राजस्थान की लोकदेवियाँ MCQ (Folk Goddesses of Rajasthan) – Part 8
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान की लोकदेवियाँ से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।
इन प्रश्नों में नागणेची माता, करणी माता, जीण माता, शाकम्भरी माता, कुशाला माता, कैलादेवी, आवरी माता, बड़ली माता, तुलजा भवानी, जावर माता आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान की लोकदेवियाँ
- कुल प्रश्न: 20
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(Since 2021)
141. किस लोकदेवी का विवाह देपाजी बीटू के साथ हुआ था?
- (A) नागणेची माता
- (B) जीण माता
- (C) करणी माता
- (D) शाकम्भरी माता
करणी माता का विवाह देपाजी बीटू (साठीका गाँव, बीकानेर) के साथ हुआ था। हालांकि विवाह के बाद भी वे आजीवन ब्रह्मचारिणी रहीं और बाद में शक्ति स्वरूपा देवी के रूप में पूजी जाने लगीं।
142. किस लोकदेवी का ओरण राजस्थान का सबसे बड़ा ओरण है?
- (A) कुशाला माता
- (B) नागणेची माता
- (C) कैलादेवी
- (D) करणी माता
करणी माता का ओरण राजस्थान का सबसे बड़ा ओरण माना जाता है। ‘ओरण’ का अर्थ है पवित्र वन क्षेत्र, जिसे संरक्षित किया जाता है और यह धार्मिक आस्था से जुड़ा होता है।
143. निम्न में से कौनसी देवी का मंदिर चित्तौड़गढ़ में स्थित नहीं है?
- (A) आवरी माता
- (B) बड़ली माता
- (C) तुलजा भवानी
- (D) जावर माता
जावर माता का मंदिर उदयपुर जिले में स्थित है, न कि चित्तौड़गढ़ में। जबकि आवरी माता, बड़ली माता और तुलजा भवानी के मंदिर चित्तौड़गढ़ क्षेत्र में पाए जाते हैं।
144. निम्न में से किस माता का मंदिर जैसलमेर में स्थित नहीं है?
- (A) हिंगलाज माता
- (B) भादरिया राय माता
- (C) लवणीय माता
- (D) लटियाला माता
लवणीय माता का मंदिर पचपदरा (बालोतरा, बाड़मेर) में स्थित है। अन्य तीनों – हिंगलाज माता, भादरिया राय माता और लटियाला माता – के मंदिर जैसलमेर में स्थित हैं।
145. कंठेसरी माता किसकी लोकदेवी मानी जाती है?
- (A) आदिवासियों की
- (B) ओसवालों की
- (C) खण्डेलवालों की
- (D) सुनारों की
कंठेसरी माता आदिवासियों की लोकदेवी मानी जाती हैं। आदिवासी समुदाय में यह देवी सुरक्षा और शक्ति की प्रतीक मानी जाती है और विशेष रूप से त्योहारों व मेलों में इनकी पूजा की जाती है।
146. अम्बिका माता का मंदिर (जगत) का निर्माण किसने करवाया था?
- (A) जैत्रसिंह
- (B) बप्पा रावल
- (C) राणा हम्मीर
- (D) अल्लट
अम्बिका माता का मंदिर (जगत, उदयपुर) का निर्माण राजा अल्लट ने 10वीं शताब्दी में करवाया था। यह मंदिर अपनी महामारू शैली की वास्तुकला और बारीक नक्काशी के कारण प्रसिद्ध है।
147. खानों/खनन की कुल देवी' कही जाती हैं?
- (A) जावर माता
- (B) बड़ली माता
- (C) आवरी माता
- (D) तुलजा भवानी
जावर माता को खानों/खनन की कुल देवी कहा जाता है। इनका मंदिर जावर खदान क्षेत्र (उदयपुर) में स्थित है और खनन कार्य से जुड़े लोग इन्हें विशेष श्रद्धा से पूजते हैं।
148. हिचकी माता का मंदिर स्थित है?
- (A) केलवा (राजसमंद)
- (B) सनवाड़ (उदयपुर)
- (C) मसूदा (ब्यावर)
- (D) सागवाड़ा (डूंगरपुर)
हिचकी माता का मंदिर सनवाड़ (उदयपुर) में स्थित है। यह मंदिर स्थानीय आस्था का केंद्र है और विशेष रूप से शक्ति उपासना के लिए प्रसिद्ध है।
149. गुहिल वंश के शासकों की आराध्य देवी 'कालिका माता' का प्राचीन मंदिर कहाँ स्थित है?
- (A) उदयपुर
- (B) कुम्भलगढ़
- (C) राजनगर
- (D) चित्तौड़गढ़
कालिका माता का प्राचीन मंदिर चित्तौड़गढ़ दुर्ग में स्थित है। इसका निर्माण 7वीं सदी के अंत में मानभंग नामक राजा ने करवाया था और यह मंदिर गुहिल वंश की आराध्य देवी को समर्पित है।
150. केलवाड़ा स्थित किस मंदिर को 1443 ई. में सुल्तान महमूद खिलजी ने मंदिर में लकड़ियाँ भरकर आग लगाकर नष्ट कर दिया था?
- (A) इडाणा माता मंदिर
- (B) बिरवड़ी माता मंदिर
- (C) बाण माता मंदिर
- (D) कालिका माता मंदिर
1443 ई. में सुल्तान महमूद खिलजी ने बाण माता मंदिर (केलवाड़ा, चित्तौड़गढ़) को आग लगाकर नष्ट कर दिया था। यह मंदिर सिसोदिया वंश की कुलदेवी बाण माता को समर्पित था।
151. चित्तौड़ दुर्ग में बिरवड़ी माता का मंदिर 'अन्नपूर्णा माता' के नाम से किस शासक ने बनवाया था?
- (A) लाखा
- (B) कुम्भा
- (C) मोकल
- (D) हम्मीर
चित्तौड़ दुर्ग स्थित बिरवड़ी माता मंदिर का जीर्णोद्धार राणा मोकल ने करवाया था। इसे 'अन्नपूर्णा माता मंदिर' नाम दिया गया। मान्यता है कि इस देवी के आशीर्वाद से ही हम्मीर ने चित्तौड़ विजय प्राप्त की थी।
152. किस लोकदेवी को त्रिपुरा महालक्ष्मी के नाम से जाना जाता है?
- (A) छौंछ माता
- (B) दिवाक माता
- (C) तुरताई माता
- (D) भदाणा माता
तुरताई माता को त्रिपुरा महालक्ष्मी के नाम से भी जाना जाता है। ये प्राचीन लोकदेवी हैं और शक्ति स्वरूपा मानी जाती हैं।
153. किस देवी के मंदिर के बारे में माना जाता है कि पूर्व में यह मंदिर सूर्य को समर्पित था?
- (A) बाण माता
- (B) कालिका माता
- (C) बिरवड़ी माता
- (D) हिंगलाज देवी
चित्तौड़गढ़ का कालिका माता मंदिर मूलतः सूर्य मंदिर था। मुस्लिम आक्रांताओं ने इसकी प्रतिमा तोड़ दी। बाद में महाराणा सज्जनसिंह ने इसका जीर्णोद्धार कर इसमें कालिका माता की प्रतिमा स्थापित की।
154. धनोप माता का मंदिर किस जिले में स्थित है?
- (A) शाहपुरा (भीलवाड़ा)
- (B) केकड़ी (अजमेर)
- (C) अनूपगढ़ (गंगानगर)
- (D) बालोतरा
धनोप माता का मंदिर भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा में स्थित है। यहाँ मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु विशेष रूप से मुर्गे छोड़ने की परंपरानिभाते हैं।
155. रक्तदंजी माता का मंदिर स्थित है?
- (A) परबतसर (डीडवाना-कुचामन)
- (B) इन्द्रगढ़
- (C) लूणियावास (जयपुर)
- (D) संथूर (बूंदी)
रक्तदंजी माता का मंदिर संथूर (बूंदी) में स्थित है। यह कंजर जाति की आराध्य देवी मानी जाती हैं और स्थानीय स्तर पर बड़ी श्रद्धा से पूजा की जाती है।
156. किस लोकदेवी ने 11 नियम बनाये थे, आज भी उनके अनुयायी उन 11 नियमों का पालन करते हुये हाथ या गले में 11 गांठो वाली बेल बाँधते हैं?
- (A) आई माता
- (B) जीण माता
- (C) करणी माता
- (D) हिंगलाज देवी
आई माता ने अपने अनुयायियों के लिए 11 नियम निर्धारित किए थे। आज भी उनके अनुयायी इन नियमों का पालन करते हुए हाथ या गले में 11 गांठों वाली बेल बाँधते हैं। यह परंपरा उनके अनुयायियों में आस्था और अनुशासन का प्रतीक मानी जाती है।
157. अग्रवालों की कुल देवी हैं?
- (A) कुशाला माता
- (B) नारायणी माता
- (C) जोगनिया माता
- (D) राणी सती माता
अग्रवाल समाज की कुलदेवी राणी सती माता हैं। इनका भव्य मंदिर झुंझुनूं में स्थित है, जहाँ प्रतिवर्ष भाद्रपद अमावस्या को विशाल मेला भरता है। इन्हें लोक में सती दादी भी कहा जाता है।
158. राजस्थान में आई माता का मुख्य मंदिर स्थित है?
- (A) लोद्रवा (जैसलमेर)
- (B) बिलाड़ा (जोधपुर)
- (C) तनोट (जैसलमेर)
- (D) ओसियां (जोधपुर)
आई माता का मुख्य मंदिर बिलाड़ा (जोधपुर) में स्थित है। इन्हें सिरवी समाज की कुलदेवी माना जाता है। यहाँ प्रतिवर्ष मेले का आयोजन होता है और आस्था से बड़ी संख्या में भक्त जुटते हैं।
159. काला डूंगराय का मंदिर स्थित है?
- (A) भादरिया (जैसलमेर)
- (B) रासला (जैसलमेर)
- (C) आईता गाँव (जैसलमेर)
- (D) तेमड़ा (जैसलमेर)
काला डूंगराय का मंदिर आईता गाँव (जैसलमेर) में स्थित है। इस मंदिर का निर्माण महारावल जवाहरसिंह ने करवाया था और यह स्थानीय श्रद्धालुओं का प्रमुख आस्था केंद्र है।
160. राजस्थान की किस लोकदेवी को लोकभाषा में 'सती दादी' के नाम से पूजा जाता है?
- (A) राणी सती (झुंझुनूं)
- (B) चामुंडा माता (जोधपुर)
- (C) करणी माता (देशनोक)
- (D) भंवाल माता (नागौर)
राणी सती माता (झुंझुनूं) को लोकभाषा में 'सती दादी' कहा जाता है। इनका विशाल मंदिर संगमरमर से बना हुआ है और अग्रवाल समाज की प्रमुख कुलदेवी के रूप में पूजनीय है।
राजस्थान की लोकदेवियाँ MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6 | Part 7 | Part 8 | Part 9 | Part 10
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