राजस्थान के मंदिर MCQ (Temples of Rajasthan) – Part 15
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के मंदिर से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।
इन प्रश्नों में द्वारिकाधीश मंदिर कांकरोली (राजसमंद), विभीषण का मंदिर कोटा, एकलिंगजी मंदिर (उदयपुर), भण्डदेवरा मंदिर बारां, तीजा मांजी का मंदिर, जोधपुर, शीतलेश्वर मंदिर (झालरापाटन, झालावाड़), देवनारायणजी का मुख्य मंदिर भीलवाड़ा, सहस्त्रबाहु (सास-बहू) मंदिर उदयपुर आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान के मंदिर
- कुल प्रश्न: 20
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(Since 2021)
281. निम्न में से कौनसा मंदिर सोलंकीकालीन नहीं है?
- (A) सोमेश्वर मंदिर, किराडू (बाड़मेर)
- (B) सच्चियाय माता मंदिर, ओसियां (जोधपुर)
- (C) समीधेश्वर मंदिर, चितौड़गढ़
- (D) दिलवाड़ा के जैन मंदिर, सिरोही
सोमेश्वर मंदिर (किराडू, बाड़मेर) सोलंकीकालीन नहीं है। यह मंदिर गुर्जर-प्रतिहार काल की स्थापत्य शैली, जिसे 'महामारू शैली' कहा जाता है, में निर्मित है। जबकि सच्चियाय माता मंदिर, समीधेश्वर मंदिर और दिलवाड़ा जैन मंदिर सभी सोलंकीकालीन काल से संबंधित हैं।
282. लूणवसाही जैन मंदिर (दिलवाड़ा) के बारे में निम्न में से असत्य कथन है?
- (A) यह मंदिर 22वें तीर्थकर नेमीनाथ को समर्पित है।
- (B) इसका शिल्पी शोभनदेव था।
- (C) इसका निर्माण वास्तुपाल व तेजपाल ने करवाया है।
- (D) इस मंदिर का निर्माण 1030 ई. में हुआ था।
लूणवसाही जैन मंदिर का निर्माण 1230 ई. में करवाया गया था, न कि 1030 ई. में। यह मंदिर 22वें तीर्थंकर भगवान नेमीनाथ को समर्पित है। इसका निर्माण चालुक्य राजा भीमदेव द्वितीय के अमात्य वास्तुपाल और तेजपाल ने करवाया था और इसका शिल्पकार शोभनदेव था।
283. द्वारिकाधीश का प्रसिद्ध मंदिर कहां स्थित है?
- (A) रैवासा
- (B) कांकरोली
- (C) नाथद्वारा
- (D) मालपुरा
द्वारिकाधीश मंदिर कांकरोली (राजसमंद) में स्थित है। यह वल्लभ सम्प्रदाय की सात प्रमुख पीठों में से एक माना जाता है। इस मंदिर का निर्माण 1676 ई. में महाराणा राजसिंह द्वारा करवाया गया था। यहाँ स्थापित द्वारिकाधीश जी की प्रतिमा मूलतः मथुरा से लाई गई थी। यहाँ विशेष रूप से होली और जन्माष्टमी के अवसर पर मेला लगता है।
284. राजस्थान में केशवरायपाटन स्थित प्रसिद्ध हिन्दु केशव मंदिर किस देवता को समर्पित है?
- (A) भगवान कृष्ण
- (B) भगवान विष्णु
- (C) भगवान राम
- (D) भगवान शिव
केशवरायपाटन का प्रसिद्ध केशव मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। यह चंबल नदी (प्राचीन नाम चर्मव्यवती) के किनारे स्थित है। इस मंदिर का जीर्णोद्वार राव छत्रसाल ने 1631 ई. में करवाया था। इसे ‘लघु पुष्कर’ भी कहा जाता है और कार्तिक पूर्णिमा पर यहाँ स्नान का विशेष महत्व है। पाटन का प्राचीन नाम जम्बू मार्ग धाम भी था।
285. विभीषण का मन्दिर कहाँ स्थित है?
- (A) कैथुन (कोटा)
- (B) भीनमाल (जालौर)
- (C) खेड़ (बाड़मेर)
- (D) भादरिया (जैसलमेर)
विभीषण का मंदिर कोटा जिले के कैथुन कस्बे में स्थित है। यह मंदिर तीसरी से पाँचवीं शताब्दी के बीच का माना जाता है। यहाँ विशेष बात यह है कि प्रतिमा में विभीषण का केवल सिर पूजित है, धड़ नहीं। यह भारत का एकमात्र मंदिर है जहाँ राम भक्त विभीषण की पूजा होती है।
286. उदयपुर स्थित एकलिंगजी मन्दिर का निर्माण किस महाराणा के समय हुआ था?
- (A) बप्पा रावल
- (B) जयसिंह
- (C) मोकल
- (D) कुम्भा
प्रसिद्ध एकलिंगजी मंदिर (उदयपुर) का निर्माण 734 ई. में बप्पा रावल ने करवाया था। यह मंदिर मेवाड़ के महाराणाओं का इष्टदेव स्थल है और गुहिल वंश के कुल देवता माने जाते हैं। यह पाशुपत सम्प्रदाय/लकुलिश सम्प्रदाय का प्रमुख केंद्र है। मंदिर में चार मुख वाला शिवलिंग काले पत्थर से निर्मित है। बाद में महाराणा मोकल और रायमल ने इसका जीर्णोद्वार कराया।
287. लौद्रवा प्रसिद्ध है—
- (A) जैन मंदिर के लिए
- (B) वैष्णों देवी मंदिर के लिए
- (C) रामदेव मंदिर के लिए
- (D) लक्ष्मीनारायण मंदिर के लिए
लौद्रवा (जैसलमेर) अपने पार्श्वनाथ जैन मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर मूलतः प्राचीनकाल का है, जिस पर महमूद गजनवी ने आक्रमण किया था। बाद में 1618 ई. में जैन श्रावक धीरूशाह ने इसका पुनर्निर्माण करवाया। यह मंदिर पंचायतन शैली में बना हुआ है और अपनी अद्भुत नक्काशी के लिए जाना जाता है।
288. भण्डदेवरा मंदिर किस जिले में स्थित है?
- (A) बूंदी
- (B) कोटा
- (C) बारां
- (D) झालावाड़
भण्डदेवरा मंदिर बारां जिले के रामगढ़ में स्थित है। इसे ‘हाड़ौती का खजुराहो’ और ‘राजस्थान का मिनी खजुराहो’ कहा जाता है। यह मूलतः भगवान शिव का मंदिर है और पंचायतन शैली में बना हुआ है। इसका जीर्णोद्वार 1162 ई. में राजा त्रिशवर्मन द्वारा करवाया गया था। मंदिर की भित्ति मूर्तियों में अप्सराओं और देवी-देवताओं का सुंदर अंकन मिलता है।
289. जोधपुर नरेश मानसिंह की रानी भटियाणी प्रतापकुँवरी द्वारा बनवाया गया मंदिर, जिसकी प्राण प्रतिष्ठा 1857 में हुई, उसका नाम क्या है?
- (A) कुंज बिहारी मंदिर
- (B) घनश्यामजी का मंदिर
- (C) तीजा मांजी का मंदिर
- (D) महामंदिर
तीजा मांजी का मंदिर, जोधपुर में रानी प्रतापकुँवरी द्वारा बनवाया गया था। पहले यह मंदिर जमीन में धँस गया था, इसलिए इसे पुनः अन्यत्र निर्मित किया गया और 1857 ई. में इसकी प्राण प्रतिष्ठा कराई गई। यह मंदिर धार्मिक आस्था का केंद्र है और अपनी कलात्मकता के लिए भी प्रसिद्ध है।
290. राजस्थान में सबसे प्राचीन तिथियुक्त मंदिर कौन सा है?
- (A) शिलादेवी मंदिर, आमेर
- (B) शीतलेश्वर मंदिर, झालरापाटन
- (C) सास-बहु मंदिर, नागदा
- (D) श्रीनाथ जी मंदिर, नाथद्वारा
राजस्थान का सबसे प्राचीन तिथियुक्त मंदिर शीतलेश्वर मंदिर (झालरापाटन, झालावाड़) है। यह गुप्तकालीन शिव मंदिर है जो चंद्रभागा नदी के किनारे स्थित है। इसका निर्माण सामंत वाप्पक ने राजा दुर्गण के समय 689 ई. में करवाया था। इसे चंद्रमौलिश्वर मंदिर भी कहा जाता है। यह मंदिर गुप्तकालीन स्थापत्य शैली का अनूठा उदाहरण है।
291. देवनारायणजी का मुख्य मन्दिर कहाँ अवस्थित है?
- (A) तलवाड़ा
- (B) आसींद
- (C) रामदेवरा
- (D) पंचोटा
देवनारायणजी का मुख्य मंदिर भीलवाड़ा जिले के आसींद में स्थित है। देवनारायणजी गुर्जर समाज के आराध्य देवता माने जाते हैं। यहाँ भाद्रपद शुक्ल सप्तमी को विशेष मेला भरता है। इनके प्रमुख केंद्रों में गोटा दड़ावत (आसींद), देवधाम जोधपुरिया (टोंक), देवडूंगरी (चित्तौड़गढ़) और नगला जहाज (भरतपुर) शामिल हैं। यह मंदिर धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
292. राजस्थान में निम्नलिखित में से कौनसा मंदिर महाभारत के एक पात्र बर्बरीक से संबंधित है?
- (A) शाकम्भरी
- (B) खाटू श्याम
- (C) बैराट
- (D) दिलवाड़ा
सीकर जिले का खाटू श्याम मंदिर महाभारत कालीन बर्बरीक से जुड़ा है, जो भीम का पौत्र और घटोत्कच का पुत्र था। भगवान कृष्ण ने युद्ध से पहले बर्बरीक से उसका शीश दान माँगा, इसलिए इसे शीशदानी भी कहा जाता है। खाटू श्यामजी को आज कृष्ण के अवतार के रूप में पूजा जाता है। यहाँ की प्रतिमा में बर्बरीक की मूंछ-दाढ़ी युक्त प्रतिमा स्थापित है।
293. झालरापाटन के सूर्यमन्दिर की मुख्य विशेषता क्या है?
- (A) आदिरथ
- (B) अष्टप्रद
- (C) सप्तरथ
- (D) अष्टशाल
झालरापाटन (झालावाड़) का प्रसिद्ध सूर्यमंदिर, जिसे पद्मनाथ या सात सहेलियों का मंदिर भी कहा जाता है, अपनी सप्तरथ संरचना के कारण विशेष है। इस मंदिर की प्रतिमाओं में सूर्य देवता को घुटनों तक जूते पहने हुए दर्शाया गया है। इसका निर्माण कच्छवाहा वंशीय शासकों के काल में हुआ और कर्नल टॉड ने इसे "चारभुजा मंदिर" भी कहा।
294. झालरापाटन (झालावाड़) का सूर्य मंदिर निर्मित किया गया था—
- (A) अर्णोराज
- (B) नागभट्ट II
- (C) बप्पा रावल
- (D) पृथ्वीराज II
झालरापाटन का सूर्य मंदिर 9वीं शताब्दी में नागभट्ट द्वितीय द्वारा बनवाया गया था। इसे सूर्य मंदिर, पद्मनाथ मंदिर, बड़ा मंदिर और सात सहेलियों का मंदिर भी कहा जाता है। यह मंदिर स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है और इसे राजस्थान के सबसे महत्वपूर्ण प्राचीन सूर्य मंदिरों में गिना जाता है।
295. निम्नलिखित में से किस शहर में राव छत्रसाल द्वारा केशवरायपाटन में केशव का मंदिर निर्मित कराया गया?
- (A) जोधपुर
- (B) बीकानेर
- (C) बूंदी
- (D) जैसलमेर
केशवरायपाटन (बूंदी) का प्रसिद्ध केशव मंदिर राव छत्रसाल द्वारा संवत 1698 (1641 ई.) में बनवाया गया था। इसका निर्माण कार्य मूल रूप से संवत 1307 में राजा रंती देव ने शुरू करवाया था। यह मंदिर चंबल नदी के किनारे स्थित है और भगवान विष्णु के अवतार केशव को समर्पित है।
296. मंदिर और स्थान के निम्नलिखित जोड़ों में से कौनसा जोड़ा सही ढंग से मेल नहीं खाता है?
- (A) सास-बहू मंदिर – टोंक
- (B) कपिल मुनि मंदिर – कोलायत
- (C) गोविंद देवजी मंदिर – जयपुर
- (D) एकलिंगजी मंदिर – उदयपुर
सास-बहू (सहस्त्रबाहु) मंदिर उदयपुर जिले के नागदा में स्थित है, टोंक में नहीं। यह मंदिर गुहिल शासकों द्वारा बनवाया गया था और इसकी स्थापत्य शैली नागर और पंचायतन शैली का मिश्रण है। जबकि अन्य युग्म सही हैं – कपिल मुनि मंदिर कोलायत (बीकानेर), गोविंद देवजी मंदिर जयपुर और एकलिंगजी मंदिर उदयपुर में स्थित हैं।
297. मेनाल में सुहवेश्वर शिव मन्दिर का निर्माण किस चौहान शासक ने करवाया था?
- (A) विग्रहराज IV
- (B) अपरगांगेय
- (C) पृथ्वीराज II
- (D) विग्रहराज II
मेनाल का सुहवेश्वर शिव मंदिर चौहान शासक पृथ्वीराज द्वितीय की पत्नी द्वारा बनवाया गया था। इस मंदिर के पास एक दो-मंजिला मठ बना हुआ है। इसकी दूसरी मंजिल पर एक शिलालेख है, जिसमें विक्रम संवत 1226 अंकित है और यह बताता है कि इस मठ का निर्माण भावब्रह्म मुनि द्वारा करवाया गया था।
298. केन्द्र सरकार के भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग ने किस मंदिर को राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित किया है?
- (A) ब्रह्मा मंदिर, पुष्कर
- (B) त्रिपुरा सुंदरी मंदिर, बाँसवाड़ा
- (C) रणकपुर जैन मंदिर, पाली
- (D) करणी माता मंदिर, देशनोक
अजमेर जिले के पुष्कर में स्थित ब्रह्मा मंदिर एकमात्र प्रमुख मंदिर है जो जगत-पिता ब्रह्माजी को समर्पित है। इसका निर्माण 14वीं शताब्दी में हुआ और यह धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस मंदिर को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित किया है। यहाँ कार्तिक पूर्णिमा पर बड़ा मेला लगता है।
299. निम्नलिखित में से किस शहर में सहस्त्रबाहु मंदिर स्थित है?
- (A) उदयपुर
- (B) जोधपुर
- (C) बीकानेर
- (D) जैसलमेर
सहस्त्रबाहु (सास-बहू) मंदिर उदयपुर जिले के नागदा में स्थित है। इसे खुमाण रावल देवरा या अदबद जी का मंदिर भी कहा जाता है। इसका निर्माण लगभग 975 ई. में हुआ था और यह भगवान विष्णु को समर्पित है। यह नागर शैली का मंदिर है और गुर्जर-प्रतिहार काल की स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है।
300. निम्नलिखित में से किस शासक ने टोंक में प्रसिद्ध मंदिर 'श्री कल्याण जी' का निर्माण कराया था?
- (A) राव सुरजन हाड़ा
- (B) राजा दिग्व
- (C) महाराणा प्रताप
- (D) राणा राजसिंह
टोंक जिले के मालपुरा में स्थित डिग्गी कल्याण जी मंदिर का निर्माण राजा दिग्व ने लगभग 5600 वर्ष पहले कराया था। बाद में 1527 ई. में मेवाड़ के महाराणा संग्राम सिंह के समय इसका पुनर्निर्माण हुआ। यह मंदिर भगवान विष्णु के अवतार को समर्पित है। यहाँ श्रावण अमावस्या और भाद्रपद शुक्ल एकादशी पर बड़ा मेला लगता है।
राजस्थान के मंदिर MCQ – सभी भाग:
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