राजस्थान के आभूषण (Jewelry of Rajasthan) MCQ – Part 1
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के आभूषण से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें थड्डा, टांका, सुरलिया, सरी, टूस्सी, तुलसी, तिमणिया, रखड़ी, दूस्सी, छैलकड़ी आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान के आभूषण
- Question: 1 से 20
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1. मादलिया' पहना जाता है?
- (A) भुजाओं पर
- (B) ललाट पर
- (C) गले पर
- (D) कलाई पर
मादलिया गले का आभूषण है। इसका आकार ढोलक जैसा होता है और इसे ताबीज की तरह भी प्रयोग किया जाता है। इसे प्रायः डोरी में पिरोकर पहना जाता है।
2. मेमंद पहना जाता है?
- (A) कमर पर
- (B) गले में
- (C) सिर पर
- (D) भुजा पर
मेमंद सिर का आभूषण है। राजस्थान में सिर के आभूषणों में शीशफूल, बोर, मेमंद, रखड़ी, पतरी, टीका, सिरमांग, टिड्डी भलकौ, बिन्दी, सांकली, तावित, चूड़ारन प्रमुख हैं। मेमंद इतना लोकप्रिय है कि लोकगीतों में भी इसका उल्लेख मिलता है – "माथे न मेमंद लावो, भंवर म्हार रखड़ी रतन जड़ाव"।
3. बजट्टी नाम आभूषण शरीर के किस भाग में धारण किया जाता है।
- (A) नाक
- (B) दांत
- (C) कान
- (D) गला
बजट्टी कान का आभूषण है, जो झुमके के साथ लटकता रहता है। राजस्थान में कान के आभूषणों की कई किस्में प्रसिद्ध हैं जैसे – कर्णफूल, पीपलपत्र, झुमका, झुमकी, ओगन्या, गुड़ढ़ा, बाला, बाली, मोरुवर, लटकन, टोटी, लूंग, टॉप्स, सुरलिया, अंगोट्या आदि।
4. फोलरी' नामक आभूषण पहना जाता है?
- (A) गले में
- (B) पैर की अंगुली में
- (C) बाजू में
- (D) हाथ की अँगुली में
फोलरी पैर की अंगुलियों में पहना जाने वाला आभूषण है। यह चाँदी के तारों से फूल के आकार में बनाई जाती है, इसलिए इसका नाम फोलरी पड़ा। इसे महिलाएँ विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में पहनती हैं।
5. निम्नलिखित में से कौनसा आभूषण गर्दन में पहना जाता है, परन्तु नेकलेस से बड़ा और भारी होता है?
- (A) थड्डा
- (B) टूस्सी
- (C) टांका
- (D) सुरलिया
टूस्सी (ठुस्सी/टुस्सी) गले का आभूषण है, जो नेकलेस से भारी और बड़ा होता है। राजस्थान में गले के आभूषणों में टूस्सी के अलावा – थमण्यो, आड, झालरा, तिमणिया, टेवटो, थेड़यो, मोहरन, निबोरी, रामनामी, तांती, चौकी, मादलया, हमेल, मंगलसूत्र, चैन, कंठमाला, हार, हालरो, हॉसली, गलपटियो, कंठी, चम्पाकली, पोत, सरी, हांकल आदि प्रमुख हैं।
6. चम्पाकली आभूषण शरीर के किस अंग पर पहना जाता है?
- (A) सिर
- (B) माथा
- (C) नाक
- (D) गर्दन
चम्पाकली गले का आभूषण है। यह हार के रूप में प्रयोग होता है और इसकी आकृति चम्पा के फूल जैसी होती है। राजस्थान में गले के आभूषणों की विविधता देखने को मिलती है जैसे – ठुस्सी, थमण्यो, झालरा, बंजटी, हालरो, हंसली, गलसरी, पोल, हांकल, सरी, टेवटो, चन्द्रहार, कंठमाला, तुलसी, गलपटयो, रामनामी, मंगलसूत्र, चैन, मांदलिया, नावां, ताती, चौकी, वैजयंती, मोहरन आदि।
7. चूंप नामक आभूषण कहाँ पहना जाता है?
- (A) हाथ
- (B) दाँत
- (C) अंगुली
- (D) नाक
चूंप दाँतों का आभूषण है। इसमें दाँतों के बीच छिद्र बनवाकर सोने की कील जड़ दी जाती है। यह विशेषकर जनजातीय समाज में लोकप्रिय है। दाँतों के अन्य आभूषण रखन, घांस और मेख हैं।
8. मेमंद' आभूषण पहना जाता है?
- (A) सिर पर
- (B) कमर पर
- (C) भुजा पर
- (D) पैरों पर
मेमंद सिर का आभूषण है, जिसे विशेषकर राजस्थान की स्त्रियाँ माथे पर सजाती हैं। यह आभूषण विवाह और उत्सवों के अवसर पर पहना जाता है। इसकी सुंदरता और चमक से चेहरे का आकर्षण बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, यह आभूषण सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। लोकगीतों में भी इसका उल्लेख मिलता है, जैसे – “माथे न मेमंद लावो, भंवर म्हार रखड़ी रतन जड़ाव।”
9. निम्न में से कौनसा आभूषण गले में नहीं पहना जाता है?
- (A) तुलसी
- (B) तिमणिया
- (C) सरी
- (D) रखड़ी
रखड़ी गले का नहीं बल्कि सिर का आभूषण है। राजस्थान में इसे बालों के बीच या माथे के पास सजाया जाता है। गले में पहने जाने वाले आभूषणों की अलग श्रेणी होती है, जिनमें तुलसी, तिमणिया, सरी, हार, चम्पाकली, कंठमाला और मंगलसूत्र प्रमुख हैं। इनका उद्देश्य केवल सजावट नहीं, बल्कि पारिवारिक परंपरा और सामाजिक पहचान को दर्शाना भी है।
10. कन्दोरा' नामक आभूषण औरतों द्वारा पहना जाता है?
- (A) नाक
- (B) कान
- (C) कमर
- (D) पाँव
कंदोरा कमर का आभूषण है, जिसे चाँदी या सोने की मोटी चेन के रूप में बनाया जाता है। इसे खास अवसरों, विवाह या त्योहारों पर पहना जाता है। यह आभूषण न केवल आकर्षक होता है, बल्कि पहनने वाली स्त्री की गरिमा और परंपरा को भी दर्शाता है। कंदोरा राजस्थान की ग्रामीण और शहरी स्त्रियों दोनों के बीच लोकप्रिय है।
11. तिणमिया पहना जाता है?
- (A) पुरुषों द्वारा, बाजू पर
- (B) महिलाओं द्वारा, गले में
- (C) महिलाओं द्वारा, ललाट पर
- (D) पुरुषों द्वारा, हाथ पर
तिमणिया महिलाओं द्वारा गले में पहना जाने वाला आभूषण है। इसमें कई सिक्केनुमा लटकनें या पत्तियाँ होती हैं, जो इसे और भी आकर्षक बनाती हैं। तिमणिया मुख्य रूप से शादी या विशेष धार्मिक अवसरों पर पहनने की परंपरा रही है। यह आभूषण स्त्रियों के श्रृंगार का अभिन्न हिस्सा माना जाता है और उनकी सामाजिक स्थिति को भी दर्शाता है।
12. मोरमॉडली व मोर पट्टा किस प्रकार के आभूषण हैं?
- (A) स्त्रियों की नाक का आभूषण
- (B) स्त्रियों के सिर का आभूषण
- (C) पुरूषों के कान का आभूषण
- (D) पुरुषों की नाक का आभूषण
मोरमॉडली और मोर पट्टा सिर के आभूषण हैं। इनका डिज़ाइन प्रायः मोर से प्रेरित होता है, जो भारतीय संस्कृति में सौंदर्य और पवित्रता का प्रतीक है। विवाह या उत्सवों में जब महिलाएँ इसे पहनती हैं, तो उनकी शोभा और बढ़ जाती है। राजस्थान की पारंपरिक पोशाक के साथ ये आभूषण स्त्रियों के सौंदर्य और शृंगार को पूर्णता प्रदान करते हैं।
13. निम्नलिखित में से कौनसा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
- (A) नखलियों – पैर की अंगुली
- (B) सावली – कमर
- (C) लंगर – कलाई
- (D) तावित – कान
तावित कान का नहीं बल्कि सिर का आभूषण है। इसे ताबीज की तरह माथे या सिर पर पहना जाता है। बाकी विकल्प सही सुमेलित हैं – नखलियों पैर की अंगुली में, सावली कमर पर, और लंगर कलाई पर पहना जाता है। इन आभूषणों का प्रयोग प्राचीन काल से होता आ रहा है और यह महिलाओं की पारंपरिक पहचान से गहराई से जुड़े हुए हैं।
14. निम्नलिखित में से कौनसा युग्म (आभूषण-अंग) सही सुमेलित है?A. वैजयन्ती – गलाB. कटि मेखला – कमरC. जुड़ा सलाका – कानD. जेहर – पैर
- (A) A, B और C
- (B) B, C और D
- (C) A, B और D
- (D) C और D
वैजयन्ती गले का, कटि मेखला कमर का और जेहर पैर का आभूषण है। जुड़ा सलाका दरअसल कान का नहीं, बल्कि बालों को सजाने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसे सोने या चाँदी के पतले तार से बनाया जाता है और इससे जुड़ा बाँधने का काम भी किया जाता है। यह युग्म सही-सही समझने से आभूषणों की विविधता स्पष्ट होती है।
15. सोहाली नामक आभूषण कहाँ पहना जाता है?
- (A) कान
- (B) सिर
- (C) गला
- (D) पैर
सोहाली सिर का आभूषण है। यह खासकर राजपूत स्त्रियों का प्रिय आभूषण माना जाता है। इसे भौंहों के पास धारण किया जाता है, जिससे चेहरे की सुंदरता और भी निखर जाती है। सोहाली का सांस्कृतिक महत्व भी है, क्योंकि यह शौर्य और परंपरा की प्रतीक राजपूती शान को दर्शाता है।
16. मोर भँवर' व 'पाटन' आभूषण शरीर के किस भाग से संबंधित हैं?
- (A) सिर
- (B) पैर
- (C) नाक
- (D) कान
मोर भँवर और पाटन कान के आभूषण हैं। इन्हें मोर की आकृति और प्राकृतिक सौंदर्य से प्रेरित होकर बनाया जाता है। इनका डिज़ाइन इतना आकर्षक होता है कि यह स्त्रियों के कानों को सजाने के साथ उनकी पारंपरिक पहचान का भी प्रतीक बन जाते हैं। राजस्थान की संस्कृति में इनका खास महत्व है।
17. निम्नलिखित में से कौन सा आभूषण गर्दन में पहना जाता है, परंतु नेकलेस से बड़ा और भारी होता है?
- (A) थड्डा
- (B) दूस्सी
- (C) टांका
- (D) सुरलिया
दूस्सी (ठुस्सी/टूस्सी) गले में पहना जाने वाला भारी आभूषण है। यह सामान्य नेकलेस से बड़ा और वज़नदार होता है। राजस्थान की स्त्रियाँ इसे खास मौकों जैसे शादी, त्योहार या धार्मिक उत्सवों पर पहनती हैं। इसकी भव्यता और डिज़ाइन पहनने वाली स्त्री की शान और परंपरा को दर्शाते हैं। यह गले के आभूषणों की सबसे प्रमुख किस्मों में से एक है।
18. निम्न में से कौन सा पुरुषों का आभूषण है?
- (A) छैलकड़ी
- (B) नेवरी
- (C) पोत
- (D) सरी
छैलकड़ी पुरुषों का आभूषण है, जिसे कानों में पहना जाता है। राजस्थान में जहाँ अधिकांश आभूषण स्त्रियों के लिए बने होते हैं, वहीं कुछ आभूषण पुरुष भी धारण करते हैं। छैलकड़ी इसी श्रेणी में आता है और यह पुरुषों की पारंपरिक शान और पहचान का प्रतीक है।
19. सुरलिया' एक आभूषण है जिसे पहना जाता है?
- (A) दाँत में
- (B) कान में
- (C) नाक में
- (D) पाँव में
सुरलिया कान का आभूषण है। इसे चाँदी या सोने से बनाया जाता है और यह छोटे-छोटे झुमकों जैसा होता है। राजस्थान में स्त्रियाँ इसे विशेष रूप से पहनती हैं। यह कान की शोभा बढ़ाता है और पारंपरिक पहनावे के साथ आकर्षक लगता है।
20. शीशफूल नामक आभूषण शरीर के किस अंग पर पहना जाता है?
- (A) सिर पर
- (B) कमर पर
- (C) भुजा पर
- (D) पैरों पर
शीशफूल सिर का आभूषण है। इसे बालों के बीच में सजाया जाता है और यह फूलों के आकार जैसा होता है। शीशफूल विवाह और उत्सवों पर स्त्रियों द्वारा पहना जाता है और यह पारंपरिक श्रृंगार का एक अहम हिस्सा है।
राजस्थान के आभूषण MCQ – सभी भाग:
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