राजस्थान के मंदिर MCQ (Temples of Rajasthan) – Part 14
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के मंदिर से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।
इन प्रश्नों में आपेश्वर महादेव मंदिर जालौर, बुड्ढ़ा जोहड़, डाबला (गंगानगर), पाली जिले का राता महावीर मंदिर, हेरम्ब गणपति, कालिंजरा जैन मंदिर बाँसवाड़ा, नारलाई जैन मंदिर पाली आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान के मंदिर
- कुल प्रश्न: 20
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261. रणकपुर के जैन मंदिरों में सबसे बड़ा व प्रमुख मंदिर कौनसा है?
- (A) पार्श्वनाथ जैन मंदिर
- (B) नेमीनाथ जैन मंदिर
- (C) आदिनाथ चौमुखा मंदिर
- (D) सूर्यनारायण मंदिर
रणकपुर का सबसे बड़ा व प्रमुख मंदिर आदिनाथ चौमुखा मंदिर है। इसका निर्माण 1439 ई. में महाराणा कुम्भा के शासनकाल में सेठ धरणकशाह पोसवाल द्वारा करवाया गया था। यह मंदिर अपनी विशालता और अद्वितीय शिल्पकला के लिए प्रसिद्ध है। चौमुखा नाम इसलिए पड़ा क्योंकि मंदिर चार दिशाओं में खुले रूप में बना है।
262. गुर्जर प्रतिहार कालीन मंदिर 'आपेश्वर महादेव' मंदिर कहाँ पर स्थित है?
- (A) पुष्कर (अजमेर)
- (B) रामसीन (जालौर)
- (C) भीनमाल (जालौर)
- (D) फालना (पाली)
आपेश्वर महादेव मंदिर जालौर जिले के रामसीन में स्थित है। यह मंदिर गुर्जर प्रतिहार काल की स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है। यहाँ स्थापित शिवलिंग प्राचीन काल से पूजनीय है। मंदिर की वास्तुकला और वातावरण इसे ऐतिहासिक और धार्मिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण बनाते हैं।
263. राजस्थान का सबसे बड़ा जैन मंदिर, जिसमें एक ही परिसर में 72 मंदिर स्थित हैं, कहाँ पर स्थित है?
- (A) लक्ष्मीवल्लभ पार्श्वनाथ 72 जिनालय, भीनमाल
- (B) रत्नेश्वर महादेव मंदिर, जैसलमेर
- (C) नाकोड़ा मंदिर, बालोतरा
- (D) राता महावीर मंदिर, पाली
राजस्थान का सबसे बड़ा जैन मंदिर भीनमाल (जालौर) में स्थित लक्ष्मीवल्लभ पार्श्वनाथ 72 जिनालय है। इसमें एक ही परिसर में 72 छोटे-बड़े मंदिर बने हुए हैं। यह जैन धर्मावलंबियों का प्रमुख तीर्थ है और यहाँ प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। इसकी भव्यता और कलात्मक स्थापत्य इसे विशेष महत्व देते हैं।
264. निम्न में से कौनसा मंदिर गुर्जर प्रतिहार शैली का अंतिम व सबसे भव्य मंदिर माना जाता है?
- (A) सोमेश्वर मंदिर (किराडू)
- (B) हर्षद् माता मंदिर
- (C) कालिका माता मंदिर (चित्तौड़)
- (D) कामेश्वर मंदिर (पाली)
गुर्जर प्रतिहार काल का अंतिम और सबसे भव्य मंदिर सोमेश्वर मंदिर, किराडू (बाड़मेर) माना जाता है। यह मंदिर अपनी अद्वितीय स्थापत्य कला और उत्कृष्ट नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है। इसे राजस्थान का खजुराहो भी कहा जाता है क्योंकि यहाँ विभिन्न मूर्तियों का सुंदर चित्रण देखने को मिलता है।
265. राजस्थान का सबसे बड़ा गुरूद्वारा कहाँ पर स्थित है?
- (A) डाबला (गंगानगर)
- (B) देशनोक (बीकानेर)
- (C) रावतसर (हनुमानगढ़)
- (D) धौलपुर
राजस्थान का सबसे बड़ा गुरुद्वारा बुड्ढ़ा जोहड़, डाबला (गंगानगर) में स्थित है। यह स्थान सिक्ख समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। यहाँ प्रतिवर्ष श्रावण अमावस्या को विशाल मेला भरता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। यह गुरुद्वारा न केवल धार्मिक आस्था बल्कि सांप्रदायिक एकता का प्रतीक भी है।
266. दिलवाड़ा के जैन मंदिर अपनी कलात्मकता के लिए है, यहाँ पर कितने मन्दिरों का समूह है?
- (A) तीन
- (B) सात
- (C) पाँच
- (D) चार
दिलवाड़ा के जैन मंदिर अपनी अद्भुत नक्काशी और स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध हैं। यहाँ कुल पाँच मंदिरों का समूह है। ये मंदिर 11वीं से 13वीं शताब्दी के बीच बने थे और इनकी सफेद संगमरमर पर की गई नक्काशी इतनी बारीक है कि उसे आज भी स्थापत्य कला का अद्वितीय उदाहरण माना जाता है। इनमें विमलवसाही, लूणवसाही, पीतलहर, पार्श्वनाथ और महावीर स्वामी मंदिर शामिल हैं।
267. पाली के किस मंदिर के स्थापत्य की तुलना रणकपुर के मंदिरों से की जाती है?
- (A) राता महावीर मंदिर
- (B) वरकाणा जैन मंदिर
- (C) नाडोल जैन मंदिर
- (D) नारलोई जैन मंदिर
पाली जिले का राता महावीर मंदिर अपनी स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है। इसकी तुलना अक्सर रणकपुर के आदिनाथ चौमुखा मंदिर से की जाती है क्योंकि दोनों मंदिरों की नक्काशी, स्तंभों की सजावट और स्थापत्य शैली में अद्भुत समानता पाई जाती है। रणकपुर मंदिर की तरह राता महावीर मंदिर भी कलात्मक दृष्टि से अत्यंत प्रभावशाली है और इसे जैन कला की श्रेष्ठ परंपरा का उत्कृष्ट नमूना माना जाता है।
268. उत्तरी भारत में कोई अन्य ऐसा मंदिर नहीं है, जो इतना सुन्दर, सुसज्जित और स्थापत्य कला का अद्भुत आदर्श हो – यह कथन रणकपुर के आदिनाथ चौमुखा मंदिर के बारे में किस विद्वान का है?
- (A) कर्नल टॉड
- (B) जैकलीन कैनेडी
- (C) फर्ग्यूसन
- (D) अबुल फजल
यह कथन फर्ग्यूसन का है। उन्होंने रणकपुर के आदिनाथ चौमुखा मंदिर की स्थापत्य कला की अत्यधिक प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उत्तरी भारत में इतना सुन्दर और सुसज्जित मंदिर दूसरा नहीं है। यह मंदिर जैन कला की उत्कृष्ट परंपरा और संगमरमर की नक्काशी का बेजोड़ उदाहरण है। इसके 1444 खंभे, 84 शिखर और जटिल कारीगरी इसे स्थापत्य कला का अद्भुत आदर्श बनाते हैं।
269. कौनसा मंदिर 1444 खम्भों पर टिका होने के कारण 'स्तम्भों का वन' या 'खम्भों का अजायबघर' कहलाता है?
- (A) मुंछाला महावीर मंदिर
- (B) दिलवाड़ा जैन मंदिर
- (C) किराडू के मंदिर
- (D) आदिनाथ मंदिर, रणकपुर
रणकपुर का आदिनाथ चौमुखा मंदिर 1444 खूबसूरती से तराशे गए खंभों पर टिका हुआ है। प्रत्येक खंभे की नक्काशी अलग-अलग शैली में की गई है, जिससे इसे ‘स्तंभों का वन’ और ‘खंभों का अजायबघर’ कहा जाता है। यह मंदिर जैन धर्म के पहले तीर्थंकर आदिनाथ को समर्पित है। इसमें 24 मंडप और 84 शिखर हैं। इसकी स्थापना 15वीं शताब्दी में की गई और इसे स्थापत्य कला का अद्वितीय नमूना माना जाता है।
270. रणकपुर के आदिनाथ चौमुखा मंदिर का निर्माण किसने करवाया था?
- (A) सेठ धरणक शाह
- (B) जिनदत्त सूरी
- (C) आचार्य उदयसागर
- (D) कुमारपाल सोलंकी
रणकपुर का आदिनाथ चौमुखा मंदिर सेठ धरणक शाह द्वारा बनवाया गया था। वे राणा कुंभा के मंत्री थे और उनकी प्रेरणा से इस विशाल मंदिर का निर्माण 15वीं शताब्दी में प्रारंभ हुआ। यह मंदिर श्वेत संगमरमर से निर्मित है और इसमें बारीक नक्काशी की गई है। इसे बनाने में हजारों शिल्पियों और कारीगरों ने वर्षों तक कार्य किया। आज यह जैन स्थापत्य कला की महानतम कृतियों में गिना जाता है।
271. लूणवसाही जैन मंदिर (आबू) का निर्माण किसने करवाया था?
- (A) कीर्तिधर
- (B) विमलशाह
- (C) वास्तुपाल और तेजपाल
- (D) भीमाशाह
आबू स्थित लूणवसाही जैन मंदिर का निर्माण चालुक्य राजा भीमदेव द्वितीय के अमात्य वास्तुपाल और तेजपाल ने 1230 ई. में करवाया था। इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि इसमें देवरानी और जेठानी के गोखड़े बनाए गए हैं। इस कारण इसे ‘देवरानी-जेठानी का मंदिर’ भी कहा जाता है। इसकी नक्काशी बेहद बारीक और कलात्मक है, जो दिलवाड़ा मंदिरों की शोभा को और बढ़ाती है।
272. दिलवाड़ा में पीतलहर आदिश्वर मंदिर का निर्माण किसने करवाया था?
- (A) भीमाशाह
- (B) शोभनदेव
- (C) विमलशाह
- (D) वास्तुपाल
पीतलहर आदिश्वर मंदिर का निर्माण भीमाशाह ने करवाया था। यह दिलवाड़ा के पाँच मंदिरों में से एक है। इस मंदिर में प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ की 108 मन (लगभग 40 टन) वजनी विशाल पीतल की प्रतिमा स्थापित है। इस कारण इसे ‘पीतलहर मंदिर’ कहा जाता है। इसे ‘भीमाशाह का जैन मंदिर’ भी कहा जाता है। यह मंदिर स्थापत्य और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
273. दिलवाड़ा में स्थित मंदिरों में कौनसा मंदिर 'सिलावटों का मंदिर' कहलाता है?
- (A) पीतलहर आदिश्वर मंदिर
- (B) विमलवसाही जैन मंदिर
- (C) लूणवसाही जैन मंदिर
- (D) पार्श्वनाथ चौमुखा मंदिर
दिलवाड़ा में स्थित पार्श्वनाथ चौमुखा मंदिर को ‘सिलावटों का मंदिर’ कहा जाता है। इसका निर्माण 15वीं शताब्दी में राजा मंडलीक द्वारा करवाया गया था। यह मंदिर तीन मंजिला है और अपनी स्थापत्य कला व कलात्मक मूर्तिकारी के लिए प्रसिद्ध है। जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ को समर्पित यह मंदिर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है।
274. राजस्थान में किस स्थान पर (हेरम्ब गणपति) गणेश जी की शेर पर सवार प्रतिमा है?
- (A) सीकर
- (B) कोटा
- (C) अजमेर
- (D) बीकानेर
राजस्थान में बीकानेर स्थित जूनागढ़ किले में ‘हेरम्ब गणपति’ की प्रतिमा मिलती है, जिसमें गणेश जी शेर पर सवार हैं। यह प्रतिमा महाराजा अनुपसिंह द्वारा दक्षिण भारत के अभियान के दौरान लाकर बीकानेर में स्थापित की गई थी। इस किले में 33 करोड़ देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का संग्रह भी है। यह प्रतिमाएँ आज भी किले के मंदिर में सुरक्षित रखी गई हैं और अत्यंत दुर्लभ मानी जाती हैं।
275. निम्नलिखित में से कौनसा युग्म असंगत है?
- (A) आर्थणा मंदिर – बाड़मेर
- (B) हर्षत माता का मंदिर – आभानेरी (दौसा)
- (C) विभीषण मंदिर – कैथून (कोटा)
- (D) हर्षनाथ मंदिर – सीकर
दिए गए विकल्पों में असंगत युग्म आर्थणा मंदिर – बाड़मेर है। वास्तव में आर्थणा का जैन मंदिर बाँसवाड़ा जिले में स्थित है, न कि बाड़मेर में। जबकि अन्य सभी युग्म सही हैं – हर्षत माता मंदिर आभानेरी (दौसा), विभीषण मंदिर कैथून (कोटा) और हर्षनाथ मंदिर सीकर में स्थित हैं। यह प्रश्न मंदिरों के सही स्थान और उनकी पहचान को परखने के लिए पूछा जाता है।
276. चितौड़ किले का कौनसा मंदिर 'मोकल जी का मंदिर' भी कहलाता है?
- (A) बाडोली शिव मन्दिर
- (B) सतबीस देवरी मंदिर
- (C) समीधेश्वर मंदिर
- (D) कुम्भश्याम मंदिर
चित्तौड़ दुर्ग में स्थित समीधेश्वर मंदिर को 'मोकल जी का मंदिर' भी कहा जाता है। इसे त्रिभुवननारायण मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर गोमुख कुण्ड के निकट स्थित है और नागर शैली में निर्मित है। इस मंदिर का संबंध महाराणा मोकल से जुड़ा है, इसलिए इसे 'मोकल जी का मंदिर' कहा जाता है।
277. राजस्थान में अब तक ज्ञात सबसे प्राचीन जैन मंदिर है?
- (A) सोमनाथ मन्दिर, पाली
- (B) लूणवसही जैन मंदिर, दिलवाड़ा
- (C) महावीर मंदिर, औसियां
- (D) कुंथुनाथ जैन मंदिर, आबू
राजस्थान का सबसे प्राचीन जैन मंदिर महावीर मंदिर (औसियां) है। इसका निर्माण प्रतिहार शासक वत्सराज द्वारा 8वीं शताब्दी में करवाया गया था। यह मंदिर औसियां के अन्य मंदिरों की तरह अपनी भव्यता और कलात्मकता के लिए प्रसिद्ध है। इस कारण औसियां को "मंदिर नगरी" भी कहा जाता है।
278. कालिंजरा जैन मंदिर कहाँ स्थित है?
- (A) पाली
- (B) बाँसवाड़ा
- (C) सिरोही
- (D) उदयपुर
कालिंजरा जैन मंदिर बाँसवाड़ा जिले के कालिंजरा गाँव में स्थित है। यह मंदिर हरन नदी के किनारे स्थित है और इसमें जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव की प्रतिमा स्थापित है। प्राकृतिक सौंदर्य के बीच स्थित यह मंदिर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करता है।
279. आभानेरी स्थित हर्षद माता का मन्दिर मूल रूप से किसे समर्पित था?
- (A) भगवान शिव
- (B) भगवान विष्णु
- (C) भगवान गणेश
- (D) भगवान इन्द्र
दौसा जिले के आभानेरी में स्थित हर्षद माता मंदिर मूल रूप से भगवान विष्णु को समर्पित था। बाद में इसे शक्ति उपासना से भी जोड़ा गया और यहाँ हर्षद माता की प्रतिमा स्थापित की गई। यह मंदिर अपनी मूर्तिकला और स्थापत्य शैली के लिए प्रसिद्ध है और समीप ही स्थित 'चाँद बावड़ी' के कारण भी विश्वभर में पहचान रखता है।
280. निम्नलिखित में से कौनसा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
- (A) सोमनाथ मंदिर – भानगढ़ (अलवर)
- (B) हरिराम जी का मंदिर – ओरड़ा (नागौर)
- (C) तीजा मांजी का मंदिर – जोधपुर
- (D) नारलाई जैन मंदिर – जालौर
नारलाई जैन मंदिर पाली जिले में स्थित है, न कि जालौर में। यहाँ का जैन मंदिर गिरनार तीर्थ के नाम से प्रसिद्ध है और इसमें भगवान नेमीनाथ की काले रंग की प्रतिमा स्थापित है। अन्य तीन युग्म अपने-अपने जिलों के साथ सही सुमेलित हैं।
राजस्थान के मंदिर MCQ – सभी भाग:
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