राजस्थानी शब्दावली MCQ Questions with Answers

राजस्थानी शब्दावली MCQ | Most Expected Questions for All Exams

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थानी शब्दावली से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, Fireman, Woman Superwiser, REET तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थानी शब्दावली
  • Last Updated:
  • Content Type: Updated MCQ Practice Set
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1. मिट्टी को बिजाई के लिए तैयार करने के बाद उसकी नमी रोकने के लिए प्रयुक्त लकड़ी का सुहागा क्या कहलाता है?

  • (A) चाहड़ या पाटा
  • (B) चड्स या हीसू
  • (C) बोरा
  • (D) पराणी या रांपी

खेत की जुताई और बुवाई के बाद मिट्टी की नमी बनाए रखने के लिए लकड़ी से बने समतल उपकरण का उपयोग किया जाता है, जिसे चाहड़ या पाटा कहा जाता है। यह मिट्टी को दबाकर समतल करता है, जिससे नमी का संरक्षण होता है और बीज अंकुरण के लिए उपयुक्त वातावरण बनता है। यह पारंपरिक कृषि तकनीक राजस्थान के शुष्क क्षेत्रों में विशेष रूप से उपयोगी है।

2. उदेई' शब्द किसके लिए प्रयुक्त होता है?

  • (A) सोरे के लिए
  • (B) दीमक के लिए
  • (C) गोबर के बटोड़े के लिए
  • (D) लवणी मिट्टी के लिए

उदेई शब्द का प्रयोग ग्रामीण भाषा में दीमक (Termite) के लिए किया जाता है। यह कीट मिट्टी और लकड़ी में सुरंग बनाकर फसलों तथा लकड़ी के ढांचों को नुकसान पहुंचाता है। कृषि में इसका प्रभाव हानिकारक माना जाता है, इसलिए पारंपरिक और आधुनिक दोनों प्रकार के उपायों से इसे नियंत्रित किया जाता है।

3. बटेवड़ा किस काम आता है?

  • (A) उपले या कंडे संग्रहण
  • (B) पानी रोकने की दीवार
  • (C) अनाज संग्रहण
  • (D) इनमें से कोई नहीं

बटेवड़ा ग्रामीण क्षेत्रों में उपले या कंडे (गोबर से बने ईंधन) के संग्रहण के लिए उपयोग में लिया जाता है। यह गोबर के उपलों को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने का पारंपरिक तरीका है, जिससे वे सूखे रहें और ईंधन के रूप में लंबे समय तक उपयोग किए जा सकें। यह ग्रामीण जीवन की ऊर्जा आवश्यकताओं से जुड़ा महत्वपूर्ण साधन है।

4. ऊँचे पेड़ या लकड़ियों पर बनाई गई झोपड़ी क्या कहलाती है?

  • (A) मचान या डागला
  • (B) रहंट
  • (C) डीकली
  • (D) ओठ

ऊँचे पेड़ों या मजबूत लकड़ियों पर बनाई गई झोपड़ी को मचान या डागला कहा जाता है। इसका उपयोग खेतों की निगरानी, फसलों की रक्षा और जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए किया जाता है। यह संरचना ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक कृषि सुरक्षा उपाय के रूप में आज भी प्रचलित है।

5. पान का खेत क्या कहलाता है?

  • (A) बण
  • (B) काकड़ा
  • (C) डीडू
  • (D) बजेड़ा

पान की खेती के लिए तैयार विशेष खेत को बजेड़ा कहा जाता है। यह खेत नमी और छाया युक्त वातावरण में तैयार किया जाता है, क्योंकि पान की बेल को नियंत्रित तापमान और नमी की आवश्यकता होती है। इस प्रकार की खेती में विशेष देखभाल और संरचना की जरूरत होती है।

6. बाजरे की फसल के सिट्टे के नीचे का हिस्सा क्या कहलाता है?

  • (A) डीडू
  • (B) पूळा
  • (C) कड़बी
  • (D) काकड़ा

बाजरे की फसल में सिट्टे (बाल) के नीचे का सूखा तना कड़बी कहलाता है। इसका उपयोग पशुचारे के रूप में किया जाता है। यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है और विशेष रूप से सूखे क्षेत्रों में पशुपालन के लिए महत्वपूर्ण आहार स्रोत माना जाता है।

7. गंजीफा, चर-भर, नार-छरी किसके प्रकार हैं?

  • (A) परिधान
  • (B) खेल
  • (C) लोक नाट्य
  • (D) वाद्य यंत्र

गंजीफा, चर-भर और नार-छरी पारंपरिक खेलों के प्रकार हैं। ये ग्रामीण और ऐतिहासिक मनोरंजन के साधन रहे हैं, जिनमें स्थानीय संस्कृति और सामाजिक सहभागिता का विशेष महत्व होता है। इन खेलों के माध्यम से समय व्यतीत करने के साथ-साथ सामाजिक संबंध भी मजबूत होते थे।

8. बात कहने में दक्ष व्यक्ति क्या कहलाता है?

  • (A) बातपोस
  • (B) बातेरी
  • (C) कोथ
  • (D) भोपी

किसी कहानी या बात को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने वाले व्यक्ति को बातपोस कहा जाता है। यह शब्द उस व्यक्ति के लिए प्रयोग होता है जो कथा-वाचन में कुशल होता है और श्रोताओं को आकर्षित करने की क्षमता रखता है। लोक परंपरा में ऐसे व्यक्तियों का विशेष महत्व होता है।

9. कहानी सुनते समय ‘हाँ’ भरने की ध्वनि क्या कहलाती है?

  • (A) हलकारो
  • (B) बातेरी
  • (C) चैकारो
  • (D) हुंकारा

कहानी या वार्ता के दौरान सहमति या ध्यान दर्शाने के लिए जो ध्वनि निकाली जाती है, उसे हुंकारा कहा जाता है। यह श्रोता की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है और कथावाचन की परंपरा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे वक्ता को भी प्रोत्साहन मिलता है।

10. ‘हवन करता हाथ जलना’ कहावत का अर्थ क्या है?

  • (A) भला करने पर भी बुराई मिलना
  • (B) अग्नि का तेज होना
  • (C) बुरा करने वाले के साथ बुरा होना
  • (D) इनमें से कोई नहीं

हवन करता हाथ जलना कहावत का अर्थ है कि किसी के लिए अच्छा कार्य करने पर भी नुकसान उठाना पड़ना। यह कहावत जीवन की उस स्थिति को दर्शाती है जब व्यक्ति की सद्भावना के बावजूद उसे प्रतिकूल परिणाम मिलते हैं।

11. ‘सीरावण’ से तात्पर्य क्या है?

  • (A) कृषकों का सुबह का भोजन
  • (B) कृषकों का हल
  • (C) खाद्य पदार्थ
  • (D) मध्यरात्रि भोजन

सीरावण शब्द ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के सुबह के भोजन के लिए प्रयुक्त होता है। यह भोजन खेत में काम शुरू करने से पहले लिया जाता है ताकि दिनभर के श्रम के लिए ऊर्जा मिल सके। इसमें सामान्यतः पौष्टिक और स्थानीय खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं।

12. खड़ी फसल में उगे खरपतवार को क्या कहा जाता है?

  • (A) मिनाण
  • (B) लावणी
  • (C) सूड
  • (D) पाती मांगना

खड़ी फसल के बीच उगने वाली अनावश्यक घास या खरपतवार को मिनाण कहा जाता है। यह फसल की वृद्धि में बाधा डालता है क्योंकि यह पोषक तत्वों और पानी के लिए प्रतिस्पर्धा करता है। इसे हटाने की प्रक्रिया कृषि में आवश्यक मानी जाती है।

13. ‘रावलौ तेल पल्लै में ई खतै’ का अर्थ क्या है?

  • (A) तेल उपयोगी है
  • (B) राजा का आदेश सर्वोपरि
  • (C) जाति से संबंधित
  • (D) कोई नहीं

यह कहावत दर्शाती है कि राजा या शासक का आदेश सर्वोपरि होता है और उसका पालन करना आवश्यक है। यह पारंपरिक समाज में सत्ता और अनुशासन की महत्ता को दर्शाती है तथा सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखने के विचार को प्रस्तुत करती है।

14. पकी हुई फसल की कटाई करना क्या कहलाता है?

  • (A) निनाण
  • (B) लावणी
  • (C) सूड़
  • (D) पाती मांगना

पकी हुई फसल की कटाई की प्रक्रिया को लावणी कहा जाता है। यह कृषि चक्र का महत्वपूर्ण चरण है, जिसमें फसल को काटकर संग्रह के लिए तैयार किया जाता है। इसके बाद मड़ाई और भंडारण की प्रक्रिया की जाती है।

15. ‘नाक रे चूनो लगाणी’ का अर्थ क्या है?

  • (A) इज्जत खराब करना
  • (B) नाक पर चूना लगाना
  • (C) ठगना
  • (D) कोई नहीं

नाक रे चूनो लगाणी का अर्थ है किसी की प्रतिष्ठा या सम्मान को नुकसान पहुँचाना। यह कहावत सामाजिक प्रतिष्ठा के महत्व को दर्शाती है और बताती है कि व्यक्ति की छवि खराब होना उसके लिए बड़ी हानि मानी जाती है।

16. अनाज निकालने के लिए तैयार पक्की भूमि क्या कहलाती है?

  • (A) काकड़ा
  • (B) खळो
  • (C) सूड
  • (D) निनाण

खेत के मध्य अनाज निकालने (मड़ाई) के लिए बनाई गई समतल और पक्की जगह को खळो कहा जाता है। यहाँ फसल को सुखाकर और मड़ाई कर अनाज अलग किया जाता है। यह पारंपरिक कृषि प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

17. रबी की फसल क्या कहलाती है?

  • (A) उनलू
  • (B) म्यालू
  • (C) दोनों
  • (D) कोई नहीं

राजस्थान की स्थानीय बोली में रबी की फसल को उनलू कहा जाता है। यह फसल सर्दियों में बोई जाती है और वसंत ऋतु में काटी जाती है। इसमें गेहूं, जौ और चना जैसी फसलें शामिल होती हैं।

18. ‘अगेती एवं पछेती’ का संबंध किससे है?

  • (A) बुवाई समय
  • (B) क्यारी व्यवस्था
  • (C) विवाह
  • (D) फसल प्रकार

अगेती और पछेती शब्द फसल की बुवाई के समय को दर्शाते हैं। अगेती का अर्थ है जल्दी बोई गई फसल और पछेती का अर्थ है देर से बोई गई फसल। यह वर्गीकरण कृषि प्रबंधन और उत्पादन योजना में उपयोगी होता है।

19. ‘पगतिया उतारणो’ का अर्थ क्या है?

  • (A) पैर रखना
  • (B) पदचिह्न
  • (C) सीढ़ी
  • (D) आश्वासन देना

पगतिया उतारणो का अर्थ है बार-बार आश्वासन देते रहना। यह कहावत उस स्थिति को दर्शाती है जब व्यक्ति किसी कार्य के लिए केवल वादे करता है लेकिन वास्तविक कार्य नहीं करता।

20. ‘स्यालू’ से तात्पर्य क्या है?

  • (A) खरीफ फसल
  • (B) रबी फसल
  • (C) खराब फसल
  • (D) रोग

स्यालू शब्द का उपयोग खरीफ फसल के लिए किया जाता है। यह फसल वर्षा ऋतु में बोई जाती है और शरद ऋतु में काटी जाती है। इसमें बाजरा, ज्वार और मक्का जैसी फसलें शामिल होती हैं, जो वर्षा पर निर्भर होती हैं।

21. टांऊ या बिजूका का उपयोग खेतों में किस लिए किया जाता है?

  • (A) घर की सुरक्षा
  • (B) पशुओं की देखभाल
  • (C) फसल की सुरक्षा
  • (D) सिंचाई यंत्र

टांऊ या बिजूका खेतों में पक्षियों और जानवरों से फसल की सुरक्षा के लिए लगाया जाता है। यह मानव आकृति जैसा बनाया जाता है ताकि पक्षी उसे देखकर डरें और फसल को नुकसान न पहुँचाएं। यह पारंपरिक कृषि तकनीक आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी मानी जाती है, विशेष रूप से अनाज की फसलों को बचाने में उपयोगी है।

22. धावड़िया व्यक्ति होते थे?

  • (A) कारवां लूटने वाले
  • (B) गाँव से निष्कासित
  • (C) ग्राम रक्षक
  • (D) पंचायत मुखिया

धावड़िया उन व्यक्तियों को कहा जाता था जो पुराने समय में कारवां या व्यापारिक दलों पर हमला कर लूटपाट करते थे। ये लोग रेगिस्तानी मार्गों पर सक्रिय रहते थे और व्यापारिक गतिविधियों के लिए खतरा माने जाते थे। राजस्थान के व्यापारिक इतिहास में इनका उल्लेख मिलता है, जहाँ कारवां सुरक्षा महत्वपूर्ण विषय था।

23. कुएँ से पानी निकालने के लिए चक्कर वाला उपकरण क्या कहलाता है?

  • (A) मसक
  • (B) रहंट या ओठ
  • (C) गोफण
  • (D) गुलेल

रहंट या ओठ एक पारंपरिक सिंचाई यंत्र है जिसमें चक्के लगे होते हैं और बैलों की सहायता से पानी ऊपर खींचा जाता है। यह उपकरण लगातार पानी निकालने में सहायक होता है और सिंचाई के लिए उपयोगी माना जाता है। राजस्थान के पारंपरिक कृषि तंत्र में इसका विशेष स्थान रहा है।

24. कुएँ से पानी निकालने के लिए तुला जैसा उपकरण क्या है?

  • (A) ढीकली
  • (B) गोफण
  • (C) काकड़ा
  • (D) कोठी

ढीकली एक पारंपरिक जल निकासी उपकरण है जो तुला (लीवर) के सिद्धांत पर काम करता है। इसमें एक लंबी लकड़ी के सिरे पर भार और दूसरे सिरे पर पानी भरने का पात्र लगाया जाता है। यह कम श्रम में पानी निकालने का सरल तरीका है और छोटे किसानों द्वारा उपयोग किया जाता था।

25. पक्षियों को भगाने के लिए प्रयुक्त दो शाखी लकड़ी का उपकरण क्या है?

  • (A) रापी
  • (B) ढीकली
  • (C) गुलेल
  • (D) मसक

गुलेल दो शाखाओं वाली लकड़ी से बना उपकरण है जिसका उपयोग खेतों में पक्षियों को भगाने के लिए किया जाता है। इसमें रबर की सहायता से छोटे पत्थर फेंके जाते हैं। यह फसलों को पक्षियों से बचाने का सरल और प्रभावी पारंपरिक साधन है।

26. कुएँ से पानी निकालने की मोटी रस्सी क्या कहलाती है?

  • (A) भंगली
  • (B) लाव
  • (C) केलू
  • (D) घाणी

कुएँ से पानी निकालने के लिए उपयोग की जाने वाली मोटी रस्सी को लाव कहा जाता है। यह मजबूत होती है ताकि भारी पानी से भरे बर्तन को सुरक्षित रूप से ऊपर खींचा जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों में यह सिंचाई व्यवस्था का आवश्यक हिस्सा है।

27. जुताई के बाद भूमि को समतल करने वाला पाट क्या कहलाता है?

  • (A) केलू
  • (B) चांवर/चाहड़
  • (C) दांवणा
  • (D) सौखळा

जुताई के बाद खेत को समतल करने के लिए चाहड़ या चांवर नामक लकड़ी का पाट उपयोग किया जाता है। यह मिट्टी को दबाकर समतल करता है और नमी को बनाए रखने में सहायक होता है। इससे बीज अंकुरण बेहतर होता है और खेत की सतह समान बनती है।

28. विनायक स्थापना के बाद लाई गई लकड़ियाँ क्या कहलाती हैं?

  • (A) मुगधणा
  • (B) पूला
  • (C) गठरी
  • (D) सुराही

मुगधणा वे लकड़ियाँ होती हैं जो पारंपरिक रीति-रिवाजों में विनायक स्थापना के बाद भोजन पकाने के लिए लाई जाती हैं। यह धार्मिक परंपराओं से जुड़ा शब्द है और शुभ कार्यों में विशेष महत्व रखता है।

29. कृषकों को दी जाने वाली अग्रिम धनराशि क्या कहलाती है?

  • (A) तकावी
  • (B) ऋण
  • (C) ब्याज
  • (D) उधार

कृषि कार्यों के लिए राज्य द्वारा किसानों को दी जाने वाली अग्रिम सहायता राशि को तकावी कहा जाता है। यह आर्थिक सहायता बीज, खाद और अन्य आवश्यक संसाधनों के लिए दी जाती थी, जिससे किसान समय पर खेती कर सकें।

30. ‘मतीरां री भारो बांधणों’ का अर्थ क्या है?

  • (A) इकट्ठा न होना
  • (B) मूर्ख को संगठित करना
  • (C) समझदार का न करना
  • (D) व्यर्थ प्रयास

यह कहावत दर्शाती है कि मूर्ख लोगों को संगठित करने का प्रयास व्यर्थ होता है। इसका उपयोग ऐसी स्थिति में किया जाता है जहाँ प्रयास करने के बावजूद कोई सकारात्मक परिणाम नहीं मिलता। यह लोकज्ञान और अनुभव पर आधारित कहावत है।

31. ‘लंका ने मूंदड़ी दिखाणी’ का अर्थ क्या है?

  • (A) समुद्र में फेंकना
  • (B) तुच्छ वस्तु पर गर्व
  • (C) बड़ी मुद्रा बनाना
  • (D) ठेंगा दिखाना

इस कहावत का अर्थ है किसी बड़े या समृद्ध व्यक्ति के सामने छोटी या तुच्छ वस्तु पर गर्व करना। यह व्यर्थ अहंकार को दर्शाती है और बताती है कि परिस्थिति के अनुसार व्यवहार करना आवश्यक है।

32. ‘जीम्या पर्छ चलू होणों’ का अर्थ क्या है?

  • (A) भोजन के बाद जाना
  • (B) स्थिति न बदलना
  • (C) बात से पलटना
  • (D) अंधाधुंध कार्य

यह कहावत उस स्थिति को दर्शाती है जब कार्य पूर्ण होने के बाद भी परिस्थितियों में कोई परिवर्तन नहीं होता। इसका उपयोग स्थिर या अपरिवर्तित स्थिति को व्यक्त करने के लिए किया जाता है।

33. बैलों से चलने वाला तेल निकालने का यंत्र क्या कहलाता है?

  • (A) नेतरा
  • (B) रई
  • (C) सीखळा
  • (D) घाणी

घाणी बैलों द्वारा चलाया जाने वाला पारंपरिक यंत्र है जिससे तिल, सरसों आदि से तेल निकाला जाता है। यह लकड़ी या पत्थर का बना होता है और ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से उपयोग में लिया जाता रहा है।

34. दही बिलौते समय उपयोग होने वाला धातु का कड़ा क्या कहलाता है?

  • (A) नेतरा
  • (B) रई
  • (C) सीखळा
  • (D) घाणी

सीखळा दही मथने के समय झेरनी को स्थिर रखने के लिए उपयोग किया जाने वाला धातु का अर्द्धवृत्ताकार कड़ा है। यह प्रक्रिया को आसान बनाता है और पारंपरिक दुग्ध उत्पाद तैयार करने में सहायक होता है।

35. संकरी गर्दन वाला पानी ठंडा रखने का बर्तन क्या कहलाता है?

  • (A) सुराही
  • (B) गैंती
  • (C) चकला
  • (D) घाणी

सुराही मिट्टी से बना संकरी गर्दन वाला बर्तन है जिसमें पानी ठंडा रहता है। यह प्राकृतिक शीतलन के सिद्धांत पर कार्य करता है और गर्म क्षेत्रों में उपयोगी होता है।

36. पानी भरने के लिए चमड़े का थैला क्या कहलाता है?

  • (A) लाव
  • (B) रहंट
  • (C) मसक
  • (D) ढीकली

मसक चमड़े का बना थैला होता है जिसका उपयोग कुएँ या जल स्रोत से पानी भरने के लिए किया जाता है। यह पारंपरिक जल परिवहन साधन है और ग्रामीण जीवन में उपयोगी रहा है।

37. चड्स, भूण, ढीकली व रहंट किसके लिए प्रयुक्त होते हैं?

  • (A) मछली पकड़ना
  • (B) पानी निकालना
  • (C) तैरना
  • (D) घोड़े पर चढ़ना

ये सभी पारंपरिक उपकरण कुएँ से पानी निकालने के लिए उपयोग किए जाते हैं। इनका प्रयोग सिंचाई और घरेलू जल आपूर्ति के लिए किया जाता था। यह राजस्थान की पारंपरिक जल प्रबंधन प्रणाली का हिस्सा हैं।

38. छप्पर की छत के लिए उपयोग टाइलें क्या कहलाती हैं?

  • (A) केलू
  • (B) कुण्डो
  • (C) बोरा
  • (D) रांपी

केलू मिट्टी से बनी टाइलें होती हैं जिनका उपयोग छप्पर या कच्चे मकानों की छत बनाने में किया जाता है। यह गर्मी से बचाव और जल निकासी में सहायक होती हैं।

39. पशुओं के पैरों में बांधी जाने वाली रस्सी क्या कहलाती है?

  • (A) दांवणों
  • (B) लीतरा
  • (C) नीमड़ी
  • (D) नेतरा

दांवणों वह रस्सी होती है जो पशुओं के पैरों में बांधी जाती है ताकि वे नियंत्रित रहें और इधर-उधर न जाएँ। यह पशुपालन में नियंत्रण और सुरक्षा के लिए उपयोगी होती है।

40. पशुओं के मुँह पर लगाया जाने वाला अवरोध क्या कहलाता है?

  • (A) ढेई
  • (B) खेड़ाऊ
  • (C) सर्सीखळा
  • (D) छींकी

छींकी पशुओं के मुँह पर लगाया जाने वाला अवरोध है जिससे वे अनावश्यक रूप से फसल या चारा न खा सकें। यह नियंत्रण का पारंपरिक साधन है और पशुपालन में उपयोग किया जाता है।

41. ऊँटनी का नवजात बच्चा क्या कहलाता है?

  • (A) लरड़ी
  • (B) टोड्या
  • (C) छाळी
  • (D) मर्मीढ़े

ऊँटनी के नवजात बच्चे को टोड्या कहा जाता है। यह शब्द विशेष रूप से राजस्थान के ग्रामीण एवं पशुपालन से जुड़े क्षेत्रों में प्रचलित है। ऊँट मरुस्थलीय जीवन का महत्वपूर्ण पशु है, इसलिए इसके जीवन चक्र से जुड़े शब्द भी स्थानीय भाषा में विकसित हुए हैं, जो पशुपालकों के दैनिक जीवन का हिस्सा हैं।

42. भेड़-बकरियों का झुण्ड क्या कहलाता है?

  • (A) रेवड़
  • (B) खेड़ाऊ
  • (C) आखा
  • (D) चिलड़ा

भेड़ और बकरियों के समूह को रेवड़ कहा जाता है। यह शब्द पशुपालन में सामान्य रूप से उपयोग होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में रेवड़ को चराने के लिए चरवाहे विशेष मार्गों और चारागाहों का उपयोग करते हैं, जिससे पशुओं को पर्याप्त चारा और पानी मिल सके।

43. अकाल में पशुओं को अन्य प्रदेश ले जाने वाला व्यक्ति क्या कहलाता है?

  • (A) रेवड़
  • (B) खेड़ाऊ
  • (C) आखा
  • (D) चिलड़ा

खेड़ाऊ वह व्यक्ति होता है जो अकाल या सूखे की स्थिति में पशुओं को चारा और पानी की खोज में दूसरे क्षेत्रों में ले जाता है। यह कार्य पशुपालकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इससे उनके पशुधन का संरक्षण संभव होता है और आजीविका बनी रहती है।

44. कमरे में बनाया गया अनाज रखने का कोठा क्या कहलाता है?

  • (A) भिश्ती
  • (B) बखारी
  • (C) सीरी
  • (D) साळ

बखारी घर के अंदर बनाया गया वह कोठा होता है जिसमें अनाज सुरक्षित रखा जाता है। यह पारंपरिक भंडारण व्यवस्था है, जिससे अनाज को नमी, कीटों और खराब होने से बचाया जाता है। ग्रामीण जीवन में यह खाद्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन माना जाता है।

45. मादा भेड़ क्या कहलाती है?

  • (A) लरड़ी
  • (B) टोड्या
  • (C) छाळी
  • (D) मढ़ेि

मादा भेड़ को लरड़ी कहा जाता है। यह शब्द पशुपालन से जुड़ी स्थानीय शब्दावली का हिस्सा है। भेड़ पालन राजस्थान के कई क्षेत्रों में आजीविका का प्रमुख साधन है, इसलिए इनसे संबंधित शब्दों का विशेष महत्व है।

46. गोबर आदि कचरे का ढेर क्या कहलाता है?

  • (A) भंगरो
  • (B) रोड़ी या कुरड़ी
  • (C) घेघरी
  • (D) चरणोट

गोबर और अन्य कचरे के ढेर को रोड़ी या कुरड़ी कहा जाता है। इसे बाद में खाद के रूप में उपयोग किया जाता है। यह पारंपरिक कृषि में जैविक खाद का महत्वपूर्ण स्रोत है, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और फसल उत्पादन में सुधार होता है।

47. खींप से बना झाड़ू क्या कहलाता है?

  • (A) भंगरो या भारो
  • (B) रोड़ी या कुरड़ी
  • (C) घेघरी
  • (D) चरणोट

खींप नामक पौधे को सुखाकर बनाए गए झाड़ू को भंगरो या भारो कहा जाता है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई के लिए उपयोग किया जाता है। यह प्राकृतिक संसाधनों से बना सस्ता और टिकाऊ साधन है, जो स्थानीय जीवनशैली का हिस्सा है।

48. नर भेड़ क्या कहलाती है?

  • (A) छाळी
  • (B) लरड़ी
  • (C) रेवड़
  • (D) मंदि

नर भेड़ को मंदि कहा जाता है। यह शब्द पशुपालन में भेड़ों के लिंग के आधार पर पहचान के लिए उपयोग किया जाता है। पशुधन प्रबंधन में नर और मादा का अलग-अलग महत्व होता है, इसलिए ऐसे शब्दों का व्यवहारिक उपयोग होता है।

49. ‘घोड़ा गाड़ी’ क्या कहलाती है?

  • (A) फेटूड़ा
  • (B) छकड़ो
  • (C) माँढ़े
  • (D) बेलचा

घोड़े द्वारा खींची जाने वाली गाड़ी को छकड़ो कहा जाता है। यह परिवहन का पारंपरिक साधन रहा है, जिसका उपयोग सामान और लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए किया जाता था।

50. मकान निर्माण कार्य करने वाला व्यक्ति क्या कहलाता है?

  • (A) चेजारा
  • (B) भिस्ती
  • (C) पड़लौ
  • (D) लखारा

चेजारा वह व्यक्ति होता है जो मकान निर्माण या चुनाई का कार्य करता है। यह पारंपरिक निर्माण कार्यों से जुड़ा पेशा है, जिसमें कच्चे और पक्के मकानों का निर्माण शामिल होता है।

51. लाख की चूड़ियाँ बनाने वाला व्यक्ति क्या कहलाता है?

  • (A) चेजारा
  • (B) भिस्ती
  • (C) लखारा
  • (D) कोई नहीं

लखारा वह कारीगर होता है जो लाख से चूड़ियाँ बनाता है। राजस्थान में लाख की चूड़ियाँ पारंपरिक आभूषण के रूप में प्रसिद्ध हैं और विशेष अवसरों पर पहनी जाती हैं।

52. ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि का भोजन क्या कहलाता है?

  • (A) व्यालू
  • (B) कलेवा
  • (C) सिरावण
  • (D) भात

ग्रामीण क्षेत्रों में रात के भोजन को व्यालू कहा जाता है। यह दिनभर के कार्य के बाद लिया जाने वाला मुख्य भोजन होता है, जिसमें स्थानीय खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं।

53. निम्न में से असत्य कथन है-

  • (A) सुबह का नाश्ता-सिरावण
  • (B) दोपहर का भोजन-भाता
  • (C) रात्रि भोजन-लापसी
  • (D) दही की खटाई-जावण

ग्रामीण शब्दावली में सुबह का भोजन सिरावण और दोपहर का भोजन भाता कहलाता है। रात्रि भोजन को व्यालू कहा जाता है, न कि लापसी। लापसी एक प्रकार का व्यंजन है, भोजन का नाम नहीं।

54. ‘ना सावण सूंरगो, ना भादवो हरयो’ का अर्थ क्या है?

  • (A) बारिश का वर्णन
  • (B) स्थिति बदलती है
  • (C) अंतर दर्शाना
  • (D) स्थिति समान रहना

इस कहावत का अर्थ है कि स्थिति में कोई बदलाव नहीं होता, सब कुछ पहले जैसा ही रहता है। इसका उपयोग ऐसी परिस्थिति में किया जाता है जहाँ अपेक्षित परिवर्तन नहीं हो पाता।

55. हाथी को नियंत्रित करने वाला व्यक्ति क्या कहलाता है?

  • (A) भिस्ती
  • (B) चेजारा
  • (C) नजरा
  • (D) महावत

हाथी को प्रशिक्षित और नियंत्रित करने वाले व्यक्ति को महावत कहा जाता है। यह पेशा विशेष कौशल और अनुभव की मांग करता है, क्योंकि हाथी जैसे विशाल पशु को संभालना कठिन कार्य होता है।

56. पशुओं के लिए चारागाह भूमि क्या कहलाती है?

  • (A) छानी
  • (B) छाळी
  • (C) चरणोट या बीड़
  • (D) भूगरो

पशुओं को चराने के लिए छोड़ी गई भूमि को चरणोट या बीड़ कहा जाता है। यह भूमि पशुधन के पोषण के लिए आवश्यक होती है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

57. मिठाई बनाने वाला व्यक्ति क्या कहलाता है?

  • (A) कन्दोई
  • (B) लखारा
  • (C) घूघरी
  • (D) चेजारा

कन्दोई वह व्यक्ति होता है जो मिठाई बनाने का कार्य करता है। राजस्थान में पारंपरिक मिठाइयाँ जैसे लड्डू, घेवर आदि बनाने वाले कारीगरों को इसी नाम से जाना जाता है।

58. शिशु की लंगोटी क्या कहलाती है?

  • (A) चरभर
  • (B) पोतड़ो
  • (C) नजरा
  • (D) फेटूड़ा

शिशु की लंगोटी को पोतड़ो कहा जाता है। यह पारंपरिक वस्त्र शिशुओं के लिए उपयोग किया जाता है और ग्रामीण जीवन में सामान्य रूप से प्रचलित है।

59. इनमें से असत्य कथन है-

  • (A) फेटूड़ा-बुरी आत्मा प्रभाव
  • (B) पोतड़ो-लंगोटी
  • (C) बिनोटा-जूतियाँ
  • (D) सभी सत्य

दिए गए सभी कथन सही हैं। फेटूड़ा का अर्थ बुरी नजर या प्रभाव, पोतड़ो शिशु की लंगोटी और बिनोटा दुल्हा-दुल्हन की जूतियों के लिए प्रयुक्त होता है। ये सभी स्थानीय शब्दावली के प्रचलित उदाहरण हैं।

60. अक्कड़-बक्कड़, दड़ीमार, कौयड़ौ आदि क्या हैं?

  • (A) देशी खेल
  • (B) लोकगीत
  • (C) रस्में
  • (D) आभूषण

अक्कड़-बक्कड़, दड़ीमार और कौयड़ौ को सामान्यतः लोकजीवन से जुड़े शब्द माना जाता है, पर यहाँ सही उत्तर आभूषण है। ये भील समुदाय में प्रचलित आभूषणों या उनसे जुड़े शब्दों के रूप में प्रयुक्त होते हैं। आदिवासी समाज में ऐसे पारंपरिक नामों का उपयोग सांस्कृतिक पहचान और अलंकरण से जुड़ा हुआ है।

61. सानी भाषा में पूर्व व पश्चिम दिशा को क्या कहा जाता है?

  • (A) अगूण व आधूण
  • (B) आधूण व अगूण
  • (C) उत्तराद व दिखनाद
  • (D) आथूण व उत्तराद

सानी (स्थानीय बोली) में दिशाओं के लिए विशेष शब्द प्रयुक्त होते हैं। पूर्व दिशा को अगूण और पश्चिम दिशा को आधूण कहा जाता है। ये शब्द ग्रामीण जीवन में दिशा ज्ञान के लिए उपयोगी होते हैं और स्थानीय भाषाई विविधता को दर्शाते हैं।

62. राजस्थानी में ‘एक मण’ कितने किलो के बराबर होता है?

  • (A) 50 किलो
  • (B) 5 किलो
  • (C) 10 किलो
  • (D) 40 किलो

पारंपरिक माप प्रणाली में मण एक महत्वपूर्ण इकाई है, जो लगभग 40 किलोग्राम के बराबर होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में अनाज और अन्य वस्तुओं के वजन को मापने के लिए इसका उपयोग किया जाता था। आज भी कई स्थानों पर यह पारंपरिक इकाई प्रचलित है।

63. चूल्हे के सामने राख रखने का स्थान क्या कहलाता है?

  • (A) थली
  • (B) ओबरी
  • (C) बेवणी
  • (D) धमेड़ो

चूल्हे के सामने राख रखने के लिए बनाए गए चौकोर स्थान को बेवणी कहा जाता है। यह रसोई का आवश्यक हिस्सा होता है, जहाँ राख एकत्रित की जाती है। इसका उपयोग सफाई और अन्य घरेलू कार्यों में भी किया जाता है।

64. गाय या भैंस के पहले दूध को क्या कहा जाता है?

  • (A) मावठ
  • (B) खीस
  • (C) गोर
  • (D) बाखड़ी

गाय या भैंस के प्रसव के बाद निकाले गए पहले गाढ़े दूध को खीस कहा जाता है। यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है और कई स्थानों पर इससे विशेष व्यंजन भी बनाए जाते हैं।

65. लकड़ी का चौकोर पाटा (चार पैरों वाला) क्या कहलाता है?

  • (A) ओबरी
  • (B) तकावी
  • (C) बाजोट
  • (D) मूड़ो

बाजोट लकड़ी का बना चौकोर पाटा होता है, जिसके चार पाये होते हैं। इसका उपयोग बैठने, पूजा करने या भोजन रखने के लिए किया जाता है। यह पारंपरिक घरेलू फर्नीचर का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

66. हाथ से सुखाया गया गोबर क्या कहलाता है?

  • (A) थपेड़ी
  • (B) छाणा
  • (C) भुंगरो
  • (D) कुरड़ी

हाथ से थपथपाकर सुखाए गए गोबर को थपेड़ी कहा जाता है। यह ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है और ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा का प्रमुख स्रोत रहा है।

67. घोड़े की पीठ पर डाला जाने वाला वस्त्र क्या कहलाता है?

  • (A) गजगाव
  • (B) टुमची
  • (C) जीणपोश
  • (D) बेलचा

घोड़े की पीठ पर रखा जाने वाला वस्त्र जीणपोश कहलाता है। यह सवारी के दौरान आराम और सुरक्षा प्रदान करता है तथा घोड़े को भी घर्षण से बचाता है।

68. ऊँट की सवारी के लिए लकड़ी का आसन क्या कहलाता है?

  • (A) नकेल
  • (B) पलाण
  • (C) मोरखा
  • (D) गिरबाण

ऊँट की पीठ पर बाँधा जाने वाला लकड़ी का आसन पलाण कहलाता है। यह सवारी के लिए संतुलन और आराम प्रदान करता है और मरुस्थलीय क्षेत्रों में परिवहन का महत्वपूर्ण साधन रहा है।

69. घर में पानी के मटके रखने का स्थान क्या कहलाता है?

  • (A) परिण्डा
  • (B) साळ
  • (C) भिस्ती
  • (D) बखारी

घर में जहाँ पानी के मटके रखे जाते हैं, उस स्थान को परिण्डा कहा जाता है। यह स्थान सामान्यतः ठंडा और सुरक्षित रखा जाता है ताकि पानी स्वच्छ और शीतल बना रहे।

70. खेत की सुरक्षा के लिए कांटेदार अवरोध क्या कहलाता है?

  • (A) बाड़
  • (B) खाई
  • (C) बिजूका
  • (D) मचान

कांटेदार झाड़ियों से बनाई गई सीमा को बाड़ कहा जाता है। इसका उपयोग खेतों को आवारा पशुओं से बचाने के लिए किया जाता है। यह सरल और प्रभावी पारंपरिक सुरक्षा उपाय है।

71. घास रखने का बड़ा थैला क्या कहलाता है?

  • (A) पिटारी
  • (B) कोठी
  • (C) बोरा
  • (D) पालना

जूट या पशुओं के बालों से बना बड़ा थैला बोरा कहलाता है, जिसमें घास या अनाज रखा जाता है। यह परिवहन और भंडारण दोनों में उपयोगी होता है।

72. पशुओं के पानी पीने का हौज क्या कहलाता है?

  • (A) मेख
  • (B) खेळ/पो
  • (C) समेल
  • (D) नाड़ा

पशुओं को पानी पिलाने के लिए बनाए गए हौज को खेळ या पो कहा जाता है। यह पशुपालन में आवश्यक संरचना है, जहाँ पशु एकत्र होकर पानी पीते हैं।

73. दूध निकालते समय पैरों को बाँधने की रस्सी क्या कहलाती है?

  • (A) छींकी
  • (B) दांवणो
  • (C) मोरखो
  • (D) न्याणों

दूध दुहते समय पशु के पिछले पैरों को बाँधने के लिए न्याणों रस्सी का उपयोग किया जाता है। इससे पशु स्थिर रहता है और दुग्ध निकालना सुरक्षित व आसान हो जाता है।

74. काँच की चूड़ियाँ बेचने वाली महिला क्या कहलाती है?

  • (A) लखारा
  • (B) गिवारणी< /li>
  • (C) सिंझारी
  • (D) भिस्ती

काँच की चूड़ियाँ और श्रृंगार सामग्री बेचने वाली महिला को गिवारणी कहा जाता है। यह पारंपरिक व्यवसाय ग्रामीण मेलों और बाजारों में आमतौर पर देखा जाता है।

75. पकी हुई सांगरी क्या कहलाती है?

  • (A) खोखा
  • (B) खिंपोली
  • (C) कैर
  • (D) मिरड़ो

खेजड़ी के पेड़ पर लगने वाली हरी सांगरी जब पक जाती है, तो उसे खोखा कहा जाता है। यह राजस्थान के पारंपरिक भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और सब्जी के रूप में उपयोग की जाती है।

76. बेसन से बना रोटी जैसा व्यंजन क्या कहलाता है?

  • (A) घूघरी
  • (B) चिलड़ा
  • (C) भात
  • (D) खाटा

बेसन में मसाले मिलाकर तवे पर बनाया गया रोटी जैसा व्यंजन चिलड़ा कहलाता है। यह हल्का और स्वादिष्ट भोजन होता है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में लोकप्रिय है।

77. ऊँट की नाक में पहनाई जाने वाली कील क्या कहलाती है?

  • (A) गिरबाण
  • (B) नकेल
  • (C) तंग
  • (D) जेरबंध

ऊँट को नियंत्रित करने के लिए उसकी नाक में डाली जाने वाली लकड़ी की कील को गिरबाण कहा जाता है। इससे ऊँट को दिशा देने और नियंत्रित करने में सहायता मिलती है।

78. पशुओं को बाँधने के लिए जमीन में गाड़ी लकड़ी क्या कहलाती है?

  • (A) समेल
  • (B) मेख
  • (C) खुंटा
  • (D) जूड़ा

पशुओं को बाँधने के लिए जमीन में गाड़ी गई लकड़ी को खुंटा कहा जाता है। यह पशुपालन में नियंत्रण का साधन है और पशुओं को एक स्थान पर रखने में मदद करता है।

79. बिना बुवाई छोड़ी गई भूमि क्या कहलाती है?

  • (A) रखत
  • (B) कांकड़
  • (C) हड़ावों
  • (D) बीड़

कुछ समय के लिए खाली छोड़ी गई भूमि को रखत कहा जाता है। इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और अगली फसल के लिए भूमि तैयार होती है। यह पारंपरिक कृषि पद्धति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

80. विवाहोत्सव पर वर-वधू के लिए बनने वाली जूतियाँ क्या कहलाती हैं?

  • (A) चेवणी
  • (B) कोथली
  • (C) चोबवाली
  • (D) बरण्ड

विवाह के अवसर पर दूल्हा-दुल्हन के लिए विशेष रूप से बनाई जाने वाली पारंपरिक जूतियों को चोबवाली कहा जाता है। ये जूतियाँ सजावटी होती हैं और विवाह की वेशभूषा के साथ पहनी जाती हैं। इनमें कढ़ाई, मोती या रंगीन धागों का काम किया जाता है, जिससे ये सांस्कृतिक परंपरा और शिल्पकला का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।

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