राजस्थान की जनजातियाँ MCQ Questions with Answers

राजस्थान की जनजातियाँ (Tribes of Rajasthan) MCQ – Part 6

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान की जनजातियाँ से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें भील, कंजर, सांसी, कथौड़ी, मीणा, गरासिया, सहरिया आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान की जनजातियाँ
  • Question: 101 से 120
  • Last Updated:

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101. वह जनजाति जिसमें विधवा विवाह की चार प्रथाएँ देवर, पेरावरानु, ओनु करावनु, खेरदार रखना प्रचलित हैं?

  • (A) कंजर
  • (B) सांसी
  • (C) भील
  • (D) कथौड़ी

भील जनजाति में विधवा विवाह की कई परंपराएँ प्रचलित हैं, जैसे देवर, पेरावरानु, ओनु करावनु और खेरदार रखना। ये प्रथाएँ सामाजिक सुरक्षा और परिवार की संरचना बनाए रखने के उद्देश्य से विकसित हुई हैं। जनजातीय समाज में विवाह संबंधी नियम लचीले होते हैं, जिससे सामाजिक संतुलन और सहयोग की भावना बनी रहती है।

102. भील स्त्रियों द्वारा घुटनों के नीचे तक पहने जाने वाला वस्त्र क्या कहलाता है?

  • (A) कछाबू
  • (B) खोयतु
  • (C) ढेपाड़ा
  • (D) पोतीछा

भील महिलाओं के पारंपरिक वस्त्रों में कछाबू एक प्रमुख परिधान है, जिसे घुटनों के नीचे तक पहना जाता है। यह पहनावा उनके दैनिक जीवन और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। जनजातीय समाज में वस्त्र केवल उपयोगिता के लिए नहीं बल्कि परंपरा और सामाजिक पहचान को दर्शाने के लिए भी महत्वपूर्ण होते हैं।

103. भीलों की रोगोपचार की पद्धति क्या कहलाती है?

  • (A) काट्टा
  • (B) डाम
  • (C) बोलावा
  • (D) डाहल

भील जनजाति में पारंपरिक उपचार पद्धति को डाम कहा जाता है। इसमें स्थानीय जड़ी-बूटियों और पारंपरिक ज्ञान का उपयोग किया जाता है। ग्रामीण और वन क्षेत्रों में आधुनिक चिकित्सा की कमी के कारण ऐसी लोकचिकित्सा पद्धतियाँ विकसित हुईं। यह ज्ञान पीढ़ियों से मौखिक रूप से आगे बढ़ता रहा है और आज भी कई जगह प्रचलित है।

104. आदिवासियों द्वारा नवरात्रों की समाप्ति पर निकाला जाने वाला जुलूस क्या कहलाता है?

  • (A) खोलरा
  • (B) बयौरी
  • (C) जवेरा
  • (D) हेलरू

नवरात्र की समाप्ति पर आदिवासी समाज द्वारा निकाला जाने वाला धार्मिक जुलूस जवेरा कहलाता है। इसमें समुदाय के लोग सामूहिक रूप से भाग लेते हैं और देवी-पूजा से जुड़े अनुष्ठान करते हैं। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता का प्रतीक भी होता है। लोकगीत और पारंपरिक वाद्य इस जुलूस की विशेष पहचान हैं।

105. भील शब्द द्रविड़ भाषा के ‘बील’ का अपभ्रंश है, जिसका अर्थ है?

  • (A) मछली
  • (B) तीर-कमान
  • (C) कमान
  • (D) भाई

माना जाता है कि ‘भील’ शब्द द्रविड़ भाषा के ‘बील’ से बना है, जिसका अर्थ तीर-कमान होता है। भील जनजाति धनुष-बाण चलाने में निपुण मानी जाती थी, इसलिए यह नाम प्रचलित हुआ। उनके पारंपरिक जीवन में शिकार और जंगल से जुड़ी गतिविधियों का महत्वपूर्ण स्थान रहा है, जिससे यह अर्थ जुड़ा हुआ माना जाता है।

106. भाँत की ओढ़नी या दुपट्टा किस जाति की महिलाओं में प्रचलित है?

  • (A) मीणा
  • (B) भील
  • (C) गरासिया
  • (D) सहरिया

भाँत की ओढ़नी या दुपट्टा मीणा जाति की महिलाओं में प्रचलित पारंपरिक परिधान है। यह रंग-बिरंगा और आकर्षक होता है तथा विशेष अवसरों पर पहना जाता है। मीणा समाज में पारंपरिक वेशभूषा उनकी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। ऐसे वस्त्र सामाजिक अवसरों और त्योहारों में विशेष महत्व रखते हैं।

107. राजस्थान में लगभग कितने प्रतिशत भाग पर जनजाति निवास करती है?

  • (A) 0.0385
  • (B) 0.0812
  • (C) 0.0585
  • (D) 0.065

राजस्थान के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 5.85 प्रतिशत भाग जनजातीय निवास क्षेत्र माना जाता है। ये क्षेत्र मुख्य रूप से दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में केंद्रित हैं। पहाड़ी और वन क्षेत्रों की उपलब्धता के कारण जनजातीय समुदाय यहाँ अधिक संख्या में पाए जाते हैं। यह आँकड़ा राज्य की जनजातीय भौगोलिक उपस्थिति को दर्शाता है।

108. ‘चौरासी’ क्या है?

  • (A) भीलों की सबसे बड़ी पंचायत
  • (B) मीणा जनजाति की सबसे बड़ी पंचायत
  • (C) एक प्रथा
  • (D) विवाह रस्म

मीणा जनजाति की सबसे बड़ी पंचायत को चौरासी कहा जाता है। इसमें लगभग 84 गाँव शामिल होते हैं, इसलिए इसका यह नाम पड़ा। यह पंचायत सामाजिक विवादों के समाधान और सामुदायिक निर्णय लेने का प्रमुख मंच होती है। जनजातीय समाज में ऐसी पंचायतें सामाजिक अनुशासन और परंपराओं को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

109. निम्न में से भीलों की उपजाति कौनसी है?

  • (A) माट्टा
  • (B) साट्टा
  • (C) मिलाला
  • (D) लिलाला

मिलाला भील जनजाति की एक उपजाति मानी जाती है। भील समाज में कई उपसमूह पाए जाते हैं, जिनकी अपनी सामाजिक और सांस्कृतिक विशेषताएँ होती हैं। उपजातियों के आधार पर विवाह और सामाजिक संबंधों के नियम तय होते हैं। यह व्यवस्था जनजातीय समाज की पारंपरिक संरचना को दर्शाती है।

110. ‘फालू’ क्या है?

  • (A) भीलों के मकान
  • (B) कमर का अंगोछा
  • (C) भील स्त्रियों का घाघरा
  • (D) खेती

फालू भील पुरुषों द्वारा कमर पर बांधा जाने वाला अंगोछा होता है। यह पारंपरिक पहनावे का महत्वपूर्ण हिस्सा है और दैनिक कार्यों में सुविधाजनक माना जाता है। जनजातीय समाज में ऐसे वस्त्र स्थानीय जलवायु और कामकाज के अनुसार विकसित हुए हैं। पारंपरिक वेशभूषा आज भी उनकी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखती है।

111. भील शब्द किस भाषा का है?

  • (A) अंग्रेजी
  • (B) फारसी
  • (C) द्रविड़
  • (D) मंगोला

भील शब्द को द्रविड़ भाषा से उत्पन्न माना जाता है। इसका संबंध तीर-कमान से जोड़ा जाता है, जो इस जनजाति की पारंपरिक पहचान रही है। भाषा और शब्दों की उत्पत्ति से जनजातियों के इतिहास और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को समझने में मदद मिलती है। भील समाज भारत की प्राचीन जनजातियों में से एक माना जाता है।

112. भील जनजाति में ‘चूड़ी पहनाना’ से क्या आशय है?

  • (A) विवाह प्रथा
  • (B) पर्दा प्रथा
  • (C) नाता प्रथा
  • (D) सती प्रथा

भील जनजाति में ‘चूड़ी पहनाना’ नाता प्रथा से संबंधित है। यह विवाह या पुनर्विवाह की एक सामाजिक परंपरा है, जिसमें महिला को चूड़ी पहनाकर संबंध को मान्यता दी जाती है। जनजातीय समाज में विवाह संबंधी नियम अपेक्षाकृत लचीले होते हैं और सामाजिक सहमति को महत्व दिया जाता है।

113. राज्य के किस जिले में कुल जनसंख्या में जनजाति जनसंख्या का सर्वाधिक प्रतिशत है?

  • (A) कोटा
  • (B) बारां
  • (C) बाँसवाड़ा
  • (D) जालौर

राजस्थान में कुल जनसंख्या की तुलना में जनजातीय आबादी का सबसे अधिक प्रतिशत बाँसवाड़ा जिले में पाया जाता है। यह क्षेत्र भील जनजाति का प्रमुख निवास स्थान है। यहाँ जनजातीय संस्कृति, लोकनृत्य और पारंपरिक जीवनशैली स्पष्ट रूप से देखने को मिलती है। जनजातीय अनुपात अधिक होने के कारण यह जिला विशेष पहचान रखता है।

114. गरासियों का सबसे बड़ा मेला है?

  • (A) सियावा का गौर मेला
  • (B) रेवाड़ी मेला
  • (C) सीताबाड़ी मेला
  • (D) चौथ माता मेला

गरासिया जनजाति का सबसे बड़ा मेला सियावा का गौर मेला माना जाता है, जो सिरोही जिले में आयोजित होता है। यह मेला धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहाँ लोकनृत्य, गीत और पारंपरिक मेलजोल देखने को मिलता है। यह आयोजन गरासिया समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है।

115. टोटम किस जाति का लोकदेवता है?

  • (A) मीणा
  • (B) भील
  • (C) गरासिया
  • (D) सहरिया

भील जनजाति में टोटम की विशेष मान्यता है। वे पशु-पक्षियों और पौधों को पवित्र मानकर उन्हें टोटम के रूप में पूजते हैं। यह परंपरा प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना को दर्शाती है। टोटम प्रणाली सामाजिक पहचान और धार्मिक विश्वासों का हिस्सा मानी जाती है।

116. सहरिया जनजाति द्वारा फसल पकने पर कौनसा नृत्य किया जाता है?

  • (A) वालर
  • (B) झेला
  • (C) द्विचक्री
  • (D) राई

सहरिया जनजाति में फसल पकने पर झेला नृत्य किया जाता है। यह नृत्य खुशी और उत्सव का प्रतीक होता है तथा सामूहिक रूप से किया जाता है। कृषि आधारित जीवन में फसल का समय महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए नृत्य और गीतों के माध्यम से खुशी व्यक्त की जाती है। यह परंपरा सामाजिक एकता को भी मजबूत करती है।

117. भीलों के झोपड़ों का समूह कहलाता है?

  • (A) कृ
  • (B) पाल
  • (C) टापरा
  • (D) फला

भीलों के कई झोपड़ों या घरों के बड़े समूह को पाल कहा जाता है। वहीं छोटे समूह को फला कहा जाता है। यह बसावट व्यवस्था उनके सामाजिक जीवन और पारिवारिक संबंधों को दर्शाती है। जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में इस प्रकार की सामूहिक बसावट जनजातीय जीवन की सामान्य विशेषता है।

118. किस रियासत के राज्य चिह्न में एक तरफ राजपूत राजा और दूसरी ओर भील सरदार का चित्र है?

  • (A) मारवाड़
  • (B) बूंदी
  • (C) मेवाड़
  • (D) बांसवाड़ा

मेवाड़ रियासत के राज्य चिह्न में एक ओर राजपूत राजा और दूसरी ओर भील सरदार का चित्र अंकित है। यह राजपूतों और भीलों के ऐतिहासिक सहयोग और संबंध को दर्शाता है। इतिहास में भील समुदाय ने मेवाड़ के शासकों का कई बार साथ दिया था, इसलिए उन्हें सम्मानजनक स्थान दिया गया।

119. भील जनजाति द्वारा सेमल का पौधा विशेष रूप से कब लगाया जाता है?

  • (A) मृत्युपरांत
  • (B) जन्म के समय
  • (C) विवाह के अवसर पर
  • (D) कोई नहीं

भील जनजाति में विवाह के अवसर पर सेमल का पौधा लगाने की परंपरा पाई जाती है। यह शुभता और नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। जनजातीय समाज में पेड़-पौधों का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व बहुत अधिक होता है। यह परंपरा प्रकृति से उनके गहरे संबंध को दर्शाती है।

120. राजस्थान में मीणा जनजाति मुख्यतः किन जिलों में पाई जाती है?

  • (A) उदयपुर, सलूम्बर, जयपुर, दौसा
  • (B) उदयपुर, भरतपुर, बाड़मेर, राजसमंद
  • (C) जयपुर, बाँसवाड़ा, बीकानेर, नागौर
  • (D) जयपुर, दौसा, बाँसवाड़ा, गंगानगर

मीणा जनजाति मुख्य रूप से उदयपुर, सलूम्बर, जयपुर और दौसा जिलों में अधिक पाई जाती है। यह जनजाति राजस्थान की सबसे बड़ी जनजातियों में से एक है। कृषि और ग्रामीण जीवन से जुड़ा यह समाज अपनी सांस्कृतिक परंपराओं और लोकदेवताओं में आस्था के लिए जाना जाता है।

राजस्थान की जनजातियाँ MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6 | Part 7 | Part 8 | Part 9 | Part 10 | Part 11

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