राजस्थान में जल स्थापत्य (तालाब एवं बावड़ी) MCQ Questions with Answers

राजस्थान में जल स्थापत्य (तालाब एवं बावड़ी) MCQ (Water Architecture (Ponds and Stepwells) in Rajasthan) – Part 5

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान में जल स्थापत्य (तालाब एवं बावड़ी) से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।

इन प्रश्नों में भिका जी की बावड़ी अजमेर, फूल बावड़ी (छोटी खाटू), खेतानों की बावड़ी झुंझुनूं, चेतनदास की बावड़ी झुंझुनूं, चमना बावड़ी भीलवाड़ा, बड़ी बावड़ी भाण्डारेज (दौसा), बाटाडू का कुआँ बायतु (बाड़मेर), हाड़ी रानी की बावड़ी, टोडारायसिंह (टोंक), कांतन बावड़ी जोधपुर, अनारकली की बावड़ी बूंदी आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान में जल स्थापत्य (तालाब एवं बावड़ी)
  • कुल प्रश्न: 20
  • Last Updated:

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81. बूंदी को 'बावड़ियों का नगर' क्यों कहा जाता है?

  • (A) यह राजस्थान का सबसे बड़ा शहर है।
  • (B) यहाँ पर काका जी की बावड़ी, नागर सागर कुण्ड और रानी जी की बावड़ी सहित कई ऐतिहासिक बावड़ियाँ हैं।
  • (C) यहाँ केवल एक ही विशाल बावड़ी है।
  • (D) यह जयपुर के पास स्थित है।

बूंदी को 'बावड़ियों का नगर' इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहाँ पर अनेक प्रसिद्ध बावड़ियाँ हैं, जैसे काका जी की बावड़ी, नागर सागर कुण्ड, रानी जी की बावड़ी आदि। इन बावड़ियों का निर्माण जल संरक्षण के साथ-साथ स्थापत्य सौंदर्य को ध्यान में रखकर किया गया था। बूंदी की बावड़ियाँ आज भी राजस्थान की जल संस्कृति और शिल्पकला की अनूठी पहचान मानी जाती हैं।

82. भिका जी की बावड़ी राजस्थान के किस जिले में स्थित है?

  • (A) जोधपुर
  • (B) अजमेर
  • (C) सीकर
  • (D) डीडवाना-कुचामन

भिका जी की बावड़ी अजमेर जिले में स्थित है। यह बावड़ी पुराने समय में स्थानीय लोगों के लिए मुख्य जल स्रोत के रूप में जानी जाती थी। अजमेर क्षेत्र में ऐसी कई बावड़ियाँ हैं जो राजस्थान की प्राचीन जल संरक्षण परंपरा को दर्शाती हैं। भिका जी की बावड़ी अपने ऐतिहासिक महत्व और स्थापत्य सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है।

83. फूल बावड़ी (छोटी खाटू) वर्तमान में किस जिले में स्थित है?

  • (A) जोधपुर
  • (B) सीकर
  • (C) डीडवाना-कुचामन
  • (D) नागौर

फूल बावड़ी (छोटी खाटू) वर्तमान में डीडवाना-कुचामन जिले में स्थित है। यह बावड़ी स्थानीय स्तर पर जल संरक्षण और संग्रहण का प्रमुख साधन रही है। राजस्थान की पारंपरिक बावड़ियाँ जैसे फूल बावड़ी, स्थापत्य कला और स्थानीय पर्यावरणीय ज्ञान का सुंदर मिश्रण हैं।

84. निम्नलिखित में से कौनसी बावड़ी झुंझुनूं जिले में स्थित है?

  • (A) झालरा बावड़ी
  • (B) खेतानों की बावड़ी
  • (C) भिका जी की बावड़ी
  • (D) बड़ी बावड़ी

खेतानों की बावड़ी झुंझुनूं जिले में स्थित है। यह बावड़ी प्राचीन काल में जल संचयन और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र हुआ करती थी। झुंझुनूं की यह ऐतिहासिक बावड़ी राजस्थान की स्थापत्य विरासत और जल संरक्षण की परंपरा का जीता-जागता उदाहरण है।

85. चेतनदास की बावड़ी किस जिले में स्थित है?

  • (A) सीकर
  • (B) चुरू
  • (C) झुंझुनूं
  • (D) अलवर

चेतनदास की बावड़ी झुंझुनूं जिले में स्थित है। इस बावड़ी का निर्माण प्राचीन काल में स्थानीय जल आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से किया गया था। राजस्थान के इस क्षेत्र में बावड़ियाँ सामाजिक जीवन और धार्मिक आस्था दोनों का केंद्र रही हैं।

86. चमना बावड़ी का निर्माण उम्मेदसिंह ने किस वर्ष करवाया था?

  • (A) 1699 ई.
  • (B) 1858 ई.
  • (C) 1748 ई.
  • (D) 1947 ई.

चमना बावड़ी का निर्माण उम्मेदसिंह ने 1858 ई. में करवाया था। यह बावड़ी राजस्थान की स्थापत्य शैली और जल संरक्षण प्रणाली का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसका निर्माण उस समय कराया गया जब मरुस्थल क्षेत्रों में वर्षाजल संचयन की अत्यंत आवश्यकता थी।

87. चमना बावड़ी राजस्थान के किस जिले से संबंधित है?

  • (A) दौसा
  • (B) टोंक
  • (C) भीलवाड़ा
  • (D) अलवर

चमना बावड़ी भीलवाड़ा जिले से संबंधित है। यह बावड़ी अपने ऐतिहासिक महत्व और सुंदर स्थापत्य के कारण प्रसिद्ध है। भीलवाड़ा की यह प्राचीन संरचना राजस्थान की जल संरक्षण परंपरा को आज भी जीवित रखे हुए है।

88. बड़ी बावड़ी राजस्थान में कहाँ स्थित है?

  • (A) चमना (भीलवाड़ा)
  • (B) भाण्डारेज (दौसा)
  • (C) टोंक
  • (D) कुंभलगढ़

बड़ी बावड़ी भाण्डारेज (दौसा) में स्थित है। यह बावड़ी पुराने समय में स्थानीय लोगों के जल उपयोग का प्रमुख स्रोत रही है। यहाँ का स्थापत्य और डिज़ाइन राजस्थान की पारंपरिक जल संरक्षण प्रणाली को दर्शाता है और आज भी यह ऐतिहासिक महत्व रखती है।

89. दिसंबर 2017 में राजस्थान की कितनी बावड़ियों पर डाक टिकट जारी किए गए थे?

  • (A) 4
  • (B) 6
  • (C) 8
  • (D) 10

दिसंबर 2017 में राजस्थान की 6 बावड़ियों पर डाक टिकट जारी किए गए थे। यह पहल राज्य की प्राचीन जल संरचनाओं को सम्मान देने और लोगों में ऐतिहासिक जागरूकता बढ़ाने के लिए की गई थी। इन बावड़ियों की सुंदरता और महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर दिखाने का यह एक महत्वपूर्ण प्रयास था।

90. दिसंबर 2017 में नीमराणा की बावड़ी पर कितने रुपये का डाक टिकट जारी किया गया था?

  • (A) ₹5 और ₹15 दोनों
  • (B) केवल ₹10
  • (C) केवल ₹5
  • (D) केवल ₹15

नीमराणा की बावड़ी पर ₹5 और ₹15 दोनों डाक टिकट जारी किए गए थे। यह बावड़ी राजस्थान की 9 मंजिला वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाती है। डाक टिकट के माध्यम से इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली और राजस्थान की जल संरक्षण परंपरा को भी लोगों तक पहुँचाया गया।

91. तूर जी का झालरा' का निर्माण किस शासक की रानी ने करवाया था?

  • (A) राव राजा अनिरुद्ध
  • (B) टोडा नरेश राव रूपाल
  • (C) महाराजा अभयसिंह
  • (D) महारावल आसकरण

तूर जी का झालरा का निर्माण महाराजा अभयसिंह की रानी तूर कंवर ने करवाया था। यह झालरा राजस्थान की स्थापत्य कला और जल संरक्षण की परंपरा का उत्कृष्ट उदाहरण है। रानी तूर कंवर ने इसे केवल जल संचयन के लिए ही नहीं, बल्कि सौंदर्य और शाही पहचान के लिए भी बनवाया था।

92. तूर जी का झालरा का निर्माण किस वर्ष करवाया गया था?

  • (A) 1748 ई.
  • (B) 1699 ई.
  • (C) 1858 ई.
  • (D) 1587 ई.

तूर जी का झालरा 1748 ई. में महाराजा अभयसिंह की रानी तूर कंवर द्वारा बनवाया गया। इस निर्माण में राजस्थानी स्थापत्य कला और शाही जल संरक्षण तकनीक का सुंदर मिश्रण देखने को मिलता है। यह झालरा आज भी पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है।

93. बाटाडू का कुआँ (रेगिस्तान का जलमहल) बाड़मेर में किस स्थान पर स्थित है?

  • (A) तनोट
  • (B) बायतु
  • (C) ओसियां
  • (D) गजनेर

बाटाडू का कुआँ बायतु (बाड़मेर) में स्थित है। इसे रावल गुलाबसिंह ने बनवाया था और यह रेगिस्तान क्षेत्र में जल संरक्षण का महत्वपूर्ण उदाहरण है। यहाँ का वास्तुशिल्प और कुएँ का डिज़ाइन उस समय के अकाल और जल संकट से निपटने की तकनीक को दर्शाता है।

94. किस प्रसिद्ध फिल्म की शूटिंग हाड़ी रानी की बावड़ी (टोडारायसिंह) में हुई थी?

  • (A) लगान
  • (B) पहेली
  • (C) जोधा अकबर
  • (D) पद्मावत

हाड़ी रानी की बावड़ी, टोडारायसिंह (टोंक) में स्थित है, जहाँ प्रसिद्ध फिल्म "पहेली" की शूटिंग हुई थी। यह बावड़ी ऐतिहासिक और स्थापत्य दृष्टि से महत्वपूर्ण है। फिल्म की शूटिंग से इस स्थल को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान भी मिली।

95. कांतन बावड़ी राजस्थान के किस जिले में स्थित है?

  • (A) टोंक
  • (B) जोधपुर
  • (C) भीलवाड़ा
  • (D) सिरोही

कांतन बावड़ी जोधपुर जिले में स्थित है। यह बावड़ी पुराने समय में स्थानीय लोगों के जल स्रोत के रूप में काम करती थी। यहाँ का डिज़ाइन और निर्माण राजस्थान की प्राचीन जल संरक्षण परंपरा का सुंदर उदाहरण है।

96. अनारकली की बावड़ी बूंदी में कहाँ स्थित है?

  • (A) नागर सागर
  • (B) छत्रपुरा
  • (C) रानी जी की बावड़ी के पास
  • (D) भावल देवी के पास

अनारकली की बावड़ी बूंदी के छत्रपुरा क्षेत्र में स्थित है। यह बावड़ी अपने ऐतिहासिक महत्व और वास्तुशिल्प सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। स्थानीय लोगों के लिए यह जल स्रोत होने के साथ-साथ सांस्कृतिक धरोहर भी है।

97. अनारकली की बावड़ी का निर्माण किसने करवाया था?

  • (A) रानी नाथावत
  • (B) अनारकली (रानी नाथावत की दासी)
  • (C) महारावल उदयसिंह
  • (D) राव राजा अनिरुद्ध

अनारकली की बावड़ी का निर्माण रानी नाथावत की दासी अनारकली ने करवाया था। यह बावड़ी राजस्थान की जल संरचना और स्थापत्य कला का सुंदर उदाहरण है। इसका निर्माण न केवल जल संचयन के लिए बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखकर किया गया था।

98. रानी जी की बावड़ी को "बावड़ियों का सिरमौर" क्यों कहा जाता है?

  • (A) इसकी विशाल गहराई के कारण
  • (B) इसके धार्मिक महत्व के कारण
  • (C) इसकी स्थापत्य की भव्यता के कारण
  • (D) यह रेगिस्तान में स्थित है इसलिए

रानी जी की बावड़ी अपनी भव्य स्थापत्य कला और डिज़ाइन के कारण "बावड़ियों का सिरमौर" कहलाती है। इसकी अनूठी बनावट, गहरी संरचना और सीढ़ियों का वास्तुशिल्प इसे अन्य बावड़ियों से अलग और विशेष बनाता है। यह केवल जल संचयन का माध्यम नहीं, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का प्रतीक भी है।

99. चाँद बावड़ी (आभानेरी) के निर्माता गुर्जर प्रतिहार शासक का क्या नाम था?

  • (A) मिहिर भोज
  • (B) नागभट्ट प्रथम
  • (C) राजा चाँद
  • (D) राजसिंह

चाँद बावड़ी का निर्माण गुर्जर प्रतिहार शासक राजा चाँद ने करवाया था। यह बावड़ी राजस्थान की प्राचीन जल संरचना और स्थापत्य कौशल का महत्वपूर्ण उदाहरण है। इसकी बनावट और डिज़ाइन आज भी इतिहासकारों और वास्तु प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है।

100. पन्ना मीना का कुंड किस जिले में स्थित है?

  • (A) उदयपुर
  • (B) नाथद्वारा
  • (C) जयपुर
  • (D) जैसलमेर

पन्ना मीना का कुंड जयपुर (आमेर) में स्थित है। यह कुंड न केवल जल संचयन का माध्यम है बल्कि राजस्थान की प्राचीन जल परंपरा और वास्तुकला का सुंदर उदाहरण भी है। इसके आसपास की संरचनाएँ और सजावट इसे ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाती हैं।

राजस्थान में जल स्थापत्य (तालाब एवं बावड़ी) MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6

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