राजस्थान के अन्य महत्वपूर्ण राजवंश MCQ Questions with Answers

राजस्थान के अन्य महत्वपूर्ण राजवंश MCQ Quiz | Practice Set with Detailed Explanation

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के अन्य महत्वपूर्ण राजवंश से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें बयाना, बदनौर, अलवर, अजमेर, कुंवरपाल आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, Fireman, Woman Superwiser, REET तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान के अन्य महत्वपूर्ण राजवंश
  • Last Updated:
  • Content Type: Updated MCQ Practice Set
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1. निम्न में से श्रृंगार देवी और गीगा देवी का संबंध था?

  • (A) कृष्णदेव परमार
  • (B) धन्धुक परमार
  • (C) महाराजा रामसिंह
  • (D) धारावर्ष परमार

धारावर्ष परमार आबू के परमार शासकों में सबसे शक्तिशाली शासक थे। उनकी दो रानियाँ श्रृंगार देवी और गीगा देवी थीं, जो नाडोल के चौहान राजा केल्हण की पुत्रियाँ थीं। यह तथ्य परमार-चौहान संबंधों को भी दर्शाता है और राजस्थान के मध्यकालीन राजनीतिक संबंधों को समझने में महत्वपूर्ण है।

2. जैसलमेर में किस महारावल की अल्पवयस्कता के काल में महेश्वरी जाति ने 'लाणी' प्रथा के मुद्दे को लेकर राज्य के विरुद्ध आंदोलन प्रारंभ कर दिया था?

  • (A) मूलराज द्वितीय
  • (B) शालिवाहन द्वितीय
  • (C) जैतसिंह द्वितीय
  • (D) रणजीत सिंह

जैसलमेर में महारावल शालिवाहन द्वितीय के अल्पवयस्क काल में महेश्वरी जाति द्वारा लाणी प्रथा के विरोध में आंदोलन शुरू किया गया था। यह प्रथा आर्थिक शोषण से जुड़ी थी, जिसके कारण व्यापारिक वर्ग में असंतोष फैल गया। यह घटना सामाजिक-आर्थिक संघर्ष का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

3. पृथ्वीराज चौहान की मृत्यु के बाद निम्न में से कौनसा व्यक्ति एकमात्र हिन्दू शासक हुआ, जो दिल्ली की सिंहासन पर बैठा ?

  • (A) हेमचन्द्र विक्रमादित्य
  • (B) महाराणा सांगा
  • (C) रावल रतनसिंह
  • (D) कुमार सिंह

माचेड़ी गाँव (अलवर) का धूसर बनिया हेमचन्द्र इतिहास में हेमूं के नाम से विख्यात है। 1192 ई. में अंतिम हिन्दू सम्राट पृथ्वीराज चौहान की मृत्यु के बाद हेमूं ही एकमात्र हिन्दू शासक हुआ, जो दिल्ली के सिंहासन पर बैठा। उसने अपना नाम विक्रमादित्य हेमचन्द्र रखा।

4. बीलपण का युद्ध कब हुआ?

  • (A) 18 अप्रैल, 1572
  • (B) 18 अप्रैल, 1573
  • (C) 18 अप्रैल, 1574
  • (D) 18 अप्रैल, 1575

रावल आसकरण राणा प्रताप का प्रबल समर्थक था और उसने मुगल सत्ता को स्वीकार नहीं किया। 18 अप्रैल, 1573 को बीलपण का युद्ध हुआ। इस युद्ध में आसकरण ने आत्मसमर्पण नहीं किया और पहाड़ों में शरण लेना उचित समझा। यह घटना मेवाड़ के संघर्ष को दर्शाती है।

5. किस रियासत ने अपनी आय बढ़ाने के लिए वर्ष 1945 ई. में 'महुआ कानून' लागू किया?

  • (A) डूंगरपुर
  • (B) उदयपुर
  • (C) प्रतापगढ़
  • (D) बांसवाड़ा

डूंगरपुर रियासत ने 1945 ई. में अपनी आय बढ़ाने के उद्देश्य से महुआ कानून लागू किया। इसके तहत प्रत्येक भील परिवार को डेढ़ मण महुआ रियासत को मुफ्त देना अनिवार्य था। इस कानून से जनजातीय समाज पर आर्थिक बोझ पड़ा और यह शोषण का उदाहरण माना जाता है।

6. शेखावाटी के पाँच प्रमुख ठिकाने, जो पंचपाणे कहलाते थे। निम्न में से कौनसा इनमें शामिल नहीं था?

  • (A) नवलगढ़
  • (B) मुकुन्दगढ़
  • (C) बिसाऊ
  • (D) मलसीसर

शेखावाटी क्षेत्र के पाँच प्रमुख ठिकाने पंचपाणे कहलाते थे, जिनमें बिसाऊ, डूंडलोद, मंडावा, मलसीसर और नवलगढ़ शामिल थे। मुकुन्दगढ़ इन पंचपाणों में शामिल नहीं था। यह प्रश्न शेखावाटी क्षेत्र की प्रशासनिक एवं सामंती संरचना को समझने में महत्वपूर्ण है।

7. चीनी यात्री हवेनसांग जब भीनमाल आया, उस समय यहाँ पर किस राजवंश का शासन था?

  • (A) चावड़ा
  • (B) चौहान
  • (C) प्रतिहार
  • (D) परमार

चीनी यात्री ह्वेनसांग 641 ई. में भीनमाल आया था। उस समय वहाँ चावड़ा वंश का शासन था। भीनमाल उस समय एक प्रमुख सांस्कृतिक और शैक्षणिक केंद्र था। यह जानकारी प्राचीन भारत के विदेशी यात्रियों के विवरण से प्राप्त होती है।

8. 1818 ई. में ईस्ट इंडिया कम्पनी से संधि के समय जैसलमेर का शासक कौन वा?

  • (A) मुलराज द्वितीय
  • (B) गजसिंह
  • (C) रणजीत सिंह
  • (D) शालिवाहन द्वितीय

1818 ई. में जब जैसलमेर ने ईस्ट इंडिया कम्पनी के साथ संधि की, उस समय वहाँ मुलराज द्वितीय का शासन था। इस संधि के बाद जैसलमेर ब्रिटिश संरक्षण में आ गया, जिससे उसकी आंतरिक स्वायत्तता बनी रही लेकिन बाहरी नियंत्रण अंग्रेजों के हाथ में चला गया।

9. टॉक में मुस्लिम रियासत का संस्थापक किसे माना जाता है?

  • (A) हसन खां मेवाती
  • (B) अमीर खां पिण्डारी
  • (C) गुलाब खां
  • (D) मोहम्मद खां

टोंक में मुस्लिम रियासत की स्थापना अमीर खां पिण्डारी ने की थी। वह एक शक्तिशाली पिण्डारी सरदार था, जिसे अंग्रेजों ने 1817-18 में संधि के बाद टोंक का शासक मान्यता दी। टोंक राजस्थान की एकमात्र मुस्लिम रियासत थी, जो ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

10. 1857 की क्रांति के समय जैसलमेर का शासक कौन वा?

  • (A) शालिवाहन
  • (B) रणजीतसिंह
  • (C) जवाहरसिंह
  • (D) वैरिशालसिंह

1857 की क्रांति के समय जैसलमेर पर महारावल रणजीत सिंह का शासन था। इस समय अधिकांश रियासतों ने अंग्रेजों का साथ दिया था और जैसलमेर भी उनमें शामिल था। यह घटना राजस्थान की रियासतों की ब्रिटिश नीति के प्रति भूमिका को समझने में सहायक है।

11. देलवाड़ा (आबू) में स्थित भगवान आदिनाव का भव्य मंदिर किसके द्वारा निर्मित है?

  • (A) धन्धुक
  • (B) महिपाल
  • (C) सोमसिंह
  • (D) विमलशाह

विमलशाह ने 1031 ई. में देलवाड़ा (आबू) में भगवान आदिनाथ का भव्य जैन मंदिर बनवाया। यह मंदिर विमलवसाही के नाम से प्रसिद्ध है और अपनी उत्कृष्ट संगमरमर की नक्काशी व स्थापत्य कला के लिए विश्वविख्यात है। यह जैन वास्तुकला का श्रेष्ठ उदाहरण माना जाता है।

12. किस शिलालेख में वशिष्ठ मंत्रबल से आबू के अग्नि कुण्ड से नुमराज परमार को उत्पन्न किया?

  • (A) पाटनारायण का लेख
  • (B) घटियाला का लेख
  • (C) बिजौलिया का लेख
  • (D) चिरवा का लेख

सिरोही के गिरवर गाँव के पास पाटनारायण मंदिर में लगे इस शिलालेख में उल्लेख है कि वशिष्ठ ने मंत्रबल से आबू के अग्निकुंड से धूम्रराज परमार को उत्पन्न किया। यह कथा परमार वंश की उत्पत्ति को दर्शाती है और उनकी वीरता व पराक्रम का भी वर्णन करती है।

13. जैसलमेर के किस शासक ने अकबर की अधीनता स्वीकार कर अपनी राजकुमारी का विवाह अकबर से किया था?

  • (A) हरराय
  • (B) रावल भीम
  • (C) रणजीत सिंह
  • (D) शालिवाहन

1570 ई. में नागौर दरबार में रावल हरराय ने अकबर की अधीनता स्वीकार की और अपनी पुत्री का विवाह उससे किया। यह घटना मुगल-राजपूत संबंधों को मजबूत करने का प्रमुख उदाहरण है और राजनीतिक समझौते की नीति को दर्शाती है।

14. निम्नलिखित में से राजपूताना के किस क्षेत्र में वरीक वंश ने शासन किया था?

  • (A) बयाना
  • (B) बदनौर
  • (C) अलवर
  • (D) अजमेर

राजस्थान के बयाना (भरतपुर) क्षेत्र में वरीक वंश का शासन था। विजयगढ़ यूप स्तम्भ लेख (371 ई.) में विष्णुवर्धन नामक शासक का उल्लेख मिलता है, जो वरीक वंश से संबंधित था। यह क्षेत्र प्राचीन काल में महत्वपूर्ण राजनीतिक केंद्र रहा है।

15. करीली में यदुवंश की स्थापना किसके द्वारा की गई वी?

  • (A) कुंवरपाल
  • (B) विजयपाल
  • (C) अर्जुनपाल
  • (D) धर्मपाल

करौली में यदुवंश की स्थापना विजयपाल यादव ने लगभग 1040 ई. में की थी। यह वंश आगे चलकर क्षेत्र में प्रभावशाली बना और करौली राज्य की नींव इसी वंश द्वारा रखी गई, जो राजस्थान के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

16. राजस्थान का अंतिम किला माना जाने वाला मोहनगढ़ किले का निर्माण जैसलमेर के किम शासक द्वारा करवाया गया था?

  • (A) मूलराज भाटी
  • (B) गजसिंह
  • (C) शालिवाहन
  • (D) जवाहर सिंह

मोहनगढ़ किला राजस्थान का अंतिम निर्मित किला माना जाता है। इसका निर्माण जैसलमेर के शासक जवाहर सिंह ने करवाया था। यह किला आधुनिक काल के किलों में गिना जाता है और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था।

17. आबू के परमार वंश का संस्थापक कौन वा?

  • (A) धरणीवराह
  • (B) घूमराज
  • (C) महिपाल
  • (D) धन्युक परमार

आबू के परमार वंश का संस्थापक धूमराज माना जाता है। हालांकि वंशावली की शुरुआत उत्पलराज से मानी जाती है। इस वंश की राजधानी चन्द्रावती थी और यह वंश राजस्थान के महत्वपूर्ण राजवंशों में से एक था।

18. 1857 की क्रान्नि के दौरान डूंगरपुर के शासक कौन थे, जिन्होंने नीमच के विद्रोहियों को रोकने में कैप्टन बुक की सहायता की थी?

  • (A) महारावल उदयसिंह द्वितीय
  • (B) महारावल उदयसिंह प्रथम
  • (C) महारावल जसवंत सिह प्रडम
  • (D) महारावल जसवंत सिंह द्वितीय

1857 की क्रांति के समय डूंगरपुर के शासक महारावल उदयसिंह द्वितीय थे। उन्होंने अंग्रेजों का सहयोग करते हुए नीमच के विद्रोहियों को रोकने में कैप्टन बुक की मदद की। इससे खुश होकर अंग्रेजों ने उन्हें गोद लेने की अनुमति दी, जो विशेष सम्मान था।

19. आधुनिक जैसलमेर का निर्माता किस शासक को माना जाता है?

  • (A) देवराज भाटी
  • (B) राव लूणकरण
  • (C) शालिवाहन
  • (D) जवाहर सिंह

आधुनिक जैसलमेर के निर्माण और विकास का श्रेय महारावल जवाहर सिंह को दिया जाता है। उनके शासनकाल में नगर का पुनर्गठन, किलेबंदी और प्रशासनिक सुधार हुए, जिससे जैसलमेर का आधुनिक स्वरूप विकसित हुआ।

20. बासनपीर का युद्ध किन रियासतों के मध्य हुआ था?

  • (A) जैसलमेर-जोधपुर
  • (B) जैसलमेर-नागौर
  • (C) जैसलमेर-बीकानेर
  • (D) जैसलमेर अजमेर

बासनपीर का युद्ध 1828 ई. में जैसलमेर और बीकानेर के बीच हुआ था। यह युद्ध बामनपीर स्थान पर लड़ा गया, जिसमें बीकानेर की सेना ने आक्रमण किया था लेकिन अंततः उसे हार का सामना करना पड़ा। यह युद्ध क्षेत्रीय संघर्ष का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

21. अंग्रेजों ने अमीर खाँ को किस वर्ष टॉक के नवाब की मान्यता प्रदान का?

  • (A) 1823
  • (B) 18163
  • (C) 1817 ई.
  • (D) 1818

अंग्रेजों ने अमीर खां पिण्डारी को 1817 ई. में टोंक के नवाब के रूप में मान्यता दी। यह संधि पिण्डारी युद्धों के बाद हुई, जिससे अमीर खां को वैध शासक का दर्जा मिला और टोंक एक स्वतंत्र मुस्लिम रियासत के रूप में स्थापित हुआ।

22. राजस्थान के एकीकरण के समय करौली के शासक कौन थे?

  • (A) गणेशपाल
  • (B) भंवरपाल
  • (C) जयपाल
  • (D) अर्जुनपाल

राजस्थान के एकीकरण (1948-49) के समय करौली के शासक गणेशपाल थे। उन्होंने भारतीय संघ में विलय को स्वीकार किया, जिससे करौली रियासत का एकीकरण राजस्थान में हुआ। यह घटना आधुनिक राजस्थान के निर्माण में महत्वपूर्ण थी।

23. किस शासक को परमार वंश की महानता का संस्थापक कहा जाता है?

  • (A) मुन्ज
  • (B) भोज
  • (C) जयसिंह
  • (D) सोमसिंह

परमार वंश की महानता का वास्तविक संस्थापक राजा मुंज को माना जाता है। उनके शासनकाल में परमार राज्य का विस्तार हुआ और राजनीतिक व सांस्कृतिक उन्नति हुई। उन्होंने अपने पराक्रम और प्रशासनिक क्षमता से वंश को सशक्त बनाया।

24. आबू के परमारों की राजधानी थी-

  • (A) रेवदर
  • (B) माउन्ट आबू
  • (C) चन्द्रावती
  • (D) अनादरा

आबू के परमारों की राजधानी चन्द्रावती (सिरोही) थी। यह एक समृद्ध और महत्वपूर्ण नगर था, जो व्यापार और संस्कृति का प्रमुख केंद्र था। यहाँ से परमार शासकों ने अपने राज्य का संचालन किया।

25. आबू के परमार शासकों में सबसे शक्तिशाली शासक वा?

  • (A) विक्रमदेव
  • (B) महिपाल
  • (C) धन्धुक परमार
  • (D) वाग

आबू के परमार शासकों में धारावर्ष (वाग) को सबसे शक्तिशाली शासक माना जाता है। उनके समय में राज्य की शक्ति और प्रतिष्ठा चरम पर थी। वे अपनी वीरता और प्रशासनिक क्षमता के लिए प्रसिद्ध थे तथा उनके काल में परमार वंश का उत्कर्ष हुआ।

26. वागड़ के परमारों की राजधानी थी?

  • (A) अर्बुणा
  • (B) सागवाड़ा
  • (C) कुशलगढ़
  • (D) अग्नोर

वागड़ क्षेत्र में परमार वंश की राजधानी अर्बुणा थी। यह क्षेत्र वर्तमान डूंगरपुर-बांसवाड़ा के आसपास स्थित था। परमार शासकों ने यहाँ से अपने राज्य का संचालन किया और यह स्थान प्रशासनिक व सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र रहा।

27. किस शासक के समय जैसलमेर का दूसरा साका हुआ था?

  • (A) मूलराम प्रथम
  • (B) रावल दूदा
  • (C) रावत्न घड़सी
  • (D) जैतसिंह द्वितीय

रावल दूदा के समय जैसलमेर पर फिरोजशाह तुगलक का आक्रमण हुआ। इस युद्ध में रावल दूदा, उनके भाई त्रिलोकसी सहित अनेक भाटी वीरों ने युद्ध करते हुए वीरगति प्राप्त की। इस अवसर पर महिलाओं ने जौहर किया, जिसे जैसलमेर का दूसरा साका कहा जाता है।

28. जैसलमेर के किस शासक के समय पालीवालों के जैसलमेर त्याग की घटना घटित हुई?

  • (A) महारावल रणजीत सिंह
  • (B) महारावल वैरीशान
  • (C) महारावल अखैसिंह
  • (D) महारावल गजसिंह

पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा जैसलमेर त्याग की प्रसिद्ध घटना महारावल गजसिंह के समय हुई। अत्यधिक कर व अत्याचारों के कारण पालीवालों ने एक ही रात में अपने गाँव छोड़ दिए। यह घटना राजस्थान के सामाजिक-आर्थिक इतिहास में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

29. करौली के किस शासक ने अकबर की अधीनता स्वीकार कर ली डीः

  • (A) गोपाल पाल
  • (B) हरवरखा पान
  • (C) अर्जुनपाल
  • (D) निमन पाल

करौली के शासक गोपाल पाल ने अकबर की अधीनता स्वीकार की थी। मुगल काल में कई राजपूत शासकों ने राजनीतिक स्थिरता और सुरक्षा के लिए मुगलों की अधीनता स्वीकार की, जिससे आपसी संबंध मजबूत हुए।

30. अंग्रेजों ने झालावाड़ को अलग रियासत की मान्यता कब दी?

  • (A) 1835
  • (B) 1838
  • (C) 1842
  • (D) 1846

अंग्रेजों ने 1838 ई. में झालावाड़ को अलग रियासत के रूप में मान्यता दी। इसे कोटा राज्य से अलग करके बनाया गया था। यह कदम प्रशासनिक सुविधा और राजनीतिक नियंत्रण को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया था।

31. झालावाड़ के किस शासक ने सार्वजनिक मंदिरों में हरिजनों के प्रवेश की अनुमति प्रदान की?

  • (A) राजराणा हरिशचन्द्र
  • (B) राजराणा राजेन्द्र सिंह
  • (C) राजराणा भवानी सिंह
  • (D) राजराणा पृथ्वीसिंह

झालावाड़ के राजराणा राजेन्द्र सिंह ने सामाजिक सुधार के रूप में हरिजनों को सार्वजनिक मंदिरों में प्रवेश की अनुमति दी। यह कदम सामाजिक समानता और अस्पृश्यता के विरोध में महत्वपूर्ण सुधार माना जाता है।

32. झालावाड़ के अंतिम शासक थे-

  • (A) राजराणा हरिशचन्द्र
  • (B) राजराणा मदनसिंह
  • (C) राजराणा भवानी सिंह
  • (D) राजराणा पृथ्वीसिंह

झालावाड़ के अंतिम शासक राजराणा हरिशचन्द्र थे। उन्होंने राजस्थान के एकीकरण के समय भारतीय संघ में विलय को स्वीकार किया। इससे झालावाड़ रियासत का स्वतंत्र अस्तित्व समाप्त हो गया और यह राजस्थान राज्य का हिस्सा बन गया।

33. अलवर रियासत का पहला स्वतंत्र शासक था?

  • (A) बख्तावर सिंह
  • (B) शिवदान सिंह
  • (C) प्रतापसिंह
  • (D) विनयसिंह

अलवर रियासत के पहले स्वतंत्र शासक प्रतापसिंह थे। उन्होंने 18वीं शताब्दी में मुगलों से स्वतंत्र होकर अलवर राज्य की स्थापना की और इसे एक सशक्त रियासत के रूप में विकसित किया।

34. अलवर के शासक बख्तावर सिंह की मृत्यु के बाद अलवर की गद्दी पर दो अल्पव्यस्क शासक एक साथ गद्दी पर बैठे, इनका नाम वा?

  • (A) प्रतापसिंह, विनयसिंह
  • (B) विनयसिंह, बलवंतसिंह
  • (C) बलवंतसिंह, शिवदान सिंह
  • (D) शिवदान सिंह, विनयसिंह

बख्तावर सिंह की मृत्यु के बाद अलवर की गद्दी पर विनयसिंह और बलवंतसिंह दोनों अल्पवयस्क शासक बने। इस स्थिति में शासन कार्य अभिभावकों और दरबार के प्रमुखों द्वारा संचालित किया गया।

35. नीमूचाणा हत्याकाण्ड के समय अलवर का शासक था?

  • (A) जयसिंह
  • (B) तेजसिंह
  • (C) मंगलसिंह
  • (D) शिवदानसिंह

नीमूचाणा हत्याकांड के समय अलवर के शासक जयसिंह थे। इस घटना में किसानों के आंदोलन को दबाने के लिए बल प्रयोग किया गया, जिससे कई लोगों की मृत्यु हुई। यह घटना ब्रिटिश कालीन दमनकारी नीतियों का उदाहरण है।

36. महाराव शेखा ने स्वयं को स्वतंत्र घोषित कर एक अलग शेखावाटी रियासत की स्थापना की, इसकी राजधानी थी?

  • (A) सीकर
  • (B) फतेहपुर
  • (C) अमरसर
  • (D) मनोहरपुरा

महाराव शेखा ने 1469 ई. में स्वयं को स्वतंत्र घोषित कर शेखावाटी रियासत की स्थापना की और अमरसर को अपनी राजधानी बनाया। यह क्षेत्र बाद में व्यापार और संस्कृति का प्रमुख केंद्र बना।

37. किशनगढ़ के किस शासक की बहन चारूमति का विवाह औरंगजेब से तय हुआ था लेकिन मेवाड़ महाराणा राजसिंह ने चारूमति से विवाह कर लिया ?

  • (A) सावंतसिंह
  • (B) पृथ्वीसिंह
  • (C) मानसिंह
  • (D) किशनसिंह

किशनगढ़ के शासक मानसिंह की बहन चारूमति का विवाह औरंगजेब से तय हुआ था, लेकिन मेवाड़ के महाराणा राजसिंह ने उससे विवाह कर लिया। यह घटना राजपूत स्वाभिमान और मुगल विरोध की भावना को दर्शाती है।

38. जैसलमेर के किस शासक के समय इनकी उपाधि राव के स्थान पर रावल हुई?

  • (A) देवराज भाटी
  • (B) जैतसिंह
  • (C) शालिवाहन
  • (D) जैसल

देवराज भाटी के समय राव की उपाधि बदलकर रावल कर दी गई। उन्होंने लोद्रवा को पंवारों से जीतकर नई राजधानी स्थापित की और राज्य की प्रतिष्ठा को बढ़ाया।

39. जैसलमेर के किस शासक के शासनकाल में मुनि पुण्यसागर ने जिम्बुदीप प्रज्ञप्ति उपांगसूत्र' व मुनि जीन हंससूरी ने 'जम्बुदीप प्रज्ञप्ति उपांगसूत्र वृत्ति' की रचना की ?

  • (A) महारावल कल्याण
  • (B) रावल भीम
  • (C) महारावल बैरीसाल
  • (D) महारावल गजसिंह

रावल भीम के शासनकाल में जैन मुनि पुण्यसागर और जिन हंससूरी ने महत्वपूर्ण धार्मिक ग्रंथों की रचना की। यह काल साहित्यिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध था, जिससे जैन धर्म का प्रचार-प्रसार हुआ।

40. लोद्रवा के शिलालेख (1157 ई.) से किस राजवंश के राजाओं के संबंध में जानकारी मिलती है?

  • (A) कच्छवाहा
  • (B) राठौड़
  • (C) भाटी
  • (D) गुहिल

लोद्रवा के 1157 ई. के शिलालेख से भाटी राजवंश के शासकों के बारे में जानकारी मिलती है। यह शिलालेख जैसलमेर के प्रारंभिक इतिहास और भाटी वंश की वंशावली को समझने का महत्वपूर्ण स्रोत है।

41. आबू के किस परमार शासक की विधवा पुत्री ने बसंतगढ़ में सूर्य मन्दिर का निर्माण व सरस्वती बावड़ी का जीणर्णोद्धार करवाया?

  • (A) कृष्णदेव
  • (B) धरणीवराह
  • (C) धन्युक परमार
  • (D) महिपाल

आबू के परमार शासक धन्युक परमार की विधवा पुत्री ने बसंतगढ़ में सूर्य मंदिर का निर्माण करवाया तथा सरस्वती बावड़ी का जीर्णोद्धार कराया। यह घटना उस समय की धार्मिक आस्था और स्थापत्य संरक्षण को दर्शाती है।

42. वागड़ के परमार निम्न में से किसके वंशज माने जाते हैं?

  • (A) मुंज
  • (B) भोज
  • (C) राजा मंडलिक
  • (D) डंवर सिंह

वागड़ के परमार मालवा के परमार शासक कृष्णराज के दूसरे पुत्र डंवर सिंह के वंशज माने जाते हैं। इनके अधिकार में डूंगरपुर और बाँसवाड़ा क्षेत्र था, जिसे वागड़ कहा जाता था। यह वंश क्षेत्रीय इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

43. शेखावाटी के संस्थापक राव शेखा की मृत्यु सीकर के किस गांव में 1488 ई. में हुई?

  • (A) पाटोदा
  • (B) अमरसर
  • (C) डुंडलोद
  • (D) रलावता गाँव

शेखावाटी के संस्थापक राव शेखा की मृत्यु 1488 ई. में सीकर के रलावता गाँव में हुई थी। उन्होंने शेखावाटी क्षेत्र की स्थापना की और इसे एक महत्वपूर्ण राजनीतिक व सांस्कृतिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया।

44. आगरा किले पर अधिकार करने में मुगलों की सहायता करने के कारण मुगलों द्वारा अलवर के किस कच्छवाहा (नरूका) शासक को 'राव राजा बहादुर' की उपाधि व 5000 की मनसबदारी दी थी?

  • (A) प्रतापसिंह
  • (B) बख्तावर सिंह CC
  • (C) विनय सिंह
  • (D) मंगल सिंह

प्रताप सिंह ने मुगल सेनापति नजफ खाँ की सहायता कर आगरा किले पर अधिकार दिलाया। इससे प्रसन्न होकर मुगल बादशाह ने 1774 ई. में उन्हें राव राजा बहादुर की उपाधि तथा 5000 की मनसबदारी प्रदान की और माचेड़ी को स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता दी।

45. परमार वंश का प्राचीनतम ज्ञात सदस्य है।

  • (A) धरणी वराहा
  • (B) उपेन्द्र कृष्णराज
  • (C) कृष्ण देव
  • (D) धंन्धुक

परमार वंश का प्राचीनतम ज्ञात सदस्य उपेन्द्र कृष्णराज माना जाता है। इन्हें परमार वंश की प्रारंभिक नींव रखने वाला शासक माना जाता है, जिनसे इस वंश की ऐतिहासिक परंपरा प्रारंभ होती है।

46. सामन्त सिंह ने 1178 ई. में वागड़ क्षेत्र में (इंगरपुर) गुहिल वंश की स्थापना कर किसे अपनी राजधानी बनाया?

  • (A) वटप्रदक
  • (B) डेसा
  • (C) इंडर
  • (D) अहमदाबाद

सामन्त सिंह ने 1178 ई. में वागड़ क्षेत्र में गुहिल वंश की स्थापना कर वटप्रदक को अपनी राजधानी बनाया। यह स्थान प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र बन गया था।

47. 1580 ई. में डूंगरपुर के शासक कौन थे, जिनके काल में डूंगरपुर व बाँसवाड़ा के मध्य युद्ध हुआ?

  • (A) सहसमल
  • (B) आसकरण
  • (C) सोमदास
  • (D) गोपीनाथ

1580 ई. में डूंगरपुर के शासक सहसमल थे। उनके समय में डूंगरपुर और बाँसवाड़ा के बीच संघर्ष हुआ, जो क्षेत्रीय सत्ता और सीमाओं को लेकर था। यह युद्ध वागड़ क्षेत्र के राजनीतिक इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

48. डूंगरपुर के किस शासक ने अपना अस्तित्व रखने हेतु पेशवा बाजीराव प्रथम व मल्हार राव होल्कर को काफी मात्रा में धन देना पड़ा?

  • (A) महारावल रामसिंह
  • (B) महारावल शिव सिंह
  • (C) महारावल मानसिंह
  • (D) महारावल पूंजराज

महारावल शिव सिंह को अपने राज्य की सुरक्षा बनाए रखने के लिए पेशवा बाजीराव प्रथम और मल्हार राव होल्कर को भारी धनराशि देनी पड़ी। यह उस समय मराठा प्रभाव और दबाव को दर्शाता है, जिससे राजपूत रियासतें प्रभावित हुईं।

49. जैसलमेर के प्रथम साके के समय महारावल मूलराज पर किस आक्रमणकारी ने आक्रमण किया था, जिसमें सैकड़ों राजपूतों ने केसरिया व राजपूत वीरांगनाओं ने जौहर किया था?

  • (A) फिरोज तुगलक
  • (B) अमीर अली
  • (C) अलाउद्दीन खिलजी
  • (D) बहादुरशाह

जैसलमेर के प्रथम साके के समय अलाउद्दीन खिलजी ने आक्रमण किया था। इस युद्ध में महारावल मूलराज के नेतृत्व में राजपूतों ने केसरिया किया और वीरांगनाओं ने जौहर किया। यह घटना राजपूत वीरता और आत्मसम्मान का प्रतीक है।

50. परमार' जो राजस्थान में एक मुख्य राजवंश रहा है। परमार का शाब्दिक अर्थ क्या होता है?

  • (A) शत्रु की भांति व्यवहार करने वाला
  • (B) मित्रता रखने वाला
  • (C) शत्रु को शरण देने वाला
  • (D) शत्रु को मारने वाला

परमार शब्द का शाब्दिक अर्थ शत्रु को मारने वाला होता है। यह नाम इस वंश की युद्धप्रियता और वीरता को दर्शाता है। परमार राजवंश राजस्थान और मालवा क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरा था।

51. शाहपुरा की स्वतंत्र रियासत के रूप में स्थापना सुजान सिंह द्वारा की गई। इनके समकालीन दिल्ली में किसका शासन वा?

  • (A) शाहजहाँ
  • (B) जहाँगीर
  • (C) अकबर
  • (D) बहादुरशाह

शाहपुरा रियासत की स्थापना सुजान सिंह ने की थी। उस समय दिल्ली में शाहजहाँ का शासन था। यह काल मुगल साम्राज्य के उत्कर्ष का समय था और राजपूत रियासतों के साथ उनके संबंध भी महत्वपूर्ण थे।

52. प्रतापगढ़ में 1881 ई. में पहली बार जनगणना हुई, उस समय वहाँ के शासक कौन थे?

  • (A) रावत हरिसिंह
  • (B) रावत गोपाल सिंह
  • (C) रावत उदयसिंह
  • (D) रावत प्रताप सिंह

1881 ई. में प्रतापगढ़ में पहली जनगणना हुई थी। उस समय रावत उदयसिंह वहाँ के शासक थे। यह जनगणना ब्रिटिश प्रशासन की आधुनिक व्यवस्थाओं का हिस्सा थी, जिससे जनसंख्या और संसाधनों का आकलन किया गया।

53. विश्वनाथ, जयदेव मेहता, सोमजी भट्ट, मन्ना भट्ट आदि विद्वान प्रतापगढ़ के किस गुहिल शासक के दरबार में आश्रित थे?

  • (A) रावत प्रतापसिंह
  • (B) रावत सिंह
  • (C) रावत हरिसिंह
  • (D) रावत दलपत सिंह

प्रतापगढ़ के रावत प्रतापसिंह के दरबार में अनेक विद्वान जैसे विश्वनाथ, जयदेव मेहता आदि आश्रित थे। यह उनके शासनकाल में साहित्यिक और सांस्कृतिक उन्नति को दर्शाता है।

54. बाँसवाड़ा के किस शासक ने राजस्थान के विलय पत्र पर हस्ताक्षर करते समय कहा था कि 'मैं अपने मृत्यु दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर रहा हूँ' ?

  • (A) जगमाल सिंह
  • (B) विशनसिंह
  • (C) महारावल चन्द्रवीर सिंह
  • (D) महारावल शंभु सिंह

बाँसवाड़ा के महारावल चन्द्रवीर सिंह ने राजस्थान के विलय पत्र पर हस्ताक्षर करते समय यह भावुक कथन दिया। इससे रियासतों के विलय के समय शासकों की मानसिक स्थिति और अपने राज्य के प्रति भावनात्मक लगाव का पता चलता है।

55. प्रतापगढ़ के गुहिल वंश के अन्तिम शासक कौन थे, जिन्होंने राजस्थान के एकीकरण के दूसरे चरण में (25 मार्च, 1948) में अपने राज्य का विलय 'पूर्व राजस्थान संघ' में कर लिया था?

  • (A) चंद्रवीर सिंह
  • (B) रावत प्रतापसिंह
  • (C) रावत रघुनाथ सिंह
  • (D) रावत रामसिंह

प्रतापगढ़ के गुहिल वंश के अंतिम शासक रावत रामसिंह थे। उन्होंने 25 मार्च 1948 को अपने राज्य का विलय पूर्व राजस्थान संघ में कर दिया, जिससे प्रतापगढ़ का स्वतंत्र अस्तित्व समाप्त हो गया।

56. 423 ई. के गंगधार के लेख (झालावाड़) से औलीकर वंश के किस राजा के शासन का उल्लेख मिलता है?

  • (A) प्रभाकर
  • (B) विश्ववर्मा/विष्णुवर्मन
  • (C) अम्बिका प्रसाद
  • (D) सुदर्शन देव

गंगधार (झालावाड़) के 423 ई. के शिलालेख से औलीकर वंश के राजा विश्ववर्मा (विष्णुवर्मन) के शासन का उल्लेख मिलता है। यह शिलालेख उस समय की राजनीतिक और सांस्कृतिक स्थिति को समझने का महत्वपूर्ण स्रोत है।

57. डूंगरपुर में गैपसागर तालाब का निर्माण किस शासक द्वारा करवाया गया?

  • (A) गोपीनाथ
  • (B) आसकरण
  • (C) उदयसिंह
  • (D) गंगादास

डूंगरपुर में गैपसागर तालाब का निर्माण शासक गोपीनाथ द्वारा करवाया गया था। यह तालाब जल संरक्षण और नगर की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण था तथा आज भी ऐतिहासिक धरोहर के रूप में प्रसिद्ध है।

58. मोहम्मद अमीर खाँ पिण्डारी जो मूलतः अफगान वंश से संबंधित था, टोंक राज्य की स्थापना से पूर्व वह किस वंश के शासक का सेनापति था?

  • (A) भीनमाल के चावड़ा वंश का
  • (B) इंदौर के होल्कर वंश का
  • (C) अफगान के तैलंग वंश का
  • (D) आबू के परमारों का

अमीर खाँ पिण्डारी टोंक राज्य की स्थापना से पहले इंदौर के होल्कर वंश के शासक का सेनापति था। बाद में उसने अंग्रेजों से संधि कर टोंक रियासत की स्थापना की और नवाब के रूप में मान्यता प्राप्त की।

59. 1857 की क्रांति में अपनी सेना भेजकर कोटा के महाराव की सहायता करने से खुश होकर अंग्रेजों ने करौली के किस शासक को 'ग्रांड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ स्टार ऑफ इण्डिया' (GCI) की उपाधि व 1862 में उन्हें उत्तराधिकारी गोद लेने की अनुमति भी दी गई?

  • (A) गणेशपाल
  • (B) गोपालपाल
  • (C) भीमपाल
  • (D) मदनपाल

1857 की क्रांति में सहायता के बदले अंग्रेजों ने करौली के शासक मदनपाल को ग्रांड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ स्टार ऑफ इंडिया की उपाधि दी। साथ ही 1862 में उन्हें गोद लेने की अनुमति भी प्रदान की गई, जो विशेष सम्मान था।

60. जैसलमेर के किस महारावल के शासनकाल में प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी सागरमल गोपा को (4 अप्रैल, 1946) जेल में जिंदा जला दिया था?

  • (A) महारावल गिरधर सिंह
  • (B) महारावल शालीवाहन द्वितीय
  • (C) महारावल गुमानसिंह
  • (D) महारावल जवाहर सिंह

महारावल जवाहर सिंह के शासनकाल में 4 अप्रैल 1946 को स्वतंत्रता सेनानी सागरमल गोपा को जेल में जिंदा जला दिया गया। यह घटना अंग्रेजी शासन और रियासतों के दमनकारी रवैये को दर्शाती है और स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में महत्वपूर्ण है।

61. जैसलमेर के किस शासक ने 'पिंगल शिरोमणी' नामक काव्य शास्त्र की रचना की?

  • (A) रावल जैतसी
  • (B) रावल यड़सी
  • (C) रावल लूणकरण
  • (D) रावल हरराय

रावल हरराय जैसलमेर के विद्वान शासकों में से एक थे। उन्होंने पिंगल शिरोमणी नामक काव्यशास्त्र की रचना की, जो छंद और काव्य के अध्ययन से संबंधित महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इससे उस समय की साहित्यिक उन्नति का भी पता चलता है।

62. रावल जैसल द्वारा 12 जुलाई, 1155 ई. को त्रिकुट पहाड़ी पर जैसलमेर दुर्ग की नींव रखी गई थी व नगर बसाया गया, जैसलमेर दुर्ग का निर्माण उसके किस उत्तराधिकारी द्वारा पूर्ण करवाया गया ?

  • (A) रावल जैतसिंह
  • (B) रावल जैतसिंह द्वितीय
  • (C) शालिवाहन
  • (D) रावल घड़सी

रावल जैसल ने 1155 ई. में जैसलमेर दुर्ग की नींव रखी थी, परंतु इसका निर्माण पूर्ण रूप से उनके उत्तराधिकारी शालिवाहन द्वारा करवाया गया। इस प्रकार जैसलमेर दुर्ग का वर्तमान स्वरूप शालिवाहन के योगदान से पूर्ण हुआ।

63. जैसलमेर के शासक भगवान लक्ष्मीनाथ को जैसलमेर का शासक व स्वयं को लक्ष्मीनाथ का दीवान मानते थे। जैसलमेर किले में लक्ष्मीनाथ मंदिर का निर्माण का किस शासक द्वारा करवाया गया है?

  • (A) रावल वैरी सिंह
  • (B) रावल वैरीशाल
  • (C) रावल लक्ष्मण सिंह
  • (D) रावल जैसल

जैसलमेर के शासक स्वयं को भगवान लक्ष्मीनाथ का दीवान मानते थे। लक्ष्मीनाथ मंदिर का निर्माण रावल लक्ष्मण सिंह द्वारा करवाया गया था। यह मंदिर जैसलमेर किले के भीतर स्थित प्रमुख धार्मिक स्थल है।

64. जैसलमेर के किस शासक के शासनकाल में जैन मुनि 'जिन प्रबोध सूरि' जैसलमेर आए व यहाँ चार्तुमास किया?

  • (A) जैतसिंह प्रथम
  • (B) रावल करण
  • (C) रावल जैसल
  • (D) रावल पुण्यपाल

रावल करण के शासनकाल में जैन मुनि जिन प्रबोध सूरी जैसलमेर आए और उन्होंने यहाँ चातुर्मास किया। यह घटना उस समय जैन धर्म के प्रभाव और धार्मिक गतिविधियों की सक्रियता को दर्शाती है।

65. निम्नलिखित में से जैसलमेर के किस महारावल ने 'परम भट्टारक महाराजाधिराज' 'परमेश्वर' की उपाधियाँ धारण की थी?

  • (A) रावल जैसल
  • (B) विजयराज
  • (C) भोज
  • (D) देवराज भाटी

महारावल विजयराज ने परम भट्टारक महाराजाधिराज और परमेश्वर जैसी उपाधियाँ धारण की थीं। ये उपाधियाँ उनके सामर्थ्य और सार्वभौमिक सत्ता को दर्शाती हैं तथा उस समय के राजकीय गौरव को प्रकट करती हैं।

66. वागड़ के किस परमार शासक द्वारा अर्थणा (बाँसवाड़ा) में मण्डलेश्वर महादेव मन्दिर का निर्माण करवाया गया, जिसमें लगी प्रशस्ति से वागड़ के परमारों का अच्छा वर्णन मिलता है?

  • (A) चामुण्डराज
  • (B) मंडलीक
  • (C) विजयराज
  • (D) सत्यराज

वागड़ के परमार शासक चामुण्डराज ने अर्थणा (बाँसवाड़ा) में मण्डलेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण करवाया। इस मंदिर की प्रशस्ति से वागड़ के परमार वंश के इतिहास और उपलब्धियों की महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है।

67. अलाउद्दीन खिलजी के 1311 ई. में जैसलमेर के (प्रथम शाका) आक्रमण के समय वहाँ का शासक कौन था जिसने अपने भाई रतनसिंह व अन्य राजपूत योद्धाओं के साथ केसरिया किया व राजपूत वीरांगनाओं ने जीहर भी किया?

  • (A) रावल घड़सी
  • (B) रावल लूणकरण
  • (C) रावल मूलराज प्रथम
  • (D) रावल दूदा

1311 ई. में अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के समय जैसलमेर के शासक रावल मूलराज प्रथम थे। इस युद्ध में उन्होंने अपने भाई रतनसिंह के साथ केसरिया किया और महिलाओं ने जौहर किया, जो राजपूत वीरता का प्रतीक है।

68. मारवाड़ के मोटाराजा उदयसिंह के पुत्र किशनसिंह द्वारा किस वर्ष राठीड़ वंश के तीसरे राज्य 'किशनगढ़' की स्थापना की थी?

  • (A) 1709
  • (B) 1609
  • (C) 1615
  • (D) 1715

किशनगढ़ राज्य की स्थापना 1609 ई. में मारवाड़ के मोटाराजा उदयसिंह के पुत्र किशनसिंह ने की थी। यह राठौड़ वंश का तीसरा प्रमुख राज्य था और बाद में कला व संस्कृति के लिए प्रसिद्ध हुआ।

69. किशनगढ़ के शासक सांवतसिंह जो एक अच्छे कवि व साहित्यकार थे, साथ ही विद्वानों व कवियों के आश्रयदाता भी थे। ये किस नाम से काव्य रचना करते थे?

  • (A) राजा सांवत
  • (B) नागरीदास
  • (C) मोरध्वज
  • (D) बृजनिधि

किशनगढ़ के शासक सांवतसिंह एक प्रसिद्ध कवि थे और वे नागरीदास नाम से काव्य रचना करते थे। उनके संरक्षण में साहित्य और कला का विशेष विकास हुआ, जिससे किशनगढ़ सांस्कृतिक केंद्र बना।

70. थार की वैष्णो देवी कही जाने वाली तनोट माता का मन्दिर जैसलमेर के किस शासक द्वारा बनवाया गया था?

  • (A) केहर
  • (B) तणु
  • (C) मंगलराव
  • (D) मांडनराव

केहर के उत्तराधिकारी तणु ने तनोट दुर्ग का निर्माण पूरा करवाया और तनोट माता का मंदिर भी बनवाया। यह मंदिर आज भी आस्था का प्रमुख केंद्र है और इसे थार की वैष्णो देवी कहा जाता है।

71. निम्न में से टॉक का अंतिम शासक कौन था, जिसने राजस्थान के एकीकरण के दूसरे चरण में 25 मार्च, 1948 को टोंक का पूर्व राजस्थान संघ में विलय किया?

  • (A) मोहम्मद फारूख अली खाँ
  • (B) असलम अली
  • (C) मोहम्मद अमीर खां पिंडयारी
  • (D) मोहम्मद इब्राहिम खाँ

टोंक के अंतिम शासक मोहम्मद फारूख अली खाँ थे। उन्होंने 25 मार्च 1948 को अपनी रियासत का विलय पूर्व राजस्थान संघ में कर दिया, जिससे टोंक का स्वतंत्र अस्तित्व समाप्त हो गया।

72. अलवर रियासत के अंतिम शासक कौन थे जिनके शासनकाल में (18 मार्च, 1948) अलवर रियासत का विलय 'मल्य संघ' में हो गया?

  • (A) जयसिंह
  • (B) विनय सिंह
  • (C) बख्तावर सिंह
  • (D) तेजसिंह

अलवर के अंतिम शासक तेजसिंह थे। उनके शासनकाल में 18 मार्च 1948 को अलवर रियासत का विलय मत्स्य संघ में किया गया। यह राजस्थान के एकीकरण की महत्वपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा था।

73. डूंगरपुर के उस गुहिल शासक का नाम बताइए जिसने 1577 ई. में मुगलों की अधिनता स्वीकार की तथा सोम व माही नदी के संगम पर बेणेश्वर (डूंगरपुर) में शिव मन्दिर का निर्माण करवाया ?

  • (A) पृथ्वीराज
  • (B) उदयसिंह
  • (C) आसकरण
  • (D) सोमदास

डूंगरपुर के गुहिल शासक आसकरण ने 1577 ई. में मुगलों की अधीनता स्वीकार की और बेणेश्वर में शिव मंदिर का निर्माण करवाया। यह स्थान सोम और माही नदियों के संगम पर स्थित है और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

74. प्रतापगढ़ के गुहिल वंश की राजधानी प्रारम्भ में किस नाम से स्थापित हुई जिसे बाद में प्रतापगढ़ कहा जाने लगा ?

  • (A) माण्डलपुर
  • (B) देवलिया
  • (C) सिरे मादड़ी
  • (D) डोडेरिया खेड़ा

प्रारंभ में प्रतापगढ़ की राजधानी देवलिया के नाम से स्थापित की गई थी। बाद में इसका नाम प्रतापगढ़ रखा गया। सूरजमल ने देवलिया को राजधानी बनाकर इस क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

75. शाहपुरा के अन्तिम शासक निम्न में से कौन थे, जिन्होंने अपनी रियासत का विलय एकीकरण के दूसरे चरण 'पूर्व राजस्थान संघ' में कर दिया?

  • (A) सुजान सिंह
  • (B) भरतसिंह
  • (C) उम्मेद सिंह
  • (D) महाराजा सुदर्शन देव

शाहपुरा के अंतिम शासक महाराजा सुदर्शन देव थे। उन्होंने राजस्थान के एकीकरण के दूसरे चरण में अपनी रियासत का विलय पूर्व राजस्थान संघ में कर दिया, जिससे शाहपुरा का स्वतंत्र अस्तित्व समाप्त हो गया।

76. कवि गंगाराम प्रतापगढ़ के किस शासक के आश्रय में रहते थे, जिन्होंने 'हरिभूषण महाकाव्य' की रचना की जिसमें प्रतापगढ़ के शासकों का वर्णन मिलता है?

  • (A) रावत प्रतापसिंह
  • (B) रावत हरिसिंह
  • (C) रावत सिहा
  • (D) रावत गोपालसिंह

कवि गंगाराम प्रतापगढ़ के शासक रावत हरिसिंह के आश्रय में रहते थे। उन्होंने हरिभूषण महाकाव्य की रचना की, जिसमें प्रतापगढ़ के शासकों और उनके कार्यों का विस्तृत वर्णन मिलता है।

77. कवि कुशललाभ व डूंगरसी रतनु जैसलमेर के किस शासक के समकालीन थे?

  • (A) रावल लूणकरण
  • (B) रावल घड़सी
  • (C) रावल हरराय
  • (D) रावल जैतसी

कवि कुशललाभ और डूंगरसी रतनु जैसलमेर के शासक रावल हरराय के समकालीन थे। उनके समय में साहित्य और काव्य का विकास हुआ और कई विद्वानों को संरक्षण मिला।

78. जैसलमेर के किस शासक ने महारानी विक्टोरिया व स्वयं के नाम के चाँदी के सिक्के चलवाए तथा 1879 में अंग्रेजों से नमक समझौता किया ?

  • (A) महारावल रणजीत सिंह
  • (B) महारावल गजसिंह
  • (C) महारावल शालिवाहन द्वितीय
  • (D) महारावल बैरीशाल

महारावल बैरीशाल के समय में महारानी विक्टोरिया और उनके नाम के चाँदी के सिक्के चलाए गए। साथ ही 1879 में अंग्रेजों के साथ नमक समझौता किया गया, जो आर्थिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था।

79. झालावाड़ के किस शासक ने मेयो कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की व नरेन्द्र मण्डल में सक्रिय भाग लिया तथा द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान ब्रिटिश सरकार की सहायता की थी?

  • (A) राजराणा हरिशचंद्र
  • (B) राजराणा राजेन्द्र सिंह
  • (C) राजराणा पृथ्वीसिंह
  • (D) राजराणा भवानीसिंह

राजराणा राजेन्द्र सिंह ने 1936 ई. में लखनऊ की एक प्रदर्शनी से लकड़ी का बना एक भवन खरीदकर झालावाड़ में किशनसागर झील के किनारे स्थापित करवाया, इसे काठ का रेन बसेरा कहा जाता है।

80. राजस्थान की नवीनतम रियासत झालावाड़ में 1857 की क्रान्ति के समय शासक कौन थे, जिन्होंने 1866 में रेलवे लाइन बिछाने हेतु निःशुल्क भूमि भी प्रदान की थी?

  • (A) राजराणा पृथ्वीसिंह
  • (B) राजराणा मदन सिंह
  • (C) राजराणा जालित सिंह
  • (D) राजराणा हरिशचन्द्र

1857 की क्रांति के समय झालावाड़ के शासक राजराणा पृथ्वीसिंह थे। उन्होंने अंग्रेजों को सहयोग दिया और 1866 में रेलवे लाइन बिछाने के लिए निःशुल्क भूमि प्रदान की। यह उनकी ब्रिटिश समर्थक नीति को दर्शाता है।

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