राजस्थान के आभूषण (Jewelry of Rajasthan) MCQ – Part 7
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के आभूषण से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें तिमणिया, मांदलिया, टेवटा, ओगनिया, मेमंद, मोरखा, रखड़ी, कंडोरा, आँवला, कांठला आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान के आभूषण
- Question: 121 से 140
- Last Updated:
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121. महिलाओं के गहनों का सिर से पैर तक सही क्रम है:
- (A) बोर, बिन्दिया, टीडीभलकी, गलपटियो, चुप, कड़ला, नथ
- (B) बोर, टीडीभलकौ, बिन्दिया, नथ, चुप, गलपटियो, कड़ला
- (C) बोर, नथ, बिन्दिया, टीडीभलको, चुप, गलपटियो, कड़ला
- (D) बोर, बिन्दिया, नथ, टीडीभलको, चुप, गलपटियो, कडला
सही क्रम है सिर पर बोर, टीडीभलकौ और बिन्दिया, नाक में नथ, हाथ में चुप, गले में गलपटियो और कलाई में कड़ला। यह श्रृंखला पारंपरिक स्त्री श्रृंगार को दर्शाती है जिसमें सिर से लेकर पैर तक हर अंग को विशेष आभूषणों से सजाया जाता है।
122. तिमणिया पहना जाता है–
- (A) महिलाओं द्वारा, ललाट पर
- (B) पुरुषों द्वारा, हाथ पर
- (C) पुरुषों द्वारा, बाजू पर
- (D) महिलाओं द्वारा, गले पर
तिमणिया महिलाओं के गले का आभूषण है। यह सोने का हारनुमा गहना होता है जिसे विवाहित स्त्रियाँ विशेष अवसरों पर पहनती हैं। राजस्थान की संस्कृति में तिमणिया को गले की शोभा बढ़ाने वाला और पारंपरिक आभूषण माना गया है।
123. टोटी आभूषण शरीर के किस भाग में पहना जाता है?
- (A) कटि
- (B) हाथ
- (C) कान
- (D) नाक
टोटी कान का आभूषण है। यह सोने या चाँदी से बना छोटा गहना होता है और अन्य कान के गहनों जैसे झुमका, कर्णफूल और बाली के साथ कानों की शोभा बढ़ाता है।
124. निम्नलिखित में से कौनसा आभूषण राजस्थान में स्त्रियों द्वारा गले में नहीं पहना जाता है?
- (A) तिमणिया
- (B) मांदलिया
- (C) टेवटा
- (D) ओगनिया
ओगनिया गले का नहीं बल्कि कान का आभूषण है। यह पान के पत्ते जैसा आकार लिए होता है और कान के ऊपरी हिस्से में पहना जाता है। गले के गहनों में तिमणिया, मांदलिया और टेवटा प्रमुख हैं।
125. निम्नलिखित में से कौन सा आभूषण महिलाओं द्वारा नहीं पहना जाता है?
- (A) मेमंद
- (B) मोरखा
- (C) रखड़ी
- (D) कंडोरा
मोरखा महिलाओं का नहीं बल्कि ऊँट के मुख के श्रृंगार में प्रयुक्त आभूषण है। मेमंद, रखड़ी और कंडोरा क्रमशः सिर और कमर के गहने हैं जिन्हें महिलाएँ पहनती हैं।
126. अधोलिखित में से कौनसा आभूषण गले में नहीं पहना जाता
- (A) तिमणिया
- (B) मांदलिया
- (C) आँवला
- (D) कांठला
आँवला गले का नहीं बल्कि पैरों का आभूषण है। यह चाँदी से बना कड़े जैसा होता है जिसे पैरों में पहना जाता है। तिमणिया, मांदलिया और कांठला गले के गहनों में गिने जाते हैं।
127. पीपल पन्ना है–
- (A) स्त्रियों के कान का आभूषण
- (B) स्त्रियों के सिर का आभूषण
- (C) स्त्रियों के गले का आभूषण
- (D) स्त्रियों के कमर का आभूषण
पीपल पन्ना कान का आभूषण है। यह सोने या चाँदी से बना होता है और कान के ऊपरी हिस्से में छेद करके धारण किया जाता है। इसे राजस्थान में विशेष रूप से पीपलपत्र भी कहा जाता है।
128. हालरो' पहना जाता है–
- (A) पुरुषों द्वारा बाजू पर
- (B) महिलाओं द्वारा गले पर
- (C) महिलाओं द्वारा ललाट पर
- (D) पुरुषों द्वारा सिर पर
हालरो महिलाओं का गले का आभूषण है। यह हारनुमा गहना है जिसे विशेष अवसरों और उत्सवों में गले में पहना जाता है। राजस्थान की पारंपरिक स्त्रियाँ इसे अपनी शोभा बढ़ाने के लिए धारण करती हैं।
129. तागड़ी शरीर के किस भाग पर पहनी जाती है?
- (A) कमर
- (B) गले
- (C) पैर
- (D) नाक
तागड़ी महिलाओं द्वारा कमर पर पहना जाने वाला आभूषण है। इसे सोने या चाँदी से बनाया जाता है और इसे करधनी या सटका के समान माना जाता है। यह विशेष रूप से विवाह और उत्सवों में धारण किया जाता है।
130. निम्न में से कौनसा पुरूषों का आभूषण है?
- (A) छैलकड़ी
- (B) नेवरी
- (C) पोत
- (D) सरी
छैलकड़ी पुरुषों का आभूषण है जिसे कानों में पहना जाता है। यह विशेष रूप से ग्रामीण और पारंपरिक समाज में प्रचलित रहा है। पुरुषों के अन्य आभूषणों में कड़ा, बाजूबंद, नरमुख, बलेवड़ा, सेहरा, सिरपेच और कलंगी भी शामिल हैं।
131. पुरूषों द्वारा पहने जाना वाला आभूषण निम्न में से कौन-सा है?
- (A) बोरला
- (B) मुरकियां
- (C) टड्डा
- (D) बंगड़ी
मुरकियां सोने या चांदी की ठोस कुड़क होती हैं जिन्हें पुरुष अपने कानों में पहनते हैं। यह पारंपरिक रूप से पुरुषों का विशेष आभूषण माना जाता है। बोरला महिलाओं के सिर का आभूषण है, टड्डा स्त्रियों की भुजा पर पहना जाता है और बंगड़ी कलाई का आभूषण है।
132. बुलाक आभूषण स्त्रियां शरीर के किस भाग में धारण करती हैं?
- (A) कान
- (B) नाक
- (C) गर्दन
- (D) कमर
बुलाक स्त्रियों का नाक का आभूषण है। यह नथ, बेसर, फीणी और अन्य नाक के गहनों की तरह नाक को सुशोभित करता है। राजस्थान की परंपरा में बुलाक का विशेष महत्व है और यह स्त्रियों की शोभा बढ़ाने वाला गहना है।
133. निम्नांकित में से कौन-सा आभूषण कान पर पहना जाता है?
- (A) टीका
- (B) बूली
- (C) टोटी
- (D) रिमझोल
टोटी कान का आभूषण है, विशेषकर गरासिया महिलाओं द्वारा पहना जाता है। यह छोटा और सुंदर गहना होता है। टीका सिर पर पहना जाता है, बूली का प्रयोग अन्य गहनों में होता है और रिमझोल पैर का आभूषण है।
134. सुरलिया' एक आभूषण है जिसे कहाँ पहना जाता है?
- (A) गरदन में
- (B) कान
- (C) पैर में
- (D) कलाई में
सुरलिया कान का आभूषण है। यह छोटे आकार का गहना होता है जिसे कान में धारण किया जाता है। राजस्थान की ग्रामीण महिलाएँ इसे बड़े शौक से पहनती हैं। गले, पैर और कलाई के आभूषण इसके अलग-अलग प्रकार होते हैं।
135. राजस्थान के आभूषणों से संबंधित निम्नलिखित में से कौनसा कथन गलत है?
- (A) बंगड़ी (चूड़ी) को कलाई में पहना जाता है।
- (B) सुरलिया कानों में पहना जाता है।
- (C) फिनी को टखने में पहना जाता है।
- (D) पोलरा को पैरों में पहना जाता है।
फीणी नाक का आभूषण है, न कि टखने का। इसे बिश्नोई जाति की महिलाएँ नाक में पहनती हैं। बंगड़ी कलाई का आभूषण है, सुरलिया कानों का और पोलरा पैरों का आभूषण होता है।
136. तेथड़' आभूषण पहना जाता है?
- (A) स्त्रियों के सिर पर
- (B) स्त्रियों के पैरों में
- (C) स्त्रियों के हाथों में
- (D) स्त्रियों के कानों में
तेथड़ स्त्रियों के पैरों का आभूषण है। यह पायल या नुपूर की तरह होता है और राजस्थान की ग्रामीण एवं आदिवासी महिलाओं में लोकप्रिय है। पैरों की सुंदरता को बढ़ाने में इसका विशेष महत्व है।
137. पायलनुमा आभूषण जो रुणझुण की आवाज करता है?
- (A) आँवला
- (B) झाझर
- (C) लछने
- (D) पैजनिया
झाझर पैरों में पहनने वाला पायलनुमा आभूषण है। इसमें छोटी-छोटी घुँघरियाँ लगी होती हैं, जिनसे चलने पर मधुर रुणझुण की आवाज निकलती है। यह आभूषण महिलाओं की चाल में विशेष आकर्षण लाता है।
138. निम्न आभूषणों को ऊपर से नीचे की ओर पहनने के क्रम में व्यवस्थित कीजिये:
- (A) रखड़ी, पीपलपत्र, नकेसर, आड, सटका, आँवला
- (B) पीपलपत्र, नकेसर, रखड़ी, सटका, आड, आँवला
- (C) आँवला, सटका, आड, नकेसर, पीपलपत्र, रखड़ी
- (D) रखड़ी, नकेसर, पीपलपत्र, सटका, आड, आँवला
सही क्रम है – रखड़ी (सिर), पीपलपत्र (कान), नकेसर (नाक), आड (गला), सटका (कमर), आँवला (पैर)। इस प्रकार यह क्रम ऊपर से नीचे की ओर आभूषणों के धारण करने का वास्तविक स्वरूप दर्शाता है।
139. पोत, हांकर, सरी, आभूषण कहाँ पहना जाता है?
- (A) नाक में
- (B) कानों में
- (C) गले में
- (D) पैरों में
पोत, हांकर और सरी सभी गले के आभूषण हैं। यह हार के रूप में गले में पहने जाते हैं और राजस्थान की स्त्रियों की शोभा बढ़ाते हैं। यह विशेष अवसरों पर पहनने वाले पारंपरिक गहनों में शामिल हैं।
140. रमझोल' आभूषण मध्यकालीन मारवाड़ में शरीर के किस भाग से संबंधित है?
- (A) कमर
- (B) नाक
- (C) पैर
- (D) अंगुली
रमझोल पैरों का आभूषण है। यह पायलनुमा होता है और पहनने पर झंकार की मधुर ध्वनि निकालता है। इसे विशेष रूप से मारवाड़ क्षेत्र की स्त्रियाँ पैरों में पहनती थीं। पैरों की सुंदरता और श्रृंगार का यह महत्वपूर्ण अंग है।
राजस्थान के आभूषण MCQ – सभी भाग:
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