उपनाम से जाना जाता है?

  • (A) ख्वाजा फखरूद्दीन चिश्ती
  • (B) ख्वाजा हिसामुद्दीन चिश्ती
  • (C) ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती
  • (D) पीर फखरूद्दीन

गरीब नवाज़ उपनाम से प्रसिद्ध संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती हैं। उन्होंने गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा को सर्वोच्च धर्म माना। उनके उपदेशों ने हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों को एकजुट किया। अजमेर स्थित उनकी दरगाह आज भी विश्व प्रसिद्ध है और लाखों श्रद्धालु यहाँ दर्शन करने आते हैं।

54. हजरत जमालुद्दीन साहब की दरगाह कहाँ स्थित है-

  • (A) अलवर
  • (B) दौसा
  • (C) अजमेर
  • (D) जयपुर

हजरत जमालुद्दीन साहब की दरगाह दौसा जिले में स्थित है। यह दरगाह स्थानीय धार्मिक आस्था का प्रमुख स्थल है। यहाँ पर प्रतिवर्ष उर्स का आयोजन होता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें भाग लेते हैं। दौसा क्षेत्र में यह स्थान सूफी परंपरा का प्रतीक माना जाता है।

55. ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती के गुरु का क्या नाम है?

  • (A) हजरत शेख उस्मान हारूनी
  • (B) ख्वाजा सैयद गयासु
  • (C) मोइनुद्दीन चिश्ती
  • (D) पीर फखरुद्दीन

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के गुरु का नाम हजरत शेख उस्मान हारूनी था। वे चिश्ती सिलसिले के प्रमुख संत थे। उन्होंने मोइनुद्दीन चिश्ती को आध्यात्मिक शिक्षा दी और सूफी परंपरा का प्रचार-प्रसार करने की प्रेरणा दी। गुरु-शिष्य परंपरा के इस संबंध ने ही चिश्ती सिलसिले को भारत में मजबूती प्रदान की।

56. निम्न में से असत्य कथन है-

  • (A) ख्वाजा साहब की दरगाह अजमेर में स्थित है।
  • (B) ख्वाजा साहब के पिता का नाम हजरत ख्वाजा सैयद गयासुद्दीन था।
  • (C) मुहम्मद बिन तुगलक ख्वाजा साहब की दरगाह पर आने वाला प्रथम सुल्तान था।
  • (D) अकबर द्वारा इसी दरगाह में बुलंद दरवाजा बनवाया गया।

असत्य कथन यह है कि बुलंद दरवाजा अकबर ने बनवाया था। वास्तविकता यह है कि बुलंद दरवाजे का निर्माण गयासुद्दीन खिलजी ने करवाया था। कुछ पुस्तकों में इसे सुल्तान महमूद खिलजी से भी जोड़ा गया है। बाकी सभी कथन सही हैं और ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित हैं।

57. निम्न में से असत्य युग्म है-

  • (A) ईदगाह मस्जिद - जयपुर
  • (B) नालीसर मस्जिद - जयपुर
  • (C) अलाउद्दीन की मस्जिद - अजमेर
  • (D) अकबर की मस्जिद - जयपुर

असत्य युग्म अलाउद्दीन की मस्जिद - अजमेर है। वास्तव में अलाउद्दीन की मस्जिद जालौर में स्थित है। बाकी सभी युग्म सही हैं और अपने-अपने स्थान से जुड़े हुए हैं। यह प्रश्न अक्सर परीक्षाओं में पूछे जाते हैं, इसलिए सही-गलत युग्म पर ध्यान देना जरूरी है।

58. निम्न में से सुमेलित नहीं है-

  • (A) बीबी जरीना का मकबरा - धौलपुर
  • (B) भूरे खां की मजार - जोधपुर
  • (C) बड़े पीर की दरगाह - नागौर
  • (D) सभी सुमेलित है।

उपरोक्त दिए गए सभी युग्म सही सुमेलित हैं। बीबी जरीना का मकबरा धौलपुर में, भूरे खां की मजार जोधपुर में और बड़े पीर की दरगाह नागौर में ही स्थित हैं। इसलिए इस प्रश्न का सही उत्तर "सभी सुमेलित है" है।

59. सुफी हम्मीदुदीन चिश्ती निम्न में से किसके शिष्य थे?

  • (A) पीर फकरूद्दीन
  • (B) मोइनुद्दीन चिश्ती
  • (C) ख्वाजा हिसामुद्दीन
  • (D) नरहड़ के पीर

सूफी संत हम्मीदुद्दीन नागौरी, ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के प्रमुख शिष्य थे। उन्होंने नागौर क्षेत्र में सूफी मत का प्रचार किया और वहाँ अपना केंद्र स्थापित किया। इन्हें "संन्यासियों का सुल्तान" भी कहा जाता है। उनकी शिक्षाओं में सादगी, मानव सेवा और भाईचारा प्रमुख थे। आज भी उनकी दरगाह नागौर में लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।

60. निम्न में से असत्य है-

  • (A) खुदाबक्श बाबा की दरगाह - पाली
  • (B) जेठा भुट्टा पीर की दरगाह - बीकानेर
  • (C) मलिक शाह पीर की दरगाह - जालौर
  • (D) लैला मजनू की मजार - हनुमानगढ़

असत्य विकल्प लैला मजनू की मजार - हनुमानगढ़ है। वास्तव में यह मजार बिंजौर (गंगानगर) में स्थित है। इसे प्रेम और बलिदान का प्रतीक माना जाता है। बाकी सभी विकल्प सही हैं: खुदाबक्श बाबा की दरगाह पाली में, जेठा भुट्टा पीर की बीकानेर में और मलिक शाह पीर की जालौर में है।

मुस्लिम पीर, मस्जिदें, दरगाह, मीनार, मकबरे MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6

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