राजस्थान की जनजातियाँ MCQ Questions with Answers

राजस्थान की जनजातियाँ (Tribes of Rajasthan) MCQ – Part 4

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान की जनजातियाँ से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें सांसी, भील, सहरिया, कंजर, कथौड़ी, गरासिया, डामोर, मीणा आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान की जनजातियाँ
  • Question: 61 से 80
  • Last Updated:

📌 इस टॉपिक के अन्य भाग (Parts) के लिंक इस पोस्ट के अंतिम प्रश्न के बाद दिए गए हैं।

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61. भीलों के वस्त्रों के संदर्भ में ‘फेंटा’ क्या है?

  • (A) पुरुषों का गले का आभूषण
  • (B) सिर पर बांधा जाने वाला वस्त्र
  • (C) ओढ़ने वाला मोटा लबादा
  • (D) बालकों का वस्त्र

भील जनजाति में ‘फेंटा’ सिर पर बांधा जाने वाला पारंपरिक वस्त्र होता है। यह केवल पहनावे का हिस्सा नहीं बल्कि पहचान और सम्मान का प्रतीक भी माना जाता है। अलग-अलग रंगों और बांधने के तरीकों से सामाजिक स्थिति या अवसर का भी संकेत मिलता है। ग्रामीण और पारंपरिक आयोजनों में आज भी फेंटा पहनने की परंपरा देखी जाती है।

62. भीलों को वनपुत्र किसने कहा?

  • (A) डॉ. टेसीतोरी
  • (B) कर्नल जेम्स टॉड
  • (C) बिलियम बैंटिक
  • (D) थॉमसन

कर्नल जेम्स टॉड ने भील जनजाति को “वनपुत्र” कहा था। उन्होंने राजस्थान के इतिहास और जनजातीय जीवन का विस्तृत अध्ययन किया और अपनी रचनाओं में भीलों के साहस, जंगलों से जुड़ाव और स्वतंत्र जीवनशैली का वर्णन किया। भील समुदाय का प्रकृति से गहरा संबंध होने के कारण यह उपाधि उनके जीवन के अनुकूल मानी जाती है।

63. ‘हाथीमना नृत्य’ किस जनजाति द्वारा सर्वाधिक किया जाता है?

  • (A) सांसी
  • (B) भील
  • (C) मीणा
  • (D) सहरिया

हाथीमना नृत्य भील जनजाति का प्रमुख पारंपरिक नृत्य है। भील समाज में नृत्य और संगीत सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यह नृत्य उत्सवों, मेलों और धार्मिक अवसरों पर सामूहिक रूप से किया जाता है। इसके अलावा गैर, गवरी, नेजा और भगोरिया जैसे अन्य नृत्य भी भील संस्कृति को जीवंत बनाते हैं और सामुदायिक एकता को मजबूत करते हैं।

64. भील जनजाति राज्य के किस भाग में मुख्यतः निवास करती है?

  • (A) पूर्वी भाग
  • (B) पश्चिमी भाग
  • (C) उत्तरी भाग
  • (D) दक्षिणी भाग

भील जनजाति राजस्थान के दक्षिणी भाग में सबसे अधिक निवास करती है। बाँसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर जैसे जिले इनके प्रमुख क्षेत्र माने जाते हैं। भील समाज जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है तथा अपनी विशिष्ट संस्कृति और लोकनृत्यों के लिए जाना जाता है। यह जनजाति राजस्थान की सबसे प्राचीन और बड़ी जनजातियों में शामिल है।

65. ‘फाइरे फाइरे’ किस जनजाति का रणघोष है?

  • (A) कंजर
  • (B) गरासिया
  • (C) सहरिया
  • (D) भील

‘फाइरे फाइरे’ भील जनजाति का रणघोष माना जाता है। किसी संकट या आपदा की स्थिति में भील समुदाय के लोग इस पुकार के साथ एक स्थान पर एकत्र होते थे और तीर-कमान लेकर सुरक्षा के लिए तैयार रहते थे। यह रणघोष उनकी एकता, साहस और सामूहिक रक्षा प्रणाली का प्रतीक है, जो उनकी पारंपरिक जीवनशैली को दर्शाता है।

66. राजस्थान की वह कौनसी जनजाति है जो अपने मकान के दरवाजे बंद नहीं रखती है?

  • (A) सांसी
  • (B) कथौड़ी
  • (C) कंजर
  • (D) डामोर

कंजर जनजाति के बारे में माना जाता है कि वे अपने घरों के दरवाजे बंद नहीं रखते। यह उनकी आपसी विश्वास और खुली सामाजिक व्यवस्था को दर्शाता है। जनजातीय समाज में सामुदायिक जीवन और पारस्परिक सहयोग की भावना मजबूत होती है, जिसके कारण सुरक्षा की भावना सामूहिक रूप से बनी रहती है। यह परंपरा उनकी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा मानी जाती है।

67. ‘लीला-मोरिया’ क्या है?

  • (A) वैवाहिक संस्कार
  • (B) जन्म संस्कार
  • (C) कृषि प्रकार
  • (D) फसल गीत

लीला-मोरिया गरासिया और अन्य जनजातीय समाजों में प्रचलित एक वैवाहिक संस्कार माना जाता है। यह विवाह से जुड़ी पारंपरिक रस्मों का हिस्सा होता है, जिसमें गीत, नृत्य और सामाजिक रीति-रिवाज शामिल होते हैं। इस प्रकार के संस्कार जनजातीय समाज में सामाजिक संबंधों को मजबूत बनाते हैं और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का माध्यम होते हैं।

68. ‘फड़का’ क्या है?

  • (A) पत्थर फेंकने का यंत्र
  • (B) भील स्त्रियों की साड़ी शैली
  • (C) कथौड़ी की साड़ी पहनने की शैली
  • (D) गरासियों का अतिथि गृह

फड़का कथौड़ी जनजाति में महिलाओं द्वारा मराठी अंदाज में साड़ी पहनने की एक विशेष शैली है। यह पहनावा उनकी सांस्कृतिक पहचान और परंपरा को दर्शाता है। जनजातीय समाज में वस्त्र केवल पहनने की चीज नहीं बल्कि सामाजिक पहचान और संस्कृति का प्रतीक भी होते हैं। फड़का शैली विशेष अवसरों पर अधिक दिखाई देती है।

69. ‘गोफना’ क्या है?

  • (A) सहरिया की मचाननुमा झोपड़ी
  • (B) पत्थर फेंकने का यंत्र
  • (C) विवाह भोजन
  • (D) विवाह रस्म

गोफना सहरिया जनजाति द्वारा पेड़ों पर बनाई जाने वाली मचाननुमा झोपड़ी को कहा जाता है। यह झोपड़ी सुरक्षा और वन्य वातावरण के अनुकूल रहने के लिए बनाई जाती है। सहरिया समाज की बस्ती को सहराना और उनके घरों को टापरी भी कहा जाता है। यह व्यवस्था उनकी प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन शैली को दर्शाती है।

70. छेला बावसी के मेले में विशेष रूप से कौन भाग लेते हैं?

  • (A) डामोर
  • (B) गरासिया
  • (C) सहरिया
  • (D) कथौड़ी

छेला बावसी का मेला डामोर जनजाति का प्रसिद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है। इस मेले में बड़ी संख्या में डामोर समुदाय के लोग भाग लेते हैं और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। मेले के दौरान लोकनृत्य, गीत और पारंपरिक गतिविधियाँ भी आयोजित होती हैं। यह मेला उनकी सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है।

71. राजस संघ की स्थापना कब हुई?

  • (A) 1975
  • (B) 1976
  • (C) 1978
  • (D) 1977

राजस संघ की स्थापना वर्ष 1976 में की गई थी। इसका उद्देश्य जनजातीय और सामाजिक विकास से जुड़े कार्यों को बढ़ावा देना था। इस प्रकार के संगठन जनजातीय समुदायों की समस्याओं को समझने और उनके विकास के लिए योजनाएँ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सामाजिक जागरूकता और संगठनात्मक सहयोग इनके मुख्य उद्देश्य रहे हैं।

72. सहरिया क्षेत्र में कपिलधारा का मेला कब लगता है?

  • (A) कार्तिक पूर्णिमा
  • (B) वैशाख पूर्णिमा
  • (C) भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी
  • (D) भाद्रपद पूर्णिमा

कपिलधारा का मेला सहरिया क्षेत्र में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होता है। यह मेला धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र है। सहरिया जनजाति के लोग बड़ी संख्या में इसमें भाग लेते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। यह आयोजन उनकी धार्मिक मान्यताओं और सामुदायिक एकता को दर्शाता है।

73. राज्य में सर्वाधिक व न्यूनतम जनजाति जनसंख्या किन जिलों में पायी जाती है?

  • (A) उदयपुर – हनुमानगढ़
  • (B) बीकानेर – उदयपुर
  • (C) उदयपुर – बीकानेर
  • (D) बाँसवाड़ा – नागौर

राजस्थान में जनजातीय जनसंख्या सबसे अधिक उदयपुर जिले में पाई जाती है, जबकि न्यूनतम बीकानेर जिले में मानी जाती है। दक्षिणी राजस्थान के जिलों में जनजातियों की संख्या अधिक है क्योंकि यहाँ पहाड़ी और वन क्षेत्र ज्यादा हैं। वहीं शुष्क और रेगिस्तानी क्षेत्रों में जनजातीय आबादी कम देखने को मिलती है।

74. कंजर जाति की कुल देवी है?

  • (A) आमजा माता
  • (B) लटियाला माता
  • (C) चौथ माता
  • (D) ज्वाला माता

कंजर जाति की कुल देवी चौथ माता मानी जाती हैं। इस समुदाय में कुल देवी की पूजा विशेष महत्व रखती है और धार्मिक अवसरों पर विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं। कुल देवी में आस्था सामाजिक एकता और पारिवारिक परंपराओं को बनाए रखने का माध्यम होती है। यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है।

75. मीणा जनजाति के कितने वर्ग किए गए हैं?

  • (A) दो
  • (B) तीन
  • (C) पांच
  • (D) एक

मीणा जनजाति को मुख्य रूप से दो वर्गों में विभाजित किया गया है – जींदार मीणा और चौकीदार मीणा। यह विभाजन पारंपरिक सामाजिक भूमिकाओं और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित है। दोनों वर्गों की अपनी सांस्कृतिक विशेषताएँ हैं, लेकिन सामाजिक रूप से ये एक ही जनजाति का हिस्सा माने जाते हैं। यह वर्गीकरण समाज की संरचना को समझने में मदद करता है।

76. माणिक्य लाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना कब हुई?

  • (A) 2 जनवरी 1964
  • (B) 2 अक्टूबर 1964
  • (C) 8 मार्च 1963
  • (D) 4 सितम्बर 1962

माणिक्य लाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना 2 जनवरी 1964 को की गई थी। यह संस्थान जनजातीय समाज के अध्ययन, शोध और विकास के लिए कार्य करता है। यहाँ जनजातीय संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक समस्याओं पर शोध किया जाता है। राजस्थान में जनजातीय विकास योजनाओं में इसका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।

77. भंगोरिया क्या है?

  • (A) भीलों का त्योहार
  • (B) विवाह रस्म
  • (C) कथौड़ी के घर
  • (D) भीलों के झोंपड़े

भंगोरिया भील जनजाति का प्रसिद्ध त्योहार है। इस अवसर पर युवक-युवतियाँ मेलों में भाग लेते हैं और अपना जीवनसाथी चुनते हैं। यह उत्सव रंग, संगीत और नृत्य से भरपूर होता है। भंगोरिया केवल त्योहार ही नहीं बल्कि सामाजिक मेलजोल और पारंपरिक विवाह प्रणाली का भी महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

78. मावलिया नृत्य व होली नृत्य किस जनजाति के प्रमुख नृत्य हैं?

  • (A) सांसी
  • (B) कथौड़ी
  • (C) भील
  • (D) कंजर

मावलिया और होली नृत्य कथौड़ी जनजाति के प्रमुख पारंपरिक नृत्य माने जाते हैं। ये नृत्य विशेष रूप से त्योहारों और सामुदायिक आयोजनों में किए जाते हैं। नृत्य के माध्यम से समुदाय अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को जीवित रखता है। संगीत और सामूहिक भागीदारी इनके सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

79. शेखावाटी क्षेत्र के मीणा जनजाति की इष्टदेवी कौनसी है?

  • (A) चौथमाता
  • (B) जीण माता
  • (C) कैला देवी
  • (D) शाकम्भरी माता

शेखावाटी क्षेत्र के मीणा समाज की इष्टदेवी जीण माता मानी जाती हैं। इनके मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मीणा समाज में देवी-पूजा की परंपरा काफी मजबूत है और इष्टदेवी को परिवार और समाज की रक्षक माना जाता है। धार्मिक मेलों और त्योहारों में इनकी विशेष पूजा की जाती है।

80. मोरबंधिया, पहरावना, ताणना विवाह किस जनजाति में प्रचलित है?

  • (A) सहरिया
  • (B) भील
  • (C) गरासिया
  • (D) कंजर

मोरबंधिया, पहरावना और ताणना विवाह गरासिया जनजाति की विशेष विवाह परंपराएँ हैं। इन रस्मों के माध्यम से विवाह को सामाजिक स्वीकृति और सांस्कृतिक महत्व दिया जाता है। गरासिया समाज में विवाह के कई पारंपरिक रूप देखने को मिलते हैं, जो उनकी सामाजिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाते हैं।

राजस्थान की जनजातियाँ MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6 | Part 7 | Part 8 | Part 9 | Part 10 | Part 11

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