राजस्थान की चित्रकला शैलियाँ MCQ Questions with Answers

राजस्थान की चित्रकला शैलियाँ MCQ (Painting Styles of Rajasthan) – Part 3

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान की चित्रकला शैलियाँ से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।

इन प्रश्नों में किशनगढ़ शैली, मेवाड़ शैली, जोधपुर शैली, बूंदी शैली, बीकानेर शैली, नाथद्वारा शैली, कोटा शैली, शेखावाटी शैली, चावण्ड शैली, पिछवाई आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान की चित्रकला शैलियाँ
  • कुल प्रश्न: 20
  • Last Updated:

✍️ Prepared & Reviewed by:
Shiksha247 Rajasthan GK Faculty & Content Team (Since 2021)

📢 Daily Latest Updates ke liye Join Krein:

41. 1623 ई. में चित्रित प्रसिद्ध चित्र 'कल्याणी रागिनी' किस शैली का चित्र है?

  • (A) कोटा शैली
  • (B) मारवाड़ शैली
  • (C) उणियारा शैली
  • (D) मेवाड़ शैली

कल्याणी रागिनी' 1623 ई. में मारवाड़ शैली में चित्रित हुई थी। इस चित्र में संगीत राग की भावनाओं को स्त्रियों और प्रकृति के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। मारवाड़ शैली का यह एक विशिष्ट उदाहरण है, जिसमें मुगल और स्थानीय प्रभाव दोनों का मिश्रण दिखाई देता है।

42. कोटा शैली का स्वतंत्र अस्तित्व स्थापित करने का श्रेय किसे दिया जाता है?

  • (A) महाराव उम्मेद सिंह
  • (B) माधोसिंह
  • (C) जालिम सिंह
  • (D) महाराव रामसिंह

कोटा शैली का स्वतंत्र अस्तित्व महाराव रामसिंह के शासनकाल में स्थापित हुआ। इससे पहले कोटा शैली बूंदी से प्रभावित थी, लेकिन रामसिंह के समय यह स्वतंत्र पहचान के साथ विकसित हुई। कोटा शैली विशेषकर शिकार के दृश्यों और प्राकृतिक सौंदर्य के चित्रण के लिए प्रसिद्ध हुई।

43. कमल से भरे सरोवर व तैरती नौकाएँ' किस शैली का विषय है?

  • (A) मेवाड़ शैली
  • (B) बीकानेर शैली
  • (C) किशनगढ़ शैली
  • (D) शेखावाटी शैली

किशनगढ़ शैली अपने आदर्शवादी सौंदर्य चित्रण के लिए प्रसिद्ध है। इसमें कमल से भरे सरोवर, तैरती नौकाएँ और राधा-कृष्ण के श्रृंगारिक चित्र विशेष स्थान रखते हैं। इस शैली में प्रकृति और प्रेम का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया गया है, जिससे यह शैली अत्यंत लोकप्रिय हुई।

44. प्रसिद्ध चित्रकृति 'ढोला मारू' की शैली है-

  • (A) जोधपुर शैली
  • (B) किशनगढ़ शैली
  • (C) चावण्ड शैली
  • (D) बूंदी शैली

ढोला मारू' चित्रकृति जोधपुर शैली का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इसमें राजस्थान की प्रसिद्ध लोककथा ढोला-मारू का चित्रण किया गया है। यह चित्र मारवाड़ के प्रेम, साहस और सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाता है। जोधपुर शैली में यह कृति आज भी प्रमुख स्थान रखती है।

45. चावण्ड शैली के प्रसिद्ध चितेरे नसीरुद्दीन (निसारदीन) ने 'रागमाला' का चित्रण किस शासक के संरक्षण में किया?

  • (A) महाराणा प्रताप
  • (B) जगतसिंह प्रथम
  • (C) महाराणा उदयसिंह
  • (D) अमरसिंह प्रथम

नसीरुद्दीन (निसारदीन) चावण्ड शैली के प्रसिद्ध चित्रकार थे। उन्होंने 'रागमाला' का चित्रण महाराणा अमरसिंह प्रथम के संरक्षण में किया। इस शैली की चित्रकला में रंगों की गहराई और विषयों की विविधता देखने को मिलती है। रागमाला चित्र संगीत और भावनाओं का कलात्मक चित्रण है, जिसमें विभिन्न रागों और उनके रस का सुंदर प्रस्तुतीकरण होता है।

46. पंचतंत्र, गीत गोविंद, महाभारत, रामायण आदि चित्रित ग्रंथ किस शैली के हैं?

  • (A) मेवाड़ शैली
  • (B) नाथद्वारा शैली
  • (C) जोधपुर शैली
  • (D) किशनगढ़ शैली

मेवाड़ शैली में पंचतंत्र, गीत गोविंद, महाभारत और रामायण जैसे ग्रंथों का चित्रण किया गया। इस शैली की विशेषता धार्मिक और पौराणिक कथाओं का जीवंत चित्रण है। साहिबदीन और मनोहर जैसे महान चित्रकारों ने इन ग्रंथों को कलात्मक रूप दिया। मेवाड़ चित्रशैली ने भारतीय संस्कृति और धर्मग्रंथों को चित्रकला के माध्यम से संरक्षित किया।

47. लम्बा चेहरा, लम्बा कद, लम्बी अंगुलियाँ, नुकीली नाक, पतली कमर, सुराहीदार गर्दन किस चित्रकला शैली की प्रमुख विशेषताएँ है?

  • (A) मेवाड़ शैली
  • (B) जोधपुर शैली
  • (C) किशनगढ़ शैली
  • (D) बीकानेर शैली

किशनगढ़ चित्रशैली की सबसे बड़ी विशेषता स्त्रियों का आदर्शीकृत स्वरूप है। इसमें चेहरा लंबा, नाक नुकीली, आँखें बड़ी और गर्दन सुराहीदार दिखाई जाती है। पतली कमर और लंबी उंगलियाँ इस शैली को अन्य शैलियों से अलग बनाती हैं। बणी-ठणी चित्र इस शैली का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है, जिसे "भारत की मोनालिसा" कहा जाता है।

48. कागज पर निर्मित चित्र कहलाते हैं-

  • (A) पिछवाई
  • (B) माण्डना
  • (C) पाने
  • (D) सांझी

कागज पर निर्मित चित्रों को 'पाने' कहा जाता है। इनमें देवी-देवताओं की झाँकियाँ और धार्मिक चित्र अंकित किए जाते हैं। विशेष रूप से श्रीनाथजी के पाने प्रसिद्ध हैं, जिन पर 24 श्रृंगारों का चित्रण किया गया है। पाने सजावटी और धार्मिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण होते थे और इन्हें भक्तिभाव से घरों व मंदिरों में लगाया जाता था।

49. मेवाड़ चित्रशैली का प्रमुख चित्र 'रागमाला चित्र' किस अजायबघर में सुरक्षित है?

  • (A) किशनगढ़ संग्रहालय
  • (B) बड़ौदा संग्रहालय
  • (C) अल्बर्ट हॉल (पेरिस)
  • (D) दिल्ली के अजायबघर में

मेवाड़ शैली का प्रमुख 'रागमाला चित्र' दिल्ली के अजायबघर में सुरक्षित है। रागमाला चित्रकला भारतीय संगीत के विभिन्न रागों और रागिनियों का दृश्य रूप प्रस्तुत करती है। इस चित्रण में धार्मिक और श्रृंगारिक भावों का सुंदर समन्वय है। यह चित्रकला मेवाड़ शैली की प्राचीनता और कलात्मक उत्कृष्टता का प्रतीक है।

50. राजस्थान में चित्रकला शैली व स्वर्णकाल का कौनसा युग्म असुमेलित है?

  • (A) नाथद्वारा शैली – महाराणा राजसिंह
  • (B) चावण्ड शैली – अमर सिंह प्रथम
  • (C) बीकानेर शैली – महाराजा अनूप सिंह
  • (D) मेवाड़ शैली – महाराणा प्रताप

मेवाड़ शैली का स्वर्णकाल महाराणा प्रताप का नहीं, बल्कि महाराणा जगतसिंह प्रथम (1628–1652 ई.) का समय था। इस काल में साहिबदीन और मनोहर जैसे चित्रकार सक्रिय थे। उन्होंने धार्मिक ग्रंथों जैसे भागवत पुराण और गीत गोविंद का सुंदर चित्रण किया। इस कारण यह युग्म असुमेलित है।

51. किशनगढ़ शैली के प्रसिद्ध चित्र 'बणी-ठणी' को किसने 'भारत की मोनालिसा' कहा?

  • (A) आनन्द कुमार स्वामी
  • (B) एरिक डिक्सन
  • (C) सावंतसिंह
  • (D) डब्ल्यू एच ब्राउन

एरिक डिक्सन ने किशनगढ़ शैली के चित्र 'बणी-ठणी' को 'भारत की मोनालिसा' कहा। बणी-ठणी चित्र स्त्री सौंदर्य का आदर्श रूप प्रस्तुत करता है। इसमें लम्बी आँखें, नुकीली नाक और भावपूर्ण चेहरा चित्रित किया गया है। यह चित्र किशनगढ़ शैली की शिखर उपलब्धि माना जाता है और विश्व स्तर पर प्रसिद्ध हुआ।

52. नाथद्वारा चित्रकला शैली किन दो शैलियों का समन्वित रूप है?

  • (A) किशनगढ़ शैली व मारवाड़ शैली
  • (B) उदयपुर शैली व ब्रज शैली
  • (C) बीकानेर शैली व कांगड़ा शैली
  • (D) देवगढ़ शैली व उदयपुर शैली

नाथद्वारा चित्रशैली उदयपुर शैली और ब्रज शैली का समन्वित रूप है। इसका आरंभ 1672 ई. में श्रीनाथजी की मूर्ति की स्थापना के साथ हुआ। इस शैली में कृष्ण लीलाओं, उत्सवों और भक्ति परक चित्रों का चित्रण प्रमुख रहा। ब्रज की भक्ति भावना और उदयपुर की कलात्मकता ने इसे एक विशेष पहचान दी।

53. रामनाथ, तुलसीदास, सवाईराम और लालडीदास चित्रकला की किस शैली से संबंधित हैं?

  • (A) अलवर शैली
  • (B) कोटा शैली
  • (C) बूंदी शैली
  • (D) किशनगढ़ शैली

रामनाथ, तुलसीदास, सवाईराम और लालडीदास किशनगढ़ शैली से संबंधित चित्रकार थे। इन चित्रकारों ने राधा-कृष्ण विषयक चित्रों और बणी-ठणी जैसे आदर्शीकृत सौंदर्य चित्रण में विशेष योगदान दिया। किशनगढ़ शैली की विशेषता लंबी-लंबी आँखें और श्रृंगारिक भावों का गहन चित्रण है।

54. रागमाला का प्रसिद्ध चित्रकार 'डालू' राजपूताना की किस शैली से संबद्ध है?

  • (A) कोटा शैली
  • (B) मेवाड़ शैली
  • (C) बूंदी शैली
  • (D) जोधपुर शैली

डालू नामक चित्रकार कोटा शैली से संबद्ध था। उसने 1768 ई. में 'रागमाला सैट' चित्रित किया, जो कोटा शैली का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध रागमाला संग्रह है। इसमें विभिन्न राग-रागिनियों को सुंदर चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। यह चित्रकला कोटा शैली की समृद्धि और विशिष्टता को दर्शाती है।

55. किशनगढ़ शैली का प्रसिद्ध चित्रकार था-

  • (A) सालीगराम
  • (B) निहालचंद
  • (C) रामलाल
  • (D) नूर मोहम्मद

निहालचंद किशनगढ़ शैली के सर्वश्रेष्ठ चित्रकार माने जाते हैं। उन्होंने "बणी-ठणी" नामक अद्वितीय चित्र बनाया, जिसे "भारत की मोनालिसा" कहा जाता है। इस चित्र में स्त्री सौंदर्य को आदर्श रूप में प्रस्तुत किया गया। निहालचंद ने राधा-कृष्ण विषयक चित्रों और श्रृंगारिक भावनाओं को विशेष महत्व दिया। उनकी कला ने किशनगढ़ शैली को अमर बना दिया।

56. नाथद्वारा शैली के प्रख्यात चित्रों का विषय है-

  • (A) श्रीनाथजी के सहस्रों स्वरूप
  • (B) आदमकद व्यक्ति चित्र
  • (C) लोकजीवन की झांकी
  • (D) प्रेमाख्यानों का चित्रण

नाथद्वारा चित्रशैली में प्रमुख विषय भगवान श्रीनाथजी और उनकी लीलाएँ हैं। इसमें श्रीनाथजी के सहस्रों स्वरूप, बाल लीलाएँ, राधा-कृष्ण के मिलन तथा नंद-यशोदा और ग्वालबालों का चित्रण मिलता है। इस शैली में 'पिछवाई' चित्र विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं, जो धार्मिक अनुष्ठानों और त्यौहारों के लिए बनाए जाते थे।

57. निहालचंद' किसके दरबारी चित्रकार थे-

  • (A) किशन सिंह
  • (B) सावंत सिंह
  • (C) रूपसिंह
  • (D) मानसिंह

निहालचंद किशनगढ़ के महाराजा सावंत सिंह के दरबारी चित्रकार थे। सावंत सिंह स्वयं भक्तिकालीन कवि नागरीदास के नाम से प्रसिद्ध थे। निहालचंद ने उनके संरक्षण में अनेक उत्कृष्ट चित्र बनाए। खासकर बणी-ठणी का चित्र, जो महाराजा सावंत सिंह की प्रेयसी पर आधारित था, उनकी कला का शिखर उदाहरण है।

58. राजस्थान की वह चित्रकला शैली, जिसमें सर्वाधिक चित्र कागज (वसली) पर बने होने के कारण इसे 'कागजी शैली' भी कहा जाता है।

  • (A) मेवाड़ शैली
  • (B) मारवाड़ शैली
  • (C) नाथद्वारा शैली
  • (D) किशनगढ़ शैली

किशनगढ़ शैली को 'कागजी शैली' भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें अधिकांश चित्र कागज (वसली) पर बनाए गए। इस शैली की विशेषता आदर्श स्त्री सौंदर्य का चित्रण है। लंबे चेहरे, पतली कमर और नुकीली नाक वाली स्त्रियाँ इस शैली की पहचान हैं। निहालचंद द्वारा बनाए गए चित्र बणी-ठणी इस शैली की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि हैं।

59. कैनवास पर प्रकृति के चित्र बनाने के लिए प्रसिद्ध चित्रकार, जिनका जन्म धौलपुर में हुआ, जिनका सर्वोत्तम चित्र 'फॉल ऑफ बर्लिन' है-

  • (A) प्रतिभा पाण्डे
  • (B) कैलाश चन्द्र शर्मा
  • (C) ज्योति स्वरूप शर्मा
  • (D) देवकीनन्दन शर्मा

प्रतिभा पाण्डे धौलपुर की प्रसिद्ध चित्रकार हैं, जो कैनवास पर प्रकृति के चित्र बनाने के लिए जानी जाती हैं। उनका सबसे प्रसिद्ध चित्र "फॉल ऑफ बर्लिन" है, जिसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। उनकी कला में प्रकृति की सुंदरता और जीवंतता देखने को मिलती है।

60. कौनसी राजस्थान चित्रकला की विशेषता नहीं है-

  • (A) प्राकृतिक परिवेश का बहुमुखी चित्रण
  • (B) लोक जीवन के चित्रण की उपेक्षा
  • (C) विषयवस्तु की विविधता
  • (D) श्रृंगार एवं भक्ति का सुन्दर समन्वय

राजस्थानी चित्रकला की विशेषता लोक जीवन का यथार्थवादी चित्रण है, उसकी उपेक्षा नहीं। इसमें दरबारी जीवन, धार्मिक कथाएँ, ग्रामीण परंपराएँ और लोक संस्कृतियाँ सभी का चित्रण हुआ। विषयों की विविधता, प्राकृतिक परिवेश का जीवंत चित्रण और श्रृंगार-भक्ति का समन्वय इसे विशिष्ट बनाते हैं।

राजस्थान की चित्रकला शैलियाँ MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6 | Part 7 | Part 8 | Part 9 | Part 10 | Part 11 | Part 12 | Part 13 | Part 14 | Part 15

❓ Question / Doubt / Correction?

Agar aapko kisi MCQ me doubt, correction ya suggestion lagta hai, to please is post ke comment section ki jagah humare YouTube channel par dedicated discussion video ke comment box me post link ke sath comment karein.

📝 Comment karne ka format:
• MCQ Post ka link
• Question number
• Short doubt / correction



👉 Official Discussion Video:
Shiksha247 YouTube Channel
📱 Shiksha247 App
Test Series • eBooks • PYQ • Solved Papers
Download App
Scroll to Top