राजस्थान के लोकनृत्य MCQ Questions with Answers

राजस्थान के लोकनृत्य (Folk Dances of Rajasthan) MCQ – Part 3

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के लोकनृत्य से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें नृत्य, कूद, वालर, बम नृत्य, भवाई, गर्, गीदड़ नृत्य, कच्छीघोड़ी, रतवई, कबूतरी आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान के लोकनृत्य
  • Question: 41 से 60
  • Last Updated:

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41. किस लोकनृत्य में नगाड़ा, डफ व चंग वाद्य यंत्रों का प्रयोग किया जाता है?

  • (A) गर्गीदड़ नृत्य
  • (B) कच्छीघोड़ी नृत्य
  • (C) कूद नृत्य
  • (D) वालर नृत्य

गर्गीदड़ नृत्य शेखावाटी क्षेत्र में होली के अवसर पर किया जाने वाला प्रमुख नृत्य है। यह नृत्य केवल पुरुष करते हैं। इसमें नगाड़ा, डफ और चंग वाद्ययंत्रों का प्रयोग होता है। पुरुष दोनों हाथों में डंडे लेकर ताल मिलाते हुए नृत्य करते हैं। यह उत्सवधर्मी और ऊर्जावान नृत्य है।

42. मेव जाति का वह लोक नृत्य, जिसमें स्त्री व पुरुष दोनों भाग लेते हैं?

  • (A) रतवई नृत्य
  • (B) कबूतरी नृत्य
  • (C) बम नृत्य
  • (D) रणबाजा नृत्य

रणबाजा नृत्य मेव जाति का प्रमुख नृत्य है जिसमें स्त्रियां और पुरुष दोनों भाग लेते हैं। यह नृत्य उत्सव और धार्मिक अवसरों पर किया जाता है। रणबाजा नृत्य में पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन और समूह में गाए गए गीतों के साथ सामूहिक नृत्य किया जाता है।

43. भील जाति द्वारा किया जाने वाला 'खेल नृत्य' कौन सा है?

  • (A) शिकार नृत्य
  • (B) युद्ध नृत्य
  • (C) नेजा नृत्य
  • (D) घूमरा नृत्य

नेजा नृत्य भील जाति द्वारा किया जाने वाला खेल नृत्य है। इसमें पुरुष कलाकार नेजा (भाला) लेकर अद्भुत कौशल और करतब दिखाते हैं। यह नृत्य शक्ति, वीरता और साहस का प्रतीक माना जाता है और विशेष अवसरों पर प्रस्तुत किया जाता है।

44. कूद नृत्य किस जनजाति का है?

  • (A) सहरिया जनजाति
  • (B) गरासिया जनजाति
  • (C) कथोड़ी जनजाति
  • (D) भील जनजाति

कूद नृत्य गरासिया जनजाति का पारंपरिक नृत्य है। इसमें स्त्री-पुरुष बिना वाद्ययंत्र के पंक्तिबद्ध होकर नृत्य करते हैं और तालियां बजाते हैं। यह नृत्य मेलों और उत्सवों में विशेष रूप से किया जाता है। अन्य विकल्प – सहरिया, कथोड़ी और भील – इसके लिए सही नहीं हैं।

45. गरासिया महिलाओं द्वारा मांदल वाद्ययंत्र के साथ वृताकार घेरे में किया जाने वाला नृत्य कौनसा है?

  • (A) वालर नृत्य
  • (B) गौर नृत्य
  • (C) कूद नृत्य
  • (D) मांदल नृत्य

मांदल नृत्य गरासिया जनजाति की महिलाओं द्वारा किया जाता है। इसमें महिलाएं मांदल वाद्ययंत्र की थाप पर वृताकार घेरे में खड़ी होकर गीत गाते हुए नृत्य करती हैं। यह नृत्य सामाजिक उत्सवों और विवाह अवसरों पर प्रमुखता से किया जाता है।

46. निम्न नृत्यों में से कौनसा नृत्य राजस्थान से संबंधित नहीं है?

  • (A) गरबा
  • (B) कालबेलिया
  • (C) घूमर
  • (D) भवाई

गरबा नृत्य राजस्थान से संबंधित नहीं है, बल्कि यह गुजरात का प्रमुख नृत्य है। यह नवरात्रों के अवसर पर स्त्रियों द्वारा दीपक या गरबा पात्र को सिर पर रखकर किया जाता है। जबकि कालबेलिया, घूमर और भवाई नृत्य राजस्थान के प्रमुख लोकनृत्य हैं।

47. वह शास्त्रीय नृत्य, जिसका उद्गम स्थल राजस्थान माना जाता है?

  • (A) कुचीपुड़ी
  • (B) कथक
  • (C) कथकली
  • (D) भरतनाट्यम

भारत के आठ शास्त्रीय नृत्यों में से कथक नृत्य का उद्गम स्थल राजस्थान और उत्तर भारत माना जाता है। इसमें भाव, ताल और पदचाप की सुंदर प्रस्तुति होती है। कथक का संबंध प्राचीन कथा-वाचन परंपरा से है।

48. कालबेलिया नृत्य को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाली नृत्यांगना कौन है?

  • (A) गुलाबो
  • (B) सीमा मिश्रा
  • (C) फलकू बाई
  • (D) अम्मिता काला

कालबेलिया नृत्य को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने का श्रेय गुलाबो देवी को जाता है। उन्होंने इस नृत्य को विदेशों तक पहुंचाया। 2010 में कालबेलिया नृत्य को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर की सूची में शामिल किया गया। अन्य प्रमुख कलाकारों में कंचन सपेरा, कमली और राजकी भी शामिल हैं।

49. गरासिया जाति द्वारा बिना किसी वाद्ययंत्र के सिरोही एवं आबू क्षेत्रों में किया जाने वाला धीमी गति का युगल नृत्य कौनसा है?

  • (A) गौर
  • (B) जवारा
  • (C) मोरिया
  • (D) वालर

वालर नृत्य सिरोही और आबू क्षेत्र में गरासिया जनजाति द्वारा बिना वाद्ययंत्र के किया जाने वाला धीमी गति का युगल नृत्य है। इसे गरासिया घूमर भी कहा जाता है। यह नृत्य मेलों और सामाजिक अवसरों पर किया जाता है।

50. अलवर, डीग व भरतपुर क्षेत्र का वह नृत्य, जिसमें लगभग ढाई-तीन फुट ऊँचे नगाड़े वाद्ययंत्र के साथ पुरुषों द्वारा किया जाता है?

  • (A) ढोल नृत्य
  • (B) बिन्दौरी नृत्य
  • (C) कूद नृत्य
  • (D) बम नृत्य

बम नृत्य अलवर, डीग और भरतपुर क्षेत्र का प्रसिद्ध नृत्य है। इसमें लगभग ढाई से तीन फुट ऊँचे नगाड़े को दोनों हाथों में डंडों से बजाया जाता है। यह नृत्य फाल्गुन माह की मस्ती और ब्रज संस्कृति की झलक दिखाता है।

51. कौनसा नृत्य केवल गरासिया जनजाति की महिलाओं द्वारा किया जाता है?

  • (A) कूद नृत्य
  • (B) मोरिया नृत्य
  • (C) लूर नृत्य
  • (D) द्विचक्री

लूर नृत्य केवल गरासिया जनजाति की महिलाओं द्वारा किया जाता है। यह घूमर का एक रूप है। इसे मेलों और शादियों में किया जाता है। बाकी नृत्य – कूद (गरासिया स्त्री-पुरुष), मोरिया (सामूहिक), और द्विचक्री (भील जनजाति) में पुरुष भी शामिल होते हैं।

52. द्विचक्री नृत्य के बारे में सही कथन है?

  • (A) विवाह के अवसर पर भील पुरुषों एवं महिलाओं द्वारा दो वृत बनाकर किया जाने वाला नृत्य।
  • (B) गरासिया महिलाओं द्वारा मांदल यंत्र के साथ किया जाने वाला नृत्य।
  • (C) कालबेलिया महिलाओं द्वारा भीख मांगने के समय किया जाने वाला नृत्य।
  • (D) भीलों द्वारा विवाह के अवसर पर घुटनों के बल चलकर किया जाने वाला नृत्य।

द्विचक्री नृत्य भील जनजाति का नृत्य है। यह विवाह अवसरों पर किया जाता है। इसमें पुरुष और महिलाएं दो घेरे बनाकर लयबद्ध ढंग से नृत्य करते हैं। यह नृत्य भीलों की सामूहिकता और उत्सवप्रियता को दर्शाता है।

53. घूमर नृत्य' के लिए मुख्य रूप से किन वाद्ययंत्रों की आवश्यकता होती है?

  • (A) मांदल और थाली
  • (B) चंग और मंजीरा
  • (C) पूंगी और खंजरी
  • (D) नगाड़ा और बांसुरी

घूमर नृत्य राजस्थान का सबसे लोकप्रिय नृत्य है। इसमें मुख्य रूप से नगाड़ा और बांसुरी के साथ शहनाई जैसे वाद्ययंत्रों का प्रयोग होता है। महिलाएं गोल घेरे में घूमर डालते हुए इस नृत्य को करती हैं। यह विवाह और तीज-त्योहारों का प्रमुख नृत्य है।

54. किस लोकदेवता के भक्तों द्वारा मांदल नृत्य किया जाता है?

  • (A) गमदेव जी
  • (B) गागाजी
  • (C) पाबूजी
  • (D) तेजाजी

मांदल नृत्य गागाजी के भक्तों द्वारा किया जाता है। इस नृत्य में मांदल वाद्ययंत्र की थाप पर भक्त गीत गाते और नृत्य करते हैं। यह विशेष रूप से गागाजी के मेलों और धार्मिक अवसरों पर किया जाता है।

55. बाँसवाड़ा क्षेत्र का कौनसा लोकनृत्य विवाह के अवसर पर किया जाने वाला सामूहिक नृत्य है?

  • (A) पालीनाच नृत्य
  • (B) पजण नृत्य
  • (C) नाहर नृत्य
  • (D) मयूर नृत्य

पालीनाच नृत्य बाँसवाड़ा क्षेत्र का प्रसिद्ध सामूहिक नृत्य है। यह मुख्य रूप से विवाह अवसरों पर किया जाता है। इसमें स्त्री-पुरुष सामूहिक रूप से गोल घेरे में खड़े होकर गीतों और वाद्ययंत्रों की ताल पर नृत्य करते हैं। यह भीलों की उत्सवप्रियता और सामाजिक जीवन का प्रतीक है।

56. तेरहताली, गींदड़ व कच्छी घोड़ी क्या है?

  • (A) राजस्थान के लोकगीत
  • (B) राजस्थान की संगीतजीवी जातियाँ
  • (C) राजस्थान की संगीत गायन शैलियाँ
  • (D) राज्य की नृत्य विधाएँ

तेरहताली, गींदड़ और कच्छी घोड़ी सभी राजस्थान की नृत्य विधाएँ हैं। तेरहताली कामड़ जाति की महिलाओं का भक्ति नृत्य है, गींदड़ शेखावाटी का पुरुष प्रधान नृत्य है और कच्छी घोड़ी शेखावाटी क्षेत्र का व्यावसायिक नृत्य है।

57. राजस्थान के किस लोक नृत्य में नर्तक कलाकार द्वारा सिर पर कई मटके रखकर नृत्य किया जाता है?

  • (A) भवाई
  • (B) तेरहताली
  • (C) घुड़ला
  • (D) गीदड़

भवाई नृत्य राजस्थान का अत्यंत प्रसिद्ध लोकनृत्य है। इसमें महिला कलाकार सिर पर कई मटके रखकर संतुलन बनाते हुए नृत्य करती हैं। यह नृत्य चपलता, साहस और संतुलन का अद्भुत प्रदर्शन है।

58. तेरहताली नृत्य के बारे में असत्य कथन है–

  • (A) इस नृत्य का उद्गम कतरियासर (बीकानेर) में हुआ है।
  • (B) इस नृत्य में 13 मंजीरों का प्रयोग होता है।
  • (C) 9 मंजीरे दायें पांव पर व 2 मंजीर कोहनी पर तथा 1-1 मंजीरा दोनों हाथों में रखा जाता है।
  • (D) यह नृत्य कामड़ जाति की बहुओं द्वारा किया जाता है।

तेरहताली नृत्य का उद्गम पाली जिले के पादरला गाँव से माना जाता है, न कि बीकानेर के कतरियासर से। इस नृत्य में 13 मंजीरों का प्रयोग होता है और इसे कामड़ जाति की बहुएं लोकदेवता रामदेवजी की भक्ति में प्रस्तुत करती हैं। यह बैठकर किया जाने वाला राजस्थान का एकमात्र नृत्य है।

59. गैर नृत्य किस त्योहार पर किया जाता है?

  • (A) दीपावली
  • (B) गणगौर
  • (C) होली
  • (D) रक्षाबन्धन

गैर नृत्य राजस्थान का प्रमुख सामूहिक नृत्य है, जो विशेष रूप से होली पर किया जाता है। यह मेवाड़ और बाड़मेर क्षेत्रों में लोकप्रिय है। इसमें पुरुष लकड़ी की छड़ियों के साथ गोल घेरे में नृत्य करते हैं और यह 15 दिनों तक चलता है।

60. गुलाबो किस क्षेत्र में प्रसिद्ध है?

  • (A) गायन
  • (B) नृत्य
  • (C) वादन
  • (D) हस्तकला

गुलाबो देवी राजस्थान की प्रसिद्ध लोकनृत्यांगना हैं, जिन्होंने विशेष रूप से कालबेलिया नृत्य को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई। 2010 में यूनेस्को ने कालबेलिया नृत्य को अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर की सूची में शामिल किया।

राजस्थान के लोकनृत्य MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6 | Part 7 | Part 8 | Part 9 | Part 10 | Part 11 | Part 12

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