राजस्थान के मंदिर MCQ Questions with Answers

राजस्थान के मंदिर MCQ (Temples of Rajasthan) – Part 18

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के मंदिर से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।

इन प्रश्नों में रणकपुर जैन मंदिर (पाली), दिलवाड़ा जैन मंदिर माउंट आबू (सिरोही), विमल व लूणवसाही मंदिर माउंट आबू, किराडू के मंदिर (बाड़मेर), सोमेश्वर मंदिर बाड़मेर, त्रिपुरा सुंदरी माता मंदिर बांसवाड़ा (तलवाड़ा), मथुरेशजी का मंदिर कोटा, लक्ष्मीनाथ मंदिर बीकानेर, एकलिंगजी मंदिर कैलाशपुरी (उदयपुर), आर्थना (बांसवाड़ा) आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान के मंदिर
  • कुल प्रश्न: 20
  • Last Updated:

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341. किस मंदिर को ‘खंभों का अजायबघर’ कहा जाता है?

  • (A) सोमेश्वर मंदिर, किराडू
  • (B) जैन मंदिर, देलवाड़ा
  • (C) जैन मंदिर, रणकपुर
  • (D) कीर्ति स्तंभ, चित्तौड़

रणकपुर जैन मंदिर (पाली) को ‘खंभों का अजायबघर’ और ‘स्तंभों का वन’ कहा जाता है। यहाँ कुल 1444 खंभे हैं और प्रत्येक की नक्काशी अलग-अलग शैली में की गई है। यह मंदिर भगवान आदिनाथ को समर्पित है और 15वीं शताब्दी में राणा कुंभा के संरक्षण में बना।

342. किस शहर में दिलवाड़ा मंदिर स्थित है?

  • (A) जोधपुर
  • (B) अलवर
  • (C) कोटा
  • (D) माउंट आबू

दिलवाड़ा जैन मंदिर माउंट आबू (सिरोही) में स्थित हैं। ये पाँच जैन मंदिरों का समूह है और अपनी नक्काशी और स्थापत्य कला के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। मंदिर संगमरमर से बने हुए हैं और इनकी कलात्मकता को भारत के उत्कृष्टतम शिल्पों में गिना जाता है।

343. दिलवाड़ा के जैन मंदिरों का निर्माण किस काल हुआ था?

  • (A) परमार काल
  • (B) मुगल काल
  • (C) सल्तनत काल
  • (D) तुगलक काल

दिलवाड़ा जैन मंदिरों का निर्माण परमार काल में हुआ था। इन्हें सोलंकी स्थापत्य कला शैली में बनाया गया। यह 11वीं से 13वीं शताब्दी के बीच निर्मित हुए और जैन धर्म की श्वेताम्बर शाखा के प्रमुख मंदिर माने जाते हैं।

344. विमल शाह द्वारा निर्मित प्रसिद्ध जैन मंदिर कहाँ स्थित है?

  • (A) रणकपुर
  • (B) पाली
  • (C) ओसियां
  • (D) देलवाड़ा

विमल वसाही मंदिर (देलवाड़ा, माउंट आबू) का निर्माण 1031 ई. में चालुक्य राजा भीमदेव के मंत्री विमलशाह ने करवाया था। यह मंदिर प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ को समर्पित है। इसकी नक्काशी और स्थापत्य को कर्नल टॉड ने भारत में ताजमहल के बाद श्रेष्ठ माना।

345. विमल व लूणा वसाही मंदिर निम्न में से किस स्थान पर बनाए गए थे?

  • (A) देलवाड़ा
  • (B) झालाना
  • (C) चित्तौड़गढ़
  • (D) भीलवाड़ा

विमल व लूणवसाही मंदिर माउंट आबू (देलवाड़ा) में स्थित हैं। विमल वसाही का निर्माण 1031 ई. में विमलशाह ने कराया, जबकि लूणवसाही का निर्माण 1230 ई. में चालुक्य राजा धवल के मंत्री वास्तुपाल और तेजपाल ने करवाया।

346. देलवाड़ा मंदिरों के समूह में कितने मंदिर हैं?

  • (A) चार
  • (B) पाँच
  • (C) छह
  • (D) सात

देलवाड़ा के जैन मंदिर पाँच मंदिरों का समूह हैं। इनमें विमलवसाही, लूणवसाही, पीतलहर आदिश्वर, पार्श्वनाथ चौमुखा और महावीर स्वामी मंदिर शामिल हैं। इनका निर्माण 11वीं से 13वीं शताब्दी के बीच हुआ।

347. देलवाड़ा के किस मंदिर में धातु निर्मित आदिनाथ की मूर्ति है, जिसका वजन 108 मण है?

  • (A) आदिनाथ का मंदिर
  • (B) नेमिनाथ का मंदिर
  • (C) भीमाशाह का मंदिर
  • (D) शांतिनाथ का मंदिर

पीतलहर आदिश्वर मंदिर (भीमाशाह का मंदिर) में पंचधातु से निर्मित आदिनाथ की प्रतिमा स्थापित है। इसका वजन 108 मण बताया जाता है। यह मूर्ति 1468–69 ई. में स्थापित हुई और इसे जैन कला का अद्भुत नमूना माना जाता है।

348. माउंट आबू में दिलवाड़ा मंदिर प्रसिद्ध हैं—

  • (A) जैन मंदिर की कला हेतु
  • (B) बौद्ध स्थापत्य कला
  • (C) राजपूत कला
  • (D) मुस्लिम कला

दिलवाड़ा जैन मंदिर अपनी अद्भुत कला और संगमरमर की नक्काशी के लिए प्रसिद्ध हैं। इनकी स्थापत्य शैली सोलंकी कालीन है। यहाँ की कलात्मकता इतनी बारीक है कि संगमरमर पत्थर से बनी जालियाँ कपड़े जैसी प्रतीत होती हैं।

349. निम्न में से किसे 'राजस्थान का खजुराहो' कहा जाता है?

  • (A) एकलिंगजी मंदिर, उदयपुर
  • (B) महानलेश्वर मंदिर, मेनाल
  • (C) सास-बहु मंदिर, नागदा
  • (D) किराडू का मंदिर, बाड़मेर

किराडू के मंदिर (बाड़मेर) को ‘राजस्थान का खजुराहो’ कहा जाता है। ये गुर्जर-प्रतिहार कालीन महामारू शैली में बने मंदिर हैं। इनमें सबसे बड़ा सोमेश्वर मंदिर है। यहाँ की मूर्तिकारी और भित्ति शिल्प खजुराहो जैसी उत्कृष्टता को दर्शाते हैं।

350. निम्नलिखित में से राजस्थान के किस स्थान पर सोमेश्वर मंदिर स्थित है?

  • (A) आभानेरी (दौसा)
  • (B) चंद्रावती (झालावाड़)
  • (C) किराडू (बाड़मेर)
  • (D) ओसियां (जोधपुर)

सोमेश्वर मंदिर बाड़मेर जिले के किराडू (हाथमा गांव) में स्थित है। यह गुर्जर-प्रतिहार शैली का अंतिम और भव्य मंदिर माना जाता है। पाँच मंदिरों की श्रृंखला में चार मंदिर शिव को और एक मंदिर विष्णु को समर्पित है।

351. निम्नलिखित में से सुमेलित (मंदिर-स्थान) नहीं है—

  • (A) विभीषण का मंदिर – कैथून (कोटा)
  • (B) सुंधा माता मंदिर – भीनमाल (जालौर)
  • (C) सिरे मंदिर – जालौर
  • (D) त्रिपुरा सुंदरी माता मंदिर – तिलवाड़ा (बाड़मेर)

त्रिपुरा सुंदरी माता मंदिर बांसवाड़ा (तलवाड़ा) में स्थित है, न कि बाड़मेर में। यह प्राचीन शक्तिपीठ है और यहाँ अष्टभुजा देवी की काले पत्थर की प्रतिमा स्थापित है। इसे तुरताई माता भी कहा जाता है और यह पांचाल जाति की कुलदेवी है।

352. कौनसा कूट सुमेलित नहीं है?

  • (A) श्रीनाथजी – नाथद्वारा
  • (B) द्वारिकाधीशजी – कांकरौली
  • (C) मथुरेशजी – जोधपुर
  • (D) गोविन्द देवजी – जयपुर

मथुरेशजी का मंदिर कोटा में स्थित है, जो दीवान द्वारकादास की हवेली (पाटनपोल) में स्थित वल्लभ सम्प्रदाय की पीठ है। नाथद्वारा का श्रीनाथजी, कांकरौली का द्वारिकाधीश और जयपुर का गोविन्द देवजी सही सुमेलित हैं।

353. निम्न में से कौन सा युग्म असंगत है?

  • (A) वशिष्ठ जी का मंदिर – सिरोही
  • (B) लक्ष्मीनारायण का मंदिर – अलवर
  • (C) समीधेश्वर मंदिर
  • (D) रमा वैकुण्ठनाथ मंदिर

लक्ष्मीनाथ मंदिर बीकानेर में स्थित है, न कि अलवर में। इसका निर्माण राव लूणकरण ने करवाया था। इसे लक्ष्मीनाथ जी का मंदिर भी कहा जाता है। जबकि सिरोही का वशिष्ठ मंदिर, चित्तौड़ का समीधेश्वर और वैकुण्ठनाथ मंदिर सही सुमेलित हैं।

354. निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प सही सुमेलित नहीं है?

  • (A) बरौली मंदिर – रावतभाटा
  • (B) एकलिंगजी मंदिर – जयपुर
  • (C) आभानेरी मंदिर – दौसा
  • (D) ऋषभदेव मंदिर – उदयपुर

एकलिंगजी मंदिर कैलाशपुरी (उदयपुर) में स्थित है, न कि जयपुर में। इसका निर्माण बप्पा रावल ने 734 ई. में करवाया था। आभानेरी का हर्षद माता मंदिर (दौसा), रावतभाटा का बड़ौली मंदिर और धुलेव का ऋषभदेव मंदिर सही सुमेलित हैं।

355. कौन सा युग्म असंगत है?

  • (A) आर्थना मंदिर – बाड़मेर
  • (B) हर्षद माता मंदिर – आभानेरी, दौसा
  • (C) विभीषण मंदिर – कैथून, कोटा
  • (D) हर्षनाथ मंदिर – सीकर

आर्थना (बांसवाड़ा) का प्राचीन नाम उत्थुनक था। यह पहले परमारों की राजधानी रहा। यहाँ 11वीं–12वीं शताब्दी में बने मंदिरों के अवशेष मिलते हैं। आभानेरी, कैथून और सीकर वाले मंदिर सही सुमेलित हैं।

356. निम्न में से कौनसा जोड़ा गलत है?

  • (A) सूर्य मंदिर – भरतपुर
  • (B) मीराबाई मंदिर – चित्तौड़गढ़-मेड़ता
  • (C) एकलिंगजी मंदिर – उदयपुर
  • (D) करणी माता मंदिर – देशनोक

सूर्य मंदिर झालरापाटन (झालावाड़) में है, न कि भरतपुर में। इसे सात सहेलियों का मंदिर और पद्मनाथ मंदिर भी कहते हैं। अन्य विकल्प सही हैं—मीराबाई मंदिर चित्तौड़-मेड़ता, एकलिंगजी उदयपुर और करणी माता मंदिर देशनोक।

357. निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

  • (A) कपिल मुनि का मंदिर – बीकानेर
  • (B) जगदीश मंदिर – उदयपुर
  • (C) द्वारकाधीश मंदिर – जयपुर
  • (D) मीराबाई मंदिर – चित्तौड़

द्वारकाधीश मंदिर कांकरौली (राजसमंद) में स्थित है, न कि जयपुर में। यह वल्लभ सम्प्रदाय की पीठ है। कपिल मुनि मंदिर कोलायत (बीकानेर), जगदीश मंदिर उदयपुर और मीराबाई मंदिर चित्तौड़ सही हैं।

358. निम्नलिखित में से कौन सा प्रसिद्ध मंदिर जयपुर जिले में नहीं है?

  • (A) सात सहेली मंदिर
  • (B) ताड़केश्वर मंदिर
  • (C) गलता तीर्थ
  • (D) जगत शिरोमणि मंदिर

सात सहेलियों का मंदिर झालरापाटन (झालावाड़) में है, जयपुर में नहीं। जयपुर जिले में ताड़केश्वर महादेव, गलता तीर्थ और आमेर का जगत शिरोमणि मंदिर प्रमुख धार्मिक स्थल हैं।

359. सात सहेलियों का मंदिर' कहाँ स्थित है?

  • (A) पिलानी
  • (B) भीनमाल
  • (C) झालरापाटन
  • (D) नागदा

सात सहेलियों का मंदिर झालरापाटन (झालावाड़) में स्थित है। इसे पद्मनाभ या सूर्य मंदिर भी कहा जाता है। कर्नल टॉड ने इसे ‘चारभुजा मंदिर’ कहा था। यहाँ सूर्य की प्रतिमा को जूते पहने हुए दर्शाया गया है।

360. निम्नलिखित में से कौन-सा मंदिर गुर्जर-प्रतिहार वास्तु शैली का नहीं है?

  • (A) गोठ मांगलोद का दधिमति माता मंदिर
  • (B) किराडू का सोमेश्वर मंदिर
  • (C) ओसियां का सूर्य मंदिर
  • (D) चारचौमा का शिव मंदिर

चारचौमा का शिव मंदिर (कोटा) गुप्तकालीन है, न कि गुर्जर-प्रतिहार शैली का। बाकी तीनों—गोठ मांगलोद का दधिमति माता मंदिर (नागौर), किराडू का सोमेश्वर मंदिर (बाड़मेर) और ओसियां का सूर्य मंदिर (जोधपुर) प्रतिहार कालीन हैं।

राजस्थान के मंदिर MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6 | Part 7 | Part 8 | Part 9 | Part 10 | Part 11 | Part 12 | Part 13 | Part 14 | Part 15 | Part 16 | Part 17 | Part 18 | Part 19

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