राजस्थान के मंदिर MCQ Questions with Answers

राजस्थान के मंदिर MCQ (Temples of Rajasthan) – Part 7

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के मंदिर से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।

इन प्रश्नों में बाड़ोली शिव मंदिर चित्तौड़गढ़, गुप्तेश्वर महादेव उदयपुर, अम्बिका माता का मंदिर उदयपुर, सांवलिया सेठ का मंदिर चित्तौड़गढ़, चारभुजा नाथ मंदिर राजसमंद, विजय राज राजेश्वर मंदिर डूंगरपुर, सास-बहु का मंदिर उदयपुर, घोटिया अंबा माता का मंदिर बाँसवाड़ा, खड़ा गणेश मंदिर कोटा आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान के मंदिर
  • कुल प्रश्न: 20
  • Last Updated:

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121. जैन धर्म का वह प्रसिद्ध मंदिर, जिसे भील समुदाय 'काला बावजी / कालाजी' के नाम से मानते हैं?

  • (A) केसरियानाथ जी (धुलैव)
  • (B) सहस्रबाहु मंदिर (नागदा)
  • (C) एकलिंग जी (कैलाशपुरी)
  • (D) जगदीश मंदिर (उदयपुर)

केसरियानाथ जी का मंदिर (धुलैव) ऋषभदेव को समर्पित है और भील समुदाय इन्हें 'काला बावजी' या 'कालाजी' कहकर पूजता है।यहाँ स्थापित प्रतिमा काले पत्थर की बनी हुई है, जिसके कारण यह नाम पड़ा। भील समुदाय 'कालाजी की आण' को सर्वोच्च मानता है और मान्यता है कि इनकी शपथ लेने के बाद कोई झूठ नहीं बोल सकता। यह स्थान आदिवासी आस्था का प्रमुख केंद्र है।

122. बाड़ोली शिव मंदिर स्थित है?

  • (A) भैंसरोड़गढ़ (चित्तौड़गढ़)
  • (B) कोटा
  • (C) जहाजपुर (भीलवाड़ा)
  • (D) गागरोन (झालावाड़)

बाड़ोली शिव मंदिर चित्तौड़गढ़ जिले के भैंसरोड़गढ़ क्षेत्र में स्थित है। यह मंदिर 9वीं शताब्दी में हूण शासक तोरमाण के पुत्र मिहिरकुल द्वारा बनवाया गया था। यह मंदिर पंचायतन शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है और राजस्थान के ऐतिहासिक शिव मंदिरों में से एक माना जाता है। इसकी नक्काशी और स्थापत्य कला इसे विशेष महत्व प्रदान करती है।

123. गुप्तेश्वर महादेव कहाँ पर स्थित हैं?

  • (A) चित्तौड़गढ़
  • (B) राजसमंद
  • (C) डूंगरपुर
  • (D) उदयपुर

गुप्तेश्वर महादेव उदयपुर जिले में स्थित है और इसे 'मेवाड़ का अमरनाथ' भी कहा जाता है। यह एक गुफा मंदिर है, जिसमें प्राकृतिक शिवलिंग की पूजा की जाती है। यहाँ वर्षा ऋतु के समय प्राकृतिक जलधारा शिवलिंग पर गिरती रहती है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है। यह स्थान धार्मिक आस्था और पर्यटन दोनों दृष्टियों से प्रसिद्ध है।

124. अम्बिका माता का मंदिर स्थित है?

  • (A) गोगुन्दा (उदयपुर)
  • (B) धुलैव (उदयपुर)
  • (C) जगत (उदयपुर)
  • (D) सेमारी (सलूम्बर)

अम्बिका माता का मंदिर उदयपुर जिले के जगत गाँव में स्थित है। यह मंदिर 10वीं शताब्दी में बना था और इसे 'राजस्थान का खजुराहो' भी कहा जाता है। मंदिर में देवी अम्बिका की मूर्ति के साथ अनेक कलात्मक मूर्तियाँ और शिल्पकला देखी जा सकती है। यह मंदिर गुर्जर प्रतिहार कालीन महामारू शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है।

125. चित्तौड़ किले में स्थित सतबीस देवरी है?

  • (A) एक जैन मंदिर
  • (B) वैष्णव मंदिर
  • (C) माता का मंदिर
  • (D) नाथ सम्प्रदाय का मंदिर

चित्तौड़गढ़ किले में स्थित सतबीस देवरी एक जैन मंदिर है। इसका निर्माण गुर्जर प्रतिहार काल में हुआ था। मंदिर का नाम 'सतबीस देवरी' इसलिए पड़ा क्योंकि यहाँ 27 छोटे-छोटे देवालय बने हुए हैं। यह स्थान जैन धर्मावलंबियों के लिए महत्वपूर्ण तीर्थ है और इसकी स्थापत्य कला अपने आप में अद्वितीय है।

126. सांवलिया मन्दिर स्थित हैं?

  • (A) मंडफिया (चित्तौड़गढ़)
  • (B) नवाटापुरा (डूंगरपुर)
  • (C) जगत (उदयपुर)
  • (D) कांकरोली (राजसमंद)

सांवलिया सेठ का मंदिर चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया में स्थित है। यह भगवान कृष्ण को समर्पित है। यहाँ स्थापित प्रतिमा को 'सांवलिया जी' कहा जाता है। यह मंदिर राजस्थान के सबसे बड़े दानदात्री मंदिरों में से एक है और इसे 'अफीम तस्करों का मंदिर' भी कहा जाता है। यहाँ हर वर्ष जलझूलनी एकादशी पर भव्य मेला आयोजित होता है।

127. निम्न में से किस स्थान को 'मेवाड़ का हरिद्वार' के नाम से जाना जाता हैं?

  • (A) मातृकुंडिया (चितौड़गढ़)
  • (B) चारभुजा (राजसमंद)
  • (C) जगत (उदयपुर)
  • (D) कैलाशपुरी (उदयपुर)

चित्तौड़गढ़ जिले का मातृकुंडिया स्थान 'मेवाड़ का हरिद्वार' कहलाता है। यहाँ मंदलेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर और अनेक छोटे-छोटे मंदिर बने हुए हैं। यह स्थान चंद्रभागा और बेडच नदियों के संगम पर स्थित है, जिससे इसे विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त हुआ। श्रावण और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहाँ विशाल मेला भरता है। इसे मेवाड़ का हरिद्वार इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं।

128. डूंगरपुर में शिव ज्ञानेश्वर शिवालय का निर्माण किसने करवाया था?

  • (A) महारावल आसकरण
  • (B) राजा मंडलीक
  • (C) महारावल शिवसिंह
  • (D) महारावल जगमाल

डूंगरपुर का शिव ज्ञानेश्वर शिवालय महारावल शिवसिंह द्वारा बनवाया गया था। यह मंदिर अपनी स्थापत्य कला और धार्मिक महत्ता के लिए प्रसिद्ध है। महारावल शिवसिंह डूंगरपुर राज्य के एक शक्तिशाली शासक थे और उन्होंने अनेक धार्मिक स्थलों का निर्माण करवाया। यह मंदिर गैपसागर झील के समीप स्थित है और आज भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है।

129. उदयपुर के जगदीश मंदिर के बारे में निम्न में से असत्य कथन है?

  • (A) यह मंदिर पंचायतन शैली में बना है।
  • (B) इसका निर्माण जगतसिंह द्वितीय ने 1751 ई. में करवाया था।
  • (C) इसे 'सपनों में बना मंदिर' कहा जाता है।
  • (D) औरंगजेब के आक्रमण के समय इस मंदिर को बचाने के लिए 'नारू जी बारहठ' अपने 20 साथियों सहित वीरगति को प्राप्त हुए थे।

जगदीश मंदिर का निर्माण 1651 ई. में महाराणा जगतसिंह प्रथम ने करवाया था, न कि जगतसिंह द्वितीय ने। यह मंदिर उदयपुर में स्थित है और पंचायतन शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसे 'सपनों का मंदिर' भी कहा जाता है क्योंकि इसकी मूर्ति के बारे में मान्यता है कि यह शिल्पकार द्वारा नहीं बनाई गई, बल्कि स्वप्न के निर्देश पर प्राप्त हुई थी। औरंगजेब के आक्रमण के समय इस मंदिर की रक्षा में नारू जी बारहठ और उनके साथी शहीद हुए थे।

130. प्रसिद्ध चारभुजा नाथ मंदिर कहाँ स्थित है?

  • (A) कांकरोली (राजसमंद)
  • (B) केलवाड़ा (राजसमंद)
  • (C) गढ़बोर (राजसमंद)
  • (D) केलवा (राजसमंद)

चारभुजा नाथ मंदिर राजसमंद जिले के गढ़बोर गाँव में स्थित है। यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। यहाँ स्थापित मूर्ति में भगवान विष्णु के चार हाथ हैं, जिनमें शंख, चक्र, गदा और पद्म धारण किए हुए हैं। यह मंदिर मेवाड़ के चार प्रमुख धामों में गिना जाता है। भाद्रपद शुक्ल एकादशी पर यहाँ विशाल मेला भरता है और हजारों भक्त दर्शन करने आते हैं।

131. वह मंदिर जहाँ खंडित शिवलिंग की पूजा होती है?

  • (A) बेणेश्वर (डूंगरपुर)
  • (B) कैलाशपुरी (उदयपुर)
  • (C) परशुराम गुफा (राजसमंद)
  • (D) सैपऊ महादेव (धौलपुर)

डूंगरपुर जिले का बेणेश्वर धाम वह स्थान है जहाँ खंडित शिवलिंग की पूजा की जाती है। यहाँ माही, सोम और जाखम नदियों का संगम है, जिससे यह स्थान विशेष धार्मिक महत्व रखता है। आदिवासी समाज इसे अपना प्रमुख तीर्थ मानता है। यहाँ माघ पूर्णिमा पर विशाल मेला भरता है, जिसे 'आदिवासियों का कुंभ' भी कहा जाता है।

132. डूंगरपुर में स्थित विजय राज राजेश्वर मंदिर का निर्माण प्रारंभ किसने करवाया था?

  • (A) महारावल लक्ष्मणसिंह
  • (B) महारावल शिवसिंह
  • (C) महाराणा राजसिंह
  • (D) महारावल विजयसिंह

विजय राज राजेश्वर मंदिर डूंगरपुर में गैपसागर झील के तट पर स्थित है। इसका निर्माण महारावल विजयसिंह ने शुरू करवाया था। बाद में इसे उनके पुत्र महारावल लक्ष्मण सिंह ने 1923 ई. में पूरा करवाया। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और अपनी भव्यता एवं शांति के लिए प्रसिद्ध है। डूंगरपुर की धार्मिक पहचान में इसका विशेष महत्व है।

133. सास-बहु का मंदिर स्थित है?

  • (A) चित्तौड़गढ़ किला
  • (B) चारभुजा (राजसमंद)
  • (C) नागदा (उदयपुर)
  • (D) आहड़ (उदयपुर)

सास-बहु का मंदिर उदयपुर जिले के नागदा गाँव में स्थित है। यह विष्णु भगवान को समर्पित है। यहाँ दो मंदिर बने हैं – बड़ा मंदिर 'सास' कहलाता है और छोटा मंदिर 'बहु' कहलाता है। इन मंदिरों की दीवारों और स्तंभों पर अद्भुत नक्काशी की गई है। यह मंदिर 10वीं शताब्दी में निर्मित माना जाता है और राजस्थान की कला का उत्कृष्ट उदाहरण है।

134. बाड़ोली शिव मंदिर का निर्माण किसने करवाया था?

  • (A) वत्सराज प्रतिहार
  • (B) मिहिरकुल
  • (C) महाराणा कुम्भा
  • (D) परमार राजा भोज

बाड़ोली शिव मंदिर का निर्माण हूण शासक मिहिरकुल ने करवाया था। यह मंदिर चित्तौड़गढ़ जिले के भैंसरोड़गढ़ क्षेत्र में स्थित है और पंचायतन शैली में निर्मित है। इसे गुर्जर प्रतिहार काल से जोड़ा जाता है। मंदिर की कलात्मकता और स्थापत्य शैली इसे विशेष महत्व प्रदान करती है। यहाँ से नटराज की मूर्ति चोरी होने की घटना भी दर्ज है, जिसे कुख्यात तस्कर बामन नारायण घीया ने चुराया था।

135. चित्तौड़ किले में स्थित कौनसा मंदिर परमारकालीन स्थापत्य शैली का उदाहरण है?

  • (A) कालिका माता मंदिर
  • (B) कुंभश्याम मंदिर
  • (C) मीराबाई मंदिर
  • (D) समीधेश्वर मंदिर

चित्तौड़गढ़ किले में स्थित समीधेश्वर मंदिर परमार कालीन स्थापत्य शैली का प्रमुख उदाहरण है। इसका निर्माण राजा भोज द्वारा करवाया गया था। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और बाद में इसका जीर्णोद्धार महाराणा मोकल ने करवाया। इसमें त्रिमुखी शिवलिंग स्थापित है। मंदिर की भव्यता और ऐतिहासिक महत्व इसे चित्तौड़गढ़ के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में शामिल करता है।

136. बेणेश्वर धाम में मेला कब भरता है?

  • (A) चैत्र अमावस्या
  • (B) कार्तिक पूर्णिमा
  • (C) माघ पूर्णिमा
  • (D) श्रावण अमावस्या

बेणेश्वर धाम में मेला हर साल माघ पूर्णिमा को भरता है। इसे 'आदिवासियों का कुंभ' भी कहा जाता है। यह मेला डूंगरपुर जिले में माही, सोम और जाखम नदियों के संगम स्थल पर आयोजित होता है। यहाँ आदिवासी समाज बड़ी श्रद्धा से आता है और धार्मिक अनुष्ठान करता है। यह राजस्थान का सबसे बड़ा आदिवासी मेला है और इसकी सामाजिक-धार्मिक पहचान अद्वितीय है।

137. नागदा का सहस्रबाहु मंदिर अन्य किन नामों से जाना जाता है?

  • (A) अद्बद जी का मंदिर व खुमाण रावल का देवरा
  • (B) धुलैव का धणी व काला बाव जी का मंदिर
  • (C) संझया मंदिर व मेवाड़ का वारिनाथ
  • (D) सपनों का मंदिर व अफीम तस्करों का मंदिर

नागदा का सहस्रबाहु मंदिर 10वीं शताब्दी का ऐतिहासिक स्थल है। इसे अद्बद जी का मंदिर और खुमाण रावल का देवरा भी कहा जाता है। यहाँ दो प्रमुख मंदिर स्थित हैं। बड़ा मंदिर सास का मंदिर कहलाता है और इसके चारों ओर सहायक देव मंदिर बने हैं। छोटा मंदिर बहु का मंदिर कहलाता है जो पंचायतन शैली में निर्मित है। यह स्थान नागदा की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

138. बेणेश्वर मेला निम्न में से किस नाम से नहीं जाना जाता?

  • (A) आदिवासियों का कुंभ
  • (B) बागड़ का कुंभ
  • (C) बागड़ का पुष्कर
  • (D) मेवाड़ का हरिद्वार

बेणेश्वर मेला डूंगरपुर जिले में माही, सोम और जाखम नदियों के संगम पर भरता है। इसे आदिवासियों का कुंभ, बागड़ का पुष्कर और बागड़ का कुंभ कहा जाता है। यह राजस्थान का सबसे बड़ा आदिवासी मेला है। परंतु इसे 'मेवाड़ का हरिद्वार' नहीं कहा जाता। 'मेवाड़ का हरिद्वार' तो मातृकुंडिया (चित्तौड़गढ़) को कहा जाता है।

139. घोटिया अंबा माता का मंदिर स्थित है?

  • (A) कोटा
  • (B) डूंगरपुर
  • (C) बाँसवाड़ा
  • (D) प्रतापगढ़

घोटिया अंबा माता का मंदिर बाँसवाड़ा जिले में स्थित है। यह मंदिर आदिवासी समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहाँ देवी अंबा की विशेष पूजा-अर्चना होती है। नवरात्र के अवसर पर यहाँ भव्य मेले का आयोजन किया जाता है जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं। यह स्थान लोक संस्कृति और धार्मिक महत्व दोनों दृष्टियों से महत्त्वपूर्ण है।

140. खड़ा गणेश मंदिर कहाँ पर स्थित है?

  • (A) बीकानेर
  • (B) कोटा
  • (C) जोधपुर
  • (D) अलवर

खड़ा गणेश मंदिर कोटा में स्थित है। यह मंदिर भगवान गणेश को समर्पित है और इसकी विशेषता यह है कि यहाँ भगवान गणेश की मूर्ति खड़ी अवस्था में है, जो अन्यत्र विरल है। यहाँ प्रत्येक बुधवार और गणेश चतुर्थी को बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। यह कोटा का एक प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है।

राजस्थान के मंदिर MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6 | Part 7 | Part 8 | Part 9 | Part 10 | Part 11 | Part 12 | Part 13 | Part 14 | Part 15 | Part 16 | Part 17 | Part 18 | Part 19

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