राजस्थान की प्रथाएँ व रीति-रिवाज, संस्कार, कुप्रथाएं (Customs and Customs, Rituals, and Evil Practices of Rajasthan) MCQ – Part 3
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान की प्रथाएँ व रीति-रिवाज, संस्कार, कुप्रथाएं से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें बरोटी, उपनयन, समावर्तन, चारी, बरी पड़ला, पड़जान, हीरावणी, चूण्डाकर्म, विद्यारंभ, इकताई आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान की प्रथाएँ व रीति-रिवाज, संस्कार, कुप्रथाएं
- Question: 41 से 60
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41. रूपकंवर सती प्रकरण के समय राजस्थान के मुख्यमंत्री कौन थे?
- (A) मोहनलाल सुखाड़िया
- (B) जगन्नाथ पहाड़िया
- (C) भैरोसिंह शेखावत
- (D) हरिदेव जोशी
रूपकंवर सती प्रकरण 1987 में राजस्थान के सीकर जिले के देवराला गाँव में हुआ था। उस समय राजस्थान के मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी थे। इस घटना के बाद पूरे देश में सती प्रथा के विरुद्ध व्यापक चर्चा हुई और सरकार ने सती निवारण के लिए कड़े कानूनी कदम उठाए। यह घटना सामाजिक सुधार और कानून व्यवस्था के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जाती है।
42. गाँव या नगर के बाहर जाकर, वधू पक्ष की ओर से की जाने वाली बारात की अगवानी क्या कहलाती है?
- (A) बरी पड़ला
- (B) पड़जान
- (C) हीरावणी
- (D) बरोटी
विवाह में जब वधू पक्ष के लोग गाँव या नगर के बाहर जाकर बारात का स्वागत करते हैं, तो इस रस्म को ‘पड़जान’ कहा जाता है। यह सम्मान और आतिथ्य का प्रतीक मानी जाती है। राजस्थान की पारंपरिक विवाह संस्कृति में बारात की अगवानी को विशेष महत्व दिया जाता है और इसे उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
43. राजस्थान में 'साका' किसे कहते है?
- (A) जौहर + केसरिया
- (B) जौहर
- (C) केसरिया
- (D) इनमें से कोई नहीं
जब राजपुत यौद्धा केसरिया करते थे व राजपुत वीरांगनाएँ जौहर व्रत करती थी वह 'साका' कहलाता था।
44. किस संस्कार के पश्चात् ब्रह्मचार्य आश्रम की शुरूआत होती है?
- (A) चूण्डाकर्म
- (B) उपनयन
- (C) समावर्तन
- (D) विद्यारंभ
हिंदू धर्म में उपनयन संस्कार के बाद बालक के ब्रह्मचर्य आश्रम की शुरुआत मानी जाती है। इस संस्कार के माध्यम से उसे शिक्षा, अनुशासन और धार्मिक कर्तव्यों के पालन के लिए तैयार किया जाता है। पारंपरिक रूप से इसे गुरुकुल जीवन की शुरुआत का प्रतीक माना गया है और यह सोलह संस्कारों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
45. विवाह के अवसर पर दर्जी द्वारा वर-वधू के शादी के जोड़े बनाने के लिए लिया जाने वाला नाप क्या कहलाता है?
- (A) इकताई
- (B) ऊझणो
- (C) ऊजमणौ
- (D) गंगाजली
विवाह की तैयारियों में दर्जी द्वारा वर-वधू के वस्त्र तैयार करने के लिए जो नाप लिया जाता है, उसे ‘इकताई’ कहा जाता है। यह रस्म विवाह की तैयारियों का एक व्यावहारिक हिस्सा है और पारंपरिक रूप से इसे भी एक छोटी रस्म की तरह माना जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रक्रिया से जुड़ी कई स्थानीय परंपराएँ भी देखने को मिलती हैं।
46. किसी योद्धा की मृत्यु के बाद उसकी निशानी के साथ उसकी विधवा पत्नी द्वारा चितारोहण होना कहलाता है?
- (A) साका
- (B) चारी
- (C) जौहर
- (D) अनुमरण
अनुमरण उस प्रथा को कहा जाता है जिसमें किसी योद्धा की मृत्यु के बाद उसकी विधवा पत्नी उसकी निशानी के साथ चिता पर चढ़ जाती थी। यह प्रथा वीरता और पति के प्रति समर्पण से जोड़कर देखी जाती थी। इतिहास में इसे सामाजिक परंपराओं का हिस्सा माना गया, लेकिन आधुनिक समय में ऐसी प्रथाओं को समाप्त कर दिया गया है।
47. राजस्थानी संस्कृति में 'औलन्दी' क्या है?
- (A) नववधू के साथ जाने वाला पुरुष या स्त्री
- (B) विवाह के अवसर पर आयोज्य भोज
- (C) वधूपक्ष द्वारा बारात की अगवानी करना
- (D) वर पक्ष की महिलाओं द्वारा खेला जाने वाला खेल
राजस्थानी संस्कृति में ‘औलन्दी’ उस व्यक्ति को कहा जाता है जो नववधू के साथ ससुराल तक जाता है। यह व्यक्ति सामान्यतः परिवार का विश्वसनीय सदस्य होता है, जो नई दुल्हन को नए वातावरण में सहज बनाने में मदद करता है। यह परंपरा सामाजिक सुरक्षा और पारिवारिक सहयोग का प्रतीक मानी जाती है और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से प्रचलित रही है।
48. सती प्रथा पर रोक लगाने का सर्वप्रथम प्रयास करने वाले प्रथम मुस्लिम शासक कौन थे?
- (A) ग्यासुद्दीन तुगलक
- (B) अकबर
- (C) मुहम्मद तुगलक
- (D) हुमायूँ
इतिहासकारों के अनुसार सती प्रथा को नियंत्रित करने के प्रारंभिक प्रयास कुछ मुस्लिम शासकों द्वारा किए गए थे, जिनमें मुहम्मद तुगलक का उल्लेख मिलता है। बाद में अकबर ने भी सामाजिक सुधारों के अंतर्गत इस प्रथा को हतोत्साहित किया। हालांकि पूर्ण कानूनी प्रतिबंध अंग्रेजी शासनकाल में लगाया गया, लेकिन प्रारंभिक सुधार प्रयास मध्यकालीन शासन में दिखाई देते हैं।
49. भारत सरकार द्वारा 'सागड़ी निवारण अधिनियम' कब से गैरकानूनी घोषित किया गया था?
- (A) 1961
- (B) 1980
- (C) 1960
- (D) 1963
सागड़ी प्रथा एक प्रकार की बंधुआ श्रम व्यवस्था थी, जिसमें आर्थिक कारणों से व्यक्ति या परिवार को श्रम के लिए बाध्य होना पड़ता था। भारत सरकार ने सामाजिक शोषण रोकने के उद्देश्य से इसे 1961 से गैरकानूनी घोषित किया। इस कानून का उद्देश्य श्रमिकों को स्वतंत्रता दिलाना और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना था।
50. किसके प्रयासों से सती प्रथा पर रोक लगाई गई?
- (A) विलियम लूडलो
- (B) जॉन लूडलो
- (C) कॉर्नवालिस
- (D) विलियम बैंटिक
भारत में सतीप्रथा पर रोक के लिए राजा राम मोहनराय के प्रयासों से लॉर्ड विलियम बैंटिक द्वारा दिसम्बर 1829 को एक अधिनियम द्वारा सती प्रथा को एक दण्डनीय अपराध घोषित किया गया।
51. विवाह में सगुन के रूप में दी जाने वाली सात सुपारी/सिंघोड़ा कहलाते है?
- (A) सप्तपदी
- (B) बरोटी
- (C) साता
- (D) बांनौ
विवाह के अवसर पर शुभ संकेत के रूप में दी जाने वाली सात सुपारी या सिंघोड़ा को ‘साता’ कहा जाता है। यह रस्म शुभता, समृद्धि और वैवाहिक बंधन की स्थिरता का प्रतीक मानी जाती है। राजस्थान की पारंपरिक विवाह विधियों में छोटी-छोटी रस्मों का विशेष महत्व होता है, जिनमें साता भी एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक तत्व है।
52. राजस्थान में 'डांगड़ी रात' कब जगाई जाती है?
- (A) पुत्र जन्म के तीसरे दिन
- (B) मृत्यु के 30 दिन पूरे होने पर
- (C) मृतक की अस्थियाँ विसर्जित कर वापिस लौटने पर
- (D) ऊँटनी के ब्याने पर पाबूजी का रात्रि जागरण
‘डांगड़ी रात’ राजस्थान की लोक परंपराओं से जुड़ी एक रस्म है, जो मृतक की अस्थियाँ विसर्जित करके वापस लौटने के बाद आयोजित की जाती है। इस अवसर पर परिवार और समुदाय के लोग एकत्र होकर मृतक की स्मृति में धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम करते हैं। यह रस्म शोक से सामान्य जीवन की ओर लौटने का प्रतीक मानी जाती है।
53. राजस्थान की किस रियासत ने सर्वप्रथम कन्यावध पर रोक लगाई थी?
- (A) कोटा
- (B) जयपुर
- (C) बूंदी
- (D) बीकानेर
कन्यावध पर सर्वप्रथम रोक कोटा रियासत में महाराव रामसिंह द्वितीय के समय अंग्रेज पॉलिटिकल एजेंट विलकिंसन के प्रयासों से 1833 में लगायी गयी।
54. मेवाड़ रियासत में डाकण प्रथा पर रोक लगाने के वक्त मेवाड़ के महाराणा कौन थे?
- (A) महाराणा फतेहसिह
- (B) महाराणा सज्जनसिंह
- (C) महाराणा राजसिंह
- (D) महाराणा स्वरूप सिंह
मेवाड़ रियासत में महाराणा स्वरूप सिंह ने 1853 ई. में इस प्रथा पर सर्वप्रथम रोक लगाई।
55. लॉर्ड विलियम बैंटिक द्वारा सती प्रथा को दंडनीय अपराध कब घोषित किया गया?
- (A) दिसम्बर 1849
- (B) दिसम्बर 1839
- (C) दिसम्बर 1819
- (D) दिसम्बर 1829
लॉर्ड विलियम बैंटिक ने दिसंबर 1829 में एक अधिनियम के माध्यम से सती प्रथा को दंडनीय अपराध घोषित किया। यह सामाजिक सुधार की दिशा में ऐतिहासिक कदम था, जिसमें राजा राम मोहन राय के प्रयासों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस कानून के बाद भारत में सती प्रथा पर कानूनी रूप से प्रतिबंध लागू हुआ।
56. पुरुष द्वारा युवती के पिता को वधू मूल्य चुका कर विवाह करना कहलाता है?
- (A) दापा
- (B) चारी
- (C) झगड़ा
- (D) नातरा
कुछ पारंपरिक समाजों में विवाह के समय वर पक्ष द्वारा वधू के पिता को दी जाने वाली राशि को वधू मूल्य कहा जाता था। राजस्थान में इस प्रकार के विवाह को ‘दापा’ कहा जाता है। यह प्रथा सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था से जुड़ी रही है। आधुनिक समय में ऐसी परंपराओं का प्रभाव कम हुआ है और कानूनी व सामाजिक सुधारों के कारण इनमें परिवर्तन आया है।
57. महाराव विष्णुसिंह द्वारा राजस्थान में कौनसी प्रथा पर रोक लगाई गई?
- (A) कन्या वध
- (B) डाकण प्रथा
- (C) सती प्रथा
- (D) त्याग प्रथा
बूंदी रियासत के शासक महाराव विष्णुसिंह ने सती प्रथा पर रोक लगाने का महत्वपूर्ण कदम उठाया था। यह राजस्थान में सामाजिक सुधारों की दिशा में प्रारंभिक प्रयासों में से एक माना जाता है। इस निर्णय ने बाद में अन्य रियासतों और शासकों को भी ऐसी अमानवीय प्रथाओं के विरुद्ध कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।
58. विधवा पुनर्विवाह अधिनियम किसके प्रयासों से बनाया गया?
- (A) ईश्वरचन्द विद्यासागर
- (B) राजा राम मोहन राय
- (C) सर प्रतापसिंह
- (D) हरविलास शारदा
ईश्वरचंद विद्यासागर व लॉर्ड डलहौजी के प्रयासों से 1856 में विधवा पुनर्विवाह अधिनियम बनाया गया व लॉर्ड कैनिंग द्वारा इसे 27 जुलाई, 1856 को लागू किया गया।
59. बाल विवाह पर रोक लगाने का प्रयास किसने किया?
- (A) ईश्वरचन्द विद्यासागर
- (B) राजा राम मोहन राय
- (C) रामसिंह द्वितीय
- (D) हरविलास शारदा
बाल विवाह को रोकने के लिए हरविलास शारदा ने महत्वपूर्ण प्रयास किए। उनके नाम पर बना शारदा एक्ट (बाल विवाह निषेध अधिनियम) भारतीय समाज में बाल विवाह की कुप्रथा को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लागू किया गया। इस कानून ने विवाह की न्यूनतम आयु निर्धारित कर सामाजिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
60. किस संस्कार में बच्चों को वेदों के अध्ययन के लिए गुरु के पास भेजा जाता है?
- (A) वेदारम्भ
- (B) विद्यारम्भ
- (C) समावर्तन
- (D) उपनयन
वेदारम्भ संस्कार वह चरण माना जाता है जिसमें बालक को वेदों के अध्ययन के लिए गुरु के पास भेजा जाता है। यह शिक्षा के धार्मिक और आध्यात्मिक आरम्भ का प्रतीक है। इस संस्कार के माध्यम से विद्यार्थी को अनुशासन, ज्ञान और वैदिक अध्ययन के महत्व से परिचित कराया जाता है। प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली में इसका विशेष स्थान रहा है।
राजस्थान की प्रथाएँ व रीति-रिवाज, संस्कार, कुप्रथाएं MCQ – सभी भाग:
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