राजस्थान के प्रमुख लोक नाट्य MCQ Questions with Answers

राजस्थान के प्रमुख लोक नाट्य (Major Folk Dramas of Rajasthan) MCQ – Part 4

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के प्रमुख लोक नाट्य से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें ख्याल, तमाशा, चारबैत, कन्हैया ख्याल, गंधर्व नाट्य, स्वांग, नौटंकी, रम्मत, रासलीला, रामलीला आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान के प्रमुख लोक नाट्य
  • Question: 61 से 80
  • Last Updated:

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61. कौनसा लोकनाट्य जैन धर्म पर आधारित है-

  • (A) तमाशा
  • (B) चारबैत
  • (C) कन्हैया ख्याल
  • (D) गंधर्व नाट्य

गंधर्व नाट्य जैन धर्म पर आधारित है। यह लोकनाट्य मारवाड़ क्षेत्र में गंधर्व जाति द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। इसमें अंजना सुंदरी और मैना सुंदरी जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक संगीत नाटकों का मंचन होता है। गंधर्व जाति इस नाट्य के पेशेवर कलाकार माने जाते हैं और यह कला जैन धर्म की धार्मिक कथाओं से प्रभावित है।

62. निम्न में से असंगत युग्म है-नाट्य – स्थान

  • (A) चारबेंत – टोंक
  • (B) नौटंकी – कोटा
  • (C) रासलीला – फुलेरा (जयपुर)
  • (D) भेंट के दंगल – धौलपुर

नौटंकी का मुख्य प्रचलन कोटा में नहीं है। नौटंकी राजस्थान के पूर्वी जिलों जैसे भरतपुर, धौलपुर और अलवर में प्रसिद्ध है। जबकि चारबैत टोंक से, रासलीला फुलेरा से और भेंट के दंगल धौलपुर से जुड़े हुए हैं। इसलिए विकल्प B असंगत है।

63. निम्न में से असंगत युग्म छांटिए-

  • (A) कुचामन ख्याल – नानूराम
  • (B) शेखावाटी ख्याल – दूलिया राणा
  • (C) रम्मत – तेज कवि जैसलमेरी
  • (D) तमाशा – बंशीधर भट्ट

कुचामनी ख्याल के प्रवर्तक नानूराम नहीं थे। इसके प्रमुख नाट्यकार लच्छीराम और उगमराज माने जाते हैं। शेखावाटी ख्याल के प्रसार में दूलिया राणा का योगदान रहा, रम्मत को तेज कवि जैसलमेरी ने लोकप्रिय बनाया और तमाशा के प्रवर्तक बंशीधर भट्ट थे।

64. घोसुण्डा व बस्सी (चित्तौड़गढ़) में प्रसिद्ध लीलाएँ हैं-

  • (A) रासलीलाएँ
  • (B) गरासियों की
  • (C) सहरियों की
  • (D) सनकादियों की

चित्तौड़गढ़ के घोसुण्डा और बस्सी क्षेत्रों में 'सनकादी लीलाएँ' प्रसिद्ध हैं। ये लीलाएँ धार्मिक और पौराणिक कथाओं पर आधारित होती हैं और स्थानीय लोकसंस्कृति को प्रतिबिंबित करती हैं। सनकादी लीलाओं का मंचन विशेष अवसरों पर होता है और यह ग्रामीण समाज में धार्मिक आस्था और मनोरंजन का महत्वपूर्ण माध्यम है।

65. गवरी नाट्य के बारे में निम्न में से असत्य कथन है?

  • (A) यह राजस्थान का सबसे प्राचीन लोकनाट्य है।
  • (B) यह दिन में प्रदर्शित होने वाला एकमात्र लोकनाट्य है।
  • (C) यह शिव भस्मासुर की कथा पर आधारित है।
  • (D) इसका सूत्रधार 'मेड़िया' कहलाता है।

गवरी का सूत्रधार 'कुटकुटिया' या 'खटकड़्या' कहलाता है, न कि मेड़िया। गवरी नाट्य राजस्थान का सबसे प्राचीन लोकनाट्य माना जाता है। इसे भील समुदाय खेलता है और इसमें दिन में ही प्रदर्शन होता है। इसका प्रमुख कथानक शिव और भस्मासुर की कथा से संबंधित है।

66. निम्न में से असंगत युग्म है-नाट्य – पात्र

  • (A) कन्हैया ख्याल – मेड़िया
  • (B) गवरी नाट्य – राई बूढ़िया
  • (C) रम्मत – झामट्या
  • (D) स्वांग – बहरूपिया

रम्मत का प्रमुख पात्र 'झामट्या' नहीं है। रम्मत में मुख्य कलाकार 'टेरिये' कहलाते हैं। टेरिये के बोल पर अन्य पात्र नाचते और अभिनय करते हैं। वहीं कन्हैया ख्याल में मेड़िया, गवरी नाट्य में राई बूढ़िया और स्वांग में बहरूपिया प्रमुख पात्र होते हैं।

67. गवरी नाट्य में प्रयुक्त होने वाले प्रमुख वाद्ययंत्र हैं?

  • (A) थाली व मांदल
  • (B) ढोलक व मंजीरा
  • (C) कमायचा व करताल
  • (D) पुंगी व मशक

गवरी नाट्य में थाली और मांदल प्रमुख वाद्ययंत्र हैं। मांदल ताल और लय प्रदान करता है, जबकि थाली की आवाज समूह नृत्य में उत्साह और ऊर्जा का संचार करती है। ये वाद्ययंत्र गवरी की पहचान बन चुके हैं और भीलों की सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाते हैं।

68. गवरी के पात्रों के बारे में असुमेलित युग्म है?

  • (A) झामट्या – लोकभाषा में कविता बोलने वाला पात्र
  • (B) खटकड्या – नाट्य का सूत्रधार व जोकर का काम करने वाला
  • (C) राई/रायां – पार्वती का पात्र
  • (D) खेल्या – शिव का रूप धारण करने वाला नृतक

गवरी नाट्य में शिव का रूप धारण करने वाला पात्र 'पुरिया/बुढ़िया' कहलाता है, जबकि 'खेल्या' अन्य पात्र होते हैं जो नृत्य और अभिनय करते हैं। झामट्या कविता बोलने वाला पात्र है और खटकड़्या सूत्रधार के साथ जोकर की भूमिका निभाता है। इसलिए विकल्प D असुमेलित है।

69. अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त जानकीलाल भांड का सम्बन्ध किस लोक नाट्य से है?

  • (A) स्वांग
  • (B) ख्याल
  • (C) नौटंकी
  • (D) रम्मत

जानकीलाल भांड का सम्बन्ध स्वांग/बहुरूपिया कला से है। वे भीलवाड़ा के प्रसिद्ध कलाकार थे, जिन्हें "मंकी मैन" भी कहा जाता था। इनके साथ परशुराम (केलवा, राजसमंद) और धनरूप भांड जैसे कलाकार भी इस परंपरा के प्रमुख प्रतिनिधि माने जाते हैं। स्वांग राजस्थान की पारंपरिक लोकनाट्य शैलियों में से एक है, जिसमें हास्य और व्यंग्य के माध्यम से सामाजिक संदेश दिया जाता है।

70. स्वतंत्र बावनी की रचना किसने की?

  • (A) फागु महाराज
  • (B) ठाकुर ओंकार सिंह
  • (C) दुलिया राणा
  • (D) तेज कवि जैसलमेरी

स्वतंत्र बावनी की रचना तेज कवि जैसलमेरी ने की थी। इस रचना को उन्होंने महात्मा गांधी को भेंट भी किया था। तेज कवि ने श्रीकृष्णा कंपनी नाम से रम्मत का अखाड़ा भी खोला। उनकी रचनाओं में स्वदेश प्रेम और सामाजिक चेतना का स्पष्ट प्रभाव दिखाई देता है।

71. गुलाल बाई और कृष्ण कुमारी किसके लिए प्रसिद्ध है?

  • (A) स्वांग लोकनाट्य
  • (B) नौटंकी लोकनाट्य
  • (C) गवरी लोकनाट्य
  • (D) ख्याल लोकनाट्य

गुलाल बाई और कृष्ण कुमारी नौटंकी लोकनाट्य की प्रमुख कलाकार थीं। नौटंकी एक लोकप्रिय लोकनाट्य शैली है, जिसमें गान, संवाद और अभिनय के माध्यम से दर्शकों का मनोरंजन किया जाता है। राजस्थान में इस परंपरा के कलाकारों में भूरेलाल और रामदयाल शर्मा का नाम भी प्रमुख है।

72. रम्मत नामक रंगमंच नाट्य किस क्षेत्र से संबंधित है?

  • (A) भरतपुर
  • (B) उदयपुर
  • (C) टोंक
  • (D) बीकानेर

रम्मत रंगमंच नाट्य बीकानेर क्षेत्र से संबंधित है। यह बीकानेर की विशेष सांस्कृतिक परंपरा है और मुख्यतः होली के अवसर पर खेला जाता है। रम्मत में नगाड़ा और ढोलक जैसे वाद्ययंत्रों के साथ पौराणिक और ऐतिहासिक कथाओं का मंचन होता है। बीकानेर की 'पाटा संस्कृति' इसी से जुड़ी हुई है।

73. राजस्थान में रासलीला का प्रमुख केन्द्र है?

  • (A) बिसाऊ (झुंझुनूं)
  • (B) फूलेरा (जयपुर)
  • (C) बस्सी (चित्तौड़)
  • (D) केलवा (राजसमंद)

राजस्थान में फूलेरा (जयपुर) रासलीला का प्रमुख केंद्र माना जाता है। रासलीला मुख्यतः कृष्ण-लीलाओं पर आधारित नाट्य है, जिसमें श्रीकृष्ण और गोपियों की कथाओं का सुंदर मंचन होता है। इसमें संगीत, नृत्य और अभिनय का समन्वय दिखाई देता है। फूलेरा की रासलीला धार्मिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

74. रासलीला के प्रवर्तक किसे माना जाता है?

  • (A) तुलसीदास
  • (B) कबीरदास
  • (C) वल्लभाचार्य
  • (D) रामानन्द

रासलीला के प्रवर्तक वल्लभाचार्य माने जाते हैं। उन्होंने कृष्ण भक्ति परंपरा को लोकप्रिय बनाने के लिए रासलीला को एक धार्मिक नाट्य के रूप में प्रस्तुत किया। रासलीला में गान और नृत्य के माध्यम से श्रीकृष्ण की बाल और युवा लीलाओं का मंचन होता है। यह भक्तिभाव से ओतप्रोत एक नाट्य विधा है।

75. निम्न में से किस स्थान का रसिया दंगल प्रसिद्ध है?

  • (A) मुंडावर (खैरथल तिजारा)
  • (B) देवली (टोंक)
  • (C) बाड़ी (धौलपुर)
  • (D) डीग

राजस्थान के डीग क्षेत्र का रसिया दंगल विशेष रूप से प्रसिद्ध है। इसमें गायक मंडलियाँ आमने-सामने बैठकर रसिया गीत गाती हैं और श्रोताओं का मनोरंजन करती हैं। रसिया दंगल ब्रज संस्कृति का प्रतीक है और यह विशेषकर होली जैसे त्योहारों पर आयोजित किया जाता है।

76. रावलों की रामत' नामक नाट्य किस क्षेत्र में सर्वाधिक खेला जाता है?

  • (A) शेखावाटी
  • (B) मेवात
  • (C) मारवाड़ क्षेत्र
  • (D) मेवाड़

रावलों की रामत' मारवाड़ क्षेत्र का प्रमुख लोकनाट्य है। इसे रावल जाति के लोग खेलते हैं। यह नाट्य रामलीला से मिलता-जुलता है, पर इसमें राम का पूरा जीवन नहीं दिखाया जाता बल्कि केवल मुख्य घटनाओं का मंचन होता है। यह नाट्य मारवाड़ क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है।

77. किस लोकनाट्य में लकड़ी की गौर व हँसर (ईसर) को गरासिया स्त्रियाँ अपने सिर पर रखकर नृत्य करती हैं?

  • (A) गरासियों की गोर लीलाएँ
  • (B) गरासियों का मोरिया
  • (C) रावलों की रामत
  • (D) गरासियों का जवारा

गरासियों की गोर लीलाएँ इस दृष्टि से विशेष हैं कि इनमें गरासिया स्त्रियाँ अपने सिर पर लकड़ी की गौर और ईसर (शिव-पार्वती के प्रतीक) रखकर नृत्य करती हैं। नृत्य के बीच पुरुष मुखौटा लगाकर तलवारबाजी का भी प्रदर्शन करते हैं। यह नाट्य गरासिया समुदाय की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा को दर्शाता है।

78. राजस्थान में किस स्थान की मूक रामलीला प्रसिद्ध है?

  • (A) डीग
  • (B) गजनेर (बीकानेर)
  • (C) बिसाऊ (झुंझुनूं)
  • (D) घोसुंडा (चित्तौड़)

बिसाऊ (झुंझुनूं) की मूक रामलीला बहुत प्रसिद्ध है। इसमें कलाकार रामायण की कथाओं को अभिनय और मुद्राओं के माध्यम से प्रस्तुत करते हैं, लेकिन संवाद नहीं बोलते। संगीत और हाव-भाव के माध्यम से कथा को समझाया जाता है। यह शैली अपनी विशिष्टता के कारण दूर-दूर तक प्रसिद्ध है।

79. भारत का सबसे प्राचीन नाट्य है?

  • (A) रासलीला
  • (B) रामलीला
  • (C) गवरी
  • (D) ख्याल

भारत का सबसे प्राचीन नाट्य रामलीला है। इसका आरंभ तुलसीदास ने रामचरितमानस के आधार पर किया। इसमें श्रीराम के जीवन की प्रमुख घटनाओं का मंचन किया जाता है। रामलीला धार्मिक आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। यह आज भी भारत के विभिन्न हिस्सों में अत्यंत लोकप्रिय है।

80. राजस्थान का कौनसा बहरूपिया कलाकार 'मंकी मैन' के नाम से प्रसिद्ध हुआ?

  • (A) धनरूप भांड
  • (B) परशुराम
  • (C) अमरसिंह
  • (D) जानकीलाल भांड

राजस्थान के बहरूपिया कलाकार जानकीलाल भांड 'मंकी मैन' के नाम से प्रसिद्ध हुए। वे भीलवाड़ा जिले के थे और बहुरूपिया कला में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कर चुके थे। इनके अभिनय और अदाओं में अनोखी विशेषता थी, जिसके कारण इन्हें यह उपनाम मिला।

राजस्थान के प्रमुख लोक नाट्य MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6 | Part 7

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