राजस्थान की लोकदेवियाँ MCQ (Folk Goddesses of Rajasthan) – Part 1
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान की लोकदेवियाँ से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।
इन प्रश्नों में ज्वाला माता, सुगाली माता, शाकंभरी माता, त्रिपुरा सुंदरी, शीला माता, करणी माता, नागणेचीया माता, शीतला माता, जीण माता, चामुण्डा आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान की लोकदेवियाँ
- कुल प्रश्न: 20
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(Since 2021)
1. शीतला माता का मुख्य मन्दिर कहां अवस्थित है?
- (A) आमेर
- (B) चाकसू
- (C) सांगानेर
- (D) विराट नगर
शीतला माता का मंदिर चाकसू (जयपुर) में स्थित है। यहीं पर शीतलाष्टमी का प्रसिद्ध मेला भरता है। यह मंदिर शील डूंगरी नामक पहाड़ीपर बना हुआ है। इसका निर्माण सवाई माधोसिंह प्रथम ने करवाया था।
2. राजस्थान की कौनसी विख्यात लोकदेवी का संबंध चूहों से है?
- (A) शीला माता
- (B) करणी माता
- (C) नागणेचीया माता
- (D) शीतला माता
करणी माता को "चूहों की देवी" कहा जाता है। यह मंदिर देशनोक (बीकानेर) में स्थित है। करणी माता बीकानेर की आराध्य देवी और चारण जाति की कुलदेवी मानी जाती हैं। यहाँ हजारों चूहे मंदिर में रहते हैं, जिन्हें काबा कहा जाता है। इस मंदिर में चांदी के किवाड़ अलवर महाराजा बख्तावर सिंह ने बनवाए थे।
3. राजस्थान में तीर्थयात्रा पर जाते समय पूजा की जाती है?
- (A) दुर्गा माता की
- (B) देवरा की
- (C) पथवारी देवी की
- (D) सांझी की
राजस्थान में जब भी तीर्थयात्रा पर जाते हैं, तो सबसे पहले पथवारी माता की पूजा की जाती है। मान्यता है कि पथवारी देवी मार्ग की रक्षकहोती हैं और यात्रा सुरक्षित बनाती हैं।
4. मेहरानगढ़ दुखान्तिका के जांच आयोग के अध्यक्ष हैं:
- (A) एन. एन. माथुर
- (B) जसराज चौपड़ा
- (C) इन्द्र सेन इसरानी
- (D) पी. के. तिवाड़ी
मेहरानगढ़ (जोधपुर) की चामुंडा माता पड़िहारों की कुलदेवी हैं जिन्हें राव जोधा ने मंडोर से लाकर स्थापित किया था। 30 सितम्बर 2008 को मेहरानगढ़ दुखान्तिका में 216 लोग मारे गए थे। इस घटना की जांच के लिए गठित आयोग के अध्यक्ष जस्टिस जसराज चौपड़ा बने।
5. गुप्तकालीन 'भ्रमर माता का मंदिर' कहाँ पर स्थित है?
- (A) सोजत
- (B) छोटी सादड़ी
- (C) पेरवा
- (D) ऐरणपुरा
भ्रमर माता का मंदिर छोटी सादड़ी (प्रतापगढ़) में स्थित है। यह मंदिर गुप्तकालीन है और राजलगढ़ राजपरिवार की कुलदेवी माना जाता है। इसका निर्माण राजा यशगुप्त की गौरी द्वारा कराया गया था। यहाँ से वि.स. 547 का शिलालेख भी प्राप्त हुआ है।
6. बाण-माता किस राजपरिवार की कुलदेवी थी?
- (A) मेवाड़
- (B) बीकानेर
- (C) जोधपुर
- (D) जयपुर
बाण माता मेवाड़ के सूर्यवंशी गहलोत/सिसोदिया राजवंश की कुलदेवी मानी जाती हैं। यह चित्तौड़गढ़ दुर्ग में स्थित हैं। वर्तमान में मंदिर की पूजा और देखभाल पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा की जाती है। बाण माता मण्डोवरा राजपूतों की भी कुलदेवी हैं। उदयपुर और कुंभलगढ़ में भी इनके मंदिर स्थित हैं।
7. तनोट देवी का मंदिर किस जिले में स्थित है?
- (A) जयपुर
- (B) डुंगरपुर
- (C) जैसलमेर
- (D) जालौर
तनोट माता का मंदिर जैसलमेर जिले में स्थित है। इन्हें थार की वैष्णों देवी और सेना की देवी कहा जाता है। 1965 के भारत-पाक युद्ध में इस मंदिर से जुड़ी कई गौरव गाथाएँ प्रसिद्ध हैं। मंदिर की पूजा और देखभाल BSF के जवानों द्वारा की जाती है।
8. निम्न में से किस लोक देवी को “थार की वैष्णों देवी" कहा जाता है?
- (A) जीण माता
- (B) चामुण्डा
- (C) ज्वाला माता
- (D) तनोट माता
तनोट माता को “थार की वैष्णों देवी” कहा जाता है। यह मंदिर जैसलमेर जिले के तनोट नगर में स्थित है, जिसे भाटी शासक रानी तनुराव ने बसाया था। इन्हें देवी हिंगलाज का पुनर्जन्म भी माना जाता है। यह मंदिर BSF के जवानों की आस्था का प्रमुख केंद्र है।
9. त्रिपुरा सुंदरी देवी का मंदिर कहां स्थित है?
- (A) बांसवाड़ा
- (B) उदयपुर
- (C) डूंगरपुर
- (D) चित्तौड़
त्रिपुरा सुंदरी देवी का मंदिर बांसवाड़ा के तलवाड़ा में स्थित है। यह प्राचीन तांत्रिक शक्तिपीठ है। देवी की प्रतिमा काले पत्थर की अठारह भुजाओं वाली है जो सिंह पर सवार है। इन्हें तुरताई माता भी कहा जाता है। यह मंदिर पांचाल जाति की कुलदेवी मानी जाती हैं।
10. अलवर क्षेत्र की लोकदेवी के रूप में किसे मान्यता प्राप्त है?
- (A) सुगाली माता
- (B) सच्चिया माता
- (C) लटियाला माता
- (D) जिलाणी माता
जिलाणी माता को अलवर क्षेत्र की लोकदेवी माना जाता है। यह मंदिर बहरोड़ (अलवर) में स्थित है, जिसे लगभग 500 वर्ष पूर्व सिसोदिया वंश ने बनवाया था। यहाँ वर्ष में दो बार मेला भरता है – चैत्र और आश्विन नवरात्रा में।
11. लटियाल माता का मन्दिर राजस्थान में किस स्थान पर अवस्थित है?
- (A) घाणेराव में
- (B) फलोदी में
- (C) जसोल में
- (D) हडवेचा में
लटियाला माता का मंदिर फलोदी (जोधपुर) में स्थित है। इनके अन्य मंदिर नया शहर (बीकानेर) और लोद्रवा (जैसलमेर) में भी हैं। खेजड़ी के पेड़ के आगे मंदिर होने के कारण इन्हें खेजड़ बेरी राय भवानी भी कहा जाता है। यह कल्ला ब्राह्मणों की कुलदेवी हैं।
12. दधीमती माता का मन्दिर स्थित है-
- (A) कंसुआ (कोटा)
- (B) ओसियां (जोधपुर)
- (C) गोठ मांगलोद (नागौर)
- (D) पीपलूद (बाड़मेर)
दधीमती माता का मंदिर नागौर जिले के गोठ मांगलोद में स्थित है। यह दाधिच ब्राह्मणों की कुलदेवी हैं। मंदिर का निर्माण प्रतिहार शासक भोजदेव प्रथम ने 836 ई. में करवाया था। इसकी वास्तुकला प्रतिहारकालीन महामारु और नागर शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है।
13. राणी भटियाणी माता का मूल नाम क्या था?
- (A) रिद्धी बाई
- (B) करमेती बाई
- (C) बोजा बाई
- (D) फूला बाई
रानी भटियाणी माता का मूल नाम करमेती बाई था। इन्हें भुआ-सा के नाम से भी जाना जाता है। इनका मंदिर जसोल (बालोतरा, बाड़मेर) में स्थित है। यह विशेष रूप से ढोली जाति की आस्था का प्रमुख केंद्र है और पश्चिमी राजस्थान व सिंध (पाकिस्तान) में इनकी पूजा होती है।
14. महाराणा कुम्भा ने महमूद खिलजी प्रथम को हराने के बाद किस देवी के मंदिर का निर्माण करवाया था?
- (A) बाण माता
- (B) कुशाला माता
- (C) बिरवड़ी माता
- (D) इडाणा माता
महाराणा कुम्भा ने 1457 ई. में बैराठगढ़ (बदनौर) के युद्ध में महमूद खिलजी प्रथम को हराने के बाद कुशाला माता का मंदिर बनवाया था। यह घटना मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है।
15. कौनसी देवी 1857 की क्रांति की देवी कही जाती है?
- (A) मरकंडी माता
- (B) शाकंभरी माता
- (C) सुगाली माता
- (D) त्रिपुरा सुंदरी
सुगाली माता को 1857 की क्रांति की देवी कहा जाता है। माना जाता है कि 1857 के स्वाधीनता संग्राम में क्रांतिकारियों ने इन्हें प्रेरणास्त्रोत देवी के रूप में पूजा था। इसी कारण इनका संबंध स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़कर देखा जाता है।
16. कौनसी देवी 'उल्लास की देवी' भी कहलाती है?
- (A) महोदरी माता
- (B) शाकंभरी माता
- (C) ज्वाला माता
- (D) हर्षद् माता
हर्षद माता को 'उल्लास की देवी' कहा जाता है। इनका मंदिर 8वीं शताब्दी में राजा चाँद द्वारा बनवाया गया था। यह मंदिर प्रतिहार कालीन वास्तुकला का एक अद्भुत उदाहरण है।
17. पांचाल जाति की कुल देवी हैं?
- (A) त्रिपुरा सुंदरी
- (B) सुन्धा माता
- (C) चौथ माता
- (D) विरात्रा माता
त्रिपुरा सुंदरी देवी को पांचाल जाति की कुलदेवी माना जाता है। बांसवाड़ा जिले के तलवाड़ा में स्थित इस मंदिर में देवी की अठारह भुजाओं वाली प्रतिमा सिंह पर विराजमान है।
18. जिलाणी माता का मंदिर स्थित है?
- (A) बहरोड़ (कोटपूतली-बहरोड़)
- (B) बहतु कलां (अलवर)
- (C) नीमराना (कोटपूतली-बहरोड़)
- (D) भिवाड़ी (खैरथल-तिजारा)
जिलाणी माता का मंदिर बहरोड़ (अलवर) में स्थित है। यह मंदिर लगभग 500 वर्ष पूर्व सिसोदिया वंश द्वारा बनवाया गया था। यहाँ वर्ष में दो बार चैत्र और आश्विन नवरात्रा में मेला लगता है।
19. मरकंडी माता (मगरमंडी माता) का मंदिर कहाँ पर स्थित है?
- (A) अर्थना (बाँसवाड़ा)
- (B) शाहबाद (बारां)
- (C) निमाज (व्यावर)
- (D) चितलवाना (सांचौर)
मरकंडी माता का मंदिर व्यावर (निमाज) में स्थित है। इन्हें मगरमंडी माता भी कहा जाता है। यह क्षेत्रीय लोकदेवी स्थानीय समाज की आराध्य शक्ति के रूप में पूजनीय है।
20. तुलजा भवानी मंदिर किस किले में स्थित है?
- (A) चितौड़गढ़
- (B) शाहबाद (बारां)
- (C) रणथम्भौर (सवाईमाधोपुर)
- (D) तारागढ़ (बूंदी)
तुलजा भवानी मंदिर चित्तौड़गढ़ किले में स्थित है। यह रामपोल प्रवेश द्वार के पास है। मंदिर का निर्माण बनवीर ने तुलादान से प्राप्त धन से करवाया था। यह मंदिर शक्ति उपासना का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
राजस्थान की लोकदेवियाँ MCQ – सभी भाग:
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