राजस्थान के मंदिर MCQ (Temples of Rajasthan) – Part 6
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के मंदिर से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।
इन प्रश्नों में किराडू मंदिर बाड़मेर, दिलवाड़ा के जैन मंदिर आबू पर्वत (सिरोही), अमरनाथ परशुराम गुफा (राजसमंद), भांडाशाह जैन मंदिर बीकानेर, रंगनाथ मंदिर, पुष्कर, एकलिंगनाथ जी का मंदिर उदयपुर, सांवलिया सेठ का मंदिर चित्तौड़गढ़, द्वारकाधीश मंदिर कांकरोली (राजसमंद), बेणेश्वर धाम डूंगरपुर, विजय राज राजेश्वर मंदिर डूंगरपुर आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान के मंदिर
- कुल प्रश्न: 20
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101. राजस्थान का खजुराहो कहा जाने वाला 'किराडू मंदिर' किस जिले में स्थित है?
- (A) बाड़मेर
- (B) जोधपुर
- (C) उदयपुर
- (D) कोटा
किराडू मंदिर बाड़मेर जिले में स्थित हैं और इन्हें राजस्थान का खजुराहो कहा जाता है। यह मंदिर गुर्जर-प्रतिहार काल (8वीं-11वीं शताब्दी) में बनाए गए थे। यहाँ की दीवारों व स्तंभों पर बनी मूर्तियों में नृत्यरत अप्सराएँ व मिथुन मूर्तियाँ विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। इस कारण इन्हें खजुराहो की शैली से जोड़ा जाता है। किराडू में मुख्य रूप से सोमेश्वर मंदिर सबसे बड़ा और प्रसिद्ध है।
102. मघाई नदी के किनारे कौनसा मंदिर स्थित है?
- (A) चारभुजा नाथ का मंदिर
- (B) किराडू का मंदिर
- (C) रणकपुर के मंदिर
- (D) औसिया के मंदिर
रणकपुर के प्रसिद्ध जैन मंदिर मघाई नदी के किनारे स्थित हैं। ये मंदिर 15वीं शताब्दी में बने और भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) को समर्पित हैं। यहाँ का चौमुखा मंदिर विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जिसमें संगमरमर से बनी भव्य प्रतिमा और 1444 खूबसूरती से तराशे गए स्तंभ हैं। प्रत्येक स्तंभ का डिज़ाइन अलग है। इन मंदिरों के निर्माण को राणा कुंभा का संरक्षण मिला था। यह स्थल राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे भारत का एक प्रमुख जैन तीर्थ है।
103. राजस्थान के सर्वश्रेष्ठ जैन मंदिर हैं?
- (A) रणकपुर जैन मंदिर
- (B) दिलवाड़ा जैन मंदिर
- (C) विमलशाही जैन मंदिर
- (D) लुणवसाही जैन मंदिर
दिलवाड़ा जैन मंदिर, आबू पर्वत (सिरोही) पर स्थित हैं और इन्हें राजस्थान के सर्वश्रेष्ठ जैन मंदिर कहा जाता है। ये मंदिर 11वीं से 15वीं शताब्दी के बीच बने और अपनी अद्भुत संगमरमर की नक्काशी के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। यहाँ पाँच प्रमुख मंदिर हैं – विमलवसाही, लूणवसाही, पीतलहर, पार्श्वनाथ चौमुखा व महावीर स्वामी मंदिर। इन मंदिरों की सुंदरता को देखकर कहा जाता है कि संगमरमर बोल उठता है।
104. निम्न में से दिलवाड़ा के जैन मंदिर कहाँ स्थित है?
- (A) रणकपुर (पाली)
- (B) सादड़ी (पाली)
- (C) चौहटन (बाड़मेर)
- (D) आबू पर्वत (सिरोही)
दिलवाड़ा के जैन मंदिर आबू पर्वत (सिरोही) पर स्थित हैं। ये पाँच मंदिरों का समूह है और श्वेताम्बर जैन सम्प्रदाय से संबंधित हैं। इन मंदिरों का निर्माण 11वीं से 15वीं शताब्दी के बीच विभिन्न राजाओं और मंत्रियों द्वारा करवाया गया। मंदिरों की विशेषता है उनकी सूक्ष्म संगमरमर की नक्काशी, जो इतनी बारीक है कि संगमरमर की परत पारदर्शी सी लगती है। ये मंदिर दुनिया के सबसे सुंदर जैन मंदिरों में गिने जाते हैं।
105. निम्न में से 'राजस्थान का अमरनाथ' किसे कहा जाता है?
- (A) परशुराम गुफा (राजसमंद)
- (B) दिलवाड़ा जैन मंदिर (सिरोही)
- (C) कामेश्वर मंदिर (पाली)
- (D) कोलवी गुफा (झालावाड़)
राजस्थान का अमरनाथ परशुराम गुफा (राजसमंद) को कहा जाता है। यह गुफा अरावली की पर्वतमालाओं में बनी है। मान्यता है कि यहाँ भगवान परशुराम ने कठोर तपस्या की थी। गुफा के भीतर भगवान शिव का मंदिर भी स्थित है। यह स्थान प्राकृतिक रूप से अत्यंत रमणीय है और यहाँ से नीचे उतरने पर कुंड धाम (पाली जिले) आता है। धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक दृष्टि से यह स्थल अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
106. भांड़ाशाह का जैन मंदिर किस जिले में स्थित है?
- (A) नागौर
- (B) जोधपुर
- (C) बीकानेर
- (D) पाली
भांड़ाशाह जैन मंदिर बीकानेर जिले में स्थित है। इसका निर्माण 15वीं शताब्दी में हुआ था और इसे 5वें तीर्थंकर सुमतिनाथ को समर्पित किया गया है। मंदिर का निर्माण पूरी तरह देशी घी और चूने से किया गया था, जिससे यह विशेष बनता है। इसकी भव्य नक्काशी और वास्तुकला देखने योग्य है। यह मंदिर बीकानेर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और हर वर्ष यहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
107. किस मंदिर के निर्माण में उसकी नींव में सैकड़ों मण घी डाला गया था?
- (A) भांडाशाह जैन मंदिर
- (B) दिलवाड़ा जैन मंदिर
- (C) विमलशाही जैन मंदिर
- (D) रणकपुर जैन मंदिर
भांडाशाह जैन मंदिर बीकानेर में स्थित है और इसे भंडेश्वर संडेश्वर मंदिर भी कहा जाता है। इसका निर्माण राव लूणकरण के समय व्यापारी भांडाशाह ओसवाल ने करवाया था। मान्यता है कि मंदिर की नींव में सैकड़ों मण घी डाला गया था, जिससे इसकी मजबूती बढ़ी। मंदिर का निर्माण 1468 ई. में प्रारंभ होकर 1541 ई. में पूरा हुआ। यह मंदिर अपनी भव्य जैन प्रतिमाओं और नक्काशीदार वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है।
108. निम्न में से कौनसा मंदिर 'नागर शैली' में निर्मित नहीं है?
- (A) सोमेश्वर मंदिर (किराडू)
- (B) अम्बिका मंदिर (जगत)
- (C) रंगनाथ मंदिर (पुष्कर)
- (D) दधिमाता मंदिर (गोठ-मांगलोद)
रंगनाथ मंदिर, पुष्कर द्रविड़ शैली में बना है, इसलिए यह नागर शैली का नहीं है। यह मंदिर 1844 ई. में सेठ पूरनमल ने बनवाया था और यह राजस्थान का सबसे बड़ा द्रविड़ शैली का मंदिर माना जाता है। दूसरी ओर, सोमेश्वर मंदिर (किराडू), अम्बिका मंदिर (जगत) और दधिमाता मंदिर (गोठ-मांगलोद) सभी नागर या उसकी उपशैली महामारू में निर्मित हैं।
109. निम्न में से कौनसा मंदिर 'पंचायतन शैली' में निर्मित नहीं है?
- (A) ओसिया के मंदिर (जोधपुर)
- (B) भंडदेवरा शिव मंदिर (बारां)
- (C) जगदीश मंदिर (उदयपुर)
- (D) बढ़ादीत सूर्य मंदिर (कोटा)
ओसियां के मंदिर गुर्जर-प्रतिहार कालीन महामारू शैली में निर्मित हैं, न कि पंचायतन शैली में। पंचायतन शैली की विशेषता है कि मुख्य मंदिर के चारों ओर चार छोटे मंदिर बने होते हैं। भंडदेवरा शिव मंदिर (बारां), जगदीश मंदिर (उदयपुर) और बढ़ादीत सूर्य मंदिर (कोटा) पंचायतन शैली के प्रमुख उदाहरण हैं।
110. निम्न में से कौनसा मंदिर भूमिज शैली में निर्मित नहीं है?
- (A) उंडेश्वर मंदिर (बिजौलिया)
- (B) अम्बिका माता मंदिर (जगत)
- (C) महानालेश्वर मंदिर (मेनाल)
- (D) भंडदेवरा मंदिर (बारां)
जगत (उदयपुर) का अम्बिका माता मंदिर गुर्जर-प्रतिहार कालीन महामारू शैली में निर्मित है। जबकि उंडेश्वर मंदिर (बिजौलिया), महानालेश्वर मंदिर (मेनाल) और भंडदेवरा मंदिर (बारां) सभी भूमिज शैली के प्रमुख उदाहरण माने जाते हैं। भूमिज शैली नागर शैली की उपशैली है, जिसमें खुली छत वाले परिक्रमा पथ और जटिल शिखर बनाए जाते हैं।
111. एकलिंगनाथ जी मंदिर कहाँ पर स्थित है?
- (A) कैलाशपुरी (उदयपुर)
- (B) नागदा (उदयपुर)
- (C) कोटड़ा (उदयपुर)
- (D) जगत (उदयपुर)
एकलिंगनाथ जी का मंदिर उदयपुर जिले के कैलाशपुरी गाँव में स्थित है। इसका निर्माण 734 ई. में बप्पा रावल ने करवाया था। यहाँ स्थापित भगवान शिव की मूर्ति काले पत्थर की चौमुखी प्रतिमा है। मंदिर का कई बार जीर्णोद्वार हुआ, जिनमें प्रमुख रूप से महाराणा रायमल और मोकल का योगदान रहा। यह मंदिर मेवाड़ के शासकों का कुलदेवता स्थल माना जाता है।
112. कौनसा मंदिर राजस्थान में सर्वाधिक चढ़ावे वाला मंदिर है?
- (A) एकलिंग मंदिर (उदयपुर)
- (B) चारभुजा मंदिर (राजसमंद)
- (C) सांवलिया मंदिर (चित्तौड़)
- (D) श्रीनाथ जी मंदिर
सांवलिया सेठ का मंदिर चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित है और यह राजस्थान का सबसे अधिक चढ़ावे वाला मंदिर है। यह मंदिर भगवान कृष्ण को समर्पित है और यहाँ की प्रतिमा को अफीम तस्करों का संबल माना जाता है। मंदिर में आने वाले दान का उपयोग धार्मिक और सामाजिक कार्यों में किया जाता है। यहाँ जलझूलनी एकादशी पर विशाल मेला भरता है और लाखों श्रद्धालु आते हैं।
113. द्वारकाधीश मंदिर कहाँ पर स्थित है?
- (A) नाथद्वारा (राजसमंद)
- (B) कांकरोली (राजसमंद)
- (C) पाटनपोल (कोटा)
- (D) कामां (डीग)
द्वारकाधीश मंदिर कांकरोली (राजसमंद) में स्थित है और यह वल्लभ सम्प्रदाय का प्रमुख मंदिर है। इस मंदिर को राजस्थान का द्वारका भी कहा जाता है। यहाँ भगवान कृष्ण को द्वारकाधीश के रूप में पूजा जाता है। इस मंदिर का निर्माण 17वीं शताब्दी में हुआ और यह राजसमंद झील के किनारे स्थित है।
114. प्रसिद्ध बेणेश्वर धाम किस जिले में स्थित है?
- (A) उदयपुर
- (B) डूंगरपुर
- (C) राजसमंद
- (D) बाँसवाड़ा
बेणेश्वर धाम डूंगरपुर जिले में सोम और माही नदियों के संगम पर स्थित है। यह स्थल आदिवासियों का प्रमुख तीर्थ है और यहाँ हर वर्ष बेणेश्वर मेला भरता है, जिसे राजस्थान का सबसे बड़ा आदिवासी मेला कहा जाता है। यह मंदिर भगवान शिव और विष्णु दोनों को समर्पित है और यहाँ बड़ी संख्या में भील जनजाति पूजा करने आती है।
115. हरि मंदिर' कहलाने वाला संत मावजी का मंदिर कहाँ पर स्थित है?
- (A) साबला (डूंगरपुर)
- (B) अर्थना (बाँसवाड़ा)
- (C) सागवाड़ा (डूंगरपुर)
- (D) तलवाड़ा (बाँसवाड़ा)
हरि मंदिर' के नाम से प्रसिद्ध मावजी महाराज का मंदिर डूंगरपुर जिले के साबला में स्थित है। मावजी महाराज को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। उनकी शिक्षाओं और भक्ति का प्रभाव आज भी आदिवासी समुदाय पर देखा जा सकता है। मंदिर में मावजी द्वारा लिखित भविष्यवाणी ग्रंथ भी सुरक्षित हैं। यहाँ हर साल श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुँचते हैं।
116. उदयपुर के जगदीश मंदिर के शिल्पकार थे?
- (A) मंडन व ईश्वर
- (B) भाणा व मुकुन्द
- (C) अत्रि व महेश
- (D) बेलाक व भोज
उदयपुर का प्रसिद्ध जगदीश मंदिर महाराणा जगतसिंह प्रथम ने 1651 ई. में बनवाया था और इसके शिल्पकार भाणा व मुकुन्द थे। यह मंदिर पंचायतन शैली में बना है और भगवान विष्णु को समर्पित है। मंदिर का मुख्य शिखर 79 फीट ऊँचा है, जबकि इसके गर्भगृह में भगवान विष्णु की चारभुजा वाली प्रतिमा स्थापित है। यह उदयपुर का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध मंदिर है।
117. विजय राज राजेश्वर मंदिर किस जिले में स्थित हैं?
- (A) बाँसवाड़ा
- (B) उदयपुर
- (C) डूंगरपुर
- (D) राजसमंद
विजय राज राजेश्वर मंदिर डूंगरपुर जिले के गैपसागर तालाब के तट पर स्थित है। यह एक प्रसिद्ध शिव मंदिर है। इसका निर्माण डूंगरपुर के महारावल विजयसिंह ने शुरू करवाया और उनके पुत्र महारावल लक्ष्मण सिंह ने 1923 ई. में इसे पूरा करवाया। यह मंदिर अपनी भव्यता और शांति के लिए प्रसिद्ध है और डूंगरपुर की धार्मिक पहचान का प्रतीक माना जाता है।
118. भंडदेवरा के शिव मंदिर किस जिले में स्थित हैं?
- (A) बारां
- (B) कोटा
- (C) चित्तौड़गढ़
- (D) बूंदी
भंडदेवरा का शिव मंदिर बारां जिले में स्थित है। इसे अक्सर हाड़ौती का खजुराहो कहा जाता है क्योंकि यहाँ अनेक मूर्तियाँ मिथुन मुद्रा में अंकित की गई हैं। यह मंदिर मारू-गुर्जर स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसका निर्माण 10वीं शताब्दी में हुआ था और यह मंदिर पर्यटकों के साथ-साथ कला प्रेमियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है।
119. बूढ़ादीत सूर्य मंदिर किस जिले में स्थित है?
- (A) बूंदी
- (B) बारां
- (C) झालावाड़
- (D) कोटा
बूढ़ादीत सूर्य मंदिर कोटा जिले में स्थित है। यह राजस्थान के प्रमुख सूर्य मंदिरों में से एक है। इस मंदिर की वास्तुकला गुप्तकालीन शैली से प्रेरित है। यहाँ सूर्य देव की प्रतिमा रथ पर सवार होकर दर्शाई गई है। मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और स्थानीय लोग यहाँ प्रतिवर्ष विशेष पर्वों पर पूजा-अर्चना करते हैं।
120. एकलिंगनाथ जी मंदिर (कैलाशपुरी) के बारे में निम्न में से असत्य कथन है?
- (A) ये मेवाड़ के गुहिल वंश के कुल देवता का मंदिर है।
- (B) यह वल्लभ सम्प्रदाय का मंदिर है।
- (C) इसका निर्माण बप्पा रावल ने 734 ई. में करवाया था।
- (D) यहाँ स्थित शिवलिंग पर चार मुख (चतुर्मुख शिवलिंग) बने हुए हैं।
एकलिंगनाथ जी मंदिर वल्लभ सम्प्रदाय का मंदिर नहीं है, बल्कि यह लकुलिश/पाशुपत सम्प्रदाय का मंदिर है। यह मंदिर उदयपुर के कैलाशपुरी में स्थित है और मेवाड़ के शासकों का कुलदेवता स्थल माना जाता है। इसका निर्माण बप्पा रावल ने 734 ई. में करवाया था। मंदिर का जीर्णोद्धार कई बार हुआ और वर्तमान स्वरूप इसे महाराणा रायमल ने दिया।
राजस्थान के मंदिर MCQ – सभी भाग:
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