राजस्थान में संत साहित्य व लौकिक साहित्य MCQ Questions with Answers

राजस्थान में संत साहित्य व लौकिक साहित्य MCQ (2026) | Latest Exam Practice Questions

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान में संत साहित्य व लौकिक साहित्य से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें जम्भसंहिता, लालदास री चेतावण्या, भक्ति पदारथ–चरणदास, सात वार–सहजोबाई, कीर्तन माला–गवरी आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, Fireman, Woman Superwiser, REET तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान में संत साहित्य व लौकिक साहित्य
  • Last Updated:
  • Content Type: Updated MCQ Practice Set
🔥 Latest Updated Questions for 2026 Exams

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1. दादूवाणी किस बोली में रचित है?

  • (A) मेवाती
  • (B) ढूंढाड़ी
  • (C) देशवाली
  • (D) बागड़ी

दादूदयाल की शिक्षाओं का प्रमुख संग्रह दादूवाणी है, जिसमें उनके उपदेश, भक्ति विचार और समाज सुधार से जुड़े संदेश मिलते हैं। यह मुख्यतः ढूंढाड़ी या सधुक्कड़ी भाषा में रचित है, जो उस समय संतों द्वारा जनसामान्य तक संदेश पहुँचाने के लिए प्रयोग की जाती थी। इसकी भाषा सरल, लोकाभिमुख और मिश्रित रूप वाली है, जिससे यह आम लोगों के लिए समझने योग्य बनी रहती है।

2. सिंभूदड़ा व कोंडा ग्रंथ किस सम्प्रदाय से संबंधित हैं?

  • (A) विश्नोई
  • (B) हरभूजी
  • (C) जसनाथ संप्रदाय
  • (D) मिश्रित

सिंभूदड़ा और कोंडा ग्रंथ संत जसनाथ जी के उपदेशों का संग्रह हैं, जो जसनाथी सम्प्रदाय से संबंधित हैं। इस सम्प्रदाय की स्थापना जसनाथ जी ने की थी और इसमें योग, संयम तथा नैतिक जीवन पर बल दिया गया है। इन ग्रंथों में उनके उपदेशों को व्यवस्थित रूप में संकलित किया गया है, जिससे उनके अनुयायियों को धार्मिक और सामाजिक मार्गदर्शन मिलता है।

3. मीराबाई की रचना कौनसी है?

  • (A) साखी
  • (B) बीजक
  • (C) शब्द
  • (D) पदावली

मीराबाई की प्रमुख रचना पदावली है, जिसमें उनके द्वारा रचित भक्ति पदों का संग्रह मिलता है। ये पद भगवान कृष्ण के प्रति उनके गहरे प्रेम और समर्पण को दर्शाते हैं। मीराबाई सगुण भक्ति धारा की प्रमुख संत कवयित्री थीं, जिन्हें राजस्थान की राधा भी कहा जाता है। उनकी भाषा सरल और भावपूर्ण है, जिससे उनके पद आज भी लोकजीवन में गाए जाते हैं।

4. ‘सत्यभामाजी नुं रूसण’ किसने लिखा?

  • (A) रामदास
  • (B) दादू
  • (C) दरियाव
  • (D) मीराबाई

सत्यभामाजी नुं रूसण मीराबाई द्वारा रचित एक प्रसिद्ध काव्य है, जिसमें कृष्ण और सत्यभामा के प्रसंग को भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इस रचना में भक्ति और प्रेम का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। मीराबाई ने अपनी रचनाओं के माध्यम से भक्ति को लोकभाषा में सरल रूप में प्रस्तुत किया, जिससे यह आम जनता तक आसानी से पहुँच सकी।

5. ‘कुलजम स्वरूप’ किस सम्प्रदाय से संबंधित है?

  • (A) परनामी
  • (B) जसनाथ
  • (C) चरणदास
  • (D) लालदास

कुलजम स्वरूप परनामी सम्प्रदाय का प्रमुख ग्रंथ है, जिसकी स्थापना प्राणनाथ जी ने की थी। इस सम्प्रदाय में कृष्ण भक्ति को विशेष महत्व दिया जाता है। इस ग्रंथ में धार्मिक उपदेश, भक्ति सिद्धांत और आध्यात्मिक विचारों का वर्णन मिलता है। परनामी सम्प्रदाय का मुख्य केंद्र पन्ना (मध्यप्रदेश) और राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में भी इसका प्रभाव देखा जाता है।

6. जाम्भोजी की रचना नहीं है?

  • (A) जम्भ सागर
  • (B) जम्भसंहिता
  • (C) विश्नोई धर्मप्रकाश
  • (D) अनुभव प्रकाश

जाम्भोजी विश्नोई सम्प्रदाय के संस्थापक थे और उन्होंने जम्भ सागर, जम्भसंहिता तथा विश्नोई धर्मप्रकाश जैसी रचनाएँ कीं। ये ग्रंथ उनके उपदेशों और धार्मिक सिद्धांतों का आधार हैं। अनुभव प्रकाश उनकी रचना नहीं है, बल्कि यह संत बनानाथ जी द्वारा रचित है। इसलिए यह विकल्प असंगत है और सही उत्तर (4) है।

7. सिंभुधड़ा, कोंडा ग्रंथ, गोरख छंदो किसकी रचनाएँ हैं?

  • (A) जसनाथ जी
  • (B) सिद्ध रामनाथ
  • (C) हरिदास
  • (D) जाम्भोजी

सिंभुधड़ा, कोंडा ग्रंथ और गोरख छंदो जसनाथ जी की प्रमुख रचनाएँ हैं। जसनाथ जी जसनाथी सम्प्रदाय के प्रवर्तक थे और उन्होंने अपने उपदेशों को इन ग्रंथों में संकलित किया। इन रचनाओं में योग, संयम, साधना और नैतिक जीवन पर विशेष जोर दिया गया है।

8. हरिदास जी की वाणी में कौनसी भाषा के शब्द मिलते हैं?

  • (A) ब्रज
  • (B) ढूंढाड़ी
  • (C) ढाटी
  • (D) चाली

संत हरिदास जी की वाणी में राजस्थानी भाषा के साथ-साथ ब्रज भाषा का भी प्रभाव दिखाई देता है। उस समय संतों ने अपने विचारों को जनसामान्य तक पहुँचाने के लिए मिश्रित भाषा का प्रयोग किया। ब्रज भाषा का उपयोग भक्ति साहित्य में व्यापक रूप से होता था, इसलिए हरिदास जी की वाणी में भी इसका समावेश मिलता है।

9. मंत्र राजप्रकाश व हरिपुरुष जी की वाणी किसकी है?

  • (A) दादू
  • (B) हरिदास
  • (C) लालदास
  • (D) माधोदास

मंत्र राजप्रकाश और हरिपुरुष जी की वाणी संत हरिदास जी की रचनाएँ हैं। ये रचनाएँ भक्ति, धर्म और आध्यात्मिकता से संबंधित उपदेशों को प्रस्तुत करती हैं। हरिदास जी ने अपने उपदेशों के माध्यम से लोगों को सरल भाषा में धर्म और भक्ति का मार्ग बताया।

10. सिद्ध रामनाथ की रचना कौनसी है?

  • (A) सिंभुधड़ा
  • (B) कोंडा ग्रंथ
  • (C) यशोनाथ पुराण
  • (D) गोरख छंदो

सिद्ध रामनाथ द्वारा रचित यशोनाथ पुराण एक महत्वपूर्ण धार्मिक ग्रंथ है। इसमें उनके उपदेश, आध्यात्मिक विचार और धार्मिक शिक्षाएँ शामिल हैं। अन्य विकल्प जसनाथ जी की रचनाएँ हैं, इसलिए सही उत्तर (3) है।

11. संत दादू की रचना नहीं है?

  • (A) दादूजी री वाणी
  • (B) दादू दयाल रा दुहा
  • (C) कायाबेली
  • (D) नाममाला

संत दादूदयाल ने दादूजी री वाणी, दादू दयाल रा दुहा और कायाबेली जैसी रचनाएँ कीं। ये रचनाएँ भक्ति और सामाजिक सुधार पर आधारित हैं। नाममाला उनकी रचना नहीं है, बल्कि यह संत लालदास द्वारा लिखी गई है।

12. संतदास व जगन्नाथदास द्वारा संकलित रचना है?

  • (A) हरड़ेवाणी
  • (B) अंगवधू
  • (C) साखी
  • (D) भक्तमाला

हरड़ेवाणी संतदास और जगन्नाथदास द्वारा संकलित ग्रंथ है। इसमें संत दादूदयाल की वाणी और उपदेशों का संग्रह किया गया है। यह ग्रंथ दादू पंथ के अनुयायियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

13. हरड़ेवाणी व अंगवधू में किसकी रचनाएँ हैं?

  • (A) सुन्दरदास
  • (B) संतदास
  • (C) दादूजी
  • (D) रज्जब

हरड़ेवाणी और अंगवधू दोनों में संत दादूदयाल की वाणी का संग्रह है। इन ग्रंथों को उनके शिष्यों ने संकलित किया ताकि उनके उपदेशों को संरक्षित किया जा सके और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाया जा सके।

14. सुन्दरदास की रचना नहीं है?

  • (A) ज्ञान समुद्र
  • (B) सुन्दरसार
  • (C) सर्वांगयोग
  • (D) भक्तमाला

संत सुन्दरदास ने ज्ञान समुद्र, सुन्दरसार और सर्वांगयोग प्रदीपिका जैसी रचनाएँ की हैं। ये ग्रंथ दादू पंथ से जुड़े आध्यात्मिक और दार्शनिक विचारों को प्रस्तुत करते हैं। भक्तमाला उनकी रचना नहीं है, बल्कि इसे राघवदास ने लिखा है।

15. असंगत युग्म चुनिए

  • (A) संत गुणसागर–लालदास
  • (B) दादू जन्म लीला–जनगोपाल
  • (C) साखी–गरीबदास
  • (D) रज्जब वाणी–रज्जब

संत गुणसागर लालदास की रचना नहीं है, बल्कि यह माधोदास द्वारा लिखी गई है। बाकी सभी युग्म सही हैं। इसलिए यह युग्म असंगत है और सही उत्तर (1) है।

16. व्रज चरित्र आदि किसकी रचनाएँ हैं?

  • (A) दादू
  • (B) चरणदास
  • (C) गरीबदास
  • (D) लालदास

व्रज चरित्र, धर्म जहाज, ज्ञान स्वरोदय और सबद संत चरणदास की प्रमुख रचनाएँ हैं। उन्होंने भक्ति और आध्यात्मिकता को सरल भाषा में प्रस्तुत किया। उनके उपदेशों में नैतिक जीवन और ईश्वर भक्ति पर विशेष जोर दिया गया है।

17. दीन दरवेश की रचना नहीं है?

  • (A) दीन प्रकाश
  • (B) अदलानंद
  • (C) जुगलमैन चरित
  • (D) परमार्थ प्रसंग

जुगलमैन चरित दीन दरवेश की रचना नहीं है, बल्कि यह संत कृष्णदास पयहरी की रचना है। दीन दरवेश ने दीन प्रकाश और परमार्थ प्रसंग जैसी रचनाएँ की हैं।

18. असत्य कथन कौनसा है?

  • (A) समान बाई मीरा
  • (B) जन्म सियाली
  • (C) राम-कृष्ण पद
  • (D) ज्ञान सागर

समान बाई को मत्स्य की मीरा कहा जाता है और उन्होंने राम व कृष्ण दोनों पर पद लिखे। उनका जन्म सियाली गाँव में हुआ था। ज्ञान सागर उनकी रचना नहीं है, इसलिए यह कथन असत्य है।

19. प्रेमाख्यान से संबंधित नहीं है?

  • (A) जेठवा
  • (B) सेणी
  • (C) राजिया
  • (D) जलाल

राजिया रा सोरठा प्रेमाख्यान से संबंधित नहीं है, जबकि अन्य रचनाएँ प्रेम कथाओं पर आधारित हैं।

20. देवनारायण गाथा का संपादन किसने किया?

  • (A) गवरी
  • (B) लक्ष्मी कुमारी
  • (C) छत्र कुंवरी
  • (D) प्रताप

रानी लक्ष्मी कुमारी चूण्डावत ने देवनारायण गाथा का संपादन किया। उन्होंने लोक साहित्य को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

21. सहल ने किस महाकाव्य को लिपिबद्ध किया?

  • (A) देवनारायण
  • (B) कहावतें
  • (C) निहालदे-सुल्तान
  • (D) माधवानल

डॉ कन्हैयालाल सहल ने निहालदे-सुल्तान रा बावन पवाड़ा को एक जोगी से सुनकर लिखित रूप में संकलित किया।

22. किस लोक नाटक में सभी तत्व होते हैं?

  • (A) ख्यात
  • (B) वचनिका
  • (C) रासो
  • (D) ख्याल

ख्याल राजस्थान का प्रमुख लोक नाटक है, जिसमें काव्य, अभिनय, संगीत और नृत्य सभी का समावेश होता है। यह लोक संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

23. महापुरुष/वीरों के कार्यों का वर्णन करने वाली रचनाएँ क्या कहलाती हैं?

  • (A) विगत
  • (B) पवाड़ा
  • (C) विशाला
  • (D) वेलि

वीरों और महापुरुषों के साहस, युद्ध और विशेष कार्यों का वर्णन करने वाली रचनाएँ पवाड़ा कहलाती हैं। ये राजस्थान के लोक साहित्य का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इनमें वीरता, बलिदान तथा ऐतिहासिक घटनाओं को काव्य रूप में प्रस्तुत किया जाता है। पवाड़े सामान्यतः लोकगाथाओं के रूप में पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुनाए जाते हैं।

24. राजस्थान में पवाड़ा का अर्थ क्या है?

  • (A) लोक गीत
  • (B) रात्रि जागरण
  • (C) लोक गाथा
  • (D) कहावतें

राजस्थान में पवाड़ा का अर्थ लोक गाथा होता है, जिसमें किसी वीर, देवता या ऐतिहासिक घटना का विस्तार से वर्णन किया जाता है। ये गाथाएँ लोक परंपरा के माध्यम से जीवित रहती हैं और इन्हें विशेष अवसरों पर गाया या सुनाया जाता है।

25. मीराबाई की प्रसिद्ध रचना कौनसी है?

  • (A) जमी हुई झील
  • (B) पदावली
  • (C) अमोलक बातां
  • (D) जुड़ाव

मीराबाई की पदावली उनकी प्रमुख रचना है, जिसमें भगवान कृष्ण के प्रति उनकी भक्ति के पद संकलित हैं। उनकी रचनाएँ सगुण भक्ति धारा से संबंधित हैं और अत्यंत भावपूर्ण हैं। उनकी भाषा सरल और लोकभाषा के निकट है, जिससे उनके पद जन-जन में लोकप्रिय हुए।

26. चरणदास की रचना नहीं है?

  • (A) अष्टांग योग
  • (B) सहज प्रकाश
  • (C) संदेहसागर
  • (D) नासकेत लीला

सहज प्रकाश चरणदास जी की रचना नहीं है, बल्कि यह उनकी शिष्या सहजोबाई द्वारा लिखी गई है। चरणदास ने अष्टांग योग और संदेहसागर जैसी रचनाएँ की हैं, जिनमें भक्ति और योग का वर्णन मिलता है।

27. सुंदरदास की रचना नहीं है?

  • (A) ज्ञान सवैया
  • (B) सर्वगी
  • (C) सुंदर विलास
  • (D) सुंदर ग्रंथावली

सर्वगी सुंदरदास की रचना नहीं है, बल्कि यह रज्जब जी की रचना है। सुंदरदास ने ज्ञान समुद्र, सुंदर विलास और सुंदर ग्रंथावली जैसी महत्वपूर्ण कृतियाँ लिखीं।

28. ढोला का वास्तविक नाम क्या था?

  • (A) जय कुमार
  • (B) दुल्हकुमार
  • (C) मदन कुंवर
  • (D) साल्हकुमार

ढोला मारू रा दूहा के नायक ढोला का वास्तविक नाम साल्हकुमार था। यह राजस्थान की प्रसिद्ध प्रेम गाथा है, जिसमें ढोला और मारू की प्रेम कहानी का वर्णन किया गया है।

29. ज्ञान समुद्र आदि कृतियाँ किस संत से संबंधित हैं?

  • (A) पीपा
  • (B) रज्जब
  • (C) सुंदरदास
  • (D) धन्ना

ज्ञान समुद्र, बावनी और रामची अण्टक संत सुंदरदास की प्रमुख रचनाएँ हैं। वे दादू पंथ के महत्वपूर्ण संत थे और उनके साहित्य में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का सुंदर समन्वय मिलता है।

30. राजस्थान का प्रसिद्ध लोककाव्य कौनसा है?

  • (A) चोपाई
  • (B) पिंगल
  • (C) बात
  • (D) दूहा

ढोला मारू रा दूहा राजस्थान का सबसे प्रसिद्ध लोककाव्य है। इसमें प्रेम, साहस और संघर्ष का सुंदर चित्रण मिलता है और यह लोकजीवन में अत्यंत लोकप्रिय है।

31. संतों का जीवनवृत्त काव्य रूप में क्या कहलाता है?

  • (A) मरस्या
  • (B) वात
  • (C) परची
  • (D) प्रकाश

संतों के जीवन और उनके उपदेशों का वर्णन जब काव्य रूप में किया जाता है तो उसे परची कहा जाता है। यह संत साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा है।

32. सोरठा छंद में गद्य-पद्य किस शैली में है?

  • (A) रूपक
  • (B) साखी
  • (C) द्वावेत
  • (D) वात

साखी शैली में सोरठा छंद का प्रयोग होता है, जिसमें गद्य और पद्य दोनों का मिश्रण होता है। यह शैली संत साहित्य में विशेष रूप से प्रचलित रही है।

33. प्रताप कुंवरी की रचना नहीं है?

  • (A) ज्ञान प्रकाश
  • (B) दानलीला
  • (C) प्रताप पच्चीसी
  • (D) हरिजस

दानलीला प्रताप कुंवरी की रचना नहीं है। उन्होंने ज्ञान प्रकाश और प्रताप पच्चीसी जैसी कृतियाँ लिखीं।

34. रज्जब वाणी किस पंथ से संबंधित है?

  • (A) दादू
  • (B) विश्नोई
  • (C) रामस्नेही
  • (D) निम्बार्क

रज्जब वाणी दादू पंथ से संबंधित है। रज्जब जी संत दादूदयाल के प्रमुख शिष्य थे और उन्होंने दादू के उपदेशों को आगे बढ़ाया।

35. चौपड़ा ग्रंथ के लेखक कौन हैं?

  • (A) मावजी
  • (B) दरियाव
  • (C) रामचरण
  • (D) रामदास

चौपड़ा ग्रंथ मावजी द्वारा रचित है। यह वाद-विवाद शैली में लिखा गया है और निष्कलंक सम्प्रदाय से संबंधित है।

36. चौपड़ा किस सम्प्रदाय से संबंधित है?

  • (A) लालदासी
  • (B) रामस्नेही
  • (C) निष्कलंक
  • (D) निम्बार्क

चौपड़ा निष्कलंक सम्प्रदाय से संबंधित है, जिसके प्रवर्तक मावजी थे। इस ग्रंथ में धार्मिक विचारों को वाद-विवाद शैली में प्रस्तुत किया गया है।

37. दादू पंथ की प्रमुख पीठ कहाँ है?

  • (A) आमेर
  • (B) नरैना
  • (C) मण्डोर
  • (D) करौली

दादू पंथ की प्रमुख पीठ नरैना (जयपुर) में स्थित है। यहीं दादूदयाल का मुख्य केंद्र है और उनके उपदेशों का प्रसार हुआ। यह स्थान दादू पंथ के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है।

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