राजस्थान के आभूषण (Jewelry of Rajasthan) MCQ – Part 3
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के आभूषण से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें गुड़दा, पतरी, मेमंद, गोफण, सुरलिया, झेला, टॉप्स, फीणी, फुन्दा, लटकन आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान के आभूषण
- Question: 41 से 60
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41. हमेल आभूषण कहाँ पहना जाता है?
- (A) सिर
- (B) कान
- (C) गला
- (D) कमर
हमेल गले का आभूषण है। यह हार जैसा दिखता है और सोने से बनाया जाता है। शेखावाटी क्षेत्र में यह बहुत प्रसिद्ध है और इसे स्थानीय भाषा में "म्हेल" भी कहा जाता है। यह आभूषण पारंपरिक श्रृंगार की शोभा बढ़ाता है।
42. कांटा नामक आभूषण पहना जाता है?
- (A) कान
- (B) नाक
- (C) गला
- (D) कलाई
कांटा नाक का आभूषण है। इसे सोने या चाँदी से बनाया जाता है और यह प्रायः छोटे आकार की लौंग जैसा होता है। राजस्थान की ग्रामीण स्त्रियाँ इसे अधिक पहनती हैं और इसे सुहाग का प्रतीक भी माना जाता है।
43. पछेली आभूषण कहाँ पहना जाता है?
- (A) कलाई
- (B) हाथ की अंगुलियाँ
- (C) गला
- (D) भुजा
पछेली कलाई का आभूषण है। यह चाँदी से बनी मोटी चूड़ी जैसी होती है जिसे विवाहित स्त्रियाँ विशेष रूप से पहनती हैं। पछेली सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से स्त्रियों की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
44. गजरा आभूषण कहाँ पहना जाता है?
- (A) सिर
- (B) गला
- (C) नाक
- (D) कलाई
गजरा कलाई का आभूषण है। यह छोटे-छोटे मोतियों से बना होता है और चूड़ी की तरह नहीं बल्कि कलाई से चिपका हुआ पहना जाता है। यह देखने में सुंदर होता है और अक्सर त्योहारों व विशेष अवसरों पर धारण किया जाता है।
45. पाटला आभूषण कहाँ पहना जाता है?
- (A) हाथ की अंगुलियां
- (B) कमर
- (C) कलाई
- (D) पैर की अंगुलियाँ
पाटला कलाई का आभूषण है। यह चूड़ी से थोड़ा चौड़े आकार का होता है और आमतौर पर सोने या चाँदी से बनाया जाता है। विधवा स्त्रियों द्वारा चाँदी से बना पाटला “बाहिवो” कहलाता है। यह पारंपरिक रूप से कलाई को सजाने वाला प्रमुख आभूषण है।
46. आड आभूषण कहाँ पहना जाता है?
- (A) गला
- (B) सिर
- (C) कान
- (D) पैर
आड गले का आभूषण है। यह हार की तरह होता है और प्रायः सोने का बना होता है। राजस्थान की स्त्रियाँ इसे विशेष अवसरों पर पहनती हैं। यह गले की शोभा बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक प्रतिष्ठा को भी दर्शाता है।
47. अरसी आभूषण कहाँ पहना जाता है?
- (A) गला
- (B) हाथ की अंगुलियाँ
- (C) कलाई
- (D) भुजा
अरसी हाथ की अंगुली का आभूषण है। यह एक प्रकार की अंगूठी होती है जिसे प्रायः अंगूठे में पहना जाता है। अरसी में कभी-कभी छोटा दर्पण भी जड़ा होता है, जिससे स्त्रियाँ अपनी सूरत देख पाती थीं। यह आभूषण सौंदर्य और उपयोगिता दोनों का प्रतीक है।
48. कोका आभूषण कहाँ पहना जाता है?
- (A) नाक
- (B) कान
- (C) दाँत
- (D) गला
कोका नाक का आभूषण है। यह सोने या चाँदी से बना छोटा गहना होता है, जिसे स्त्रियाँ नाक में पहनती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों और विशेष रूप से विवाहित महिलाओं में इसका चलन अधिक है। यह सुहाग और परंपरा दोनों का प्रतीक माना जाता है।
49. रखड़ी नामक आभूषण पहना जाता है?
- (A) कान
- (B) सिर
- (C) कलाई
- (D) हाथ
रखड़ी सिर का आभूषण है। यह गोलाकार आकार का होता है और प्रायः माथे के बीच में सजाया जाता है। इसे सुहाग का प्रतीक माना जाता है और विवाह तथा धार्मिक अवसरों पर स्त्रियाँ विशेष रूप से धारण करती हैं।
50. मौड़ नामक आभूषण पहना जाता है?
- (A) सिर
- (B) गला
- (C) पैर
- (D) कमर
मौड़ सिर का आभूषण है। विवाह के अवसर पर दूल्हे और दुल्हन के सिर व कान पर बांधा जाने वाला मुकुट मौड़ कहलाता है। यह उत्सव और शुभ अवसरों पर विशेष रूप से प्रयोग में आता है और वैवाहिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
51. कौनसा आभूषण सिर पर नहीं पहना जाता है?
- (A) गुड़दा
- (B) पतरी
- (C) मेमंद
- (D) गोफण
गुड़दा सिर का नहीं बल्कि कान का आभूषण है। यह सोने के तार के आगे मुद्रा या मोती पिरोकर बनाया जाता है। जबकि पतरी, मेमंद और गोफण सिर पर पहने जाने वाले आभूषण हैं।
52. कौनसा आभूषण कान में नहीं पहना जाता है?
- (A) सुरलिया
- (B) झेला
- (C) टॉप्स
- (D) फीणी
फीणी (भंवरा) नाक का आभूषण है। यह मोटे लूंग जैसा होता है और बिश्नोई जाति की स्त्रियाँ इसे नाक में पहनती हैं। जबकि सुरलिया, झेला और टॉप्स कान के आभूषण हैं।
53. कौनसा आभूषण कान में पहना जाता है?
- (A) फुन्दा
- (B) लटकन
- (C) तुलसी
- (D) उतरणी
लटकन कान का आभूषण है। यह कान के झुमके या झुमकी के साथ लटकता है और इसे आकर्षक बनाने का कार्य करता है। राजस्थान की स्त्रियाँ इसे विशेष अवसरों पर धारण करती हैं।
54. कौनसा आभूषण नाक में पहना जाता है?
- (A) चूंप
- (B) झालरा
- (C) भंवरा
- (D) बजन्टी
भंवरा (फीणी) नाक का आभूषण है। यह मोटा लूंग जैसा होता है और विशेषकर बिश्नोई जाति की महिलाओं में लोकप्रिय है। यह सुहाग का प्रतीक भी माना जाता है।
55. चौंप नामक आभूषण पहना जाता है?
- (A) दाँत
- (B) कलाई
- (C) नाक
- (D) पैर
चौंप नाक का आभूषण है। यह सोने या चाँदी से बनाया जाता है और छोटे आकार का होता है। राजस्थान की स्त्रियाँ इसे अपनी परंपरा के तहत धारण करती हैं।
56. धांस, मेख, चूंप व रखन नामक आभूषण पहने जाते हैं?
- (A) कान
- (B) दाँत
- (C) नाक
- (D) पैर
धांस, मेख, चूंप और रखन दाँतों के आभूषण हैं। इन आभूषणों में दाँतों में छेद कर सोने या चाँदी की कीलें जड़ी जाती हैं। यह विशेषकर जनजातीय समुदायों में अधिक प्रचलित रहे हैं और इन्हें परंपरागत श्रृंगार का हिस्सा माना जाता है।
57. बजट्टी नामक आभूषण पहना जाता है?
- (A) गले में
- (B) पैर में
- (C) सिर में
- (D) हाथ में
बजट्टी गले का आभूषण है। यह कपड़े की छोटी पट्टी पर सोने के खोखले दानों को पिरोकर बनाया जाता है। वागड़ और मेवाड़ क्षेत्र में इसे “बजरटीकी” भी कहा जाता है। यह गले में सजाकर पहनने वाली महिलाओं के श्रृंगार की सुंदरता को और बढ़ा देता है।
58. हालरो नामक आभूषण पहना जाता है?
- (A) सिर
- (B) पैर
- (C) गला
- (D) भुजा
हालरो गले का आभूषण है। यह हार की तरह होता है और महिलाओं द्वारा खास अवसरों पर पहना जाता है। राजस्थान की संस्कृति में हालरो का विशेष स्थान है, क्योंकि यह न केवल श्रृंगार को पूरा करता है बल्कि परंपरा और सामाजिक पहचान को भी दर्शाता है।
59. लाख से निर्मित चूड़ियाँ कहलाती हैं?
- (A) पाटला
- (B) मोकड़ी
- (C) बंगड़ी
- (D) मूँठ्या
मोकड़ी लाख से बनी चूड़ियाँ होती हैं। लाख की चूड़ियों का राजस्थान में विशेष महत्व है। ये रंग-बिरंगी और हल्की होती हैं, जिन्हें महिलाएँ विशेष रूप से विवाह और उत्सवों में पहनती हैं। लाख की चूड़ियाँ सुहाग का प्रतीक भी मानी जाती हैं।
60. हाथ की 2 अंगुलियों में एक साथ पहना जाने वाला आभूषण है?
- (A) दामणी
- (B) छल्ला
- (C) अरसी
- (D) हथपान
दामणी हाथ की अंगुलियों का आभूषण है। इसे एक साथ दो अंगुलियों में पहना जाता है। यह बिंटीनुमा आकार का होता है और स्त्रियों के हाथों की सुंदरता को बढ़ाता है। यह आभूषण खासकर विवाह और पारंपरिक अवसरों पर धारण किया जाता है।
राजस्थान के आभूषण MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6 | Part 7 | Part 8 | Part 9
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