राजस्थान के त्योहार MCQ | Festivals of Rajasthan Questions
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के त्योहार से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं, जो राजस्थान की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी हैं।
इन प्रश्नों में गुरू पूर्णिमा, निडरी नवमी, योगिनी एकादशी, नेवलाष्टमी, आखा तीज, ऊभ छठ पर्व, गणगौर महोत्सव, रक्षा बन्धन, ग्रीष्म उत्सव, खालसा पंथ आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये MCQ RPSC, RSMSSB, RSSB, REET, Patwar, Police, LDC, Teacher तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर और explanation दिया गया है, जिससे आपकी Rajasthan GK की तैयारी और मजबूत होगी।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान के त्योहार
- कुल प्रश्न: 20
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1. नेवलों की पूजा किस दिन की जाती है?
- (A) गुरू पूर्णिमा
- (B) निडरी नवमी
- (C) योगिनी एकादशी
- (D) नेवलाष्टमी
राजस्थान में श्रावण कृष्ण नवमी को नेवले की पूजा की जाती है। इसे निडरी नवमी भी कहा जाता है। लोक मान्यता है कि इस दिन नेवले की पूजा करने से परिवार को सर्पदंश (साँप के काटने) से सुरक्षा मिलती है। नेवला साँप का प्राकृतिक शत्रु है और उसकी पूजा करने से बुराइयों से रक्षा होती है। यह परंपरा ग्रामीण समाज में गहराई से जुड़ी हुई है।
2. गणगौर त्योहार कितनी अवधि तक मनाया जाता है?
- (A) 14 दिन
- (B) 15 दिन
- (C) 18 दिन
- (D) 19 दिन
राजस्थान का प्रमुख पर्व गणगौर चैत्र कृष्ण एकम से शुरू होकर चैत्र शुक्ल तृतीया तक चलता है। इस प्रकार इसकी कुल अवधि 18 दिन होती है। इस पर्व में गण (शिव) और गौर (पार्वती) की पूजा की जाती है। विवाहित महिलाएँ पति की दीर्घायु और अविवाहित कन्याएँ अच्छे पति की कामना करती हैं। यह पर्व विशेष रूप से महिलाओं की आस्था और लोक परंपरा से जुड़ा हुआ है।
3. आखा तीज किस माह में आती है?
- (A) वैशाख
- (B) कार्तिक
- (C) चैत्र
- (D) फाल्गुन
आखा तीज जिसे अक्षय तृतीया भी कहते हैं, वैशाख शुक्ल तृतीया को आती है। इसे अबूझ सावा कहा जाता है क्योंकि इस दिन विवाह और अन्य शुभ कार्य बिना मुहूर्त देखे किए जाते हैं। इसी दिन परशुराम जयंती भी होती है। राजस्थान में बीकानेर, उदयपुर और नागौर की स्थापना भी इसी दिन हुई थी। कृषक वर्ग इस दिन हल और अन्न का पूजन कर अच्छी वर्षा की प्रार्थना करता है।
4. राजस्थान में ऊभ छठ पर्व कब मनाया जाता है?
- (A) श्रावण शुक्ल 6
- (B) भाद्रपद शुक्ल 6
- (C) भाद्रपद कृष्ण 6
- (D) आश्विन कृष्ण 6
राजस्थान में ऊभ छठ या उब छठ पर्व भाद्रपद कृष्ण षष्ठी को मनाया जाता है। इसे चंदन षष्ठी व्रत भी कहते हैं। इस दिन अविवाहित कन्याएँ सूर्यास्त से चंद्रमा के दर्शन तक व्रत रखती हैं। यह पर्व अच्छा वर प्राप्त करने और सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना के लिए किया जाता है। ग्रामीण समाज में यह पर्व विशेष महत्व रखता है।
5. हिजरी सन् का पहला महीना कौनसा है?
- (A) मोहर्रम
- (B) शाबान
- (C) रमजान
- (D) रबी-उल-अव्वल
इस्लामी पंचांग का पहला महीना मोहर्रम है। यह महीना मुसलमानों में शोक का प्रतीक माना जाता है। इसी महीने कर्बला की घटना हुई थी, जिसमें हजरत इमाम हुसैन ने सत्य और न्याय की रक्षा के लिए शहादत दी थी। इसी कारण मोहर्रम में ताजिए निकाले जाते हैं और मातम किया जाता है। इस दिन को आशूरा भी कहा जाता है।
6. राजस्थान में निम्नलिखित में से कौनसा त्योहार श्रावण मास में नहीं आता?
- (A) गणगौर महोत्सव
- (B) बड़ी तीज / कजली तीज
- (C) रक्षा बन्धन
- (D) नाग पंचमी
गणगौर महोत्सव चैत्र माह में मनाया जाता है, इसलिए यह श्रावण मास में नहीं आता। नाग पंचमी श्रावण कृष्ण पंचमी को आती है और इसका प्रसिद्ध मेला मंडोर में लगता है। रक्षाबंधन श्रावण पूर्णिमा को मनाया जाता है। वहीं बड़ी तीज/कजली तीज भाद्रपद कृष्ण तृतीया को मनाई जाती है।
7. राजस्थान में ग्रीष्म उत्सव कहां मनाया जाता है?
- (A) जयपुर
- (B) पुष्कर
- (C) जोधपुर
- (D) माउंट आबू
राजस्थान का प्रसिद्ध ग्रीष्म उत्सव माउंट आबू में मनाया जाता है। यह पर्व जून माह में आयोजित होता है और इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ झीलों व पहाड़ियों की खूबसूरती का आनंद लिया जाता है। माउंट आबू में ही दिसंबर माह में शरद महोत्सव भी होता है। इसके अलावा बीकानेर का ऊँट महोत्सव और जोधपुर का मारवाड़ महोत्सव भी प्रसिद्ध हैं।
8. बिना ईसर की गणगौर कहाँ पूजी जाती है?
- (A) जोधपुर
- (B) जयपुर
- (C) उदयपुर
- (D) जैसलमेर
जैसलमेर में गणगौर पूजा में "ईसर" की प्रतिमा नहीं होती। इसका कारण यह है कि इतिहास में एक बार बीकानेर के लोगों ने गणगौर सवारी पर हमला कर ईसर की प्रतिमा लूट ली थी। उसके बाद से जैसलमेर में गणगौर की सवारी केवल "गौर" के साथ निकलती है। यह परंपरा आज भी जारी है और इसे स्थानीय लोक परंपरा का हिस्सा माना जाता है।
9. मुस्लिम समाज के किस त्योहार में ताजिए निकालते हैं?
- (A) इदुलजुहा
- (B) मोहर्रम
- (C) शबेरात
- (D) इद-उल-फितर
मुस्लिम समाज में मोहर्रम के अवसर पर ताजिए निकाले जाते हैं। यह अवसर शोक का प्रतीक है और कर्बला की घटना की याद में मनाया जाता है। इस समय लोग मातम करते हैं और जुलूस निकालते हैं। ताजिए हजरत इमाम हुसैन की शहादत को श्रद्धांजलि देने के लिए उठाए जाते हैं। यह त्योहार न्याय और सच्चाई के प्रति बलिदान की भावना को दर्शाता है।
10. खालसा पंथ की स्थापना किसने की?
- (A) गुरू अर्जुन देव
- (B) गुरू नानक देव
- (C) गुरू गोविन्द सिंह
- (D) गुरू रामदास जी
खालसा पंथ की स्थापना 13 अप्रैल 1699 को बैसाखी के दिन आनंदपुर साहिब में की गई थी। इसे सिक्खों के दसवें गुरू, गुरू गोविन्द सिंह ने स्थापित किया। इस दिन उन्होंने पंच प्यारे बनाकर खालसा पंथ की नींव रखी। खालसा पंथ का उद्देश्य था – धर्म की रक्षा और अन्याय के खिलाफ संघर्ष। यही दिन बैसाखी पर्व के रूप में भी मनाया जाता है।
11. गोगा नवमी कब कही जाती है?
- (A) भाद्रपद कृष्ण पक्ष की नवमी को
- (B) श्रावण कृष्ण पक्ष की नवमी को
- (C) भाद्रपद शुक्ल पक्ष की नवमी को
- (D) श्रावण शुक्ल पक्ष की नवमी को
गोगा नवमी भाद्रपद कृष्ण पक्ष की नवमी को मनाई जाती है। यह लोकदेवता गोगाजी को समर्पित पर्व है। लोग इस दिन साँपों से रक्षा और परिवार की सुख-शांति के लिए गोगाजी की पूजा करते हैं। गाँव-गाँव में शोभायात्राएँ निकलती हैं और मेलों का आयोजन होता है।
12. अजमेर जिले का कौनसा स्थान 'कोडामार होली उत्सव' हेतु प्रसिद्ध है?
- (A) भिनाय
- (B) किशनगढ़
- (C) नसीराबाद
- (D) मसूदा
अजमेर जिले का भिनाय कस्बा 'कोडामार होली उत्सव' के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ होली के अवसर पर विशेष रूप से कोड़ा (रस्सी या डंडे) मारकर पारंपरिक खेल और उत्सव मनाया जाता है। यह परंपरा स्थानीय संस्कृति और लोक आस्था से जुड़ी हुई है।
13. जलझूलनी एकादशी कब मनाई जाती है?
- (A) कार्तिक शुक्ल एकादशी
- (B) चैत्र कृष्ण एकादशी
- (C) माघ कृष्ण एकादशी
- (D) भाद्रपद शुक्ल एकादशी
जलझूलनी एकादशी भाद्रपद शुक्ल एकादशी को मनाई जाती है। इस दिन विशेष रूप से मण्डपिया (चित्तौड़गढ़) और चारभुजा नाथ (राजसमंद) में विशाल मेले भरते हैं। भगवान विष्णु की प्रतिमाएँ जल में झुलाकर शोभायात्राएँ निकाली जाती हैं। यह पर्व भक्ति और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम है।
14. राजस्थान में त्योहारों का आगमन किससे माना जाता है?
- (A) श्रावणी तीज से
- (B) कजली तीज से
- (C) गणगौर से
- (D) चैत्र शुक्ल एकम से
राजस्थान में त्योहारों का आगमन श्रावणी तीज से माना जाता है। इसे हरियाली तीज भी कहा जाता है। यह पर्व श्रावण मास की शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है और इससे राजस्थान में उत्सवों की लंबी श्रृंखला शुरू होती है। जयपुर में इस अवसर पर विशेष तीज सवारी निकलती है।
15. किस पूर्णिमा को चंद्रमा षोडश कलाओं से परिपूर्ण माना जाता है?
- (A) कार्तिक पूर्णिमा
- (B) शरद पूर्णिमा
- (C) फाल्गुन पूर्णिमा
- (D) माघ पूर्णिमा
शरद पूर्णिमा को ही ऐसी मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है। यह पर्व आश्विन मास की पूर्णिमा को आता है। इसे रास पूर्णिमा भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा की किरणों से अमृत वर्षा होती है। इसी कारण लोग दूध और खीर बनाकर चाँदनी रात में रखते हैं और प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं।
16. व्यास पूर्णिमा या गुरु पूर्णिमा कब मनाई जाती है?
- (A) आषाढ़ पूर्णिमा
- (B) श्रावण पूर्णिमा
- (C) भाद्रपद पूर्णिमा
- (D) आश्विन पूर्णिमा
गुरु पूर्णिमा आषाढ़ पूर्णिमा को मनाई जाती है। इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं क्योंकि महर्षि वेदव्यास को इस दिन श्रद्धांजलि दी जाती है। इस दिन गुरु की पूजा की जाती है और शिष्यों द्वारा आभार व्यक्त किया जाता है। शिक्षा और अध्यात्म के क्षेत्र में इसका विशेष महत्व है।
17. रमजान के बाद कौनसा त्योहार मनाया जाता है?
- (A) ईदुलजुहा
- (B) ईद-उल-फितर
- (C) शबेकद्र
- (D) चेहल्लुम
मुस्लिम समाज में रमजान माह के रोजों के बाद ईद-उल-फितर मनाई जाती है। यह त्योहार रोजे पूरे होने पर अल्लाह का शुक्रिया अदा करने के लिए होता है। लोग मस्जिदों में नमाज अदा करते हैं, गले मिलते हैं और मीठे पकवान बाँटते हैं। इसे "मीठी ईद" भी कहा जाता है।
18. चालीहा महोत्सव किस समाज द्वारा मनाया जाता है?
- (A) सिक्ख समाज
- (B) सिंधी समाज
- (C) मुस्लिम समाज
- (D) जैन समाज
चालीहा महोत्सव सिंधी समाज द्वारा प्रतिवर्ष 16 जुलाई से 24 अगस्त तक मनाया जाता है। यह पर्व झूलेलाल (जल देवता) की भक्ति से जुड़ा है। इसमें 40 दिन तक व्रत, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। यह सिंधी समाज की पहचान और आस्था का प्रमुख पर्व है।
19. गुरु गोविन्द सिंह जयंती कब मनाई जाती है?
- (A) माघ शुक्ल सप्तमी
- (B) माघ कृष्ण सप्तमी
- (C) पौष शुक्ल सप्तमी
- (D) पौष कृष्ण सप्तमी
गुरु गोविन्द सिंह जयंती पौष शुक्ल सप्तमी को मनाई जाती है। गुरु गोविन्द सिंह सिक्खों के दसवें गुरु थे। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की और अन्याय के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया। उनकी जयंती पर देशभर में श्रद्धालु गुरुद्वारों में विशेष अरदास और धार्मिक कार्यक्रम करते हैं।
20. भारत में राष्ट्रीय पंचांग किस तिथि को अपनाया गया?
- (A) 22 मार्च, 1957
- (B) 30 मार्च, 1957
- (C) 26 जनवरी, 1957
- (D) 2 अप्रैल, 1957
भारत सरकार ने 22 मार्च 1957 को राष्ट्रीय पंचांग (भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर) को अपनाया। इसे सूर्यसिद्धांत और शक संवत पर आधारित बनाया गया था। इसका उद्देश्य भारत के विविध पंचांगों में एकरूपता लाना था। यह पंचांग ग्रेगोरियन कैलेंडर के साथ आधिकारिक उपयोग में आता है।
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