राजस्थान के संत-संप्रदाय MCQ Questions with Answers

राजस्थान के संत-संप्रदाय MCQ (Saint Sects of Rajasthan) – Part 16

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के संत-संप्रदाय से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।

इन प्रश्नों में रज्जब जी, गरीबदास, सुन्दरदास, दादूदयाल, लाल गिरी, भोला नाथ, चरण दास, संत दास जी, निम्बार्क, नाथ आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान के संत-संप्रदाय
  • कुल प्रश्न: 20
  • Last Updated:

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301. ज्ञान समुद्र, बावनी, रामची अण्टक नामक कृतियों का संबंध किस संत से है?

  • (A) संत पीपा
  • (B) संत रज्जब जी
  • (C) सुन्दरदास
  • (D) संत धन्ना

सुन्दरदास निर्गुण भक्ति परंपरा के संत थे और दादूपंथ की नागा शाखा की शुरुआत उन्होंने की। उनके प्रमुख ग्रंथ ज्ञान समुद्र, बावनी, रामची अण्टक, सुंदर विलास और सुंदर सार हैं। इन्हें राजस्थान का शंकराचार्य भी कहा जाता है।

302. अलखिया सम्प्रदाय' की स्थापना किसने की?

  • (A) लाल गिरी
  • (B) भोला नाथ
  • (C) चरण दास
  • (D) संत दास जी

अलखिया सम्प्रदाय के प्रवर्तक लालगिरी जी थे। इनका जन्म चुरू जिले के सुलखनिया गाँव में हुआ। इस सम्प्रदाय की प्रमुख पीठ बीकानेरमें है और प्रमुख ग्रंथ अलख स्तुति प्रकाश है। इनके अनुयायी प्रायः मोची जाति से थे।

303. संत मावजी का संबंध कहाँ से है?

  • (A) बीकानेर
  • (B) अलवर
  • (C) जोधपुर
  • (D) डूंगरपुर

संत मावजी का संबंध डूंगरपुर से है। इन्हें वागड़ का धणी भी कहा जाता है। इनका जन्म 1714 ई. में साबला गाँव में हुआ। इनकी मुख्य पीठ माही नदी के किनारे स्थित है। दीपावली पर यहाँ से चौपड़ा चौपड़े निकाले जाते हैं। इन्हें विष्णु का 10वाँ अवतार माना जाता है।

304. निम्न में से कौनसी रचना मीरां द्वारा रचित नहीं है?

  • (A) नरसी जी रो मायरो
  • (B) मीरां की पदावली
  • (C) राग सोरठ के पद
  • (D) टीका राग गोविन्द

नरसी जी रो मायरो मीराबाई की रचना नहीं है। यह रचना रतना खाती की मानी जाती है। मीराबाई की प्रमुख रचनाओं में मीरां की पदावलीऔर राग सोरठ के पद शामिल हैं।

305. निम्न में से राजस्थान का कौनसा मंदिर गौड़ीय सम्प्रदाय का नहीं है?

  • (A) गोविन्द देव जी, जयपुर
  • (B) गोपीनाथ जी, जयपुर
  • (C) मदन मोहन जी, करौली
  • (D) गलता पीठ, जयपुर

गलता पीठ (जयपुर) गौड़ीय सम्प्रदाय का नहीं है, बल्कि यह रामानुज / रामानंदी सम्प्रदाय से सम्बंधित है। गौड़ीय सम्प्रदाय के प्रमुख मंदिरों में जयपुर के गोविंद देव जी, गोपीनाथ जी और करौली के मदन मोहन जी प्रमुख हैं।

306. विश्नोईयों का कुंभ' कहा जाने वाला जम्भेश्वर जी का मेला कहाँ आयोजित होता है?

  • (A) मुकाम
  • (B) महामन्दिर
  • (C) कतरियासर
  • (D) कोलूमंड

मुकाम (बीकानेर) में जाम्भोजी का प्रसिद्ध मेला भरता है, जिसे विश्नोईयों का कुंभ कहा जाता है। यह मेला फाल्गुन अमावस्या और आश्विन अमावस्या को आयोजित होता है।

307. राजस्थान में अष्टछाप कवियों का प्रमुख केन्द्र रहा है?

  • (A) सलेमाबाद
  • (B) नाथद्वारा
  • (C) शाहपुरा
  • (D) कतरियासर

राजस्थान में अष्टछाप कवियों का प्रमुख केन्द्र नाथद्वारा रहा है। ये सभी कवि वल्लभ सम्प्रदाय से जुड़े थे और अपने भक्ति पदों के लिए प्रसिद्ध हैं।

308. संत लालदास जी ने किससे दीक्षा ली थी?

  • (A) शुक देवी
  • (B) कृपाराम
  • (C) संत गद्दन चिश्ती
  • (D) मुनि शुकदेव

संत लालदास जी ने दीक्षा संत गद्दन चिश्ती से ली थी। बाद में उन्होंने लालदासी सम्प्रदाय की स्थापना की और समाज में भक्ति तथा समानता का संदेश फैलाया।

309. नाथद्वारा में किस सम्प्रदाय की प्रमुख पीठ है?

  • (A) निम्बार्क
  • (B) नाथ
  • (C) लकुलिश
  • (D) पुष्टिमार्ग

नाथद्वारा (राजसमंद) में पुष्टिमार्ग सम्प्रदाय की प्रमुख पीठ है। इसके प्रवर्तक आचार्य वल्लभाचार्य थे। इस सम्प्रदाय को वल्लभ सम्प्रदाय भी कहा जाता है।

310. श्रीनाथ जी की प्रतिमा किस मुगल शासक के काल में राजस्थान लायी गयी?

  • (A) राजसिंह
  • (B) औरंगजेब
  • (C) शाहजहाँ
  • (D) अकबर

श्रीनाथ जी की प्रतिमा मुगल शासक औरंगजेब के समय मथुरा से लाकर नाथद्वारा (राजस्थान) में स्थापित की गई थी। औरंगजेब की नीतियों से बचाने हेतु इसे यहाँ स्थानांतरित किया गया।

311. सातवर निर्णय, सहज प्रकाश, 16 तिथि निर्णय नामक ग्रंथों की रचना किसने की?

  • (A) गवरी बाई
  • (B) मीराबाई
  • (C) सहजोबाई
  • (D) नेतल बाई

सहजोबाई ने सातवर निर्णय, सहज प्रकाश और 16 तिथि निर्णय जैसे ग्रंथों की रचना की। वे चरणदासी सम्प्रदाय की प्रमुख संत और संत चरणदास की शिष्या थीं।

312. फुलडोल महोत्सव किस सम्प्रदाय से सम्बंधित है?

  • (A) निरंजनी सम्प्रदाय
  • (B) चरणदासी सम्प्रदाय
  • (C) दादू पंथी
  • (D) रामस्नेही सम्प्रदाय

फुलडोल महोत्सव रामस्नेही सम्प्रदाय से सम्बंधित है। इस सम्प्रदाय के अनुयायी इस महोत्सव को बड़े उत्साह से मनाते हैं।

313. फुलडोल महोत्सव का आयोजन कब होता है?

  • (A) भाद्रपद कृष्णा एकम से भाद्रपद कृष्ण पंचमी तक
  • (B) चैत्र कृष्णा एकम से चैत्र कृष्ण पंचमी तक
  • (C) श्रावण कृष्णा एकम से श्रावण कृष्ण पंचमी तक
  • (D) चैत्र शुक्ल एकम से चैत्र शुक्ल पंचमी तक

फुलडोल महोत्सव का आयोजन चैत्र कृष्णा एकम से चैत्र कृष्ण पंचमी तक किया जाता है। यह रामस्नेही सम्प्रदाय का प्रमुख उत्सव है और इसमें भक्तगण विशेष भक्ति अनुष्ठान करते हैं।

314. विश्नोई सम्प्रदाय के प्रवर्तक जाम्भोजी का जन्म कब हुआ था?

  • (A) 1482 ई
  • (B) 1451 ई
  • (C) 1352 ई
  • (D) 1421 ई

जाम्भोजी का जन्म 1451 ई. में नागौर जिले के पीपासर गाँव में हुआ था। उन्होंने विश्नोई सम्प्रदाय की स्थापना की और 29 नियमों का प्रचार किया। इन्हें पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सुधार के लिए विशेष रूप से जाना जाता है।

315. दादुपंथी के कितने प्रकार माने गये हैं?

  • (A) 2
  • (B) 5
  • (C) 3
  • (D) 4

दादुपंथियों के 5 प्रकार माने गए हैं – (1) खालसा (2) खाखी (3) नागा (4) उत्तरादे और (5) विरक्त। दादू पंथी संत दादूदयाल की शिक्षाओं का पालन करते हैं।

316. संत दादुदयाल को अकबर ने धार्मिक चर्चा के लिए फतेहपुर सीकरी के इबादतखाने में कब बुलाया था?

  • (A) 1482 ई
  • (B) 1585 ई
  • (C) 1352 ई
  • (D) 1421 ई

संत दादूदयाल को मुगल सम्राट अकबर ने 1585 ई. में फतेहपुर सीकरी स्थित इबादतखाने में बुलाया था। यहाँ विभिन्न धर्मों के विद्वानों के साथ धार्मिक चर्चा की जाती थी।

317. संत दादू की रचनाओं का संग्रह 'अंगवधू' का संकलन दादू के किस शिष्य ने किया है?

  • (A) गरीबदास
  • (B) सुन्दरदास
  • (C) रज्जब जी
  • (D) बखना जी

दादू की रचनाओं का संग्रह 'अंगवधू' उनके शिष्य रज्जब जी ने किया। रज्जब जी दादूपंथ के प्रमुख संतों में से एक थे और उन्होंने दादू के विचारों को संरक्षित किया।

318. कौनसा संत 'दूसरा शंकराचार्य' भी कहलाता है?

  • (A) गरीबदास
  • (B) सुन्दरदास
  • (C) रज्जब जी
  • (D) दादूदयाल

सुन्दरदास को उनकी विद्वता और अनेक ग्रंथों की रचना के कारण ‘दूसरा शंकराचार्य’ या ‘राजस्थान का शंकराचार्य’ कहा जाता है। उनके ग्रंथों में ज्ञान समुद्र, बावनी और रामची अण्टक प्रमुख हैं।

319. राजस्थान के एकमात्र संत, जिसका जन्म राजस्थान में हुआ परन्तु इनके चलाये सम्प्रदाय की प्रमुख पीठ दिल्ली में है?

  • (A) लालदास
  • (B) चरणदास जी
  • (C) रज्जब जी
  • (D) दादूदयाल

चरणदास जी का जन्म अलवर जिले के डेहरा में हुआ, परंतु उनकी प्रमुख पीठ दिल्ली में स्थापित हुई। उन्होंने नादिरशाह के आक्रमण की भविष्यवाणी भी की थी।

320. निम्न में से किसके भजन गुरु ग्रंथ साहिब में संकलित नहीं हैं?

  • (A) रैदास
  • (B) संत धन्ना
  • (C) संत पीपा
  • (D) संत माव जी

संत मावजी के भजन गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल नहीं हैं। जबकि संत रैदास, धन्ना और पीपा के भजन गुरु ग्रंथ साहिब में संकलित हैं।

राजस्थान के संत-संप्रदाय MCQ – सभी भाग:
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