राजस्थान के लोकदेवता MCQ (Folk Deities of Rajasthan) – Part 9
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के लोकदेवता से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।
इन प्रश्नों में पाबूजी, कल्ला जी, मल्लीनाथ जी, तेजाजी, हड़बूजी, रामदेवजी, गोगाजी, रामदेव जी, मेहाजी, केसरिया नाथ जी आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान के लोकदेवता
- कुल प्रश्न: 20
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161. निम्नलिखित में से कौनसा नहीं है? युग्म (लोकदेवता-पिता) सुमेलित
- (A) रामदेवजी – अजमल जी
- (B) गोगाजी – जीवराज चौहान
- (C) पाबूजी – ताहड़ जी
- (D) मल्लीनाथ जी – राव सल्लखा
पाबूजी राठौड़ के पिता का नाम धांधलदेव राठौड़ था, न कि ताहड़ जी। ताहड़ जी, तेजाजी के पिता थे। अन्य सभी युग्म (रामदेवजी–अजमल जी, गोगाजी–जीवराज चौहान, मल्लीनाथ जी–राव सल्लखा) सही सुमेलित हैं।
162. लोकदेवता तेजाजी के पिता का क्या नाम था?
- (A) जीवराज चौहान
- (B) सवाई भोज
- (C) धांधलदेव
- (D) ताहड़ जी
तेजाजी के पिता का नाम ताहड़ जी चौहान था। तेजाजी नागवंशी जाट समाज से माने जाते हैं और उनका जन्म 1073 ई. में खरनाल (नागौर) में हुआ था।
163. निम्न में से कौनसा युग्म (लोकदेवता-पत्नी) सुमेलित है?
- (A) मल्लीनाथ जी – मायड़ दे
- (B) देवनारायण जी – पीपल दे
- (C) रामदेव जी – मैणा दे
- (D) पाबूजी – पेमल दे
रामदेवजी की पत्नी का नाम नेतलदे था, जबकि पाबूजी की पत्नी फूलमदे थी। मल्लीनाथ जी की पत्नी रूपलदे थी। इसलिए यहाँ केवल विकल्प C सही है।
164. थोरी जाति के आराध्य देव हैं-
- (A) पाबूजी
- (B) रामदेव जी
- (C) मेहाजी
- (D) केसरिया नाथ जी
पाबूजी थोरी जाति के आराध्य देव हैं। उन्होंने सात थोरी भाइयों को शरण दी थी और उनके जीवन की रक्षा की थी। इसलिए थोरी समाज उन्हें विशेष श्रद्धा से पूजता है।
165. भाथी खत्री' किस लोकदेवता को संदर्भित करता है?
- (A) हड़बूजी
- (B) मल्लीनाथ जी
- (C) कल्ला जी
- (D) तेजाजी
‘भाथी खत्री’ लोकदेवता मल्लीनाथ जी का संदर्भित करता है। उन्हें वीरता, न्यायप्रियता और गौ रक्षा के कारण यह विशेष उपनाम मिला।
166. किस लोकदेवता के पुत्र केसरिया कुवर जी लोकदेवता की तरह पूजे जाते हैं?
- (A) रामदेवजी
- (B) तेजाजी
- (C) पाबूजी
- (D) गोगाजी
तेजाजी के पुत्र केसरिया कुवर जी भी लोकदेवता के रूप में पूजे जाते हैं। वे भी शौर्य और धर्म रक्षा के लिए प्रसिद्ध रहे और स्थानीय मान्यताओं में उनका विशेष महत्व है।
167. पाबूजी के गुरु का नाम है?
- (A) उगम जी भाटी
- (B) समरथ भारती
- (C) बालीनाथ
- (D) जालन्धरनाथ
पाबूजी के गुरु उगम जी भाटी थे। उन्होंने पाबूजी को लोकसेवा और धर्म रक्षा का मार्ग दिखाया। इसी कारण पाबूजी लोकदेवता के रूप में स्थापित हुए।
168. कौनसे लोकदेवता ने जोधपुर के शेरगढ़ ठिकाने पर शासन किया था?
- (A) मल्लीनाथ जी
- (B) तल्लीनाथ जी
- (C) पाबूजी
- (D) कल्ला जी
तल्लीनाथ जी ने जोधपुर के शेरगढ़ ठिकाने पर शासन किया। उन्हें ‘जालौर के लोकदेवता’ और ‘प्रकृति प्रेमी लोकदेवता’ भी कहा जाता है। उनका प्रमुख मंदिर पंचमुखी पहाड़, पाँचोटा गाँव (जालौर) में है।
169. शेखावाटी के लोकदेवता के रूप में माने जाने वाले जवाहर जी को बीकानेर के किस शासक ने शरण दी थी?
- (A) सरदार सिंह
- (B) सार्दुलसिंह
- (C) रतनसिंह
- (D) गंगासिंह
शेखावाटी के लोकदेवता जवाहर जी को बीकानेर के महाराजा सार्दुलसिंह ने शरण दी थी। इसके बाद से उनकी प्रसिद्धि और मान्यता और अधिक बढ़ी।
170. वीर बिग्गाजी की सर्वाधिक मान्यता किस जिले में है?
- (A) नागौर
- (B) बीकानेर
- (C) हनुमानगढ़
- (D) चुरू
वीर बिग्गाजी की सर्वाधिक मान्यता बीकानेर जिले में है। उनका जन्म 1301 ई. में रीड़ी गाँव (बीकानेर) में हुआ था। वे गौ-सेवा और समाज सेवा के लिए प्रसिद्ध रहे।
171. पाबूजी को किसका अवतार माना जाता है?
- (A) लक्ष्मण का
- (B) राम का
- (C) हनुमान का
- (D) विष्णु का
पाबूजी को लक्ष्मण का अवतार माना जाता है। वे राठौड़ वंश के महान योद्धा और लोकदेवता हैं। पाबूजी विशेष रूप से ऊँटों के देवता और गौ-रक्षक के रूप में पूजे जाते हैं। उनकी वीरता और लोकसेवा की गाथाएँ आज भी फड़ों में गाई जाती हैं।
172. जुझारू वीर नायक के रूप में किस लोकदेवता को संदर्भित किया जाता है?
- (A) मल्लीनाथ जी
- (B) धन्ना जी
- (C) गोगा जी
- (D) वीर कल्ला जी
वीर कल्लाजी राठौड़ को जुझारू वीर नायक कहा जाता है। उन्होंने मुगलों और आक्रमणकारियों के विरुद्ध साहसपूर्वक युद्ध किए। उन्हें ‘चार हाथों वाले देवता’ और ‘शेषनाग के अवतार’ के रूप में भी पूजा जाता है।
173. कल्लाजी राठौड़ को मेवाड़ के किस शासक के समकालीन माना जाता है?
- (A) बनवीर
- (B) महाराणा प्रताप
- (C) उदयसिंह
- (D) अमरसिंह प्रथम
वीर कल्लाजी राठौड़ उदयसिंह के समकालीन थे। कल्लाजी ने अनेक युद्धों में शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया। उन्हें ‘चार हाथों वाले देवता’ और ‘शेषनाग का अवतार’ भी कहा जाता है।
174. इतिहासकार कर्नल जेम्स टॉड के अनुसार मेहाजी का जन्म किस वंश की मांगलिया शाखा में हुआ था?
- (A) गुर्जर
- (B) चौहान
- (C) गहलोत/गुहिल
- (D) तँवर
मेहाजी मांगलिया का जन्म गहलोत (गुहिल) वंश की मांगलिया शाखा में हुआ था। कर्नल जेम्स टॉड ने उन्हें राजस्थान के लोकदेवताओं में महत्वपूर्ण स्थान दिया है।
175. मंदिरों और स्थानों के निम्नलिखित जोड़ों में से किस जोड़े का सही मिलान नहीं हुआ है?
- (A) ओसियां मंदिर
- (B) सालासर मंदिर
- (C) रणकपुर मंदिर
- (D) जगदीश मंदिर
जगदीश मंदिर उदयपुर में स्थित है, जिसे 1651 ई. में महाराणा जगतसिंह प्रथम ने बनवाया था। यह विष्णु मंदिर है और पंचायतन शैली में बना है। बाकी सभी युग्म सही हैं।
176. जैतमलोत राठौड़ को किस लोकदेवता के नाम से जाना जाता है?
- (A) पाबूजी
- (B) हरभूजी
- (C) आलम जी
- (D) कल्ला जी
जैतमलोत राठौड़ को आलमजी के नाम से जाना जाता है। आलमजी का मुख्य मंदिर गुड़ामालाणी (बाड़मेर) में है। इन्हें ‘घोड़ों का स्वर्ग’ भी कहा जाता है।
177. बीठू मेहा के रीवाले' में किसके वीरतापूर्ण कार्यों का वर्णन है?
- (A) गोगाजी
- (B) रामदेवजी
- (C) तेजाजी
- (D) हड़बूजी
‘बीठू मेहा के रीवाले’ में गोगाजी के वीरतापूर्ण कार्यों का वर्णन है। इसमें विशेष रूप से महमूद गजनवी से उनके युद्ध और साहस का विवरण मिलता है।
178. युद्ध का वर्णन करते हुए गोगा जी की वीरता को चार हाथों वाला किसे कहा जाता है?
- (A) मल्लीनाथ जी
- (B) झुंझार जी
- (C) कल्ला जी
- (D) फत्ता जी
कल्ला जी को ‘चार हाथों वाले देवता’ कहा जाता है। उन्हें शेषनाग का अवतार भी माना जाता है। उनकी मुख्य पीठ रनेला (उदयपुर) और रूंडेला में है।
179. बाड़मेर में इलोजी की बारात किस अवसर पर निकाली जाती है?
- (A) तीज
- (B) होली
- (C) गणगौर
- (D) दशहरा
इलोजी की बारात बाड़मेर में होली के अवसर पर निकाली जाती है। इलोजी को ‘छेड़छाड़ वाले लोकदेवता’ कहा जाता है। वे अविवाहितों को विवाह का आशीर्वाद और निःसंतान दंपत्तियों को संतान प्राप्ति का वरदान देने वाले देवता माने जाते हैं।
180. हाली' द्वारा हल जोतना आरम्भ करते समय जो 'गोगा राखड़ी' बांधी जाती है, उसमें कितनी गांठे होती हैं?
- (A) नौ
- (B) पाँच
- (C) दो
- (D) सात
गोगा राखड़ी हल और हाली के साथ नौ गांठों की बांधी जाती है। यह परंपरा गोगा नवमी से जुड़ी है। रक्षा बंधन पर बाँधी राखियाँ गोगा नवमी को खोली जाती हैं। इसका उद्देश्य कृषि कार्य और हाली की रक्षा करना माना जाता है।
राजस्थान के लोकदेवता MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6 | Part 7 | Part 8 | Part 9 | Part 10 | Part 11
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