राजस्थान के मेले व महोत्सव MCQ Questions with Answers

राजस्थान के मेले व महोत्सव MCQ (Fairs and Festivals of Rajasthan) – Part 3

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के मेले व महोत्सव से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।

इन प्रश्नों में जम्भेश्वर जी का मेला नागौर, सूईयां मेला बाड़मेर, धींगा गवर मेला जोधपुर, मातृकुण्डिया मेला चित्तौड़गढ़, कल्पवृक्ष मेला अजमेर, नाथद्वारा (राजसमंद) में अन्नकूट महोत्सव, हाथी महोत्सव जयपुर, शिवरात्रि पशु मेला करौली, शीतकालीन उत्सव (शरद महोत्सव) सिरोही, गधों का मेला जयपुर आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान के मेले व महोत्सव
  • कुल प्रश्न: 20
  • Last Updated:

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41. दाउदी बोहरा सम्प्रदाय का उर्स कहाँ भरता है?

  • (A) भरतपुर
  • (B) डूंगरपुर
  • (C) नाथद्वारा
  • (D) गलियाकोट

दाउदी बोहरा सम्प्रदाय का प्रमुख उर्स गलियाकोट (डूंगरपुर) में भरता है। यहाँ सेय्यद फखरुद्दीन की मजार है और हर वर्ष मोहर्रम की 27वीं तिथि को उर्स आयोजित किया जाता है। यह स्थान बोहरा समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र है।

42. राजस्थान के निम्न में से किस क्षेत्र में सीताबाड़ी का मेला आयोजित किया जाता है?

  • (A) ढूँढ़ाड़
  • (B) हाड़ौती
  • (C) मेवाड़
  • (D) मारवाड़

सीताबाड़ी मेला बारां जिले के केलवाड़ा कस्बे में भरता है, जो हाड़ौती क्षेत्र में आता है। यह हाड़ौती का सबसे बड़ा मेला माना जाता है और धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

43. विश्नोईयों का कुंभ' कहा जाने वाला जम्भेश्वर जी का मेला कहाँ आयोजित होता है?

  • (A) मुकाम
  • (B) महामन्दिर
  • (C) जाम्भा
  • (D) कोलूमंड

जम्भेश्वर जी का मेला नागौर जिले के मुकाम में भरता है। इसे "विश्नोईयों का कुंभ" कहा जाता है। जाम्भोजी द्वारा स्थापित 29 नियमों का पालन करने वाले विश्नोई समाज के लोग यहाँ बड़ी संख्या में एकत्रित होते हैं।

44. शाहपुरा में प्रतिवर्ष चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से चैत्र कृष्ण 5 तक मनाया जाने वाला फूलडोल महोत्सव किस सम्प्रदाय से संबंधित है?

  • (A) निरंजनी सम्प्रदाय
  • (B) चरणदासी सम्प्रदाय
  • (C) दादु पंथी
  • (D) रामस्नेही सम्प्रदाय

फूलडोल महोत्सव शाहपुरा (भीलवाड़ा) में प्रतिवर्ष चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से चैत्र कृष्ण पंचमी तक आयोजित होता है। यह रामस्नेही सम्प्रदाय से संबंधित महोत्सव है और इसमें भव्य शोभायात्रा व धार्मिक आयोजन होते हैं।

45. सुगंध दशमी पर्व किन धर्मावलम्बियों से जुड़ा है?

  • (A) जैन
  • (B) बौद्ध
  • (C) पारसी
  • (D) हिन्दू

सुगंध दशमी पर्व जैन धर्मावलम्बियों से जुड़ा है। इसे "धूप दशमी" भी कहा जाता है और यह भाद्रपद शुक्ल दशमी को मनाया जाता है। इस दिन धूप-दीप अर्पित कर धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।

46. सूईयां मेला किस जिले से संबंधित है?

  • (A) जैसलमेर
  • (B) कोटा
  • (C) बाड़मेर
  • (D) उदयपुर

सूईयां मेला बाड़मेर जिले के चोहटन कस्बे में पौष अमावस्या को भरता है। इसे अर्द्धकुंभ भी कहा जाता है और यह मेले राजस्थान के बड़े धार्मिक मेलों में से एक है। इसमें लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं।

47. जोधपुर में धींगा गवर बेंतमार मेला कब भरता है?

  • (A) वैशाख कृष्ण तृतीया
  • (B) चैत्र शुक्ल तृतीया
  • (C) चैत्र कृष्ण तृतीया
  • (D) आषाढ़ कृष्ण तृतीया

धींगा गवर मेला जोधपुर में वैशाख कृष्ण तृतीया को भरता है। यह महिलाओं का विशेष पर्व है जिसमें परंपरागत बेंतमार झाँकी निकाली जाती है। यह आयोजन जोधपुर की संस्कृति और लोकपरंपराओं का जीवंत रूप प्रस्तुत करता है।

48. राजस्थान में आदिवासियों का सबसे बड़ा मेला है?

  • (A) बेणेश्वर मेला
  • (B) सीतामाता मेला
  • (C) गौतमेश्वर मेला
  • (D) घोटिया अम्बा मेला

बेणेश्वर मेला राजस्थान का सबसे बड़ा आदिवासी मेला है। यह डूंगरपुर जिले के नवाटापरा (बेणेश्वर धाम) में माघ शुक्ल एकादशी से पूर्णिमा तक आयोजित होता है। इसमें भील और अन्य जनजातीय समुदाय बड़ी संख्या में शामिल होते हैं।

49. निम्न में से कौनसा मेला 'श्रावण अमावस्या' को नहीं भरता है?

  • (A) कल्प वृक्ष मेला (मांगलियावास)
  • (B) गुरूद्वारा बुड्ढ़ा जोहड़ मेला (गंगानगर)
  • (C) डिग्गीपुरी का मेला (टोंक)
  • (D) मातृकुण्डिया मेला (चित्तौड़गढ़)

मातृकुण्डिया मेला चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी कस्बे में वैशाख पूर्णिमा को भरता है। वहीं, कल्पवृक्ष मेला (मांगलियावास), बुड्ढ़ा जोहड़ मेला (गंगानगर) और डिग्गीपुरी का मेला (टोंक) श्रावण अमावस्या को आयोजित होते हैं। इस कारण विकल्प (D) सही उत्तर है।

50. निम्न में से कौनसा/कौनसे मेले कार्तिक पूर्णिमा को भरते हैं?(क) कोलायत मेला (बीकानेर)(ख) कपिलधारा मेला (बारां)(ग) चन्द्रभागा मेला (झालावाड़)(घ) पुष्कर मेला (अजमेर)

  • (A) क, ग, घ
  • (B) क, ग, घ
  • (C) क, ख, ग, घ
  • (D) क, घ

राजस्थान में कार्तिक पूर्णिमा पर कई बड़े मेले आयोजित होते हैं, जैसे कोलायत मेला (बीकानेर), कपिलधारा मेला (बारां), चन्द्रभागा मेला (झालावाड़) और पुष्कर मेला (अजमेर)। इन चारों का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व बहुत बड़ा है।

51. निम्न में से किस जिले का 'अनंत चतुर्दर्शी का मेला' प्रसिद्ध है?

  • (A) चित्तौड़गढ़
  • (B) उदयपुर
  • (C) कोटा
  • (D) जयपुर

कोटा जिले का 'अनंत चतुर्दशी मेला' बहुत प्रसिद्ध है। यह मेला भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी को आयोजित होता है। इस दिन भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा की जाती है। कोटा का यह मेला धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष पहचान रखता है।

52. सत्य कथन छांटिये(क) हाड़ौती का सबसे बड़ा मेला सीताबाड़ी (बारां)(ख) जैनियों का सबसे बड़ा मेला नाकोड़ा (बालोतरा)(ग) आदिवासियों का सबसे बड़ा मेला बेणेश्वर (डूंगरपुर)(घ) सबसे रंगीन मेला- रामदेवजी का मेला (जैसलमेर)(ड़) विश्नोईयों का सबसे बड़ा मेला पीपासर (नागौर)

  • (A) ख, घ, ड़
  • (B) क, ग
  • (C) क, ग, घ
  • (D) क, ख, ग, घ

हाड़ौती का सबसे बड़ा मेला सीताबाड़ी (बारां) है और आदिवासियों का सबसे बड़ा मेला बेणेश्वर (डूंगरपुर)। लेकिन जैनियों का सबसे बड़ा मेला महावीर जी (करौली) है, सबसे रंगीन मेला पुष्कर मेला (अजमेर) है और विश्नोईयों का सबसे बड़ा मेला मुकाम (बीकानेर) है। इसलिए सही उत्तर (B) है।

53. अजमेर में हरियाली अमावस्या को कल्पवृक्ष मेले का आयोजन होता है?

  • (A) मांगलियावास
  • (B) पुष्कर
  • (C) किशनगढ़
  • (D) तारागढ़

कल्पवृक्ष मेला अजमेर जिले के मांगलियावास कस्बे में हरियाली अमावस्या पर आयोजित होता है। यह मेला अपनी पौराणिक मान्यताओं और धार्मिक आस्था के लिए प्रसिद्ध है। इसमें श्रद्धालु कल्पवृक्ष की पूजा कर मनोकामना पूर्ण होने की कामना करते हैं।

54. नाथद्वारा में 'अन्नकूट महोत्सव' कब आयोजित किया जाता है?

  • (A) कार्तिक शुक्ल 3
  • (B) कार्तिक शुक्ल 1
  • (C) कार्तिक शुक्ल 11
  • (D) कार्तिक पूर्णिमा

नाथद्वारा (राजसमंद) में अन्नकूट महोत्सव कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जाता है। इसे गोवर्धन पूजा के अवसर पर आयोजित किया जाता है। इस दिन भगवान श्रीनाथजी को अन्नकूट का विशाल भोग लगाया जाता है।

55. पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित हाथी महोत्सव होता है?

  • (A) जोधपुर
  • (B) बीकानेर
  • (C) उदयपुर
  • (D) जयपुर

हाथी महोत्सव जयपुर में प्रतिवर्ष होली के दूसरे दिन आयोजित किया जाता है। इसमें हाथियों की सजावट, हाथी पोलो, हाथी दौड़ और पारंपरिक झाँकियाँ मुख्य आकर्षण होती हैं। यह जयपुर का एक विशेष अंतरराष्ट्रीय पर्यटन उत्सव है।

56. शिवरात्रि पशु मेले का आयोजन होता है-

  • (A) भरतपुर में
  • (B) झालावाड़ में
  • (C) करौली में
  • (D) अलवर में

शिवरात्रि पशु मेला करौली में आयोजित होता है। यह माघ पूर्णिमा से फाल्गुन कृष्ण सप्तमी तक भरता है और राजस्थान के प्रमुख पशु मेलों में गिना जाता है। इसमें बैल, ऊँट और अन्य पशुओं की खरीद-फरोख्त की जाती है। धार्मिक दृष्टि से भी यह मेला महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शिवरात्रि पर्व के अवसर पर आयोजित होता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं।

57. गधों का मेला लगता है-

  • (A) जयपुर
  • (B) भरतपुर
  • (C) दौसा
  • (D) धौलपुर

गधों का मेला जयपुर जिले के लूणियावास गांव में लगता है। यह कुम्हारों की कुलदेवी खनकानी माता मंदिर परिसर में दशहरे के समय आयोजित होता है। इस मेले की खासियत यह है कि यहाँ गधों के साथ-साथ घोड़े और खच्चरों का भी क्रय-विक्रय होता है। यह 400 वर्षों से चली आ रही परंपरा है और राजस्थान के अद्वितीय मेलों में से एक माना जाता है।

58. गोमती सागर पशु मेले का आयोजन निम्नलिखित में से किस स्थान पर होता है?

  • (A) बूंदी
  • (B) कोटा
  • (C) उदयपुर
  • (D) झालरापाटन

गोमती सागर जिसे चंद्रभागा पशु मेला भी कहा जाता है, झालरापाटन (झालावाड़) में कार्तिक पूर्णिमा पर आयोजित होता है। यह राजस्थान का एक प्रसिद्ध पशु मेला है, जिसमें बड़ी संख्या में व्यापारी विभिन्न नस्लों के पशुओं की खरीद-बिक्री करते हैं। साथ ही धार्मिक दृष्टि से भी इस मेले का महत्व है क्योंकि चंद्रभागा नदी के किनारे स्नान और पूजा का आयोजन किया जाता है।

59. राजस्थान में शीतकालीन उत्सव मनाया जाता है-

  • (A) माउंट आबू
  • (B) जयपुर
  • (C) जोधपुर
  • (D) उदयपुर

शीतकालीन उत्सव (शरद महोत्सव) सिरोही जिले के माउंट आबू में दिसम्बर माह में आयोजित होता है। इस उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य और झाँकियाँ मुख्य आकर्षण होते हैं। साथ ही यही स्थान ग्रीष्म महोत्सव का भी केंद्र है, जिसे जून माह में आयोजित किया जाता है। प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता के कारण यह आयोजन पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है।

60. जयपुर जिले के लूणियावास ग्राम पंचायत बंध्या 400 वर्षों से किस मेले के लिए विख्यात है?

  • (A) गायों का मेला
  • (B) भैंसों का मेला
  • (C) ऊँटों का मेला
  • (D) गधों का मेला

गधों का मेला जयपुर जिले के लूणियावास में 400 वर्षों से भरता है। यह दशहरे के समय खनकानी माता मंदिर परिसर में आयोजित होता है। 400 वर्ष पहले कछवाहा राजाओं ने चन्द्रामिणा को हराने की स्मृति में इसकी शुरुआत की थी। यह मेला न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि पशु व्यापार के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। इसमें बड़ी संख्या में गधे, घोड़े और खच्चरों का व्यापार होता है।

राजस्थान के मेले व महोत्सव MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6

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