राजस्थान के मंदिर MCQ Questions with Answers

राजस्थान के मंदिर MCQ (Temples of Rajasthan) – Part 17

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के मंदिर से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।

इन प्रश्नों में केसरियाजी धुलेव (उदयपुर), त्रिनेत्र गणेश मंदिर सवाई माधोपुर, तुलजा भवानी मंदिर चित्तौड़गढ़, मूछाला महावीर मंदिर घाणेराव (पाली), चारचौमा शिव मंदिर कोटा, कैलादेवी मंदिर करौली, घुश्मेश्वर महादेव मंदिर (शिवाड़, सवाई माधोपुर) आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान के मंदिर
  • कुल प्रश्न: 20
  • Last Updated:

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321. जैन तीर्थ स्थल केसरियाजी राजस्थान के किस जिले में है?

  • (A) डूंगरपुर
  • (B) बांसवाड़ा
  • (C) प्रतापगढ़
  • (D) उदयपुर

केसरियाजी धुलेव (उदयपुर) में स्थित जैन तीर्थ स्थल है। इसका निर्माण वि.सं. 1676 में हुआ। मंदिर के गर्भगृह में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव की प्रतिमा स्थापित है, जिन्हें यहाँ ‘केसरिया नाथजी’ भी कहा जाता है। प्रतिमा के साथ भगवान इंद्र की प्रस्तर प्रतिमा भी विराजमान है।

322. त्रिनेत्र गणेशजी का मंदिर कहाँ स्थित है?

  • (A) रणथम्भौर दुर्ग
  • (B) कुम्भलगढ़ दुर्ग
  • (C) अचलगढ़ दुर्ग
  • (D) जयगढ़ दुर्ग

त्रिनेत्र गणेश मंदिर सवाई माधोपुर के रणथम्भौर दुर्ग में स्थित है। इसे भारत का सबसे प्राचीन गणेश मंदिर माना जाता है। यहाँ हर वर्ष भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को विशाल मेला भरता है। पूर्वी राजस्थान में विवाह या मांगलिक अवसरों का पहला निमंत्रण इसी मंदिर को भेजा जाता है।

323. आमेर का जगत शिरोमणि मंदिर किसकी याद में बनवाया गया था?

  • (A) जगतसिंह
  • (B) उदयसिंह
  • (C) जयसिंह
  • (D) प्रतापसिंह

जगत शिरोमणि मंदिर, आमेर (जयपुर) महारानी कनकावती ने अपने पुत्र जगतसिंह की स्मृति में 1599–1608 ई. के बीच बनवाया। यह मंदिर आमेर दुर्ग के उत्तर-पश्चिम में स्थित है। मंदिर में भगवान कृष्ण, मीराबाई और संत नरहरि का चित्रण भी मिलता है।

324. तुलजा भवानी का मंदिर कहाँ स्थित है?

  • (A) नाडौल
  • (B) बारां
  • (C) चित्तौड़गढ़
  • (D) राजसमंद

तुलजा भवानी मंदिर चित्तौड़गढ़ दुर्ग में स्थित है। इसका निर्माण 1536–1540 ई. के बीच बनवीर द्वारा कराया गया था। चित्तौड़गढ़ दुर्ग में मोकल मंदिर, जटाशंकर, कुकड़ेश्वर, कालिका माता और मीराबाई मंदिर भी प्रसिद्ध हैं। तुलजा भवानी मंदिर का धार्मिक महत्व अत्यधिक है।

325. राजस्थान में '33 करोड़ देवी देवताओं की साल' कहाँ स्थित है?

  • (A) आभानेरी
  • (B) नाडौल
  • (C) मण्डोर
  • (D) खेड़

‘33 करोड़ देवी-देवताओं की साल’ मण्डोर (जोधपुर) में स्थित है। महाराजा अजीत सिंह और उनके पुत्र अभयसिंह के समय विशाल चट्टानों को काटकर यहाँ 16 भव्य मूर्तियाँ बनाई गईं। इसे हॉल ऑफ हीरोज भी कहा जाता है। वहीं, 33 करोड़ देवी-देवताओं का मंदिर बीकानेर के जूनागढ़ किले में स्थित है।

326. मूछाला महावीर' मंदिर कहाँ स्थित है?

  • (A) मेनाल
  • (B) घाणेराव
  • (C) नाकोड़ा
  • (D) किराडू

मूछाला महावीर मंदिर घाणेराव (पाली) में स्थित है। यह जैन धर्म का महत्वपूर्ण स्थल है और इसका निर्माण महाराणा कुम्भा के शासनकाल में संगमरमर से हुआ। मंदिर में भगवान महावीर की मूर्ति स्थापित है और इसके स्थापत्य में सुंदर नक्काशी देखने को मिलती है।

327. चारचौमा का शिव मंदिर राजस्थान के किस जिले में अवस्थित है?

  • (A) कोटा
  • (B) बारां
  • (C) बूंदी
  • (D) झालावाड़

चारचौमा शिव मंदिर कोटा जिले में स्थित है। यह गुप्तकालीन शिवालय है। यहाँ भगवान शिव-पार्वती की पूजा होती है। कोटा क्षेत्र के अन्य प्रसिद्ध मंदिरों में मथुरेश मंदिर, कन्सुआ महादेव और विभीषण मंदिर भी शामिल हैं।

328. सच्चिया माता मंदिर, सूर्य मंदिर और हरिहर मंदिर कहाँ स्थित हैं?

  • (A) चित्तौड़गढ़
  • (B) ओसियां
  • (C) आभानेरी
  • (D) आउवा

ओसियां (जोधपुर) में स्थित मंदिर समूह में सच्चियाय माता मंदिर, सूर्य मंदिर और हरिहर मंदिर प्रमुख हैं। इनका निर्माण 8वीं–9वीं शताब्दी में गुर्जर-प्रतिहार काल में हुआ। इन्हें महामारू शैली में बनाया गया और यह ओसियां को ‘राजस्थान का खजुराहो’ बनाते हैं।

329. ओसियां के मंदिर समूह किस वंश की देन हैं?

  • (A) राठौड़ वंश
  • (B) गूहिल वंश
  • (C) कच्छवाह वंश
  • (D) प्रतिहार वंश

ओसियां के मंदिर समूह गुर्जर-प्रतिहार वंश की देन हैं। ये मंदिर 8वीं–9वीं शताब्दी में बने और इनकी निर्माण शैली महामारू शैली कहलाती है। ओसियां में सूर्य मंदिर, हरिहर मंदिर, महावीर स्वामी जैन मंदिर और सच्चियाय माता मंदिर विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं।

330. ओसियां के जैन मंदिर किस जिले में स्थित हैं?

  • (A) जयपुर
  • (B) जैसलमेर
  • (C) बाड़मेर
  • (D) जोधपुर

ओसियां (जोधपुर) के जैन मंदिर राजस्थान के प्राचीनतम जैन मंदिरों में माने जाते हैं। इनमें सबसे प्रसिद्ध महावीर स्वामी जैन मंदिर है, जिसे प्रतिहार शासक वत्सराज ने बनवाया था। यह मंदिर महामारू शैली में बना है और इसके गर्भगृह में भगवान महावीर की प्रतिमा स्थापित है।

331. जोधपुर निकट ओसियां मंदिरों का निर्माण किसने कराया था?

  • (A) राठौड़ों द्वारा
  • (B) प्रतिहारों द्वारा
  • (C) कच्छवाहों द्वारा
  • (D) चौहानों द्वारा

ओसियां (जोधपुर) के मंदिरों का निर्माण प्रतिहार वंश द्वारा कराया गया। यहाँ 16 मंदिर समूह स्थित हैं, जिनमें सूर्य मंदिर, हरिहर मंदिर, महावीर स्वामी मंदिर और सच्चियाय माता मंदिर विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। इनका निर्माण महामारू शैली में हुआ और इन्हें राजस्थान का कोणार्क तथा पैगोडा भी कहा जाता है।

332. कैलादेवी मंदिर कहाँ स्थित है?

  • (A) करौली
  • (B) टोंक
  • (C) कोटा
  • (D) सवाई माधोपुर

कैलादेवी मंदिर करौली जिले में त्रिकुट पर्वत पर स्थित है। यह मंदिर यादव वंश की देवी और करौली राजवंश की कुलदेवी को समर्पित है। यहाँ चैत्र शुक्ल अष्टमी को लक्खी मेला भरता है। मंदिर के पास से कालीसिल नदी बहती है। यहाँ की मान्यता है कि विवाह और मांगलिक कार्यों में माता को प्रथम निमंत्रण भेजा जाता है।

333. करौली का कैलादेवी मंदिर किस नदी के किनारे स्थित है?

  • (A) काली सिंध
  • (B) पार्वती
  • (C) कालीसिल
  • (D) बामरी

कैलादेवी मंदिर कालीसिल नदी के किनारे स्थित है। इसकी स्थापना केदारगिरि साधु ने 1114 ई. में की थी। बाद में 1900 ई. में महाराजा गोपाल सिंह ने इसका पुनर्निर्माण करवाया। मंदिर में दो मूर्तियाँ हैं—एक कैलादेवी और दूसरी चामुंडा माता की। यह स्थान भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है।

334. रणकपुर जैन मंदिर, पाली निम्नलिखित में से किस तीर्थंकर को समर्पित है?

  • (A) ऋषभनाथ
  • (B) वासुपूज्य
  • (C) अजितनाथ
  • (D) नेमिनाथ

रणकपुर जैन मंदिर (पाली) 15वीं शताब्दी में बना और यह भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) को समर्पित है। इसे आदिनाथ चौमुखा मंदिर भी कहा जाता है। यहाँ नेमीनाथ और पार्श्वनाथ को समर्पित अन्य मंदिर भी बने हैं। राणा कुंभा ने इस मंदिर के निर्माण को संरक्षण दिया।

335. सवाई माधोपुर के शिवाड़ गाँव में स्थित घुश्मेश्वर मंदिर भगवान शिव का कौनसा ज्योतिर्लिंग है?

  • (A) 9वां
  • (B) 10वां
  • (C) 11वां
  • (D) 12वां

घुश्मेश्वर महादेव मंदिर (शिवाड़, सवाई माधोपुर) भगवान शिव का 12वां और अंतिम ज्योतिर्लिंग है। इसका उल्लेख शिवपुराण की कोटि रुद्र संहिता में मिलता है। इस मंदिर पर महमूद गजनवी और अलाउद्दीन खिलजी ने भी आक्रमण किया था। यहाँ महिलाओं का प्रवेश प्राचीनकाल में वर्जित माना जाता था।

336. राजस्थान में 12वाँ ज्योतिर्लिंग कहाँ स्थित है?

  • (A) पुष्कर
  • (B) शिवाड़
  • (C) श्री कोलायत
  • (D) आमेर

12वाँ ज्योतिर्लिंग घुश्मेश्वर महादेव शिवाड़ (सवाई माधोपुर) में स्थित है। यह मंदिर शिवपुराण में वर्णित है और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है। महमूद गजनवी के आक्रमण में यहाँ के शासक चंद्रसेन और इंद्रसेन गौड़ वीरगति को प्राप्त हुए थे।

337. रणकपुर मंदिर का प्रमुख स्थापत्यकार कौन था?

  • (A) मण्डन
  • (B) नाथा
  • (C) देपाक
  • (D) धरणक शाह

रणकपुर का आदिनाथ चौमुखा जैन मंदिर सेठ धरणकशाह द्वारा 1439 ई. में बनवाया गया। इसका प्रमुख शिल्पी देपाक (दीपा सोमपुरा ब्राह्मण) था। इस मंदिर में 24 मंडप, 84 शिखर और 1444 सुंदर खंभे बने हैं। इसकी प्रतिष्ठा सोमसुंदर सूरी ने करवाई थी।

338. देलवाड़ा के जैन मंदिरों का निर्माण किसने करवाया था?

  • (A) नेमीनाथ
  • (B) विमल शाह
  • (C) आदिनाथ
  • (D) भीमशाह

देलवाड़ा जैन मंदिर (आबू, सिरोही) पाँच मंदिरों का समूह है। इनमें सबसे प्रमुख विमलवसाही मंदिर है, जिसका निर्माण 1031 ई. में चालुक्य राजा भीमदेव के मंत्री विमलशाह ने करवाया। इसके अलावा लूणवसाही (वास्तुपाल-तेजपाल), पीतलहर (भीमशाह), पार्श्वनाथ चौमुखा और महावीर स्वामी मंदिर भी यहाँ स्थित हैं।

339. रणकपुर मंदिर प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है, जिनका सम्बन्ध है—

  • (A) हिन्दू धर्म से
  • (B) जैन धर्म से
  • (C) बौद्ध धर्म से
  • (D) पारसी धर्म से

रणकपुर मंदिर (पाली) जैन धर्म का प्रसिद्ध तीर्थ है। इसे आदिनाथ चौमुखा मंदिर भी कहा जाता है। यह 15वीं शताब्दी में बना और 1444 खूबसूरत खंभों पर टिका हुआ है। इसे ‘खंभों का अजायबघर’ भी कहा जाता है।

340. निम्न में से किसकी प्रतिमा रणकपुर के चौमुखा मंदिर में प्रतिष्ठित है?

  • (A) आदिनाथ
  • (B) नेमिनाथ
  • (C) पार्श्वनाथ
  • (D) शिव

रणकपुर का चौमुखा जैन मंदिर भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) को समर्पित है। इसमें संगमरमर की पाँच फुट ऊँची चौमुखा प्रतिमा स्थापित है। मंदिर का निर्माण सेठ धरणकशाह ने करवाया और शिल्पकार देपाक था। इसमें 24 मंडप और 84 शिखर हैं।

राजस्थान के मंदिर MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6 | Part 7 | Part 8 | Part 9 | Part 10 | Part 11 | Part 12 | Part 13 | Part 14 | Part 15 | Part 16 | Part 17 | Part 18 | Part 19

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