राजस्थान के लोक वाद्ययंत्र (Folk Instruments of Rajasthan) MCQ – Part 7
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के लोक वाद्ययंत्र से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें चौतारा, कामायचा, भपंग, सारंगी, अलगोजा, जन्तर, मंजीरा, ढोलक, पखावज, तासा आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान के लोक वाद्ययंत्र
- Question: 121 से 140
- Last Updated:
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121. उदयपुर के पं. रामनारायण का सम्बन्ध किस वाद्ययंत्र से है?
- (A) सारंगी
- (B) भपंग
- (C) शहनाई
- (D) नगाड़ा
पं. रामनारायण का सम्बन्ध सारंगी से है। वे विश्व प्रसिद्ध सारंगी वादक रहे हैं और उन्होंने इस वाद्य को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत में सारंगी को मुख्य धारा में स्थापित किया।
122. निम्न में कौनसा अवनद्य वाद्ययंत्र नहीं है?
- (A) ढोलक
- (B) पखावज
- (C) तासा
- (D) लेजिम
लेजिम एक घन वाद्ययंत्र है, अवनद्य नहीं। इसे मुख्यतः गरासिया जनजाति प्रयोग करती है। इसमें लोहे की छड़ और झंकार वाली झिल्लियां होती हैं, जिन्हें नाचते समय हाथ में पकड़कर बजाया जाता है। जबकि ढोलक, पखावज और तासा अवनद्य वाद्य हैं।
123. पाबूजी की फड़ सुनाते समय किस मुख्य वाद्ययंत्र का उपयोग किया जाता है?
- (A) भपंग
- (B) सारंगी
- (C) डेरू
- (D) रावण हत्था
पाबूजी की फड़ सुनाते समय भोपे रावणहत्था का प्रयोग करते हैं। यह एक प्राचीन तत् वाद्ययंत्र है, जिसे आधे नारियल की कटोरी और बकरे की खाल से बनाया जाता है। इसकी ध्वनि फड़ वाचन को विशेष प्रभाव देती है।
124. निम्नलिखित में से कौनसा युग्म (वाद्ययंत्र-प्रकार) सुमेलित नहीं है?वाद्ययंत्र – प्रकार
- (A) भपंग – तत्
- (B) सिंगी – सुषिर
- (C) ताशा – अवनद्ध
- (D) नड़ – घन
नड़ एक सुषिर वाद्ययंत्र है, न कि घन। इसे केर की लकड़ी से बनाया जाता है और इसमें छेद होते हैं, जिससे बांसुरी जैसी ध्वनि निकलती है। जबकि भपंग तत्, सिंगी सुषिर और ताशा अवनद्ध वाद्य सही युग्म हैं।
125. निम्नलिखित में से कौनसा युग्म असंगत है?
- (A) करताल, भरनी, रमझौल, श्रीमंडल
- (B) रावण हत्या, सारंगी, रबाज, सुरमंडल
- (C) सतारा, बांकिया, मशक, भपंग
- (D) मांदल, डमरू, ढोल, मृदंग
सतारा, बांकिया और मशक सभी सुषिर वाद्ययंत्र हैं, जबकि भपंग तत् वाद्ययंत्र है। इसी कारण यह युग्म असंगत है।
126. निम्नलिखित में से कौनसा युग्म संगत है?
- (A) झांझ, जंतर, चिंकारा
- (B) मुरल, सुरनाई, मंजीरा
- (C) खंजरी, तबला, पखावज
- (D) सारंगी, मोरचंग, चिमटा
खंजरी, तबला और पखावज तीनों अवनद्य वाद्ययंत्र हैं क्योंकि ये चमड़े पर थाप से बजाए जाते हैं। अन्य विकल्पों में अलग-अलग प्रकार के वाद्ययंत्र दिए गए हैं, इसलिए संगत केवल विकल्प (C) है।
127. निम्नलिखित में से कौनसा वाद्ययंत्र अवनद्य वाद्ययंत्र है?
- (A) अलगोजा
- (B) दमामा
- (C) थाली
- (D) गुजरी
दमामा एक बड़ा अवनद्य वाद्ययंत्र है, जो लोहे की कड़ाही जैसा होता है और इसे भैंसे की खाल से मंढ़ा जाता है। इसे भारी डंडों से बजाया जाता है और इसकी गूंज दूर-दूर तक जाती है। इसका उपयोग विशेष रूप से मेलों और युद्ध संकेतों में होता था।
128. पण्डित विश्व मोहन भट्ट का सम्बंध किससे है?
- (A) मोहनवीणा
- (B) इकतारा
- (C) चौतारा
- (D) कामायचा
पं. विश्वमोहन भट्ट का संबंध मोहनवीणा से है। यह उनके द्वारा विकसित किया गया एक अनूठा वाद्ययंत्र है, जिसके लिए उन्हें ग्रैमी अवार्ड भी मिला। इस वाद्ययंत्र ने भारतीय संगीत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई।
129. कामायचा निम्न में से क्या है?
- (A) लोक नृत्य
- (B) राग
- (C) वाद्ययंत्र
- (D) तालाब
कामायचा एक प्राचीन तत् वाद्ययंत्र है। इसे मुख्यतः मांगणियार जाति के गायक प्रयोग करते हैं। इसका आकार सारंगी से बड़ा होता है और इसमें 16-17 तारें होती हैं। यह राजस्थान के लोकसंगीत का अभिन्न हिस्सा है।
130. गाजी खान बरना किस वाद्ययंत्र के प्रसिद्ध कलाकार है?
- (A) करताल
- (B) कामायचा
- (C) खड़ताल
- (D) सारंगी
गाजी खान बरना राजस्थान के प्रसिद्ध खड़ताल कलाकार हैं। खड़ताल घनवाद्य यंत्र है, जिसे लोकगीतों, भजनों और सूफी संगीत में विशेष रूप से बजाया जाता है।
131. वीर घंटा व चिमटा किस प्रकार के वाद्ययंत्र है?
- (A) घन वाद्ययंत्र
- (B) सुषिर वाद्ययंत्र
- (C) अवनद्य वाद्ययंत्र
- (D) तत् वाद्ययंत्र
वीर घंटा एक बड़ा घंटानुमा वाद्य है, जिसे मंदिरों में आरती के समय पुजारी बजाते हैं। यह टिकोरे का बड़ा रूप है। चिमटा लोहे की पट्टिकाओं से बना होता है, जिनमें पीतल की तश्तरियाँ लगी होती हैं और इसे भजन-कीर्तन में बजाया जाता है। दोनों ही घनवाद्ययंत्र हैं।
132. कामायचा किस प्रकार का लोक वाद्य है?
- (A) तत्
- (B) सुषिर
- (C) ताल
- (D) घन
कामायचा एक तत् वाद्ययंत्र है। इसमें 16-17 तार होते हैं, जिनमें से मुख्य तीन तार बकरे की आंत से बनाए जाते हैं। यह सारंगी से बड़ा होता है और इसे एक ही लकड़ी से बनाया जाता है। यह वाद्य राजस्थान के मांगणियार जाति के गायकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
133. निम्न में से कौनसा तंत्र वाद्य नहीं है?
- (A) जन्तर
- (B) रवाज
- (C) चौतारा
- (D) सतारा
सतारा एक सुषिर वाद्ययंत्र है, जिसे फूंक मारकर बजाया जाता है। यह बांसुरी, अलगोजा और शहनाई का मिश्रित रूप होता है और इसे मुख्यतः जैसलमेर व बाड़मेर क्षेत्र के मुस्लिम कलाकार और गड़रिये बजाते हैं। जबकि जंतर, रवाज और चौतारा सभी तत् (तंतु/तंत्र) वाद्ययंत्र हैं।
134. निम्न में से कौन-सा यंत्र राजस्थान के तेरहताली नृत्य में काम नहीं आता?
- (A) मंजीरा
- (B) तानपुरा
- (C) चौतारा
- (D) डेरु
डेरु अवनद्य वाद्ययंत्र है और गोगाजी के भक्त इसे बजाते हैं। इसे डमरू का बड़ा रूप माना जाता है। जबकि मंजीरा, तानपुरा और चौतारा का उपयोग तेरहताली नृत्य में किया जाता है।
135. राजस्थान में वार्षिक शीतकालीन उत्सव कहाँ मनाया जाता है?
- (A) माउंट आबू
- (B) जयपुर
- (C) जोधपुर
- (D) उदयपुर
राजस्थान का वार्षिक शीतकालीन उत्सव माउंट आबू (सिरोही) में मनाया जाता है। यह दिसम्बर माह में आयोजित होता है। वहीं ग्रीष्म महोत्सव भी माउंट आबू में ही जून महीने में आयोजित किया जाता है।
136. कौनसा तत् वाद्य नहीं है?
- (A) जन्तर
- (B) भपंग
- (C) दुकाको
- (D) नागफनी
नागफनी एक सुषिर वाद्ययंत्र है, जो पीतल की लंबी सर्पिलाकार नली से बना होता है। इसे धार्मिक अवसरों पर साधु-संत बजाते हैं। जबकि जंतर, भपंग और दुकाको सभी तत् वाद्ययंत्र हैं।
137. …… को मूल रूप से मांड महोत्सव के रूप में जाना जाता था।
- (A) मारवाड़
- (B) कोलायत
- (C) चंद्रभागा
- (D) कबीर यात्रा
मांड महोत्सव को वर्तमान में मारवाड़ महोत्सव के नाम से जाना जाता है। यह जोधपुर में आश्विन माह (सितम्बर-अक्टूबर) की शरद पूर्णिमा को आयोजित किया जाता है। उम्मेद भवन, मडोर और मेहरानगढ़ इसके मुख्य स्थल होते हैं।
138. राजस्थान में पतंग उत्सव किस महीने में मनाया जाता है?
- (A) अप्रैल
- (B) जून
- (C) जनवरी
- (D) सितम्बर
राजस्थान में पतंग उत्सव मुख्य रूप से 14 जनवरी (मकर संक्रांति) को जयपुर में आयोजित होता है। इसके अलावा जैसलमेर में भी फरवरी महीने में पतंग महोत्सव का आयोजन किया जाता है।
139. निम्नलिखित में कौन सा घन लोक वाद्य यंत्र नहीं है?
- (A) मंजीरा
- (B) चींपिया
- (C) बांकिया
- (D) हांकल
बांकिया एक सुषिर वाद्ययंत्र है क्योंकि इसे फूंक मारकर बजाया जाता है। जबकि मंजीरा, चींपिया और हांकल सभी घन वाद्ययंत्र की श्रेणी में आते हैं।
140. वाद्य यंत्र, जो कच्छी घोड़ी नृत्य में बजाया जाता है
- (A) कामायचा
- (B) अलगोजा
- (C) झांझ
- (D) सुरनाई
झांझ एक घन वाद्ययंत्र है और यह मंजीरे का बड़ा रूप माना जाता है। इसे विशेषकर शेखावटी क्षेत्र में कच्छी घोड़ी नृत्य और धार्मिक भजनों के समय बजाया जाता है। कच्छी घोड़ी नृत्य शेखावटी का प्रसिद्ध व्यावसायिक नृत्य है। इसके प्रमुख कलाकार छंवर लाल गहलोत और गोविन्द पारीक माने जाते हैं।
राजस्थान के लोक वाद्ययंत्र MCQ – सभी भाग:
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