राजस्थान के मंदिर MCQ | Temples of Rajasthan Questions
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के मंदिर से संबंधित महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं, जो राजस्थान की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी हैं।
इन प्रश्नों में नसियां मंदिर, रणकपुर मंदिर, दिलवाड़ा मंदिर, नाकोड़ा मंदिर, हरणी महादेव मंदिर, गोविन्ददेवजी मंदिर, त्रिपुरा सुन्दरी का मंदिर, चूलगिरी जैन मंदिर, नाथों का मंदिर, माण्डव ऋषि की तपोस्थली माण्डकला, मामा-भानजा का मंदिर, हाड़ौती का खजूराहो, वागड़ का वैभव, मावजी मंदिर - साबला, देव सोमनाथ मंदिर - डूंगरपुर, विजय राज राजेश्वर मंदिर - डूंगरपुर, अर्थना जैन मंदिर - बाँसवाड़ा, शीतलेश्वर महादेव मंदिर - झालरापाटन, दर्रा के शिव मंदिर - कोटा, समीधेश्वर मंदिर - चित्तौड़गढ़, माकनगंज मंदिर - चित्तौड़गढ़, सपनों का मंदिर से जुड़े इतिहास, प्रमुख घटनाओं और स्थानों को शामिल किया गया है।ये MCQ RPSC, RSMSSB, RSSB, REET, Patwar, Police, LDC, Teacher तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर और explanation दिया गया है, जिससे आपकी Rajasthan GK की तैयारी और मजबूत होगी।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान के मंदिर
- कुल प्रश्न: 20
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1. स्वर्ण नगरी हॉल किस जैन मंदिर का भाग है?
- (A) नसियां मंदिर, अजमेर
- (B) रणकपुर मंदिर, रणकपुर
- (C) दिलवाड़ा मंदिर, आबू
- (D) नाकोड़ा मंदिर, बाड़मेर
अजमेर का सोनी जी की नसियां मंदिर भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) को समर्पित है। 1864–65 ई. में मूलचंद सोनी ने इसका निर्माण प्रारंभ किया और उनके पुत्र टीकमचंद सोनी ने इसे पूर्ण करवाया। इसके पास स्थित "स्वर्ण नगरी हॉल" मंदिर का ही एक भाग है, जिसमें सोने से मढ़ी हुई कलाकृतियाँ हैं। इसे सिंहकूट चैत्यालय और बाहरी स्वरूप लाल पत्थर से बने होने के कारण लाल मंदिर भी कहा जाता है।
2. हरणी महादेव मंदिर कहाँ स्थित है?
- (A) भीलवाड़ा
- (B) चुरू
- (C) बांसवाड़ा
- (D) सीकर
हरणी महादेव मंदिर भीलवाड़ा में स्थित है। यह भीलवाड़ा के प्राचीनतम शिव मंदिरों में से एक है। यहाँ फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी पर महाशिवरात्रि के अवसर पर विशाल मेला भरता है। दश्क परिवार इस मंदिर के संरक्षक रहे हैं।
3. जयपुर के गोविन्ददेवजी मंदिर का निर्माण किसने करवाया?
- (A) महाराजा प्रतापसिंह
- (B) सवाई जयसिंह
- (C) सवाई ईश्वरसिंह
- (D) राजा मानसिंह
गोविंद देव जी का मंदिर जयपुर में गौड़ीय सम्प्रदाय का प्रमुख मंदिर है। इसका निर्माण 1735 ई. में सवाई जयसिंह द्वारा करवाया गया। यह मंदिर जयपुर सिटी पैलेस परिसर के जयनिवास उद्यान में स्थित है और दुनिया का सबसे बड़ा बिना खंभों वाला सत्संग हॉल भी यहाँ मौजूद है।
4. मंदिर स्थापत्य की "भूमिज शैली" किस स्थापत्य शैली की उपशैली है?
- (A) नागर शैली
- (B) द्रविड शैली
- (C) इंडो पर्शियन शैली
- (D) बेसर शैली
भूमिज शैली, नागर स्थापत्य शैली की एक उपशैली है। इसकी विशेषता खुला परिक्रमा पथ और ऊँचे शिखर हैं। राजस्थान में इसके उदाहरण सेवाड़ी का जैन मंदिर (पाली), मैनाल का महानालेश्वर मंदिर, रामगढ़ (बारां) का भण्डदेवरा मंदिर तथा चित्तौड़ का अद्भुत नाथ मंदिर हैं।
5. राजस्थान में "भूमिज शैली" का सबसे पुराना मंदिर है—
- (A) पाली जिले का सेवाड़ी जैन मंदिर
- (B) रामगढ़ का भण्डदेवरा मंदिर
- (C) मैनाल का महानालेश्वर मंदिर
- (D) इंगरपुर का सोमनाथ मंदिर
पाली जिले का सेवाड़ी जैन मंदिर (1010–20 ई.) भूमिज शैली का सबसे प्राचीन मंदिर है। यह नागर शैली की उपशैली है। इस मंदिर का उल्लेख कटुक राजा और अश्वराजा के शिलालेखों में मिलता है।
6. बांसवाड़ा जिले में किस स्थान पर त्रिपुरा सुन्दरी का मंदिर स्थित है?
- (A) अर्धूणा
- (B) कुशलगढ़
- (C) तलवाड़ा
- (D) कलिंजरा
त्रिपुरा सुंदरी मंदिर बांसवाड़ा जिले के तलवाड़ा में स्थित है। यह प्राचीन तांत्रिक शक्तिपीठ है और यहां काले पत्थर की अष्टादशभुजा प्रतिमा स्थापित है। इसे तुरताई माता भी कहा जाता है और यह पांचाल जाति की कुलदेवी है।
7. चूलगिरी जैन मंदिर कहाँ स्थित है?
- (A) जोधपुर
- (B) धौलपुर
- (C) उदयपुर
- (D) जयपुर
चूलगिरी जैन मंदिर जयपुर के घाट की गूणी क्षेत्र में स्थित है। यह दिगम्बर जैन मंदिर भगवान पार्श्वनाथ को समर्पित है। इसका निर्माण 1953 में आचार्य देशभूषण जी महाराज के निर्देशन में हुआ। यहाँ 21 फीट ऊँची भगवान महावीर की प्रतिमा और चरण चौबीसी दर्शनीय है।
8. नाथों का मंदिर कहाँ स्थित है?
- (A) महामंदिर (जोधपुर)
- (B) उदयपुर
- (C) अजमेर
- (D) जयपुर
नाथों का मंदिर जोधपुर के महामंदिर परिसर में स्थित है। इसे 1805 ई. में महाराजा मानसिंह ने बनवाया था। इसे 84 खंभों का मंदिर भी कहा जाता है। यह मंदिर जालंधर नाथ जी के शिष्य आयस देवनाथ की स्मृति में निर्मित है।
9. माण्डव ऋषि की तपोस्थली माण्डकला के 16 प्राचीन मंदिर कहाँ स्थित हैं?
- (A) बीकानेर
- (B) धौलपुर
- (C) जोधपुर
- (D) टोंक
माण्डव ऋषि की तपोस्थली टोंक जिले में माण्डकला के रूप में प्रसिद्ध है। इसे लघु पुष्कर भी कहा जाता है। यहाँ नगर फोर्ट के पास 16 प्राचीन मंदिर स्थित हैं, जो धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखते हैं।
10. राजस्थान में 'मामा-भानजा का मंदिर' कहाँ स्थित है?
- (A) बांसवाड़ा
- (B) डूंगरपुर
- (C) जोधपुर
- (D) कोटा
मामा-भानजा का मंदिर डूंगरपुर जिले में स्थित है। यह मोहल्ला घाटी, खाड़िया में स्थित है और इसे मल्लिनाथ-नेमीनाथ मंदिर भी कहा जाता है। इसके अतिरिक्त राजस्थान में मामा-भानजा की अन्य धार्मिक स्थलों के रूप में छतरियाँ और दरगाहें भी प्रसिद्ध हैं।
11. हाड़ौती का खजूराहो के नाम से जाना जाने वाला मंदिर है?
- (A) बुढ़ादीत सूर्य मंदिर
- (B) भंडदेवरा शिव मंदिर (बारां)
- (C) मामा भांजा मंदिर, फूलदेवरा
- (D) सात सहेली मंदिर
बारां जिले के रामगढ़ में स्थित भंडदेवरा का शिव मंदिर अपनी मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ मंदिर की दीवारों और खंभों पर मिथुन मुद्रा की अनेक मूर्तियाँ बनाई गई हैं। इसी कारण इसे 'राजस्थान का मिनी खजुराहो' तथा 'हाड़ौती का खजुराहो' कहा जाता है। यह मंदिर स्थापत्य और कला की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है।
12. निम्न में से कौनसा मंदिर 'वागड़ का वैभव' कहलाता है?
- (A) मावजी मंदिर, साबला
- (B) देव सोमनाथ मंदिर, डूंगरपुर
- (C) विजय राज राजेश्वर मंदिर, डूंगरपुर
- (D) अर्थना जैन मंदिर, बाँसवाड़ा
डूंगरपुर जिले में सोम नदी के किनारे स्थित देव सोमनाथ मंदिर को 'वागड़ का वैभव' कहा जाता है। यह 12वीं शताब्दी का शिव मंदिर है। इस मंदिर का निर्माण बिना चूना, सीमेंट और मिट्टी के किया गया है। इसे केवल सफेद पारेला पत्थरों से जोड़ा गया है। इसके निर्माण में गुजरात से आए सोमपुरा जाति के कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
13. राजस्थान का निम्न में से कौनसा मंदिर गुप्तकालीन नहीं है?
- (A) चारचौमा शिव मंदिर, कोटा
- (B) भीमचौरी शिव मंदिर, कोटा
- (C) कन्सुआ शिव मंदिर, कोटा
- (D) हर्षनाथ मंदिर, सीकर
सीकर का हर्षनाथ मंदिर गुप्तकालीन नहीं है, बल्कि गुर्जर प्रतिहार शैली (महामारू शैली) में निर्मित है। यह 10वीं शताब्दी का मंदिर है। जबकि कोटा के चारचौमा, भीमचौरी और कन्सुआ मंदिर गुप्तकालीन काल से संबंधित हैं।
14. राजस्थान का निम्न में से कौनसा मंदिर गुप्तकालीन नहीं है?
- (A) शीतलेश्वर महादेव मंदिर, झालरापाटन
- (B) दर्रा के शिव मंदिर, कोटा
- (C) समीधेश्वर मंदिर, चित्तौड़गढ़
- (D) माकनगंज मंदिर, चित्तौड़गढ़
चित्तौड़गढ़ दुर्ग का समीधेश्वर मंदिर सोलंकीकालीन शैली (मारू-गुर्जर शैली) में बना है। यह गुप्तकालीन मंदिरों में नहीं आता। जबकि झालरापाटन का शीतलेश्वर महादेव और कोटा के दर्रा व माकनगंज मंदिर गुप्तकाल से संबंधित हैं।
15. निम्न में से कौनसा मंदिर 'सपनों का मंदिर' कहलाता है?
- (A) ऋषभदेव मंदिर
- (B) एकलिंग जी मंदिर
- (C) जगदीश मंदिर, उदयपुर
- (D) सहस्रबाहु मंदिर, नागदा
उदयपुर का जगदीश मंदिर 'सपनों का मंदिर' कहलाता है। मान्यता है कि इसके गर्भगृह में स्थापित मूर्ति किसी शिल्पकार ने नहीं बनाई, बल्कि भगवान जगन्नाथ ने स्वप्न में प्रकट होकर महाराणा को निर्देश दिया। इसके बाद मूर्ति डूंगरपुर के गर्दा गाँव में पीपल के पेड़ के नीचे खुदाई से मिली और मंदिर में स्थापित की गई।
16. पेपरनाथ महादेव मंदिर कहाँ स्थित है?
- (A) पाली
- (B) कोटा
- (C) डूंगरपुर
- (D) उदयपुर
पेपरनाथ महादेव मंदिर कोटा में स्थित है। यह विशेष मंदिर लगभग 300 फीट गहराई में जमीन के नीचे बना है। यहाँ शिवलिंग पर सदैव एक प्राकृतिक जलधारा गिरती रहती है, जो इसे अद्वितीय बनाती है।
17. दक्षिण भारतीय शैली (द्रविड़ शैली) में बना राजस्थान का सबसे बड़ा मंदिर है?
- (A) वराह मंदिर, पुष्कर
- (B) बैकुण्ठ मंदिर, पुष्कर
- (C) रंगनाथ मंदिर, पुष्कर
- (D) नौग्रह मंदिर, किशनगढ़
पुष्कर का रंगनाथ मंदिर राजस्थान का सबसे बड़ा द्रविड़ शैली (दक्षिण भारतीय शैली) में निर्मित मंदिर है। इसका निर्माण 1844 ई. में सेठ पूरणमल ने करवाया था। यह मंदिर अपने विशाल गोपुरम (प्रवेश द्वार) और स्थापत्य के कारण प्रसिद्ध है।
18. रणकपुर स्थित कौनसा मंदिर 'पातरियो का देवरा' (वेश्या मंदिर) कहलाता है?
- (A) सूर्य नारायण मंदिर
- (B) नेमीनाथ जैन मंदिर
- (C) आदिनाथ चौमुखा मंदिर
- (D) पार्श्वनाथ जैन मंदिर
रणकपुर का नेमीनाथ जैन मंदिर 'पातरियो रो देवरो' या 'वेश्या मंदिर' कहलाता है। इस मंदिर में कई मूर्तियाँ ऐसी हैं जो नग्न या संभोग करते हुए युगलों को दर्शाती हैं। इसी कारण इसे यह विशेष नाम दिया गया है।
19. रूपनारायण जी का मंदिर स्थित है?
- (A) रेवदर (सिरोही)
- (B) देसूरी (पाली)
- (C) सेवंत्री (राजसमंद)
- (D) मावली (उदयपुर)
रूपनारायण जी का मंदिर राजसमंद जिले के सेवंत्री में स्थित है। यह मंदिर धार्मिक आस्था और प्राचीन स्थापत्य का उत्कृष्ट उदाहरण है।
20. राजस्थान का भूमिज शैली का सबसे प्राचीन मंदिर है?
- (A) सोमनाथ मंदिर, पाली
- (B) सेवाड़ी जैन मंदिर, पाली
- (C) मरकंडी माता मंदिर, ब्यावर
- (D) कुंथुनाथ जैन मंदिर, आबू
पाली जिले का सेवाड़ी जैन मंदिर (1010–20 ई.) भूमिज शैली का सबसे प्राचीन मंदिर है। भूमिज शैली नागर स्थापत्य की एक उपशैली है। इस मंदिर का उल्लेख कटुक राजा और अश्वराजा के शिलालेखों में मिलता है।
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