राजस्थान के लोकनृत्य MCQ Questions with Answers

राजस्थान के लोकनृत्य (Folk Dances of Rajasthan) MCQ – Part 7

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के लोकनृत्य से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें नृत्य, चकरी, अग्नि, घुड़ला नृत्य, गरवा, गौर, शिकारी, घूमरिया, घूमर, लूर आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान के लोकनृत्य
  • Question: 121 से 140
  • Last Updated:

📌 इस टॉपिक के अन्य भाग (Parts) के लिंक इस पोस्ट के अंतिम प्रश्न के बाद दिए गए हैं।

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121. कत्थक नृत्य के अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार हैं?

  • (A) बाबूलाल
  • (B) श्री मोहन गौड़
  • (C) कुंदनलाल
  • (D) बिरजू महाराज

बिरजू महाराज कत्थक नृत्य के अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कलाकार हैं। कत्थक का उद्भव 13वीं शताब्दी में हुआ और इसके तीन प्रमुख घराने – जयपुर, बनारस और लखनऊ घराने प्रसिद्ध हैं। बिरजू महाराज ने अपने जीवनकाल में इस नृत्य को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।

122. राजस्थान में घूमर के तीन प्रकार प्रचलित हैं, उनमें से नहीं है?

  • (A) घूमरिया
  • (B) घूमर
  • (C) चकरी
  • (D) लूर

राजस्थान में घूमर के तीन प्रमुख प्रकार प्रचलित हैं – घूमरिया (बालिकाओं द्वारा), घूमर (स्त्रियों द्वारा) और लूर (गरासिया स्त्रियों द्वारा)। जबकि चकरी नृत्य कंजर जाति का है और घूमर का प्रकार नहीं माना जाता।

123. निम्न में से असंगत युग्म है?

  • (A) चरवा नृत्य – माली
  • (B) कठपुतली नृत्य – नट
  • (C) बालदिया नृत्य – बणजारा
  • (D) चाक नृत्य – कुम्हार

बालदिया नृत्य बणजारा जाति का नहीं है, बल्कि बालदिया जाति का है। चरवा नृत्य माली जाति, कठपुतली नृत्य नट जाति और चाक नृत्य कुम्हार जाति से सही रूप से संबंधित हैं।

124. निम्न में से बाड़मेर का प्रसिद्ध नृत्य है?

  • (A) मछली
  • (B) रणबाजा
  • (C) अग्नि नृत्य
  • (D) चकरी

मछली नृत्य बाड़मेर का प्रसिद्ध नृत्य है, जिसे बणजारा जाति करती है। यह पूर्णिमा की रात को कुंवारी कन्याओं द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला नृत्य-नाट्य है। इसमें जीवन की खुशी और दुख दोनों का चित्रण होता है।

125. नाथद्वारा

  • (A) 1234
  • (B) 4231
  • (C) 4312
  • (D) 3421

सही युग्म हैं – डांग – नाथद्वारा, सांकल – गोगामेड़ी, थाली – कोलूमंड (फलौदी), तेरहताली – रामदेवरा। अतः सही क्रम 4231 है।

126. निम्न में से कौनसा नृत्य जनजातीय नृत्य नहीं है?

  • (A) युद्ध नृत्य
  • (B) परणिया नृत्य
  • (C) तेरहताली नृत्य
  • (D) नेजा नृत्य

तेरहताली नृत्य जनजातीय नृत्य नहीं है। यह कामड़ जाति की बहुओं द्वारा किया जाने वाला धार्मिक नृत्य है, जिसमें 13 मंजीरों का उपयोग किया जाता है। जबकि युद्ध, परणिया और नेजा नृत्य जनजातीय परंपराओं से जुड़े हैं।

127. निम्न में से कौनसा युग्म असंगत है?

  • (A) गर्गीदड़ नृत्य – शेखावाटी
  • (B) डांडिया नृत्य – मारवाड़
  • (C) अग्नि नृत्य – बीकानेर
  • (D) बम नृत्य – सवाई माधोपुर

बम नृत्य सवाई माधोपुर का नहीं बल्कि भरतपुर, डीग और अलवर क्षेत्र का प्रमुख नृत्य है। इसमें बड़े नगाड़े (बम) बजाकर पुरुष कलाकार फसल उत्सव और होली पर नृत्य करते हैं।

128. राजस्थान के किस पेशेवर नृत्य में नृतक द्वारा अपने सिर पर 7-8 मटके रखकर नृत्य करना, जमीन पर रखा रूमाल मुँह से उठाना, गिलासों व थाली के किनारों, तलवारों व काँच के टुकड़ों पर नृत्य करना जैसी क्रियाएँ की जाती हैं?

  • (A) हिंडोला नृत्य
  • (B) घुड़ला नृत्य
  • (C) भवाई नृत्य
  • (D) बिंदौरी नृत्य

भवाई नृत्य राजस्थान का सबसे लोकप्रिय पेशेवर नृत्य है। इसमें महिला कलाकार सिर पर 7-8 मटके रखकर संतुलन बनाते हुए नृत्य करती हैं और कभी-कभी तलवारों या काँच के टुकड़ों पर खड़ी होकर भी नृत्य करती हैं। यह नृत्य साहस और कौशल का अद्भुत प्रदर्शन है।

129. गणगौर के अवसर पर गरासिया स्त्री-पुरुषों द्वारा किया जाने वाला नृत्य है?

  • (A) गरवा नृत्य
  • (B) गौर नृत्य
  • (C) मोरिया नृत्य
  • (D) मांदल नृत्य

गौर नृत्य गणगौर पर्व पर गरासिया स्त्री-पुरुषों द्वारा किया जाता है। इसमें ढोलक और मांदल की थाप पर पारंपरिक गीत गाते हुए गोल घेरे में नृत्य किया जाता है। यह नृत्य प्रेम और सामुदायिक एकता का प्रतीक है।

130. निम्न में से कौनसा नृत्य सामूहिक नृत्य नहीं है?

  • (A) हुरंगा
  • (B) चोगोला
  • (C) कबूतरी
  • (D) पालीनाच

कबूतरी नृत्य चुरू क्षेत्र में पेशेवर महिलाओं द्वारा किया जाता है। यह नृत्य व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत किया जाता है, जबकि हुरंगा, चोगोला और पालीनाच नृत्य सामूहिक रूप से किए जाते हैं।

131. कालबेलियों का वह नृत्य जो केवल स्त्रियों द्वारा किया जाता है?

  • (A) शंकरिया नृत्य
  • (B) पणिहारी नृत्य
  • (C) इंडोणी नृत्य
  • (D) इनमें से कोई नहीं

पणिहारी नृत्य कालबेलिया स्त्रियों द्वारा किया जाने वाला नृत्य है। यह नृत्य पानी भरने जाती स्त्रियों की चेष्टाओं का चित्रण करता है। इसमें सिर पर मटके रखकर तालबद्ध नृत्य किया जाता है, जो बहुत ही आकर्षक होता है।

132. निम्न में से कौनसा नृत्य गरासिया स्त्रियों का अत्यन्त मोहक नृत्य है?

  • (A) जवारा नृत्य
  • (B) गौर नृत्य
  • (C) गरवा नृत्य
  • (D) कूद नृत्य

गरवा नृत्य गरासिया स्त्रियों का अत्यन्त मोहक नृत्य है। यह मुख्यतः उदयपुर और सिरोही क्षेत्रों में किया जाता है। इसमें महिलाएं गोल घेरे में गीत गाते और थिरकते हुए नृत्य करती हैं।

133. निम्न में से सहरिया जनजाति द्वारा फसल पकाई के अवसर पर किया जाने वाला युगल नृत्य है?

  • (A) झेला नृत्य
  • (B) बिछवा नृत्य
  • (C) लहंगी नृत्य
  • (D) शिकारी नृत्य

झेला नृत्य सहरिया जनजाति द्वारा फसल पकने के अवसर पर किया जाने वाला युगल नृत्य है। इसमें स्त्री-पुरुष जोड़े मिलकर गीत गाते हुए सामूहिक नृत्य करते हैं। यह नृत्य खुशी और सामूहिकता का प्रतीक है।

134. गुजरात के गरबा से मिलता-जुलता वह नृत्य, जो केवल भील महिलाओं द्वारा किया जाता है?

  • (A) घूमरा नृत्य
  • (B) द्विचक्री नृत्य
  • (C) गैर नृत्य
  • (D) शिकारी नृत्य

घूमरा नृत्य भील महिलाओं द्वारा किया जाने वाला नृत्य है, जो गुजरात के गरबा नृत्य से काफी मिलता-जुलता है। यह होली और विवाह के अवसरों पर किया जाता है। इसमें महिलाएं गोल घेरे में खड़ी होकर लयबद्ध तरीके से घूमती हैं।

135. निम्न में से असंगत युग्म कौनसा है-

  • (A) झूमर नृत्य – गुर्जर
  • (B) पणिहारी – कालबेलिया
  • (C) भरटिया नृत्य – मेव
  • (D) धाकड़ नृत्य – कंजर

भरटिया नृत्य मेव जाति का नहीं है, बल्कि यह डामोर जनजाति द्वारा मृत्यु के अवसर पर किया जाता है। झूमर नृत्य गुर्जर, पणिहारी कालबेलिया और धाकड़ कंजर जाति से संबंधित हैं।

136. कत्थक के प्रवर्तक माने जाते हैं?

  • (A) उदयशंकर
  • (B) बिरजू महाराज
  • (C) प्रेरणा श्रीमाली
  • (D) भानुजी

कत्थक नृत्य के प्रवर्तक भानुजी माने जाते हैं। हालांकि इस नृत्य को अंतर्राष्ट्रीय ख्याति दिलाने में बिरजू महाराज का विशेष योगदान रहा। कत्थक भारत के प्रमुख शास्त्रीय नृत्यों में से एक है।

137. निम्न में से असंगत युग्म है-नृत्य – जाति

  • (A) रमणी – भील
  • (B) मोरिया – गरासिया
  • (C) शिकार – सहरिया
  • (D) मावलिया – कंजर

मावलिया नृत्य कंजर जाति का नहीं है, बल्कि यह कथौड़ी जनजाति का है। यह नृत्य नवरात्रों में 9 दिनों तक किया जाता है। शेष युग्म सही हैं।

138. लाठी नृत्य किस जाति द्वारा किया जाता है?

  • (A) कथौड़ी
  • (B) कंजर
  • (C) माली
  • (D) गुर्जर

लाठी नृत्य कंजर जाति का प्रसिद्ध नृत्य है। यह मुख्यतः हाड़ौती क्षेत्र में किया जाता है। इसमें कलाकार लाठियों का प्रयोग करके वीरता और कौशल का प्रदर्शन करते हैं।

139. निम्न में से असंगत युग्म है-नृत्य – क्षेत्र

  • (A) चंग – शेखावाटी
  • (B) कानूड़ा – बाड़मेर
  • (C) चरकूला – जैसलमेर
  • (D) बिंदौरी – झालावाड़

चरकूला नृत्य जैसलमेर का नहीं बल्कि भरतपुर क्षेत्र का महिला प्रधान नृत्य है। इसमें महिलाएं सिर पर चरकूला (बैलगाड़ी का पहिया) रखकर नृत्य करती हैं।

140. किस नृत्य को प्रकाश में लाने का श्रेय जयनारायण व्यास को जाता है?

  • (A) घुड़ला नृत्य
  • (B) ढोल नृत्य
  • (C) चंग नृत्य
  • (D) कानूड़ा नृत्य

ढोल नृत्य को प्रकाश में लाने का श्रेय जयनारायण व्यास को जाता है। यह नृत्य जालौर क्षेत्र का है और मुख्यतः विवाह अवसरों पर किया जाता है।

राजस्थान के लोकनृत्य MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6 | Part 7 | Part 8 | Part 9 | Part 10 | Part 11 | Part 12

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