राजस्थान के लोकनृत्य MCQ Questions with Answers

राजस्थान के लोकनृत्य (Folk Dances of Rajasthan) MCQ – Part 8

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के लोकनृत्य से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें नृत्य, तेरहताली, अग्नि, गैर, चरी नृत्य, भवाई, सांकल, कत्थक, घूमर, कच्छी घोड़ी आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान के लोकनृत्य
  • Question: 141 से 160
  • Last Updated:

📌 इस टॉपिक के अन्य भाग (Parts) के लिंक इस पोस्ट के अंतिम प्रश्न के बाद दिए गए हैं।

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141. मेवात क्षेत्र में दुल्हन की विदाई पर उसकी सहेलियों द्वारा किया जाने वाला नृत्य है?

  • (A) बिंदौरी
  • (B) कबूतरी
  • (C) खारी
  • (D) पालीनोच

खारी नृत्य मेवात क्षेत्र का प्रसिद्ध नृत्य है। यह दुल्हन की विदाई पर उसकी सहेलियों द्वारा किया जाता है। इसमें सखियाँ सिर पर खारी रखकर गीत गाती और नृत्य करती हैं।

142. किस नृत्य को संरक्षण देने का श्रेय महाराजा गंगासिंह जी को जाता है?

  • (A) सांकल नृत्य
  • (B) तेरहताली नृत्य
  • (C) अग्नि नृत्य
  • (D) गैर नृत्य

अग्नि नृत्य को संरक्षण देने का श्रेय बीकानेर के महाराजा गंगासिंह जी को जाता है। यह नृत्य जसनाथी संप्रदाय के अनुयायियों द्वारा किया जाता है, जिसमें कलाकार आग पर नृत्य करते हैं।

143. आंगी बांगी गैर कहाँ की प्रसिद्ध है?

  • (A) मेनार (उदयपुर)
  • (B) लाखेटा (बालोतरा)
  • (C) केलवा (राजसमंद)
  • (D) बस्सी (चित्तौड़)

आंगी बांगी गैर लाखेटा (बालोतरा) क्षेत्र की प्रसिद्ध गैर है। यह होली के अवसर पर किया जाने वाला सामूहिक नृत्य है, जिसमें पुरुष लकड़ी की लाठियों से ताल बनाते हुए नृत्य करते हैं।

144. भीलों के किस नृत्य में एक नारियल बंधा खम्भा रोपा जाता है तथा पुरुष उस नारियल को उतारने का प्रयास करते हैं, इस दौरान महिलाएँ उन्हें कोड़े मारकर भागती हैं?

  • (A) राई
  • (B) गैर
  • (C) युद्ध
  • (D) नेजा

नेजा नृत्य भीलों का एक प्रमुख नृत्य है। इसमें एक खंभे पर नारियल बांधा जाता है और पुरुष उसे उतारने का प्रयास करते हैं। इस दौरान महिलाएं उन्हें कोड़े मारती हुई पीछे दौड़ती हैं। यह नृत्य सामुदायिक उत्सव का हिस्सा है और इसमें हास्य-व्यंग्य का तत्व भी जुड़ा होता है।

145. निम्न में से वह नृत्य, जो केवल पुरुषों द्वारा किया जाता है?

  • (A) कत्थक
  • (B) घूमर
  • (C) कच्छी घोड़ी
  • (D) तेरहताली

राजस्थान का कच्छी घोड़ी नृत्य केवल पुरुषों द्वारा किया जाता है। इसमें कलाकार नकली घोड़े का परिधान पहनकर वीरता से भरपूर नृत्य करते हैं। यह मुख्य रूप से विवाह और मेलों में प्रस्तुत होता है। इसमें ढोल और थाली जैसे वाद्ययंत्रों का प्रयोग किया जाता है। घूमर और तेरहताली स्त्रियों द्वारा किए जाते हैं, जबकि कत्थक शास्त्रीय नृत्य है जिसमें दोनों भाग ले सकते हैं।

146. निम्नलिखित में से कौन सा लोकनृत्य गुर्जर समुदाय से संबंधित है?

  • (A) अग्नि नृत्य
  • (B) तेरहताली
  • (C) गैर नृत्य
  • (D) चरी

चरी नृत्य गुर्जर समुदाय से संबंधित है। इसमें महिलाएं सिर पर कलश रखकर नृत्य करती हैं। इस कलश में कपास के बीज और तेल डालकर उसमें आग जलायी जाती है। इस अद्भुत दृश्य में स्त्रियां लयबद्ध ताल और गीतों के साथ नृत्य करती हैं। यह नृत्य विशेष अवसरों और पर्व-त्योहारों पर किया जाता है और राजस्थान की संस्कृति की पहचान है।

147. निम्न में से कौनसा युग्म सही सुमेलित है?लोक नृत्य – जाति

  • (A) नेजा नृत्य – गरासिया
  • (B) चरी नृत्य – मीणा
  • (C) मावलिया नृत्य – कथौड़ी
  • (D) वालर नृत्य – भील

मावलिया नृत्य कथौड़ी जाति का प्रमुख नृत्य है। यह नवरात्रों में 9 दिनों तक किया जाता है। इसमें कथौड़ी समुदाय के लोग समूह बनाकर ढोलक और बांसुरी के साथ देवी-देवताओं के गीत गाते हैं और गोल घेरे में नृत्य करते हैं। अन्य युग्म गलत हैं क्योंकि नेजा नृत्य भीलों से, चरी नृत्य गुर्जरों से और वालर नृत्य गरासिया जनजाति से संबंधित है।

148. किस नृत्य में बाहर के अर्द्धवृत में पुरुष व अंदर के अर्द्धवृत में महिलाएँ नृत्य करती हैं तथा इस नृत्य का आरम्भ एक पुरुष हाथ में छाता/तलवार लेकर करता है?

  • (A) मांदल
  • (B) वालर
  • (C) घूमर
  • (D) गरवा

वालर नृत्य में पुरुष बाहर और महिलाएं अंदर की ओर अर्द्धवृत बनाकर नृत्य करती हैं। इसकी शुरुआत एक पुरुष छाता या तलवार लेकर करता है। यह नृत्य सिरोही क्षेत्र में गरासिया समाज द्वारा किया जाता है और इसे गरासिया घूमर भी कहा जाता है।

149. बणजारा जाति की कन्याओं द्वारा पूर्णिमा के चाँद को अपना भावी पति मानकर किया जाने वाला नृत्य है?

  • (A) चकरी नृत्य
  • (B) चरी नृत्य
  • (C) चरवा नृत्य
  • (D) मछली नृत्य

मछली नृत्य बणजारा जाति की कन्याओं द्वारा पूर्णिमा की रात किया जाता है। इसमें वे चाँद को अपना भावी पति मानकर नृत्य करती हैं। यह नृत्य जीवन की आशाओं और भावनाओं का प्रतीक है।

150. श्री मोहन गौड़, फलकू बाई व कुमारी सुनीता रावत किस नृत्य की प्रमुख कलाकार हैं?

  • (A) कालबेलिया
  • (B) कठपुतली
  • (C) चरी नृत्य
  • (D) तेरहताली

चरी नृत्य राजस्थान का प्रसिद्ध महिला प्रधान नृत्य है। इसमें महिलाएं सिर पर चरियाँ (कलश) रखकर दीपक जलाकर नृत्य करती हैं। इसकी प्रमुख नृत्यांगनाओं में श्री मोहन गौड़, फलकू बाई और कुमारी सुनीता रावत शामिल हैं।

151. किस नृत्य में "फाइरे-फाइरे" घोष के साथ मांदल वाद्ययंत्र बजाते हुए नृत्य किया जाता है, जिस पर राज्य सरकार ने प्रतिबंध लगा रखा है?

  • (A) शिकार
  • (B) झेला
  • (C) युद्ध
  • (D) सूकर

युद्ध नृत्य भीलों द्वारा सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों में हथियारों के साथ किया जाने वाला तालबद्ध नृत्य है। इसमें पुरुष "फाइरे-फाइरे" की घोषणा करते हुए मांदल वाद्ययंत्र पर नृत्य करते हैं। यह पूरी तरह पुरुष प्रधान नृत्य है और इसकी उग्रता के कारण इस पर सरकार ने प्रतिबंध लगाया।

152. किस नृत्य की शुरुआत शाहजहाँ के समय हुई, जिसमें सींगों वाले शेर का रूप धारण कर नृत्य किया जाता है?

  • (A) मयूर
  • (B) कबूतरी
  • (C) नाहर
  • (D) चरकूला

नाहर नृत्य शाहजहाँ के समय प्रारंभ हुआ। यह भीलवाड़ा के मांडल क्षेत्र में होली के 13 दिन बाद किया जाता है। इसमें कलाकार सींगों वाले शेर का रूप धारण करके नृत्य करते हैं।

153. तेरहताली नृत्य की प्रसिद्ध नृत्यांगना है?

  • (A) गुलाबो देवी
  • (B) गवरी देवी
  • (C) मांगीबाई
  • (D) श्रेष्ठा सोनी

तेरहताली नृत्य कामड़ जाति की बहुओं द्वारा किया जाता है। इसमें 13 मंजीरों का प्रयोग होता है। इसकी प्रसिद्ध नृत्यांगनाओं में मांगीबाई, मोहनी, नारायणी और लक्ष्मणदास प्रमुख हैं।

154. भवाई नृत्य के प्रर्वतक, जिनका संबंध केकड़ी (अजमेर) से हैं?

  • (A) भानू जी
  • (B) बिरजू जी
  • (C) लच्छीराम
  • (D) बाघाजी

भवाई नृत्य राजस्थान का प्रसिद्ध पेशेवर नृत्य है। इसके प्रवर्तक बाघाजी माने जाते हैं जिनका संबंध अजमेर जिले के केकड़ी क्षेत्र से था। उन्होंने इस नृत्य को लोकप्रिय बनाया और आगे पीढ़ियों तक इसकी परंपरा को जीवित रखा।

155. भवाई नृत्य की वह कलाकार जिन्होंने सिर पर 111 घड़े रखकर 'लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' में नाम दर्ज करवाया है?

  • (A) अस्मिता काला
  • (B) प्रेरणा श्रीमाली
  • (C) श्रेष्ठा सोनी
  • (D) फलकू बाई

भवाई नृत्य अपनी अद्भुत कलाबाजी और संतुलन के लिए जाना जाता है। इसकी प्रमुख कलाकार अस्मिता काला ने सिर पर 111 घड़े रखकर नृत्य कर एक अद्भुत कारनामा किया और लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाया।

156. रूपसिंह शेखावत, श्रेष्ठा सोनी, तारा शर्मा व दयाराम का संबंध किस नृत्य से है?

  • (A) गीदड़ नृत्य
  • (B) रण नृत्य
  • (C) भवाई नृत्य
  • (D) गेर नृत्य

भवाई नृत्य से जुड़े प्रसिद्ध कलाकारों में रूपसिंह शेखावत, श्रेष्ठा सोनी, तारा शर्मा और दयाराम शामिल हैं। उन्होंने इस नृत्य को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाया।

157. छवरलाल गहलोत व गोविंद पारीक किस लोक नृत्य के प्रसिद्ध कलाकार हैं?

  • (A) चंग नृत्य
  • (B) रण नृत्य
  • (C) भवाई नृत्य
  • (D) कच्छीघोड़ी

कच्छीघोड़ी नृत्य शेखावाटी क्षेत्र का प्रमुख नृत्य है। इस नृत्य को छवरलाल गहलोत और गोविंद पारीक जैसे कलाकारों ने ख्याति दिलाई। इसमें पुरुष बांस से बनी नकली घोड़ी पर चढ़कर तलवारों के साथ नृत्य करते हैं।

158. कंजर जाति के किस नृत्य में हथियार लेकर युद्ध की सभी कलाओं का प्रदर्शन करते हुए शौर्य का प्रदर्शन किया जाता है?

  • (A) बम नृत्य
  • (B) लूंबर नृत्य
  • (C) धाकड़ नृत्य
  • (D) खारी नृत्य

धाकड़ नृत्य कंजर जाति का प्रसिद्ध वीररस प्रधान नृत्य है। इसमें कलाकार हथियार लेकर युद्ध की विभिन्न कलाओं और शौर्य का प्रदर्शन करते हैं। यह नृत्य उनकी परंपरा और युद्ध कौशल को दर्शाता है।

159. कूद नृत्य व गौर नृत्य का सम्बन्ध किस जनजाति से है?

  • (A) गरासिया
  • (B) सहरिया
  • (C) भील
  • (D) कंजर

गरासिया जनजाति से कूद नृत्य और गौर नृत्य जुड़े हुए हैं। इन नृत्यों में पुरुष और महिलाएं पंक्तिबद्ध होकर या घेरे में सामूहिक नृत्य करते हैं और लोकगीत गाते हैं।

160. अग्नि नृत्य का उद्गम स्थल है?

  • (A) नाथद्वारा (राजसमंद)
  • (B) कतरियासर (बीकानेर)
  • (C) करीली
  • (D) मेनार (उदयपुर)

अग्नि नृत्य का उद्गम स्थल कतरियासर (बीकानेर) है। इसमें जसनाथी संप्रदाय के साधु अग्नि पर नृत्य करते हैं और यह नृत्य धार्मिक आस्था तथा अद्भुत साहस का परिचायक है।

राजस्थान के लोकनृत्य MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6 | Part 7 | Part 8 | Part 9 | Part 10 | Part 11 | Part 12

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