राजस्थान के मंदिर MCQ Questions with Answers

राजस्थान के मंदिर MCQ (Temples of Rajasthan) – Part 16

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के मंदिर से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।

इन प्रश्नों में ज्वाला माता मंदिर जयपुर, चौरासी खम्भा मंदिर डीग (भरतपुर), बूढ़ादीत सूर्य मंदिर (कोटा क्षेत्र), पूंछरी का लौठा मंदिर डीग (भरतपुर), बांकर माता गढ़ मंदिर जयपुर, कुम्भश्याम मंदिर चित्तौड़गढ़, मल्लीनाथ जी का मंदिर तिलवाड़ा (बाड़मेर), गोविंद देवजी मंदिर (जयपुर), बड़ोली (चित्तौड़गढ़) के शिव मंदिर, मातृकुण्डिया मंदिर चित्तौड़गढ़ आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान के मंदिर
  • कुल प्रश्न: 20
  • Last Updated:

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301. निम्नलिखित में से कौनसा युग्म सही सुमेलित नहीं है? (मंदिर – स्थान)

  • (A) द्वारिकाधीश मंदिर – कांकरोली
  • (B) नाता माता मंदिर – भीनमाल
  • (C) आई माता मंदिर – बिलाड़ा
  • (D) ज्वाला माता मंदिर – तलवाड़ा

ज्वाला माता मंदिर जयपुर जिले के जोबनेर में स्थित है, तलवाड़ा में नहीं। इसे खंगारोत वंश की कुलदेवी माना जाता है। यहाँ नवरात्रि पर विशेष मेला भरता है। मान्यता है कि माता सती का घुटना (जानु) यहाँ गिरा था, इसलिए यह शक्तिपीठ के रूप में पूजित है। अन्य सभी युग्म सही हैं।

302. चौरासी खम्भा मंदिर किस जिले में स्थित है?

  • (A) जयपुर
  • (B) डीग
  • (C) भरतपुर
  • (D) धौलपुर

चौरासी खम्भा मंदिर डीग (भरतपुर) जिले में स्थित है। यह एक अद्भुत मंदिर है क्योंकि इसमें कोई प्रतिमा स्थापित नहीं है। इसे पुराणों में विष्णु मंदिर कहा गया है। इस मंदिर में 84 खंभे बने हैं और इसकी स्थापत्य कला इसे विशिष्ट बनाती है।

303. निम्नलिखित में से किस मंदिर में दुर्ग स्थापत्य शैली का अवलम्बन किया गया है?

  • (A) नीलकण्ठ मंदिर
  • (B) रणकपुर मंदिर
  • (C) बाणमाता मंदिर
  • (D) उपरोक्त सभी

14वीं से 16वीं शताब्दी के बीच मंदिरों का निर्माण प्रायः दुर्ग स्थापत्य शैली में किया गया। इन मंदिरों में सुरक्षा और किले जैसी संरचनाओं का प्रभाव दिखाई देता है। इसी कारण नीलकण्ठ, रणकपुर और बाणमाता सहित कई मंदिरों को किले जैसी बनावट दी गई।

304. निम्नलिखित में से किस मंदिर के अलंकरण तथा बाहरी ढांचे में मुगल शैली का प्रभाव दिखाई देता है?

  • (A) रणकपुर मंदिर
  • (B) जगत शिरोमणी मंदिर
  • (C) घनश्याम मंदिर
  • (D) विकल्प 2 व 3 दोनों

जगत शिरोमणी मंदिर (आमेर, जयपुर) और घनश्याम मंदिर दोनों के अलंकरण तथा बाहरी ढांचे में मुगल शैली का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। इन मंदिरों की नक्काशी और स्थापत्य में राजपूत व मुगल कला का सुंदर मिश्रण देखा जा सकता है।

305. 9वीं शताब्दी का कौनसा सूर्य मंदिर 'चतुर्वेद हरिहर पितामह मंदिर' के नाम से विख्यात है?

  • (A) बूढ़ादीत सूर्य मंदिर
  • (B) सात सहेली मंदिर
  • (C) गंगरार का सूर्य मंदिर
  • (D) औसियां का सूर्य मंदिर

बूढ़ादीत सूर्य मंदिर (कोटा क्षेत्र) 9वीं शताब्दी का है और इसे चतुर्वेद हरिहर पितामह मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह सूर्य उपासना से संबंधित प्राचीन मंदिर है और इसकी स्थापत्य कला में गुर्जर-प्रतिहार शैली की झलक दिखाई देती है।

306. निम्नलिखित में से किस मंदिर का निर्माण कार्य 90 वर्षों तक चलता रहा?

  • (A) लक्ष्मण मंदिर (भरतपुर)
  • (B) गंगा मंदिर (भरतपुर)
  • (C) सोमनाथ मंदिर (अलवर)
  • (D) नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर (अलवर)

गंगा मंदिर, भरतपुर का निर्माण कार्य लगभग 90 वर्षों तक चला। यह मंदिर अपनी विशालता और भव्यता के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर में गंगा माता की सुंदर प्रतिमा स्थापित है। भरतपुर के राजाओं ने इसे बनवाने में विशेष योगदान दिया और इसे शहर का प्रमुख धार्मिक स्थल बनाया।

307. कुम्भाकालीन मंदिरों के निर्माण में प्रायः किस रंग के बलुआ पत्थर का प्रयोग किया गया है?

  • (A) लाल रंग के
  • (B) भूरे रंग के
  • (C) हरे रंग के
  • (D) पीले रंग के

कुम्भा कालीन मंदिर प्रायः भूरे रंग के बलुआ पत्थर से बने हैं। ये मंदिर नागर शैली के शिखरों से अलंकृत और ऊँची प्रासाद पीठ पर बने होते हैं। इनमें सामान्यतः सादा गर्भगृह, अर्धमंडप, सभामंडप और प्रदक्षिणा पथ होता है। इन मंदिरों में शिखरों पर आमलक भी मिलते हैं।

308. पूंछरी का लौठा मंदिर कहाँ अवस्थित है?

  • (A) भरतपुर
  • (B) जयपुर
  • (C) डीग
  • (D) खैरथल-तिजारा

पूंछरी का लौठा मंदिर डीग (भरतपुर) में स्थित है। यह मंदिर धार्मिक मान्यता और आस्था से जुड़ा हुआ है। स्थानीय परंपराओं और लोककथाओं के कारण यह मंदिर प्रसिद्ध है और यहाँ श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या आती है।

309. अमालक, शिखर, जगती, कलश आदि किससे सम्बन्धित है?

  • (A) दुर्ग
  • (B) मंदिर
  • (C) चित्रकारी
  • (D) हवेली

अमालक, शिखर, जगती और कलश सभी मंदिर स्थापत्य से संबंधित शब्द हैं। अमालक मंदिर के शिखर पर गोलाकार आकृति है, शिखर मंदिर का ऊपरी भाग, जगती मंदिर का ऊँचा आधार और कलश शिखर के शीर्ष पर बना हुआ होता है। ये सभी तत्व मिलकर मंदिर को पूर्णता प्रदान करते हैं।

310. अधोलिखित में से कौनसा एक राजस्थान का मंदिर सुमेलित नहीं है?

  • (A) बारह देवरा शिव मंदिर – भीलवाड़ा
  • (B) फूलेश्वर शिवालय – डूंगरपुर
  • (C) भ्रमर माता – प्रतापगढ़
  • (D) बांकर माता गढ़ मंदिर – बीकानेर

बांकर माता गढ़ मंदिर जयपुर जिले में स्थित है, बीकानेर में नहीं। शेष तीन मंदिर सही स्थानों के साथ सुमेलित हैं – बारह देवरा शिव मंदिर भीलवाड़ा, फूलेश्वर शिवालय डूंगरपुर और भ्रमर माता मंदिर प्रतापगढ़।

311. सूची-A को सूची-B के साथ मिलाएँ एवं निम्न दिये गये कूट से सही उत्तर का चयन करें—सूची-A – सूची-B(i) अमराजी भक्त पैनोरमा – (B) भदेसर (चित्तौड़गढ़)(ii) शहीद रूपाजी कृपाजी पैनोरमा – (A) गोविन्दपुरा (चित्तौड़गढ़)(iii) पन्नाधाय पैनोरमा – (C) पाण्डोली (चित्तौड़गढ़)(iv) महाराणा प्रताप पैनोरमा – (D) चावण्ड (सलूम्बर)

  • (A) (i)-(A), (ii)-(B), (iii)-(C), (iv)-(D)
  • (B) (i)-(D), (ii)-(C), (iii)-(B), (iv)-(A)
  • (C) (i)-(B), (ii)-(A), (iii)-(C), (iv)-(D)
  • (D) (i)-(B), (ii)-(A), (iii)-(D), (iv)-(C)

सूची के अनुसार सही सुमेलन है—(i) अमराजी भक्त पैनोरमा – भदेसर (चित्तौड़गढ़)(ii) शहीद रूपाजी कृपाजी पैनोरमा – गोविन्दपुरा (चित्तौड़गढ़)(iii) पन्नाधाय पैनोरमा – पाण्डोली (चित्तौड़गढ़)(iv) महाराणा प्रताप पैनोरमा – चावण्ड (सलूम्बर)

312. किराडू का सोमेश्वर मंदिर किस स्थापत्य कला से संबंधित है?

  • (A) गुर्जर-प्रतिहार
  • (B) गुप्त
  • (C) मौर्य
  • (D) पंचायतन

सोमेश्वर मंदिर, किराडू (बाड़मेर) में स्थित है और यह गुर्जर-प्रतिहार शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसे गुर्जर-प्रतिहार काल का अंतिम और सबसे बड़ा मंदिर माना जाता है। प्राचीन काल में किराडू परमारों की राजधानी रहा था। इसकी स्थापत्य कला और मूर्तिकारी राजस्थान के प्राचीन मंदिरों में विशेष स्थान रखती है।

313. प्रसिद्ध कुम्भश्याम मंदिर कहाँ स्थित है?

  • (A) चित्तौड़
  • (B) आमेर
  • (C) मण्डोर
  • (D) कुम्भलगढ़

कुम्भश्याम मंदिर चित्तौड़गढ़ दुर्ग में स्थित है। यह मूलतः प्रतिहार कालीन महामारू शैली का शिव मंदिर था, जिसका निर्माण 8वीं शताब्दी में हुआ। बाद में महाराणा कुम्भा ने 1449 ई. में इसका जीर्णोद्वार करवाया और इसमें विष्णु के वराह अवतार की मूर्ति स्थापित की।

314. मल्लीनाथजी का मंदिर कहाँ स्थित है?

  • (A) तिलवाड़ा
  • (B) कोलू
  • (C) जायल
  • (D) खड़नाल

मल्लीनाथ जी का मंदिर तिलवाड़ा (बाड़मेर) में स्थित है। मल्लीनाथ जी को राजपूताना में लोकदेवता के रूप में पूजा जाता है। तिलवाड़ा में हर वर्ष मल्लीनाथ का विशाल पशु मेला भी लगता है, जो राजस्थान के सबसे बड़े मेलों में से एक है।

315. राजस्थान में किस स्थान का “अन्नकूट महोत्सव" लोकप्रिय है?

  • (A) कालिका माता मंदिर – चित्तौड़गढ़
  • (B) जगदीश मंदिर – राजसमंद
  • (C) श्रीनाथजी मंदिर – राजसमंद
  • (D) करणी माता मंदिर – देशनोक

अन्नकूट महोत्सव नाथद्वारा (राजसमंद) के श्रीनाथजी मंदिर में कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इसे भीलों द्वारा चावलों का लूर भी कहा जाता है। इस अवसर पर भगवान श्रीनाथजी को विभिन्न प्रकार के अन्न और पकवान अर्पित किए जाते हैं।

316. लोद्रवा प्रसिद्ध किसके लिए है?

  • (A) जैनियों के लिए
  • (B) गुर्जरों के लिए
  • (C) सिखों के लिए
  • (D) जाटों के लिए

लोद्रवा (जैसलमेर) अपने पार्श्वनाथ जैन मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। यह पंचायतन शैली में बना हुआ मंदिर है। इसके गर्भगृह में पार्श्वनाथ की काले पत्थर की प्रतिमा स्थापित है। महमूद गजनवी ने इस पर आक्रमण कर इसे क्षतिग्रस्त किया था, लेकिन 1618 ई. में जैन श्रावक धीरूशाह ने इसका जीर्णोद्वार करवाया।

317. गोविंद देव मंदिर, जयपुर एवं मदन मोहन मंदिर, करौली का सम्बन्ध किस सम्प्रदाय से है?

  • (A) वल्लभ
  • (B) गौड़ीय
  • (C) नाथ
  • (D) रामस्नेही

गोविंद देवजी मंदिर (जयपुर) और मदन मोहन मंदिर (करौली) वल्लभ सम्प्रदाय से संबंधित हैं। इनके अलावा मथुरेश मंदिर (कोटा) भी इसी सम्प्रदाय से जुड़ा है। वल्लभ सम्प्रदाय में भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति विशेष रूप से की जाती है।

318. निम्न में से किस मंदिर को मामादेव भी कहा जाता है?

  • (A) कुम्भास्वामी मंदिर – चित्तौड़
  • (B) कुम्भश्याम मंदिर
  • (C) श्रृंगार चौरी मंदिर
  • (D) एकलिंगजी का मंदिर

कुम्भश्याम मंदिर को मामादेव मंदिर भी कहा जाता है। इसमें विष्णु मंदिर, नीलकंठ मंदिर और हनुमान मंदिर भी सम्मिलित हैं। यहाँ की मूर्तियाँ मंडोर से लाई गई थीं। इस मंदिर का संबंध महाराणा कुम्भा काल से माना जाता है।

319. बड़ोली (कोटा) के शिव मंदिर का निर्माण किसने करवाया?

  • (A) मिहिरकुल
  • (B) भोज प्रतिहार
  • (C) भोज परमार
  • (D) तोरमाण

बड़ोली (चित्तौड़गढ़) के शिव मंदिर का निर्माण हुण शासक तोरमाण के पुत्र मिहिरकुल ने करवाया था। यह पंचायतन शैली में बना मंदिर है। इसमें शिव-पार्वती तथा अन्य देवताओं की प्रतिमाएँ स्थापित हैं। शिलालेख प्रमाणों से इसका निर्माण 6वीं शताब्दी का माना जाता है।

320. मातृ कुण्डिया मंदिर किस जिले में स्थित है?

  • (A) उदयपुर
  • (B) राजसमंद
  • (C) भीलवाड़ा
  • (D) चित्तौड़गढ़

मातृकुण्डिया मंदिर चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी क्षेत्र में स्थित है। इसे ‘मेवाड़ का हरिद्वार’ कहा जाता है। यहाँ मंगलेश्वर महादेव की पूजा होती है। यह स्थल धार्मिक दृष्टि से पवित्र है क्योंकि यहाँ चन्द्रभागा नदी बनास नदी से मिलती है।

राजस्थान के मंदिर MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6 | Part 7 | Part 8 | Part 9 | Part 10 | Part 11 | Part 12 | Part 13 | Part 14 | Part 15 | Part 16 | Part 17 | Part 18 | Part 19

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