राजस्थान के मंदिर MCQ (Temples of Rajasthan) – Part 8
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के मंदिर से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।
इन प्रश्नों में मंडलेश्वर महादेव मंदिर बाँसवाड़ा, सारणेश्वर महादेव मंदिर सिरोही, गड़गच्च देवालय बारां, गरड़िया महादेव मंदिर बूंदी, बोहरा गणेश मंदिर उदयपुर, सैपऊ महादेव मंदिर धौलपुर, काकुनी शिव मंदिर बारां, भंडदेवरा का शिव मंदिर बारां, नन्दिनी माता का मंदिर बाँसवाड़ा, कुम्भश्याम मंदिर चित्तौड़गढ़ आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान के मंदिर
- कुल प्रश्न: 20
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141. भगवान कुंथुनाथ दिगंबर जैन मंदिर कहाँ पर स्थित है?
- (A) नाडोल (पाली)
- (B) फालना (पाली)
- (C) आबू (सिरोही)
- (D) रानीवाड़ा (जालौर)
भगवान कुंथुनाथ दिगंबर जैन मंदिर आबू (सिरोही) में स्थित है। यह मंदिर जैन धर्म के 17वें तीर्थंकर कुंथुनाथ को समर्पित है। आबू पर्वत क्षेत्र प्राचीनकाल से ही जैन संस्कृति का प्रमुख केंद्र रहा है। यहाँ दिलवाड़ा के प्रसिद्ध मंदिर भी स्थित हैं। यह मंदिर अपनी स्थापत्य कला और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
142. बेणेश्वर धाम में मंदिर का निर्माण किसने करवाया था?
- (A) महारावल पुंजराज
- (B) महारावल आसकरण
- (C) महारावल उदयसिंह
- (D) महारावल शिवसिंह
बेणेश्वर धाम का मंदिर महारावल आसकरण ने बनवाया था। इस धाम की स्थापना संत मावजी ने 1727 ई. में की थी। यहाँ भगवान विष्णु का मंदिर स्थित है और इसे आदिवासियों का प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है। प्रतिवर्ष माघ पूर्णिमा पर यहाँ विशाल मेला भरता है, जिसे 'आदिवासियों का कुंभ' कहा जाता है।
143. मंडलेश्वर महादेव मंदिर स्थित है?
- (A) अर्दूना (बाँसवाड़ा)
- (B) अरनोद (प्रतापगढ़)
- (C) साबला (डूंगरपुर)
- (D) अटरू (बारां)
मंडलेश्वर महादेव मंदिर बाँसवाड़ा जिले के अर्दूना गाँव में स्थित है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और प्राचीन स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण है। यहाँ महाशिवरात्रि पर विशेष मेले का आयोजन होता है। स्थानीय आदिवासी समाज इसे अपने प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिनता है।
144. राजस्थान का एकमात्र मंदिर, जो दुर्ग के रूप में परकोटे से घिरा है एवं सिरोही जिले में स्थित है?
- (A) अचलेश्वर महादेव मंदिर
- (B) सारणेश्वर महादेव मंदिर
- (C) दिलवाड़ा जैन मंदिर
- (D) बाजणा गणेश मंदिर
सारणेश्वर महादेव मंदिर सिरोही जिले में स्थित है और यह दुर्गनुमा परकोटे से घिरा राजस्थान का एकमात्र मंदिर है। इसका निर्माण महाराव दुर्जनशाल ने करवाया था। यहाँ देवड़ा राजकुल की कुलदेवी का मंदिर भी स्थित है। यह मंदिर स्थापत्य कला और सुरक्षा की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
145. वह स्थान जहाँ 10वीं शताब्दी के जैन मंदिरों का समूह है, जिसे 'तपागच्छ की उद्भव स्थली' के रूप में जाना जाता है?
- (A) नागदा
- (B) आहड़
- (C) गोगुन्दा
- (D) जावर
आहड़ (उदयपुर) में 10वीं शताब्दी के जैन मंदिरों का समूह स्थित है। इसे 'तपागच्छ की उद्भव स्थली' कहा जाता है। आहड़ न केवल जैन धर्म की दृष्टि से बल्कि मेवाड़ की प्राचीन राजधानी और पुरातात्विक अवशेषों के कारण भी प्रसिद्ध है। यहाँ के मंदिर और स्थापत्य उस काल की धार्मिक गतिविधियों का परिचायक हैं।
146. भंडदेवरा के शिव मंदिर किस शैली में निर्मित हैं?
- (A) पंचायतन शैली
- (B) नागर शैली
- (C) द्रविड़ शैली
- (D) बेसर शैली
भंडदेवरा का शिव मंदिर पंचायतन शैली में निर्मित है। यह मंदिर बारां जिले के रामगढ़ क्षेत्र में स्थित है और इसे 'हाड़ौती का खजुराहो' भी कहा जाता है। यहाँ की मूर्तियों में मिथुन मुद्राएँ उकेरी गई हैं। यह मंदिर 10वीं शताब्दी का उत्कृष्ट स्थापत्य उदाहरण है और राजस्थान की कला व संस्कृति का गौरव बढ़ाता है।
147. गड़गच्च देवालय कहाँ पर स्थित है?
- (A) रामगढ़ (बारां)
- (B) अटरू (बारा)
- (C) इन्द्रगढ़ (बूंदी)
- (D) अर्दूना (बाँसवाड़ा)
गड़गच्च देवालय बारां जिले के अटरू कस्बे में स्थित है। यह मंदिर धार्मिक आस्था और स्थानीय लोकविश्वास का प्रमुख केंद्र है। यहाँ हर वर्ष धार्मिक मेलों और उत्सवों का आयोजन होता है। स्थानीय जन इसे शक्ति और भक्ति का प्रतीक मानते हैं। यह देवालय क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है और ग्रामीण समाज में विशेष महत्व रखता है।
148. गरड़िया महादेव मंदिर किस जिले में स्थित है?
- (A) बूंदी
- (B) कोटा
- (C) झालावाड़
- (D) बारां
गरड़िया महादेव मंदिर बूंदी जिले की तालेड़ तहसील के खड़ीपुरा ग्राम पंचायत में स्थित है। यह मंदिर चम्बल नदी के किनारे एक ऊँची चट्टान पर बसा हुआ है। यहाँ से घाटी और चम्बल नदी का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है। प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक आस्था के कारण यह मंदिर पर्यटकों और श्रद्धालुओं दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
149. महाराणा राजसिंह द्वारा निर्मित बोहरा गणेश मंदिर स्थित है?
- (A) राजनगर
- (B) उदयपुर
- (C) चित्तौड़गढ़
- (D) नाथद्वारा
बोहरा गणेश मंदिर उदयपुर में स्थित है। इसका निर्माण महाराणा राजसिंह ने करवाया था। यहाँ भगवान गणेश की विशाल प्रतिमा स्थापित है। मंदिर को 'बोहरा गणेश' इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहाँ लोग विशेष रूप से धन और व्यापार में वृद्धि की कामना से आते हैं। गणेश चतुर्थी के अवसर पर यहाँ भारी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होते हैं।
150. सैपऊ महादेव मंदिर स्थित है?
- (A) करौली
- (B) अलवर
- (C) भरतपुर
- (D) धौलपुर
सैपऊ महादेव मंदिर धौलपुर जिले में स्थित है। यह मंदिर प्राचीन स्थापत्य और धार्मिक महत्त्व के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ का वातावरण शांत और पवित्र माना जाता है। शिवरात्रि और श्रावण मास में यहाँ विशेष पूजा-अर्चना होती है और श्रद्धालुओं का मेला भरता है।
151. काकुनी शिव मंदिर कहाँ पर स्थित है?
- (A) बारां
- (B) कोटा
- (C) अलवर
- (D) बूंदी
काकुनी शिव मंदिर बारां जिले में स्थित है। यह प्राचीन मंदिर स्थापत्य और धार्मिक दृष्टि से प्रसिद्ध है। यहाँ पर शिवरात्रि और सावन के महीनों में विशेष आयोजन होते हैं। यह मंदिर बारां जिले के ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों में गिना जाता है।
152. बेणेश्वर धाम की स्थापना किसने की थी?
- (A) गवरी बाई
- (B) बप्पा रावल
- (C) संत दुर्लभ जी
- (D) मावजी
बेणेश्वर धाम की स्थापना संत मावजी ने की थी। यह डूंगरपुर जिले में सोम, माही और जाखम नदियों के संगम पर स्थित है। संत मावजी को आदिवासियों का कृष्ण अवतार माना जाता है। प्रतिवर्ष माघ पूर्णिमा पर यहाँ 'आदिवासियों का कुंभ' कहलाने वाला मेला भरता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं।
153. भंडदेवरा के शिव मंदिर (बारा) का निर्माण किसने करवाया था?
- (A) महारावल लक्ष्मण सिंह
- (B) रानी फूल कंवर
- (C) राजा मलय वर्मा
- (D) दुर्जनशाल
भंडदेवरा का शिव मंदिर बारां जिले में राजा मलय वर्मा ने बनवाया था। यह मंदिर पंचायतन शैली में बना हुआ है और अपनी शिल्पकला तथा मूर्तियों के कारण 'हाड़ौती का खजुराहो' कहलाता है। इसमें मिथुन मुद्राओं की मूर्तियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।
154. नन्दिनी माता का मंदिर कहाँ पर स्थित है?
- (A) कन्सुआ (कोटा)
- (B) तलवाड़ा (बाँसवाड़ा)
- (C) बड़ोदिया (बाँसवाड़ा)
- (D) डाबी (बूंदी)
नन्दिनी माता का मंदिर बाँसवाड़ा जिले के बड़ोदिया गाँव में स्थित है। यह मंदिर स्थानीय समाज और विशेष रूप से आदिवासी वर्ग के लिए आस्था का प्रमुख स्थल है। यहाँ नवरात्रि और अन्य अवसरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।
155. चित्तौड़गढ़ किले में स्थित कुम्भश्याम मंदिर के बारे में निम्न में से असत्य कथन है?
- (A) यह मूलतः शिव मंदिर था, बाद में इसे वैष्णव मंदिर बनाया गया
- (B) कुम्भा ने 1449 ई. में इसका जीर्णोद्धार करवाया
- (C) इसमें विष्णु के वराह अवतार की प्रतिमा स्थापित है
- (D) यह मंदिर परमारकालीन मारूगुर्जर शैली में निर्मित है
कुम्भश्याम मंदिर चित्तौड़गढ़ किले में स्थित है। यह मूलतः शिव मंदिर था, बाद में इसे वैष्णव मंदिर बनाया गया। महाराणा कुम्भा ने 1449 ई. में इसका जीर्णोद्धार करवाया था। इसमें विष्णु के वराह अवतार की प्रतिमा भी स्थापित है। लेकिन इसे परमारकालीन मारूगुर्जर शैली में नहीं, बल्कि प्रतिहारकालीन महामारू शैली में निर्मित माना जाता है।
156. कंवलेश्वर महादेव मंदिर स्थित है?
- (A) कोटा
- (B) इन्द्रगढ़ (बूंदी)
- (C) डूंगरपुर
- (D) सौरसन (बारां)
कंवलेश्वर महादेव मंदिर बूंदी जिले के इन्द्रगढ़ में चाकण नदी के किनारे स्थित है। यह मंदिर नागर शैली में निर्मित है और इसका निर्माण चौहान शासक हम्मीर के पिता जैत्रसिंह ने करवाया था। यहाँ धार्मिक महत्त्व के साथ-साथ स्थापत्य कला का भी सुंदर उदाहरण देखने को मिलता है। सावन और महाशिवरात्रि के समय यहाँ विशेष पूजा-अर्चना और मेले का आयोजन होता है।
157. बासथूनी शिवालय किस जिले में स्थित है?
- (A) बारा
- (B) कोटा
- (C) झालावाड़
- (D) बूंदी
बासथूनी शिवालय बारां जिले में स्थित है। यह प्राचीन शिव मंदिर स्थापत्य और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। मंदिर में स्थापित शिवलिंग को अत्यंत पवित्र माना जाता है और स्थानीय श्रद्धालु यहाँ विशेष अवसरों पर पूजा करने आते हैं।
158. अर्थना के जैन मंदिर किस जिले में स्थित है?
- (A) चित्तौड़गढ़
- (B) डूंगरपुर
- (C) बूंदी
- (D) बाँसवाड़ा
अर्थना जैन मंदिर बाँसवाड़ा जिले में स्थित हैं। यह स्थान पहले परमारों की राजधानी रहा है। 11वीं व 12वीं शताब्दी में वागड़ के परमार शासकों ने इन मंदिरों का निर्माण करवाया। यहाँ खुदाई में शिव, वैष्णव और जैन धर्म से जुड़ी अनेक मूर्तियाँ मिली हैं। मंदिर ऐतिहासिक और स्थापत्य दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
159. राजस्थान में तिथियुक्त मंदिरों में सबसे प्राचीन मंदिर है?
- (A) शीतलेश्वर महादेव मंदिर, झालरापाटन
- (B) चाँदखेड़ी जैन मंदिर, झालावाड़
- (C) घुश्मेश्वर महादेव मंदिर, सवाई माधोपुर
- (D) काकूनी शिव मंदिर, बारां
शीतलेश्वर महादेव मंदिर, झालरापाटन (झालावाड़) राजस्थान का सबसे प्राचीन तिथियुक्त मंदिर माना जाता है। इसका निर्माण 689 ईस्वी में राजा दुर्माण के सामंत वापक ने करवाया था। यह गुप्तकालीन मंदिर चंद्रभागा नदी के किनारे स्थित है। मंदिर का ऐतिहासिक महत्व इसे राजस्थान की प्राचीन धरोहरों में विशेष स्थान दिलाता है।
160. मंडलेश्वर महादेव मंदिर (अर्थाना) का निर्माण किसने करवाया था?
- (A) चामुण्डाराज
- (B) राजा मलय वर्मा
- (C) दुर्जनशाल
- (D) विजयराज
मंडलेश्वर महादेव मंदिर (अर्थाना) का निर्माण चामुण्डाराज ने करवाया था। यह मंदिर स्थापत्य कला और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। यहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिवरात्रि और सावन के महीने में पूजा के लिए आते हैं।
राजस्थान के मंदिर MCQ – सभी भाग:
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