राजस्थान के जनजाति एवं किसान आन्दोलन MCQ Questions with Answers

राजस्थान के जनजाति एवं किसान आन्दोलन MCQ | Most Expected Questions for All Exams

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के जनजाति एवं किसान आन्दोलन से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें एकी आन्दोलन, बिजौलिया किसान आन्दोलन, बेंगू किसान आन्दोलन, नीमूंचाणा किसान आन्दोलन, जमनालाल बजाज आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, Fireman, Woman Superwiser, REET तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान के जनजाति एवं किसान आन्दोलन
  • Last Updated:
  • Content Type: Updated MCQ Practice Set
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1. गोविन्द गुरू ने भीलों को हिन्दू धर्म के दायरे में बनाये रखने के लिए किस पंथ की स्थापना की ?

  • (A) भगत पंथ
  • (B) खालसा पंथ
  • (C) कामड़िया पंथ
  • (D) उंदरिया पंथ

गोविन्द गुरू ने भीलों के सामाजिक एवं धार्मिक उत्थान के लिए भगत पंथ की स्थापना की। इस पंथ के माध्यम से उन्होंने भीलों को नशामुक्ति, स्वच्छता और नैतिक जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने प्रत्येक भील गाँव में अपनी धूणी स्थापित की और उनकी रक्षा हेतु कोतवाल नियुक्त किए।

2. निम्नलिखित में से कौनसा स्थान मोतीलाल तेजावत की गतिविधियों का प्रमुख केन्द्र था?

  • (A) बेडसा
  • (B) झाड़ोल
  • (C) कोटड़ा
  • (D) मातृकुंडिया

झाड़ोल क्षेत्र मोतीलाल तेजावत की गतिविधियों का प्रमुख केन्द्र था। यहीं से उन्होंने भीलों और किसानों को संगठित कर एकी आंदोलन को गति दी। जबकि बेडसा गोविन्द गिरी की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था, इसलिए झाड़ोल सही उत्तर है।

3. महात्मा गांधी के किस सहयोगी ने अंग्रेज सरकार से मोतीलाल तेजावत को क्षमादान दिलवाने के काफी प्रयास किए, लेकिन असफल रहे?

  • (A) वंशीधर शर्मा
  • (B) हीरालाल शास्त्री
  • (C) रमाकांत मालवीय
  • (D) मणिलाल कोठारी

मणिलाल कोठारी महात्मा गांधी के सहयोगी थे जिन्होंने मोतीलाल तेजावत को क्षमादान दिलाने के लिए अंग्रेज सरकार से प्रयास किए। उन्होंने कई स्तरों पर बातचीत की, लेकिन ब्रिटिश सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया और उनके प्रयास असफल रहे।

4. जनवरी 1922 में सिरोही राज्य में एकी आंदोलन का प्रारंभ हुआ, उस समय वहाँ के दीवान कौन थे-

  • (A) मोतीलाल तेजावत
  • (B) रमाकांत मालवीय
  • (C) मदन मोहन मालवीय
  • (D) मोतीलाल कोठारी

जनवरी 1922 में सिरोही राज्य में एकी आंदोलन प्रारंभ हुआ। उस समय वहाँ के दीवान रमाकांत मालवीय थे। इस आंदोलन का उद्देश्य भीलों पर हो रहे अत्याचारों का विरोध करना था और यह आंदोलन तेजावत के नेतृत्व में चला।

5. बिजौलिया किसान आंदोलन के संवन्ध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए- (A) बिजौलिया किसान आंदोलन में अंजना देवी, विमला देवी, दुर्गा, भागीरवी व तुलसी नामक महिलाओं की प्रमुख भूमिका रही। (B) विजय सिंह पथिक ने दिसम्बर, 1919 में अमृतसर कांग्रेस अधिवेशन में भाग लिया और वहाँ केलकर की सहायता से बिजौलिया संबंधी प्रस्ताव रखवाया और लोकमान्य तिलक ने उसका समर्थन किया। (C) ऊपरमाल की जागीर का सदर मुकाम विजौलिया था। इस ठिकाने में कुल 79 ग्राम थे। (D) बिजौलिया किसान आंदोलन में धाकड़ जाति की महती भूमिका रही।

  • (A) केवल A व B सही है।
  • (B) A, B व C सही है।
  • (C) केवल A, C व D सही है।
  • (D) केवल B सही है।

विजय सिंह पथिक ने दिसम्बर, 1919 में अमृतसर कांग्रेस अधिवेशन में भाग लिया और वहाँ लोकमान्य तिलक की सहायता से विजीलिया संबंधी प्रस्ताव रखवाया और केलकर ने उसका समर्थन किया।

6. एकी आंदोलन के प्रमुख उद्देश्य क्या थे- (A) राज्यों व जागीरदारों द्वारा किये जाने वाले भीलों के सभी प्रकार के शोषण के विरुद्ध संयुक्त रूप से विरोध करना। (B) राज्यों व जागीरदारों की कचहरियों का बहिष्कार करना । (C) अंग्रेजो की नई प्रशासनिक व्यवस्था का विरोध करना। सही कथन का चयन करे-

  • (A) केवल
  • (B) AB
  • (C) BC
  • (D) A. BaC

एकी आंदोलन का मुख्य उद्देश्य भीलों के शोषण के विरुद्ध एकजुट होकर विरोध करना तथा राज्य और जागीरदारों की कचहरियों का बहिष्कार करना था। इसका सीधा उद्देश्य अंग्रेजों की प्रशासनिक व्यवस्था का विरोध नहीं था, इसलिए केवल A और B कथन सही हैं।

7. बीकानेर राज्य सरकार ने प्रजा परिषद की शक्ति को कुचलने के उद्देश्य से किस व्यक्ति को 'जाट सभा' का गठन करने के लिए प्रोत्साहित किया?

  • (A) चौधरी खियाली सिंह
  • (B) सूरजमल्ल सिंह
  • (C) हनुमान सिंह
  • (D) चौधरी कुम्भाराम

जाट सभा ने जाटों को प्रजा परिषद से अपने को पृथक रहने को कहा। खियाली सिंह को पुरस्कृत करने के लिए उसे बीकानेर राज्य मंत्रिमण्डल में ले लिया गया था।

8. गूंदोज लोक परिषद्' के अध्यक्ष कौन थे जिन पर गूंदोज के ठाकुर और उसके आदमियों द्वारा कातिलाना हमला किया गया?

  • (A) चैनदास स्वामी
  • (B) अमर सिंह
  • (C) उमाराम चौधरी
  • (D) बलदेवराम मिर्धा

गूंदोज लोक परिषद के अध्यक्ष अमर सिंह थे। वे किसानों और आम जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे थे। उनके सक्रिय आंदोलन से परेशान होकर गूंदोज के ठाकुर और उसके लोगों ने उन पर कातिलाना हमला किया।

9. 1828 ई. में किसके आत्मसमर्पण के बाद 'लिम्बारावारू भील विद्रोह' समाप्त हुआ?

  • (A) दौलत सिंह
  • (B) अमर सिंह
  • (C) ईश्वर सिंह
  • (D) रघुनाथ सिंह

1828 ई. में दौलत सिंह के आत्मसमर्पण के बाद लिम्बारावारू भील विद्रोह समाप्त हो गया। यह विद्रोह भीलों द्वारा अपने अधिकारों की रक्षा के लिए किया गया था, जिसे अंततः अंग्रेजों ने दबा दिया।

10. ठाकुर देशराज द्वारा 'शेखावाटी किसान जाट पंचायत' (झुंझुनूं) की स्थापना कब की गई?

  • (A) 1932
  • (B) 1930
  • (C) 1931
  • (D) 1935

ठाकुर देशराज ने 1931 में झुंझुनूं में शेखावाटी किसान जाट पंचायत की स्थापना की। इसका उद्देश्य किसानों को संगठित करना और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करना था। यह संगठन किसान आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।

11. 05 नवम्बर, 1925 को किसानों ने बग्गड़ (झुंझुनूं) में एक सभा आयोजित कर 'जाट संघर्ष समिति' का गठन किया, इस समिति का अध्यक्ष किसे बनाया गया?

  • (A) भूदाराम
  • (B) नेतराम सिंह
  • (C) राम सिंह
  • (D) टीकूराम भूकर

05 नवम्बर 1925 को बग्गड़ (झुंझुनूं) में किसानों ने जाट संघर्ष समिति का गठन किया, जिसका अध्यक्ष राम सिंह को बनाया गया। यह समिति किसानों के अधिकारों की रक्षा और उनके शोषण के विरुद्ध संघर्ष करने हेतु बनाई गई थी, जबकि भूदाराम को इसका उपाध्यक्ष बनाया गया।

12. बिजौलिया किसान आंदोलन में किसानों ने छपे हुए त्याग पत्रों पर हस्ताक्षर कर अपनी असिंचित जोतों से त्याग पत्र कब दिया ?

  • (A) अप्रैल 1927
  • (B) मई 1926
  • (C) अप्रैल 1926
  • (D) मई 1927

मई 1927 में किसान पंचायत ने पथिक की सलाह पर धाकड़ जाति के किसानों को अपनी बारानी भूमि (असिंचित) छोड़ने की सलाह दी। किसानों ने छपे हुए त्याग पत्रों पर हस्ताक्षर कर अपनी असिंचित जोतों से त्याग पत्र दे दिया। इन किसानों द्वारा छोड़ी गई जमीनों को महाजनों व अन्य किसानों ने छुड़वा दी।

13. 23 नवम्बर, 1931 को किसने भरतपुर में व्यापक किसान विरोध का आयोजन किया और जिसके कारण उनकी गिरफ्तारी से लघु किसान आन्दोलन समाप्त हुआ?

  • (A) नाथूराम शर्मा
  • (B) जय नारायण व्यास
  • (C) कुम्भाराम आर्य
  • (D) भोज नम्बरदार

23 नवम्बर 1931 को भोज नम्बरदार ने भरतपुर में व्यापक किसान विरोध का आयोजन किया। उनके नेतृत्व में किसानों ने अपनी समस्याओं को उठाया, लेकिन उनकी गिरफ्तारी के बाद यह आंदोलन कमजोर पड़ गया और अंततः समाप्त हो गया।

14. भगत भील आन्दोलन के नेतृत्त्वकर्ता कौन थे?

  • (A) मोतीलाल तेजावत
  • (B) गोविन्द गिरी
  • (C) भोगीलाल पांड्या
  • (D) ठक्कर बापा

भगत भील आंदोलन का नेतृत्व गोविन्द गिरी (गोविन्द गुरु) ने किया। उन्होंने भीलों को संगठित कर सामाजिक सुधार, नशामुक्ति और धार्मिक जागरूकता का संदेश दिया। यह आंदोलन भीलों के उत्थान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण था।

15. इनमें से कौन विजीलिया किसान आंदोलन से सम्बधित नहीं था?

  • (A) विजय सिंह पथिक
  • (B) सीताराम दास
  • (C) छगनलाल चौपासनीवाला
  • (D) माणिक्य लाल वर्मा

छगनलाल चौपासनीवाला का जन्म 26 मई, 1912 को जोधपुर में हुआ। ये 1932 से 1939 ई. तक जोधपुर के प्रसिद्ध आंदोलनकारी रहे।

16. मीणा क्षेत्रीय महासभा का गठन कब हुआ?

  • (A) 1886 ई.
  • (B) 1942 ई.
  • (C) 1933 ई.
  • (D) 1913 ई.

मीणा क्षेत्रीय महासभा का गठन 1933 ई. में किया गया था। इसका उद्देश्य मीणा समाज में सामाजिक सुधार, शिक्षा का प्रसार और संगठनात्मक एकता स्थापित करना था। इसने समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

17. मोतीलाल तेजावत द्वारा तैयार किया गया 21 सूत्री मांगपत्र क्या कहलाता है, जिसमें आदिवासियों के दुख-दर्द और कष्टों का व्यवस्थित व्यौरा था?

  • (A) मातृकुण्डियां माँगपत्र
  • (B) 42 सूत्री मांगपत्र
  • (C) मेवाड़ की पुकार
  • (D) भीलों की पुकार

मोतीलाल तेजावत द्वारा तैयार 21 सूत्री मांगपत्र मेवाड़ की पुकार कहलाता है। इसमें आदिवासियों की समस्याओं, शोषण और कठिनाइयों का विस्तार से वर्णन किया गया था। यह दस्तावेज एकी आंदोलन का महत्वपूर्ण आधार बना।

18. किस आन्दोलन के दौरान भीलों ने 'हाकिम और हुकम नहीं' नारा दिया था?

  • (A) बारापाल आन्दोलन
  • (B) मेर आन्दोलन
  • (C) भगत भील आन्दोलन
  • (D) एकी आन्दोलन

एकी आंदोलन के दौरान भीलों ने हाकिम और हुकम नहीं का नारा दिया। इसका अर्थ था कि वे अन्यायपूर्ण शासन और आदेशों को स्वीकार नहीं करेंगे। यह नारा उनके स्वाभिमान और स्वतंत्रता की भावना को दर्शाता है।

19. आदिवासियों का मसीहा कहलाते हैं?

  • (A) मोतीलाल तेजावत
  • (B) गोविन्द गिरी
  • (C) भोगीलाल पांड्या
  • (D) ठक्कर बापा

मोतीलाल तेजावत को आदिवासियों का मसीहा कहा जाता है। उन्होंने भीलों और अन्य जनजातियों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और एकी आंदोलन के माध्यम से उन्हें संगठित किया। उनके प्रयासों से आदिवासी समाज में जागरूकता आई।

20. मेर आन्दोलन का समय था-

  • (A) 1881-84ई
  • (B) 1922-25 ई.
  • (C) 1818-21 ई.
  • (D) 1913-16 ई.

मेर आंदोलन 1818 से 1821 ई. के बीच हुआ था। यह आंदोलन मेर समुदाय द्वारा अंग्रेजों और स्थानीय शासकों के अत्याचारों के विरुद्ध किया गया था। इसने क्षेत्र में विद्रोह की भावना को जन्म दिया और अंग्रेजों को कठोर कदम उठाने पड़े।

21. 1820 ई. में नामक स्थान पर मेरों ने पुलिस चौकियों व थानों पर आक्रमण कर सिपाहियों की हत्या कर दी।

  • (A) लिम्बारावारू गाँव
  • (B) बारापाल गाँव
  • (C) झाक गाँव
  • (D) पाल गाँव

मार्च 1819 ई. में विल्डर ने मेरों पर समझौता तोड़ने का आरोप लगाकर मेरवाड़ा पर आक्रमण कर दिया, जिससे मेर भड़क उठे।

22. राजस्थान का पहला भील आन्दोलन किस रियासत में हुआ था?

  • (A) जोधपुर
  • (B) बीकानेर
  • (C) उदयपुर
  • (D) सिरोही

राजस्थान का पहला भील आंदोलन उदयपुर रियासत में हुआ था। मेवाड़ क्षेत्र में भीलों ने अंग्रेजों और स्थानीय शासकों के अत्याचारों के खिलाफ विद्रोह किया, जिससे यह आंदोलन ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण बन गया।

23. वर्ष 1823 ई. में किस अंग्रेज अधिकारी के नेतृत्त्व में अंग्रेज व उदयपुर की संयुक्त सेना ने मेवाड़ में भीलों का दमन किया?

  • (A) कर्नल लूम्बे
  • (B) विलियम हंटर
  • (C) लोनारगन
  • (D) सुपरिडेंट एफ, विल्डर

1823 ई. में कर्नल लूम्बे के नेतृत्व में अंग्रेजों और उदयपुर की संयुक्त सेना ने मेवाड़ में भीलों का दमन किया। इस अभियान का उद्देश्य भील विद्रोह को समाप्त करना और क्षेत्र में शांति स्थापित करना था।

24. मेवाड़ में भील आन्दोलन के दौरान महाराणा सरदार सिंह ने अंग्रेजों से सहायता मांगने पर किस अंग्रेज अधिकारी ने मेवाड़ का आंतरिक मामला बताकर सहायता देने से मना कर दिया था?

  • (A) कर्नल लूम्बे
  • (B) रॉबिन्सन
  • (C) लोनारगन
  • (D) सुपरिडेंट एफ, विल्डर

मेवाड़ में भील आंदोलन के दौरान महाराणा सरदार सिंह ने अंग्रेजों से सहायता मांगी, लेकिन रॉबिन्सन ने इसे मेवाड़ का आंतरिक मामला बताकर सहायता देने से मना कर दिया। इससे स्थिति और अधिक जटिल हो गई।

25. भोमट क्षेत्र में भीलों तथा गरासिया सरदारों पर नियंत्रण रखने के लिए जनवरी 1841 में निम्न में से किसकी स्थापना की गई थी?

  • (A) जोधपुर लीजन
  • (B) मेवाड़ भील कॉपर्स
  • (C) मेरवाड़ा रेजिमेंट
  • (D) देवली रेजिमेंट

जनवरी 1841 में भोमट क्षेत्र में भीलों और गरासिया सरदारों पर नियंत्रण रखने के लिए मेवाड़ भील कॉर्प्स की स्थापना की गई। यह एक विशेष सैन्य इकाई थी, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में शांति बनाए रखना और विद्रोहों को नियंत्रित करना था।

26. बारापाल भील विद्रोह के दौरान रिखबदेव मंदिर के किस पूजारी ने भीलों को विद्रोह के लिए उकसाया ?

  • (A) दौलत सिंह
  • (B) खेमराज भंडारी
  • (C) अमानसिंह
  • (D) गोविन्दा

बारापाल भील विद्रोह के दौरान रिखबदेव मंदिर के पुजारी खेमराज भंडारी ने भीलों को विद्रोह के लिए प्रेरित किया। उनके प्रभाव से भीलों में विद्रोह की भावना जागृत हुई और उन्होंने शासकों के खिलाफ संघर्ष किया।

27. बारापाल के भील विद्रोह का समय था?

  • (A) 1881-82 ई.
  • (B) 1922-253.
  • (C) 1818-21 ई.
  • (D) 1913-16 ई.

बारापाल भील विद्रोह 1881-82 ई. के दौरान हुआ था। यह विद्रोह भीलों द्वारा अपने अधिकारों की रक्षा और शोषण के विरोध में किया गया था। इसने क्षेत्र में जनजातीय आंदोलनों को नई दिशा दी।

28. जैन मुनी मगन सागर की अध्यक्षता में मीणाओं का एक विशाल सम्मेलन नीम का थाना में कब हुआ था ?

  • (A) 1944 ई.
  • (B) 1933 ई.
  • (C) 1942 ई.
  • (D) 1913 ई.

7 अप्रैल, 1944 को जैन मुनि मगन सागर की अध्यक्षता में नीमकाथाना में मीणा जाति का एक वृहद् अधिवेशन का आयोजन किया गया।

29. जयपुर राज्य मीणा सुधार समिति का गठन किसकी अध्यक्षता में किया गया था?

  • (A) लक्ष्मीनारायण झरवाल
  • (B) मुनी मगन सागर
  • (C) वंशीधर शर्मा
  • (D) ठक्कर बापा

मीणा सुधार समिति का गठन बंशीधर शर्मा की अध्यक्षता में हुआ। इस समिति में राजेन्द्र कुमार को मंत्री व लक्ष्मी नारायण झरवाल को संयुक्त मंत्री बनाया गया।

30. राजस्थान में किसान आन्दोलन का प्रारम्भ किस क्षेत्र में हुआ था?

  • (A) मारवाड़
  • (B) मेवाड़
  • (C) ढूंढ़ाड़
  • (D) हाड़ौती

राजस्थान में किसान आंदोलन का प्रारंभ मेवाड़ क्षेत्र से हुआ। विशेष रूप से बिजौलिया किसान आंदोलन ने किसानों में जागरूकता पैदा की और आगे चलकर अन्य क्षेत्रों में भी आंदोलनों को प्रेरित किया। यह आंदोलन राजस्थान के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

31. राजस्थान में प्रथम संगठित किसान आन्दोलन था ?

  • (A) बिजौलिया किसान आन्दोलन
  • (B) बेंगू किसान आन्दोलन
  • (C) नीमूंचाणा किसान आन्दोलन
  • (D) मारवाड़ किसान आन्दोलन

राजस्थान में प्रथम संगठित किसान आन्दोलन विजौलिया किसान आन्दोलन था। यह आंदोलन 1897 में प्रारम्भ हुआ और किसानों के शोषण, अत्यधिक करों एवं बेगार के विरुद्ध था। इसने पूरे राजस्थान में किसान आंदोलनों की नींव रखी।

32. बिजौलिया किसान आन्दोलन में किस जाति के किसान सर्वाधिक संख्या में थे?

  • (A) मेव
  • (B) जाट
  • (C) धाकड़
  • (D) सिख

बिजौलिया किसान आंदोलन में धाकड़ जाति के किसान सर्वाधिक संख्या में शामिल थे। ये किसान मुख्य रूप से खेती पर निर्भर थे और जागीरदारों द्वारा लगाए गए अत्यधिक करों और अत्याचारों के खिलाफ संगठित होकर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।

33. बिजौलिया वर्तमान में किस जिले में स्थित है?

  • (A) उदयपुर
  • (B) अजमेर
  • (C) भीलवाड़ा
  • (D) सलूम्बर

बिजौलिया वर्तमान में राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित है। यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से किसान आंदोलनों, विशेषकर बिजौलिया किसान आंदोलन के कारण प्रसिद्ध रहा है और राजस्थान के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

34. नानजी पटेल व ठाकरी पटेल का संबंध निम्न में से किस किसान आन्दोलन से है?

  • (A) बेंगू किसान आन्दोलन
  • (B) नीमूचाणा किसान आन्दोलन
  • (C) बिजौलिया किसान आन्दोलन
  • (D) मारवाड़ किसान आन्दोलन

नानजी पटेल और ठाकरी पटेल बिजौलिया किसान आंदोलन से जुड़े प्रमुख किसान नेता थे। उन्होंने किसानों को संगठित करने और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

35. चंवरी कर था?

  • (A) लड़की की शादी पर ठिकानों को दिया जाने वाला 5 रु. का शुल्क
  • (B) उत्तराधिकार शुल्क
  • (C) एक प्रकार का भूमि कर
  • (D) ठिकानेदार के लड़की होने पर लिया जाने वाला कर

ऊपरमाल जागीर में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अपनी पुत्री के विवाह पर पाँच रुपये चैवरी कर के रूप में ठिकाने को देना पड़ता था।

36. बिजौलिया आन्दोलन के प्रारम्भ (1897) होने के समय बिजौलिया का ठिकानेदार था?

  • (A) अनूप सिंह
  • (B) राव गोविन्ददास
  • (C) राव कृष्णसिंह
  • (D) अशोक परमार

बिजौलिया किसान आंदोलन के प्रारम्भ (1897) के समय वहाँ के ठिकानेदार राव कृष्णसिंह थे। उनके शासनकाल में किसानों पर अत्यधिक कर लगाए गए, जिससे आंदोलन की शुरुआत हुई।

37. विजयसिंह पथिक से पूर्व विजीलिया आन्दोलन का नेतृत्त्व किसने किया? (1913 ई. में)

  • (A) साधु सीताराम दास
  • (B) हरिभाऊ उपाध्याय
  • (C) माणिक्यलाल वर्मा
  • (D) जयनारायण व्यास

विजयसिंह पथिक के नेतृत्व से पहले 1913 में बिजौलिया आंदोलन का नेतृत्व साधु सीताराम दास ने किया था। उन्होंने किसानों को संगठित कर आंदोलन को प्रारंभिक दिशा प्रदान की।

38. 1917 में वैरीसाल गाँव में 'ऊपरमाल पंच बोर्ड' की स्थापना किसने की?

  • (A) जमनालाल बजाज
  • (B) हरिभाऊ उपाध्याय
  • (C) विजयसिंह पथिक
  • (D) साधु सीताराम दास

1917 में विजय सिंह पथिक ने वैरीसाल के बास गाँव में हरियाली अमावस्या के दिन विजौलिया किसान पंचायत का गठन करके ऊपरमाल किसान पंचबोर्ड के नाम से केन्द्रीय समिति बनाई। नोट- आरपी व्यास (RHGA) ने इसका नाम ऊपरमाल पंचबोर्ड लिखा है।

39. सीकर के कूदण गाँव में किसानों पर हुए अत्याचार के विरोध में 'सीकर दिवस' कब मनाया गया?

  • (A) 26 मई, 1934
  • (B) 26 मई, 1935
  • (C) 26 मई, 1933
  • (D) 26 मई, 1936

सीकर के कूदण गाँव में किसानों पर हुए अत्याचार के विरोध में 26 मई 1935 को सीकर दिवस मनाया गया। इस दिन किसानों ने संगठित होकर अपने अधिकारों की मांग की और अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाई।

40. विजीलिया किसान आंदोलन का अंत मेवाड़ के प्रधानमंत्री टी, विजय राघवाचार्य तथा ब्रिटिश रेजीडेन्ट विल्किंसन की मध्यस्थता से हुआ?

  • (A) 1942 ई.
  • (B) 1923 ई.
  • (C) 1941 ई.
  • (D) 1919 ई.

बिजौलिया किसान आंदोलन का अंत 1941 ई. में मेवाड़ के प्रधानमंत्री टी. विजय राघवाचार्य और ब्रिटिश रेजिडेंट विल्किंसन की मध्यस्थता से हुआ। इस समझौते के बाद किसानों की कई मांगों को स्वीकार किया गया और आंदोलन समाप्त हुआ।

41. सन् 1921 ई. में विजय सिंह पश्चिक द्वारा 'बेगूं किसान आन्दोलन' का नेतृत्त्व किसे प्रदान किया गया ?

  • (A) रामनारायण चौधरी
  • (B) माणिक्यलाल वर्मा
  • (C) विजय सिंह पथिक
  • (D) जयनारायण व्यास

बेगूं किसान आंदोलन में किसानों ने राजस्थान सेवा संघ का सहयोग लेने का निर्णय किया। उन्होंने सर्वसम्मति से विजय सिंह पश्चिक को आंदोलन का नेतृत्त्व करने के लिए बुलाया। पश्विक जी पर उदयपुर राज्य के भू-भाग पर प्रवेश पर पाबंदी थी। इसलिए पचिक जी के कहने पर रामनारायण चौधरी ने बेगूं जाकर इस आंदोलन का नेतृत्व किया।

42. येगूँ के ठाकुर अनूपसिंह व किसानों के मध्य हुये समझौते को किस नाम से जाना जाता है?

  • (A) दोहरशाही
  • (B) वेगूँ समझौता
  • (C) बॉल्शेविक समझौता
  • (D) मेवाड़ समझौता

जून 1922 में बेगूं के ठाकुर रावत अनुपसिंह व राजस्थान सेवा संघ के बीच पथिक की मध्यस्थता से समझौता हो गया तथा किसानों की सभी मांगे मान ली गई, परंतु मेवाड़ महाराणा फतेहसिंह ने इस समझौते को बॉल्शेविक समझौता की संज्ञा देते हुए इसे मानने से इंकार कर दिया।

43. 1923ई, मै बेगूँ किसान आन्दोलन में जो नेता (किसान) शहीद हुये, वह थे?

  • (A) रूपाजी व कृपाजी
  • (B) नानक भील व तुलसी भील
  • (C) माधोसिंह व गोविन्दसिंह
  • (D) अनूपसिंह व छत्रसिंह

1923 में बेगूं किसान आंदोलन के दौरान रूपाजी और कृपाजी शहीद हुए। ये किसान आंदोलन के सक्रिय कार्यकर्ता थे और किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।

44. तौल आन्दोलन का संबंध राज्य के किस क्षेत्र से है?

  • (A) मेवाड़
  • (B) मारवाड़
  • (C) हाड़ौती
  • (D) हुँड़ाड

तौल आंदोलन का संबंध मारवाड़ क्षेत्र से है। यह आंदोलन व्यापारियों और किसानों से संबंधित कर व्यवस्था और तौल प्रणाली के विरोध में हुआ था, जिसमें स्थानीय लोगों ने शोषण के खिलाफ आवाज उठाई।

45. किस वर्ष 'नीमूचाणा' (कोटपूतली बहरोड़) गोलीकांड की दुखान्त घटना हुई?

  • (A) 1925 ई.
  • (B) 1926 ई.
  • (C) 1927 ई.
  • (D) 1924 ई.

नीमूचाणा हत्याकाण्ड़ 14 मई, 1925 को कमांडर छाजूसिंह ने किसानों की सभा पर गोली चलाने व गाँव को जलाने का आदेश दिया। सैन्य दल ने मशीनगनों से गाँव पर गोलियों की बौछार कर दी जिससे 50 व्यक्ति मारे गए, 1600 घायल हुए, 144 घर जला दिए गए।महात्मा गाँधी ने इस हत्याकाण्ड़ को 'जलियावाला हत्याकाण्ड़ से भी अधिक विभत्स और दोहरी डायरशाही की संज्ञा दी।

46. बीकानेर रियासत में रायसिंह नगर गोलीकाण्ड की घटना किस वर्ष हुई?

  • (A) 1946
  • (B) 1948
  • (C) 1944
  • (D) 1945

बीकानेर रियासत में रायसिंह नगर गोलीकांड 1946 में हुआ था। यह घटना किसानों और प्रजा परिषद के आंदोलनों के दौरान हुई, जिसमें प्रशासन ने विरोध कर रहे लोगों पर गोली चला दी थी।

47. अन्जुमन खादिम उल इस्लाम' नामक संगठन ने किस आन्दोलन को संगठित रूप प्रदान किया?

  • (A) मेव किसान आन्दोलन
  • (B) जाट किसान आन्दोलन
  • (C) अलवर किसान आन्दोलन
  • (D) शेखावाटी किसान आन्दोलन

अन्जुमन खादिम उल इस्लाम' संगठन ने मेव किसान आंदोलन को संगठित रूप प्रदान किया। इस संगठन ने मेव समुदाय को एकजुट कर उनके सामाजिक और आर्थिक अधिकारों के लिए संघर्ष करने में सहायता की।

48. बूंदी किसान आन्दोलन का नेतृत्त्व किसने किया ?

  • (A) रामनारायण चौधरी
  • (B) हरिभाई किंकर
  • (C) पं. नयनूराम शर्मा
  • (D) माणिक्यलाल वर्मा

बूंदी किसान आंदोलन का नेतृत्व पं. नयनूराम शर्मा ने किया। उन्होंने किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और जागीरदारों के अत्याचारों के खिलाफ आंदोलन को मजबूत दिशा दी।

49. बिन्दूलाल भट्टाचार्य जाँच आयोग का सम्बन्ध किस किसान आन्दोलन से है?

  • (A) बिजौलिया किसान आन्दोलन
  • (B) बेगूं किसान आन्दोलन
  • (C) बूंदी किसान आन्दोलन
  • (D) नीमूचाणा किसान आन्दोलन

बिन्दूलाल भट्टाचार्य जाँच आयोग का संबंध बिजौलिया किसान आंदोलन से था। इस आयोग का गठन किसानों की शिकायतों और समस्याओं की जांच के लिए किया गया था, जिससे उनके मुद्दों को समझा जा सके।

50. मेरवाड़ा क्षेत्र में मेर व मीणों के उपद्रव को शांत करने के लिए 'मेरवाड़ा रेजिमेन्ट' की स्थापना कब की गई?

  • (A) 1835
  • (B) 1822
  • (C) 1867
  • (D) 1841

मेरवाड़ा क्षेत्र में मेर व मीणों के उपद्रव को शांत करने के लिए 1822 में डेविड ऑक्टरलोनी द्वारा कैप्टन हॉल के नेतृत्व में मेरवाड़ा रेजिमेंट का गठन किया। जिसमें मेर सैनिकों की भर्ती की गई।

51. किसान आन्दोलन के दौरान चण्डावल की घटना किस रियासत में घटित हुई?

  • (A) मारवाड़
  • (B) बीकानेर
  • (C) भरतपुर
  • (D) अलवर

चण्डावल की घटना मारवाड़ रियासत में किसान आंदोलन के दौरान हुई थी। यह घटना किसानों के बढ़ते असंतोष और शोषण के खिलाफ उनके संघर्ष का प्रतीक थी। इसने क्षेत्र में किसान आंदोलनों को और अधिक तीव्र बना दिया।

52. राजस्थान के किस रियासत में किसानों ने मादा पशुओं के निर्यात पर रोक लगाने के लिए आंदोलन किया था?

  • (A) उदयपुर
  • (B) मारवाड़
  • (C) मेवाड़
  • (D) भरतपुर

मारवाड़ रियासत में किसानों ने मादा पशुओं के निर्यात पर रोक लगाने के लिए आंदोलन किया था। किसानों का मानना था कि इससे कृषि कार्य प्रभावित होता है, इसलिए उन्होंने इस पर रोक लगाने की मांग की।

53. निम्नलिखित में से किस स्थान पर हुए कृषकों के नृशंस हत्याकाण्ड को महात्मा गाँधी ने 'जलियावाला हत्याकाण्ड' से भी बढ़‌कर बताया?

  • (A) बेगूं
  • (B) बिजौलिया
  • (C) नीमूचाणा
  • (D) मानगढ़ पहाड़ी

नीमूचाणा में हुए हत्याकांड को महात्मा गांधी ने जलियावाला बाग हत्याकांड से भी अधिक भयानक बताया। यहाँ 1925 में किसानों की सभा पर गोली चलाई गई, जिसमें अनेक लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए।

54. बिजौलिया किसान आन्दोलन के समर्थन के क्रान्तिकारी लेखों की श्रृंखला किस समाचार पत्र में प्रकाशित हुई?

  • (A) राजस्थान केसरी
  • (B) प्रताप
  • (C) उदयसिंह
  • (D) मराठा

विजयसिंह पथिक ने बिजौलिया किसान आंदोलन को गति देने और लोकप्रिय बनाने हेतु कानपुर से प्रकाशित होने वाले प्रताप समाचार पत्र के संपादक गणेश शंकर विद्यार्थी को रक्षाबंधन के अवसर पर चाँदी की एक राखी भेजी और इस आंदोलन की खबरें प्रकाशित करवाई।

55. किस वर्ष अंग्रेज सुपरिन्टेन्डेट एफ विल्डर ने 'झाक गाँव' में मेरों के साथ एक समझौता किया, जिसमें मेरों ने कभी लूटपाट न करने की सहमति प्रदान की।

  • (A) 1820 ई.
  • (B) 1816 ई.
  • (C) 1818 ई.
  • (D) 1819 ई

1818 ई. में अंग्रेज अधिकारी एफ. विल्डर ने झाक गाँव में मेरों के साथ एक समझौता किया। इस समझौते के तहत मेरों ने लूटपाट न करने का वचन दिया और बदले में उन्हें कुछ रियायतें दी गईं।

56. मेवाड़, मारवाड़ व अंग्रेजों की संयुक्त सेनाओं ने मेरों पर आक्रमण कर 'मेर आन्दोलन' का दमन कब किया था?

  • (A) जनवरी 1821
  • (B) मार्च 1823
  • (C) फरवरी 1822
  • (D) अप्रैल 1821

जनवरी 1821 में मेवाड़, मारवाड़ और अंग्रेजों की संयुक्त सेनाओं ने मेरों पर आक्रमण कर मेर आंदोलन का दमन किया। इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में शांति स्थापित करना और विद्रोह को समाप्त करना था।

57. भील मुखिया (गमेती) अपने क्षेत्रों से गुजरने वाले माल व यात्रियों से जो 'सुरक्षा कर' वसूल करते थे, उसे किस नाम से जाना जाता था?

  • (A) चौबाई
  • (B) चौबवाली
  • (C) रखवाली
  • (D) बोलाई

भील मुखिया अपने क्षेत्रों से गुजरने वाले व्यापारियों और यात्रियों से सुरक्षा के बदले जो कर वसूल करते थे, उसे बोलाई कहा जाता था। यह एक प्रकार का सुरक्षा शुल्क था, जो स्थानीय व्यवस्था का हिस्सा था।

58. 13 जनवरी, 1818 को मेवाड़ के किस महाराणा ने अंग्रेजों के साथ सहायक संधि की, जिसके तहत् अंग्रेजों को राज्य के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का अधिकार मिल गया था?

  • (A) महाराणा सज्जन सिंह
  • (B) महाराणा भीमसिंह
  • (C) महाराणा भूपालसिंह
  • (D) महाराणा सरदारसिंह

13 जनवरी 1818 को महाराणा भीमसिंह ने अंग्रेजों के साथ सहायक संधि की। इस संधि के बाद अंग्रेजों को मेवाड़ के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का अधिकार मिल गया, जिससे राज्य की स्वायत्तता प्रभावित हुई।

59. भीलों द्वारा लगातार किए जा रहे विद्रोहों पर नियन्त्रण स्थापित करने के लिए अंग्रेजों ने कब 'जोधपुर लीजन' नामक एक सैनिक टुकड़ी का गठन किया था?

  • (A) 1842 ई.
  • (B) 1835 ई.
  • (C) 1822 ई.
  • (D) 1818 ई.

भीलों द्वारा लगातार किए जा रहे विद्रोहों पर नियंत्रण स्थापित करने के किए अंग्रेजों ने 1835ई में जोधपुर लीजन नामक सैनिक टुकड़ी का गठन किया। जिसका मुख्यालय अजमेर रखा गया।

60. गवर्नर जनरल ने अपनी सलाहकार परिषद् की सलाह पर अप्रैल 1841 ई. में 'मेवाड़ भील कोर' की स्थापना कर, इसका कमाण्डर किये नियुक्त किया था?

  • (A) एजेन्ट रॉबिन्सन
  • (B) मेजर हिमेल्टन
  • (C) विलियम हण्टर
  • (D) कैप्टन मेजर

अप्रैल 1841 में गवर्नर जनरल की परिषद की सलाह पर मेवाड़ भील कोर की स्थापना की गई और इसके कमांडर के रूप में विलियम हंटर को नियुक्त किया गया। इस बल का उद्देश्य भीलों को नियंत्रित करना और क्षेत्र में शांति बनाए रखना था।

61. जहाजपुर का मीणा विद्रोह कब से कब तक चला था?

  • (A) 1855-1860
  • (B) 1851-1863
  • (C) 1852-1865
  • (D) 1851-1860

जहाजपुर का मीणा विद्रोह 1851 से 1860 तक चला। यह विद्रोह मीणा समुदाय द्वारा अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए किया गया था, जिसमें उन्होंने प्रशासन के खिलाफ संघर्ष किया।

62. निम्न में से 19वीं सदी का सबसे भयानक भील विद्रोह कौनसा था?

  • (A) बारापाल का भील विद्रोह
  • (B) भील विद्रोह 1818-1860
  • (C) जहाजपुर विद्रोह
  • (D) 1839-42 का भील विद्रोह

बारापाल का भील विद्रोह 30 मार्च, 1881 ई. को विद्रोही भीलों व उदयपुर राज्य की सेना के मध्य भीषण युद्ध हुआ।

63. निम्न में से भीलों में जन-जागृति फैलाने में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण योगदान किसका था?

  • (A) विजय सिंह पथिक
  • (B) मोतीलाल तेजावत
  • (C) साधु सीताराम दास
  • (D) गोविन्द गिरी

गोविन्द गिरी ने भीलों में जन-जागृति फैलाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने सामाजिक सुधार, शिक्षा और संगठन के माध्यम से भीलों को जागरूक किया और उन्हें अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने के लिए प्रेरित किया।

64. गोविन्द गिरी द्वारा भीलों को संगठित करने तथा उनमें सामाजिक व राजनीतिक चेतना जागृत करने के लिए 1883 ई. में कहाँ पर 'सम्प सभा' की स्थापना की गई थी?

  • (A) उदयपुर
  • (B) डूंगरपुर
  • (C) सिरोही
  • (D) झालावाड़

गोविन्द गिरी ने 1883 में सिरोही में सम्प सभा की स्थापना की। इसका उद्देश्य भीलों को संगठित करना और उनमें सामाजिक व राजनीतिक चेतना विकसित करना था।

65. जहाजपुर मीणा विद्रोह में मेवाड़ महाराणा ने 1851 ई. में जहाजपुर परगने का नया हाकिम किसे नियुक्त किया था?

  • (A) रघुनाथ सिंह मेहता
  • (B) गोविन्द गिरी
  • (C) रूगाराम जाट
  • (D) गुल मोहम्मद

जहाजपुर मीणा विद्रोह के दौरान 1851 में मेवाड़ महाराणा ने रघुनाथ सिंह मेहता को जहाजपुर परगने का नया हाकिम नियुक्त किया। इस नियुक्ति के बाद प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया गया।

66. मानगढ़ पहाड़ी (बाँसवाड़ा) में 'सम्प सभा' का प्रथम अधिवेशन कब हुआ था?

  • (A) 1911 ई
  • (B) 1903 ई.
  • (C) 1905 ई.
  • (D) 1913 ई.

मानगढ़ पहाड़ी (बाँसवाड़ा) में सम्प सभा का पहला अधिवेशन 1903 ई. में आयोजित किया गया था। इस सभा में भील समुदाय को संगठित करने और उनके अधिकारों के लिए जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया।

67. अप्रैल 1841 में 'मेवाड़ भील कोर' की स्थापना के बाद इसका मुख्यालय कहाँ पर स्थापित किया गया था?

  • (A) खैरवाड़ा (उदयपुर)
  • (B) बस्सी (चित्तौड़गढ़)
  • (C) नसीराबाद (अजमेर)
  • (D) मेनाल (चित्तौड़गढ़)

1841 में मेवाड़ भील कोर की स्थापना के बाद इसका मुख्यालय खैरवाड़ा (उदयपुर) में स्थापित किया गया। यह स्थान भील क्षेत्रों के निकट होने के कारण प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था।

68. जहाजपुर के मीणा विद्रोह में मीणाओं ने अंग्रेज सेना के सामने आत्मसमर्पण कब किया था?

  • (A) फरवरी 1852
  • (B) जनवरी 1860
  • (C) जनवरी 1855
  • (D) मार्च 1854

जहाजपुर के मीणा विद्रोह में मीणाओं ने अंततः जनवरी 1860 में अंग्रेज सेना के सामने आत्मसमर्पण किया। लंबे संघर्ष के बाद यह विद्रोह समाप्त हुआ और क्षेत्र में शांति स्थापित हुई।

69. अंग्रेजों ने फरवरी 1855 में जयपुर, अजमेर, बूंदी व मेवाड़ राज्यों की सीमाओं पर स्थित देवली (टोंक) में एक सैनिक छावनी किस नाम से स्थापित की थी?

  • (A) देवली रेजिमेंट
  • (B) मेरवाड़ा रेजिमेंट
  • (C) मीणा कोर
  • (D) जोधपुर लीजन

फरवरी 1855 में अंग्रेजों ने देवली (टोंक) में एक सैनिक छावनी स्थापित की, जिसे देवली रेजिमेंट कहा गया। इसका उद्देश्य विभिन्न रियासतों की सीमाओं पर नियंत्रण बनाए रखना और विद्रोहों को दबाना था।

70. 1822 ई. में गठित 'मेरवाड़ा रेजिमेंट' का मुख्यालय कहाँ पर स्थापित किया गया था?

  • (A) बस्सी
  • (B) व्यावर
  • (C) सोजत
  • (D) माउंट आबू

1822 में स्थापित मेरवाड़ा रेजिमेंट का मुख्यालय व्यावर (ब्यावर) में स्थापित किया गया था। यह क्षेत्र मेरवाड़ा इलाके के नियंत्रण के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण था।

71. निम्नलिखित (प्रमुख आन्दोलन-नेतृत्त्व कर्ता) को सुमेलित कीजिये तथा नीचे दिये गये कूटों में से सही उत्तर का चुनाव कीजिएः A. बेगू आन्दोलन - i. रामनारायण चौधरी B. बिजौलिया आन्दोलन - ii. सीताराम दास C. भगतभील आन्दोलन - iii. गोविन्द गिरी D. एकी आन्दोलन - iv. मोतीलाल तेजावत

  • (A) i ii iii iv
  • (B) ii i iii iv
  • (C) iv i ii iii
  • (D) i iii iv ii

बेगू आन्दोलन का नेतृत्व रामनारायण चौधरी ने, बिजौलिया आन्दोलन का नेतृत्व प्रारम्भ में सीताराम दास ने, भगत भील आन्दोलन का नेतृत्व गोविन्द गिरी ने तथा एकी आन्दोलन का नेतृत्व मोतीलाल तेजावत ने किया। अतः सही सुमेलन ii, i, iii, iv है।

72. निम्न में से कौनसा विशुद्ध रूप से अपने हकों के लिए आदिवासियों का पहला राजनीतिक संघर्ष था?

  • (A) भगत भील आंदोलन
  • (B) मेर आंदोलन
  • (C) मीणा आंदोलन
  • (D) एकी आंदोलन

एकी आंदोलन आदिवासियों का पहला संगठित और विशुद्ध राजनीतिक संघर्ष था। इसका नेतृत्व मोतीलाल तेजावत ने किया। इस आंदोलन का उद्देश्य भीलों और आदिवासियों को उनके अधिकार दिलाना तथा शोषण के खिलाफ आवाज उठाना था।

73. मारवाड़ किसान सभा का प्रथम अध्यक्ष कौन था?

  • (A) बलदेवराम मिर्धा
  • (B) गुल्लाराम चौधरी
  • (C) मंगल सिंह कछावा
  • (D) नाथुराम मिर्धा

जोधपुर सरकार से प्रोत्साहन पाकर बलदेवराम मिर्धा ने विभिन्न परगनों के किसानों का एक सम्मेलन 27-28 जून, 1941 को श्री सुमेर स्कूल, जोधपुर के प्रांगण में बुलाया जिसमें मारवाड़ किसान सभा नामक एक संगठन की घोषणा की गई और सर्वसम्मति से मंगलसिंह कच्छवाहा को अध्यक्ष तथा बालकिशन कच्छवाहा को मंत्री बनाया गया ।

74. वर्तमान राजस्थान के किसान किस आंदोलन से मुख्य रूप से प्रभावित हुए?

  • (A) बिजौलिया किसान आंदोलन
  • (B) बेगूँ किसान आंदोलन
  • (C) मातृकुण्डिया किसान आंदोलन
  • (D) शेखावाटी किसान आंदोलन

वर्तमान राजस्थान के किसान मुख्य रूप से बिजौलिया किसान आंदोलन से प्रभावित हुए। इस आंदोलन ने किसानों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया और अन्य क्षेत्रों में भी किसान आंदोलनों को प्रेरित किया।

75. एकी आंदोलन के सूत्रधार मोतीलाल तेजावत का जन्म कब व कहाँ हुआ ?

  • (A) 1887, कोल्यारी गाँव (उदयपुर)
  • (B) 1883, बाँसिया गाँव (डूंगरपुर)
  • (C) 1893, हुरडा (भीलवाड़ा)
  • (D) 1899, हाथल गाँव (सिरोही)

मोतीलाल तेजावत का जन्म 1887 में कोल्यारी गाँव, उदयपुर में एक ओसवाल परिवार में हुआ। मोतीलाल प्रारंभ में झाड़ोल ठिकाने के कामदार थे।

76. राजस्थान का 'जलियावाला बाग' नाम से प्रख्यात स्थान मानगढ़ धाम किस जिले में स्थित है?

  • (A) डूंगरपुर
  • (B) उदयपुर
  • (C) बाँसवाड़ा
  • (D) सलूम्बर

मानगढ़ धाम, जिसे राजस्थान का जलियावाला बाग कहा जाता है, बाँसवाड़ा जिले में स्थित है। यहाँ 1913 में भीलों पर अंग्रेजों ने गोली चलाई थी, जिसमें अनेक लोग मारे गए।

77. निम्नलिखित सूची में से उन नेताओं को चुनिए जिन्होंने बिजौलिया किसान आंदोलन में भाग लिया था? (1) साधु सीताराम दास (2) ब्रह्मदेव (3) फतेह करण चारण (4) नारायण जी पटेल

  • (A) 1, 2 व 4
  • (B) 1, 2 व 3
  • (C) 2 व 4
  • (D) उपर्युक्त सभी

बिजौलिया किसान आंदोलन में साधु सीताराम दास, ब्रह्मदेव, फतेह करण चारण और नारायण जी पटेल सभी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन नेताओं ने किसानों को संगठित कर आंदोलन को मजबूत बनाया और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष किया।

78. राजस्थान में भीलों के लिए गोविन्द गिरी द्वारा गठित सामाजिक धार्मिक संगठन कौनसा था?

  • (A) सम्प सभा
  • (B) मेवाड़ भीलकोर
  • (C) मीणा क्षेत्रिय महासभा
  • (D) इनमें से कोई नहीं

गोविन्द गिरी ने भीलों के सामाजिक एवं धार्मिक उत्थान के लिए सम्प सभा का गठन किया। इस संगठन का उद्देश्य भीलों में जागरूकता फैलाना, सामाजिक सुधार करना तथा उन्हें संगठित करना था। इसके माध्यम से उन्होंने नशामुक्ति और नैतिक जीवन का संदेश दिया।

79. एकी आंदोलन के नेता कौन थे, जो 1920 में वर्तमान राजस्थान और गुजरात के आदिवासी बहुल सीमा क्षेत्रों में आंदोलनरत थे?

  • (A) मोतीलाल तेजावत
  • (B) गोविन्द गिरी
  • (C) हरिभाई किंकर
  • (D) विजयसिंह पथिक

एकी आंदोलन के प्रमुख नेता मोतीलाल तेजावत थे। उन्होंने 1920 के आसपास राजस्थान और गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों में भीलों को संगठित कर उनके अधिकारों के लिए संघर्ष किया। यह आंदोलन आदिवासियों के शोषण के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण प्रयास था।

80. नीमड़ा काण्ड घटना कब घटित हुई?

  • (A) 7 मार्च, 1913
  • (B) 7 मार्च, 1932
  • (C) 7 मार्च, 1922
  • (D) 7 मार्च, 1923

नीमड़ा काण्ड 7 मार्च 1922 को हुआ था। यह घटना एकी आंदोलन के दौरान हुई, जब आदिवासियों के विरोध को दबाने के लिए प्रशासन ने कठोर कदम उठाए। इस घटना ने आंदोलन को और अधिक तीव्र बना दिया।

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