राजस्थान की लोकदेवियाँ MCQ (Folk Goddesses of Rajasthan) – Part 2
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान की लोकदेवियाँ से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।
इन प्रश्नों में जीण माता, दिवाक माता, कुशाला माता, बिरवड़ी माता, इडाणा माता, करणी माता, खोडियार माता, कैला माता, कोडिया देवी, महामाया/मावली आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान की लोकदेवियाँ
- कुल प्रश्न: 20
- Last Updated:
✍️ Prepared & Reviewed by:
Shiksha247 Rajasthan GK
Faculty & Content Team
(Since 2021)
21. धौलागढ़ देवी का मंदिर कहाँ पर स्थित है?
- (A) बानसूर (कोटपूतली-बहरोड़)
- (B) बहतु कलां (अलवर)
- (C) मांढण (कोटपूतली-बहरोड़)
- (D) हरसौली (खैरथल तिजारा)
धौलागढ़ देवी का मंदिर अलवर जिले के बहतु कलां गाँव में स्थित है। यह मंदिर स्थानीय लोगों की आस्था और श्रद्धा का केंद्र माना जाता है। नवरात्रा और विशेष अवसरों पर यहाँ मेला भरता है।
22. डाढ़ देवी का मंदिर कहाँ पर स्थित है?
- (A) बाँसवाड़ा
- (B) बारां
- (C) कोटा
- (D) बूंदी
डाढ़ देवी का मंदिर कोटा जिले में स्थित है। यह मंदिर आसपास के लोगों की कुलदेवी के रूप में प्रतिष्ठित है और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
23. कौनसी लोकदेवी 'अग्नि स्नान करने वाली देवी' के नाम से भी जानी जाती है?
- (A) दिवाक माता
- (B) कुशाला माता
- (C) बिरवड़ी माता
- (D) इडाणा माता
इडाणा माता का मंदिर सलूम्बर (उदयपुर) के बम्बोरा में स्थित है। इन्हें ‘मेवल की महारानी’ भी कहा जाता है। विशेष बात यह है कि इनके मंदिर की कोई छत नहीं है और यहाँ प्रतिमा के पास समय-समय पर स्वतः अग्नि प्रकट होती है, जिससे माता का श्रृंगार और चुनरी जलकर स्वाहा हो जाते हैं।
24. चारभुजा देवी का मंदिर कहाँ पर स्थित है?
- (A) गढ़बोर (राजसमंद)
- (B) मंडफिया (चितौड़गढ़)
- (C) सोजत (पाली)
- (D) खमनोर (राजसमंद)
चारभुजा जी का मंदिर राजसमंद जिले के गढ़बोर में स्थित है। यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है और यहाँ की प्रतिमा के चार भुजाएँ हैं, इसलिए इसे चारभुजा कहा जाता है। यह मंदिर वैष्णव श्रद्धालुओं का प्रमुख तीर्थ है।
25. कौनसी देवी 'शिशु रक्षक देवी' कहलाती है?
- (A) खोडियार माता
- (B) कैला माता
- (C) कोडिया देवी
- (D) महामाया/मावली
महामाया (मावली माता) को ‘शिशु रक्षक देवी’ कहा जाता है। मान्यता है कि इनके आशीर्वाद से बच्चों को सुरक्षा और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। इस कारण माता को राजस्थान के कई क्षेत्रों में विशेष भक्ति से पूजा जाता है।
26. कौनसी लोकदेवी के मंदिर में लोग अपने परिजनों को जेल छुड़वाने के लिए हथकड़ी व बेड़ियाँ चढ़ाते हैं?
- (A) दिवाक माता
- (B) कुशाला माता
- (C) बिरवड़ी माता
- (D) इडाणा माता
दिवाक माता का मंदिर प्रतापगढ़ जिले के जोलर में स्थित है। यहाँ श्रद्धालु मान्यता अनुसार अपने बंदी परिजनों की रिहाई की प्रार्थना करते हैं और हथकड़ी व बेड़ियाँ चढ़ाते हैं।
27. राणी सती का मन्दिर स्थित है?
- (A) झुंझुनूं
- (B) सीकर
- (C) चुरू
- (D) अजमेर
रानी सती का मंदिर झुंझुनूं में स्थित है। यह मंदिर अग्रवाल समाज की कुलदेवी को समर्पित है और संगमरमर से निर्मित है। यहाँ प्रतिवर्ष भाद्रपद अमावस्या को विशाल मेला भरता है।
28. जालौर के सोनगरा चौहानों की कुल देवी है?
- (A) महोदरी माता
- (B) शाकंभरी माता
- (C) ज्वाला माता
- (D) आमजा माता
महोदरी माता को जालौर के सोनगरा चौहानों की कुलदेवी माना जाता है। यह मंदिर स्थानीय लोगों के लिए गौरव और आस्था का प्रतीक है।
29. मेहरानगढ़ में चामुण्डा माता का मंदिर किस शासक ने बनवाया?
- (A) राव धूहड़
- (B) राव चूडा
- (C) राव जोधा
- (D) राव बीका
चामुंडा माता का मंदिर जोधपुर के मेहरानगढ़ किले में स्थित है। इसे राव जोधा ने बनवाया था और यह राठौड़ वंश की आराध्य देवी मानी जाती हैं।
30. निम्न में से कौनसा नाम तनोट माता के लिए नहीं कहा जाता?
- (A) थार की वैष्णों देवी
- (B) रूमाल वाला मंदिर
- (C) सेना की देवी
- (D) भाटी राजवंश की कुलदेवी
तनोट माता को ‘थार की वैष्णों देवी’, ‘सेना की देवी’ और ‘रूमाल वाली माता’ कहा जाता है। परंतु भाटी राजवंश की कुलदेवी स्वांगीय माता मानी जाती हैं, न कि तनोट माता।
31. करणी माता के बारे में निम्न में से कौनसा कथन असत्य है?
- (A) करणी माता का जन्म साठीका गाँव में हुआ था।
- (B) इन्होंने मेहरानगढ़ दुर्ग की नींव रखी थी।
- (C) देशनोक मंदिर का निर्माण चांदमल ढड्डा ने करवाया।
- (D) इनका बचपन का नाम रिद्धि बाई था।
करणी माता का जन्म सुआप गाँव (फलौदी) में हुआ था। इनका विवाह साठीका गाँव (बीकानेर) के देपाजी बीतू के साथ हुआ था। अतः विकल्प (A) असत्य है।
32. उदयपुर के सिसोदिया वंश की कुलदेवी है?
- (A) कालिका माता
- (B) बाणमाता
- (C) आमजा देवी
- (D) बड़ली माता
उदयपुर के सिसोदिया वंश की कुलदेवी बाण माता हैं। इनका प्रमुख मंदिर चित्तौड़गढ़ दुर्ग में स्थित है और यह मेवाड़ की शक्ति उपासना का प्रतीक है।
33. त्रिपुरा सुन्दरी का मन्दिर कहाँ पर स्थित है?
- (A) तलवाड़ा (बाँसवाड़ा)
- (B) शाहबाद (बारां)
- (C) लवाण (दौसा)
- (D) गंगधार (झालावाड़)
त्रिपुरा सुंदरी देवी का मंदिर बांसवाड़ा जिले के तलवाड़ा में स्थित है। यह प्राचीन तांत्रिक शक्तिपीठ है और पाँचाल जाति की कुलदेवी मानी जाती हैं।
34. निम्न में से कौनसा मंदिर जैसलमेर में नहीं है?
- (A) स्वांगिया माता
- (B) भादरिया राय
- (C) सच्चियाय माता
- (D) घटियाली माता
सच्चियाय माता का मंदिर जैसलमेर में नहीं बल्कि औसियां (जोधपुर) में स्थित है। इसलिए विकल्प (C) सही उत्तर है।
35. कौनसी देवी 'बच्चों की संरक्षिका' कहलाती है?
- (A) शीतला माता
- (B) जीण माता
- (C) करणी माता
- (D) शीला देव
शीतला माता को ‘बच्चों की संरक्षिका देवी’ कहा जाता है। मान्यता है कि इनके आशीर्वाद से बच्चों को रोग और विपत्ति से सुरक्षा मिलती है।
36. राठौड़ वंश की कुल देवी है?
- (A) नागणेची माता
- (B) जीण माता
- (C) करणी माता
- (D) हिंगलाज देवी
नागणेची माता को राठौड़ वंश की कुलदेवी माना जाता है। वहीं करणी माता बीकानेर के राठौड़ राजघराने की आराध्य देवी हैं।
37. असंगत छांटिये -
- (A) तुलजा भवानी - चितौड़गढ़
- (B) नकटी माता - उदयपुर
- (C) महामाया - उदयपुर
- (D) छींछ माता - बाँसवाड़ा
नकटी माता का मंदिर जयपुर जिले के जयभवानीपुरा में स्थित है, न कि उदयपुर में। इसलिए विकल्प (B) असंगत है।
38. रियासतों की कुलदेवियों का - असंगत युग्म छांटिये
- (A) जयपुर - शीला देवी
- (B) कोटा - भदाणा माता
- (C) भरतपुर - राजेश्वरी माता
- (D) उदयपुर - बाण माता
जयपुर रियासत की कुलदेवी जमुवाय माता हैं, न कि शीला देवी। इसलिए विकल्प (A) असंगत है।
39. किस देवी की पीठ की पूजा, पीठ का श्रृंगार व पीठ के दर्शन किये जाते हैं?
- (A) अंबिका माता
- (B) जीण माता
- (C) ब्रह्माणी माता
- (D) सुंधा माता
ब्रह्माणी माता का मंदिर सौरसेन (बारां) में स्थित है। यहाँ पर विशेष रूप से पीठ की पूजा और पीठ का श्रृंगार किया जाता है। माघ शुक्ल सप्तमी को यहाँ मेला लगता है और इसी दिन गधों का मेला भी भरता है।
40. जीण माता का मन्दिर कहाँ पर है?
- (A) जयपुर
- (B) सीकर
- (C) डूंगरपुर
- (D) जालौर
जीण माता का मंदिर सीकर जिले में स्थित है। यह शेखावाटी क्षेत्र की प्रमुख शक्ति उपासना स्थली है। यहाँ नवरात्रा में विशेष मेला भरता है और राजस्थान भर से श्रद्धालु यहाँ पहुँचते हैं।
राजस्थान की लोकदेवियाँ MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6 | Part 7 | Part 8 | Part 9 | Part 10
Agar aapko kisi MCQ me doubt, correction ya suggestion lagta hai, to please is post ke comment section ki jagah humare YouTube channel par dedicated discussion video ke comment box me post link ke sath comment karein.
📝 Comment karne ka format:
• MCQ Post ka link
• Question number
• Short doubt / correction
✔ Link Copied
👉 Official Discussion Video:
Shiksha247 YouTube Channel