राजस्थान के त्योहार MCQ (Festivals of Rajasthan) – Part 6
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के त्योहार से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।
इन प्रश्नों में गणगौर, खेजड़ली बलिदान दिवस, रज्जब, जिल्हिज, रमजान, सव्वाल, धुलण्डी, हनुमान जयन्ती, सिंजारा, छोटी तीज आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान के त्योहार
- कुल प्रश्न: 20
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Shiksha247 Rajasthan GK
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(Since 2021)
101. भाद्रपद शुक्ल दशमी को प्रतिवर्ष बलिदान दिवस किस घटना के संबंध में मनाया जाता है?
- (A) खेजड़ली में शहीद हुए नर-नारियों के सम्मान में
- (B) घुड़ले खाँ को मारे जाने के उपलक्ष्य में
- (C) ईसा मसीह को सूली पर लटकाये जाने के
- (D) राव सातलदेव की मृत्यु होने के
खेजड़ली बलिदान दिवस भाद्रपद शुक्ल दशमी को मनाया जाता है। 1730 ईस्वी में जोधपुर राज्य में खेजड़ली गाँव में अमृता देवी बिश्नोई और 363 लोगों ने खेजड़ी वृक्षों को बचाने के लिए बलिदान दिया था। इसे पर्यावरण संरक्षण का अद्वितीय उदाहरण माना जाता है।
102. कौनसा संवत् 'मालव संवत्' व 'कृत संवत्' के नाम से भी जाना जाता है?
- (A) शक संवत्
- (B) हिजरी संवत्
- (C) विक्रम संवत्
- (D) गुप्त संवत्
विक्रम संवत् को प्रारंभिक शिलालेखों में 'कृत संवत्' कहा गया है। इसे 'मालव संवत्' भी कहा जाता है क्योंकि इसे मालव क्षेत्र के लोगों ने अपनाया था। यह भारत का सबसे पुराना और प्रचलित पंचांग है।
103. विक्रम संवत् कब से प्रारम्भ हुआ था?
- (A) 57 ईसा पूर्व में
- (B) 57 ईस्वी सन् में
- (C) 78 ईसा पूर्व में
- (D) 78 ईस्वी सन् में
विक्रम संवत् 57 ईसा पूर्व से प्रारंभ हुआ। इसे सम्राट विक्रमादित्य ने शुरू किया था। यह संवत चन्द्र-सौर पंचांग पर आधारित है और आज भी नेपाल तथा भारत के कई हिस्सों में प्रचलित है।
104. विक्रम संवत् के बारे में निम्न में से असत्य कथन है?
- (A) यह चन्द्रमा पर आधारित कैलेण्डर है।
- (B) इसमें प्रत्येक 5 वर्ष बाद एक अधिमास होता है।
- (C) इसमें चैत्र से फाल्गुन तक 12 माह होते हैं।
- (D) चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से इसका प्रारम्भ होता है।
विक्रम संवत् के अनुसार प्रत्येक 3 वर्ष में एक अधिमास आता है, न कि 5 वर्ष में। यह चन्द्र-सौर पंचांग है, इसमें चैत्र से फाल्गुन तक 12 माह होते हैं और इसका प्रारंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से होता है।
105. अंग्रेजी कैलेण्डर के बारे में निम्न में से असत्य कथन है?
- (A) इसे 'ग्रिगोरियन कैलेण्डर' भी कहा जाता है।
- (B) इसमें जनवरी से दिसम्बर तक 12 माह होते हैं।
- (C) यह चन्द्रमा पर आधारित कैलेण्डर है।
- (D) इसमें हर चौथा वर्ष 366 दिनों का होता है, जिसे 'लीप ईयर' कहा जाता है।
अंग्रेजी कैलेण्डर जिसे ग्रिगोरियन कैलेण्डर कहते हैं, सौर आधारित है, चन्द्र आधारित नहीं। इसमें जनवरी से दिसम्बर तक 12 माह होते हैं और हर चौथे वर्ष एक लीप ईयर आता है जिसमें 366 दिन होते हैं। यह विश्वभर में सर्वाधिक प्रचलित है।
106. शक संवत् का प्रारम्भ किसने किया था?
- (A) सम्राट अशोक
- (B) विक्रमादित्य
- (C) हर्षवर्धन
- (D) कनिष्क
शक संवत् कुषाण सम्राट कनिष्क ने प्रारंभ किया था। यह भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर के रूप में भी मान्य है। कनिष्क ने इसे अपनी सत्ता के विस्तार और प्रशासन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शुरू किया था।
107. शक संवत् कब प्रारम्भ हुआ?
- (A) 78 ईस्वी में
- (B) 78 ईसा पूर्व में
- (C) 57 ईस्वी में
- (D) 57 ईसा पूर्व में
शक संवत् 78 ईस्वी में प्रारंभ हुआ। इसे सम्राट कनिष्क ने शुरू किया था। यह सूर्य आधारित पंचांग है और इसे भारत सरकार ने राष्ट्रीय पंचांग के रूप में स्वीकार किया है।
108. हिजरी सन् का अंतिम महीना है?
- (A) रज्जब
- (B) जिल्हिज
- (C) रमजान
- (D) सव्वाल
हिजरी सन् का अंतिम महीना जिल्हिज कहलाता है। हिजरी संवत् पूरी तरह चन्द्रमा की गति पर आधारित है और इसमें 12 माह होते हैं। जिल्हिज का महत्व इसलिए है क्योंकि इसी माह में मुसलमान हज यात्रा करते हैं और ईद-उल-जुहा का पर्व मनाते हैं। यह माह धार्मिक दृष्टि से सबसे पवित्र माना जाता है। मुसलमान इस अवधि में विशेष रूप से इबादत करते हैं और इसे कुर्बानी व श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है।
109. हिजरी संवत् के बारे में निम्न में से असत्य कथन है?
- (A) इसे 'इस्लामिक कैलेण्डर' भी कहा जाता है।
- (B) इसमें मुहर्रम से लेकर जिल्हिज तक 12 माह होते हैं।
- (C) यह चन्द्रमा पर आधारित कैलेंडर है।
- (D) इसमें 365/366 दिन होते हैं।
हिजरी संवत् को इस्लामिक कैलेंडर भी कहा जाता है और यह पूर्णतः चन्द्रमा पर आधारित है। इसमें 12 माह होते हैं, लेकिन वर्ष के दिन केवल 354 या 355 होते हैं। यही कारण है कि इस्लामिक पर्व हर साल ग्रेगोरियन कैलेंडर की तुलना में 10–11 दिन पहले आते हैं। असत्य कथन यह है कि इसमें 365/366 दिन होते हैं, क्योंकि इतने दिन तो सूर्य आधारित अंग्रेजी कैलेंडर में होते हैं।
110. धुलण्डी का त्योहार किस तिथि को आता है?
- (A) चैत्र शुक्ल एकम
- (B) वैशाख कृष्ण एकम
- (C) चैत्र कृष्ण एकम
- (D) कार्तिक शुक्ल एकम
धुलण्डी होली का दूसरा दिन होता है और इसे चैत्र कृष्ण एकम को मनाया जाता है। इस दिन लोग एक-दूसरे पर गुलाल और रंग डालकर आनंद लेते हैं। यह पर्व भाईचारे और आपसी प्रेम का प्रतीक है। खासकर राजस्थान और ब्रज क्षेत्र में धुलण्डी का आयोजन बड़े उत्साह से होता है। लोग इस दिन पुराने मतभेद भूलकर एक-दूसरे को गले लगाते हैं और नए रिश्ते जोड़ते हैं।
111. राजस्थान में किस शहर की गणगौर की सवारी प्रसिद्ध है?
- (A) बूंदी
- (B) बीकानेर
- (C) जैसलमेर
- (D) जयपुर
राजस्थान में जयपुर की गणगौर सवारी सबसे प्रसिद्ध है। चैत्र माह में आयोजित इस उत्सव में देवी पार्वती और भगवान शिव की प्रतिमाओं को सजाकर भव्य जुलूस निकाला जाता है। इसमें हाथी, ऊँट, घोड़े और बैंड-बाजे शामिल होते हैं। यह सवारी जयपुर की सांस्कृतिक धरोहर और लोकजीवन का प्रतीक है। इसे देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। यह राजस्थान के सबसे आकर्षक त्योहारों में गिना जाता है।
112. हनुमान जयन्ती किस तिथि को होती है?
- (A) श्रावण पूर्णिमा
- (B) आश्विन पूर्णिमा
- (C) चैत्र पूर्णिमा
- (D) कार्तिक पूर्णिमा
हनुमान जयन्ती चैत्र पूर्णिमा को मनाई जाती है। इस दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था। भक्त इस दिन उपवास रखते हैं, हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। राजस्थान व भारत के अन्य राज्यों में शोभायात्राएँ भी निकाली जाती हैं। यह पर्व भक्ति, शक्ति और निष्ठा का प्रतीक है। संकटमोचन हनुमान की पूजा से भक्त कठिनाइयों से मुक्ति की कामना करते हैं।
113. निम्न में से कौनसा त्योहार मारवाड़ में महिलाओं की आजादी का प्रतीक है?
- (A) सिंजारा
- (B) गणगौर
- (C) छोटी तीज
- (D) घुड़ला
घुड़ला त्योहार मारवाड़ क्षेत्र में महिलाओं की स्वतंत्रता का प्रतीक माना जाता है। इस दिन महिलाएँ समूह बनाकर लोकगीत गाती हुई घर-घर जाती हैं और भेंट व उपहार प्राप्त करती हैं। यह पर्व ग्रामीण जीवन में महिलाओं को सामाजिक मेलजोल और स्वतंत्रता का अवसर देता है। यह त्योहार स्त्रियों की भागीदारी, उत्साह और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखता है। इसे महिलाओं के सम्मान का उत्सव भी कहा जाता है।
114. बुद्ध पूर्णिमा किस तिथि को आती है?
- (A) चैत्र पूर्णिमा
- (B) वैशाख पूर्णिमा
- (C) श्रावण पूर्णिमा
- (D) आषाढ़ पूर्णिमा
बुद्ध पूर्णिमा वैशाख पूर्णिमा को मनाई जाती है। यह दिन भगवान गौतम बुद्ध के जीवन की तीन प्रमुख घटनाओं का प्रतीक है—जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण। इसलिए इसे बौद्ध धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस अवसर पर बौद्ध अनुयायी प्रार्थना, ध्यान और शोभायात्राएँ करते हैं। भारत और विदेशों में स्थित बौद्ध मंदिरों में विशेष आयोजन किए जाते हैं। यह दिन शांति और करुणा का संदेश देता है।
115. राजस्थान में किसान वर्ग द्वारा सात अन्न व हल का पूजन कर शीघ्र वर्षा की कामना के साथ कौनसा त्योहार मनाया जाता है?
- (A) अक्षय तृतीया
- (B) पीपल पूर्णिमा
- (C) रक्षाबंधन
- (D) गणगौर
अक्षय तृतीया (आखा तीज) राजस्थान में किसान वर्ग के लिए विशेष महत्व रखती है। इस दिन किसान सात अन्न, हल और बैलों की पूजा करते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से वर्षा समय पर होती है और अच्छी फसल प्राप्त होती है। इसे शुभ कार्यों का आरंभ करने का दिन भी माना जाता है। विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य इस दिन बिना मुहूर्त देखे किए जाते हैं। यह दिन समृद्धि और शुभता का प्रतीक है।
116. वट सावित्री व्रत / बड़मावस' किस तिथि को आती है?
- (A) आषाढ़ अमावस्या
- (B) भाद्रपद अमावस्या
- (C) ज्येष्ठ अमावस्या
- (D) ज्येष्ठ पूर्णिमा
वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ अमावस्या को मनाया जाता है। इस दिन महिलाएँ बरगद (वट वृक्ष) की पूजा करती हैं और अखण्ड सौभाग्य की कामना करती हैं। इसकी कथा सावित्री और सत्यवान से जुड़ी है, जिसमें सावित्री ने अपने पतिव्रत धर्म और दृढ़ निश्चय से यमराज से अपने पति का प्राण वापस पाया था। इसलिए यह व्रत स्त्रियों के पातिव्रत्य, निष्ठा और प्रेम का प्रतीक है।
117. ऋषभदेव जयन्ती' कब मनायी जाती है?
- (A) चैत्र शुक्ल नवमी
- (B) चैत्र शुक्ल त्रयोदशी
- (C) चैत्र कृष्ण त्रयोदशी
- (D) चैत्र कृष्ण नवमी
ऋषभदेव जयन्ती चैत्र कृष्ण नवमी को मनाई जाती है। ऋषभदेव जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर थे, जिन्हें आदिनाथ भी कहा जाता है। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले का केशरिया जी मंदिर इस पर्व पर विशेष रूप से प्रसिद्ध है। इस दिन जैन समाज शोभायात्राएँ निकालता है और पूजा-अर्चना करता है। यह पर्व जैन धर्म के आदर्शों और मूल सिद्धांतों को स्मरण करने का अवसर है और श्रद्धालु इसमें भाग लेते हैं।
118. निम्न में से मेवाड़ क्षेत्र के आदिवासियों की होली है?
- (A) कोड़ामार होली
- (B) भगोरिया होली
- (C) अंगारों की होली
- (D) डोलची मार होली
मेवाड़ क्षेत्र के आदिवासी भगोरिया होली मनाते हैं। यह केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा उत्सव है। इस होली में आदिवासी युवक-युवतियाँ लोकनृत्य और गायन करते हैं। यह पर्व मेल-जोल, आपसी संबंधों और सामाजिक एकता को बढ़ाने का अवसर भी माना जाता है। भगोरिया होली विशेषकर राजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमा क्षेत्रों में प्रसिद्ध है और इसे आदिवासी संस्कृति का अहम हिस्सा माना जाता है।
119. राजस्थान के किन दो राजपरिवारों में गणगौर नहीं मनाई जाती?
- (A) जयपुर व जोधपुर
- (B) कोटा व भरतपुर
- (C) बूँदी व जोधपुर
- (D) बीकानेर व जैसलमेर
गणगौर पर्व राजस्थान का प्रमुख उत्सव है, लेकिन बूँदी और जोधपुर राजपरिवार में इसे नहीं मनाया जाता। बूँदी में महाराव बुधसिंह के भाई जोधसिंह गणगौर उत्सव के समय नौका पलटने से डूब गए थे, जिससे यह पर्व अशुभ माना गया। वहीं जोधपुर में राव सातलदेव की मृत्यु गणगौर के दिन होने के कारण यह पर्व नहीं मनाया जाता। इससे जुड़ी कहावत 'हाड़ो ले डूब्यो गणगौर' भी प्रसिद्ध है।
120. निम्न में से किस स्थान पर 'घोटा गैर होली' खेली जाती है?
- (A) भीनमाल
- (B) सांचौर
- (C) बाड़मेर
- (D) बालोतरा
घोटा गैर होली जालौर जिले के भीनमाल में खेली जाती है। इस परंपरा में लोग पेड़ की मोटी टहनी लेकर निरंतर नृत्य करते हैं, जिसे 'घोटा गैर' कहा जाता है। यह नृत्य अद्भुत सहनशक्ति और उत्साह का प्रतीक है। स्थानीय लोग इसे खास आकर्षण मानते हैं और बड़ी संख्या में इस आयोजन को देखने आते हैं। यह पर्व राजस्थान की सांस्कृतिक विविधता और लोकजीवन की विशिष्टता को दर्शाता है।
राजस्थान के त्योहार MCQ – सभी भाग:
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