राजस्थान के मेले व महोत्सव MCQ Questions with Answers

राजस्थान के मेले व महोत्सव MCQ (Fairs and Festivals of Rajasthan) – Part 1

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के मेले व महोत्सव से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।

इन प्रश्नों में पुष्कर मेला अजमेर, कानन मेला बाड़मेर, करणी माता का प्रसिद्ध मेला बीकानेर, बादशाह का प्रसिद्ध मेला अजमेर, सारणेश्वर पशु मेला सिरोही, डोल मेला बारां, जसवंत प्रदर्शनी और पशु मेला भरतपुर, बाणगंगा मेला जयपुर, तेरहताली नृत्य रामदेवरा आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान के मेले व महोत्सव
  • कुल प्रश्न: 20
  • Last Updated:

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1. राजस्थान प्रसिद्ध पुष्कर मेला किस माह में लगता है?

  • (A) पौष
  • (B) ज्येष्ठ
  • (C) वैशाख
  • (D) कार्तिक

पुष्कर मेला अजमेर जिले के पुष्कर में कार्तिक पूर्णिमा पर आयोजित होता है। इसे राजस्थान का सबसे बड़ा और रंगीन मेला कहा जाता है। इस मेले में ऊँटों और अन्य पशुओं का विशाल व्यापार होता है। धार्मिक दृष्टि से यह मेला अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी समय पवित्र पुष्कर सरोवर में स्नान और पूजा का आयोजन होता है।

2. दीपदान परंपरा का सम्बन्ध किस पवित्र शहर से है?

  • (A) पुष्कर
  • (B) सालासर
  • (C) खाटू श्याम
  • (D) गोगामेड़ी

दीपदान परंपरा पुष्कर से जुड़ी हुई है। कार्तिक पूर्णिमा पर पुष्कर मेला भरता है और इसी समय पवित्र सरोवर के किनारे दीपदान किया जाता है। शाम को आरती और दीपदान का दृश्य अत्यंत अद्भुत और धार्मिक महत्व वाला होता है। इस परंपरा को देखने के लिए हजारों श्रद्धालु और पर्यटक एकत्रित होते हैं।

3. निम्नलिखित में से राजस्थान का कौनसा जिला 'कानन मेला' से संबंधित है?

  • (A) टोंक
  • (B) करौली
  • (C) बाड़मेर
  • (D) उदयपुर

कानन मेला बाड़मेर जिले के कनाणा गांव में शीतलाष्टमी पर आयोजित होता है। इस मेले में लोकनृत्यों का अनूठा संगम देखने को मिलता है, विशेषकर गैर नृत्य यहाँ प्रमुख होता है। बाड़मेर के अन्य प्रसिद्ध मेलों में नाकोड़ा मेला (पौष कृष्ण दशमी), सूईया मेला (चोहटन, पौष अमावस्या) और थार महोत्सव (फरवरी) भी शामिल हैं। यह मेला धार्मिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है।

4. करणी माता' का मेला कहाँ लगता है?

  • (A) पाली
  • (B) अजमेर
  • (C) बीकानेर
  • (D) जोधपुर

करणी माता का प्रसिद्ध मेला बीकानेर जिले के देशनोक कस्बे में आयोजित होता है। यह वर्ष में दो बार भरता है – चैत्र नवरात्रा और आश्विन नवरात्रा। चैत्र नवरात्रा को बासंतिया और आश्विन नवरात्रा को शारदीय नवरात्रा कहा जाता है। यह मंदिर अपने चूहों की वजह से भी विश्वभर में प्रसिद्ध है, जहाँ इन्हें पूजनीय माना जाता है।

5. बादशाह का प्रसिद्ध मेला राजस्थान के किस शहर में आयोजित होता है?

  • (A) ब्यावर
  • (B) भरतपुर
  • (C) बाड़मेर
  • (D) दौसा

बादशाह का प्रसिद्ध मेला अजमेर जिले के ब्यावर में भरता है। यह होली के दूसरे दिन चैत्र कृष्ण पक्ष में आयोजित होता है। इस मेले का आरंभ टोडरमल को ढाई दिन की बादशाहत मिलने की खुशी में हुआ था। इसमें लाल गुलाल लुटाई जाती है, जिसे "बादशाह खर्ची दे" कहा जाता है। धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के कारण यह मेला विशिष्ट है।

6. सारणेश्वर पशु मेला कहाँ आयोजित होता है?

  • (A) उदयपुर
  • (B) जालौर
  • (C) नागौर
  • (D) सिरोही

सारणेश्वर पशु मेला सिरोही जिले के पोसालिया गांव में आयोजित होता है। यह मेला भगवान सारणेश्वर (शिव) को समर्पित है, जिन्हें देवड़ा राजवंश का कुलदेवता माना जाता है। यह मेला गंगा दशहरा पर, यानी ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को आयोजित किया जाता है। धार्मिक आस्था के साथ-साथ यह पशु व्यापार का भी बड़ा केंद्र है।

7. कोलायत का वार्षिक मेला राजस्थान के किस शहर में आयोजित किया जाता है?

  • (A) बीकानेर
  • (B) झालावाड़
  • (C) कोटा
  • (D) पुष्कर

कोलायत का प्रसिद्ध मेला बीकानेर जिले में कार्तिक पूर्णिमा को आयोजित होता है। यह जांगल प्रदेश का सबसे बड़ा मेला माना जाता है। कोलायत को भगवान कपिल मुनि की तपोस्थली माना जाता है, जिन्हें सांख्य दर्शन का प्रणेता कहा जाता है। इस मेले में दीपदान का विशेष महत्व है और हजारों श्रद्धालु यहाँ एकत्रित होते हैं।

8. कौन सा मेला वर्ष में दो बार आयोजित होता है?

  • (A) कैला देवी
  • (B) करणी माता
  • (C) बाणगंगा
  • (D) श्री महावीर जी

करणी माता का मेला वर्ष में दो बार देशनोक (बीकानेर) में आयोजित होता है। यह चैत्र नवरात्रा और आश्विन नवरात्रा के दौरान भरता है। यह स्थान करणी माता के मंदिर और चूहों की आस्था के लिए प्रसिद्ध है। लाखों श्रद्धालु नवरात्रि के अवसर पर दर्शन के लिए आते हैं और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं।

9. मेले' के नाम से कौन सा मेला प्रसिद्ध है?

  • (A) कैलादेवी मेला
  • (B) करणीमाता मेला
  • (C) शीतला माता मेला
  • (D) कैलादेवी और करणीमाता मेला दोनों

शीतला माता का मेला "मेले" के नाम से प्रसिद्ध है। यह चाकसू (जयपुर) में शीतला अष्टमी यानी चैत्र कृष्ण अष्टमी को आयोजित होता है। इस दिन ठंडा भोजन किया जाता है और शीतला माता की पूजा होती है। मान्यता है कि बच्चों को चेचक जैसी बीमारियों से बचाने के लिए शीतला माता की आराधना की जाती है।

10. सर्वाधिक पशु मेले कहां आयोजित किये जाते हैं?

  • (A) नागौर
  • (B) पुष्कर
  • (C) करौली
  • (D) अलवर

राजस्थान में सर्वाधिक पशु मेले नागौर जिले में आयोजित किए जाते हैं। यहाँ बलदेव पशु मेला (मेड़ता सिटी), रामदेव पशु मेला (मानासर), वीर तेजाजी पशु मेला (परबतसर) और नागौर पशु मेला (माघ माह) प्रमुख हैं। इन मेलों में विशेषकर नागौरी बैलों का व्यापार होता है। इसलिए नागौर को पशु मेलों का गढ़ कहा जाता है।

11. राज्य स्तरीय पशु मेलों की राजस्थान में कितनी संख्या है?

  • (A) 14
  • (B) 12
  • (C) 10
  • (D) 8

राजस्थान में राज्य स्तरीय पशु मेलों की संख्या 10 है। इनमें से सर्वाधिक यानी 4 पशु मेले नागौर जिले में आयोजित किए जाते हैं। यह मेले पशुपालकों और व्यापारियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। पशुपालन विभाग द्वारा इनका आयोजन किया जाता है और इन मेलों में विभिन्न नस्लों के पशुओं की खरीद-बिक्री होती है।

12. पौष मास में आयोजित होने वाला मेला है?

  • (A) रणकपुर मेला
  • (B) दधिमति का मेला
  • (C) जीण माता का मेला
  • (D) नाकोड़ाजी का मेला

नाकोड़ाजी का मेला पौष कृष्ण दशमी को बाड़मेर जिले के मेवाड़ नगर (नाकोड़ा) में आयोजित होता है। यह जैन समाज का एक प्रमुख मेला है। इसके अतिरिक्त रणकपुर महोत्सव पाली में दिसम्बर में, जीणमाता का मेला सीकर में चैत्र और आश्विन नवरात्रों में, तथा दधिमति माता का मेला नागौर में चैत्र और आश्विन नवरात्रों में आयोजित होता है।

13. डोल मेला किस शहर में आयोजित होता है?

  • (A) बारां
  • (B) कोटा
  • (C) बूंदी
  • (D) झालावाड़

डोल मेला बारां जिले में आयोजित होता है। यह भाद्रपद शुक्ल एकादशी पर डोल तालाब के किनारे भरता है। इसे जलझूलनी एकादशी भी कहा जाता है। इस अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है जिसमें देव विमानों को डोल में रखा जाता है। यह मेला धार्मिक आस्था और उत्साह का प्रतीक है।

14. प्रदर्शनी किस शहर में आयोजित की जाती है?

  • (A) अलवर
  • (B) भरतपुर
  • (C) उदयपुर
  • (D) धौलपुर

जसवंत प्रदर्शनी और पशु मेला भरतपुर में आयोजित होता है। इसकी शुरुआत महाराजा किशन सिंह ने 1920 ई. में की थी। यह आश्विन शुक्ल पंचमी से चतुर्दशी तक चलता है। इसमें हरियाणवी नस्ल के पशुओं की खरीद-बिक्री होती है। यह मेला सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

15. बाणगंगा का मेला कहां लगता है?

  • (A) जयपुर जिला
  • (B) अलवर
  • (C) सवाई माधोपुर
  • (D) टोंक जिला

बाणगंगा मेला जयपुर जिले के विराटनगर (बैराठ) में लगता है। यह वैशाख पूर्णिमा को भरता है। धार्मिक मान्यता है कि यहाँ पांडवों ने बाणगंगा नदी की स्थापना की थी। इस दिन यहाँ स्नान और पूजा का विशेष महत्व है। हजारों श्रद्धालु इस मेले में भाग लेते हैं।

16. तेरहताली नृत्य के लिए प्रसिद्ध मेला है?

  • (A) गोगा मेला
  • (B) तेजा मेला
  • (C) रामदेवरा मेला
  • (D) लक्खी मेला

तेरहताली नृत्य रामदेवरा मेले की विशेष पहचान है। यह मेला जैसलमेर जिले के रुणेचा धाम में भाद्रपद शुक्ल द्वितीया से ग्यारस तक आयोजित होता है। रामदेव जी को साम्प्रदायिक सद्भाव का प्रतीक माना जाता है और यहाँ हर धर्म के लोग भाग लेते हैं। इस मेले में लाखों श्रद्धालु पहुँचते हैं।

17. राजस्थान का सबसे 'रंगीन मेला' कहलाता है?

  • (A) बेणेश्वर मेला
  • (B) वीर तेजाजी मेला
  • (C) रामदेवरा मेला
  • (D) पुष्कर मेला

पुष्कर मेला अपनी विशालता और भव्यता के लिए प्रसिद्ध है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, ब्रह्मा जी ने यहाँ विज्रनाथ नामक राक्षस का संहार किया और कमल की पंखुड़ियों के गिरने से तीन झीलें बनीं – ज्येष्ठ पुष्कर, कनिष्ठ पुष्कर और मध्यम पुष्कर। बाद में ब्रह्मा जी ने यहीं कार्तिक मास में यज्ञ किया। कार्तिक पूर्णिमा को झील में दीपदान की परंपरा है। इस समय हजारों पर्यटक आते हैं। इसलिए इसे 'राजस्थान का सबसे रंगीन मेला' कहा जाता है।

18. सवाई भोज प्रतिवर्ष किस समय लगता है?

  • (A) भाद्रपद शुक्ल अष्टमी
  • (B) भाद्रपद शुक्ल सप्तमी
  • (C) भाद्रपद कृष्ण अष्टमी
  • (D) भाद्रपद कृष्ण सप्तमी

सवाई भोज का मेला प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल सप्तमी को लगता है। इसे देवनारायण जी के मेले से भी जोड़ा जाता है। यह मेला विशेष रूप से भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और टोंक जिले में आयोजित होता है। धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से इसका महत्त्व है और इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।

19. मरू महोत्सव कहाँ मनाया जाता है?

  • (A) बीकानेर
  • (B) जोधपुर
  • (C) जैसलमेर
  • (D) उदयपुर

मरू महोत्सव हर वर्ष जैसलमेर में आयोजित होता है। इसे थार मरुस्थल की संस्कृति को प्रदर्शित करने वाला प्रमुख उत्सव माना जाता है। इसमें लोकनृत्य, लोकगीत, ऊँट दौड़, कठपुतली नृत्य और पारंपरिक परिधान की झलक देखने को मिलती है। विदेशी पर्यटक भी इसमें बड़ी संख्या में भाग लेते हैं।

20. केसरियाजी का मेला कहाँ भरता है?

  • (A) परबतसर
  • (B) किराडू
  • (C) झालरापाटन
  • (D) धुलेव

केसरियाजी का मेला जिसे ऋषभदेव/काला बावजी का मेला भी कहते हैं, धुलेव (उदयपुर) में भरता है। यह मेला विशेष रूप से चैत्र कृष्ण अष्टमी को आयोजित किया जाता है। यह मेला कोयल नदी के किनारे लगता है और इसमें हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचते हैं।

राजस्थान के मेले व महोत्सव MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6

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