राजस्थान के लोकदेवता MCQ – Rajasthan GK

राजस्थान के लोकदेवता MCQ | Folk Deities of Rajasthan Questions

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के लोकदेवता से संबंधित महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं, जो राजस्थान की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी हैं।

इन प्रश्नों में तेजाजी, धोलियावीर, रामदेवजी, गोगाजी, पाबूजी, मल्लीनाथ जी, तल्लीनाथ जी, मेहाजी मांगलिया, वीर बिग्गा जी, देवनारायण जी, भूरिया बाबा, कल्लाजी से जुड़े इतिहास और प्रमुख घटनाओं को शामिल किया गया है।

ये MCQ RPSC, RSMSSB, RSSB, REET, Patwar, Police, LDC, Teacher तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर और explanation दिया गया है, जिससे आपकी Rajasthan GK की तैयारी और मजबूत होगी।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान के लोकदेवता
  • कुल प्रश्न: 20

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1. तेजाजी से सम्बन्धित निम्नलिखित में से कौन-सा स्थल सुमेलित नहीं है?

  • (A) खरनाल – जन्म स्थल
  • (B) पनेर – ननिहाल
  • (C) सुरसुरा – समाधि स्थल
  • (D) परबतसर – मेले का स्थल

तेजाजी का जन्म स्थल खरनाल (1073 ई.) है। उनकी पत्नी पेमल का घर पनेर था, इसलिए पनेर उनका ससुराल था, न कि ननिहाल। उनकी समाधि सुरसुरा (किशनगढ़) में बनी और परबतसर (नागौर) में भाद्रपद शुक्ल दशमी को मेला भरता है।

2. तेजाजी के चबूतरे को 'थान' तथा पुजारी को क्या कहा जाता है?

  • (A) शरणागत
  • (B) सोहड़
  • (C) घोड़ला
  • (D) देव जी

लोकदेवता तेजाजी को नागों का देवता और गायों का रक्षक माना जाता है। उनके चबूतरे को ‘थान’ कहा जाता है और उसके पुजारी को ‘घोड़ला’ कहते हैं। तेजाजी के थानों पर आज भी ग्रामीण लोग पूजा करते हैं और लोकगीत गाते हैं।

3. लोकदेवता तेजाजी महाराज का पवित्र तीर्थस्थल बांसी दुगारी कहाँ स्थित है?

  • (A) नागौर
  • (B) बूंदी
  • (C) बीकानेर
  • (D) झालावाड़

बांसी दुगारी बूंदी जिले में स्थित है और यह तेजाजी की कर्मस्थली मानी जाती है। इनके अलावा खरनाल (नागौर) जन्मस्थान, सुरसरा (अजमेर) समाधि स्थल और परबतसर (नागौर) मेला स्थल के रूप में प्रसिद्ध हैं।

4. तेजाजी के जन्म स्थल का नाम है?

  • (A) ददरेवा
  • (B) खड़नाल
  • (C) आसींद
  • (D) कोलू

तेजाजी का जन्म 29 जनवरी 1073 ई. को खरनाल (नागौर) में हुआ था। वे नागवंशी जाट थे और उनकी पत्नी पेमल पनेर से थीं। उनकी घोड़ी का नाम लीलण था और वे ‘धौलिया वीर’ के नाम से प्रसिद्ध हुए।

5. राजस्थान में सर्वाधिक महत्वपूर्ण लोकदेवता माने जाते हैं –

  • (A) तेजाजी
  • (B) कबीर
  • (C) तुलसीदास
  • (D) सूरदास

तेजाजी को राजस्थान का प्रमुख लोकदेवता माना जाता है। उन्हें नागों का देवता, काला-बाला देव और गायों का मुक्तिदाता भी कहा जाता है। परबतसर में हर साल तेजादशमी का मेला लगता है। 2011 में भारत सरकार ने उनके सम्मान में ₹5 का डाक टिकट जारी किया था।

6. किस लोकदेवता की पत्नी मृत्यु के बाद सती हो गई?

  • (A) मल्लीनाथ
  • (B) हरबूजी
  • (C) तेजाजी
  • (D) देवजी

तेजाजी का निर्वाण सुरसुरा (अजमेर) में भाद्रपद शुक्ल दशमी, 1103 ई. को हुआ। उनकी पत्नी पेमल ने उनके निधन के बाद सती प्रथा का पालन किया। इस कारण तेजाजी के जीवन से सती परंपरा का भी जुड़ाव देखा जाता है।

7. राजस्थान के कौन से लोकदेवता को 'धोलियावीर' के नाम से जाना जाता है?

  • (A) पाबूजी
  • (B) कबीर
  • (C) गोगाजी
  • (D) तेजाजी

लोकदेवता तेजाजी को ‘धोलियावीर’ कहा जाता है क्योंकि वे हमेशा सफेद वस्त्र और सफेद घोड़ी पर अश्वारूढ़ होकर दर्शाए जाते हैं। यह उनकी वीरता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है।

8. राजा अजमल किस लोकदेवता के पिता थे?

  • (A) रामदेवजी
  • (B) पाबूजी
  • (C) देवनारायणजी
  • (D) तेजाजी

लोकदेवता रामदेवजी के पिता का नाम राजा अजमल था। संतान की प्राप्ति के लिए उन्होंने श्रीकृष्ण की भक्ति की थी। रामदेवजी ने बाद में सामाजिक भेदभाव दूर करने और ‘कामड़िया पंथ’ की स्थापना की।

9. किस लोकदेवता को कपड़े और मिट्टी के घोड़े की प्रतिकृति समर्पित की जाती है?

  • (A) तेजाजी
  • (B) देवनारायणजी
  • (C) गोगाजी
  • (D) रामदेवजी

रामदेवजी (रामसा पीर, रुणेचा धणी) के मेले में भक्त कपड़े और मिट्टी के घोड़े की प्रतिकृतियाँ अर्पित करते हैं। यह भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है। उनका मेला भाद्रपद शुक्ल 2 से 11 तक रुणेचा (जैसलमेर) में लगता है।

10. किस लोकदेवता ने गायों की रक्षार्थ प्रत्यक्ष युद्ध नहीं किया?

  • (A) रामदेवजी
  • (B) गोगाजी
  • (C) तेजाजी
  • (D) पाबूजी

गोगाजी ने मेरो से, पाबूजी ने मिर्जा खाँ से और तेजाजी ने नाग से संघर्ष कर गायों की रक्षा की थी। लेकिन रामदेवजी ने किसी प्रत्यक्ष युद्ध में भाग नहीं लिया। वे सामाजिक समरसता और साम्प्रदायिक सद्भाव के प्रतीक माने जाते हैं।

11. किस लोकनायक के मेले को 'साम्प्रदायिक सद्भावना' का प्रतीक माना जाता है?

  • (A) पाबूजी
  • (B) गोगाजी
  • (C) तेजाजी
  • (D) रामदेवजी

रामदेवजी का मेला भाद्रपद शुक्ल द्वितीया से एकादशी तक रूणेचा (जैसलमेर) में भरता है। इसे साम्प्रदायिक सद्भावना का प्रतीक माना जाता है क्योंकि यहाँ हर धर्म और वर्ग के लोग शामिल होते हैं। रामदेवजी ने कामड़िया पंथ की स्थापना कर भेदभाव मिटाने का कार्य किया।

12. कौनसे लोकदेवता मारवाड़ के पंचपीरों में शामिल नहीं है?

  • (A) रामदेवजी
  • (B) तेजाजी
  • (C) पाबूजी
  • (D) गोगाजी

मारवाड़ के पंचपीर हैं – गोगाजी, पाबूजी, मेहाजी मांगलिया, हरबूजी और रामदेवजी। इनमें तेजाजी को शामिल नहीं किया जाता।

13. निम्न में से किस लोकदेवता का मुख्य मंदिर पंचमुखी पहाड़ पर स्थित है?

  • (A) मल्लीनाथ जी
  • (B) तल्लीनाथ जी
  • (C) मेहाजी मांगलिया
  • (D) वीर बिग्गा जी

तल्लीनाथ जी का मुख्य मंदिर पंचमुखी पहाड़ पर स्थित है। यह स्थल श्रद्धालुओं के लिए पवित्र माना जाता है और यहाँ पर हर वर्ष मेला भी भरता है।

14. कायम खाँ रासो' पुस्तक में राजस्थान के किस लोकदेवता का वर्णन है?

  • (A) देवनारायण जी
  • (B) तेजाजी
  • (C) रामदेव जी
  • (D) गोगाजी

कायम खाँ रासो' में गोगाजी का वर्णन किया गया है। इस पुस्तक की रचना जान कवि ने की थी। गोगाजी नागों के देवता के रूप में पूजनीय हैं।

15. भूरिया बाबा' आराध्य देवता हैं –

  • (A) गोड़वाड़ के मीणाओं के
  • (B) शेखावाटी के जाटों के
  • (C) वागड़ के भीलों के
  • (D) मेवात के मेवों के

भूरिया बाबा को गोड़वाड़ क्षेत्र के मीणाओं का आराध्य देवता माना जाता है। उनका मंदिर पौसलिया (शिवगंज, सिरोही) में है और यहाँ हर साल 13–15 अप्रैल को विशाल मेला भरता है।

16. किस लोकदेवता की बाँसवाड़ा में सर्वाधिक मान्यता है?

  • (A) रामदेवजी
  • (B) तेजाजी
  • (C) पाबूजी
  • (D) कल्लाजी

कल्लाजी की बाँसवाड़ा में विशेष मान्यता है। यहाँ इनके लगभग 200 मंदिर हैं और लोग मानते हैं कि उनके यान पर सवार होकर भूत-प्रेत और रोग दूर होते हैं।

17. शेषनाग का अवतार' किस लोकदेवता को कहते हैं?

  • (A) पाबूजी
  • (B) कल्लाजी
  • (C) मेहाजी
  • (D) रामदेवजी

कल्लाजी को ‘शेषनाग का अवतार’ कहा जाता है। माना जाता है कि उन्होंने समाज में बुराइयों के अंत और धर्म रक्षा हेतु अवतार लिया था।

18. देवजी की फड़' बांचते समय कौनसा वाद्य यंत्र बजाया जाता है?

  • (A) रावण हत्था
  • (B) अलगोजा
  • (C) जंतर
  • (D) भपंग

देवजी की फड़ बांचते समय ‘जंतर’ नामक वाद्य यंत्र बजाया जाता है। यह वाद्य भक्ति और लोकगायन का अभिन्न हिस्सा है और लोककथाओं के साथ प्रस्तुत किया जाता है।

19. कौनसे लोकदेवता ने परावर्तन आन्दोलन चलाया था?

  • (A) पाबूजी
  • (B) मेहाजी
  • (C) कल्लाजी
  • (D) रामदेवजी

रामदेवजी ने हिन्दू समाज के शुद्धिकरण के लिए परावर्तन (शुद्धि) आन्दोलन चलाया। उन्होंने रूढ़ियों और भेदभाव का विरोध कर समाज को एकता और समानता का संदेश दिया।

20. राजस्थान के लोकदेवताओं में सबसे लम्बा गीत किसका माना जाता है?

  • (A) पाबूजी
  • (B) गोगाजी
  • (C) देवनारायण जी
  • (D) रामदेवजी

देवनारायण जी का गीत राजस्थान का सबसे लम्बा लोकगीत माना जाता है। इसे ‘देवनारायण की फड़’ कहा जाता है और इसमें उनके जीवन, संघर्ष और लोककल्याण के कार्यों का विस्तृत वर्णन मिलता है।

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