मुस्लिम पीर, मस्जिदें, दरगाह, मीनार, मकबरे MCQ Questions with Answers

मुस्लिम पीर, मस्जिदें, दरगाह, मीनार, मकबरे MCQ (Muslim Pirs, Mosques, Dargahs, Minarets, Tombs) – Part 4

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक मुस्लिम पीर, मस्जिदें, दरगाह, मीनार, मकबरे से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।

इन प्रश्नों में सफदरगंज मीनार अलवर, गुलाब खाँ का मकबरा जोधपुर, अलाउद्दीन की मस्जिद जालौर, हजरत दीवान-ए-शाह की दरगाह कपासन (चित्तौड़गढ़), सैयद फखरूद्दीन शरीफ की दरगाह गलियाकोट (डूंगरपुर), ख्वाजा फखरूद्दीन चिश्ती की दरगाह सरवाड़ (अजमेर), मस्तान शाह बाबा की दरगाह सोजत (पाली), हजरत गद्दन शाह की दरगाह तिजारा (अलवर), कबीरशाह की दरगाह करौली, काकाजी की दरगाह प्रतापगढ़ आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: मुस्लिम पीर, मस्जिदें, दरगाह, मीनार, मकबरे
  • कुल प्रश्न: 20
  • Last Updated:

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61. सफदरगंज मीनार कहाँ पर स्थित है?

  • (A) व्यावर
  • (B) जोधपुर
  • (C) कोटा
  • (D) अलवर

सफदरगंज मीनार अलवर में स्थित है। यह ऐतिहासिक स्मारक स्थापत्य कला का उत्तम उदाहरण है। अलवर अपने किलों, महलों और धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। सफदरगंज मीनार यहाँ के मुस्लिम स्थापत्य और स्थानीय इतिहास की महत्वपूर्ण धरोहरों में गिनी जाती है।

62. ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का इंतकाल किस स्थान पर हुआ था?

  • (A) दिल्ली
  • (B) नागौर
  • (C) अजमेर
  • (D) मुरादाबाद

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का इंतकाल अजमेर में हुआ था। 1236 ई. में उनका निधन हुआ और उनकी दरगाह यहीं पर बनाई गई। इसे आज "अजमेर शरीफ दरगाह" के नाम से जाना जाता है। यह सूफी परंपरा का सबसे बड़ा केंद्र है और लाखों जायरीन प्रतिवर्ष यहाँ आकर श्रद्धा अर्पित करते हैं।

63. अजमेर की दरगाह में बड़ी देग व छोटी देग क्रमशः किसने भेंट की थी?

  • (A) अकबर व जहाँगीर
  • (B) जहाँगीर व शाहजहाँ
  • (C) शाहजहाँ व औरंगजेब
  • (D) जहाँगीर व दारा शिकोह

अजमेर दरगाह में बड़ी देग अकबर ने 1567 ई. में भेंट की थी और छोटी देग जहाँगीर ने 1613 ई. में भेंट की। ये देगें आज भी दरगाह की पहचान हैं। बड़ी-बड़ी देगों में आज भी उर्स और अन्य अवसरों पर खिचड़ी पकाई जाती है और श्रद्धालुओं में बाँटी जाती है।

64. गुलाब खाँ का मकबरा स्थित है?

  • (A) जोधपुर
  • (B) बीकानेर
  • (C) नागौर
  • (D) टोंक

गुलाब खाँ का मकबरा जोधपुर में स्थित है। यह मकबरा स्थापत्य और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। जोधपुर ऐतिहासिक धरोहरों और दरगाहों के लिए जाना जाता है, जिनमें गुलाब खाँ का मकबरा भी विशेष स्थान रखता है।

65. भरतपुर की जामा मस्जिद का निर्माण वहाँ के किस शासक ने करवाया था?

  • (A) रणजीत सिंह
  • (B) बृजेन्द्र सिंह
  • (C) बलवंत सिंह
  • (D) कृष्ण सिंह

भरतपुर की जामा मस्जिद का निर्माण भरतपुर के शासक महाराजा बलवंत सिंह ने करवाया था। यह मस्जिद अपनी भव्यता और स्थापत्य शैली के लिए प्रसिद्ध है। भरतपुर की धार्मिक धरोहरों में यह मस्जिद विशेष स्थान रखती है और यहाँ नियमित रूप से धार्मिक आयोजन होते रहते हैं।

66. राजस्थान की सबसे बड़ी मस्जिद है?

  • (A) अकबर की मस्जिद (जयपुर)
  • (B) जामा मस्जिद (शाहबाद)
  • (C) ऊषा मस्जिद (बयाना)
  • (D) जामा मस्जिद (भरतपुर)

राजस्थान की सबसे बड़ी मस्जिद जामा मस्जिद, शाहबाद (बारां) है। इसका निर्माण औरंगजेब के फौजदार शेर अफगान ने करवाया था। यह मस्जिद स्थापत्य की दृष्टि से अनूठी है और यहाँ पर आज भी बड़ी संख्या में लोग नमाज़ अदा करने आते हैं।

67. अजमेर दरगाह मुख्य द्वार किस नाम से जाना जाता है?

  • (A) बगली दरवाजा
  • (B) बसंती दरवाजा
  • (C) निजाम गेट
  • (D) सलीम दरवाजा

अजमेर दरगाह का मुख्य द्वार निजाम गेट कहलाता है। इसका निर्माण 1912 ई. में हैदराबाद के निजाम मीर उस्मान अली खान ने करवाया था। इस गेट से दरगाह में प्रवेश किया जाता है और यह अजमेर दरगाह की पहचान बन चुका है।

68. अलाउद्दीन की मस्जिद स्थित है?

  • (A) धौलपुर
  • (B) अलवर
  • (C) नागौर
  • (D) जालौर

अलाउद्दीन की मस्जिद जालौर में स्थित है। यह मस्जिद राजस्थान की दूसरी सबसे प्राचीन मस्जिद मानी जाती है और इसे अलाउद्दीन खिलजी काल में बनवाया गया था। यह मस्जिद स्थापत्य और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और राजस्थान के इस्लामी इतिहास का गौरवपूर्ण हिस्सा है।

69. हजरत दीवान-ए-शाह की दरगाह कहाँ पर स्थित है?

  • (A) कोटा
  • (B) कपासन (चित्तौड़गढ़)
  • (C) सोजत (पाली)
  • (D) हरसोली (खैरथल-तिजारा)

हजरत दीवान-ए-शाह की दरगाह कपासन (चित्तौड़गढ़) में स्थित है। यह दरगाह सूफी परंपरा और स्थानीय धार्मिक आस्था का एक प्रमुख स्थल है। कपासन ऐतिहासिक महत्व वाला क्षेत्र रहा है और यहाँ स्थित यह दरगाह हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक मानी जाती है। प्रतिवर्ष यहाँ उर्स का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।

70. सैयद फखरूद्दीन शरीफ की दरगाह स्थित है?

  • (A) शिवगंज (सिरोही)
  • (B) बागौड़ा (जालौर)
  • (C) गलियाकोट (डूंगरपुर)
  • (D) सादड़ी (पाली)

सैयद फखरूद्दीन शरीफ की दरगाह गलियाकोट (डूंगरपुर) में स्थित है। यह दरगाह दाऊदी बोहरा सम्प्रदाय का सबसे बड़ा आस्था केंद्र है। संत फखरूद्दीन को अत्यधिक सम्मान दिया जाता है और उनकी मजार को "मजार-ए-फखरी" भी कहा जाता है। गलियाकोट देशभर में बोहरा समाज का प्रमुख तीर्थ स्थल है।

71. अनीसुल अरवाह, कंजुल इसरार नामक पुस्तकें किस मुस्लिम संत द्वारा रचित हैं?

  • (A) ख्वाजा फखरूद्दीन चिश्ती
  • (B) सूफी हमीदुद्दीन नागौरी
  • (C) ख्वाजा हिसामुद्दीन चिश्ती
  • (D) ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती द्वारा रचित ग्रंथों में अनीसुल अरवाह और कंजुल इसरार प्रमुख हैं। इन ग्रंथों में उनके सूफी विचार, आध्यात्मिक अनुभव और उपदेश संकलित हैं। ख्वाजा साहब ने इंसानियत, भाईचारे और सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया। इन ग्रंथों का सूफी साहित्य में अत्यधिक महत्व है।

72. ख्वाजा फखरूद्दीन चिश्ती की दरगाह स्थित है?

  • (A) सरवाड़ (अजमेर)
  • (B) सोजत (पाली)
  • (C) सावा (चित्तौड़)
  • (D) बदनौर (ब्यावर)

ख्वाजा फखरूद्दीन चिश्ती की दरगाह सरवाड़ (अजमेर) में स्थित है। वे ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के ज्येष्ठ पुत्र थे और सूफी मत के प्रचारक के रूप में प्रसिद्ध हुए। उनकी दरगाह पर आज भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचते हैं। यह दरगाह स्थानीय स्तर पर साम्प्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है।

73. मस्तान शाह बाबा की दरगाह स्थित है?

  • (A) नरैना (जयपुर)
  • (B) थानागाजी (अलवर)
  • (C) सोजत (पाली)
  • (D) तारागढ़ (अजमेर)

मस्तान शाह बाबा की दरगाह सोजत (पाली) में स्थित है। यह दरगाह स्थानीय धार्मिक आस्था का प्रमुख स्थल है। यहाँ हर वर्ष उर्स का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। सोजत अपने हिना उत्पादन के साथ-साथ इस दरगाह के कारण भी प्रसिद्ध है।

74. हजरत गद्दन शाह की दरगाह स्थित है?

  • (A) गजनेर (बीकानेर)
  • (B) जायल (नागौर)
  • (C) सांभर (जयपुर)
  • (D) तिजारा (खैरथल तिजारा)

हजरत गद्दन शाह की दरगाह तिजारा (अलवर) में स्थित है। यह दरगाह धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और यहाँ हर साल उर्स आयोजित होता है। तिजारा सूफी परंपरा से गहराई से जुड़ा हुआ क्षेत्र है और गद्दन शाह की दरगाह श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रतीक है।

75. चिश्ती सम्प्रदाय के सम्बन्ध में असत्य कथन है-

  • (A) शिष्य को 'मुरीद' कहा जाता है।
  • (B) गुरु को 'मुर्शीद' कहा जाता है।
  • (C)
  • (D)

चिश्ती सम्प्रदाय में उपदेश स्थल को जमीदखाना कहा जाता है और निवास स्थल को खानकाह। शिष्य को 'मुरीद', गुरु को 'मुर्शीद' और संतों को 'वली' कहा जाता है। इसलिए विकल्प D असत्य है। यह प्रश्न अक्सर परीक्षाओं में चिश्ती मत से संबंधित अवधारणाओं की जाँच के लिए पूछा जाता है।

76. कबीरशाह की दरगाह स्थित है?

  • (A) करौली
  • (B) जयपुर
  • (C) ब्यावर
  • (D) टोंक

कबीरशाह की दरगाह करौली जिले में स्थित है। यह दरगाह सूफी मत की शिक्षाओं और भाईचारे का प्रतीक मानी जाती है। करौली का यह धार्मिक स्थल हर साल हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहाँ उर्स के अवसर पर विशेष आयोजन किए जाते हैं।

77. काकाजी की दरगाह स्थित है?

  • (A) जालौर
  • (B) प्रतापगढ़
  • (C) ब्यावर
  • (D) दौसा

काकाजी की दरगाह प्रतापगढ़ जिले में स्थित है। इसे 'कांठल का ताजमहल' भी कहा जाता है। इस दरगाह का स्थापत्य बेहद सुंदर है और यह आस्था का बड़ा केंद्र है। प्रतापगढ़ की पहचान इस दरगाह से भी जुड़ी हुई है।

78. गुलाम कलंदर का मकबरा कहाँ पर स्थित है?

  • (A) जोधपुर
  • (B) जयपुर
  • (C) डीडवाना-कुचामन
  • (D) सीकर

गुलाम कलंदर का मकबरा जोधपुर में स्थित है। यह मकबरा धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। जोधपुर अपने किलों और महलों के साथ-साथ दरगाहों और मकबरों के लिए भी प्रसिद्ध है। गुलाम कलंदर का मकबरा सूफी परंपरा की याद दिलाता है।

79. निम्न में से असुमेलित युग्म है-

  • (A) गुलर कालूदान मीनार - जोधपुर
  • (B) फतहसागर गुम्बद - धौलपुर
  • (C) तन्हा पीर की दरगाह - जोधपुर
  • (D) नौगजा पीर की दरगाह - टोंक

असुमेलित युग्म फतहसागर गुम्बद - धौलपुर है। वास्तव में यह गुम्बद अलवर में स्थित है। जबकि गुलर कालूदान मीनार जोधपुर, तन्हा पीर की दरगाह जोधपुर और नौगजा पीर की दरगाह टोंक में सही स्थानों पर हैं। इसलिए यह प्रश्न स्थानों के सही मिलान की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

80. राजस्थान का कौनसा शहर ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की कर्मस्थली रहा है?

  • (A) बीकानेर
  • (B) नागौर
  • (C) जयपुर
  • (D) अजमेर

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की कर्मस्थली अजमेर रही है। उन्होंने यहीं रहकर सूफी परंपरा का प्रचार-प्रसार किया और गरीबों व पीड़ितों की सेवा की। अजमेर की दरगाह आज भी उनकी शिक्षाओं और उपदेशों का प्रतीक है और इसे "गरीब नवाज़ की दरगाह" कहा जाता है।

मुस्लिम पीर, मस्जिदें, दरगाह, मीनार, मकबरे MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6

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