राजस्थान के संगीत घराने, कलाकार, गायन शैलियाँ व प्रसिद्ध संगीतज्ञ (Musical Schools, Artists, Singing Styles, and Famous Musicians of Rajasthan) MCQ – Part 7
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के संगीत घराने, कलाकार, गायन शैलियाँ व प्रसिद्ध संगीतज्ञ से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें अल्लाह जिलाई बाई, संवलिया, झोरावा, सुपणा, हमसीढ़ों, गवरी देवी, बन्नो बेगम, मांगी बाई आर्य, गाजी खाँ बरना, बसंत काबरा आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान के संगीत घराने, कलाकार, गायन शैलियाँ व प्रसिद्ध संगीतज्ञ
- Question: 121 से 139
- Last Updated:
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121. छेड़े' गीत किस अवसर पर गाये जाते है?
- (A) शिशु मृत्यु
- (B) जागरण
- (C) वधू आगमन
- (D) फसल कटाई
छेड़े गीत शिशु मृत्यु के अवसर पर गाए जाने वाले गीत हैं। इनमें दुख और करुणा की अभिव्यक्ति होती है। यह गीत समाज की परंपराओं और संवेदनाओं से जुड़ा हुआ है और माताओं की पीड़ा को स्वर प्रदान करता है।
122. चारबैत, जो राजस्थान की प्रचलित लोक गायन शैली है, कहां की प्रसिद्ध है?
- (A) टोंक
- (B) श्रीगंगानगर
- (C) जैसलमेर
- (D) बांसवाड़ा
चारबैत टोंक क्षेत्र की प्रसिद्ध लोकगायन शैली है। इसका उद्गम अफगानिस्तान से हुआ और इसे राजस्थान में नवाब फैजुल्ला के संरक्षण में बढ़ावा मिला। इसमें भक्ति, श्रृंगार, रकीबखानी और गम्माज जैसे विषयों पर गीत गाए जाते हैं। इसके प्रवर्तक करीम खां निहंग माने जाते हैं।
123. राजस्थान में 'पांवडा' लोकगीत किस अवसर पर गाया जाता है?
- (A) शादी के अवसर पर दुल्हन की बहनों के द्वारा गया गया गीत।
- (B) नए दामाद के ससुराल आने पर स्त्रियों के द्वारा गया गया गीत।
- (C) राजस्थान की महिलाओं के द्वारा गाया गया सगुण भक्ति गीत
- (D) उपरोक्त में से कोई नहीं
पांवड़ा जिसे पावणा लोकगीत भी कहते हैं, यह गीत दामाद के ससुराल आने पर स्त्रियों द्वारा गाया जाता है। विशेष रूप से जवाई के स्वागत और खाने के समय इसे गाने की परंपरा रही है।
124. भीलों का प्रसिद्ध लोकगीत जिसे स्त्री-पुरुष साथ मिलकर गाते हैं?
- (A) संवलिया
- (B) झोरावा
- (C) सुपणा
- (D) हमसीढ़ों
हमसीढ़ों उत्तरी मेवाड़ क्षेत्र का भीलों में प्रचलित एक युगल गीत है। इसे स्त्री और पुरुष दोनों मिलकर गाते हैं। इसमें सामाजिक और पारिवारिक भावनाओं की अभिव्यक्ति होती है।
125. दुर्गादास राठौड की 386वीं जयंती पर किस मांड गायिका को 'दुर्गादास राठौड़ लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार' से सम्मानित किया गया है?
- (A) गवरी देवी
- (B) बन्नो बेगम
- (C) अल्लाह जिलाई बाई
- (D) मांगी बाई आर्य
मांड गायन की प्रसिद्ध गायिका गवरी देवी को दुर्गादास राठौड़ की 386वीं जयंती पर इस विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इन्हें मरू कोकिला भी कहा जाता है।
126. राजस्थान की कलाकार ईला अरूण किस क्षेत्र में सर्वाधिक प्रसिद्ध है?
- (A) चित्रकला
- (B) मूर्तिकला
- (C) लोक-पॉप संगीत
- (D) माण्ड गायिका
ईला अरुण राजस्थान की प्रसिद्ध लोक-पॉप गायिका हैं। साथ ही वे अभिनेत्री और पार्श्व गायिका भी हैं। इनके गीतों में राजस्थान की लोकधुनों और आधुनिक संगीत का सुंदर संगम दिखाई देता है।
127. निम्नलिखित में से वह व्यक्ति जो मंजे हुए खड़ताल वादक के रूप में प्रसिद्ध है?
- (A) गाजी खाँ बरना
- (B) बसंत काबरा
- (C) मामे खान
- (D) लाखा खान
गाजी खाँ बरना राजस्थान के प्रसिद्ध खड़ताल वादक हैं। खड़ताल एक पारंपरिक लोक वाद्ययंत्र है, जो मांगणियार और लंगा समुदायों द्वारा बजाया जाता है।
128. निम्नलिखित में से कौन संगीत के जयपुर घराने से सम्बन्धित है?
- (A) किशोरी अमोनकर
- (B) मल्लिकार्जुन मंसूर
- (C) गुलाम अली
- (D) 1 व 2 दोनों
किशोरी अमोनकर और मल्लिकार्जुन मंसूर दोनों का संबंध जयपुर घराने से है। जयपुर घराना ख्याल गायन की एक महत्वपूर्ण परंपरा है।
129. निम्न में से किसे 'नारी शक्ति पुरस्कार 2021' से सम्मानित किया गया?
- (A) रूकमा मांगणियार
- (B) बतुल बेगम
- (C) सोहनी देवी
- (D) गवरी देवी
बतुल बेगम नागौर निवासी प्रसिद्ध मांड और फाग गायिका हैं। वर्ष 2021 में इन्हें नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ये राजस्थानी लोकधुनों को अपनी खास शैली में प्रस्तुत करती हैं।
130. निम्नलिखित में से कौन एक प्रसिद्ध तेरहताली नृत्यांगना है?
- (A) मांगीबाई आर्य
- (B) श्रीमती मांगीबाई
- (C) रूकमा मांगणियार
- (D) बन्नो बेगम
श्रीमती मांगीबाई का जन्म 1935 में चित्तौड़गढ़ के वानिणा गाँव में हुआ। विवाह के बाद इन्होंने तेरहताली नृत्य सीखा और इस कला की प्रमुख साधिका बनीं। यह राजस्थान का लोकप्रिय भक्ति नृत्य है।
131. मेवाड़ का वह शासक, जिसने संगीत राज व संगीत मिमांसा नामक संगीत ग्रन्थ लिखे?
- (A) राणा हम्मीर
- (B) महाराणा कुम्भा
- (C) जगत सिंह प्रथम
- (D) महाराणा राजसिंह
महाराणा कुम्भा न केवल महान शासक थे बल्कि संगीत और कला के भी बड़े संरक्षक थे। उन्होंने संगीत राज और संगीत मिमांसा जैसे ग्रंथ लिखे, जिनसे उस समय की संगीत परंपरा का गहरा ज्ञान मिलता है।
132. जयपुर के बीनकार संगीत घराने के प्रवर्तक कौन थे?
- (A) रज्जब अली खाँ
- (B) मनरंग (भूपत खाँ)
- (C) रमजान खाँ
- (D) अल्लादिया खाँ
बीनकार घराने के प्रवर्तक रज्जब अली खाँ बीनकार थे। वे सवाई रामसिंह द्वितीय के दरबारी संगीतकार थे। यह घराना वीणा वादन की परंपरा के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
133. निम्नलिखित में से कौन देश के एकमात्र प्यालेदार सिंधी सारंगी वादक है?
- (A) अनवर खाँ
- (B) मामे खान
- (C) लाखा खान
- (D) साकर खाँ
लाखा खान (रानेरी गाँव, फलौदी) देश के एकमात्र प्यालेदार सिंधी सारंगी वादक हैं। राजस्थान के लोकसंगीत में इनका योगदान अमूल्य है। इन्हें वर्ष 2021 में पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा गया।
134. निम्न में से कौनसा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
- (A) पेम्पे खान – सुरनाई वादक
- (B) साकर खाँ – कामायचा वादक
- (C) सदीक खाँ – खड़ताल वादक
- (D) बतुल बेगम – तेरहताली नृत्यांगना
बतुल बेगम नागौर की प्रसिद्ध मांड और फाग गायिका हैं, न कि तेरहताली नृत्यांगना। जबकि पेम्पे खान (सुरनाई), साकर खाँ (कामायचा) और सदीक खाँ (खड़ताल) अपने-अपने वाद्ययंत्रों में प्रसिद्ध हैं।
135. मांड गायकी की सुप्रसिद्ध गायिका है?
- (A) रेशमा
- (B) चम्पा मेथी
- (C) शंकुतला पंवार
- (D) अल्लाह जिलाई बाई
अल्लाह जिलाई बाई का जन्म बीकानेर में हुआ। उन्होंने उस्ताद हुसैन बक्श से संगीत शिक्षा प्राप्त की। महाराजा गंगासिंह ने उनकी प्रतिभा को देखकर उन्हें बीकानेर म्यूजिकल स्कूल में भर्ती कराया। इन्हें 1982 में पद्मश्री और राजस्थान श्री पुरस्कार मिले।
136. ध्रुपद गायकी का आरंभ किसके शासनकाल में हुआ?
- (A) महाराजा अनूपसिंह
- (B) अलाउद्दीन खिलजी
- (C) राजा मानसिंह तोमर
- (D) महाराणा कुम्भा
ध्रुपद गायकी का आरंभ ग्वालियर के राजा मानसिंह तोमर ने किया था। उन्होंने बैजू बावरा के सहयोग से इस शैली को विकसित किया। ध्रुपद को शास्त्रीय संगीत की सबसे प्राचीन और गंभीर विधा माना जाता है।
137. मांगणियार एवं लंगा गायन शैली के लोक कलाकारों को प्रख्यात करने का श्रेय किसे दिया जाता है?
- (A) देवीलाल सामर
- (B) जय नारायण व्यास
- (C) गणपत लाल डांगी
- (D) कोमल कोठारी
कोमल कोठारी ने राजस्थान की मांगणियार और लंगा गायन शैली को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उन्होंने जोधपुर में रूपायन संस्थान की स्थापना कर लोककलाओं को संरक्षित और प्रोत्साहित किया।
138. कौन सा प्रसिद्ध पाकिस्तानी गजल गायक मूल रूप से राजस्थान के निवासी थे?
- (A) गुलाम अली
- (B) नुसरत फतेह अली खान
- (C) मेहंदी हसन
- (D) अमजद परवेज
मेहंदी हसन का जन्म राजस्थान के झुंझुनूं जिले के लूणा गाँव में हुआ था। बाद में वे पाकिस्तान चले गए और वहाँ के सबसे प्रसिद्ध गजल गायकों में गिने जाने लगे।
139. निम्नलिखित में से किस गायन शैली का संबंध राजस्थान से नहीं है?
- (A) भोपा
- (B) लंगा
- (C) बाउल
- (D) मांगणियार
बाउल गायन शैली का संबंध बंगाल से है। जबकि भोपा, लंगा और मांगणियार गायन शैलियाँ राजस्थान से जुड़ी हैं।
राजस्थान के संगीत घराने, कलाकार, गायन शैलियाँ व प्रसिद्ध संगीतज्ञ MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6 | Part 7
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