राजस्थान की लोकदेवियाँ MCQ (Folk Goddesses of Rajasthan) – Part 4
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान की लोकदेवियाँ से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।
इन प्रश्नों में तनोट माता, हिंगलाज माता, बाण माता, भदाणा माता, मीरां बाई, शीतला माता, नारायणी माता, चौथ माता, धौलागढ़ देवी, आईजी माता आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान की लोकदेवियाँ
- कुल प्रश्न: 20
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(Since 2021)
61. पिपला माता का मंदिर स्थित है?
- (A) जोलर (प्रतापगढ़)
- (B) उनवास (राजसमंद)
- (C) सांभर (जयपुर)
- (D) इन्द्रगढ़ (बूँदी)
पिपला माता का मंदिर उनवास (राजसमंद) में स्थित है। यह स्थानीय लोगों की आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है।
62. निम्नलिखित में से कौनसा युग्म सही सुमेलित नहीं है (लोकदेवी-मंदिर)?
- (A) बड़ली माता - आकोला (चितौड़गढ़)
- (B) ऊँटाला माता - वल्लभनगर (उदयपुर)
- (C) जावर माता - जावर खान (उदयपुर)
- (D) कैवाय माता - परबतसर (नागौर)
कैवाय माता का मंदिर किणसरिया (परबतसर, डीडवाना-कुचामन) में स्थित है। यह दहिया राजवंश की कुलदेवी है। इसलिए विकल्प (D) गलत युग्म है।
63. निम्न में से कौन राजस्थान में लोकदेवी के रूप में पूज्य नहीं है?
- (A) बाण माता
- (B) भदाणा माता
- (C) मीरां बाई
- (D) शीतला माता
मीरां बाई संत कवयित्री थीं, न कि लोकदेवी। बाकी तीनों (बाण माता, भदाणा माता, शीतला माता) राजस्थान में लोकदेवी के रूप में पूज्य हैं।
64. सेन (नाई) समाज की कुलदेवी के रूप में प्रसिद्ध लोक-देवी कौन है?
- (A) नारायणी माता
- (B) चौथ माता
- (C) धौलागढ़ देवी
- (D) आईजी माता
नारायणी माता को सेन (नाई) समाज की कुलदेवी माना जाता है। इनका प्रमुख मंदिर अलवर जिले के त्रिवेणी घाट पर स्थित है।
65. सुगन चिड़ी' को किस लोकमाता का स्वरूप माना जाता है?
- (A) तनोट माता
- (B) हिंगलाज माता
- (C) वीरात्रा माता
- (D) स्वांगीया माता
‘सुगन चिड़ी’ को हिंगलाज माता का स्वरूप माना जाता है। लोककथाओं में इसे शक्ति और आस्था का प्रतीक बताया गया है।
66. लटियाली देवी का मंदिर स्थित है-
- (A) पोकरण (जैसलमेर)
- (B) आऊवा (पाली)
- (C) लोद्रवा (जैसलमेर)
- (D) निमाज (ब्यावर)
लटियाली माता का मंदिर लोद्रवा (जैसलमेर) में स्थित है। इनके अन्य मंदिर फलोदी (जोधपुर) और नया शहर (बीकानेर) में भी हैं।
67. आवरी माता का मंदिर है?
- (A) निम्बाहेड़ा (चित्तौड़गढ़)
- (B) मातृकुण्डिया (चित्तौड़गढ़)
- (C) कपासन (चित्तौड़गढ़)
- (D) निकुम्भ (चित्तौड़गढ़)
आवरी माता का मंदिर चित्तौड़गढ़ जिले के मातृकुण्डिया में स्थित है। यहाँ लकवाग्रस्त, लूले और लंगड़े व्यक्तियों को लाभ मिलने की मान्यता है।
68. अन्नपूर्णा देवी किस राजपरिवार की आराध्य देवी हैं?
- (A) ढूँढाड़ के कछवाहा राजवंश की
- (B) यादव राजवंश की
- (C) भाटी राजवंश की
- (D) जाट राजवंश की
अन्नपूर्णा देवी ढूँढाड़ के कछवाहा राजवंश की आराध्य देवी हैं। जयपुर राजघराने में इनकी पूजा विशेष आस्था और श्रद्धा से की जाती है।
69. झुंझुनूं में रानी सती माता का मेला कब भरता है?
- (A) कार्तिक अमावस्या
- (B) भाद्रपद अमावस्या
- (C) आश्विन अमावस्या
- (D) श्रावण अमावस्या
रानी सती माता का प्रसिद्ध मेला झुंझुनूं में भाद्रपद अमावस्या को भरता है। यह मेला देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है और अग्रवाल समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र है।
70. नाई जाति की कुल देवी 'नारायणी माता' का मूल नाम था-
- (A) करमेती
- (B) जयंती बाई
- (C) नारायणी बाई
- (D) कौशल्या बाई
नारायणी माता का मूल नाम जयंती बाई था। इनका मंदिर बरवा डूंगरी (अलवर) में प्रतिहार शैली में निर्मित है। यहाँ प्रतिवर्ष वैशाख शुक्ल एकादशी को विशाल मेला भरता है।
71. ब्राह्मणी माता का मेला सौरसेन (बारा) में कब आयोजित किया जाता है?
- (A) माघ शुक्ल पंचमी
- (B) आश्विन शुक्ल पंचमी
- (C) आश्विन शुक्ल सप्तमी
- (D) माघ शुक्ल सप्तमी
ब्राह्मणी माता का मेला बारां जिले के सौरसेन में माघ शुक्ल सप्तमी को भरता है। यहाँ पर विशेष रूप से पीठ की पूजा और श्रृंगार किया जाता है और इस दिन गधों का मेला भी लगता है।
72. चाकसु (जयपुर) में शीतला माता का मेला कब भरता है?
- (A) चैत्र कृष्ण अष्टमी
- (B) भाद्रपद कृष्ण अष्टमी
- (C) श्रावण कृष्ण अष्टमी
- (D) आश्विन कृष्ण अष्टमी
शीतला माता का प्रसिद्ध मेला चाकसु (जयपुर) में चैत्र कृष्ण अष्टमी को भरता है। इस मेले में हजारों श्रद्धालु शीतला माता की पूजा-अर्चना करने आते हैं।
73. औसियां स्थित सच्चियाय माता के मंदिर का निर्माण किसने करवाया था?
- (A) महारावल जवाहर सिंह
- (B) वत्सराज प्रतिहार
- (C) राव सीहा
- (D) परमार उपलदेव
सच्चियाय माता का मंदिर औसियां (जोधपुर) में स्थित है। इसका निर्माण परमार उपलदेव द्वारा करवाया गया था। यह मंदिर औसवाल समाज (श्वेताम्बर जैन) की कुलदेवी का मंदिर है और इसकी वास्तुकला मारू-गुर्जर शैली की है।
74. भीनमाल में सुंधा माता मंदिर का निर्माण किसने करवाया था?
- (A) कीर्तिपाल
- (B) चाचिगदेव
- (C) समरसिंह
- (D) कान्हड़देव
सुंधा माता का मंदिर जालौर जिले के भीनमाल में स्थित है। इसका निर्माण चाचिगदेव द्वारा करवाया गया था। यह मंदिर अरावली की पहाड़ियों पर स्थित है और शक्ति उपासना का प्रमुख स्थल है।
75. खीमल माता मंदिर स्थित है?
- (A) भीनमाल (जालौर)
- (B) निमाज (व्यावर)
- (C) लोद्रवा (जैसलमेर)
- (D) बसन्तगढ़ (सिरोही)
खीमल माता का मंदिर बसन्तगढ़ (सिरोही) में स्थित है। इसका निर्माण चावड़ा वंश के शासक वर्मलात के समय 625 ई. में हुआ था।
76. 1857 की क्रांति के दौरान अंग्रेजों ने किस देवी की प्रतिमा को खंडित कर दिया था?
- (A) सुगाली माता
- (B) खीमल माता
- (C) हिंगलाज माता
- (D) करणी माता
अंग्रेजों ने आऊवा पर अधिकार करने के बाद खीमल माता की प्रतिमा को खंडित कर दिया था और इसे आबू ले गए। 1908 में यह प्रतिमा राजपूताना म्यूजियम (अजमेर) में रखी गई, और वर्तमान में यह बांगड़ संग्रहालय (पाली) में सुरक्षित है।
77. निम्न में से कौनसी देवी 'राजस्थान की वैष्णो देवी' कहलाती है?
- (A) तनोट माता
- (B) चामुण्डा माता
- (C) शीला देवी
- (D) अर्बुदा देवी
तनोट माता को ‘राजस्थान की वैष्णो देवी’ कहा जाता है। जैसलमेर में स्थित यह मंदिर शक्ति उपासना का प्रमुख केंद्र है और 1965 व 1971 के भारत-पाक युद्ध से जुड़ी वीरगाथाओं के कारण प्रसिद्ध है।
78. राणी भटियाणी माता का मंदिर कहाँ पर स्थित है?
- (A) जसोल (बालोतरा)
- (B) चौहटन (बाड़मेर)
- (C) नगाणा (बालोतरा)
- (D) पचपदरा (बालोतरा)
राणी भटियाणी माता का मंदिर जसोल (बालोतरा, बाड़मेर) में स्थित है। इनका मूल नाम करमेती बाई था। इन्हें ‘भुआ-सा’ के नाम से भी जाना जाता है और यह ढोली समाज की आराध्य देवी हैं।
79. आशापुरी माता किस वंश की कुलदेवी है?
- (A) बीकानेर के राठौड़ों की
- (B) जालौर सोनगरा चौहानों की
- (C) आमेर के कछवाहों की
- (D) गुर्जर प्रतिहार की
आशापुरी माता जालौर के सोनगरा चौहानों की कुलदेवी हैं। इनका मुख्य मंदिर मोदरां (जालौर) में है। इन्हें महोदरी माता या बड़े उदर वाली देवी भी कहा जाता है।
80. कैलादेवी के मेले में आने वाले श्रद्धालु यहाँ स्थित किस नदी में स्नान करना पवित्र मानते हैं?
- (A) कालीसिल नदी
- (B) कालीसिन्ध नदी
- (C) काकनी नदी
- (D) कान्तली नदी
कैलादेवी मेले में श्रद्धालु काकनी नदी में स्नान को पवित्र मानते हैं। यह नदी कैलादेवी मंदिर परिसर से होकर बहती है और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राजस्थान की लोकदेवियाँ MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6 | Part 7 | Part 8 | Part 9 | Part 10
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