राजस्थान के लोकनृत्य (Folk Dances of Rajasthan) MCQ – Part 1
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के लोकनृत्य से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें नृत्य, गीदड़ नृत्य, कच्छीघोड़ी, गैर, अग्नि नृत्य, बिछवा, झेला, शिकारी, द्विचक्री, घूमर आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान के लोकनृत्य
- Question: 1 से 20
- Last Updated:
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1. लोकप्रिय 'अग्नि नृत्य' का आयोजन मुख्यतः किस जिले में होता है?
- (A) जैसलमेर
- (B) चुरू
- (C) जोधपुर
- (D) बीकानेर
अग्नि नृत्य का आयोजन मुख्यतः बीकानेर जिले में होता है। यह जसनाथी सम्प्रदाय से जुड़ा नृत्य है। इसमें साधक आग की लपटों पर नंगे पांव चलकर और आग के बीच नृत्य करके अपनी भक्ति और साहस का परिचय देते हैं। यह नृत्य राजस्थान का अनोखा धार्मिक नृत्य है।
2. विभिन्न नृत्य रूपों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें, इनमें से कौन सा कथन असत्य है?
- (A) गीदड़ नृत्य शेखावटी क्षेत्र से संबंधित है।
- (B) कच्ची घोड़ी में नकली घोड़ों का प्रयोग सम्मिलित है।
- (C) राई और बुढ़िया कालबेलिया नृत्य के मुख्य पात्र हैं।
- (D) तेरह ताली नृत्य कामड़ जनजाति की महिलाओं द्वारा किया जाता है।
राई और बुढ़िया पात्र कालबेलिया नृत्य से नहीं, बल्कि गवरी नाट्य से जुड़े हुए हैं, जो भील जनजाति का नृत्य है। कालबेलिया नृत्य सपेरों की संस्कृति से संबंधित है और इसे 2010 में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर में शामिल किया गया। अन्य विकल्प सही हैं – गीदड़ नृत्य शेखावटी क्षेत्र से है, कच्छी घोड़ी नकली घोड़ों पर आधारित है, और तेरहताली कामड़ जनजाति की महिलाओं का प्रसिद्ध नृत्य है।
3. खारी नृत्य किस जिले में सर्वाधिक लोकप्रिय है?
- (A) प्रतापगढ़
- (B) अलवर
- (C) झालावाड़
- (D) बाड़मेर
खारी नृत्य मुख्यतः अलवर जिले में लोकप्रिय है। यह नृत्य वैवाहिक अवसरों पर दुल्हन की विदाई के समय उसकी सखियों द्वारा किया जाता है। इसमें सखियाँ सिर पर खारी रखकर तालबद्ध नृत्य करती हैं।
4. गर्गीदड़ किस क्षेत्र का लोकनृत्य है?
- (A) शेखावाटी
- (B) वागड़
- (C) मेवाड़
- (D) मत्स्य
गर्गीदड़ नृत्य शेखावाटी क्षेत्र का प्रसिद्ध नृत्य है। यह नृत्य विशेष रूप से होली के अवसर पर किया जाता है। इसमें प्रहलाद की स्थापना से लेकर डंडा रोपण और होली दहन तक की परंपराओं का चित्रण किया जाता है। यह केवल पुरुष कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया जाता है और इसमें ढोल-चंग की ताल का प्रयोग होता है।
5. बिंदौरी नृत्य कहाँ का प्रसिद्ध है?
- (A) प्रतापगढ़
- (B) अलवर
- (C) झालावाड़
- (D) बाड़मेर
बिंदौरी नृत्य झालावाड़ क्षेत्र का प्रमुख नृत्य है। यह विशेष रूप से होली और विवाह अवसरों पर किया जाता है। इसमें समूह बनाकर गान और नृत्य प्रस्तुत किया जाता है, जिससे उत्सव का आनंद दोगुना हो जाता है।
6. पेजण नृत्य मुख्यतः किस क्षेत्र में प्रसिद्ध है?
- (A) वागड़
- (B) मेवात
- (C) थली
- (D) गुर्जरात्रा
पेजण नृत्य वागड़ क्षेत्र का प्रमुख लोकनृत्य है। यह नृत्य दीपावली के अवसर पर किया जाता है। इसमें पुरुष कलाकार महिला वेशभूषा धारण करके हास्य और मनोरंजन के साथ नृत्य करते हैं। इस नृत्य में ग्रामीण जीवन की झलक देखने को मिलती है।
7. नारों का स्वांग प्रसिद्ध है?
- (A) बीकानेर जिले में
- (B) जोधपुर जिले में
- (C) भरतपुर जिले में
- (D) भीलवाड़ा जिले में
नारों का स्वांग, जिसे नाहर नृत्य भी कहा जाता है, राजस्थान के भीलवाड़ा जिले (मांडल क्षेत्र) में प्रसिद्ध है। यह नृत्य होली के 13 दिन बाद किया जाता है। इसकी परंपरा मुगल सम्राट शाहजहाँ के काल से जुड़ी हुई है। इसमें लोकगाथाओं और ऐतिहासिक घटनाओं का चित्रण स्वांग और नृत्य के माध्यम से किया जाता है। यह भीलवाड़ा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है।
8. निम्नलिखित में से कौन सा एक सहरिया जनजाति द्वारा नहीं किया जाता है?
- (A) बिछवा नृत्य
- (B) झेला नृत्य
- (C) शिकारी नृत्य
- (D) द्विचक्री नृत्य
सहरिया जनजाति के प्रमुख नृत्यों में झेला नृत्य, सांग नृत्य, लहंगी नृत्य, इंद्रपरी नृत्य और शिकारी नृत्य शामिल हैं। ये नृत्य प्रायः विवाह, उत्सव और धार्मिक अवसरों पर किए जाते हैं। लेकिन द्विचक्री नृत्य सहरिया जनजाति का नहीं, बल्कि भील जनजाति का पारंपरिक विवाह नृत्य है, जिसमें युगल घुटनों के बल बैठकर प्रस्तुति देते हैं। इसलिए विकल्प D सही है।
9. मुगल सम्राट शाहजहाँ के समय से ही प्रसिद्ध "नाहर नृत्य" की खेलने की परम्परा कहाँ प्रचलित है?
- (A) माण्डल
- (B) चौमू
- (C) चाकसू
- (D) किशनगढ़
नाहर नृत्य की परंपरा राजस्थान के माण्डल (भीलवाड़ा) क्षेत्र में प्रचलित है। कहा जाता है कि मुगल सम्राट शाहजहाँ के मेवाड़ आगमन पर इस नृत्य की शुरुआत हुई। यह नृत्य मुख्य रूप से होली के समय किया जाता है और इसमें लोक कलाकार विशेष पात्रों का अभिनय कर इतिहास और समाज से जुड़े प्रसंग प्रस्तुत करते हैं। इसकी सांस्कृतिक जड़ें गहरी हैं।
10. ‘बिंदौरी' कहां का प्रमुख लोक नृत्य है?
- (A) किशनगढ़
- (B) जयपुर
- (C) जोधपुर
- (D) झालावाड़
बिंदौरी नृत्य राजस्थान के झालावाड़ क्षेत्र का प्रसिद्ध लोकनृत्य है। इसे विशेष रूप से होली और विवाह अवसरों पर किया जाता है। यह सामूहिक नृत्य है जिसमें ग्रामीण जनजीवन और सामाजिक परंपराओं की झलक मिलती है। राजस्थान के अन्य क्षेत्रों में अलग-अलग नृत्य प्रसिद्ध हैं – किशनगढ़ में चरी नृत्य, जोधपुर में घुड़ला नृत्य, और जयपुर में तमाशा नृत्य।
11. कच्छी घोड़ी' क्या है?
- (A) जनजातीय नृत्य
- (B) धार्मिक नृत्य
- (C) युगल नृत्य
- (D) व्यावसायिक नृत्य
कच्छी घोड़ी नृत्य राजस्थान का प्रसिद्ध व्यावसायिक नृत्य है। इसमें कलाकार नकली घोड़े की पोशाक पहनकर वीर रस से भरपूर अभिनय करते हैं। यह नृत्य शेखावाटी, परबतसर और डीडवाना क्षेत्रों में लोकप्रिय है और मुख्य रूप से विवाह व मेलों पर किया जाता है। इसमें गीतों के साथ व्यंग्य और हास्य भी मिश्रित रहता है।
12. निम्न कथनों पर विचार करें। नीचे दिए गए कथनों में से सत्य कथन का चयन करें।(i) गर्गीदड़ नृत्य शेखावाटी क्षेत्र में होली के अवसर पर किया जाता है।(ii) भवाई नृत्य के प्रवर्तक बाघा जी थे।(iii) गैर नृत्य शेखावाटी क्षेत्र का लोक नृत्य है।(iv) हरणी नृत्य दीपावली के अवसर पर बच्चों द्वारा किया जाता है।कूट :
- (A) (i), (ii) व (iii)
- (B) (ii) व (iii)
- (C) (i), (ii) व (iv)
- (D) उपर्युक्त सभी
गैर नृत्य शेखावाटी क्षेत्र का नहीं है, बल्कि यह मेवाड़ और बाड़मेर का प्रसिद्ध नृत्य है। यह नृत्य होली के दूसरे दिन से शुरू होकर लगभग 15 दिनों तक किया जाता है और इसमें पुरुष गोल घेरे में लकड़ी की छड़ियां लेकर नृत्य करते हैं। बाकी कथन – गर्गीदड़ नृत्य शेखावाटी का है, भवाई नृत्य के प्रवर्तक बाघा जी थे और हरणी नृत्य दीपावली पर बच्चों द्वारा किया जाता है – सही हैं।
13. कालबेलियों का सबसे अधिक आकर्षक प्रेम आधारित युगल नृत्य कौन सा है?
- (A) शंकरिया
- (B) बागड़िया
- (C) पणिहारी
- (D) इंडोणी
कालबेलियों का सबसे आकर्षक प्रेम आधारित युगल नृत्य "शंकरिया" कहलाता है। इसमें स्त्री-पुरुष जोड़े मिलकर प्रेम और श्रृंगार भावनाओं को प्रस्तुत करते हैं। इस नृत्य में लचकदार गतियों और लयबद्ध ताल का विशेष महत्व है। शंकरिया नृत्य कालबेलिया संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है और इसे राजस्थान में विशेष पहचान मिली है।
14. अलवर, डीग व भरतपुर जिलों में फाल्गुन की मस्ती में नगाड़ों के साथ किये जाने वाले नृत्य का नाम क्या है?
- (A) गीदड़ नृत्य
- (B) घूमर नृत्य
- (C) ढोल नृत्य
- (D) बम नृत्य
अलवर, डीग और भरतपुर जिलों में फाल्गुन माह की उमंग में किया जाने वाला प्रमुख नृत्य बम नृत्य है। यह नगाड़ों और ढोल की थाप पर किया जाता है। इस नृत्य में स्थानीय लोग उत्साह और उल्लास के साथ भाग लेते हैं। बम नृत्य राजस्थान की ब्रज संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है।
15. निम्न में से कौन-सा वाद्ययंत्र राजस्थान के तेरहताली नृत्य में प्रयोग में नहीं आता?
- (A) डेरु
- (B) मंजीरा
- (C) तानपुरा
- (D) चौतारा
तेरहताली नृत्य में मुख्य रूप से मंजीरा, तानपुरा और चौतारा जैसे वाद्ययंत्र प्रयोग होते हैं। इसे कामड़ जनजाति की महिलाएं करती हैं। इस नृत्य की खासियत यह है कि नर्तकाएं अपने शरीर से मंजीरे बांधकर ताल के साथ नृत्य करती हैं। लेकिन डेरु वाद्ययंत्र इसमें प्रयोग नहीं किया जाता।
16. निम्नलिखित नृत्यों में से किस नृत्य में केवल स्त्रियाँ भाग लेती हैं?
- (A) कच्छीघोड़ी
- (B) लूम्बर
- (C) मोरिया नृत्य
- (D) गैर नृत्य
लूम्बर नृत्य जालौर क्षेत्र का महिला प्रधान नृत्य है। यह नृत्य विशेष रूप से होली पर किया जाता है और इसमें केवल महिलाएं भाग लेती हैं। इसमें महिलाएं गोल घेरे में खड़ी होकर गीत गाते हुए सुंदर गतियों से नृत्य करती हैं। अन्य नृत्यों जैसे कच्छीघोड़ी और गैर नृत्य पुरुष प्रधान होते हैं, जबकि मोरिया नृत्य सामूहिक रूप से किया जाता है।
17. किस नृत्य के दौरान लसकरिया, बींद, रसाला व रंगमारिया गीत गाये जाते हैं?
- (A) मोहिली नृत्य
- (B) कबूतरी नृत्य
- (C) गर्गीदड़ नृत्य
- (D) कच्छीघोड़ी नृत्य
कच्छी घोड़ी नृत्य के दौरान लसकरिया, बींद, रसाला और रंगमारिया जैसे गीत गाए जाते हैं। यह नृत्य शेखावटी और आसपास के क्षेत्रों में लोकप्रिय है और विशेष रूप से विवाह अवसर पर प्रस्तुत किया जाता है। पुरुष नकली घोड़े की वेशभूषा में वीर रस से भरपूर नृत्य करते हैं।
18. निम्न में से कौन-सा गरासिया जनजाति से सम्बन्धित नृत्य है?
- (A) घुड़ला नृत्य
- (B) वालर
- (C) गैर नृत्य
- (D) गवरी
वालर नृत्य गरासिया जनजाति से संबंधित है। इसे सिरोही जिले में स्त्री-पुरुष बिना वाद्ययंत्र के गोल घेरे में नृत्य करते हैं। इसे गरासिया घूमरभी कहा जाता है। यह नृत्य मेलों और विवाह अवसर पर किया जाता है। अन्य विकल्प – घुड़ला (जोधपुर), गैर (मेवाड़-बाड़मेर) और गवरी (भील जनजाति) से जुड़े हैं।
19. तेरहताली नृत्य का संबंध किस जाति से है?
- (A) रेबारी
- (B) कामड़
- (C) सरगड़ा
- (D) गुर्जर
तेरहताली नृत्य का संबंध कामड़ जाति से है। इसे मुख्य रूप से महिलाएं करती हैं और लोकदेवता रामदेवजी के मेले व उत्सवों में प्रस्तुत किया जाता है। इस नृत्य की विशेषता यह है कि महिलाएं अपने शरीर से बंधे मंजीरों की ताल पर नृत्य करती हैं। इस नृत्य के प्रमुख कलाकार मांगीबाई, मोहनी, नारायणी और लक्ष्मणदास माने जाते हैं।
20. किस नृत्य को 'भैरव नृत्य' भी कहा जाता है?
- (A) नाहर नृत्य
- (B) गरबा नृत्य
- (C) मयूर नृत्य
- (D) पेजण नृत्य
मयूर नृत्य को 'भैरव नृत्य' भी कहा जाता है। यह नृत्य विशेष रूप से ब्यावर के बादशाह मेले में प्रस्तुत किया जाता है। इसमें बादशाह की सवारी के आगे बीरबल का पात्र निभाने वाला कलाकार इस नृत्य को करता है। इसकी प्रस्तुति लोक संस्कृति और धार्मिक आस्था दोनों का सुंदर मिश्रण है।
राजस्थान के लोकनृत्य MCQ – सभी भाग:
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