राजस्थान की जनजातियाँ MCQ Questions with Answers

राजस्थान की जनजातियाँ (Tribes of Rajasthan) MCQ – Part 7

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान की जनजातियाँ से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें मीणा, गरासिया, डामोर, भील, सांसी, मर्धाग्या, कंजर आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान की जनजातियाँ
  • Question: 121 से 140
  • Last Updated:

📌 इस टॉपिक के अन्य भाग (Parts) के लिंक इस पोस्ट के अंतिम प्रश्न के बाद दिए गए हैं।

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121. असत्य कथन छांटिए –

  • (A) भरतपुर-डीग क्षेत्र के मीणा दुर्गा की पूजा करते हैं
  • (B) शेखावाटी क्षेत्र के मीणा जीणमाता की पूजा करते हैं
  • (C) दक्षिणी राजस्थान के मीणा खोड़ीयाल माता की पूजा करते हैं
  • (D) पूर्वी राजस्थान के मीणा नारायणी माता की पूजा करते हैं

दक्षिणी राजस्थान के मीणा सामान्यतः खोड़ीयाल माता को नहीं मानते, इसलिए यह कथन असत्य माना जाता है। खोड़ीयाल माता में विशेष आस्था अपंग या विकलांग भील समुदाय से जुड़ी मानी जाती है। बाकी कथन क्षेत्रीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सही माने जाते हैं। यह प्रश्न जनजातीय क्षेत्रों की स्थानीय देवी-आस्था को समझने से संबंधित है।

122. निम्न में से असत्य कथन है –

  • (A) आमेर रियासत में भील सरदार राजतिलक करता था
  • (B) मीणा जनजाति सबसे शिक्षित जनजाति है
  • (C) मीणा युवक गेली नामक लकड़ी रखते हैं
  • (D) अनाज की कोठियाँ ओबरी कहलाती हैं

आमेर रियासत में राजतिलक भील सरदार द्वारा नहीं बल्कि अन्य परंपरागत व्यवस्था से किया जाता था, इसलिए पहला कथन असत्य माना जाता है। बाकी कथन मीणा जनजाति की सामाजिक परंपराओं और जीवनशैली से जुड़े माने जाते हैं। इस प्रकार के प्रश्न ऐतिहासिक और सांस्कृतिक तथ्यों की सही समझ पर आधारित होते हैं।

123. राजस्थान में भील जनजाति मुख्यतः किन जिलों में पाई जाती है?

  • (A) बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, भीलवाड़ा
  • (B) उदयपुर, भरतपुर, बाड़मेर, राजसमंद
  • (C) जयपुर, बाँसवाड़ा, बीकानेर, नागौर
  • (D) जयपुर, दौसा, बाँसवाड़ा, गंगानगर

भील जनजाति मुख्य रूप से दक्षिणी राजस्थान में पाई जाती है, खासकर बाँसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर जिलों में। ये क्षेत्र पहाड़ी और वनप्रधान हैं, जो भीलों की पारंपरिक जीवनशैली के अनुकूल हैं। भील समाज राजस्थान की प्रमुख और प्राचीन जनजातियों में शामिल है तथा अपनी सांस्कृतिक परंपराओं और लोकनृत्यों के लिए जाना जाता है।

124. राजस्थान की किस जनजाति के बारे में मान्यता है कि वे मछली का मांस नहीं खाते?

  • (A) भील
  • (B) गरासिया
  • (C) मीणा
  • (D) मर्धाग्या

मीणा जनजाति के बारे में मान्यता है कि उनकी उत्पत्ति भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार से जुड़ी है, इसलिए वे मछली का मांस नहीं खाते। यह धार्मिक आस्था और परंपरा से जुड़ा विश्वास है। जनजातीय समाज में भोजन संबंधी नियम अक्सर धार्मिक मान्यताओं और सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित होते हैं।

125. आमेर क्षेत्र में कछवाहों के शासन से पहले किस जनजाति का शासन था?

  • (A) डामोर
  • (B) सांसी
  • (C) मीणा
  • (D) गरासिया

इतिहास के अनुसार कछवाहा शासकों के आने से पहले आमेर क्षेत्र पर मीणा जनजाति का प्रभाव था। बाद में कछवाहा वंश ने इस क्षेत्र पर अधिकार स्थापित किया। यह तथ्य राजस्थान के मध्यकालीन इतिहास और जनजातीय शासन व्यवस्था को समझने में महत्वपूर्ण है। मीणा समाज का इस क्षेत्र के इतिहास में विशेष स्थान माना जाता है।

126. मत्स्य पुराण में किस जनजाति का उल्लेख मिलता है?

  • (A) डामोर
  • (B) भील
  • (C) मीणा
  • (D) गरासिया

मत्स्य पुराण में मीणा जनजाति से जुड़े संदर्भ मिलने की बात कही जाती है। इससे यह माना जाता है कि मीणा समाज का इतिहास प्राचीन काल तक जाता है। धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख होने से उनकी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान मजबूत होती है। यह प्रश्न जनजातियों के प्राचीन संदर्भों को समझने से जुड़ा है।

127. कथौड़ी समाज का मुखिया कहलाता है?

  • (A) नायक
  • (B) कोतवाल
  • (C) सहलोत
  • (D) पटेल

कथौड़ी जनजाति के मुखिया को नायक कहा जाता है। यह व्यक्ति सामाजिक नेतृत्व और विवाद समाधान में भूमिका निभाता है। जनजातीय समाज में मुखिया का पद परंपराओं को बनाए रखने और सामुदायिक निर्णय लेने के लिए महत्वपूर्ण होता है। नायक शब्द कथौड़ी समाज की प्रशासनिक व्यवस्था को दर्शाता है।

128. कर्नल जेम्स टॉड ने ‘कालीखोह पर्वत माला’ को किस जनजाति का मूल निवास माना?

  • (A) मीणा
  • (B) डामोर
  • (C) कंजर
  • (D) सांसी

कर्नल जेम्स टॉड ने मीणा जनजाति के मूल निवास के रूप में कालीखोह पर्वत क्षेत्र का उल्लेख किया था। उन्होंने राजस्थान के इतिहास और जनजातीय जीवन पर विस्तृत अध्ययन किया। उनके विवरणों से जनजातियों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को समझने में सहायता मिलती है। यह कथन मीणा समाज के प्राचीन निवास से जुड़ा माना जाता है।

129. आंटा-सांटा क्या है?

  • (A) रीति-रिवाज
  • (B) वेशभूषा
  • (C) कृषि यंत्र
  • (D) खाद्य पदार्थ

आंटा-सांटा विवाह का एक प्रचलित प्रकार है जिसमें लड़का-लड़की की अदला-बदली के आधार पर विवाह किया जाता है। यह परंपरा कुछ जनजातीय समाजों में सामाजिक सहमति से निभाई जाती है। ऐसे विवाह प्रथाएँ समुदाय के भीतर संबंधों को मजबूत बनाने और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से विकसित हुई हैं।

130. किसी सैनिक के घोड़े को मारने वाला भील व्यक्ति क्या कहलाता है?

  • (A) पाखरिया
  • (B) सहलोत
  • (C) भराड़ी
  • (D) तदवी

भील समाज में युद्ध या शौर्य से जुड़े कार्यों के लिए विशेष शब्द प्रचलित रहे हैं। सैनिक के घोड़े को मारने वाले भील को पाखरिया कहा जाता है। यह शब्द उनकी पारंपरिक युद्धक क्षमता और साहस को दर्शाता है। इतिहास में भील समुदाय को कुशल धनुर्धर और योद्धा के रूप में जाना जाता रहा है।

131. राजस्थान में वंशावलियों की संग्राहक जाति है?

  • (A) ढोली
  • (B) सरगड़ा
  • (C) चारण
  • (D) भाट

भाट जाति पारंपरिक रूप से वंशावलियों को संकलित और सुरक्षित रखने के लिए जानी जाती है। ये लोग विभिन्न परिवारों और समुदायों की पीढ़ियों का विवरण याद रखते और लिखते थे। राजस्थान की सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास को समझने में भाटों का योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है।

132. जनगणना 2011 के अनुसार असत्य कथन है –

  • (A) सांसी सबसे अधिक भरतपुर में
  • (B) कथौड़ी सबसे अधिक उदयपुर में
  • (C) डामोर सबसे अधिक राजसमंद में
  • (D) सहरिया सबसे अधिक बारां में

डामोर जनजाति की सर्वाधिक जनसंख्या राजसमंद में नहीं बल्कि डूंगरपुर जिले में पाई जाती है, इसलिए तीसरा कथन असत्य है। अन्य कथन जनगणना के आँकड़ों के अनुसार सही माने जाते हैं। यह प्रश्न जनजातियों के भौगोलिक वितरण को समझने से संबंधित है।

133. भील महिलाओं द्वारा पैरों में पहनी जाने वाली पीतल की चुड़ियाँ क्या कहलाती हैं?

  • (A) मोखड़ी
  • (B) पिरिया
  • (C) परिजनी
  • (D) फालू

भील महिलाएँ पैरों में पीतल की जो चुड़ियाँ पहनती हैं उन्हें परिजनी कहा जाता है। यह उनके पारंपरिक आभूषणों का हिस्सा है। जनजातीय समाज में आभूषण केवल सजावट नहीं बल्कि सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक स्थिति का प्रतीक भी होते हैं। विशेष अवसरों पर इनका महत्व और बढ़ जाता है।

134. गरासिया जनजाति के बारे में असत्य कथन है –

  • (A) कुंवारी लड़कियाँ लाख का चूड़ा पहनती हैं
  • (B) विवाहित स्त्रियाँ हाथी दाँत का चूड़ा पहनती हैं
  • (C) लाल घाघरा व ओढ़नी प्रमुख पहनावा है
  • (D) विधवा विवाह का प्रचलन नहीं है

गरासिया जनजाति में विधवा विवाह का प्रचलन पाया जाता है, इसलिए चौथा कथन असत्य है। यह समाज विवाह संबंधी परंपराओं में अपेक्षाकृत उदार माना जाता है। उनकी वेशभूषा और आभूषण भी सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

135. जनजाति क्षेत्रों में दोपहर के भोजन के बाद किया जाने वाला विश्राम कहलाता है?

  • (A) जवेरा
  • (B) वयौरी
  • (C) दोपहरा
  • (D) गोटण

जनजातीय क्षेत्रों में दोपहर के भोजन के बाद किए जाने वाले विश्राम को वयौरी कहा जाता है। ग्रामीण और श्रमप्रधान जीवनशैली में यह आराम शरीर को ऊर्जा देने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। स्थानीय भाषा में ऐसे शब्द दैनिक जीवन और परंपराओं को दर्शाते हैं। यह शब्द जनजातीय जीवनशैली की विशेषताओं को समझने में मदद करता है।

136. आदिवासियों में मृत्यु पर दिया जाने वाला भोज कहलाता है?

  • (A) मौसर
  • (B) सिरा चोकली
  • (C) बारहवां
  • (D) कांदिया

आदिवासी समाज में मृत्यु के बाद सामूहिक रूप से दिया जाने वाला भोज कांदिया कहलाता है। इसका उद्देश्य मृतक की स्मृति में समुदाय को एकत्र करना और परिवार को सामाजिक सहयोग देना होता है। इस प्रकार की परंपराएँ जनजातीय समाज में आपसी संबंध और सामूहिक भावना को मजबूत बनाती हैं।

137. भीलों का सबसे प्रमुख त्योहार है?

  • (A) होली
  • (B) रक्षाबंधन
  • (C) दीपावली
  • (D) शिवरात्रि

भील जनजाति का सबसे प्रमुख त्योहार होली माना जाता है। इस अवसर पर वे गैर जैसे पारंपरिक नृत्य करते हैं और सामूहिक रूप से उत्सव मनाते हैं। होली उनके लिए केवल रंगों का त्योहार नहीं बल्कि सामाजिक मेलजोल और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण अवसर होता है।

138. आदिवासी क्षेत्रों में विवाह वाले घर में 10-10 किलो मक्का लाने की परंपरा क्या कहलाती है?

  • (A) उपहार
  • (B) हलमा
  • (C) मेलणी
  • (D) हमेलो

विवाह के समय सामूहिक सहयोग के रूप में मक्का लाने की परंपरा को मेलणी कहा जाता है। इसमें रिश्तेदार और गाँव के लोग मिलकर सहयोग करते हैं ताकि विवाह का खर्च कम हो और सामाजिक एकता बनी रहे। यह परंपरा आदिवासी समाज में सहयोग और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को दर्शाती है।

139. माणिक्य लाल वर्मा आदिम जाति शोध संस्थान द्वारा आयोजित आदिवासियों का लोकानुरंजन मेला है?

  • (A) उपहार
  • (B) हलमा
  • (C) मेलणी
  • (D) हमेलो

हमेलो एक लोकानुरंजन मेला है जिसे आदिवासी कला और संस्कृति को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। इसमें जनजातीय नृत्य, संगीत और लोककला का प्रदर्शन किया जाता है। ऐसे आयोजन जनजातीय पहचान को मजबूत करने और नई पीढ़ी तक परंपराओं को पहुँचाने में मदद करते हैं।

140. राजस्थान जनजातीय क्षेत्रीय विकास सहकारी संघ (राजस संघ) की स्थापना कहाँ हुई?

  • (A) जयपुर
  • (B) उदयपुर
  • (C) जयपुर
  • (D) उदयपुर

राजस्थान जनजातीय क्षेत्रीय विकास सहकारी संघ यानी राजस संघ की स्थापना उदयपुर में की गई थी। इसका उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों के आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना है। यह संस्था सहकारी योजनाओं के माध्यम से जनजातीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करती है।

राजस्थान की जनजातियाँ MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6 | Part 7 | Part 8 | Part 9 | Part 10 | Part 11

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