राजस्थान के प्रमुख लोक नाट्य (Major Folk Dramas of Rajasthan) MCQ – Part 3
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के प्रमुख लोक नाट्य से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें शेखावाटी ख्याल, हेला ख्याल, नौटंकी, स्वांग, तमाशा, कुचामनी ख्याल, कन्हैया ख्याल, चारबेंत, जयपुरी ख्याल, भवाई आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान के प्रमुख लोक नाट्य
- Question: 41 से 60
- Last Updated:
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41. किस रम्मत कलाकार ने महात्मा गाँधी को 'स्वतंत्र बावनी' पुस्तक भेंट की थी?
- (A) तेज कवि जैसलमेरी
- (B) फागु महाराज
- (C) बंशीधर शर्मा
- (D) रामप्रकाश
स्वतंत्र बावनी' के रचयिता तेज कवि जैसलमेरी थे। उन्होंने जैसलमेर में श्रीकृष्णा कंपनी नाम से रम्मत का अखाड़ा प्रारंभ किया। वर्ष 1943 में रचित "स्वतंत्र बावनी" पुस्तक को उन्होंने महात्मा गांधी को भेंट किया था। इस कृति के कारण अंग्रेजी शासन ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट भी जारी किया था।
42. किस ख्याल के प्रवर्तक बंशीधर भट्ट को माना जाता है?
- (A) नौटंकी
- (B) स्वांग
- (C) तमाशा
- (D) चारबेंत
तमाशा ख्याल के प्रवर्तक बंशीधर भट्ट माने जाते हैं। तमाशा जयपुर क्षेत्र की प्रसिद्ध लोकनाट्य शैली है, जिसमें ध्रुपद गायन और जयपुरी ख्याल का मिश्रण दिखाई देता है। इसे विशेष रूप से शाही संरक्षण मिला और इसमें गीत, संगीत व नाट्य का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया गया।
43. ख्याल की प्रतियोगिता को दंगल, ख्याल का सूत्रधार……….. भाग लेने वाले कलाकार……. कहलाते हैं, इसमें दल को ………तथा दल के मुखिया को……. कहा जाता है-
- (A) हलकारा, खिलाड़ी, अखाड़ा, उस्ताद
- (B) हलकारा, उस्ताद, अखाड़ा, खिलाड़ी
- (C) हलकारा, अखाड़ा, खिलाड़ी, उस्ताद
- (D) अखाड़ा, हलकारा, खिलाड़ी, उस्ताद
ख्याल की प्रतियोगिता को दंगल कहा जाता है। इसमें सूत्रधार को हलकारा, भाग लेने वाले कलाकारों को खिलाड़ी, दल को अखाड़ा और दल के मुखिया को उस्ताद कहा जाता है। यह प्रणाली ख्याल की परंपरागत संरचना को दर्शाती है, जो इसे अन्य लोकनाट्यों से अलग पहचान देती है।
44. निम्न में से असंगत युग्म है-
- (A) मरूस्थलीय क्षेत्रों के लोकनाट्यों में जनजातियों की रंगमयी संस्कृति देखने को मिलती है।
- (B) मरूस्थलीय क्षेत्र के लोकनाट्यों में व्यंग्य विनोद प्रधानता होती है।
- (C) अलवर, भरतपुर के लोकनाट्यों में हरियाणा व
- (D)
मरूस्थलीय क्षेत्रों के लोकनाट्यों में मुख्यतः पेशेवर जातियों द्वारा मंचन होता है। यहाँ व्यंग्य, हास्य और मनोरंजन प्रधानता लिए होते हैं। जबकि जनजातीय रंगमयी संस्कृति अरावली पर्वतीय क्षेत्रों और आदिवासी लोकनाट्यों में देखने को मिलती है। इस कारण विकल्प A असंगत है।
45. निम्न में से असंगत युग्म है-ख्याल – जिला
- (A) किशनगढ़ी ख्याल – अजमेर
- (B) ढप्पाली ख्याल – नागौर
- (C) अली बक्शी ख्याल – अलवर
- (D) तुर्रा कलंगी ख्याल – चित्तौड़गढ़
ढप्पाली ख्याल नागौर का नहीं है। यह खैरथल तिजारा, अलवर, डीग और भरतपुर क्षेत्र में प्रचलित एक विशिष्ट ख्याल शैली है। इसमें संगीत प्रेमियों के बीच प्रतिस्पर्धा होती है। इसलिए विकल्प B असंगत है।
46. जोगी जोगण, कानगुजरी, मियां बीबी व रसीली तंबोलन आदि किस शैली के लोकप्रिय ख्याल हैं?
- (A) जयपुरी ख्याल
- (B) कुचामनी ख्याल
- (C) शेखावाटी ख्याल
- (D) हेला ख्याल
जोगी जोगण, कानगुजरी, मियां बीबी और रसीली तंबोलन जैसे ख्याल जयपुरी ख्याल शैली के प्रसिद्ध उदाहरण हैं। जयपुरी ख्याल जयपुर क्षेत्र में विकसित हुआ और इसमें स्त्री भूमिकाएँ महिलाएँ स्वयं निभाती हैं। इसमें संगीत और नृत्य का गहरा समन्वय मिलता है।
47. निम्न में से असंगत युग्म है-(नाट्य-स्थान)
- (A) रम्मत – जैसलमेर
- (B) तमाशा – जयपुर
- (C) नौटंकी – भरतपुर
- (D) भेंट के दंगल – बाड़मेर
भेंट के दंगल बाड़मेर में नहीं, बल्कि धौलपुर जिले के बाड़ी-बसेड़ी क्षेत्र में प्रचलित हैं। यह गायन-प्रत्युत्तर की शैली है। जबकि रम्मत जैसलमेर, तमाशा जयपुर और नौटंकी भरतपुर क्षेत्रों से संबंधित हैं।
48. ख्याल भारमली' नामक ख्याल के रचयिता हैं?
- (A) हमीदुल्ला
- (B) हेला शायर
- (C) बंशीधर भट्ट
- (D) अली बक्श
ख्याल भारमली' नामक ख्याल के रचयिता हमीदुल्ला माने जाते हैं। यह ख्याल राजस्थान की ख्याल परंपरा में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसमें सामाजिक, पौराणिक और धार्मिक विषयों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
49. राजस्थान के निम्नलिखित में से किस शहर में होली के अवसर पर 'रम्मत' का आयोजन किया जाता है?
- (A) करौली
- (B) नागौर
- (C) बीकानेर
- (D) जोधपुर
बीकानेर में होली के अवसर पर 'रम्मत' का आयोजन विशेष रूप से किया जाता है। इसमें लोक कलाकार पारंपरिक वेशभूषा और वाद्य यंत्रों के साथ पौराणिक व ऐतिहासिक कथाओं का मंचन करते हैं। यह बीकानेर की सांस्कृतिक पहचान और होली उत्सव का मुख्य आकर्षण माना जाता है।
50. उगमराज का संबंध किस ख्याल से है?
- (A) हेला ख्याल
- (B) कुचामनी ख्याल
- (C) शेखावाटी ख्याल
- (D) कन्हैया ख्याल
उगमराज का संबंध कुचामनी ख्याल से है। कुचामनी ख्याल का विकास नागौर जिले के कुचामन क्षेत्र में हुआ और इसके प्रवर्तक लच्छीराम माने जाते हैं। यह ख्याल सामाजिक व्यंग्य पर आधारित होता है तथा इसमें गान और अभिनय का अद्भुत मिश्रण देखने को मिलता है। उगमराज जैसे कलाकारों ने इस शैली को लोकप्रिय बनाने में योगदान दिया।
51. राजस्थान का कौन-सा नाट्य 'लोकनाट्यों का मेरू नाट्य' के नाम से जाना जाता है?
- (A) भवाई
- (B) गवरी
- (C) ख्याल
- (D) तमाशा
गवरी नाट्य को 'लोकनाट्यों का मेरू नाट्य' कहा जाता है। यह भील जनजाति का प्रमुख धार्मिक नाट्य है, जिसे श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन) के अगले दिन से शुरू कर आश्विन शुक्ल नवमी तक खेला जाता है। लगभग 40 दिनों तक चलने वाले इस नाट्य में धार्मिक आख्यान, नृत्य और गीत प्रस्तुत किए जाते हैं। यह राजस्थान की आदिवासी संस्कृति का अनोखा उदाहरण है।
52. कुचामनी ख्याल के बारे में असंगत कथन है?
- (A) इस ख्याल का स्वरूप ओपेरा जैसा होता है।
- (B) इस ख्याल में लोकगीतों की प्रधानता होती है।
- (C) इस ख्याल का प्रदर्शन खुले मंच पर नहीं होता है।
- (D) इस ख्याल में ढोल, शहनाई और सारंगी वाद्ययंत्रों का प्रयोग होता है।
कुचामनी ख्याल का प्रदर्शन खुले मंच पर ही किया जाता है। यह ख्याल सामाजिक और व्यंग्यात्मक विषयों पर आधारित होता है तथा इसमें ढोल, शहनाई और सारंगी जैसे वाद्ययंत्रों का प्रयोग किया जाता है। इसकी भाषा सरल और आमजन की समझ में आने वाली होती है, जिससे यह जनता के बीच अत्यंत लोकप्रिय रहा है।
53. राजस्थान का कौनसा शहर 'पाटा संस्कृति' के लिए प्रसिद्ध है?
- (A) बीकानेर
- (B) जयपुर
- (C) उदयपुर
- (D) अजमेर
बीकानेर शहर 'पाटा संस्कृति' के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ होली के अवसर पर रम्मत का आयोजन मोहल्लों के चौक में किया जाता है। चौक में बड़े-बड़े लकड़ी के पाटे रखकर उन पर मंचन होता है। इस कारण बीकानेर को पाटा संस्कृति का केंद्र कहा जाता है। यह परंपरा बीकानेर की सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है।
54. निम्न में से असंगत युग्म है-संस्था – संस्थापक
- (A) राम प्रकाश थियेटर – महाराजा रामसिंह द्वितीय, 1878
- (B) मारवाड़ नाटक संस्थान – जसवंत सिंह, 1902
- (C) भवानी नाट्य शाला – भवानी सिंह, 1921
- (D) गंगा थियेटर – गंगासिंह द्वारा निर्मित
मारवाड़ नाटक संस्थान की स्थापना जसवंत सिंह ने नहीं की थी। यह संस्थान जोधपुर में लक्ष्मणदास डांगी द्वारा 1897 ई. में स्थापित किया गया था। जबकि रामप्रकाश थियेटर जयपुर के महाराजा रामसिंह द्वितीय, भवानी नाट्य शाला महाराजा भवानी सिंह और गंगा थियेटर महाराजा गंगासिंह से संबंधित हैं।
55. निम्न में से असंगत युग्म है-ख्याल – स्थान
- (A) जयपुरी ख्याल – जयपुर
- (B) कुचामनी ख्याल – डीडवाना कुचामन
- (C) हेला ख्याल – भरतपुर
- (D) कन्हैया ख्याल – सवाई माधोपुर
हेला ख्याल भरतपुर का नहीं है। इसका मुख्य प्रचलन सवाई माधोपुर और दौसा जिले के लालसोट क्षेत्र में है। हेला ख्याल में संगीत दंगल जैसी प्रतियोगिता होती है, जिसमें शायराना शैली का विशेष महत्व है और इसमें नौबत वाद्ययंत्र का प्रयोग किया जाता है।
56. नौटंकी नाट्य के बारे में निम्न में से असत्य कथन है-
- (A) नौटंकी का प्रचलन भूरी लाल ने प्रारम्भ किया।
- (B) इसके प्रमुख कलाकार गिरीराज प्रसाद हैं।
- (C) जोधपुर में हाथरस शैली की नौटंकी प्रसिद्ध है।
- (D) नौटंकी में 9 प्रकार के वाद्य यंत्रों का प्रयोग होता है।
नौटंकी का प्रचलन भूरीलाल ने प्रारम्भ किया और इसके प्रमुख कलाकारों में गिरीराज प्रसाद का नाम भी प्रमुख है। नौटंकी में 9 वाद्ययंत्रों का प्रयोग किया जाता है। लेकिन हाथरस शैली की नौटंकी भरतपुर क्षेत्र में प्रसिद्ध रही है, न कि जोधपुर में। इसलिए विकल्प C असत्य है।
57. गवरी नाट्य के विभिन्न प्रसंगों को आपस में जोड़ने वाला सामूहिक नृत्य क्या कहलाता है?
- (A) गवरी का हेला
- (B) गवरी की कहन
- (C) गवरी की घाई
- (D) गवरी के बोल
गवरी नाट्य का कथानक क्रमबद्ध नहीं होता है, इसलिए विभिन्न प्रसंगों को आपस में जोड़ने के लिए सामूहिक नृत्य "गवरी की घाई" किया जाता है। इसमें सभी कलाकार मिलकर गोल घेरे में नृत्य करते हैं। घाई न केवल नाट्य को जोड़ती है बल्कि भीलों की सामूहिकता और धार्मिक आस्था का भी प्रतीक है।
58. संत पीर शाहअली और तुकनगीर ने 400 साल पहले मेवाड़ में किस ख्याल की रचना की?
- (A) शेखावाटी ख्याल
- (B) हेला ख्याल
- (C) कन्हैया ख्याल
- (D) तुर्रा कलंगी ख्याल
संत पीर शाह अली और तुकनगीर ने लगभग 400 वर्ष पूर्व मेवाड़ क्षेत्र में तुर्रा कलंगी ख्याल की रचना की। इसमें तुर्रा को शिव और कलंगी को पार्वती का प्रतीक माना गया। यह ख्याल संवाद और गान शैली के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है और धार्मिक तथा सामाजिक संदेश देने में सक्षम है।
59. विवाह के अवसर पर केवल महिलाओं द्वारा खेला जाने वाला लोकनाट्य, जिसमें एक महिला वर और दूसरी महिला वधू बनती है तथा उनका नकली विवाह रचाया जाता है?
- (A) ट्रंटिया
- (B) स्वांग
- (C) रम्मत
- (D) नौटंकी
ट्रंटिया एक विशिष्ट लोकनाट्य है, जिसे विवाह अवसर पर केवल महिलाएँ खेलती हैं। इसमें एक महिला वर और दूसरी वधू बनती है और उनका नकली विवाह रचाया जाता है। यह लोक परंपरा मनोरंजन के साथ-साथ स्त्रियों की सामाजिक भागीदारी का प्रतीक भी है। ट्रंटिया विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में लोकप्रिय रहा है।
60. भेंट के दंगल कहाँ के प्रसिद्ध है?
- (A) बस्सी (चित्तौड़)
- (B) बाड़ी बसेड़ी (धौलपुर)
- (C) बिसाऊ (झुंझुनूं)
- (D) फुलेरा (जयपुर)
भेंट के दंगल धौलपुर जिले के बाड़ी-बसेड़ी क्षेत्र में प्रसिद्ध हैं। इसमें दो दल आमने-सामने बैठकर गायन और वाद्ययंत्रों के साथ अपनी कला प्रस्तुत करते हैं। इसे एक प्रकार की संगीत प्रतियोगिता माना जाता है। भेंट के दंगल मनोरंजन के साथ-साथ लोकगायकी को बढ़ावा देने का भी कार्य करते हैं।
राजस्थान के प्रमुख लोक नाट्य MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6 | Part 7
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