राजस्थान के मंदिर MCQ Questions with Answers

राजस्थान के मंदिर MCQ (Temples of Rajasthan) – Part 1

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के मंदिर से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।

इन प्रश्नों में ब्रह्मा मंदिर, पुष्कर (अजमेर), रंगनाथ मंदिर, पुष्कर (अजमेर), हर्षत माता मंदिर दौसा, एकलिंगजी का मंदिर कैलाशपुरी (उदयपुर), ऋषभदेव का मंदिर धुलेव (उदयपुर), चारचौमा का शिव मंदिर, कोटा, खाटू श्यामजी मंदिर सीकर, ब्रह्माणी माता मंदिर बारां, मूछाला महावीर मंदिर पाली, श्रृंगार चंवरी चित्तौड़गढ़ आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान के मंदिर
  • कुल प्रश्न: 20
  • Last Updated:

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1. विश्व प्रसिद्ध 'ब्रह्मा मंदिर' कहाँ स्थित है?

  • (A) कोलायत
  • (B) पुष्कर
  • (C) नाथद्वारा
  • (D) अलवर

ब्रह्मा मंदिर, पुष्कर (अजमेर) विश्व का सबसे प्रसिद्ध ब्रह्मा मंदिर है। इसका निर्माण 14वीं शताब्दी में हुआ और यह मुख्यतः संगमरमर से बना है। कार्तिक पूर्णिमा के मेले में हजारों भक्त यहाँ आते हैं। यह मंदिर ‘जगत पिता ब्रह्मा’ को समर्पित है।

2. अपनी गोपुरम आकृति के लिए प्रसिद्ध रंगनाथ मंदिर कहाँ स्थित है?

  • (A) पुष्कर
  • (B) नाथद्वारा
  • (C) करौली
  • (D) आबू रोड

रंगनाथ मंदिर, पुष्कर (अजमेर) अपनी गोपुरम शैली के लिए प्रसिद्ध है। इसका निर्माण 1844 ई. में सेठ पूरनमल ने करवाया था। यह रामानुज शाखा का वैष्णव मंदिर है और द्रविड़ शैली में बना हुआ राजस्थान का सबसे बड़ा मंदिर माना जाता है।

3. पुष्कर में सबसे प्रसिद्ध मन्दिर है—

  • (A) गणेशजी का मन्दिर
  • (B) बाई जी का मन्दिर
  • (C) रमा बैकुण्ठ मन्दिर
  • (D) ब्रह्माजी का मन्दिर

पुष्कर (अजमेर) का ब्रह्मा मंदिर विश्व का सबसे प्रसिद्ध ब्रह्मा मंदिर है। मान्यता है कि इसका निर्माण गुरु विश्वामित्र ने करवाया था और बाद में आदि शंकराचार्य ने इसका पुनर्निर्माण किया। वर्तमान स्वरूप 1809 ई. में गोकुलचंद पारीख द्वारा दिया गया। कार्तिक पूर्णिमा पर यहाँ विशाल मेला भरता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं।

4. आभानेरी स्थित हर्षत माता का मंदिर मूल रूप से किसे समर्पित था?

  • (A) भगवान शिव
  • (B) भगवान विष्णु
  • (C) भगवान गणेश
  • (D) भगवान इंद्र

आभानेरी (दौसा) का हर्षत माता मंदिर मूलतः भगवान विष्णु को समर्पित था। यह मंदिर 8वीं शताब्दी में गुर्जर-प्रतिहार काल में महामारू शैली में बनाया गया था। बाद में इसे हर्षत माता का मंदिर कहा जाने लगा। इसकी स्थापत्य कला अद्वितीय है और पास में स्थित चांद बावड़ी इसे और भी प्रसिद्ध बनाती है।

5. आभानेरी मंदिर कहाँ स्थित है?

  • (A) सिरोही
  • (B) बारां
  • (C) दौसा
  • (D) सीकर

आभानेरी का हर्षत माता मंदिर दौसा जिले में स्थित है। इसका निर्माण गुर्जर-प्रतिहार शासक राजा चांद ने करवाया था। यह मंदिर मूल रूप से विष्णु मंदिर था, जिसे बाद में हर्षत माता मंदिर के रूप में प्रसिद्धि मिली। नजदीक ही स्थित चांद बावड़ी भारत की सबसे गहरी बावड़ियों में गिनी जाती है।

6. किराडू का सोमेश्वर मंदिर और आभानेरी का हर्षत माता मंदिर किस स्थापत्य शैली में बने हैं?

  • (A) मौर्य
  • (B) द्रविड़
  • (C) गुर्जर-प्रतिहार
  • (D) गुप्त

किराडू (बाड़मेर) का सोमेश्वर मंदिर और आभानेरी (दौसा) का हर्षत माता मंदिर दोनों गुर्जर-प्रतिहार काल की महामारू शैली में बने हैं।यह शैली 8वीं से 11वीं शताब्दी तक प्रचलित रही। इन मंदिरों की संरचना में ऊँचे शिखर और सुंदर नक्काशी देखने को मिलती है।

7. निम्नलिखित में से कौनसा प्राचीनतम मंदिर है—

  • (A) नाथद्वारा का श्रीनाथ मंदिर
  • (B) रणकपुर का पार्श्वनाथ मंदिर
  • (C) उदयपुर का जगदीश मंदिर
  • (D) आभानेरी का हर्षद माता मंदिर

आभानेरी (दौसा) का हर्षद माता मंदिर सबसे प्राचीन माना जाता है। इसका निर्माण 8वीं–9वीं शताब्दी में गुर्जर-प्रतिहार शासक मिहिर भोज (राजा चांद) द्वारा करवाया गया था। यह मूलतः विष्णु मंदिर था और इसकी रचना स्वास्तिक आकार में की गई थी।

8. राजस्थान के किस जिले में प्रसिद्ध 'एकलिंगजी' का मंदिर स्थित है?

  • (A) उदयपुर
  • (B) कोटा
  • (C) अजमेर
  • (D) जयपुर

एकलिंगजी का मंदिर कैलाशपुरी (उदयपुर) में स्थित है। इसका निर्माण 734 ई. में बप्पा रावल ने करवाया था। मंदिर में एकलिंगजी की काले पत्थर की चौमुखा मूर्ति स्थापित है। बाद में महाराणा मोकल और महाराणा रायमल ने इसका जीर्णोद्वार कराया। यह मेवाड़ के शासकों की कुलदेवी के रूप में पूजित है।

9. ऋषभदेव का मंदिर राजस्थान के किस स्थान में स्थित है?

  • (A) डूंगरपुर
  • (B) धुलेव
  • (C) रणकपुर
  • (D) कांकरोली

ऋषभदेव का मंदिर धुलेव (उदयपुर) में स्थित है। इसे ‘केसरियाजी’ या ‘केसरियानाथ’ के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर अरावली पर्वतमाला की घाटियों में कोयल नदी के किनारे स्थित है। मूर्ति काले पत्थर की है, इसलिए भील समुदाय इन्हें ‘कालाजी’ कहता है।

10. चार चौमा का शिव मंदिर किस जिले में अवस्थित है?

  • (A) झालावाड़
  • (B) कोटा
  • (C) बूंदी
  • (D) टोंक

चारचौमा शिवालय कोटा जिले के चारचौमा गाँव में स्थित है। यह गुप्तकालीन मंदिर नागर शैली में बना हुआ है। मंदिर प्राचीन स्थापत्य कला और धार्मिक महत्व का प्रतीक है, और आज भी स्थानीय लोग इसे श्रद्धा से पूजते हैं।

11. निम्नलिखित में से कौन सा मंदिर गुप्तकाल से संबंधित है?

  • (A) सच्चिया माता मंदिर, ओसियां
  • (B) हर्षतमाता मंदिर, आभानेरी
  • (C) सोमेश्वर मंदिर, किराडू
  • (D) चारचौमा मंदिर, कोटा

चारचौमा का शिव मंदिर, कोटा गुप्तकालीन है। यह मंदिर नागर शैली का है और इसकी रचना 4वीं–5वीं शताब्दी के गुप्तकालीन स्थापत्य को दर्शाती है। गुप्तकालीन मंदिरों में साधारण संरचना, ऊँचे शिखर और धार्मिक सादगी प्रमुख विशेषताएँ हैं।

12. खाटू श्यामजी का मंदिर कहाँ स्थित है?

  • (A) झुंझुनूं
  • (B) सीकर
  • (C) जयपुर
  • (D) चुरू

खाटू श्यामजी मंदिर सीकर जिले में स्थित है। यह मंदिर महाभारत काल के बर्बरीक (भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र) को समर्पित है, जिन्हें ‘श्याम बाबा’ कहा जाता है। मान्यता है कि कृष्ण ने बर्बरीक को वरदान दिया था कि कलियुग में उनकी पूजा श्याम नाम से होगी। यहाँ फाल्गुन मास में विशाल मेला भरता है।

13. ब्रह्माणी माता का मंदिर स्थित है—

  • (A) धौलपुर
  • (B) उदयपुर
  • (C) कोटा
  • (D) बारां

ब्रह्माणी माता मंदिर बारां जिले के सौरसेन में स्थित है। यह देवी का प्रसिद्ध शक्तिपीठ है। यहाँ शुक्ल सप्तमी को मेला भरता है और विशेष रूप से गधों का मेला आयोजित होता है। यह गुफा मंदिर है और 400 वर्षों से यहाँ अखंड ज्योति प्रज्वलित है। इसे मीणा समाज, बोहरा समाज और अन्य स्थानीय जातियाँ अपनी कुलदेवी के रूप में पूजते हैं।

14. मूछला महावीर' मंदिर स्थित है—

  • (A) घाणेराव
  • (B) देलवाड़ा
  • (C) नाथद्वारा
  • (D) मैनाल

मूछाला महावीर मंदिर पाली जिले के घाणेराव में स्थित है। यह गोड़वाड़ क्षेत्र के पंचतीर्थों में सम्मिलित है। मंदिर में 60 शिलालेख मौजूद हैं, जिनमें प्राचीन ऐतिहासिक जानकारी मिलती है। यहाँ वि.स. 1213 और 1010 के शिलालेख उल्लेखनीय हैं। इस मंदिर का नाम इसलिए पड़ा क्योंकि मूर्ति को मूंछों के साथ सजाया गया है।

15. शृंगार चंवरी के संबंध में कौन सा कथन सत्य है।

  • (A) यह एक उपासना स्थल है जिसे मण्डन ने 1489 ई. में बनवाया था।
  • (B) यह एक धर्मनिरपेक्ष स्मारक है जिसे राणा कुम्भा ने 1448 ई. में बनवाया था।
  • (C) यह एक मंदिर है जिसे विमल जैन ने 1402 में देलवाड़ा में बनवाया था।
  • (D) यह एक धार्मिक स्थल है जिसे भण्डारी वेल्का ने 1448-49 ई. में बनवाया था।

श्रृंगार चंवरी (श्रृंगार चौरी) चित्तौड़गढ़ में स्थित है। इसका निर्माण वि.स. 1505 (लगभग 1448–49 ई.) में राणा कुंभा के भंडारी वेल्का ने करवाया था। यह शांतिनाथ को समर्पित एक जैन मंदिर है। इसकी प्रतिष्ठा खरतरगच्छ के आचार्य जिनसेन सूरी ने की थी।

16. बारह देवरा नामक शिव मंदिर समूह स्थित है—

  • (A) बैंगू
  • (B) लाडनू
  • (C) जहाजपुर
  • (D) नोहर

बारह देवरा मंदिर समूह भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर में स्थित है। इस समूह में 12 शिव मंदिर शामिल हैं। इनमें केदारनाथ मंदिर अधूरा है, जबकि सोमनाथ, ओंकारेश्वर, नागार्जुन, घुश्मेश्वर, विश्वनाथ, सर्वेश्वर, वैद्यनाथ, गणेशजी, भैरवनाथ और अन्नपूर्णा मंदिर प्रमुख हैं।

17. किस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि उसके निर्माण में पानी के स्थान पर घी इस्तेमाल किया गया था?

  • (A) श्रीनाथजी मंदिर, नाथद्वारा
  • (B) भांडाशाह जैन मंदिर, बीकानेर
  • (C) सावलिया जी मंदिर, चित्तौड़गढ़
  • (D) झामेश्वर महादेव, उदयपुर

भांडाशाह जैन मंदिर बीकानेर में स्थित है। इसका निर्माण 1468 ई. में आरम्भ हुआ और 1541 ई. में पूरा हुआ। यह मंदिर 5वें तीर्थंकर भगवान सुमतिनाथ को समर्पित है। मान्यता है कि इसके निर्माण में पानी की जगह देसी घी का प्रयोग किया गया था।

18. गेपरनाथ महादेव मंदिर चर्चा में रहा, जो स्थित है—

  • (A) कोटा
  • (B) चित्तौड़गढ़
  • (C) बारां
  • (D) बूंदी

गेपरनाथ महादेव मंदिर कोटा जिले में स्थित है। यह प्राचीन शिव मंदिर है और यहाँ विशेषकर महाशिवरात्रि पर विशाल मेला भरता है। यह मंदिर कोटा के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है और शिव भक्तों का प्रमुख तीर्थ स्थल है।

19. स्वर्ण नगरी हॉल किस जैन मंदिर का भाग है?

  • (A) नसियां मंदिर, अजमेर
  • (B) रणकपुर मंदिर, रणकपुर
  • (C) दिलवाड़ा मंदिर, आबू
  • (D) नाकोड़ा मंदिर, बाड़मेर

अजमेर का सोनी जी की नसियां मंदिर भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) को समर्पित है। 1864–65 ई. में मूलचंद सोनी ने इसका निर्माण प्रारंभ किया और उनके पुत्र टीकमचंद सोनी ने इसे पूर्ण करवाया। इसके पास स्थित "स्वर्ण नगरी हॉल" मंदिर का ही एक भाग है, जिसमें सोने से मढ़ी हुई कलाकृतियाँ हैं। इसे सिंहकूट चैत्यालय और बाहरी स्वरूप लाल पत्थर से बने होने के कारण लाल मंदिर भी कहा जाता है।

20. हरणी महादेव मंदिर कहाँ स्थित है?

  • (A) भीलवाड़ा
  • (B) चुरू
  • (C) बांसवाड़ा
  • (D) सीकर

हरणी महादेव मंदिर भीलवाड़ा में स्थित है। यह भीलवाड़ा के प्राचीनतम शिव मंदिरों में से एक है। यहाँ फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी पर महाशिवरात्रि के अवसर पर विशाल मेला भरता है। दश्क परिवार इस मंदिर के संरक्षक रहे हैं।

राजस्थान के मंदिर MCQ – सभी भाग:
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